Transcription
[संगीत] मुझे घंटा फर्क नहीं पड़ता है। जिस मजहब में नारी को खेती, तीन तलाक और हलाला और मिशार एफआईआर, सौतन का अत्याचार क्यों माने हम इस्लाम? हेलो एवरीवन, मैं हूं एक्स मुस्लिम एंजल। हम भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के बारे में भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19 का पुरजोर समर्थन करते हैं।
उदाहरण, छवि और संदर्भ सहित यह वीडियो केवल मनोरंजन, सूचना और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए प्रदान किया गया है और चैनल किसी भी अवैध गतिविधियों को बढ़ावा या प्रोत्साहित नहीं करता है। हमारा उद्देश्य केवल समाज को जागृत करना है। हमारा उद्देश्य किसी की धार्मिक या सामाजिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं है।
हेलो एवरीवन, सभी को सलाम, नमस्ते, सत श्री अकाल, गुड इवनिंग। तो कैसे हैं आप लोग? सॉरी, काफी लेट हो गया। मतलब पता नहीं यार क्या हो गया था, नेट एकदम चल ही नहीं रहा था। क्या मेरी आवाज आ रही है? प्लीज एक बार कंफर्म करें। मेरी मेरी आवाज एक बार कोई कंफर्म कीजिए। आ रही है? गुड बॉयज। थैंक यू। थैंक यू सो मच। ये लीजिए, हम लिंक शेयर कर देते हैं। हमारी यासमीन जी आई हैं और जितनी भी हमने फीमेल को बुलाया था, शायद वह आ ही जाएंगे। मुझे इसी बात का अफसोस आ रहा था कि यार अगर नेट नहीं चला तो मतलब कितनी बेइज्जती होगी। पता नहीं यार क्या हो जाता है। नेट चल ही नहीं रहा था।
जी, तो फटाफट आप लोग जॉइन कीजिए। अमित भाई कह रहे हैं, क्लियर है। थैंक यू सो मच। यासमीन जी नमस्ते कह रहे हैं। ए आई बी सी जी। तो गाइस, फटाफट ज्वाइन कीजिए और जहां आप लोग लिंक शेयर कर सकते हैं, वहां लिंक को शेयर कीजिए। और जो भी लड़कियां देख रही हैं, हेटेड डिबेट के टीम से, वो प्लीज ज्वाइन कीजिए। और रबानी दी, अगर आप भी सुन रही हैं, तो प्लीज जॉइन कीजिए। जितने लोग भी सुन रहे हैं, खास करके फीमेल, वो ज्वाइन कीजिए। और आज की जो स्ट्रीम है, हम इस पे चर्चा करेंगे। ओम भाई भी आ गए हैं। लगेगा जी, बिल्कुल। आज का टॉपिक काफी मजेदार है। मतलब कौन आई है भाई? सतनाम सिंह, अननोन मोमिना भी प्लीज ना जुड़े। ठीक है? आप थोड़ी देर के बाद ज्वाइन कीजिएगा। अभी फिलहाल जो है, फीमेल के लिए है। और अगर कोई एक्स मुस्लिम ज्वाइन करना चाहते हैं, मर्द हजरात, तो वह ज्वॉइ कर सकते हैं। बट अभी थोड़ी देर के लिए फीमेल्स का ही रहने दीजिए। सतनाम सिंह जी, आप जो भी हैं, मुझे लग रहा है आप फीमेल तो नहीं है। अगर हैं, तो कमेंट में बताइए।
सनातनी नयन सिंह कह रहे हैं, जय हिंद वंदे मातरम। एंजल दी, जय हिंद वंदे मातरम भाई। हम [हंसी] ये ये ओम भाई का मजे ले रहे हैं। राम राम भाई जी, बिल्कुल बिल्कुल। गाइस, फटाफट शेयर कीजिए लिंक को जहां आप शेयर कर सकते हैं। और काफी अगर आप सुन रहे हैं, तो प्लीज ब्लेड भाई को या किसी को भी शेयर स्क्रीन शेयर करने के लिए आप उनको भेज दीजिए। राधे-राधे। एंजेल जी, कैसे हो आप? एकदम ठीक-ठाक। आप बताइए कैसे हैं? प्रोफेसर 143, क्या बात है? बड़े दिनों के बाद नजर आए। जी, मैं एकदम ठीक-ठाक हूं। एललीना घर से भाग गई। भाई, आपको बड़ा टेंशन रहता है एललीना का। हां। मतलब आपके होते हुए भाग गई, तो यह तो आपकी प्रॉब्लम है ना। आप हो, मतलब वह आपकी थी और वह भाग गई।
सुहान खान क्या है ये कह रहा है, मेरी अम्मी की, मेरी अम्मी की। अच्छा, ये कह रहा है ये अपनी अम्मी के। पता नहीं क्यों, क्यों अपनी अम्मी को गाली दे रहे हो? कोई दिक्कत है? बेचारी, क्यों गाली दे रहे हो? हां। [संगीत] ये कह रहे हैं, हम बिहारियों की हिंदी बहुत प्यारी होती है। हम हिंदी में भोजपुरी मिक्स करके बोलते हैं। न्यू न्यू वर्शन है ना? ब्लेड भाई। चलिए, नमस्ते। ब्लेड भाई, आप हो? नमस्ते। अच्छा, वेलकम है। स्वागत है आपका चैनल पे। एक सेकंड, मेरा YouTube शायद दूसरे डिवाइस पे वो चालू है। एक सेकंड, एक सेकंड। हां, हां। यासमीन जी, अच्छा, समस्या आ रही है। हिंजल जी, नेटवर्क समस्या आ रही है। अच्छा, इनके पास भी यासमीन जी के पास भी आ रही है। आप ट्राई कीजिए थोड़ी देर में। अगर ठीक होता है, तो जॉइ कीजिए, क्योंकि हम आपका बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। मुझे उम्मीद है जैसे ही नेटवर्क ठीक होगा, आप ज्वाइन कीजिएगा।
तो दीदी जी, ये कह रहे हैं सनातनी भाई कि एंजल दी, थोड़ी थोड़ी देर में मैं फिर आता हूं, जरा स्ट्रीम को एललीना जैसे 10 को भेज दूं। बिल्कुल, बिल्कुल, बिल्कुल, बिल्कुल। दो जगह स्ट्रीम चालू हो गई है आपकी। जी, एक है यह मेन चैनल पे, दूसरा है एक बैकअप चैनल पे। तो जितने लोग सब्सक्राइब नहीं किए हैं, बैकअप चैनल को, प्लीज वह सब्सक्राइब कर लीजिए। बैकअप चैनल को, क्योंकि यह चैनल जो है, डीमोनेटाइज है और वह नया चैनल है। उसकी अभी 1000 सब्सक्राइबर्स पुर गए, बट रिच, क्या बोलते हैं, वॉच टाइम नहीं कंप्लीट हुआ। तो बैकअप चैनल को सब्सक्राइब कर लीजिए। उस पे भी सुनिए, ताकि यह अगर चैनल अगर डीमोनिटाइज है, तो हम उस पे भी आगे काम कर सकते हैं। और दीदी, मैं क्या बोल रहा हूं? जी, जी, हां। मेन चैनल पे जो है, वो बैकअप चैनल का लिंक डाल देता हूं और बैकअप चैनल पे जो है, वो स्ट्रीम यार्ड का लिंक लगा देता हूं। क्या बोलते हो? हां, ठीक है। जो आपको सही लगे, वो कर दीजिए। जी, आप बैकअप चैनल का लिंक डाल दीजिए, ताकि लोग उसको सब्सक्राइब कर लें। प्लस क्या है कि वहां पे भी चले जाए थोड़े लोग। है ना? मोड, मोड्स है ना यहां पे? तो मैं एक काम करता हूं, यहां पे बस पिन कमेंट जो है, वो स्ट्रीम यार्ड का रखते हैं और आपके बैकअप चैनल का लिंक बार-बार है ना, बीच-बीच में डालते हैं। हम। बिल्कुल सही है। गाइस, फटाफट शेयर कीजिए लिंक को। ठीक है। रीता जी कह रहे हैं, हेलो एवरीवन। जी, यह श्री का लिंक हो गया पिन। जी, हां, ये ये न्यूज़ हमने भी सुनी है कि अशोक चिन्ह को तोड़ा गया है। तो उसके शायद वो हो गया है भाई, मरम्मत हो गई है। टेंशन लेने की बात नहीं है। वो जानबूझ के ऐसी गलतियां करता है, जहां उसको पता है कि फिर इसके बाद का क्या मतलब एक्शन होने वाला है। एक्शन का रिएक्शन क्या होगा? ठीक है कि क्या देखो, उनको क्या लगा था कि ये सब करेंगे, कोई कुछ बोलेगा नहीं है ना? लेकिन वीडियो हो गया वायरल। तो वीडियो में अब शक्ल आई है सबकी। सबकी इंफॉर्मेशन निकाल लेंगे। जी, ये देखिए हमारे मॉडरेटर भाई आ गए हैं। पुष् भाई आ गए हैं। तो ये पुष्कल भाई, आप बैकअप चैनल का ना लिंक शेयर करते रहिएगा। और जी, मैं मैं अभी इसमें डाल देता हूं। है ना? कमेंट में डाल देता हूं। मैं भी डाल देता हूं। पुष्काल भाई भी बैठे हैं। एक फीमेल है, उनको आप ये कवर करके एक बार ऐड कीजिए। ब्लेड भाई। जी, जी, बिल्कुल, बिल्कुल। फीमेल तो निकल गई दीदी। बस यह उपेंद्र रे जी बैठे हैं। उपेंद्र जी, अभी आप रहने दे, प्लीज। अभी फीमेल का है और हम चाहते हैं कि नॉन मोमिन अभी ना जुड़े, तो बेहतर है। अच्छा, हंटर भाई कह रहे हैं, ये लड़का है। नाम लड़की का है, बट लड़का है। अच्छा, यहां हम लोग बैक स्पेस के नाम पढ़ते हैं। कैसे शौक होते हैं दीदी लोगों के? ये देखिए। और इधर हम लोग गलत नाम भी पढ़ते हैं, तो इधर कमेंट में लोग उसको सही कर देते हैं। उपेंद्र राय है। अरे, उसने रे लिखा था। आर ए वाई लिखा था। आर ए ए आई नहीं लिखा था। हां, तो इधर है ना अपन भाई लोग सही करने के लिए। क्या गलत कह रहे हैं, क्या सही कह रहे हैं। ठीक है? जी, जी, बिल्कुल, बिल्कुल। जी। तो आज का जो ये भाई, कोई भी जो भी मतलब लड़की देख रही है, प्लीज जॉइ कीजिए। और हमने बी आर भाई के डिस्कर्ड पे शेयर कर दिया है। राय मत, राय मत लिया कीजिए एंजल जी। किससे भाई? अरे, हंटर भाई भी है ना, बड़े मजाकिया है। आ, आज का जो टॉपिक है। हां, हां। ब्लड भाई, तब तक हम लोग शुरू करते हैं। जैसे ही कोई आती हैं, फिर हम उनसे बात कर लेंगे। बिल्कुल। हां, आज का जो टॉपिक है, वो है आपने यह तो पढ़ ही लिया, औरतों का अपमान क्या करता है कुरान? है ना? क्या सबसे गंदा है इस्लाम? ये हमारा क्वेश्चन है। इसी के साथ जो है, ये हम क्यों ये क्वेश्चन कर रहे हैं? हम चाहेंगे आपको हम WhatsApp करते हैं। ठीक है? हमने कुछ नोट्स बना के रखे हैं। हम चाहते हैं वो एक पॉइंट्स है वो। हम चाहते हैं वो स्क्रीन पर आए, ताकि हम लोगों से, क्योंकि भूल जाने की बीमारी है मुझे। तो भूल जाते हैं। नोट डाउन करके, एक-एक क्वेश्चन करके हम पूछेंगे मोमिनों से और उस पर आराम से चर्चा करते हैं। है ना? कोई अच्छा प्रेम भा आ गए। नहीं, बैक स्टेज में तो नहीं, कमेंट में होंगे। कमेंट, कमेंट में है। एक मिनट, बात कीजिए। हम आपको उधर ये करते हैं। ठीक है? बिल्कुल, बिल्कुल, बिल्कुल। तो सब लोग जल्दी-जल्दी शेयर करो। है ना? कौन है? जी, सुमित भाई, बोलिए। सुमित भाई, आप अगर बोल रहे हो, तो आप म्यूट पर बोल रहे हो। अनम्यूट करके बोलो, प्लीज। हेलो, जी, बोलिए भाई। नमस्ते। नमस्ते। नमस्ते। जी, भाई, बोलिए। निकल गए? कोई प्रेम भ नाम से रियल है? कौन है? हां, ये रियल है। जी, साहब। रियल है। साहब, रियल है। सब नमस्ते। प्रेम भा, नमस्ते। प्यारी एंजल बहन, कैसे हैं आप? हेलो, प्रेम भाई, कैसे हैं आप? वेलकम। बहुत बढ़िया। मेरी बहन, बहुत बढ़िया। मैच सज रही है। बस यही कहूंगा सबको कि प्लीज, प्लीज, प्लीज, बैकअप चैनल पे आ जाइए और वहां करिए। सेम स्ट्रीम वहां, वही वहां पर भी चल रही है। प्लीज, अगर कोई मोड है, तो बैकअप चैनल का लिंक मेन चैनल पर डालते रहें, क्योंकि पुष्कल और क्योंकि ये चैनल हमारा डीमोनेटाइज हो गया है और हमें बैकअप चैनल को मोनेटाइज कराना है। जैसे आप लोगों ने यहां 26 थाउजेंड सब्सक्राइबर्स का हमें प्यार दिया था, वही प्यार वहां भी दे दीजिए। बैकअप चैनल पे। यह चैनल डीमनेटाइज है। चैनल, दोनों चैनल, वहां सब्सक्रिप्शन, सब्सक्राइबर्स होंगे और आवर्स पूरे हो जाएंगे। ज्यादा लोग देखेंगे, तो जल्दी ही हमारा हो जाएगा। ठीक है? एंजेल जी, एक मिनट, मुझे फोन आ रहा है। आप बात करें। जी, जी, जी, जी, बिल्कुल भाई। ये हमारे डॉक्टर साहब हैं। इन्होंने कहा है, लिटिल सपोर्ट एंजल जी फॉर योर मूवमेंट। थैंक यू सो मच। इन्होंने 500 का सपोर्ट किया है। थैंक यू, थैंक यू सो मच। राजेश जी, ये आप लोगों का सपोर्ट, आप लोगों का प्यार ऐसे ही बना रहे और हमारा जो यह काम है, ऐसे ही हम लोग करते रह। ये सिर्फ मेरा काम नहीं है। जितना सहयोग हम करते हैं, शायद उसी तरीके से हर किसी का अपना-अपना तरीका होता है इस मूवमेंट को सहयोग करने का। तो सभी लोग इसमें लगे हैं और यह सिर्फ यह मेरा, आपका, आपका लड़ाई नहीं है। यह इंसानियत की लड़ाई है। जिए तो भी अच्छी बात है, मरे तो भी अच्छी बात है। हम तो निकले ही हैं इस गंदगी को खत्म करने के लिए। तो फिर मरने का ना खौफ है, ना जीने की आस है। है तो बस दिल में एक ही तमन्ना कि इस गंदगी को करना साफ है। वाह। क्या बोलते हैं? ये कुछ ज्यादा नहीं हो गया मेरा। ये अपने आप क्या-क्या निकलता है? सही है। सही है। नहीं यार, मतलब बोलते बोलते ये शायरी टाइम से नहीं मर गया यार? क्या सही में हम बक लोल है भाई? नहीं, अच्छा था। बहुत अच्छा था। चलो कोई नहीं भाई, अच्छा लगा। सारे लोग नीचे हंस रहे हैं। एक सेकंड, मैं आपका ये जो आपने भेजा है, ये ऊपर ले आता हूं। है ना? हां। कहां गया? एंजल दीदी, ये हां, जब तक आप कह रहे हैं, एंजेल दी, 4 अगस्त को डासना मंदिर, गाजियाबाद, एक्स मुस्लिम सम्मेलन में आ रही है। भाई, मुझे तो पता ही नहीं, ये डासना किधर है और ये गाजियाबाद किधर है। ठीक है? ऊपर से क्या है कि मतलब थोड़ी सी प्रॉब्लम हो जाती है भाई ट्रेवल करने में मुझे और अभी तक तो नहीं किए है, पर कब है इसका? पहले हम एहसान भाई से पूछेंगे, अगर लगेगा मुझे कि हम वहां पहुंच सकते हैं, तो बिल्कुल जाएंगे। लेकिन डर भी लगता है भाई, पता नहीं कौन बैठा हो, फेसवेस देख लिया। हां, लेकिन जा सकते हैं, बट कवर करके फेस को जा सकते हैं, है ना? देखते हैं कितने लोग जा रहे हैं, क्या है? मुझे अभी आईडिया नहीं है वहां का। बट हां, ठीक है, देखते हैं, अगर जा सकते हैं, तो बिल्कुल जाएंगे। बिल्कुल। अरे, देखिए, ये अगस्त लिखा था, क्या लिखा था भाई ने? एक सेकंड यार, सनातनी भाई, 4 अगस्त नहीं, शायद सितंबर को है। मिस्टेक हो गया शायद इनसे लिखने में, है ना? सितंबर नहीं, अक्टूबर को बोले थे ना शायद? अक्टूबर या नहीं, अक्टूबर अगले महीने है ना? हां, अगले महीने भाई। तो अक्टूबर हुआ। ठीक है। ये भी अगस्त तो छोड़ो, सितंबर चल रहा है। [हंसी] ये सारे लोग स्पीड में कुछ भी लिख के निकल जाते हैं, मेरे जैसा। रिस्क काम लो आप। रिस्क काम लो आप। मतलब क्या है? रिस्क, रिस्क, रिस्क कम लो। अच्छा, रिस्क कम लो। जी। हां भाई, वही वही थोड़ा सा, क्योंकि दिक्कत हो जाता है ना, अगर अभी तक जिसने मुझे नहीं देखा है, तो ठीक है। फेस रिवील होने में थोड़ा सी मतलब, थोड़ा क्या, बहुत ज्यादा प्रॉब्लम हो सकता है, क्योंकि मतलब निजी लाइफ भी जो है ना, वो डिस्टर्ब हो जाता है। अब कहीं जा रहे हैं, कहीं आ रहे हैं, पता नहीं कौन जान रहा है, कौन पहचान रहा है। ठीक है? जरूरी नहीं कि हर कोई कट्टर ही होता है। फिर भी थोड़ा सा एक अच्छा नहीं लगता है ना? ऐसे सबके साथ में ऐसे चलने में। बिल्कुल। इस वजह से। स्क्रीन आ गई मेरी? हां, बिल्कुल आ गई है। [संगीत] देखिए, ये ये बड़े पुराने बंदे हैं और ये इनका ये शायरी पढ़ लीजिए एक बार भाई। क्या लिखा है? अरे, मेरा ये लिखे हैं, मुश्किलें रास्ते में कितनी भी हो, ठहरता कौन है? मौत कल आनी है, आज आ जाए, डरता कौन है? और अकेला खड़ा हूं तेरे लश्कर के मुताबिक, फैसला मैदान में होगा कि डरता कौन है? पहचाना प्रोफेसर साहब? आपको पहले ही पहचान गए हम। ठीक है? ये शायरी आप नहीं भी लिख ना, तो भी पहचान जाते, क्योंकि आपका डीपी सेम है, उसी हीरो का जो आप पहले लगाते थे। ठीक है? ये आपने कुछ क्वेश्चन, क्वेश्चन लिखे हैं इस पे है ना? हम ये है जो स्टार्टिंग से थोड़ा सा। हां, ये है टॉपिक औरतों की गवाही पे। ठीक है? जी, यह औरतों की गवाही पर टॉपिक है और यह कुरान का है, सूर बकरा का, दो दो मतलब सूर बकरा दो आता है ना आयत में और 200 हां, 82 ठीक है? और यही चीजें हदीस में हम देखते हैं, सही अल बुखारी में, तो वो है 268 58। ये चीजें आता है। ये हदीसों में भी है और कुरानों में भी है। अगर कोई कुरान इंकार करता है, तो हदीस उसके लिए सही है। अगर जो हदीस को इंकार करता है, उसके लिए कुरान सही है। ठीक है? अब इसमें हमें एक अल्लाह जो है या गॉड जो है, खुदा है, जो उनका सोच देखिए कितना घटिया टाइप का है। है ना? ये एक बार अगर हम चाहेंगे, तो सूर बकरा का जो आयत है, वो भी हम ला सकते हैं। आप अगर एक बार ला सकते हैं, दूसरे ये पे? तो बिल्कुल, बिल्कुल, बिल्कुल। आप आप यही वाला लाना है? हां, दो का? हां, हां, ठीक है। ये कुरान से है, लोग इसको इंकार नहीं कर सकते। ठीक है? और ये चीजें हम देखने लायक है कि एक खुदा, ठीक है? ये चीजें। अब लोग कहेंगे कि इस पे तो चर्चा हो चुकी है। ठीक है? चर्चा तो हो चुकी है, लेकिन बहुत सारी बहन जो है, मेरी अभी भी वह नई-नई इस चैनल से जुड़ी होंगी। बहुत सारे भाई हैं जो इस चैनल से जुड़े हैं, जिनको नहीं पता है। हर दिन मेरे, हमारे सब्सक्राइबर्स बढ़ते हैं। इसका मतलब होता है कि हर दिन नए लोग जुड़ रहे हैं हमसे। है ना? और लोगों को शेयर करते हैं। इसलिए हमें जो है, रिपीट क्वेश्चन करना पड़ता है। दूसरा नंबर क्या है कि अगर हम इन सब चीजों को नहीं उठाएंगे, तो यह हम फीमेल को जो चीजें हमने झेला है, हम नहीं चाहते कोई और झेले। ठीक है? अगर हम इस पे चर्चा नहीं करें, तो लानत है मेरे ऊपर। ठीक है? इसलिए हमें इस पे चर्चा करना कंपलसरी है। भाई, बंगाल फाइल आधा देखिए भाई, आधा पे नेट ही नहीं चल रहा था। साला के कितना भी चला रहे, चल ही नहीं रहा, चल ही नहीं रहा। ऊपर से मेरा मोबाइल का आवाज भी डॉन, मतलब शाम को बनाने भेजें, थोड़ा सा इसका वॉल्यूम बढ़ाए और पता नहीं जब भी ये ठीक होगा ना, तो फिर देखेंगे, क्योंकि वॉइस आ ही नहीं रहा था, फिर मजा नहीं आता वैसे देखने में। आधी देखी थी, आधी पे ही। अरे दीदी, सुनो, सुनो। मैं मतलब मेरे कुछ दोस्त हैं, है ना? सब यूट्यूबर ही हैं। उन्होंने, मैं आपको एक नंबर दे दूंगा। उस पर मैसेज कर देना। वो क्या करते हैं? जिन-जिन लोगों को ये अपना बंगाल फाइल्स देखना है, उनके टिकट स्पॉन्सर करवाते हैं। सब अपने यूट्यूबर ही हैं, सब। अच्छा, हां। सबके सनातन चैनल। हम हम तो कहीं नहीं जाने वाले। बताओ कहां जाएंगे? मेरे गांव में कहीं पे ये सिनेमा हॉल ही नहीं है। कहीं है ही नहीं है। हां, कहीं भी नहीं है। ये सफदर, सफदर खान करके कोई बंदा जॉइन किया है। अरे दीदी, रहने दो इनको। अपने टॉपिक पे चलते हैं। है ना? नहीं, अगर एक कवर करके मॉमी ने, तो फिर बात कर लेते हैं ना। अगर आ गया, तो यही चीजें है। कवर करो यार। हां, जी। सब खान। हां, हेलो। जी, आप मोमिन हैं, सर? जी, जी, जी। आप मोमिन हैं, सर? जी, जी, जी। अच्छा, नमाज वगैरह पढ़ते हैं? हां, पढ़ता हूं। अच्छा, सूर्य क्लास एक बार सुना दीजिए, छोटी सी सुना है। नवाब जी, सर कह रहे हैं, सूरह इखलास एक बार सुना दीजिए। सूरह इखलास सुना दीजिए। सूर नास सुना दीजिए। विश्वास नहीं, नहीं, विश्वास की बात नहीं है। ठीक है? अब ये तो एकदम छोटा सा है। एक लाइन में हमें तो विश्वास हो जाता है, पर हमारे जो पब्लिक है, उनको लगेगा कि हमने कोई नॉन आदमी बैठा रखा है। हां, क्या सुनना, सुनाना? ये चीजें क्या प्रॉब्लम है? अगर आप सुना देंगे, तो क्या प्रॉब्लम है? आती नहीं है या फिर? जी, भाई, हम ये नहीं बोल रहे कि आप झूठ बोल रहे हो। सूर सुना दीजिए, कोई भी सुना दो भाई, कोई दिक्कत नहीं। जो सर आपको याद है, वो सुना दीजिए। क्या दिक्कत है? क्या हो गया? सब जी, सब क्यों सुनना चाहते हैं? बताओ, समझ नहीं पाए हैं। हेलो, क्या हो गया? सर, बीबी, वो बीवी, वो बोल रहे हैं, क्या सुनना चाहते हो? अरे, सूरह इखलास सुना दीजिए। कुछ भी सुना दीजिए ना। सूरह यासीन सुना दीजिए। कुछ, कुछ भी सुना दीजिए। सूरह यासीन तो बहुत लंबा हो गया। सूरह नास सुना दीजिए। सूरह इखलास सुना दीजिए। ये सब तो एकदम सबसे छोटा है। सूर, सबदर जी, अगर सुनाना है, तो सुना दीजिए, वरना हम अपने टॉपिक पे चलेंगे। इतना टाइम नहीं है। बात करनी है आपको, तो सूर सुना दीजिए। हमें ऐसे कैसे पता लगेगा कि आप नॉन मोमिन हैं या फिर मोमिन हैं? हैं? ये पता नहीं यार, क्या कर रहे? सो गए क्या भाई? सबदर जी, क्या हो गया? स्ट पर आकर सो गए? सफदर खान जी, क्या हो गया? आप सुना रहे हैं या नहीं? गाइस, जब तक ये हमारे भाई सोकर उठते हैं, तब तक जो लोग चैनल पे सुपर चैट करना चाहते हैं, उनको बता दें कि चैनल डीमोनेटाइज है, तो आप यहां पे क्यूआर कोड लगा हुआ है। इस पे आप जो भी आपकी इच्छा के अनुसार हेल्प करना चाहते हैं, कर सकते हैं। नहीं तो आप लोग बस ऐसे ही प्यार बनाए रखिए। थैंक यू सो मच। सबदर भाई, निकल गए। निकल गए। देखो, ऐसी हरकतें मत किया करो भाई। अगर नॉन मोमिन हो, अगर मोमिन भी हो, तो ऐसे जिद्दी मत बना करो। ठीक है? आप बोल दो कि हां, नहीं आता है, तो हम कुछ और इससे भी इजी पूछ लेंगे। है ना? अगर बोलेंगे, तो इनको लीजिए। अच्छा, फिर से आ गए। हेलो, सबदर खान जी। हां, बोलिए। आवाज नहीं जा रही है क्या? क्या प्रॉब्लम है, सर? अगर बात करनी है, तो एक सूर पढ़ने में क्या दिक्कत है आपको? कौन सी सूर पढूं? सूरह इखलास। कुल वल्लाह, जिसको बोलते हैं भाई। कुल पढ़ दो। चारों कुल में से कोई भी एक कुल सुना दो। जी, चलिए, स्वागत है मेरे चैनल पे आपका। जी, थोड़ी सी आपकी आवाज मुझे लग रहा है धीमी आ रही है। आप एक बार देख लीजिए ना। बोल रहा हूं। सूर्य को आप मानते हैं ना? ईमान, सूर्य पे रखने का। हम बस आपका जाज लिए, क्योंकि अब देखिए, बहुत सारे नॉन मोमिन क्या करते हैं, मुस्लिम का नाम रख के आ जाते हैं और फिर वो ब्लास्ट फहमी या फिर बदतमीजी करे, वो अच्छा नहीं लगता है ना। इसके लिए हम जांच करते हैं। ईमान रखते हैं, नहीं रखते, वो अलग मैटर है। ये हम इसलिए सेफ्टी के लिए करते हैं, ताकि कोई बदतमीजी ना करे। है ना?
आजकल आप पता है बहुत सारे एक्स मुस्लिम और जो नहीं होते हैं मुसलमान, वो भी इतना तो याद उनको कर लेते हैं। वो भी मुसलमान बन करके जाता है। नहीं, नहीं, इतना नहीं है। फिर भी एक टोन से समझ आ जाता है। ठीक है? अब, अब जैसे कि कोई सूर हो गया, कुछ भी आयत हो गई, वो समझ आ जाता है ना कि बंदा मतलब कि हाँ, ठीक है, मुस्लिम है। चलिए, ठीक है, हम टॉपिक पे बात करते हैं, है ना? हाँ, बोलो क्या?
जी, आज का जो टॉपिक है मेरा, वो है औरतों का अपमान। क्या करता है कुरान? क्या गंदा है इस्लाम? इस पे आप क्या कहेंगे?
अपमान तो नहीं करता है। अब बताइए, क्या अपमान कर रहा है? अब ये देखिए, जो सूर, सूरह बकरा का जो आयत है, जो कहते हैं कि एक बार लाइए, ब्लेड भाई। सूर बकरा? जी, जी, जी। हाँ, ये एक बार आप पढ़िएगा। देखिए, क्या कहते हैं अल्लाह? ये अपमान नहीं तो क्या है? एक औरतों मतलब महिला के लिए क्या है ये?
एक सेकंड। हाँ, लेआउट ऐसा बनाइए कि बस हम ब्लेड भाई, मेरा और आपका रहे। या फिर, ठीक है। ये देखिए, पढ़ने आता है सर? इंग्लिश या उर्दू? कुछ भी?
हाँ, पढ़ लेते हैं। उर्दू पढ़ लेते हैं।
अच्छा, उर्दू कर दीजिए। एक सेकंड। ये, ये, ये हो गया उर्दू। दिख रहा है या ज़ूम करना पड़ेगा?
थोड़ा ज़ूम कर दे सर। या चलेगा?
ज़ूम कर दीजिए। ज़ूम कर दीजिए थोड़ा सा।
ज़ूम कर दीजिए। मुझे थोड़ा सा ज़ूम कर दीजिए क्योंकि बहुत छोटा दिख रहा है।
तो आप बोलिए, इसमें क्या है?
हाँ, ये ऐप एक बार पढ़ लीजिए ना, तो फिर शायद आपको...
अरे, आप पढ़िए ना। अपने मुझे उर्दू आती है। या और बताइए कि इसमें है क्या?
मैं पढ़ूंगा, फिर मैं ही सब कुछ कर रहा हूं। ये लीजिए।
चलिए, तो हम इसमें बताते हैं आपको कि हमारे नबी साहब जो है, वो कहते हैं कि जो औरत जो होती है, वो आधी अकल की होती है। ठीक है? उनकी गवाही जो है, आधी मानी गई है। जहाँ पे दो, एक मर्द की गवाही जहाँ पे लिया जाता है, वहाँ पे दो औरत का गवाही लिया जाएगा। जी, क्या कहेंगे आप? इसमें कौन सा अपमान है? क्या है?
मतलब, गवाही के मामले में है। मतलब, इसमें कहा जा रहा है कि अगर एक औरत की अकल आधी होती है। ठीक है? एक औरत की अकल आधी होती है। मर्द के अकॉर्डिंग। मतलब, मर्द की अकल पूरी होती है। औरत की आधी होती है। क्यों? ये अपमान आप इसमें क्या कहते हैं? आप इसमें क्या कहते हैं कि मर्द की यात और औरत की यात बराबर होता है? कम से कम...
एंजल बहन, आप टाइम। एंजल बहन, आप टाइम वेस्ट कर रहे हैं इससे बात करके। इनका कुछ पता नहीं है। ना पढ़ने आता, ना पढ़ने आता। ठीक है, कोई बात नहीं। हमें बात करने में कोई दिक्कत नहीं है। सोहेल भाई, हम बात ही कर रहे हैं ना? ये मोमिन भाई है ना? कोई दिक्कत नहीं है बात करने में। हम तो बस इनको समझाने के लिए बैठे हैं। पढ़ने भी आता है। मैं आपसे पूछ रहा हूं।
मतलब, ये बताइए। जी, आप। हाँ, तो आप आपको क्या लगता है कि ये जो आधी अकल कह रहे हैं, तो ये सही है? एक महिला के लिए, एक औरत के लिए ऐसा कहना सही है क्या? क्योंकि बनाने वाले तो दोनों को एक ही हैं, है ना?
कमेंट मत हटाओ यार। ओके। मैं बोल रहा हूं। मुझे तो यही लगता है कि मर्दों के मुकाबले में औरत थोड़ा कम अकल होती है। कम अकल होती है। आप क्या मानते हैं?
बराबर मान। नहीं, हम तो मर्द से ज्यादा अकलमंद औरत को मानते हैं। लेकिन आपके जो...
हाँ, बहुत ज्यादा। बहुत ज्यादा मायने में मर्द का जो अकल है, उससे कई गुना ज्यादा। हाँ, एक सेकंड। कई गुना ज्यादा अकल होता है औरतों में। ठीक है? लेकिन आपके जो अल्लाह है, वो कहते हैं ना?
आप बोल रहे हैं कि मर्दों से ज्यादा अकल औरतों की होती है। ठीक है?
बिल्कुल, बिल्कुल।
तो आप मर्द का अपमान कर रहे हैं।
नहीं, जब आप... हम तो इंसान हैं। मेरा तो फितरत है अपमान करना, लड़ाई करना, झगड़ा करना। ये तो मेरा फितरत है, है ना? लेकिन अगर कोई बनाने वाला ही यह कह दे कि हम एक को ज्यादा अकल दिए, एक को कम अकल दिए। हम इंसान की बात नहीं कर रहे ना कि आपको सही लग रहा है, हमें सही लग रहा है, किसको? ये बात अलग है। हम तो इंसान हैं, है ना? लेकिन जो जिसने बनाया है, जिसने... तो आपको क्या लगता है? अल्लाह इंसान है? उसने गलती कर दिया बनाकर ऐसा?
इंसान नहीं है। लेकिन इंसान के हिसाब से जो है, इंसानों को बनाया है। एक दूसरे के मुकाबले से।
इंसान के हिसाब से। हिसाब से बनाया तो दोनों इंसान हैं, तो फिर दोनों को अलग-अलग क्यों बनाया?
इंसान के समझ के हिसाब से। हिसाब से उनको बनाया। जैसे आपका समझ कह रहा है कि औरतों का आंकड़ा जो है, कम है, ज्यादा है। ये बता दीजिए मेरा समझ।
अच्छा, ठीक है। आपके। हाँ, अच्छा, ये बता दीजिए, कम कैसे? आपसे, आपसे ही पूछना चाहते हैं। कम कैसे है अकल? आप ये बता दीजिए।
वो तो हम बता देंगे। हमने तो पूरी। हम वो बता देंगे सर। हमने वो पूरी तैयारी करके ही स्ट्रीम करते हैं, ऐसे नहीं है। लेकिन आप कम से कम बताइए। आप मोमिन हैं ना? आप बताइए कि एक कैसे कम? मतलब, उसके बराबर है, ये बताइए।
तो मैं ये देखता हूं हर जगह औरतों को कि वो थोड़ा जज्बाती होती है। जज्बाती टाइप का। समझ रहे हैं ना? जज्बात।
जज्बाती टाइप का भी होता है। और जज्बात से अकल का क्या लेनदेन है, ये बताइए।
बहुत लेनदेन है।
कैसे लेनदेन? जज्बात एक फीलिंग? अरे, जज्बात एक फीलिंग्स है, भाई। जज्बात जो है, वो एक फीलिंग्स है। अकल जो है, वो आपका माइंड है, बुद्धि है, नॉलेज है, ये चीज। ये एक कैसे हो गया?
अकल जो इस्तेमाल करता है, अकल तो ठीक है। अकल एक है, लेकिन अकल इस्तेमाल जो होता है, वो क्या है? किसी चीज में जब आप अकल इस्तेमाल करते हैं, तो वो चीज क्या है?
हम अकल की बात। आप हम अकल की ही बात कर रहे हैं। आप बात कर रहे हैं इमोशन की। ठीक है? कि जज्बाती होती है। इमोशनल होती है। ये आप बात कर रहे हैं।
इमोशनल जो है, एक फीलिंग्स है। ठीक है?
हाँ।
किसी भी मामले में, मैं देखता हूं कि वो औरतें जो है, अक्ल से फैसला नहीं ले पाती। बहुत सारे मामले। मर्द थोड़ा सोचते हैं।
क्या? जैसे? जैसे क्या? कैसे? जैसे कि आप क्या बताना चाहते हैं? अक्ल से क्या फैसला नहीं ले पाती है? जैसे, एग्जांपल दीजिए ना।
एग्जांपल बहुत है। घरों में देखते हैं। बहुत है।
बहुत में आप दो चार ही बता दीजिए हमें। कुछ भी बोल देना। ऐसे क्या? एग्जांपल भाई?
एग्जांपल कुछ भी बोल देना क्या? मतलब क्या? कुछ भी क्या बोल देना?
आप कुछ तो बोले। आप समझ नहीं पा रहे हैं ना?
नहीं। अरे, आप बोलेंगे तब ना समझेंगे। अगर आप बोलेंगे ही नहीं, जैसे आप अपने मन में कोई बात चला रहे हो, उसके बारे में हम कैसे जान जाएंगे? आप बोलिएगा तब तो हम समझेंगे ना।
अच्छा, एक मिनट। मैं... नमस्ते सर। जय हिंद।
जी, जी। रहमान भाई, स्वागत है आपका। रहमान भाई, स्वागत है।
धन्यवाद। धन्यवाद। मैं ये कहना चाह रहा हूं। इनसे पूछना चाह रहा हूं कि ये कह रहे हैं कि आप समझ नहीं पा रहे हैं। मैं ये इनसे कहता हूं कि आप समझा नहीं पा रहे हो। क्या बोलोगे?
नहीं, हाँ, वही चीज है। हम तो इनका पूरा। हमने तो पूरा पॉइंट आउट करके बैठा भाई। आज इस पे अच्छी तरीके से बात करेंगे। बट इनसे बस इतना पूछना चाह रहे हैं कि भाई, बताओ, ये कह रहे हैं कि कुछ बातें वो बोल जाती है। तो वो बातें क्या ऐसी क्या बोल जाती है? आप बताइएगा तभी तो हम समझेंगे ना। और फिर अगर यह बताएंगे भी, एक भी बता देंगे ना, एक भी बताएंगे ना, फिर मैं मर्द क्या बोल जाते हैं, वो भी बताऊंगा। फिर हम आपको दिखाएंगे भाई कि क्या चीजें हैं फीमेल में। वो हम एक-एक पॉइंट करके आपको बताएंगे, ठीक है? कि क्या आपको लगता है कि कैसे कमतर है वो औरतें मर्द से? बताइए।
सबदर खान। हाँ, मैं बता रहा हूं। वही के मैं बहुत सारी चीजों में देखता हूं। अभी फिलहाल जो है, ऐसे बात वगैरह करने में, जैसे बातों में भी देखता हूं कि बात करने में थोड़ा जज्बाती होती है और अकल से जो है, काम नहीं होती है।
पहला नंबर तो आपको ये क्लियर कर दे जनाब कि जज्बात और अकल में ये दोनों दो चीज है। अगर आपको रोना आता है, तो आप उसमें बुद्धि नहीं लगा सकते हैं। ठीक है? और आप बुद्धि लगा के रो नहीं सकते हैं। बात समझ आ रही है? अगर आपको हंसना है, तो आप बुद्धि लगा के नहीं हंसिएगा। अगर आपको बुद्धि लगाना है, तो आप हंसिएगा नहीं। बात समझ आ रही है? ये जज्बात और इंटेलिजेंस, ये दो दोनों चीज अलग-अलग है। स्मार्टनेस अलग चीज है। ठीक है? आप एक चीज दोनों को ऐसे नहीं कंपेयर कीजिए। पहले आप समझिए इस दोनों में डिफरेंस क्या है? जज्बात जो है, वो फीलिंग्स है। रोना, हंसना, खेलना, खाना, इमोशन, ये अलग है। और बुद्धि जो है, वो एक अलग चीज है। है ना? जिससे हम डिसीजन लेते हैं, जिससे हमारे आगे का जो भी काम है, वो कर सकते हैं। बहुत कुछ फैसला ले सकते हैं। ये चीज होता है। ये होता है बुद्धि। ठीक है?
नहीं, नहीं, आप जो है, गलत मलत कर रहे हैं दोनों में। जैसे, अब कोई इंसान जो है, हंसते रहता है पागल की तरह। तो आप कहेंगे उसका अकल खराब है। दिमाग कम है उसका। समझ रहे हैं ना? हंसना भी आपसे उसका मायना। हंसना, बोलना, हंसना भी।
अरे, अरे, सुनिए, सुनिए, सुनिए। जज्बात सही बात है। जज्बात एक इमोशन होता है। आप समझ ही नहीं रहे बात को। जज्बात जो है, वो एक इमोशन होता है। आप इससे इसको अटैच नहीं कर सकते। ठीक है? और वो जज्बात इमोशन, लड़की, सॉफ्टनेस होता है। उसका हार्ट जो है, सॉफ्टनेस होता है। वो बातों में। हाँ, ठीक है। लेकिन इसका ये मतलब नहीं है कि वो कम अकाल है। सुनिए।
आपके नबी साहब ने कहा है। इसका क्या? जज्बे से लड़ना बना? वही तो मैं कह रहा हूं। सुनिए ना। आपके नबी साहब ने कहा है कि औरतें कम अकल होती है। उसकी आधी गवाही मानी जाती है। उन्होंने यह तक कह दिया कि जिस मुल्क की बादशाह औरतें बन जाती है ना, वो मतलब मुल्क ही बर्बाद हो जाता है। तो इसमें इमोशन से लेना देना नहीं है। इसमें अकल का लेना देना है। है ना? ये अकल की बात हो रही है। आप इमोशन को छोड़ दें। आप जज्बात को छोड़ दें। ठीक है?
मतलब, हंसना और बोलना नहीं। हंसना, रोना तो छोड़ दे। हंसना, रोना छोड़ना, बोलना ये छोड़ दे। उसकी बुद्धि पे काम करें कि एग्जांपल आपको दे रहे हैं कि अगर आप एक जहाज चला सकते। सुनिए। आप एक एरोप्लेन उड़ा सकते हैं, तो वो लड़की उड़ा सकती है या नहीं? आप एक डॉक्टर हैं, तो वो लड़की डॉक्टर बन सकती है या नहीं? आप एक प्राइम मिनिस्टर हैं, तो लड़की प्राइम मिनिस्टर बन सकती है या नहीं? बात समझ आ रही है मेरी? जो चीजें आप कर सकते हैं, वो चीज लड़की कर सकती है या नहीं? एक जज बन सकता है लड़का, तो एक लड़की जज बन सकती है या नहीं?
बिल्कुल बन सकती है। बन सकती है। तो इसी को कहा जाता है अकल। तो सोचिए आप। जैसे आम इंसान को ये पता है कि बिल्कुल बन सकती है। तो ये अल्लाह को क्यों नहीं पता था कि लड़कियां किसी से कम नहीं होती है? फिर वो ऐसा क्यों बोल दिए? और नबी साहब ने ऐसा क्यों बोला?
अल्लाह और नबी दोनों ने। वही बोल रहा हूं कि बन सकती है। लेकिन उस तरह नहीं बन सकती जिस तरह मर्द होता है। आप कहां के हो सर? आप इंडिया से हो या इंडिया के बाहर से हो?
मैं इंडिया से हूं। अभी हमारे देश के राष्ट्रपति कौन है?
राष्ट्रपति। हाँ।
राष्ट्रपति हैं ये तमिलनाडु के। क्या नाम है उनका?
अरे, वो कोई है। मतलब, नाम छोड़ दीजिए। कम से कम यह बता दीजिए कौन है? मेल फीमेल?
कौन है?
मेल है।
वाह! देख लो भाई। ये, ये बुद्धि। देखिए, यही इसीलिए, इसीलिए हम कहते हैं कि औरतें जो है, मर्द से ज्यादा अकलमंद है। अब बताइए, आपको अपने देश के राष्ट्रपति का ही नहीं पता कि वो इतना। नाम तो छोड़ दीजिए, कहां के हैं, वो भी छोड़ दीजिए। आपको यह नहीं पता कि वो मेल है या फीमेल है।
अच्छा, किसी चीज का पता ना होना। अरे, नहीं है। किसी चीज का पता ना। क्या आसान पड़ता है? आपको बहुत सारे कमजोरी। तो ये बुद्धि की कमजोरी है।
हाँ, नहीं। सारी चीजों के बारे में नहीं। लेकिन मुझे तो पता होना चाहिए ना? मेरे देश का प्रधानमंत्री कौन है? मेरे देश का, मेरे राज्य का मुख्यमंत्री कौन है? मेरे राज देश का राष्ट्रपति कौन है? ये सब चीजें तो आम बात है ना? ये पता नहीं होगा तो फिर मतलब क्या है ये? है ना? ये होता है अकल। ये होता है अक्ल की बात। इससे साबित होता है कि मर्द औरतों से है ना, कम अकल होता है। समझ रहे हो?
अक्कल की बात नहीं है। ये की बात है।
अरे, तो क्यों नहीं है भाई? आपके आप अपने देश में रहते हैं। आपके अपने देश के बारे में ही कुछ नहीं पता। आप लड़की के हंसने, रोने पे जज कर रहे थे और आपको यहां देश के मतलब कि गवर्नमेंट्स के ही बारे में पता नहीं है। उनका नाम भी नहीं पता है।
तमाम लड़कियों, तमाम लड़कियों को पता है जो हिंदुस्तान में रहती है। तमाम लड़कियों को पता है। प्रधानमंत्री, सब लड़कियों को पता है।
हाँ, सब लड़कियों को पता है। 100 बात नहीं। अभी आप जो बात किए, अधिकतर मतलब, हाँ, 100% पता होता है। क्योंकि उसको पता है कि क्या चीजें चल रहा है दुनिया में। तो वो, क्योंकि बहुत ज्यादा शार्प उसका माइंड होता है। मर्दों के जैसा नहीं होता है।
बहुत सारी लड़कियां ऐसी होंगी जिनको पता नहीं होगा। ठीक है? तो आप मानते हैं तो आप मानते हैं कि लड़कियों के बराबर ही मेरे पास दिमाग है। ठीक है? आप लड़कियों जिनको नहीं याद है या जिनको नहीं पता है, आप उनके लेवल में अपने आप को समझते हैं कि हाँ, मुझे भी नहीं पता।
मतलब, उनको नहीं पता, तो आपको भी नहीं पता।
नहीं, नहीं। बहुत सारी चीजें, बहुत सारी चीजें ऐसी होती है। एक को पता होता है, एक को नहीं होता है।
चलिए, तो आपको बता दें कि वो आज जो हमारे देश की राष्ट्रपति है ना, द्रोपदी मुर्मूर जी हैं। ठीक है? वो एक महिला है।
हम तो, मैं क्या बोल रहा हूं? फीमेल बोल रहा हूं ना?
हैं? मैं क्या बोला था आपको? आपने बोला कि वो एक मेल है। मेल है। फीमेल नहीं बोला।
सुन लीजिए दोबारा। मैं फीमेल बोला।
नहीं यार, ऐसे, ऐसे ना करो। ऐसे ना करो। देखिए, अल्लाह के यहां आपको भी मुंह ले जाना है, हमें भी जाना है। पीछे से अल्लाह के पास। लेकिन देखिए, आप ऐसे झूठ बोलेंगे तो क्या मुंह लेकर जाएंगे?
हाँ, झूठ। सही बात है। वो बैठ के। वो हम यहां तीन बैठे हैं। नीचे वाले बैठे हैं। YouTube के ऊपर रिकॉर्ड हो रहा है। झूठ बोल रहे हैं। तुम्हारा झूठ यहां पे क्लियर हो गया। स्पष्ट हो गया। देखिए, सारे। जब आपने ऐसे पलटा, सारे लोग देखिए। नीचे आपके मजाक उड़ा रहे हैं। ऐसे ना कीजिए। ठीक है?
बोलिए। हाँ, ठीक है। मुझे नहीं पता था। देखिए, यही चीजें मुझे। मोमिनों का इसीलिए लोग आप लोगों को अपंग दिमाग कहते हैं कि तुरंत फिर जाते हैं बातों से। ठीक है? अब एक्सेप्ट कर लीजिए कि ठीक है, मुझे नहीं पता था। हाँ, ठीक है। हो गई बात खत्म। फिर ऐसे पलटू पलटू मत मना कीजिए।
आवाज सही से नहीं गई होगी। मैं ये बात बोल रहा हूं। मैं क्या बोला था?
चल गया। सॉरी। ठीक है।
हाँ, सॉरी। क्या बोला है? क्या बोला? एक तो पान, पान मुंह में से निकाल के फिर बात कर ले भाई। कुछ समझ में तो आए।
असल में मेरी आवाज जो है ना, सही से नहीं जा रही है। नेटवर्क प्रॉब्लम है शायद।
पता नहीं। नहीं, नेटवर्क प्रॉब्लम नहीं है। तेरी आवाज ऐसी बनाई है। अब बोलो, बोलो, क्या बोलोगे?
खराब बनेगी तेरी आवाज। और और ऊपर महिलाओं की आवाज अच्छी आ रही है। तुम्हारी आवाज गंदी आ रही है। अब बोलो।
हाँ, तुम्हारी आवाज गंदी आ रही है। ऊपर जो महिला बैठी है ना, उनकी आवाज। मेरी बहन जो बैठी है ऊपर, उसकी आवाज अच्छी आ रही है। साफ आ रही है। तुम्हारी आवाज गंदी आ रही है। तेरे अल्लाह ने बनाया ना? किसने बनाया?
चलिए, अभी इनको हम बात करते हैं। अभी तो यह एक चीज पर तो देखिए इनका पता चल गया है। है ना? कि इनके पास क्या दिमाग? मर्दों और औरतों में और आपके पास क्या है? दूसरा क्या है टॉपिक? ये बताइए भाई कि और कैसे कम है मर्दों से कम कैसे है लड़कियां?
दीदी, मैं ये कह रहा हूं। एक सेकंड, एक सेकंड भाई। टॉपिक पर जाने से पहले, अगर अरे रुको ना, दो मिनट भाई। अगर टॉपिक पर जाने से पहले, मैं पांच मिनट बैक करके इनका वीडियो चला के दिखा दूं YouTube पर, तो चलेगा?
दौड़ेगा। दौड़ेगा। दौड़ेगा भी और फिर ये बेइज्जती ही हो जाएंगे क्योंकि देखिए, ये झूठ बोल रहे हैं साफ है। है ना? एकदम साफ है। इन्होंने क्लियर भी किया था कि हमें नहीं जानते।
हाँ, हमको नहीं पता था। बहुत सारी लड़कियों को भी नहीं पता। इतना लंबा पूरा सेंटेंस इसने बोला और फिर जब इनसे पूछे, तो ये कह रहे हैं कि हम बोले थे। अब ऐसे में क्या ही बात? अपनी बेइज्जती करवाएंगे भाई, और क्या करवाएंगे?
भाई जी, ब्लेड भाई, ये अपना एंजल बहन से पूछ लेते हैं। अगर ये इनका चैनल है, ये जैसे बोलेंगे, वैसे करेंगे हम।
जी, जी। हाँ, नहीं, अगर क्या आप सुनना चाहेंगे सफदर खान जी? या फिर आगे बढ़े हम?
सफदर खान। अरे, अनम्यूट करो चाचा। म्यूट हो गए हो। बोलिए।
बताइए। जैसे आपकी मर्जी। आप आगे। सफदर खान जी, हम आगे बढ़े या फिर आप उसी पॉइंट पे रहेंगे? हमें रिपीट करना पड़ेगा फिर से मतलब YouTube चलाना पड़ेगा। जैसे आपकी मर्जी। आप क्या करना चाहते?
अरे, टॉपिक पे चलते हैं यार। आप वैसे भी बहुत स्लो स्लो हो।
चलिए, फिर ठीक है। हम आपसे फिर दोबारा। एक चीज आपने कहा, उसका हमने एग्जांपल के साथ यहां पर लोगों को दे बता दिए। गाइस, जितने लोग देख रहे हैं, अभी 300 लोग देख रहे हैं, तो आप लोग बताइए। देखिए, इन्होंने कहा, इनका पॉइंट से हमने इनको बूम कर दिया एक बार में। जो ये कह रहे थे कि उनके जज्बात वगैरह, जो कुछ भी। ये पहला क्वेश्चन से तो हमारे भाई जो है, हर चुके हैं। चलिए, अब दूसरा इनसे पूछते हैं कि दूसरा आपको क्या लगता है कि मर्द से कम अकल कैसे है लड़के में? आप, आप बोलिए ना। आप अपनी जो है, आपसे जो सवाल किया गया था, उसका जवाब दीजिए कि आप बोल रहे हैं कि मर्दों के मुकाबले में औरतों का दिमाग ज्यादा होता है। तो इसकी दलील दीजिए आप।
मर्दों के अकल में। हाँ, सुनिए मेरी बात। मेरी बात। मेरा पॉइंट है कि एक अल्लाह को ऐसा बोलने का बिल्कुल हक नहीं था कि वह यह कहा कि कुरान मस्जिद में या हदीसों में ऐसे बयां करें कि हमने मर्द से कम अकल औरतों को बनाया है। ये एक औरत के लिए बहुत ही अपमानित शब्द है। ये बहुत ज्यादा अपमान करने वाला, एक चुभने वाला शब्द है। ठीक है? जबकि उसने बनाया है। जब आप, जब अल्लाह ने बनाया है, तो फिर ऐसे दो-दो टाइप के भेदभाव करके क्यों बनाया? हाँ, दो टाइप का। उनके हिसाब से क्या है? कैसे नहीं है? कैसे नहीं है भेदभाव? अगर कोई मर्द वो मतलब, एक इंसान बनाया दोनों को। फिर कि एक को कह रहा है कि हमने पूरी अकल दी। एक का कह रहा है हम आधी अकल दिए। क्यों दी आधी अकल? क्या उनके पास अकल की कमी पड़ गई थी अल्लाह के पास? या उनका दिमाग खुद ही फिर गया था? क्यों दिया उन्होंने लड़कियों को आधी अकल? जबकि है नहीं। लड़कियां आधी अकल। लड़कियों में आधी अकल। हम नहीं मानते। क्योंकि लड़कियां जो है, आजकल लड़कों से। आजकल क्या, पहले भी नबी साहब को खुद यकीन नहीं था कि मेरे पे वही आ रहा है कि नहीं। नबी साहब को खुद कंफर्म नहीं हो रहा था कि हमें कुछ दिख रहा है कि नहीं। उनकी बीवी ही उनको कंफर्म किया। अगर उसकी बीवी, उनकी जो बीवी थी, अगर वो यह कह देती ना कि ये सब फालतू खूब आते हैं, तो आज नबी, नबी बनते ही नहीं। तो पहले भी जो महिला थी, वो मर्दों से ज्यादा अकलमंद थी और आज भी है। मैं तो ये नहीं मानता कि महिला मर्दों से ज्यादा। आज भी हर चीज, हर, हर मामले में मैं देखता हूं कि लड़कियों से आगे जो है, लड़के हैं। मर्द हैं।
अरे, किस, किस, किस तरफ की बात कर रहे हैं? बताएं तो। ऐतबार से, ताकत के ऐतबार से भी देखिए। मर्दों में ज्यादा ताकत होता है, औरतों में कम होता है। तो जरूरी था कि ताकत में। ताकत में। ताकत की बात कर रहे हैं आप?
में ताकत ज्यादा। अरे भाई, वो, वो, वो जो है, जिम। वो क्या नाम है उनका? जो जिम ये है। उसको लाओ भाई। जो अंडरटेकर टाइप की एक लड़की है ना, उन लोगों की दो-तीन वैसी वाली लाओ। जो, जो डब्ल्यूडब्ल्यूई में खेलती है ना, उसको लाओ भाई। आपके जैसे भाई, पांच-छह मर्दों को एक साथ। वो अपने इधर होती है ना, अंडर आर्म्स के साइड का के पास दबा लेगी ना, तो हिल नहीं पाओगे। एक लड़की जैसे पांच-दस मर्दों को।
एक, एक बात। एंजल बहन, एक बात बोलूं?
अरे, रुक जा मेरे भाई। एक, एक बात करो। मर्द ज्यादा ताकतवर है या औरतें? डब्ल्यूडब्ल्यूई में जो लड़ने वाले हैं, मर्दों से जो सक जाएगी, वो औरतें जो लड़ती है वहां पर?
क्या? मैं यह बोल रहा हूं कि किसी भी मामले में औरत कितना ही ऊंचा चला जाए, लेकिन मर्द से ज्यादा नहीं जा सकता। डब्ल्यूडब्ल्यूई का मिसाल आप दिए हैं। डब्ल्यूडब्ल्यूई में जो मर्द लड़ते हैं और जो औरतें, तो आपस में अगर लड़ें, तो कौन जीतेगा? मर्द जीतेगा या औरत?
अरे यार, आपको पता ही नहीं। यही तो दिक्कत है। यही तो दिक्कत है। आपके जैसे, बोले तो, आपके जैसे पांच मर्दों को वो अपने अंडरम के साइड ऐसे दबा देगी। ठीक है? और आप लोग बस फड़फड़ा के रह जाओगे। पांच मर्द एक साथ। ठीक है? बात समझ आ रही है ना? ये ताकत होती है महिलाओं में। समझिए पहले।
मैं जो बोल रहा हूं, उसको समझ। मैं बोल रहा हूं कि किसी भी मामले में, एक औरत, किसी भी मामले में, किसी चीज में, एक औरत, उसमें जो है, मर्द के मुकाबले में आ सकती है। लेकिन उससे ज्यादा नहीं।
अबे यार, इसको भाई, एक बात सुन। तूने दो, मैं दो बातें पूछता हूं तुझे। दो नाम बताता हूं। वो सुने हैं कि नहीं सुने हैं? गीता कुमारी फोगाट और बबीता कुमारी फोगाट। सुना है नाम?
बहुत है भाई। बहुत सारी है। बहुत।
बहुत। देखिए, इनको पता ही नहीं है कुछ। भाई, इनको पता ही नहीं है कुछ। क्या है? दो का ही। दो का ही बता देंगे। दो का बता दे। गीता कुमारी फोगाट और बबीता कुमारी फोगाट। सुना है? बोलिए, क्या है? बोलिए ना।
ले यार, इसको कहते हैं अकल का अंधा। जिसको इतनी मशहूर महिलाओं का पता नहीं है। अब जाके गूगल कर या फिर बात कर। चल, एंज, बंद बात करेंगे।
हाँ, चलिए। तो मैं अगर कुछ पूछूंगा, तो आप अरे, बोलो ना। क्या बोलो तो सही। आगे। यह मतलब, कुछ भी आप पूछेंगे नहीं बता पा रहे हैं, तो हो सकता है मेरा उसमें जानकारी ना हो।
अरे, तो एक चीज में जानकारी नहीं है, मेरे भाई। हर, ये अलग-अलग कैटेगरी, अलग-अलग मतलब चीजों के बारे में आपसे पूछा जा रहा है। जैसे मैरी कॉम है, तो उनका एक अलग। उनका दौड़ में था। अभी इन्होंने फोगाट, गीता फोगेट का नाम लिया। उनका एक अलग चीज में वो मेडल हासिल किए हैं। हर किसी का अलग। हमने राष्ट्रपति जी का नाम लिया। हमने बहुत सारे ऐसे लोगों का नाम लिया। अभी जो अंतरिक्ष यात्रा पर गई थी, चांद पे जो गई हैं, ये सब महिलाएं हैं। अभी जो सिंदूर जो ऑपरेशन का जो मुंहतोड़ जवाब देकर आई, वो भी एक महिला है। तो आपको एक का भी नहीं पता है। एक भी महिलाओं के बारे में नहीं पता है, जो नाम कमा रही है। जो मर्दों को पीछे लताड़ रही है। जो जाके पाकिस्तान में घुस के आतंकियों को ढेर करके आ रही है। तो आपको किसी के बारे में नहीं पता है ना? हाँ। तो आप जो है, यहां बैठ के मर्दों की तौहीन कर रहे हैं, वो सही है।
हमने मर्दों की तौहीन नहीं कर रहे। हम अल्लाह की तोहीन कर रहे हैं। कि अल्लाह ऐसी घटिया चीजें क्यों बोला है कुरान में? जबकि औरतों में तो मर्दों से ज्यादा अकल होता है।
देखो, अगर यहां परमान हो रहा होता। सुनो, सुनो। अगर यहां पर पुरुषों का अपमान हो रहा होता ना, तो यहां मेरे ऊपर जो प्लेट बैठा है, ये और मैं, हम दोनों पुरुष हैं। हम यहां पर बैठे नहीं होते कभी भी। समझे? हम इक्वलिटी जाहिर। हम इक्वलिटी प्रूफ कर रहे हैं। और तुमसे तीन-चार अलग-अलग चीजों का पूछा गया। तुम्हें तीन-चार चीजें का पता ही नहीं है। अपने यानी कि देश के राष्ट्रपति का तुम्हें नहीं पता। तो अब उससे ज्यादा बच्चों वाला सवाल क्या होगा? हम ये साबित कर रहे हैं कि कुछ चीजों का अगर हमें नहीं पता हो सकता, महिलाओं को नहीं पता हो सकता, तो कुछ चीजों का पुरुषों को भी नहीं पता हो सकता। इक्वलिटी होना चाहिए। इधर क्या दिखा रहा है? ये तुम्हारा अल्लाह क्या कह रहा है? ये है पॉइंट। क्या समझ आ रही है आपको बात?
मैं ये बोल रहा हूं के आप लोगों को सिर्फ एक चीज नजर क्यों नहीं? क्यों आता है? ये मुसल। इस्लाम में जो औरतों को जो हुकूक दिए गए हैं, वो सब क्यों नहीं नजर आता है? कौन सी एक ही चीज आपको नजर आती है? जरा गिना दे।
हाँ, हुकूक जरा गिना दे। हुकूक गिना दें। का कमाई करना जो है, कामकाज करना, रिस्क हासिल। रिस्क हासिल करना। बीवी को जो है, बीवी बच्चों को हम रिस्क लाना। ये किसकी जिम्मेदारी है? ये मर्दों की। क्यों? क्यों आप आप उनको क्या? क्यों?
वो आपको कहते हैं कि अरे, सुनिए मेरी बात। क्या औरत कहती है कि आप हमें घर पे? अरे, सुनो, सुनो मेरे भाई। औरत कब कही आपसे कि आप हमें घर पे बैठा के रोटियां दो कमाकर लाके खाने? उसने कभी नहीं कहा कि हम, हम काम कर लेंगे खुद। या आप, आप जब जाते हैं, तो आपको नहीं लगता है कि आप जब खाना घर आकर के आप जैसे रेस्टोरेंट में खाना खाते हैं, वैसे घर में आपको खाना बन के मिलता है। उसमें मेहनत नहीं लगती है। वो जो खाना आपको, आपके लिए तीन टाइम वो बनाती है, तीन टाइम खाना, कपड़ा, बर्तन, झाड़ू, पोछा, आपके बच्चे का देखरेख। अगर उसके लिए आप अगर पेमेंट करो ना, तो आपके पूरे महीने की सैलरी खत्म हो जाएगा। अगर कोई आप घर पे स्टाफ रखते हैं, तो। तो वो भी तो आपके लिए काम कर रही है।
मैं इससे इंकार नहीं करता हूं। वो भी बहुत मेहनत करती है। ये बात। फिर आप ये बात। ये बात आप कैसे कह दिए कि हमको उसके लिए रिस्क कमा के रहते? तो आपके लिए भी तो वो खाना बनाकर तैयार करती है। आपके बच्चों को पैदा करती है। आपके घर, अपने आप, अपने के बच्चों, आपके जितनी भी जरूरत की चीजें हैं, सभी चीजों की वो रक्षा करती है आपके पीछे। फिर आप ऐसा कैसे कर सकते हैं?
ऐसा कहां कर रहा हूं? वो ठीक है। बहुत मेहनत करती है। बात है। लेकिन उससे ज्यादा मेहनत करती करता है मर्द। कैसे? मर्द करता है। आप एक बार जाते हैं ऑफिस, ऑफिस जाते हैं या जो भी आप काम करते हैं, दिन भर काम करके आते हैं और सीधा आप घर में आकर के पसर के खा पी के सो जाते हैं। पर आपने सोचा है कभी कि लड़कियां कितनी काम करती है सुबह से शाम तक?
इंकार, इंकार तो आप कर रहे हैं ना? आप कर रहे हैं पसर के सो जाते हैं। आप कैसे बात? नहीं, आप यह कंपेयर ना करें। आप यह कंपेयर ना करें कि जो मतलब के, लड़कियां जो होती है, मर्दों से, मर्द ज्यादा काम करता है, लड़कियां कम। ऐसे ना बात करें। ठीक है? ये बातें बिल्कुल सूट नहीं करती है।
ये हमें आपस की बात नहीं कर रहे। हम बात कर रहे हैं कि अल्लाह जो है, ठीक है? वो ऐसा क्यों किया? मुझे अल्लाह पे। अल्लाह ने ये चीजें कहा है ना। अल्लाह ने ये चीजें कहा है कि औरतें जो है, वो कम अकल है। और मुझे इस बात पर मुझे गुस्सा आता है कि मेरा अपमान अल्लाह ने क्यों किया? क्या हम एक मर्द से कम अकल हैं? हम किस एंगल में मर्द से कम है? ठीक है? किस एंगल में? एक भी पॉइंट ऐसा बताइए जो एक औरत नहीं कर सकती। कोई भी ऐसा चीज बताइए जो मर्द, मतलब औरत जो है, वो नहीं कर सकती।
मैं वही बोल रहा हूं। कर सकती है। लेकिन उस तरह नहीं जिस तरह मर्द कर सकता है।
फिर वही बात। उस तरह नहीं कर सकती। इस तरह नहीं कर सकती। ये क्या लॉजिक है भाई? ये क्या लॉजिक है? अब मर्द कहेगा कि मेरे जैसा उसका बॉडी एकदम सेपरेट नहीं है। उसके बॉडी में कुछ उभार है। तो भाई, उसका जैसा बॉडी है, वो वैसा ही रहेगा ना। मेरे जैसा नहीं कर सकती। क्या है? मतलब, आप सर से करते हैं, वो पैर से करती है क्या? आप हाथ से जो काम करते हैं, वो पैर से करती है क्या? आप मुंह से बात करते हैं, तो वो आंख से बात करती है क्या? गजब का लॉजिक है।
वो समझ नहीं पा रहे हैं आप। नहीं, आप जो बात है ना, आप नहीं समझ पा रहे हैं। हम आपको अब ये समझा रहे हैं। आप समझिए आगे बात को। हम आपको दो-तीन पॉइंट देते हैं। ठीक है? एग्जांपल के तौर पे आप ले लीजिए। अगर आपकी अम्मी और आपकी अब्बू। ठीक है? आप किनको ज्यादा अकलमंद मानते हैं? अपने अब्बू को या आपकी अम्मी को?
अब्बू को।
अब्बू को? क्यों? अब्बू ने ऐसा कौन सा तीर मार दिया जो अम्मी नहीं मार पाई?
जानता हूं ना। जानता हूं।
तो यहां पे बता दीजिए ना। क्या हम आपसे नाम थोड़ी एड्रेस थोड़ी ना पूछ रहे हैं? आपसे बात पूछ रहे हैं कि अब्बू ने कौन सा तीर मारा जो अम्मी नहीं मार पाई।
वो बात करो। वो आप, आप जो सवाल किए थे, जवाब आपको मिल गया।
अरे, जबरदस्ती का मिल गया। आप खुद नहीं। आपको खुद नहीं समझ आ रहा है बात। आप हमें क्या मतलब कि जवाब दे देंगे। हम आपसे पूछ रहे हैं कि कौन सा तीर आपके अब्बू ने मारा जो आपकी अम्मी नहीं मार पाई।
हर मामले में देखता हूं।
कौन से मामले? एक-दो समझाओ।
भाई, हर मामले का अगर मेरे पास भंडार पड़ा है, तो दो-चार तो हम मामले बता ही सकते हैं ना।
मैं वो मामला यहां मत सुनिए आप।
अरे, क्यों? आप यही कहना चाहेंगे ना कि अब्बू जो है, बच्चे पैदा कर सकते हैं। राइट?
नहीं, नहीं यार। मतलब, हमेशा आप जो है, नेगेटिव सोच होता है आप लोगों का।
नेगेटिव नहीं। नेगेटिव नहीं। ये एक पॉइंट है। अरे, नेगेटिव में मत ले जाओ। नेगेटिव, पॉजिटिव में मत ले जाओ। तो ये एक पॉइंट है। ये एक पॉइंट है कि ठीक है। आप आगे बात करो। ये एक पॉइंट है।
तो फिर किस एंगल में आप बात करना चाह रहे हैं? मैं देखा। वही मैं बोल रहा हूं। आपने जो पूछा, उसका जो...
सवाल पूछा था उसका जवाब आपको मैं दे दिया। मैं ज्यादा जो है क्या दे? एक बार फिर से दे आप एक बार फिर से दे दीजिए। शायद पब्लिक ने सुना है। अभी 300 प्लस लोग देख रहे हैं। बता दीजिए एक बार फिर से कि क्या जवाब दिए?
देखो जितने देख रहे हैं गाइस आप लोग सुनिए एक बार क्या जवाब देते हैं हमारे मोमिन भाई। दे दिया हूं मैं जवाब। इससे ज्यादा जवाब क्या दो? क्या दे दिए? एक बार रिपीट तो करो क्या दे दिया जवाब आपने? मैं मैं थोड़ी बता सकता। मैं ये बोला हूं कि अब इसमें सब मर्द आ गए सबका बाप आ गए जो भी हो। क्या? अरे यार ये आधा बोलते आधा अपने मुंह में ही रख लेते हैं। सुनते नहीं ना इसीलिए मैं। अरे मैं बोल रहा हूं क्या बोला? अब आप खास पूछ रहे हैं कि आप मानते हैं ऐसा? मैं जब बोल दिया कि मर्द हर चीज में थोड़ा आगे रहता है तो अब इसमें हर मर्द आ गया ना। अब आपका बाप आपका मां ये पूछना सही नहीं। इसमें हर किसी का बाप आ गया। हम सबके बाप का ही बारे में बात कर लेते हैं। हम सबके बाप का बाप जो थे ना उसके बारे में ही बात कर लेते हैं। ठीक है? मोहम्मद साहब जो थे जो मोहम्मद साहब थे। ठीक है? मोहम्मद साहब को तो आप अपने बाप मानते ही होंगे। सबके बाप मोमिनों के सारे मोमिनों के बाप मानते ही होंगे। इसमें कोई शक नहीं। चलिए ठीक है। तो आपको पता है कि मोहम्मद साहब जो थे वो काम कहां करते थे? नौकर कहां थे वो? नौकर? जी हां वो पहले तजारत करते थे हजरत खदीजा के यहां कपड़ों का तजारत करते थे। नौकर थे उनके घर पे काम करते थे। ठीक है? नौकर मत हो तजारत कर रहे थे। तजारत नहीं होता है। नौकर थे। नौकर थे उनके घर पे। मतलब मतलब आपकी बात को हम सच माने या कुरान हदीसों की बात को सच माने? आप बता दो आपकी बात सच है या फिर कुरान की बात सच है या हदीसों की बात सही है? आप जो आप जो बोलोगे वही हम मान लेंगे। अगर आप सही है तो आपका कुरान हदीस गलत गलत बोल रहा है। आप बोल दो आपकी बात सही है या कुरान हदीस की बात सही है? कुरान हदीस की बात सही है। हां कुरान कुरान हदीस की बात सही है। तो चलिए तो उसमें है कि वो नौकर थे। ठीक है? अब आप भी बोलिए लिखा है कुरान और हदीसों में ये लिखा है। ठीक है? कि उनके घर पे वो काम करते थे। घर पे तिजारत नहीं होता है। सुनो सुनी? अरे सुनो तो बात तो पहले कंप्लीट हो जाने दो पहले। हां तो आप बात कीजिए ना। हां। उनके अंडर काम करते थे। राइट? अरे उनके अंडर काम करते थे ना? आप यह दिखाइए ना दिखाइए ना? हम दिखा देंगे। अरे वो हम दिखा देंगे वो हम दिखा देंगे। पहले आप ये बताओ उसके अंदर कहां उस उनके बॉस कौन थे? मोहम्मद साहब थे या उनकी जो बीवी बाद में बनी वो थी? कहां है नौकर दिखाइए? अरे वो दिखा देंगे रिलैक्स रहो। पहले हम वो दिखा देंगे ना आप टेंशन क्यों ले रहे? बिना बात का ऐसे नहीं कर रहे कि आपको कुछ भी बोले जा रहे। ठीक है? आप ऐसे बोले नौकर थे नौकर थे नौकर थे। आप ऐसे बोले आप पहले दिखाइए? अरे एक बात सुन एक बात सुन मान ले मान लो कि तुम जो है वो किसी के पास मान लो कि तुमने कहीं पे जॉब की है। ठीक है? तुम वहां पे क्या कर रहे हो? नहीं एक मिनट सुनो। किसी के पास जॉब कर रहे हो। तुम किसी के पास जॉब कर रहे हो। तुम किसी के पास हो तो वहां के तुम मालिक कहलाओगे कि नौकर कहलाओगे ये बताओ। नहीं अरे तुम्हारे पास ना तो मिसाल तुम्हारे पास लॉजिक है ना तुम्हारे पास मत। ना तुम्हारे पास नॉलेज है ना तुम्हारे पास अपने कुरान को दफा करने की कोई थप्पड़ है ना तुम्हारे पास हदीस को दफा करने की थप्पड़ है तो तुमसे किस तरह से बात करें? लॉजिक से ही बात हो सकती है खाली एग्जांपल से बात हो सकती है। मैं तुमसे कह रहा हूं मान लो तुम कहीं पर काम कर रहे हो ठीक है? नहीं एक बड़े पोस्ट पर हो अगर ये बड़े पोस्ट पर भी है ठीक है? ये तुम कहीं बड़े पोस्ट पे भी हो तो वहां के जो बॉस है तो तुम उसके नीचे काम कर रहे हो या उसके ऊपर? वो तुम्हारे मालिक हो या तुम उसके मालिक हो बताओ। ठीक है? वो जियारत ही कर रहा था। जियारत नहीं होता। अरे बोलो ना आप बोल रहे जियारत जियारत क्या है? जियाारत जियारत यार जियारत तो इबादत हो गया आपत? जियारत आप बोल रहे हैं जियारत क्या हो गया इबादत? जियारत इबादत है? हां जियारत करना होता है ना। तुम आगे तो बढ़ो। आप बोल रहे हैं जियारत इबादत को कहते हैं। जियारत इबादत है। अरे बिजनेस करता था। राइट? कपड़े का बिजनेस करता था। तुम पकड़ के बैठो। अरबिक भाषा। मुझे नहीं पकड़नी अरबिक भाषा। जो लैंग्वेज है हम इंग्लिश पढ़े, हिंदी पढ़े, उर्दू पढ़े। तुम अरबी पकड़ के बैठो। जियारत, तिजारत जो भी पकड़ना है वो पकड़ लो। ठीक है? बात पॉइंट पे पक करो। कि नबी क्या करता था? का मतलब अरे भाड़ में जाए जियारत और तजारत। भाड़ में जाए जियारत और तजारत। बात ये करो कि तुम्हारे नबी साहब क्या करते थे? किनके किन के नीचे काम कर रहे थे? एक औरत के या उसके वो मालिक थे या वो मालिक थे? पहले आप मुझे दिखाइए कि वो नौकर थे। हद से दिखाइए। अच्छा उसके बॉस थे। उसके बॉस थे वो। अरे तेरे को बॉस थे। एक मालिक है तो उसका अपोजिट उसका नौकर होगा कि नहीं होगा? अबे डंकर इतनी छोटी सी बातें को समझ में नहीं आई। तू कह रहा है औरतें आधी अकल की होती है। मैं नहीं समझूंगा। ये खुद बोल मेरी बात मानिएगा या कुरान हदीस की बात मानिएगा? मैं बोला कुरान हदीस की बात मानेंगे। मैं देखना चाहता हूं। वही चीज अरे तो वही चीज अरे मतलब क्या दिमाग लेके आए यार? कैसे आप ठीक है। सुनो मेरी बात। तुम बहुत बड़े सुनो सुनो सुनो सुनो। तुम बहुत बड़े पोस्ट पे काम कर रहे हो। ठीक है? समझ आ रही है बात? बहुत बड़े पोस्ट पे हो। बहुत बड़े पोस्ट पे हो। ठीक है? अभी देखो। अरे सुनो मेरी बात। बीच में मत बोलो यार। इसको एक मिनट के म्यूट करो ब्लेड भाई। ये बहुत मतलब बीच में सुनते ही नहीं बात को। आप एक बहुत ऊंचे पोस्ट पे हैं। ठीक है? बात समझिए। आप एक बहुत ऊंचे पोस्ट पे हैं। लेकिन आप उसके मालिक नहीं है। ठीक है? कोई बॉस हैं आपके तो आप उसके नीचे काम कर रहे हैं या वो आपके नीचे काम कर रहे? आप मालिक है या नौकर है? क्या है? आप बताओ अब ऐड करो जियारत और तिजारत पे लटक रहा है बताओ आप गलत बोलेंगे तो मैं बोलूंगा ना जियारत बोल रहे हैं तो उसका मतलब भी समझा? अरे फिर वही हम चाहे आलू बोले चाहे आलू दम बोले उससे मतलब क्या है? बात पॉइंट पे करो ना भाई उससे फालतू की बातें क्यों करनी पॉइंट पे बात करो ना। जियारत तिजारत को छोड़ देते हैं हम बात कर लेते हैं कि आप जिसके आप बहुत ऊंचे अभी जो आप जहां पे भी आप जॉब जॉब कर रहे हैं। ठीक है? आप जो भी बिजनेस कर रहे हैं, आप बहुत अच्छे पोस्ट पे हैं। बहुत हाईएस्ट पोस्ट पे। लेकिन आपसे भी ऊपर कोई है तो आप उसके नौकर हुए या वो आपके नौकर हुए। ये आप क्लियर करो मुझे। ये कौन किसका नौकर है ये मैं नहीं जानता। मुझे ये आदेश चाहिए। अच्छा ये आप नहीं जानते तो ठीक है। अब आपसे बात करने का कोई मतलब ही नहीं। जब आपको यह नहीं पता है कि हम जिसके पास काम कर रहे हैं, हम उसके नौकर हैं या मालिक हैं। आपको इतना सेंस नहीं, इतना बुद्धि नहीं ऊपर वाले ने दिया है, तो आप क्या बात कर रहे हैं कि लड़कियों से ज्यादा अकल होता है मर्दों में। या आप साबित कर रहे हैं कि आपके पास कितनी अकल है। जब आप यह नहीं समझ पा रहे हैं कि मतलब किसके पास कितना अकल है। मर्दों के पास और औरतों के पास यह नहीं आप डिसाइड कर पा रहे। नौकर और मालिक में मतलब अंतर नहीं कर पा रहे। तो क्या ही बात करना यार आपसे? निकल गए निकल गए। देख लो भाई लोग मतलब ऐसे लोग होते हैं ये जियारत और तिजारत पे अटैक करके बात को मतलब ये अलग वे में लेके जाना चाहते हैं। ठीक है? अब हमें वर्ड से मतलब नहीं है कि हम क्या बोल रहे हैं क्या नहीं। ये पॉइंट में बंदा आ ही नहीं रहा है। अच्छा ये जो भी बातें हुई कम से कम हमें एक जीती जागती एग्जांपल मिल गई आधी अकल वाले मर्द की जो अभी ये करके गया है भगिया मार के गया है। बिल्कुल बिल्कुल अभी हमें एक हां अभी एग्जांपल देते हैं बट ठीक है। अभी हमारे सामने एक एकदम प्रैक्टिकल के साथ एग्जांपल मिल चुका है। तो हमारे साथ एक कोई जुड़ रहे थे ब्लेड भाई इमाम करके ऐसा कुछ एक तो चाचा जी हैं उनको जरा चेक कर ले अपने वाले चाचा जी हैं तो ठीक है चाचा जी को अभी हां अभी हम नॉन मोमिनों को ना लेंगे अभी पहले हम मोमिन से बात कर लेते हैं बस चेक कर लेते हैं चाचा जी माइक खोलो बोलो हेलो हां हां ठीक है ठीक है अपने वाले हां ठीक कोई बात नहीं चाचा जी थोड़ी देर वेट कीजिएगा पहले मोमेंट्स को ले ले आपको आपको भी ले जी जी जी रहमान भाई अभी हम लोग ना चलिए अभी अगर कोई मोमिन आते हैं तो एक ये कौन है भाई ब्लेड भाई क्या इनका एम लोगो आ रहा है ये करके आप लेंगे लेआउट चेंज करके मुनीब मुनीब मुनीब मुनीब भाई है जी मोमिन है ये माइक स्टेज पर है माइक खोलो भाई हां मुसलमान अल्हम्दुलिल्लाह अल्हम्दुलिल्लाह जैसे कोई कोई कुल पढ़ दे या फिर क्या बोलते हैं सूर नास पढ़ दे कुछ भी करो दिखाता हूं ये ये सामने उर्दू पढ़ने आती है भाई उर्दू पढ़ने आती है आपको उर्दू नहीं आती है इंग्लिश ओनली इंग्लिश इंग्लिश आती अच्छा चलिए तो आप कोई आयत सुना दीजिए प्लीज जाइन पहले आप मुझे ज्वाइन करो मैं दिखाता हूं आपको मेरे को जॉइ तो करके रखा है आपको अब कैसे ज्वॉइ करें हां क्या बात जो आपने इसका आर्गुमेंट दिया था दिस आर्गुमेंट आर्गुमेंट को साइड रखते हैं अभी आर्गुमेंट को साइड रखते पहले आप एक बार कोई भी आपको जो अच्छा लगे वो एक आयत पढ़ दीजिए सूरज सॉरी कोई भी सूर पढ़ लीजिए ना कौन सी सूर यार सूर काफिरून पढ़ो सूर यासिन पढ़ना मेरे भाई आप पहले ये प्रूफ कर दो कि आप एक्टिस मुस्लिम ही हो समीर हम एक मिनट नहीं जिसके स्टेज पे आए हो उसके रूल को फॉलो करना पड़ेगा समझे रोल क्या है? रोल ये है कि पहले तुम साबित करोगे सूर काफून पढ़ के कि तुम मुस्लिम हो फिर बात शुरू होगी टॉपिक के ऊपर बस। हां पहले आप सुनो। अरे पढ़ दो यार। ऐसे बहस नहीं करो। ठीक है? अगर नए आए हो चैनल पे तो जाके पुरानी वीडियोस देखो। ठीक है? इतना टाइम नहीं है कि हम तुमको दे देने बैठे। ठीक है? तुम्हारे बातों में आके टाइम वेस्ट करें। बहुत टाइम नहीं है मेरे पास। 11:00 बज चुका है तो आप बात करना है तो करो ना कुछ भी एक फिर सुनो अगर ये हम इसलिए नहीं करते अरे मेरे भाई हम इसलिए नहीं करते तुम्हारे ईमान को कमजोर ताजा करने के लिए नहीं करते ये इसलिए करते हैं जो नीचे हमारे जितने व्यूअर्स बैठे होते हैं ना उनको लगता है कि ये कहीं नॉन मोमिन तो नहीं है ना इसके लिए करते हैं भाई समझा करो बात को फिर तुम ही लोग आकर कहोगे कि ये हिंदुओं को बैठा के इस पर डिबेट कराता है सुना दो अगर कुछ आता है तो इसको क्या चला गया या किसी ने पीछे हटाया? नहीं नहीं है। है कोई नहीं शायद अगर अगर मुझे कोई नहीं आती है तो अगर बात करनी है तो हम पता कर वो हमें पता है कि आपको हम साबित कर लेंगे ना फिर दूसरे क्वेश्चन आपसे पूछेंगे जिससे हमें पता चले कि आप मोमिन है ताकि लोगों को पता चले कि आप मोमिन ही है ना कि एक नॉन मोमिन है। चलो दूसरा क्वेश्चन बताओ। हां चलो दूसरा क्वेश्चन बता दो। ये दूसरा क्वेश्चन आता है। अरबी कुछ नहीं आता है। पूरा क्लास सुना दो। ये दूसरा क्वेश्चन सूरलास सबसे छोटा है यार। इतना भी नहीं आता है क्या? सूर इलास मतलब होता है कुल। कुल यार कुल वाला हद होता है। क्या है? ये फेक है। मुझे तो लग रहा है फेक है। इसीलिए इसको कुछ नहीं। रहमान भाई पता है बहुत सारे इंडिया के जो मुसलमान होते हैं ना उनको पता ही नहीं सूर इलास किसको बोलते हैं। पता है आपको? अच्छा चलो सूर फलक किसको बोलते हैं? सूर नास किसको बोलते हैं? मैं सुनो सुनो सुनो। कुल अहद अल्लाह इज वाह। वाह निकल ले भाई। ये मोमिन है ही नहीं है। मोमिन का ये टंग जो है ना बोलने का जुबान वो पहले से बैठा बैठा रहता है। उसको इतना गलत पढ़ ही नहीं सकते। कितने छोटे हो यार तुम लोग? हां। ऐसे क्यों बोलते हैं कि हम मॉम ने क्या है मसला? ट्रांसलेशन के साथ में ट्रांसलेशन के साथ में ट्रांसलेशन के हिसाब से वो बाद की बात कर ले पहले झूठ क्यों बोलते कि हम मोमिन है नॉन मोमिन हो ना निकलो यहां से अरे निकालो यार ये नॉन मोमिन है झूठ बोल रहा है मतलब देख के क्या ये देख के पढ़ रहा था पता है ये कोई मतलब कहीं पे भी वो देख के पढ़ रहा था जो देख के भी पढ़ने नहीं आ रहा करद और क्या बोला? अरे दीदी ट्रांसलेशन निकाल रहा था। कहता है भाई नकल के लिए भी अकल चाहिए। क्या किया जाए? इन लोगों के पास अकल भी नहीं है। हम क्या बोले बताइए? नकल के लिए भी अकल चाहिए होता है। दीदी बच्चे से डिबेट करना है। बच्चे से डिबेट करना है बच्चे से? रबी कुल ये कौन है? अरे ये अपना रकीब है। अच्छा रकीब ये अपना बांग्लादेशी भाई है छोटा। नहीं नहीं यह मोमिन नहीं है। अरे ये कुरान कुरान कुरान ओनली है। प्लस प्लस प्रो सब कुछ है ये। अच्छा तो ये अगर कुरान ओनली है तो इससे तो मैं तो बात कर सकता हूं लेकिन एंजेल दीदी से पूछ लें। एंजेल से हां बिल्कुल बिल्कुल बात करेंगे। अभी देखते हैं एक सेकंड इनसे ये मोमिन है तो फिर बात करते हैं। तब तक हम अपने टॉपिक पे भी आकर बात कर लेंगे। जो हमने पॉइंट्स बनाए हैं उसको क्लियर करते हैं। क्या बोलते हैं ब्लेड भाई? अभी इसको क्यों लगा? शेयर कर दूं? हां। एक सेकंड मैं ये हटा देता हूं यहां से। हां। और इसको ये वाला ऊपर ले लेता हूं। है ना? हम पॉइंट। अच्छा ये वकास खान कौन है यार? वकास खान। अरे ये अपना अपना वाला आकाश है ये वो है बहुत टाइम हो गया नाम तो जाना जाना पर लग रहा है पर ध्यान नहीं आ रहा है कौन है क्योंकि बहुत टाइम हो गया ना बहुत सारे लोग खान जो है ना ये वकास खान जो है वो 90% एक्स मुस्लिम है 10% रह गया है बस हां वकास खान नाम तो सुना सुना सा लग रहा है बट याद नहीं आ रहा है कौन है। जितने लोग देख रहे हैं एक बार फिर से रिपीट कर देना चाहते हैं कि जो लोग सपोर्ट करना चाहते हैं भाई वो क्यूआर कोड पे सपोर्ट कर सकते हैं। चैनल डीमोनेटाइज है इसलिए सुपर चैट और मेंबरशिप वगैरह कुछ नहीं अभी इस पे हो सकता है। तो आप लोग बैकअप चैनल को सब्सक्राइब कीजिए। उसका वॉच टाइम कंप्लीट कीजिए। फिर आप उसपे सुपर चैट और मेंबरशिप भी ले सकते हैं। फिलहाल जो है यह क्यूआर कोड पे आप सपोर्ट कर सकते हैं। थैंक यू सो मच। तो आगे बढ़ते हैं। जी जी मैं वकास खान यार वकास खान वकास खान अच्छा चलो एक बार इसको ज्वाइन कर अरे वो अपना चाइनीस डॉक्टर वकास खान यार दीदी आप क्या सब भूल गया हां यार ठीक है एक बार ऐड करते हैं शायद मुझे याद आ जाए वकास खान वकास खान यार पता नहीं क्यों मतलब याद नहीं आ रहा है। हेलो हेलो जी बोलिए वकास खान जी स्वागत है मेरे चैनल पे आपका जी कैसे हो आप लोग एकदम ठीक-ठाक जी अभी मैंने थोड़ी देर पहले सुना आपने सूरत इ्लास पढ़ा आप किसने पढ़ा किसने अरे ये अपना वाला वकास नहीं है नहीं कोई और इस्लाम पर बात करते हो और आपको खुद सूरत इला्लास पढ़ना नहीं आता है तो कितना रोने का मुकाम है पढ़ा है अभी यहां पे अभी कोई पढ़ा ही नहीं मोमिन पढ़ के गया इसलिए उसको निकाल दिया वो उल्टा पुल्टा पढ़ रहा था फिर हमने उसको निकाल दिया आपने पहली आयत पढ़ा सूरत इलास की वो भी गलत पढ़ा एक ही आयत नहीं पढ़ सकते नहीं पढ़े जाहिल इंसान वो पढ़ के गया इसलिए उसको निकाले बाहर चलो तो फिर आप पढ़ के सुना दीजिए मुझे ताकि मुझे मालूम हो कि आपकी आपको कितना इस्लाम के बारे में आप निकल लो आप आप लोग निकल लो ठीक है आपको जांचना है ना तो आप हम ये यहां पे चार साल 5 साल से काम कर रहे हैं आप जाके मेरे पुराने से पुराने जाके वीडियो देखो आप नए हो पर हम पुराने आप जाओ और जाके कहीं पे और चेकअप कराओ ठीक है बात करनी है तो अभी पॉइंट पे करते हैं आपको यहां पर बताना होगा कोई कुल पढ़ना होगा कुछ भी पढ़ना होगा ठीक है कोई आयत पढ़नी होगी आप मेरे ऊपर मत आओ यार ये चेंज करके रखो भाई। मैं तो पढ़ सकता हूं। सब कुछ पढ़ सकता हूं। अल्हम्दुलिल्लाह लेकिन मुझे यही भाई ये सूर बकरा की आयत लगाइए। दो हां ये सूर बकरा की आयत लगाइए। ये सब पढ़ लेंगे। ब्रेड भाई ये लगाओ। हां ये अभी पढ़ते हैं भाई हमारे। चलिए यह लीजिए उर्दू आ गया। अब थोड़ा जूम कर दीजिए इसको। हाईलाइट से स्टार्ट कर दीजिए। इतना इतना इनसे उनसे उनसे उनसे जानते सुबह से शाम हो जाता है। भाई हाईलाइट से स्टार्ट कर दो। जूम कर दे। जी ज़ूम कर दो। मुझे बताइए कौन सी बता कौन सी आयत है? एक एक सेकंड थोड़ा जूम कीजिए। ये 282 282 है। ये किसकी साइड से नॉइस आ रही है भाई? भाई वकास भाई माइक अन म्यूट करके म्यूट करके बोलिए वकास भाई जी जी ये सूरत बकरा की जो लंबी आयत है उसकी बात कर रहे हो आप लोग थे हां उसमें ये ये पॉइंट को आप हाईलाइट कर दीजिए ना ब्लेड भाई जो थोड़ा डार्क में लिखा वह लाइट कर रहा है ना जो डार्क वाला उस पे कर दो और ज़ूम करना है भाई ये बताओ आप नहीं मैं शुरू से पढूंगा ताकि समझ में आएगा सूरत बकरा की जो लंबी आयत है ताकि किसकी बात हो रही है और किसकी बात नहीं हां यहीं से स्टार्ट है तो अब इसमें हम क्या कर सकते हैं बताओ ये स्टार्टिंग से ही आपको दिखाया जा रहा है तो ऐसे आपको मुझे क्या मालूम या किसी को क्या मालूम कि इसके शुरू में क्या है और आखिर में क्या है अगर आप बीच में से दो तीन हफ सुनिए आप अपने कुरान शरीफ को ले आइए आप अपने कुरान शरीफ को ले आइए और फिर अपने साइड से आप स्क्रीन शेयर कर दीजिए हम स्क्रीन शेयर कर देंगे ठीक है आप कुरान शरीफ खोल लीजिए हम वो शेयर कर देंगे नहीं मेरे पास तो सिर्फ मोबाइल ही है मैं ऐसा नहीं शेयर कर सकता हूं लेकिन आप स्टार्ट करो सूरत हदीस अरे हदीस अभी नहीं सू बकरा पी रहे हैं दीदी आवाज चली गई आपकी [संगीत] आवाज आ रही है? जी आवाज आ रही है विकास। जी मैं कहता हूं आयात को स्टार्ट से शुरू करेंगे ताकि समझ में आएगा आज सबका कि क्या कहता है। भाई हदीस है भाई ये। अभी तो बोल रहा था सूरत बका के टू 282 बोल कहां से आ गया इसमें [संगीत] रहमान भाई हो दीदी का आवाज चला गया हां मैं हूं चाचा चाचा जी स्टेज पर हो आप स्टेज पर हो चाचा जी अरे चाचा जी हैं तो फिर तो संभाल लेंगे थैंक यू थैंक यू थैंक यू बोलो भाई क्या कहना है यह चाचा जी ऐसा है कि एक मोमिन बन के आया है और यह कुरान में से कुछ भी नहीं सुना रहा है। सूर कुल भी नहीं सुना रहा है कोई सा भी। हां तो यार देखो मैं तो काफी सारी आयत और सब कुछ मालूम था। लेकिन मुझे अभी याद है दद इब्राहिम नमाज वाला और अयात और सूर पिनाक सूर रहमान ये सब भूल गया। आयतुल कुर्सी भूल गया। इसको पूछो कि आयतुल कुर्सी कुरान के जो कौन सी सूर में है जरा इसको पूछो ना और उसका नंबर क्या है इसको पूछो बताओ आयत कुर्सी सूरत बकरा में है 255 नंबर आयत और अत किधर है उसका नंबर क्या है जरा सुना दे भाई किसको अत अत ये तो नमाज है भाई इसका नंबर अरे यार मैं क्या बोलता हूं अतयात किधर है चल मैं तेरे को हिंट देता हूं अतयात है सुन नसाई उसका नंबर क्या है तूने बताया ना 255 तो अयात का नंबर भी बता दे याद ये तो हदीसों में आता है लेकिन पहले जो बताया अरे यार यार तुम टाइम करके फिर यार Google करोगे तो नहीं चलेगा। तूने बोला ना कि 255 सूर्य बकरा तो अयात हदीसों में किधर है? कौन सा नंबर है उसका बता दे। प्रेम जी प्रेमपा जी आपका स्वागत है। अरे टाइम मिल गया जी आपका स्वागत है। प्रेम पाजी सत श्री अकाल हेलो दीदी किधर गए थे? आवाज चली गई थी आपकी। अरे वो नहीं है। पता नहीं नेट का कुछ इशू चल रहा है। कुछ समझ ही नहीं आ रहा था। वो चले गए क्या? भाई ये कुरान की जो आयत है है ना सूर बकरा की ब्लेड भाई 282 है ना वो आयत में साफ लिखा है उसको आप लाकर जूम कीजिए ना रहमान भाई आप उर्दू पढ़ दो मुझे क्योंकि आप लैपटॉप से अगर है तो पढ़ दीजिए मुझे बहुत छोटा दिख रहा है अगर हम यहां से फिर निकले तो निकल ही जाएंगे एक मिनट एक मिनट दीजिएगा मुझे अगर वो है तो उनको ऐड कर लो। हां है। वकास जी आप एक बार पढ़ दीजिए प्लीज। अगर आपको पता है कि ये चीजें कुरान में है तो पढ़ने में क्या प्रॉब्लम है आपको? यह बताइए। वकास जी आपको आवाज आ रही है मेरी? हेलो वकास जी। क्या यार वकास जी अभी ये वकास नहीं बोलेगा हमारा टाइम जाया करेगा वकास जी प्लीज आगे बढ़े अगर बात नहीं करनी तो फिर हम दूसरे कॉलर को लेंगे प्लीज अगर आपको बात करनी है तो आप बात कीजिए अच्छा शायद वो नेटवर्क हो सकता है चलो ठीक है फिर हम हां एक बार लोगों को बता देते एक बार जूम ये हटाओ भाई। जी जी हटा दिया। या इसको जूम कीजिए थोड़ा सा और एक बार रहमान भाई आप इसको पढ़ो। एक मिनट। अरे भाई मेरे इसीलिए क्यूआर कोड हमने लगाया है। सुपर चैट नहीं हो सकता है मेरे भाई कमल भाई क्योंकि डीमोनेटाइज है चैनल। ठीक है? तो आप यहां पे कोने में देखिए ऊपर लगा हुआ है क्यूआर कोड आप उस पर सपोर्ट कर सकते हैं। पेट्रोन भी है मेरे डिस्क्रिप्शन में और आप जो चाहे उसप आप कर सकते हैं आपकी मर्जी। हां ये यही पे रखना मैं यहां से पढ़ता हूं। ठीक है। हां हां यही अरे ऊपर करो मेरे ब्लेड भाई थोड़ा सा। क्या आपको फुल स्क्रीन? अरे दीदी जब वेबसाइट वेबसाइट ज़ूम होती है ना तो ये पर्टिकुलर सेक्शन ज़ूम नहीं हो पाता है ये अच्छा थोड़ा सा ऊपर आगे चल अच्छा ठीक है पूरा ही दिखा दो कोई दिक्कत नहीं है थोड़ा सा पढ़ने में कोई ज्यादा टाइम नहीं जाएगा ऊपर कीजिए ऊपर कीजिए हल्का यहां से शुरू है देखो यहां से जो ब्लैक डार्क से स्टार्ट है वहां से स्टार्ट कीजिए ये सब तो बकवास इससे सुना उससे सुना उससे सुना कहां कहां से सुना ये सारा हटा दो नीचे से डार्क ब्लैक कलर जो डार्क है ना ब्लैक से वो लाओ आप हां यहां से सलीम हां पढ़िए सुन उे सलीम अबू तल्हा र की अल सलाम की खिदमत में हाजिर हुए और कहा कि अल्लाह ताला हक से हया नहीं करता क्या नीचे लेके आना एक लाइन नीचे लाओ क्या एतलाम हो गुसल वाज अरे यार क्या क्या कर रहे हो भाई पिटाई चलाने नहीं आता भाई ऊपर नीचे कर रखा है इसका कसूर नहीं इस्लाम पूरा ऊपर नीचे ही है इसका कसूर नहीं तो इस्लाम गुस्सल वाजिब हो जाता है तो रसूल्लाह फरमाया हां अगर उसे भी गुस्स करना होगा। ये अभी कुछ कट रहा है। हां अगर क्या है क्या कट रहा है? अरे ये मेरे पहला नंबर तो ये ब्लेड भाई को अब ये देखिए क्या लेकर के आए। सही अल बुखारी यार ये पिटाई खाएंगे। ठीक है। ये बुला हम कुरान की आयतें पढ़ रहे हैं। और ये सही अल बुखारी लगा के रखा हुआ है यार। दोस्त भाई भाई भाई क्या अरे दीदी जो पीडीएफ आपने शेयर किया था उसमें यही तो था ना अरे नहीं कुरान है यार भाई दो का देख आप एक बार पढ़ो ढंग से ब्लंडर कर रहा है भाई आप यार खोल ले भाई देख एक बार एक बार मेरा पॉइंट वाला लेके आओ सामने वहां देखिए क्या लिखा हुआ है भाई दो बोल रहे सूर बकरा है मतलब दो कुरान की आयत का है ना दो दूसरा का 82 लाना है भाई कुरान से लाना सुनना से मत लाना सुनना में नहीं होता हमारे चैनल पे अना हक जी आई है स्वागत है आपका अना हक जी कैसी हैं आप आ जाइए लेआउट भी चेंज हो रखा है गाइस फटाफट शेयर कीजिए और देखिए हमारे साथ बहुत सारे ये हैं कॉलर बैठे हुए हैं। ब्लेड भाई जब तक आप वो लाते हैं तब तक हम कॉलर से ही बात कर लेते हैं। पता नहीं आपको इतनी टाइम क्यों लग रही है लाने में। बट ठीक है। [संगीत] हमारे साथ बैक स्टेज मोमिन भाई जुड़े हुए हैं। हम उनसे बात करते हैं। एक भाई का तो दिमाग उन्होंने मतलब एग्जांपल देके चला गया कि क्या है? औरतों का अकल आधी है या मर्दों का साबित करके गए। स्क्रीन पे सब गायब है। प्रेम भाई आ गए। स्क्रीन पे सब गायब आ गए भाई। स्क्रीन सॉरी मैं थोड़ा काम था मैं बिजी था लेकिन मैं अब आ गया सत श्री अकाल सत श्री अकाल रहमान साहब आप कैसे हैं सब बढ़िया बढ़िया अच्छा कोई शेयर करने वाला है लैपटॉप ऑन करो ये सूर्य बकरा का प्रेम भाई 282 देखिए ऑन कर रहे हमारे ब्लेड भाई अभी तक के हम लोग को ये दिखा रहे थे सही आ जाएगी आ जाएगी आ आ गई आ गई आ गई। हां थोड़ा सा जूम कर दीजिए। इंग्लिश पढ़नी है तो इंग्लिश पढ़ लीजिए जो कंफर्टेबल हो। रहमान भाई पढ़ोगे या मैं पढूं? मैं मोबाइल से हूं। मुझे दिखाई नहीं दे रहा। बहुत छोटा दिखाई दे रहा है। मैं भी हूं तो मैं बोले एक मिनट ब्लेड ब्लेड पढ़ दो या मैं पढूं? आप ही पढ़ दो प्रेमा। यार अंग्रेजी तो पढ़ ले यार अरबी थोड़ी। अच्छा ये तो पढ़ लेंगे। चार चार चार पीछे अपना आशिक रसूल बैठे हैं। एक एक को ले लो। हां हां इनसे वही कह रहे हैं। वही कह रहे हैं हम उर्दू ले आएंगे फिर वो पढ़ लेंगे। हम लोग देख लेंगे। ऐसा करते हैं ना पहले मोमिन से हम बात कर लेते हैं। हां मोमिन से बात कर ले। फिर मगर मैं जरूरत पड़ी मैं पढ़ दूंगा। चाचा भी है। कोई भी पर्दे का इशू नहीं है। लेकिन चार भाई बैठे हैं। एक तो रियाज अली को ले लो पहले अल्लाह के फजल से। अल्लाह के फल से बात करते हैं। अभी एक विकेट तो गिरा है यहां पे। अरे रे मैंने तो मौका खो दिया। आज तो व्यूअरशिप भी बहुत अच्छी है। अच्छा जितने मॉडरेटर है ना यार बैकअप लिंक का डाल डालते रहो। मैं बार-बार कह रहा हूं। बैकअप लिंक डालते रहो। क्योंकि बैकअप चैनल को डिस्क्राइब सब्सक्राइब करना है। सब्सक्राइब करके वहीं जाना है क्योंकि स्ट्रीम वही चल रही है। जो मेन चैनल है हमारा वो डीमोनेटाइज है। बैकअप को कराना है भाई। प्लीज सब लोग बैकअप चैनल पे आ जाए। कासा गुरु जी की फते हां अभी कुछ नजर आया इंग्लिश चल रहने दो भाई रहने दो इसी को ज़ूम करना है बट अभी पहले कॉलर को लेते है दीदी कैसा है इससे ज्यादा ज़ूम करूंगा ना तो फिर वो ऊपर नीचे हो जा रहा है नहीं नहीं ठीक है ठीक है इतना बहुत है रहने दीजिए वो रहने दीजिए ठीक है वो हम देख लेंगे हम लोग अगर दूसरे साइड मोबाइल उधर इंग्लिश अगर अगर इंग्लिश में करो मैं इंग्लिश पढ़ देता हूं। अगर जरूरी है चलिए पहले अभी तो हम पहले मोमिन को लेते हैं। स्क्रीन कवर स्क्रीन कवर करो। ले आउट चेंज करके। हेलो रियाज अली भाई। रियाज अली भाई बोलिए। रियाज जी जी आवाज आवाज आ रही है जी बहुत अच्छी आवाज आ रही है स्वागत है मेरे चैनल पे आपका कैसे हैं आप अल्हम्दुलिल्लाह मैं ठीक हूं आप सुनाओ जी जी आप मोमिन है सर जी चलिए कोई आयत सुना दीजिए कोई कूल कोई सूर कुछ भी सुना दीजिए आप जो आपको अच्छा लगे जी जी जी बिलकुल बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर रहीम अम तसालून इनफदासा [संगीत] हेलो हां जी ठीक है आवाज आ रही है हां जी हां जी हो मैं पूरा मैं मैं पूरा पारा सुनाऊं क्या? नहीं नहीं बहुत हेलो मेरी आवाज आ रही है क्या? जी आ रही है। हां जी जी आप क्या सवाल पूछना चाहते हैं? पूछो भाई। हां चलिए भाई आप आज के टॉपिक पे क्या कहेंगे? किस चीज का टॉपिक है आज? क्योंकि मैं अभी आया हूं ना स्ट्रीम पर। अच्छा अच्छा ठीक है हम आपको बता देते हैं कि आज का जो टॉपिक है हमने रखा है औरतों का अपमान क्या करता है कुरान क्या गंदा है इस्लाम हां इसका पर्पस ये है कि ये जो हम ये टाइटल उठाए हैं औरतों का अपमान क्या करता है कुरान ये टाइटल हम इसलिए उठाए कि क्योंकि कुरान शरीफ के सूर अल बकरा में जो है 82 में जो आयत है उसमें कहते हैं कि मर्द से कम अकल होती है औरतें और और ये चीजें हदीसों में भी आती है। तो ये एक तरीके से ये मतलब एक औरतों के लिए हमारे लिए अपमानजनक शब्द है। जब अल्लाह ये चीज हमें कह रहा है। इंसान कहता है तो ठीक है वो उसकी अपनी सोच है। है ना? लेकिन अगर कोई अल्लाह ये हमें टैग दे रहा है। जिसने हमें बनाया है। है ना? जिसने मर्द को भी बनाया जिसने औरतों को भी बनाया। फिर वो ये कहता है कि मर्द से कम अकल हमने औरत को बनाया। तो हम ये पूछना चाहते हैं ये अपमान हमें क्यों कर रहे हैं? इतना अपमानित हमें क्यों किया जा रहा है? क्या उनके पास अकल थोड़ी कम गई थी कि मर्द को पूरा दे दिया औरत के टाइम में उनके पास घट गया था। है ना? चलो ठीक है। एक काम करते हैं ना कुछ और है। जी जी जी मैं बता रहा हूं। चलो एक काम करते हैं। रसूल्लाह सल्ला वसल्लम की हदीस से ही दिखा देता हूं आपको। हां हां क्या दिखाएंगे? प्लीज एक मिनट वेट करो क्योंकि मैं अपनी रेफरेंस वाली बुक निकाल लूं। रेफरेंस वाली बुक जी बिल्कुल निकाल लीजिए अगर आपको याद है तो आप मुझे बता दीजिए फिर हम इधर आपके स्क्रीन शेयर नहीं कर पाएंगे आप नंबर बता दीजिए हम इधर सयल बुखारी क्या है जो भी है जी जी बिल्कुल प्लीज बस एक मिनट वेट हां ठीक है हमारे साथ काफिर जी चैट में है क्या कह रहे थे किधर गया आज काफिर वालेकुम नमस्ते वालेकुम नमस्ते जहां तक मेरा ख्याल है हेलो जी हेलो हां जहां तक मेरा ख्याल है कि बात इस टॉपिक पर हो रही है कि इस्लाम
औरतों को उनके हक़ नहीं देता, उनकी इज़्ज़त नहीं करता। इसी बात पर हो रही है ना शायद? इज़्ज़त नहीं देता, ये तो एक अलग टॉपिक हो गया। यहां हम बात करें कि उनको कम अक़ल क्यों कहा गया? चलो, मैं आपको अजीब से ही दिखा देता हूं। बस एक, बस अक़ल का दिखाना भाई। इज़्ज़त और ये वो नहीं चाहिए। बस ये चाहिए कि उनको कम अक़ल क्यों कहा गया? हां, हां, हां। तो आप स्क्रीन पर खोल लीजिए अपनी। सही बुखारी 331। ब्लेड भाई, ज़रा मेरे को इंग्लिश में दिक्कत होती है, तो उर्दू में प्लीज। इधर ही, इधर ही। ये, ये भाई ने बताया। अब नंबर बताओ भाई। आप सही बुखारी 3331। सही बुखारी 331। क्या बोल रहे हो? 3131। ट्रिपल 31। ऐसा? हां, हां, यहीं। सही अल बुखारी उर्दू में ला दीजिए। उर्दू में ला दीजिए भाई। [संगीत] देखो, मैं के साथ मैं ज़्यादा देर तक बात नहीं कर पाऊंगा, क्योंकि मेरे फ़ोन में बैटरी नहीं है ना। अरे, बैटरी नेटवर्क। ऐसा क्यों होता है? मतलब, जब आप स्ट जॉइन करते हो, तो पता नहीं होता कि क्या आप पहले से ये सब चार्ज वग़ैरह कर ले। आधे घंटे से स्ट्रीम देख रहा हूं भाई। सॉरी सिस्टर, कोई नहीं। ठीक है। अब देखिए, अब एक, एक ऐसे, ऐसे लोग आते हैं अपंग दिमाग पे कि बात ही करने नहीं, समझ ही नहीं आता। वो ये देखिए, आ गया आप। एक ज़ूम कर दीजिए थोड़ा। ब्लेड भाई, बहुत छोटा दिख रहा है। [संगीत] ज़रा ऊपर कर देना भाई। ओवर कर देना। [संगीत] अच्छा, तो आप पढ़ कर सुनाएंगी या फिर? नहीं, नहीं, आप पढ़ लीजिए। नहीं, आप पढ़ लीजिए, क्योंकि हम मोबाइल से तो मुझे बहुत छोटा दिख रहा है। के साथ, मैं भी मोबाइल से हूं ना, तो मुझको भी बहुत छोटा दिख रहा है। रहमान भाई, रहमान भाई किधर गए? अपने रहमान भाई, मुझे तो बहुत छोटा दिख रहा है। रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम। अच्छा, मैं थोड़ा शॉर्ट में बता सकता हूं। मैं थोड़ा शॉर्ट में बता सकता हूं। ने फरमाया औरतों के बारे में मेरी क्या? हां, मैं थोड़ा शॉर्ट में बता सकता हूं। हां, बताइए। हां, इसमें मतलब है, जब अगर औरत को आदि अक़ल का कहा गया है, तो इसका मतलब औरतों की तोहीन नहीं है। ठीक है? इसका मतलब है कि जब नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम, मेरी बात सुनो ना। जब नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने अपनी कुल की हदीस में कह दिया कि मेरी, मेरी उम्मत, मेरी नसीहत मानना। ठीक है? मेरी ये नसीहत मानना। औरत टेढ़ी पसली से पैदा की गई है। यहां तक कि पसली में भी सबसे टेढ़ी पसली। कोई भी शख्स इसको सीधा करने की कोशिश ना करे और सिर्फ औरतों के साथ उसने सलूक किया करो। ये नसीहत दी है नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने औरतों के बारे में। बहुत अच्छा लगा। बहुत अच्छा लगा आपसे बात करके। वो कौन सा था यार, जो कुरान में ये कहता है कि तुम अपनी बीवियों को मारो संदेह होने पे? और वो कौन सा मतलब, जो लोग होते हैं, जो कहते हैं, ये कौन सा नबी है या जो भी है, हदीसों में ये कहते हैं कि औरतें कम अक़ल होती है। औरतें जो है, आधी अक़ल होती है। कहते हैं, क्या वो मतलब बिना सर पैर की बात? कोई लॉजिक नहीं है इस बात पे। ये कौन है भाई, ज़रा मुझे बताना। जी, शायद आपने अभी तक हिस्ट्री नहीं पढ़ी है ना, रब की? तो इसलिए आपको नहीं पता। किसकी नहीं पढ़ी है? क्योंकि आपने अभी तक हिस्ट्री नहीं पढ़ी है ना। हिस्ट्री नहीं पढ़ी? किसकी हिस्ट्री? हां। क्योंकि शायद आपको ज़रूरत है अभी पढ़ने की। मैं आपको फिर बता दूं कि जब ये आयत नाज़िल हुई। ठीक है? वैसे तो कुरान कयामत तक के लिए है। फिर भी, मैं इसका जवाब देने से पहले आपसे एक सवाल करूंगा। एक सेकंड रुक जाइए। आप नॉइज़ किसकी साइड से आ रहा है? प्लीज़ म्यूट कीजिए। ब्लेड भाई, आपके साइड से। किसके साइड से आवाज़ आ रही है? पता नहीं। बैक स्टेज। थोड़ी। हां, अब आप बात कीजिए। जी, जी। मैं ये बता रहा हूं कि जो आप आयत मेरे को दिखा रही हैं। ठीक है? हम, मैं उसका जवाब भी दूंगा इंशाल्लाह और मेरे पास उसका जवाब है भी। लेकिन उससे पहले, मैं आपसे अर्ज करना चाहूंगा। जी, मैं उससे पहले आपको अर्ज करना चाहूंगा कि मेरे को उस आयत की जो है, आप तफ़्सीर दिखा दे। तफ़्सीर कुर्तबी में से दिखा दे, तो ज़्यादा अच्छा होगा। मतलब, कुरान के भी तफ़्सीर देखने पड़ रहे हैं। हां। अच्छा, अच्छा। आप एक बात बताओ। ठीक है? आप जैसे कि एक्स-मुस्लिम हो, तो शायद आपको इतना पता होगा कि कुरान को समझने के लिए तफ़्सीर ज़रूरी है। ठीक है? जैसे, क्या आपको पता ही होगा। तो, मैं ये बोल रहा हूं आपको। अगर आप सिर्फ तर्जुमे में पढ़ोगे कि औरत को कम अक़ल का कहा गया है, तो आप तो ये सोचोगे ही ना। तो, ज़रा एक बार सबके सामने स्क्रीन पर जो है, उसकी तफ़्सीर दिखा देना मेरे को। तफ़्सीर कुर्तबी दिखा दो। तफ़्सीर बगवी, तफ़्सीर इब्ने अब्बास, तफ़्सीर कदीर। कुछ भी दिखा दो, चलेगा। चलिए, अगर तफ़्सीर से ये साबित नहीं होता है कि तफ़्सीर से आप क्या साबित करना चाहते हैं? वो ठीक है। वो हम ला देंगे। तफ़्सीर ब्लेड भाई ला देंगे। ठीक है। आप तफ़्सीर से क्या साबित करना चाहेंगे? कि दोनों मर्द औरतों का अक़ल बराबर है, या अल्लाह ने ये गलती से कहा है, या इसके पीछे जो बात कही है, उसके पीछे का भी एक और मतलब था। देखो, अगर कुरान में ये बात कही गई है कि औरतें कम अक़ल है। ठीक है? अब जब आप उसकी तफ़्सीर पढ़ोगी, उसमें, हां, मैं बोल रहा हूं ओपन लाइव स्ट्रीम में कि उसमें ये नहीं मिलेगा कि औरतें मर्दों के बराबर अक़ल वाली है, क्योंकि मेरे को खुदबा देना अच्छा नहीं लगता और ना ही ऐसे घुमा फिरा के। बोल रहे हो आप? मतलब कि ये रहेगा कि औरतें जो है, मर्दों से कम अक़ल है, या क्या रहेगा ये बताओ ना भाई? उसकी एक्सप्लेनेशन रहेगी कि क्यों है। एक्सप्लेनेशन गया तेल लाने। एक्सप्लेनेशन से हमको क्या मतलब है? ये तो, ये तो आप गलत कर रही हो ना? ये सुनो ना मेरी बात। हमें बात। अब देखिए, फिर वही बात। एक्सप्रेस मतलब उससे क्या लेना-देना यार? अब कोई तफ़्सीर में कुछ चीज़ को कैसे करके बयां कर रहा है, मतलब तफ़्सीर से हम अभी दिखाने के लिए रेडी है, लेकिन आप बताओ कि तफ़्सीर से हमें ये रिजल्ट निकलेगा कि नहीं? उसमें ये पता चलता है। तफ़्सीर कुरान में ठीक ऐसे मोटे-मोटे लिख दिया गया, बट तफ़्सीर में हमें डिटेल्स पता चलता है। हमें पता चलेगा कि नहीं, इसमें कहा जा रहा है कि मर्द और औरत दोनों की अक़ल बराबर? मैं तभी तो बोल रहा हूं ना। मैं तभी तो बोल रहा हूं। दोनों। आप पहले, नहीं, आप पहले। अभी, अभी देखिए, 400 प्लस लोग देख रहे हैं। 420 लोग, 15 लोग देख रहे हैं। आप बताओ यहां पे कि तफ़्सीर में ये चीज़ आएगा कि दोनों की अक़ल बराबर है। ठीक है? या मर्दों से ज़्यादा अक़ल औरतों में है। मैंने, मैंने कहा जाएंगे भाई। तफ़्सीर में हम जाएंगे, लेकिन ये तफ़्सीर में नहीं साबित होना चाहिए कि औरत जो है, मर्दों से कम अक़ल होती है। ये नहीं आना चाहिए। तभी हम जाएंगे तफ़्सीर में। फिर तफ़्सीर में जाने का क्या मतलब? जो चीजें यहां पे लिखा हुआ है, जो चीज वहां पे लिखा हुआ है। तफ़्सीर में जाने का क्या? आप ज़रा मेरी बात, आप ज़रा मेरी बात गौर से सुनिए। मैं कहना ये चाहता हूं कि इसकी। रुको, रुको, रुको, रुको। देखो, अब मेरे को बोलने दो ना। मैं ये बोल रहा हूं कि इसमें उस आयत की एक्सप्लेनेशन आएगी, इसका क्या मतलब निकलता है, क्यों कहा गया है, इसकी एक्सप्लेनेशन आएगी। ठीक है? अब जैसे कि आप एक्स-मुस्लिम हो, यानी पहले आप मुस्लिम थी, तो से सुनो मेरी बात। किसी भी एंगल से कहा गया हो, तफ़्सीर भाई, एक बार ब्लेड वाइट, तफ़्सीर लाओ यार, देखते हैं। अभी इसने कहा ना कि तफ़्सीर में ये साबित करेंगे कि उसका कुछ अलग ही मतलब निकालते हैं। ठीक है? अभी ये। नहीं, नहीं, आप, आप, आप बात गलत बोल रही हो भाई। सभी भाई लाइव पीछे से चेक कर सकते हैं। मैंने यह नहीं कहा कि इसका अलग मतलब निकलेगा। मैंने सिर्फ यह कहा कि इसकी एक्सप्लेनेशन देखने को मिलेगी। फिर एक्सप्लेनेशन में हम टाइम जाया क्यों करें, यार? सुनो मेरी बात। फिर, फिर हम एक्सप्लेनेशन में टाइम जाया क्यों करें? जब सेम चीजें यहां पे, वहां पे, फिर हम क्यों पढ़ें? तफ़्सीर क्यों पढ़ें? ये बताइए। यानी, इसके लिए मतलब आप जो है, अपनी बात सही साबित करने के लिए ना ही उसकी एक्सप्लेनेशन को हार मानने को तैयार हैं। अरे, मेरी सुनो मेरी बात। हम हार मानने को तैयार हैं। हम कह रहे हैं, ठीक है। हमसे गलती हो गई। आप ये कह दो कि तफ़्सीर में आपको हम साबित करेंगे कि मर्द और औरत का दोनों का अक़ल बराबर है। या फिर ये आप कह दो कि और मतलब मर्दों से ज़्यादा अक़ल औरत है, तफ़्सीर में। ये आप साबित कर दो। हम उठक-बैठक करने को तैयार हैं। भाई, क्या बात है? अच्छा, मेरी एक। अच्छा, मेरी एक बात का जवाब दे सकती हो आप? हां, बोलो। अगर इस्लाम में औरतों के मतलब इतने, औरतों को इतना ही बेइज़्ज़त किया गया है, तो ये हदीस जो औरतों के बारे में आती है कि औरतों की इज़्ज़त ऐसे करो, औरतों को ऐसे रखो, उनके साथ भलाई करो, तो मैं बता सकता हूं। हम वैसे रखो, हां, सुनिए। वैसे रखो, जैसे कि तुम खेती है। आगे से जाओ, पीछे से जाओ। जब तुम्हारा हस्बैंड तुमको चाहे, तुम तुम 9 महीने की प्रेग्नेंट हो, अगर वो तुम्हारे साथ हमबिस्तरी करना चाहे, तब भी कर लो। अगर तुम नहीं करती हो, तो तुम्हारे पर रात भर अल्लाह लानत भेजेगा। तुम्हारी तकलीफ गई भाड़ में। तुमको चाहिए, अगर तुम्हारे। फिर क्या? कौन सी? अरे, सुनो। कौन सी? कौन सी? अरे, कौन सी मां के कदमों के नीचे जन्नत है? मां के कदमों के नीचे जन्नत है। ये वाला। ये वाला। जिसको मारने का दिखाया, वो किसी की मां नहीं है। रुको ज़रा, सबर करो। अभी तो मैंने शुरू भी नहीं किया ना। शुरू नहीं किया, तो आप पहले मेरे सुनो। आप दूसरे टॉपिक पे मत ले जाओ यार। फालतू की बात मत करो। मुझे एक टॉपिक कभी कंप्लीट होने नहीं देते ये मोमिन लोग। पहले टॉपिक पे बात कर लें, फिर आप दूसरे टॉपिक पे छलांग लगा लेना किसी दूसरे दिन। मैंने आपसे सिर्फ एक सवाल पूछा है। ठीक है? मैंने टॉपिक चेंज नहीं किया। मैंने सिर्फ ये सवाल पूछा है कि अगर कुरान में औरतों को इतना ही कम अक़ल बताया गया है, आप मानती हो। आप कुरान का मेरे को सिर्फ ट्रांसलेशन दिखा रही हो। तो क्या ये हदीसे फिर आप नहीं मानोगी? हदीसों को भी हम मानेंगे, कुरानों को भी हम मानेंगे। आप ये साबित। आप कुरान की आयत क्यों नहीं बताती? कुरान में बीवी को जो है, साहिबा कहा गया है। ठीक है? उसी में बीवी को खेती भी कहा गया है। उसी में बीवी को खेती भी कहा गया। उसी कुरान में बीवी को मारने को भी कहा गया। उसी उसी कुरान में औरत को आधी अक़ल का भी कहा गया है। उसी उसी कुरान में उसी कुरान में हलाला और तलाक के बारे में भी लिखा है। उसी कुरान में। ओह हो। हलाला। हलाला। भाई, प्रेम भाई, ये म्यूट लगाइए। आपके साइड से ये इको हो रहा है। हेलो, प्रेम भाई। हां, चलिए, वो म्यूट लगा ले। आप इसपे बात करोगे? आप ये साबित कर रहे या नहीं? अरे, मैं तो साबित कर रहा हूं ना। आप मेरे को बोलने तो दो। कहां बात कर रहे हो यार? तुम तो कहां-कहां ले जा रहे हो? इस पर एक जगह टिको ना। इस पर सूर बकरा पे ही बात कर लेते ना। दो के 282 पे बात करते ना। लेकिन मैंने तो आपसे एक छोटा सा सवाल पूछा था। आप इतनी गुस्सा क्यों हो गई? कहां-कहां बात ले? अरे, नहीं गुस्सा हो रहे क्या? क्या गुस्सा क्या हो गए? मैंने सिर्फ इतना पूछा था कि क्या कुरान में अगर यह आया है कि औरतों की अक़ल आधी है, लेकिन क्या कुरान में आप ये क्यों नहीं बता रही कि वहां पर ये भी कहा गया है कि औरत को साहिबा कहा गया है, अजवाज कहा गया है? जस्ट हमने यही बात, इसी बात का हमने जवाब दिया, तो आप कह रहे हैं, आप गुस्सा क्यों हो रहे? मतलब जवाब दे रहे तो आपको गुस्सा दिख रहा है? आप टॉपिक को मेरा। हम बात कर रहे आधी अक़ल पे, आप साहिबा पे चले गए हैं। ये टॉपिक चेंज नहीं हो रहा है, तो क्या हो रहा है? जब हम उसके जवाब दे रहे, यार देखो, ये, ये ना बाहियात बातें मत करो यार, ठीक है ना? हम जब कह रहे बात आपसे कि टॉपिक पे बात कर लो, इस पे पहले कर लेते हैं ना कंप्लीट, फिर आगे चले जाएंगे। दूसरे दिन रख लेंगे आपके लिए। पर्सनल वेलकम। काफिर जी, कैसे हैं आप? बहुत बढ़िया। आप बताओ कैसे? एकदम ठीक-ठाक। जी, बोलिए। अब बात करेंगे इस पे आगे। मैं क्या बोल रहा हूं कि अच्छा, आपको क्या लगता है, औरत को कम अक़ल का क्यों कहा गया है? अब ये तो आपसे पूछना है। ये तो आपसे पूछना है। हम तो आपको प्रूफ करेंगे कि मर्दों से ज़्यादा कई गुना ज़्यादा अक़लमंद होती है औरतें। अच्छा, ये आपके अल्लाह ने कहा है। तो आपसे पूछना पड़ता है। अप्रूव करोगी? अभी आप ये अप्रूव करोगी? अरे, हां भाई, आगे बढ़ो ना। प्रूफ करेंगे, बताएंगे। अभी एक, आपने अभी एक आपके जैसे ही थे ना, मोमिन? उन्होंने प्रूफ करके गया है। आप सेकंड, आप हो। आप भी ये प्रूफ ही कर रहे हो। लेकिन, लेकिन अगर आप पहले, जैसे कि एक्स-मुस्लिम थी, ठीक है? आप पहले एक्स-मुस्लिम थी, तो आप, आपने ये भी पढ़ा होगा कि कुरान जो है, हिदायत के लिए अभी है। पहले तो हम मुस्लिम थे, अभी है एक्स-मुस्लिम। हां, मैं, मैं भी तो बोल रहा हूं। अच्छा, पहले थे, थे मतलब क्या? हम मर गए? अरे, नहीं, नहीं। हम, हमारे लिए तो अमूर्त हो। हेलो? जी, जी। बोलिए? जी, चलो यार, मेरे साइड बारिश होना स्टार्ट हो गया। हां, बोलिए। मैं आपको क्या बता रहा हूं कि जब आपने ये मेरे को सवाल, सवाल किया कि ओ, इस्लाम में औरतों को आधी अक़ल का कहा गया है, यह कहा गया है, वह कहा गया है। अब मैं आपको ज़रा ये भी तो बता दूं ना कि इस्लाम में औरतों की रिस्पेक्ट कितनी की गई है। तो आप मेरे को सिर्फ रिस्पेक्ट क्या भाड़ में यार? जब हम अक़ल की बात कर रहे हैं, रिस्पेक्ट का हम क्या आचार डालेंगे? जब हम बात कर रहे हैं, मतलब हम बात करें आपसे खाना कि आपको हम आपके लिए प्रॉपर्टी दे रहे हैं। हम बात करें कि मुझे भूख लगा है, तो आप कह रहे हैं, चलो हम आपको लंदन घुमा के लाते हैं। तो हम लंदन क्यों जाएंगे भाई? बात कर रहे किस पे? आप ले जा रहे किस पे? हम वो बात कर लेंगे ना। उसके लिए एक अलग से स्ट्रीम रख लेंगे ना। आप बात तो करो आज आधी अक़ल पे। तो एक काम करो ना, फिर उसकी तफ़्सीर निकाल लो। आप तफ़्सीर कुर्तबी निकाल लो। निकालेंगे तफ़्सीर। एक शर्त पे, जब आप ये साबित करोगे तफ़्सीर में कि मर्द, मर्दों से ज़्यादा अक़लमंद औरत होती है, या फिर दोनों की अक़ल बराबर होता है। वरना सेम चीजें देखने के लिए टाइम जाया करने नहीं जाएंगे तफ़्सीर में। नहीं, नहीं, टाइम जाया नहीं। लोगों को सच पता चलेगा ना। जितना आपको कुरान का नहीं पता है ना, उतने हमारे व्यूअर्स को पता चल गया। आपके कुरान का बता तो रहे यार। तफ़्सीर में जाएंगे, बट बोलो तो सही आप। मैं क्या बोल रहा हूं कि इसकी एक्सप्लेनेशन तो दिखाओ ना अपने व्यूअर्स को। आपके व्यूअर्स देखना चाहते हैं, है ना? अब ब्लेड भाई, आप तफ़्सीर ला दो एक बार। अगर ये चैलेंज नहीं कर पाया ना, ये, अगर ये साबित नहीं कर पाया ना, जी हां, ये, फिर मैंने दावा ही नहीं किया है। मैं, मैंने ये दावा ही नहीं किया है कि औरत को उसमें पूरी अक़ल का कहा गया है। मैंने कहा सिर्फ उसमें, मैंने कहा उसमें सिर्फ एक्सप्लेनेशन दी गई है कि क्यों कहा गया है। अरे, मैं फिर वही, फिर क्यों जाएं हम भाई उधर? तब सिर्फ साइड क्यों जाएं? जब सेम चीज लिखा हुआ है, तो फिर क्यों जाएं उधर? अरे भाई, इसका मतलब ये हो गया ना कि जैसे किसी ने किसी को मार दिया। ठीक है? अब सिंपल है, किसी ने इसको मार दिया। अरे भाई, उसकी वजह भी तो होगी ना कि क्यों मारा, कैसे मारा, क्या वजह थी, क्या चीज रही होगी, क्यों कहा गया है? उसी के लिए तो हमको तफ़्सीर ही देखनी चाहिए, मतलब इतना भी समझ में नहीं आ रहा है क्या आपकी? अच्छा, इससे। ठीक है, ये आप तफ़्सीर की बात। ठीक है, हम उस पे जज पे नहीं जा रहे। क्यों किया गया, हम उसको सजा देने के लिए नहीं बैठे। ठीक है? क्यों किया, क्यों किया? ये तो, ये शब्द से तो पता चल रहा है, किसी ने किसी को मार दिया। ये तो पहले एक्सेप्ट कर लो कि हां, मार दिया। फिर हम जाएंगे कि क्यों, क्यों मारा करने? पहले आप ये तो एक्सेप्ट कर लो कि आपके अल्लाह ने ये अपमान किया है महिलाओं को, ये कह करके कि मर्दों से कम अक़ल होती है औरतें। अब ज़रा मेरी बात भी सुन लेना, क्योंकि आधा सच जो है ना, पूरे झूठ से ख़तरनाक होता है। इसीलिए पहले आप इस पे पूरी रिसर्च करो, फिर तभी आके बात करना। ठीक है? अभी ऐसे, मतलब जो है ना, ये बड़ी-बड़ी डींगे मारने की ज़रूरत नहीं है। ठीक है? वो दिख रहा है यार। सुनो मेरी बात। आप जो बात कर रहे हो ना, वो दिख रहा है लोगों को। कौन डिंगिया मार रहा है? कौन बोंगिया मार रहा है? ठीक है? ये अगर ला सकते हो, भाई, ला दो यार। ये मोमिनों का यही फितरत है। बातों को। मेरी आवाज़ आ रही है? मेरी आवाज़ आ रही है? आ रही है। बिल्कुल आ रही है। अच्छा, इनको भाई को ऊपर लेना ज़रा। कहां गया? ये कहां गया? एक बार लेना इसको ज़रा। ये क्या? हां, ये हटा देते हैं। एक सेकंड। ये लो। ये किसका गिटार बज रहा है? ये ब्लेड भाई का। ब्लेड भाई, म्यूट करो आप। ब्लेड कौन सा? कौन सा पियानो बजा रहा है भाई? ये बंदा कहां गया? ये जो भी था, यहां पे आपको देख के भाग गया। अरे, नहीं, नहीं, भाई यार, ना करो। आ जाएगा, आ जाएगा। ठीक है ना करें। अच्छा, एक मिनट। बैक स्टेज में जितने काफ़िर सनातनी भाई जुड़े हैं, प्लीज़ छोड़ दें यार और फिर जब बोलेंगे, फिर जुड़ जाना। प्लीज़ बैक स्टेज खाली कर दे मोमिनस के लिए। प्लीज़। अली जावेद जी, आप अपना क्या बोलते हैं, कैमरा को और इसको परमिशन दीजिए है ना, तभी शायद इनको जॉइन कर पाएंगे। अर्श को लेते हैं एक यहां पे अर्श नाम से एक इंसान है। इनसे, इनसे बात। लेआउट चेंज कर दीजिए। ब्लेड भाई। अस्सलाम वालेकुम। अस्सलाम। रकीब है यार। रकीब बोल। अरे, बोल। वालेकुम अस्सलाम। की वो मला है? बढ़िया हाल है। तस्मानी बहुत मला। तस्मानी नहीं। ला भाई, इतनी भी नहीं आती यार। सही है। यहां पे, यहां पे जो एक्स-मुस्लिम है, एक्स-मुस्लिम। एंजल मेन कौन है वैसे? आपका मेन कौन है? मेन सारे सब है। सारे तो सभी लोग इस्लाम छोड़े हुए हैं। ऐसे ही है। दो है। दो बंदे हैं जिसने इस्लाम छोड़ा है। बाकी तो दूसरे जो छोड़े हैं, जो छोड़े वो कौन है भाई इसमें? मैं आपसे मुखातिब हूं भाई। मेरे से बात कर। जी। मेरे से बात कर। मैं आपसे मुखातिब हूं। मैं आपसे ये पूछ रहा हूं। आपने छोड़ा है इस्लाम? हां जी साहब। अच्छा, अच्छा। आपने छोड़ा है, तो कितने साल तक भाई मुस्लिम थे आप? मेरी, मेरी पर्सनल स्टोरी को छोड़ो। टॉपिक पर बात करने। पर्सनल स्टोरी नहीं, क्योंकि तारुफ़ होना ज़रूरी है, ताकि एक दूसरे को। आपको तारुफ़ होने की ज़रूरत नहीं है। मैं बस एक्स्ट्रा वजह ये है कि उसी मुताबिक जवाब, सवाल, उसी मुताबिक जवाब, सवाल देता हूं। सुन लेना, मसला नहीं है। एक मिनट, सबर कर ले ज़रा। ब्रेक लगाए। आपकी गाड़ी के अंदर कोई नहीं। ओके, तो मैं आपसे पूछ रहा हूं, आप कितने साल से मुस्लिम थे भाई? आप छोड़ दें इस बात को छोड़ दें। आज के टॉपिक के ऊपर बात करें। नहीं, मैं आपसे पूछ तो रहा हूं कुछ। आप जवाब तो दे दे। हम, आप मेहमान हैं, मेहतराम। मैं आपसे कर रहा हूं। लगा आपको भी ये चीज़ समझनी चाहिए कि अगर एक पर्सन अपनी लाइफ की सिचुएशन को नहीं बताना चाहता है, तो आपको उसकी रिस्पेक्ट करनी चाहिए। काफ़िर भाई, काफ़िर भाई, मैं आपसे ये कह रहा हूं कि यहां पे आप एक मज़हूल शख्स हैं ना? आपका नाम दिख रहा है, ना आपका चेहरा दिख रहा है, ना आपका कोई फोटो लगा है, तो मज़हूल शख्स से होने से कोई फर्क नहीं पड़ता ना? मैं इसीलिए तो आपसे पूछ रहा हूं। तो जब आपको उस मज़हबल शख्स से ऐसा कोई फर्क पड़ ही नहीं रहा है, तो किसी बैकग्राउंड स्टोरी से फर्क नहीं। देखो, सुनो मेरी बात। एक मिनट, एक मिनट। जितनी जावेद अली, कैमरा बंद करो। एक मिनट अपना। इस यार, एक मिनट सबर करो। सबर करो। एक मिनट। होल्ड ऑन। आई हैव ऑलरेडी गिवेन यू द स्टेटमेंट दैट आई एम नॉट गोना टेल यू माय स्टोरी एट ऑल। फर्स्ट ऑफ ऑल, यू शुड लिसन टू मी। यू शुड लिसन टू मी। द नो, आई कैन नॉट लिसन दिस। ओके, ओके, वेट, वेट, वेट। द प्रॉब्लम विद इट इज, यू शुड नो कि आपकी पर्सनल स्टोरी से यहां पे मतलब इसलिए है कि सवाल और जवाब उसके मुताबिक जो बनता है ना, वो जबरदस्त होता है। आप, हमने यहां पे ना, हमने एक टॉपिक इसीलिए रखा है। टॉपिक के मुतालिक बात करनी है। नहीं करना चाहते, तो आप मेरे को बता दे। यार, इतना टाइम नहीं होता है मेरे भाई। इतना टाइम नहीं होता है। जस्ट शट अप। इतना टाइम नहीं होता है मेरे भाई। इतना टाइम नहीं होता है। टॉपिक के और भी, और भी गेस्ट हैं, मेरे ख़्याल है। नीचे तीन और, तीन और मुस्लिम बैठे हैं। उनको भी टाइम देना है। यू आर नॉट द ओनली वन यार। फर्स्ट ऑफ ऑल, आपको ये चीज़ का ध्यान रखना है कि आप, हमने ऑलरेडी एक टॉपिक सेलेक्ट किया हुआ है और आपको उस टॉपिक पे बात करना है। दैट्स इट। दैट्स इट। अगर कर सकते हो, मैं ऊपर लेता हूं। इफ नॉट, देन बाय-बाय। शुरू करता हूं। और एक चीज़ और ऐड कर देना चाहते हैं कि अगर हम कोई भी है, हम झूठ बोल रहे हैं। ये आपका क्लेम होना चाहिए कि आप ये बात झूठ बोल रहे हैं। आप ये साबित नहीं कर पा रहे। आप कुरान और हदीसों से बात नहीं कर रहे। ये आपका पॉइंट होना चाहिए। ये हम पे क्लेम होना चाहिए। ठीक है? तो समझ आता है आपकी बात। क्वेश्चन का आंसर देने में। हम कौन हैं? कब से मुस्लिम हैं? कब से हिंदू हैं? कब से कोई एक्स-मुस्लिम है? ये कोई बिना मतलब की बात। हम जो बात कर रहे हैं, क्या वो झूठ है? नहीं, सुनिए ना। हम वो बात। अरे भाई, पहले बात तो कर लेने दो, फिर बीच में आप बोलना स्टार्ट कर देते हो। हम जो बात कर रहे हैं, वो अगर आपको झूठ लगे ना, तो आप कहिए कि हां, ये आप बात झूठ कर रहे हैं, ये बातें गलत हैं। जब आपको मतलब रखना चाहिए कि जो बातें आ रही हैं, वो सच है या झूठ है। आपको पर्सनल ऐसे क्या लेना-देना? हमने आपसे पूछा कि आप किसके बेटे हो? किसके? आपके दादा का नाम क्या है? आपके परदादा का नाम क्या है? आपके किस जगह? सुनो। हमने बस आपसे। सुनो मेरी बात। हमने बस आपसे। अरे, अरे यार। हमने आपसे पूछा कि आप मुस्लिम हो या नॉन-मोमिन हो। बस इतना पूछा। आपने, आपको पता है कि हम एक्स-मुस्लिम हैं। आपने भी पूछा। हम लोगों ने बताया कि हम एक्स-मुस्लिम हैं। आगे बढ़ो। टॉपिक पे बात करने। अरे यार, ये बहुत ज़्यादा बोल रहा है लगातार। आप एक सवाल का जवाब नहीं दे पा रहे हो और आप कह रहे हो मैं। अबे चल यार, निकल। टाइम नहीं है। जावेद अली, कैमरा बंद करो। जावेद अली, कैमरे के साथ आना है या फिर कैसे? मसला नहीं। कोई। मैं कर लेता हूं। आप ऊपर। फिर भी आपका, आपका फेस नहीं दिखेगा। मसला नहीं। आप स्टेज पे आपका नूरानी चेहरा सिर्फ हम देख। ब्रेक हो रही है थोड़ी सी यार। ये हो गई। अभी ये मैं फोन से ना होगी। मेरे को थोड़ा सा टाइम लगेगा। अच्छा, ठीक है, ठीक है, ठीक है। जी, जावेद अली, आपका नूरानी चेहरा दिख रहा है। मसला नहीं ना? जी, जी। मैं शो नहीं करना चाह रहा। सिक्योरिटी रीज़न। हां, ठीक है। वो स्क्रीन पे नहीं दिखेगा। वो सिर्फ आपको, हमें जो स्टेज के ऊपर है ना, उनको ही दिखेगा। ठीक है? जी, जी। कैसे हैं आप? ठीक हैं सर? बहुत बेहतरीन। माशाल्लाह। आप बताएं कैसे हैं? जी, जी। मैं आपकी स्ट्रीम देख रहा था, तो मैं मुसलमान हूं बेसिकली। तो ये जो आपका एक टॉपिक है, ये बड़ा इंटरेस्टिंग टॉपिक है। आपने जो है, वो कहा गया है कि औरतों को जो है, वो कम अक़ल कहा गया है इस्लाम में, है ना? तो मैं, मैं इसको बिल्कुल ठीक कहता हूं कि औरतों को सही कहा गया है, कम अक़ल। इस्लाम में। अच्छा, उसकी वजह? उसकी वजह ये है कि आपकी मां बेक ली है। जी, जी। वो सारे कम कर हैं। पागल हैं सारे वो। उसकी वजह ये है। पाकिस्तान से हो? जी सर। पाकिस्तान से? जी, जी। पाकिस्तान से हूं। कितो दिए? जी सर। किथो लिए सर? आपकी आवाज़ समझ नहीं आई सर। मुझे क्या फरमाया? मैं कहा कि मैं कहा कि किथो सर? पंजाब? मैं डर पंजाब? मैं भी पंजाब ही नहीं, मैं तो कह, मैं भी पंजाब साइड। अच्छा। बख, बख, बख। ओके, ओके। सर, जी, जी, सर। मैं ये कहना चाह रहा था कि जो कुरान में कहा गया ना, औरतें, औरतों का मक़ल कहा गया, ये बिल्कुल ठीक सही कहा गया है। क्योंकि, क्योंकि कुरान जो है, बेसिकली मुसलमानों की किताब है और मुसलमान औरतें पढ़ती है इसको, तो उनको सही का मक़ल कहा गया है कि वो इस मज़हब पर अभी भी कायम है सर। पर कुरान ने तो ये कहा है। नहीं, लोड ही नहीं। मैं कहना, लोड ही नहीं गया पता। बाकी चलो, कहने हो भाई, कोई सूर सुना दो यार, कोई भी। कोई भी छोटा-छोटा। अल्हम्दुलिल्लाह रब्बिल आलमीन। अर्रहमानिर्रहीम। मालिकि यौमिद्दीन। इय्याका नअबुदु व इय्याका नस्तईन। अइना सिरताल मुस्तकीम। सिरताल लज़ीना अनअमता अलैहिम गैरिल मगज़ूबी अलैहिम वलद्वालीन। आमीन। आयतुल कुर्सी भी सुना सकते हैं? नहीं, मसला नहीं। बहुत साहब, मैं तो पहले ही पहचान गया था। मेरे साइड के आपको मैं बता दूं और हम लोग इतना मतलब, आप लगा ले, मेरे से आपका अगर कम से कम भी 30-40 माइल्स का फासला। आपको मैं लिहाजा बता दूं। सच्चा खैर है। चलो, ओके। ठीक है। कुरान ये बोलता है कि औरतें कम अक़ली इसलिए हैं, क्योंकि उनको हैज़ आते हैं। अब बताएं। अब कुरान तो ये, ये पॉइंट दे रहा है। कुरान कहता है कि बेकली इसलिए है, क्योंकि वो हैज़ के टाइम पे रोज़ नहीं रख सकती हैं। लिहाजा, इसलिए वो बेकली है, इसलिए वो काम है। मेरे ख़्याल में, ये तो जो हैज़ वाला मामला है, ये तो नेचुरल प्रोसेस है ना? इसमें तो औरतों का कोई कसूर नहीं है। बिल्कुल, आपकी बात बिल्कुल जायज़ है। औरतों का कसूर नहीं है। पर अल्लाह कहता है, इसलिए बेक लिए है, क्योंकि उसको हैज़। आप और वो हैज़ के, हैज़ के दौर में अपने रोज़े मुकम्मल नहीं कर सकती, तो इसलिए वो कम अक़ली है, क्योंकि वो हैज़ के टाइम पे नमाज़ें नहीं पढ़ सकती है, इसलिए वो कम अक़ली है। बताओ आप कौन गलत है? सर, सर, आप मेरा पॉइंट समझे नहीं ना? मैं ये कहना चाह रहा हूं कि कम अक़ल ही है ना कि जो इस्लाम को पढ़कर भी इसको कायम है। मैं ये कहना चाह रहा हूं। अब, ओके, ओके, ओके। देयर इज़ समथिंग न्यू। क्योंकि देखिए, मेरी बात तो जो पागल, जो देखिए, कम अक़ल ये होता है, जो ये पढ़ता है कि औरतों में तो जायज़ है या औरतों आधा हिस्सा मिलेगा, बेटियों को आधा हिस्सा दो, या औरतें जो है, लानत कहते हैं अगर वो बनाने पे ना जाए, तो कमल अक़ल यही है ना कि जो इस। वेलकम टू मुर्तद पार्टी, ब्रो। जी, जी। मैं साल से हूं। बहुत-बहुत इस्तकबाल है। ओके। मैं सबका तारुफ़ करा देता हूं। ये हमारे पाकिस्तानी भाई मेरे साथ ही हैं और एक्स-मुस्लिम हो चुके हैं। जितना तक कि मैंने इनकी बात से अभी तक निकाला है। मैं भाई, आप गुलाब, गुलाब भेज दो भाई साहब। गुलाब है? लीजिए। मुबारकबाद साहब, आपको ऐसे से हूं। घटिया चीज़ों से बाहर निकल गए। ये। अरे, नहीं। ओके। एक बार कैमरा बंद। कैमरा बंद करो साहब। आपको ऊपर ले आते हैं थोड़ा सा। लोगो। हां, आपका लोगो दिख। कैमरा बंद कर लो। ले जाओ बस। लो, आ जाओ साहब। ऊपर आ जाओ। बहुत नीचे बैठ गया। हां, जी साहब। [संगीत] तो मैंने वन ईयर हो गया। मैंने इसको इस लानत बात कह दी है और मैं अब जो है, वो बस जो है ना, बड़ी मुश्किल से जी रहा हूं। अब ये समझ में। बो निकल। मैंने, मैं लगन लग ना, मैं क्या अपनी साइड बहुत निकल रहे हैं इस टाइम पे, बड़े जोरों शोरों से निकल रहे हैं। चले, बात करेंगे। आपकी आवाज़ बिलकुल नहीं समझ आई। काफ़िर भाई, आप बात करो। हां, थोड़ा सा आप देख लीजिए ना, अगर सही कर सकते तो सही कर लीजिए ना। काफ़िर साहब, मोटा पूछ ना की लगा बाहर निकल गया के चीज़ थी? सबसे पहला करो, करो, आप करो, फिर मेरा पता नहीं क्या मसला इसके साथ। एक बार आप निकल के फिर से देख करके जॉइन कीजिए ना। एंजल जी, आप बात कर लो। इतना। हां, हां, ठीक है भाई। मेरी आवाज़ आ रही है? ठीक है। अली भाई? जी, जी। आपकी, आपकी बहन मेरी बिल्कुल ठीक आवाज़ आ रही है आपकी। जी, तो आपको ऐसा क्या मतलब, आपने ऐसे कैसे इस्लाम छोड़ दिया? क्या आपको बुरा लगा? क्या अच्छा लगा? इस्लाम जो है ना, मैं अगर सही बताऊं कि जो इस्लामियात की किताबें में पढ़ाया जाता है और जो डिटेल है इस्लाम की हदीसों में मिलती है, कुरान मिलती है, वो बहुत डिफरेंट है। दोनों चीज़ें बहुत डिफरेंट हैं। बेसिकली, जो सबसे जो बात मुझे इस्लाम से दूर लेके गई ना, उसमें क्वेश्चन नहीं कर सकते आप कि आप पूछ नहीं सकते कि एक बंदा जो है, वो जो है वो डंकी पे कैसे गया? मेराज पे कैसे किया? एक बंदे के पास क्या सबूत है कि वो नबी है खुदा का? और बहुत सी चीज़ें, जैसे आपकी औरतों की बातें कर रही है। ठीक है? इसके अलावा बहुत सी चीज़ें हैं। जैसे मुर्त की सज़ा मौत है और ब्लमी की जो है, वो बड़े रूल्स बनाए गए हैं पाकिस्तान में या इस्लाम में कि आप जो है, वो प्रॉफ़िट के मुआलिक कोई बात नहीं कर सकते। तो ये बहुत ही, मैं इसको बुरा समझता हूं। मुझे, मेरे ख़्याल में ये एक्सेप्टेबल नहीं है। तो वैसे तो मैं बेसिकली एथिस्ट, इग्नोस्टिक हूं। मैं तो खुदा के वजूद पे भी जो है, वो नहीं मानता। तो ये जो चीज़ें, बहुत सी चीज़ें, बहुत सी क्वेश्चन हैं मेरे माइंड में। अगर आप कभी मुझे स्ट्रीम में वैसे इनवाइट करेंगे, तो मैं आपको बताऊंगा। लेकिन शायद आपको स्ट्रीम का वक्त भी लिमिटेड होगा, तो इसी वजह से मैं ज़्यादा डिटेल में नहीं बता रहा। मेरी आवाज़ अब आ रही है? जी, जी, जी, सर। जी, जी, सर। आपकी आवाज़ अब आ रही है। आ रही है, बहुत बढ़िया। अच्छा, मैं है इस्लाम। जी, सर। सॉरी, सॉरी। नहीं, नहीं। ओके, कंटिन्यू, कंटिन्यू। मैं गलत रोक रहा था। करो। गलत। सो बेसिकली सर, जो इस्लाम है ना, वो इम्पोजिंग है, सुपीरियर है। अपने आप को समझता है कि मैं, मैं ही सच्चा हूं, सब झूठे हैं। और जो बाकी जो बिलीव्स के पीपल हैं ना सर, जस्ट क्रिश्चियंस, हिंदू, इनसे बहुत नफ़रत करता है। ठीक है? हमारे घर जो क्रिश्चियंस लोग काम करते हैं, उनको बहुत ज़्यादा देखा जाता है। ये बहुत गंदे।
हैं। मैं किसी को हार्ड नहीं करना चाहता। माज़त के साथ सॉरी लेकिन जो है इसमें बहुत ज्यादा पाया जाता है। आप किसी के साथ ना बैठो। किसी गैर मुस्लिम के साथ ना बैठो। आप ये वो बहुत ज्यादा बहुत ज्यादा नफरत है इसके अंदर। सिर्फ आप जब ब्रदरहुड की बात करते हैं ना तो यह सिर्फ मुस्लिम ब्रदरहुड होता है। यह इस्लाम है ही सिर्फ मुस्लिम नाम का या इस्लामी जो है भाईचारा है और और कुछ भी नहीं है इसके अंदर।
अभी मेरी सारी फैमिली मुसलमान है और मैं जिस तरह जी रहा हूं मुझे पता है। इस तरह मैं सर्वाइव कर रहा हूं। मैं इनको समझा समझा थक जाता हूं। लेकिन ये मुझे बार-बार जो है मुझे कहते हैं कि तुम दोज़क में चलोगे अल्लाह तुम्हें जो है वो ये कर देगा वो कर देगा। कब्र के हिसाब से डरो, यह डरो, वो डरो। लेकिन इनके दिमाग में यकीन नहीं आता। जो मैं कहना चाह रहा हूं उनको शायद समझ आ जाए कभी इनको। तो बस यही है कि बहुत सी चीजें हैं। अगर मैं फट पड़ू तो आप कहोगे यार ये क्या हो गया इस बंदे को? तो बहुत सी चीज़ है सर।
इस्लाम जो है ना बिल्कुल मैं कहता हूं वैसे दुनिया के सारे मज़ाहिब जो है ना वो फेक है मेरे ख्याल से। लेकिन इस्लाम जो है सबसे मैं कहता हूं सबसे ज़बी का जो है वो रिलीजन है। मैं ये कहता हूं सॉरी सर मैं ज्यादा बोल गया सर।
नहीं नहीं बिल्कुल तू गल बिल्कुल सही की है यार प्रेम पाजी मेरा ना मैं क्या करूं मेरा मैं अपने साइड का बंदा देख के ना मेरे से रोका नहीं जाता। मैं क्या करूं? मेरे से फिर निकलती पंजाबी है। तो चलो अपना ऐसा है कि बिल्कुल आपने बातें बिल्कुल सही की है। दुरुस्त भी है आपने बातें। लगा सही है।
अभी तक हमने कभी कहीं नहीं देखा कि अल्लाह रहमतुल आलमीन है। रहमतुल मुस्लिमीन है वो। मुसलमानों के लिए रहमतुल्लाह है। किसी किसी गैर धर्मी के लिए नहीं है। किसी काफिरों के लिए नहीं है। किसी जिंदगी के लिए वो रहम नहीं करता। मारने का फरमान जारी कर देता है। जितने भी क्लेम है लोगों के। जी जी।
देखिए ना प्रॉफ मोहम्मद की लाइफ देख लें। सर सर प्रॉफेट मोहम्मद की लाइफ देख लें। लौंडिया बनाना, गुलाम बनाना। ठीक है? बनू कुजा के साथ क्या किया? फिर हबा करने वाली औरतें आती थी इनके पास। मतलब बास्टेड था वो। मैं तो यही कहूंगा और बहुत ज्यादा बहुत ज्यादा उसने तबाह किया। मैं पता नहीं कितने लोगों को उसने कैसे इतना लोग उसको पसंद करते हैं। मैं तो ये हैरान हूं। उसके कारनामे पढ़ के भी उसको पसंद करते हैं। 85 बैटल्स लड़ी है उस बंदे ने। चंगे करता रहा माली गनीमत का पांचवा हिस्सा ले जो है वो इं्जॉय करता रहा समझ नहीं आती मैं क्या कहूं उसके बारे में लाइफ में पढ़ जी जी ने पढ़ी कभी किसी ने पढ़ी तो नहीं है सर 9 साल की है हम अपनी बेटियों को 9 साल की उम्र में कोई हाथ लगा दे हम उसके हाथ तोड़ देंगे अच्छा इस बात में मसला ये है ना ये इस बात में इस बात में कजा ये है कि शादी उसने छ साल में लिहाजा उसके पास मेहर के पैसे नहीं थे इसलिए उसने तीन साल का वेट किया अगर उसके पास मेहर के पैसे होते गलती से उसने छ साल की छ साल की बच्ची पलटा देनी थी सर अपनी बेटी का रिश्ता नहीं किया उसने फातिमा का जब उसको उमर हो अबू बकर ने कहा कि हां बिल्कुल बेटी के रिश्ते में उसने कहा वहां नहीं नहीं अच्छा दूसरे मुसलमानों को चार शादी हुक्म है अपनी बेटी के लिए उसने बर्दाश्त नहीं की अच्छा कौन से कौन से फिर तरीके से ताल्लुकात है आपके मैं वैसे तो सुनी बरेलवी था पहले सुनी बरेलवी साइड से अब अल्हम्दुलिल्लाह [हंसी] बिल्कुल यार साहब थैंक यू सो मच आपका जुड़ने के लिए बहुत अच्छा लगा आपसे बात करके और आते रहो कोई मसला नहीं है आपके लिए स्टेज बिल्कुल अवेलेबल है आपके लिए और भाई जितने भी लोग देख रहे हैं यार भाई ऐसे नहीं यार ऐसे नहीं ऐसे काम नहीं चलेगा फूलों की बरसात होनी चाहिए मेरे भाई के लिए सर स्टे है ना जी सर मैं ये कहना चाह रहा था कि जितने भी आप पार्टिसिपेंट्स है मैं मैं क्या कहूं आपके लिए मैं नेक तो बनाए रखता हूं सर आप सारे इजी रहे कोई तकलीफ ना पहुंचे क्योंकि आप बहुत अच्छा काम कर रहे हैं सर यही आप जो काम करें ना मैं कहता हूं कि पाकिस्तान के अंदर ना इस तरह के काम इसमें भी पाकिस्तान में होना चाहिए ज्यादा होना चाहिए लोगों का जो है ना दिमाग सेट हो चलो ज्यादा ना तो लिबरल तो हो जाए भाई काफिर साहब हां जी हां जी अगर अगर भाई के पास डिस्कर्ड वगैरह हो तो लिंक दे देते हैं डिस्कर्ड पे जुड़ जाएंगे हमारे साथ पूछ लो भाई जो है कर लो हमारे के लिए इतना सारा फुल आ रहा है डिस्कर्ड है डिस्कर्ड है क्या नहीं सर वो ऐप है क्या मुझे इसके बारे में पता नहीं डीआई सीओ आरडी लोड कर लो नहीं नंबर नहीं अपनी आईडी बनाके फिर नाल जुड़ो ठीक है सर मैं मैं बिल्कुल करूंगा सर मुझे बहुत खुशी हुई है आपसे बात आप लोगों से बात करने के थैंक यू थैंक यू वेरी मच सर थैंक यू थैंक यू थैंक यू आप जब फ्री हो तो आप ज्वाइन कर सकते हैं हम लोगों की स्ट्रीम कोई दिक्कत नहीं आप लोगों के लिए ही बनाए हैं हां तो आप जब भी फ्री हो जाइन कर सकते हैं। फ्री है। थैंक यू। थैंक यू। थैंक यू।
चलिए तो अभी वो आया क्या ब्लेड भाई? वो आया नहीं। भाई पता है हमने प्रेम भाई पॉइंट नोट करके रखा है यार। आज बहुत सारी मेहनत की है। सारा कुछ नोट आउट किए। अरे ये चमन होती है लोग। हमको बोलने तक नहीं दिया। बीच में घुस के मेरा टॉपिक के ऐसी के तैसी कर दिया। कभी भी हम ढंग से जो वुमस के रिलेटेड टॉपिक के पॉइंट बनाते हैं कभी उसप बात ही नहीं कर पाए आज तक वो रह ही जाता है क्योंकि बात ही नहीं हो पाती है एक बार लाओ भाई हम अपना टॉपिक क्लियर कर दे पॉइंट उसके बाद फिर अब किसी से बात करते हैं ब्लेड भाई हां हां मेरे साइड से डिस्टरबेंस है ना इसलिए म्यूट हां फिर इसका एक शॉर्ट भी बनाना। ठीक है जब सारे पॉइंट हम पढ़ लेंगे ना फिर इसका एक श बनाना ताकि लोगों को पता चल सके। अच्छा अच्छा पीछे एक हमारे राजीव कुमार साहब जुड़े हैं। प्लीज यार अभी ना जुड़े स्टेज का स्टेज खाली कर प्लीज बाद में ले लेंगे आप लोगों को। थैंक यू। अच्छा सैम साहब जुड़े हैं इसको देख का साहब एक और एएस एमडी जुड़े हैं ये देखना कौन है भाई पहले प्रेजेंटेशन कंप्लीट कर उसके बाद लेते हैं जी साहब हां ये थे ये था प्रेम भाई हमारा आज का टॉपिक कि औरतों की गवाही आधी क्यों है ना ये कुरान में जो है ये कि ये सूर अल बकरा का जो है आयत है ठीक है दो का 282 और ये था और ये हदीसों में भी आता है जैसे कि 2658 में है ना अब इसका जो हम पॉइंट बनाए थे वो थोड़ा कुछ इस तरीके से बनाए कि अगर ऊपर करे ब्लेड भाई जब कहते हैं कि जो लड़कियां जैसे अभी एक मोमिन डंगर आया उसने आधे घंटे से ज्यादा दिमाग का दही किया और बदले में यही साबित करके किया कि वो कम अकल है। है ना? अब ये कह रहा था क्या कि वो इमोशनल होती है। मतलब वो उसके भाई म्यूट कर लो। वो इमोशनल होती है। उसके जो है ना वो जज्बाती हो जाती है। कभी भी रो लेती है। कभी भी अरे जज्बाती होना वो एक अलग चीज है। है ना? हां मानते हैं लड़कियां जज्बाती होती है। तुरंत वो मतलब हंस जाती है। तुरंत रूठ जाती है। ये होता है। सॉफ्टनेस होता है उसके। लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि वो कम अकल है। ठीक है? उसको सब पता होता है। ठीक है? लेकिन वो ये कह रहा था बंदा कि नहीं जज्बाती होती है कभी कुछ बोल देती है कभी कुछ बोल देती है अरे सब उसको पता है वो क्या बोल रही है ठीक है जज्बात और ये बुद्धि ये दोनों चीज अलग है लेकिन इन मतलब इनको कौन समझा दे बाहर की बाहर की बात छोड़िए एंजल बहन बाहर की बात छोड़िए एक हमारे देश की प्रधानमंत्री रह चुकी है इंदिरा गांधी आज भी कई राज्य के हमारे सीएम है और इतने खतरनाक सीएम है कहीं तो के आदमी के आगे पीछे से दोनों से कौन निकाल दे जैसे हमारे बानू बेगम है और हमारे यहां नासा में स्पेस पे जो जाती गई है लड़कियां वहां मेन जो है लड़कियां हैं अभी एक सिंदूर ऑपरेशन या आर्मी में जितनी लड़कियां सर्व करती हैं एयरफोर्स में सर्व करती है ये पता नहीं भाई 1400 साल कौन सी जिंदगी में जी रही है और बड़े फक्र से कहते हैं इस बात को बिना बिना किसी शर्म के बिना किसी शर्म के नहीं भाई 1400 साल पहले प्रेम भाई भाई ब्लेड भाई थोड़ा ऊपर और कीजिए ये पांच छ नौ सात आठ पॉइंट हमने निकाले थे वो थोड़ा ऊपर कीजिए ये नहीं पहले की बात नहीं है भाई ऊपर मतलब ऊपर हां अब वो पहले की बात में भी देख लीजिए ना पहले भी जो थी ना 14 साल पहले भी लड़कियों में ज्यादा अक्ल थी ये चीजें खुद हमारे नबी साहब की बातों से और अल्लाह के कुरान से साबित होता है। अब यह क्यों होता है कि जब अकलमंद थे हमारे नबी साहब तो उनको एक औरत के नीचे काम नहीं करना चाहिए था ना लेकिन वह एक औरत के नीचे काम करते थे है ना उसके घर पे नौकर थे उनकी मालकिनी कोई और थी इसका क्या मतलब होता है यार इसका मतलब ये होता है कि वो आपसे ज्यादा अकलमंद है ठीक है वो आपसे ज्यादा अकलमंद है दूसरे नंबर आज अगर उनकी जो बीवियां थी है ना अगर वो ये ना कहती कि हां सच में आपके ऊपर वही आ रही है तो क्या लगता है नबी साहब को पता चल दादा कि हम नबी है वो तो ऐसे ही पगला रहे थे इधर उधर कहीं भी जाके भाग जा रहे थे पहाड़ों के ऊपर जा रहे थे गुफाओं के अंदर जा रहे थे जान दे रहे थे सुसाइड करने जा रहे थे चिल्लाते थे रोते थे कभी गर्मी कभी ठंडा एहसास होता था वो तो ऐसे ही पागल हो रहे थे लेकिन उनकी बीवियां जो बीवी थी उन्होंने ही कहा था ना कि हां पे वही आती है आप नबी हो तो नबी बने तो भाई हम कैसे मान ले कि 1400 साल पहले या फिर 2025 में कि लड़कियां कम अकल होती कैसे मान ले यह बात को? अब यहां पे देखिए है कि अगर मर्द जो है, है ना? औरत के एक ऊपर तो करो मेरे भाई। हदीसों बुखारी पे ये अभी तक अटके है। और ऊपर कीजिए और ऊपर बस। हां। अगर औरत की अकल जो है मर्द से आधी है तो आज की तारीख में जो करोड़ों औरतें जो है डॉक्टर है, इंजीनियर है, पायलट है, साइंटिस्ट है, जज है, वकील है, ड्राइवर है, क्या बोलते हैं? हर चीज में यार बिजनेसमैन है, ब्यूटीिशियन है, बड़े-बड़े पद पे यार। अभी तक ये सबसे बड़ी जो एग्जांपल है जो अभी देखिए चांद पे गई है। चांद पे गई है। क्या बोलते हैं? अभी हमारे देश के भारत के जो राष्ट्रपति है वो खुद एक महिला है। हां अह बहुत अबाउट हां वो देखिए आप यह देखिए आप यह देखिए मेरी प्यारी बहन एक सुनीता विलियम नाम की एक लड़की है वो भी लड़की है फीमेल है जो तीसरी बार दूसरी हां दूसरी बार चांद पे गई थी आर्ट्स पे गई थी और वो अमेरिका में रहती है और कई महीने के लिए वहां स्टक हो गई थी कई महीने वहां स्टक हो गई थी कई के साथ भाई 10 महीने तो आप ये देखिए अगर आप दिमागी तौर पर चलते हैं डिप्रेशन पे भी जाते हैं अगर एक इंसान का उसको दरवाजा खिड़की बंद करके ना और बिल्कुल अंधेरे में बिना ऑक्सीजन के बिना हवा के बंद कर देना तो उसको ए्जायटी होने लगती है उसको डिप्रेशन होने लगता है मर जाएगा लेकिन आप सुनीता विलियम को भी मतलब कम कम दिमाग की बोल रहे हैं भाई आपको पता है मोमिनों कि स्पेस में जाने के कि ये एरोनटिस की कितने दिन पढ़ाई करनी पड़ती है आपको पता है इस चीज का और तुम उसको खेती बता रहे हो तुम उसको हुक्म दे रहे हो कि आधी दिमाग है उसकी आधी गवाही है ऊंट पे बैठी है उसका ये कर दो बच्चा पैदा करने वाला ये कर दो अगर आप बाजार से जा रहे हैं आपको औरत औरत दिख गई कोई फिट पाउडर दोबारा घर पे आ जाओ ये इज्जत करते हैं आप लोग काफिर साहब काफिर साहब निकल नहीं निकल गया। एक मिनट में मैं देखता हूं। हां और फिर देखिए सेकंड क्या था कि अगर जी समद साहब बोलिए आप मुस्लिम है। स्क्रीन ऐसे ही रखना भाई। सहमद सहमद बोल भाई यार मैं निकाल दूंगा प्लीज ना जुड़े बोल भाई खड़ा हुआ है उसके लिए इसके लिए तो इसको अपनी बहन पे जाना पड़ेगा हां रहमान भाई वेलकम है हां जी सत श्री अकाल सत श्री अकाल प्यारे भाई क्या हाल है बिल्कुल बढ़िया हमारे अरुण भाई कह रहे हैं कि एक किन के बारे में कह रहे एक सेकंड किधर गया सूफिया जी के बारे में कह रहे थे ना हां सोफिया पूछ जी हमने पहले ही बात कर लिया भाई कि जो पाकिस्तान को धूल चटा के आई है ना वो भी एक महिला ही थी तीन महिला ही थी वो जो धूल चटाने गई थी ऑपरेशन सिंदूर में ठीक है वो भी सब महिला ही थी हमने बता दिया भाई इनको लेकिन अभी अब वही चीज है हमने जो जो पॉइंट नोट किया था अरे अरे साइड पे कौन है जी अलफाज साहब बोलिए ओहो अरबी भाई आए हैं। चैलेंज आप कैसी हैं आप? आपने पहचान लिया मुझे। क्या बात है आरवी भाई क्या बात है स्वागत है स्वागत है स्वागत है इस्तकबाल साहब वेलकम नमस्ते प्रणाम कैसे जी नमस्ते अपना प्रेम भाई जी और अपना एंजेल जी आपने थोड़ी काफी देर से मैं आपकी स्ट्रीम सुन रहा था तो एंजेल एंजेल के साथ तो मेरे काफी प्रोग्राम्स किए शुरू में फिर बीच में ये और काफी अच्छा चैनल इनका चल भी रहा था फिरती मसूफियत की वजह से आप देखेंगे इधर उधर होना पड़ता है। एनीवे आज अच्छा टॉपिक लिया आपने और मजेदार बात ये कि जी ये इस्लाम जैसे कल्ट को चलाने वाली खवातीन ही जी क्योंकि ज्यादातर बच्चों को फोर्स करना उनको इस्लाम की तरफ ले आना और वालद वालिद इतना नहीं करता है जितना होता है जैसे आप कहते हैं जितना औरतें करती है प्रेशराइज घरों पे और पता है इनको कुछ नहीं होता कि इनका इस्लाम में क्या मकाम है। लग लगी है कि आ गया कह रहे नहीं मैं नहीं पता की कह प्रेम जी वो कह तू मारु की तकलीफ है तू मुंडु की प्रॉब्लम मैं प्रॉब्लम ये नहीं कि बंदा नाल हो ही करिए बाकी नाल हो है वो भी गलत है ना हो वो भी सही नहीं है किस तरह ठीक कर नहीं 1400 साल डेली के क्यों साहब बिल्कुल त सही कह रहे हो कुछ है आज आज देखो को आज एंजेल बहन आज कैसा अच्छा टॉपिक लेके आई है और हमेशा महिलाओं पे बात करती है। बड़े मोमिन आए लेकिन बनाने दो भाई तो इस्लाम होके गुलाब लेके भी गए हैं अल्लाह के फजल से। हां हां एक साहब असल में रीच अगर बढ़ जाए ना असल चैनल की तो मैसेज काफी दूर तक जाएगा। अब कोई लकीली आ जाता है जैसे कि उसको पता चल जाता है कि एक्स मुस्लिम मूवमेंट चल रही है क्योंकि ये वो सेम ग्राउंड नहीं दे रहे ना जो इनके पास है ये तो अपन जहां चाहते हैं शुरू हो जाते हैं अपना लाउड स्पीकर लेके मगर दूसरे धर्मों को किसी और आईडियोलॉजी को चलने नहीं देते ये लोग अरबी साहब हमारे एक भाई हैं बच्चे हैंस्टेट कश्मीर भी उनका चैनल बनाया था हमने और बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। अरे ही गना बी 18 है तो वो स्ट्रीम में जुड़ा था मेरी तो बच्चा गलती हो जाती है। बच्चे से गलती हो गई हो गई उसने जोश में आके अपने रियल अकाउंट में उसने डाल दिया मोमो का जन्मदिन जो भी था तो लॉन्ग स्टोरी शॉट वो हॉस्टल में रहता है बच्चा तो साहब उस पे अटैक कर दिया परसों लोगों ने अटैक कर दिया और एक एएलडी नाम की एजेंसी है उसने उसप मुकदमा दर्ज कर दिया एफआईआर ये देखिए साहब कैसे उसके होस्टल के आगे आके वो लोग खड़े हो गए पीछे से छलांग मारी रात को 1:00 बजे और आज भी उसके खून के प्यासे तो नहीं कहूंगा उसके पेशाब के प्यासे हुए पड़े हैं वहां के कई पुलिस वाले भी और कहीं मोमिन भी स्ट्रीम में जुड़ के गाली देते हैं। बच्चे को बड़ी मुश्किल से बचाया था। तो ऐसी आईडियोलॉजी है साहब जो बच्चों को भी नहीं छोड़ती, बेटियों को भी नहीं छोड़ती, बहनों को भी नहीं छोड़ती। जी बिल्कुल। ये लोग कहते हैं ना जी हम औरत पे हाथ नहीं उठाते। वो आपके पाकिस्तानी एक डॉक्टर है अरीशा बाबर। उसकी उसका फतवा निकाल दिया है कि 25 लाख जो मारेगा उसको उसको हम अप्रिशिएट करेंगे और फाइनशियल सपोर्ट करेंगे। इसी तरह से ये यूएस में एक मदिया शाह है वो भी डॉक्टर है यहां पे। उनके भी जान को दुश्मन हो गए थे। बहुत बड़ा हार्ड टाइम उनको दिया बेचारी को वो बंदी को मदिया शाह नाम है उसका। फिर एक दूसरी एक और बंदी है। उसका नाम है क्या नाम था उनका यार? यूके में जो रहती है यार नूर नाम भूल है। अच्छा कैंडी लुबना जो है उसको अपना घर चेंज करना पड़ गया। खातून ताश जो है उस पर अटैक किया गया। उसको अपनी राहायश चेंज करनी पड़ी। और नूरिया खान नूरिया खान के पीछे लगे रहे। ये बेगैरत तरीन आईडियोलॉजी है सर। इसमें कोई फीमेल के लिए कोई पोजीशन नहीं, कोई वो नहीं है। वो कहते हैं जी हम ऐसा नहीं करते। हम ऐसा नहीं करते। झूठ बोलते हैं लेकिन अरबी साहब एक मेरी नजरों के सामने से क्लिप गुजरी थी और वो कह रहे थे अजी साहब क्या बात करते हो हमारे यहां तो इतना बड़ा रुतबा है एक महिला का कि जन्नत में वो हूरों के सरदार बनेगी इसमें क्या कहोगे अच्छा जी मैंने उसको एक मेरे Facebook पे एक बंदी से पाकिस्तानी की शायद उससे डिबेट हो रही बातचीत हो रही थी तो उसने भी यही बात कहा कि जी इस्लाम में औरत के लिए तो सूर निसा है बकायदा पूरी कुरान में और उसको मां के पैरों के नीचे जन्नत करार दिया गया है। और जब उसकी बेटी जब फातिमा आती थी तो वो खड़ा हो जाता था। तो मैंने कहा इतने बंगे बें कराई है उस बंदी ने। मैंने कहा फर्स्ट ऑफ ऑल आप ये देख कि वो जो खातून है जो मां है वो सिर्फ मुसलमान होनी चाहिए। अगर वो सिख है या क्रिश्चियन है या हिंदू है तो उसके पैरों नीचे जन्नत नहीं है। फर्स्ट ऑफ ऑल सेकंड ऑफ ऑल आपको जन्नत अपने पैरों के नीचे लाने के लिए मां बनना पड़ता है। यानी कि किसी का किसी से शादी करेंगे जब मां बनेंगे उसके बच्चों की मां बनेगी तब आपको वो जन्नत दी जाएगी। ठीक है? थर्ड ऑफ़ ऑल अगर जन्नत में चली भी जाती है तो की सरदार बनती है। वो सिर्फ एक मुंशी नहीं होता जो नंबर लगाता रहता है बैठ के हम तेरी बारी है। आजा भाई तेरी बारी है। ऐसा कर उसका उसमें उसका क्या फायदा है? उस बंदे को मियां ने आना पूछना है 70 साल फायदा की है जा मेरे शहर आ जा दसो अपना कोई भी गैरतमंद औरत इस तरह कर अपने शहर कह जा बारी है जा के बकवास है सर ये पूरी आइडियोलॉजी गलासत और गंदगी मुझे अफसोस सिर्फ इस बात का होता है कि इंडिया जैसी एक खूबसूरत जगह पे जहां पे महिलाओं लेडी का इतना सम्मान किया जाता था कि देवियों के नाम रखे होते थे जहां पे जानवरों तक के लिए ये है कि पसी पक्षियों को भी आपने खाना डालना है उनका केयर करना है वहां पे इस किस्म के कंजर लोगों ने गंदगी मचाई और हमारे जो बड़े थे उन्होंने कोई इसका स्टडी नहीं किया उसको ढंग किसको पंजाबी आ गया [प्रशंसा] थोड़ा सा लेट नहीं होगा जिन भी चलाया पता नहीं रहमान भाई ने चलाया अच्छा भाई साहब देखिए अक्सर हम स्ट्रेंज करते हैं देखिए अक्सर यहां से मैसेज देते हैं कि भाई हमारा कोई लेना देना नहीं है। कोई हलाला करे, कोई तीन तलाक करे, कोई कुछ करे, चाचे की, बेटी की। हालांकि सब बुराइयां है। उनको जो करना है करें यार। लेकिन देखिए अरवी साहब एक मैसेज मैं हमेशा देता हूं कि यार आप जो करें जहां के हैं वहां करें। इस अरबी कल का इस अरब की गंदगी का हमारे ख्ते से हमारे यहां से कोई लेना देना नहीं है। है ना? बिल्कुल। बिल्कुल सर। हमें बचपन से ये बताया गया कि मोहम्मद बिन कासिम क्यों आया और आप देखें उसका ग्राउंड कैसे उन्होंने बनाया। बच्चे के ज़हन में जो चार साल का है, तीन साल का है, पांच साल का है उसको किस तरीके से इस कल्चर से नफरत दिलाई गई कि मोहम्मद बिन कासिम इसलिए आया कि उसने राजा दाहिर ने मुसलमान औरतों को यहां पे बंदी बना लिया था। और राजा दाहिर जैसा महान हस्ती जैसा बाद में मुझे पता चला कि वो बंदे ने अपनी जुबान की खातिर, अपनी दोस्ती की खातिर अपने अपने कल्चर और अपने तहजीब की खातिर अपने बेटों को अपने को कत्ल कराना पसंद कर लिया। पर उसने उस औरतों को वापस नहीं किया जो ये कासिम जिनको लेने के लिए आया था। ठीक है। अब उसके लिए क्या मशहूर किया कि जनाब वो अपनी बहनों के साथ सेक्स करता था और बुरी हरकतें करता था और औरतों को बंदिया बनाता था। मुसलमान ये बेगरतों ने बच्चों को वहां पर स्कूलों में पढ़ाते ताकि उससे नफरत एक ग्राउंड पैदा हो जाए कि जस्टिफिकेशन दे कि हां मुसलमान क्यों आए थे इंडिया में? तो एक बंदा यहां मेरी बात हो रही थी तो उसने किताब भी लिखी है। उसने कहा जी हम मुगल है और मुगल रेवियस से हैं। मैं तो अब नहीं परवाह करता। मैंने कहा तुम डकैतों की लुटेरों की उससे फैमिली से हो और तुम इस चीज पर फक्र कर रहे हो। तो मैं एकदम से नाराज हो गया मेरे से। कहता है किस तरह की बातें कर रहे हो आप यार। डकैत लुटेरे। मैंने कहा और क्या मुगल क्या लेने आए थे इंडिया में? इंडिया उनकी धरती थी। उनकी जमीन थी। तो यहां उठ के भाग गया। वहां से चला गया। मैंने कहा ऐसे इनको जलील करता रहूंगा जब तक मैं देखिए एक एक टॉलरेंस की भी एक हद होती है सामने एक जगह बैठा था पब्लिक प्लेस में तो चाय पी रहे थे एक मोमिन आ गया वहां बहुत बढ़िया बातें की लेकिन वो कीड़ा होता है ना तो ज्यादा ज्यादा वो कीड़ा जो मोमिन का है ना तब तबग का जो कीड़ा है दावत का वो ज्यादा से ज्यादा मेरे ख्याल से पांच या छ मिनट आता है नहीं तो वो फिर आगे से या पिछवाड़े से बाहर आ ही जाता है तो वो साहब ने बिना किसी बात के जिक्र छेड़ा उसने कहीं सुना होगा बात चल रही थी लोकल पॉलिटिक्स की वो कहता है आप लोगों को एक बात बताऊं तो सब देखने लगे तो कहते हैं ये जो आप लोग कहते हैं ना ये जो मंदिर था अपना अपना सोमनाथ का जो मंदिर तोड़ा था ये मंदिर पता क्यों तोड़ा था तो गुस्सा तो बहुत आया सुनता रहा मैं मैंने कहा क्यों कहते वहां पे जो पुजारी थे ना वो लोगों का बेवकूफ बनाते थे कि ये जो ये जो मूर्ति है ना ये बिना स्पोर्ट के हवा में छूती है और फिर उसको साबित करने के लिए उस अंधविश्वास को तोड़ने के लिए उस मूर्ति को तोड़ा गया था। देख लो साहब मैं आपको बताऊं मेरे जो हमें जो स्कूल में जो टीचर्स बताते थे वो जो बात अगर आप सुन ले ना तो आपका दिल चाहे कि उस की गर्दन उतार दे जो बचपन में हमें बताया जाता था कि सोमनाथ का मंदिर इसलिए तोड़ा गया था कि वहां जो पुजारी थे या जो वहां के जो वो करते थे वहां पर वो औरतों के साथ बलात्कार करते थे और वो अपने देवी देवताओं को खुश करने के लिए हरकतें करते थे और एक उन्होंने बुत भी बनाया हुआ था जो मुल्क रहता था यानी कि इतनी नफरत इतनी गंदी बातें जो इनमें है सारी जो मुसलमानों में जो हम लोगों में जो हमारे कल्चर में हमारी सोसाइटी में ये थी कि जनाब लौंडिया बना लो औरतों को बलात्कार करो सुबह शाम सफिया के साथ हुआ जो और बहुत सी लड़कियों के साथ फिर चार चार बीवियां रखी हुई है वो सारा मलबा जो है वो उठा के हिंदुओं पे डालते रहे बगैरत के इसलिए मुझे इनसे कुछ ज्यादा ही नफरत नफरत है आप मेरे जो उसमें एक आपको तल्खी मिलेगी ना लहजे में वो इस वजह से है कि जी हमें बेवकूफ बनाया गया बहुत सख्त किस्म का फिर जब मैं यूएस मैं यहां पे बाहर आया तो मैंने देखा यार ये तो बड़े मासूम कौम है। अच्छे बातचीत करते हैं। कोई इनमें नफरत नहीं है। किसी किस्म की इसमें चाल चलाकी नहीं करते। तो ये क्या चक्कर क्या है? ये क्यों इतना इतना ये ड्रामेबाजियां की गई है। तो दिमाग को खोलने के लिए आप देख कुछ ना कुछ ऐसी चीजें आपको मिल जाती है जिसे भगवान चाहे रास्ता दिखा दे जिसको भी सही रास्ते पे ले आए। तो फिर मैंने कहा अब इनकी मैं मां बहन करूंगा। और मैंने तो ज्यादातर आप लोग देखते होंगे कि नजारा स्ट्रीमों में जाके इसी चीज को इनकी मां मैं परसों बड़ा हंस रहा था। मैं बोला नहीं साहब एक किसी के स्पेस में बैठे थे आप और साहब बड़ी बड़ी गरमा गरमा गरम गुफ्तगू चल रही थी। जी हां कोई टॉपिक याद है आपको? अच्छा पहले एंजेल सिस्टर भी एंजेल जी इस बात की गवाही देंगी कि मैं पहले बहुत ज्यादा गालियां पंजाबी स्टाइल जो होता है ना गालियों का हमारी तरफ बहुत ज्यादा होता है मुझे चदे पंजाब का तो नहीं पता पर लह पंजाब में ये है कि बात कम करनी है गालियां ज्यादा देनी होती है हमने भाई सारे पंजाबियों का ही हाल है सारे पंजाबियों का ही हमारी बात ही कंप्लीट हमारा जोक ही कंप्लीट नहीं होता उस वक्त तक जब तक अगले की मां बहन ना कर देना तो वो ये एंजल क्योंकि वो उस कल्चर से शायद नहीं आती है तो ये बड़ा मुझे ब्लॉक कर देती तो उतार देती अच्छा अब मैंने क्या किया है कि अब आप मेरे चेंजेस नोट करेंगे। अब मैं नहीं गालियां देता रहा। कहता हूं देते रहो देते रहो कोई मसला नहीं। मैंने जिस कुत्ते की दुम पे पैर रखा हुआ है ना मैं वो दुम पे पैर नहीं हटाना मुझे। चाहे कितना ही काटता रहे। समझ रहे हो बात को? सही बात है। एक एक अरबी साहब एक बहुत अच्छा नौजवान कोर्ट पे डाल रखा है। टाइम आई लगा रखी है। खड़ा है सिगरेट पी रहा है। तो एक आता है बंदा वो बंदा दूसरी कराची साइड उर्दू स्पीकिंग है तो वो आता है उसको पूछता है। कहता है और भाई साहब भाई जान ठीक-ठाक है। कहता है जी सर ठीक-ठाक है। बहुत शुक्र है। आप सुनाइएगा आप कैसे हैं? आपकी तबीयत कैसी है? परिवार कैसा है? वो कहता है ठीक हूं जी मैं भी कहता है आप कौन है? कहता है जी मैं पंजाबी हूं। पंजाब से आता हूं। बड़ी अच्छी बात है। चली कहता पंजाब से आता हूं। जी मैं पंजाब में पैदा हुआ हूं। पंजाबी हूं। कहते यार वो तो सही है लेकिन एक बात मैंने सुनी है। कहते क्या कहते मैंने सुना है पंजाबी गालियां बहुत निकालते हैं। कहता कहता पंजाबी गाना का तो हो जाता है साहब। अब क्या करें? माफी भी मांग लेते हो। अच्छा एक और मैं आपको बताऊं पंजाबियों की जो बड़ी मजेदार चीज है। एक तो गाना शाते अपनी जगह पे है। जो जुगते होती है ना वो मुझे पंजाबी में मजा आता है। ज्यादातर स्पीकिंग की जुग भी मुझे इतनी खास मजा नहीं देती है। जो हमारी तरफ तो फैसला जो है ना अच्छा सिमरन ये इस टीम का मेन पेज का जो लिंक है ना वो सांगा साहब को भी भेज दो शायद जुड़ जाए। खस्तानी सांगा जी बोलिए साहब। बिलकुल हां मैं केलेला बना एक अपना जान सुल्तान भी सही हो गया पहला गलत चल सेट हो गया जी के बारे में बात कर रहे थे हम पता है जो बात कर रहे थे एक तरफ माइंड ना करना बच्चा पैदा रोसी मर अपने बैठे जिस तक नमाज़ जनाजा हो रही है अ होलीहली टोलकी ना बजा तो मैं हस हस के तो उसको तो अपने अब्बास जी मरे पड़े हैं और कहता है जी हां अरबी भाई हम लोग ऐसा करते हैं ना कि एक एक पॉइंट हम लोग पढ़ते हैं और आप लोग अपना राय दीजिए ताकि हम इस पे एक शॉर्ट वीडियो बना सके। ठीक है? जी मैं आपको बताऊं इसमें फीमेल के लिए तो जो औरतों का आपका टॉपिक था वो तो इतना ज्यादा मटेरियल है। इतना मटेरियल है इनको कौन सी ऐसी जगह पे जो नबी ने इनको तसली इनके इनकी बेती ना की हो। कोई कोना जाने नहीं दिया। कई इनको कम अकल कह रहे हैं। कई नज कह रहे हैं। कई गधे और कुत्ते से मिला रहे हैं। क्या चले पढ़े आप खेती का दे रहा है भाई? कहीं ये कहा है देख कुरान की आयत है कुरान की आपको आयत होगी नजर से तुम्हें मरहूब है यानी कि तुम्हें पसंद है पंजाबी में तो हम लोग को तो वैसे ही पसंद है ना जमीन ट्रैक्टर पशु पक्षी जो है जानवर बंदर जिसे हम कहते हैं अपने और औरतें अच्छा औरत को किस चीज से मिला रहे हैं जमीनों से जानवरों से घोड़ों से और ये कुरान की एक आयत में पढ़ के हैरान रह गया मैंने कहा कंपैरिजन क्या कर रहा यार ये बंदा अल्लाह ताला है कि बड़ा ही ताला है इसके सर। बिल्कुल हमारे साथ देखिए एक कमेंट में एक रुबाना करके रुबाना करके कुछ लड़की है। ठीक है। अब उसको कह वो कह रही है कि आप लोग टॉपिक पे नहीं बात कर रहे। अरे हम टॉपिक पे बात कर रहे। तुम्हारी जैसी बहनों का ही इंतजार कर रहे। आप जॉइ करो ना। नीचे कभी यह मतलब क्या बोलते हैं वह एतराज जताती है कभी वह आपस में ही बातें करने लग जाती है। एक बार ज्वाइन कीजिए स्ट्रीम और आकर के बात कर लेते हैं। क्या दिक्कत है? साबित हो जाएगा कि मतलब मतलब अगर आप सच में समझते हैं कि आपके लिए क्या है? अधिकतर तो मोमिना जो है वो पता नहीं अलग मूड में रहती है। लेकिन खैर अभी यह बात हम नहीं करेंगे। बस हम अभी अपने पॉइंट पे चलते हैं। ब्लेड भाई वो एक बार लाइए पॉइंट को और हम लोग अपने सभी भाई जितने हैं हम एक बार पॉइंट को सारे पॉइंट को पढ़ लेते हैं और उसके बाद फिर हम एक-एक राय लेंगे ताकि इस टॉपिक को और मजबूती से और जितनी भी लड़कियां देख रही है और आगे भी देखेगी ना तो उसको समझ आएगा। क्योंकि आज के दौर में अगर हम जो प्रेजेंट का जो अगर एग्जांपल नहीं देते हैं ना तो लोगों को समझ नहीं आता है। है ना? और यह दूसरा पॉइंट था। पहला तो था कि अगर औरत की अकल मर्द से आधी है तो आज के तारीख में करोड़ों जो औरतें डॉक्टर इंजीनियर ये तो हो गया है ना कि ये सब चीजें कैसे बन रही है। ठीक है? दूसरा पॉइंट यह है कि अगर औरतों की गवाही आधी ही है तो अदालतों में औरतें जो जज है क्यों बनाई जाती है? और वह तो फैसला भी देती है। बहुत सारे ऐसे अदालत होते हैं जहां पर जो जज होती हैं वह होती है लेडीज या फिर
वकील भी होती है। है ना? तो फिर उनकी जो फैसला होता है, उनका जो फैसला क्या वो आधा माना जाता है? ये बताइए। है ना? नोट करने वाली बात है।
नहीं, सबसे बड़ी जो गवाही जो है वो खदीजा ने जो हजरत मोहम्मद की दी कि भई तुम क्या कहते हैं नबी हो। उसको ये दिलाया एक मेंटली आदमी को तो वो गवाही वहां पूरी कैसे हो गई फिर उसी चली है। अच्छा, वो आपके पास हदीस है जिसमें वो खदीजा इनका जो टेस्ट लेती है कि किस तरीके से ये नबी वो फरिश्ता आता है या कोई शैतान आता है? कभी वो एक लैब पे बिठाती है, टाई पे पट पे बिठाती है, फिर दूसरे पे बिठाती है, फिर कपड़े उतार। अजीब फजूल किस्म की सारी कहानियां हैं जिसमें कोई दम नहीं।
चलिए, कोई आया है हमारे साथ। मोमिन? फिर ये हमें टॉपिक पे बात करने ही नहीं देगा भाई। चलो, टॉपिक इनके सामने ही डिस्कस कर लेते हैं। ऐड करो भाई, ब्लेड भाई वकील मोहम्मद को किक बटन पे रखना। पता नहीं फिर क्या बात करेगा।
जी वकील साहब। नमस्कार दीदी। अरे, इनका बस नाम वकील है। रियल लाइफ में वकील नहीं है। अरे, आप नॉन मोमिन हो क्या? नहीं, मोमिन है। तो नमस्ते क्यों बोला आपने? क्यों उस पे क्या आपका अधिकार है? अरे नहीं नहीं, मतलब नहीं नहीं। अरे, ये मतलब से नहीं, पॉइंट से हमने बोला। मतलब अधिकतर लोग आके सलाम करते ना। यह तो आपकी मर्जी भाई। सलाम करो, सत श्री अकाल करो, जो करना है, गुड इवनिंग, गुड मॉर्निंग, जो करना है करो। बस पूछ रहे हैं आपसे। देखो, हम आजाद देश में रहते हैं। कुछ भी बोल सकते हैं।
हां, चलिए तो आप कोई आयत सुना दीजिए फटाक से। फिर हम आगे टॉपिक पर बात करते हैं आपसे। आयत सुना देते हैं। कौन सी सुनाएं? सूरह इखलास सुना दीजिए। छोटी सी या प्यारी सी। आउज़ब्लाह मिन शैतनील रजीम। बिस्मिल्लाह रहमानिर्रहीम। कुल्लाहु अल्लाहु अहद। अल्लाहुस समद। लम यलिद व लम यूलद। व लम यकुल लहू कुफुवन अहद। वाह वाह वाह वाह! क्या बात है, क्या बात है! स्वागत है मेरे चैनल पे आपका भाई।
चलिए तो आज के टॉपिक पे आप क्या कहेंगे? क्या मर्दों से कम अकल होती है औरत? नहीं होती है। नहीं होती है। चलिए, क्या बात है। तो आप सही सही कह रहे हैं या फिर आपके कुरान और हदीस सही कह रहे हैं? कुरान सही कह रहा है। हदीस गलत कह रही है। कुरान में भी तो सेम बात है कि औरत कम अकल होती है। ऐसा क्यों कह रहा है? कुरान में ऐसा बोला ही नहीं कम अकल का। कौन सी आयत में? काफिर आप सुन रहे हैं ये म्यूट पे।
सूरह बकरा का आयत है ना? देख, वो सिर्फ कुरान में सब नहीं है। हदीसों। कुरान के बगैर इस्लाम कंप्लीट नहीं होता है। कुरान में तो जगह-जगह औरत को ये कहा गया खेतिया है और जानवरों से मिलाया गया है। जो भी मैंने एक आयत बकरे की आयत में निकालता हूं, उसमें और उसको जो है उसकी गवाही को आधा करार दिया गया है। उसकी विरासत में जो हिस्सा है वो वन सिक्स है, वो भी इतना कम दिया हुआ है। तो हर जगह ये बहुत ही महदूद और को कमतर साबित किया गया। ये कुरान को मानने वाले अरबी भाई ये कह रहे हैं कि हदीस गलत है, कुरान सही है। तो कुरान में भी हम दिखा देते हैं ना। कुरान में भी तो यही है ना कि उसके जो विरासत का हिस्सा है, कौन सा हिस्सा है? यानी बेटे को आधा मिलेगा तो उसका छठा हिस्सा उसको मिलेगा लड़की को। और जो है क्या कहते हैं गवाही भी वो देगी तो उसकी भी वो दो औरतें एक बात की जगह गवाही देंगी। फिर औरतों को वो कहा गया है कि खेतियां बनाया गया है। औरतों को खेती बनाए। अच्छा, बोलो। कुरान आपका कहता है ना कि औरतें खेत तुम्हारी खेतियां हैं। जैसे चाहे जाओ दाखिल हो जाओ। वही एक इंसान को आप खेती क्यों कह रहे हैं? हां, और आधी अकल क्यों कहा गया उनको? मर्दों से कम अकल क्यों कहा गया? ये बताइए आप।
नहीं, ऐसा है ही नहीं। कुरान में कि आधी अकल है। क्या ऐसा है ही नहीं। कुरान के अंदर क्या आधी अकल है। और दूसरा आप ये बताएं कि आप जो है ये सही बुखारी है ना? सैयद चाचा तो नहीं है? अरबी भाई आवाज वैसा? हां, नहीं, सैयद चाचा नहीं है। सैयद चाचा की आवाज वो थोड़ी सी पतली है। अच्छा, पूछना चाह रहा हूं कि ये जो साह सत्ता की किताबें बुखारी है, मुस्लिम है, ये इसको नहीं मानते हैं क्या? क्योंकि इस्लाम अगर इनका कंप्लीट ही नहीं होगा तो आप नमाज कैसे पढ़ते हैं? आपको अपने नबी के बारे में कैसे पता चलता है कि वो क्या थे, उनके वालदैन क्या थे, क्या करते थे? आपको कौन पता है उसका? कुरान में तो कहीं नहीं लिखा कि मोहम्मद क्या करते थे, क्या कहां से आए?
नहीं, बाकी हमारे को अल्लाह ने अकल तो दी है। क्या अकल तो नहीं, नहीं, आप जैसे वैसे हदीस को नहीं मानेंगे, जैसे बुखारी को नहीं मानेंगे तो आप तो इस्लाम से बाहर हो जाएंगे ना। तो इसमें काफी सारी उलमा की राय है कि जो इन किताबों को नहीं मानता है, वो भी इस्लाम से नहीं, कि उसका कोई ताल्लुक नहीं है। मुस्लिम नहीं। तो उलमा के उलेमा का बनाया हुआ इस्लाम थोड़ी। इस्लाम तो अल्लाह का बनाया हुआ है। हम उलमा के इस्लाम। आपका उलमा। उलमा के बनाया इस्लाम नहीं है। तो फिर कुरान तो कहता है ना हा ताल। अगर तुम्हें नहीं कुछ पता तो उन्मा से बात मालूम करो। ताल तालिब जो तालिब है, पढ़ा लिखा है, उससे पूछो। हां, तो कौन पढ़ा लिखा है? आपके पास? कुरान तो उलेमाओं को। उलेमा शू भी कहता है। कहता है वो तो उसकी एक अलदा बहस चली जाएगी। मगर कुरान तो यही कहता है जब आपको कोई चीज के बारे में नहीं पता तो उनसे मालूम करो जिनके पास इल्म है, जो आलिम है। हां, जिनके पास जो आप आलिम है। हां, तो आप बुखारी के पास आप कहते इल्म नहीं है। और जो इब्ने अब्बास हैं, जो दूसरे जो रावी हैं, वो सारे उनके पास इल्म नहीं है, आप कह रहे हैं।
अब फिर मतलब नमाज कैसे पढ़ लेते हो भाई? आप नमाज नहीं पढ़ते? मुसलमान होकर नमाज तो पढ़ते हैं। नमाज का मतलब कुरान में नमाज है। कुरान में सलात है। कुरान सलात है। सलात सलात है। कुरान में फिर आप नमाज पढ़ते कैसे हैं? उसका तरीका कुरान में है लिखा हुआ? क्या कुरान में है? नहीं, सलात का तरीका लिखा हुआ है। अच्छा, तरीका भी लिखा हुआ है। कितने टाइम पढ़ना है? क्या-क्या पढ़ना है? नहीं, नहीं, सलात टाइम से मतलब ही नहीं है। वो तो नमाज है। चाहे वो तो पार्ट के बनी हुई है नमाज। तो ये ये चीजें आपने कैसे समझ लिया कि पांच टाइम पढ़ना है? इतने इतने टाइम, इतने इतने बजे पढ़ना है। ये कैसे आपने डिसाइड किया?
नहीं, नहीं, ये दूसरे अंजली सिस्टर, आप ये बताइए कि सलात का मतलब नमाज तो होता नहीं है। सलात कायम करो। वो तो अल्लाह भी सलात भेज रहा है नबी पे। की 56 में अल्लाह कहता है कि मतलब कि के जो फरिश्ते और अल्लाह जो है नबी पे सलात भेजते हैं, तो वो वो सलात वहां पे सलात कहते हैं कि नहीं, वो ब्लेसिंग भेज रहे हैं। फिर जब सलात का जिक्र आता है तो कहते हैं नहीं, इंसानों के लिए वो नमाज है। हर जगह ये चक्करबाजियां करते रहते हैं। एक बात पे रहे ना। सलात है क्या चीज? कहीं सलात का मतलब लेते हैं कि जी बराकात भेज रहा है, अल्लाह। जब आप ये कहेंगे नबी पे सलात कैसे भेज रहा है?
साहब, मसला ये है कि भाई ने कल तो मोलियत को खारिज कर दिया। कोई भी ऐसे इंसान से मतलब कोई भी मोलियत की बात करे, उसने खारिज कर दिया। दूसरा किसी हदीस को नहीं मानता। कुरान तो मुकम्मल है ही नहीं। फिर कुरान तो डर गया। ये जो भी नमाज का तरीका, सलाम का तरीका ले रहा है, तो वो तो पॉसिबल ही नहीं है ना। फिर इसके लिए करना कुछ तो जो भी कुछ कर रहे हैं तो बगैर काम हो रहा है।
आवाज आ रही है ना मेरी? जी, चले गए क्या? नहीं, नहीं, हो गया भाई। सदमा लग गया क्या? वकील साहब? नहीं, नहीं, नहीं, नहीं। सदमा नहीं लगा। तो फिर अच्छा, बताओ तो सही। फिर आपने मौत मौलवियों को आपने कह दिया कि ये लोग इनको मैं मानता नहीं। ठीक है। इसका मतलब कि आप नमाज का तरीका मौ मौलवी से अपने उलमाओं से तो ले नहीं सके, क्योंकि कोई मानता है। दूसरा हदीसों को नहीं आप मानते। हदीसों में ये नमाज़ का तरीका, वो भी आप दिल से नकार रहे हो। ठीक है ना? कुरान के अंदर नमाज पढ़ने का इस्लाम का कोई तरीका है नहीं। तो आप ले कहां से रहे हो ये सब चीजें? जो प्रैक्टिस आप कर रहे हो, कहां से कर रहे हो?
देखो, नमाज इस्लाम की पहले भी थी। जर्स मजहब था नहीं। फारसियों से पहले जो जर्स मजहब था, उसमें से नमाज थी। इस्लाम में नमाज का वो है ही नहीं। सर, कुरान से भाई, कुरान से साबित कर दो। इस्लाम से पहले नमाज कुरान से साबित? कुरान में नमाज का है ही नहीं, भैया। कैसे साबित कर देंगे? नहीं है तो पढ़ते क्यों ना? तो नहीं तो क्यों पढ़ते हो आप? नहीं तो हम तो सलाम सलात करते हैं ना, नमाज थोड़ी पढ़ते हैं। सलात का क्या तरीका है? अल्लाह से कांटेक्ट करना ना। तरीका बताओ ना कैसे कांटेक्ट करें? फोन है अल्लाह के पास? WhatsApp? WhatsApp है क्या? हां, है। नहीं। WhatsApp है नहीं अल्लाह के पास। अच्छा, नंबर दे दो यार मेरे को।
सूरह मायदा की सूरदा की छठी आयत निकालो। क्या? होना चाहिए। उसका WhatsApp होना चाहिए। छठी आयत निकालो। उसका लिखा हुआ है। आप निकालो। अच्छा, आप बता दो पहले। आप निकालो। मैं क्यों निकालू भाई? मेरे ऊपर थोड़ी बनता है। आपको दिखा प्रूफ। आप दिखाओ। आप मुझे WhatsApp नंबर दिखाओगे सूर मायदा के अंदर। हां, छठी आयत में अल्लाह आमु अकीम सलाम। सला छोड़ो, मुझे बताओ WhatsApp नंबर सूर मादा के अंदर अल्लाह वो है के याना आनुकीम सलात वजहू। अपने दिमाग दिमाग को तो फिर आपका कांटेक्ट होगा उससे। मेरा WhatsApp आप मेरा क्वेश्चन सुन लो। WhatsApp नंबर है मायदा में दिखाओ अल्लाह का। दैट्स इट। इसके अलावा कोई इधर-उधर भागोगे तो दूसरी तरफ, दूसरी तरफ से गर्दन पकड़ूंगा।
अरे, आप आपकी इच्छा, आपका चैनल है। किधर से गर्दन पकड़ो, टांग पकड़ो, हाथ पकड़ो, पांव पकड़ो। उसका नहीं कह रहा हूं। नहीं, नहीं, पांव नहीं पकड़ूंगा। गर्दन पकड़ूंगा। गर्दन, गर्दन पकड़ो, पांव पकड़ो, बाल पकड़ो, जो भी पकड़ना है, पकड़ो। बाकी पकड़ोगे आप। पांव पकड़ोगे आप मेरे। अब आप अल्लाह का नंबर मायदा से, सूर मायदा से दिखाओ। अगर नहीं दिखा सकते, बोल दो नहीं दिखा सकते। मैं दूसरा सवाल रखता हूं। नहीं तो आप वो छठी आयत को पढ़ो ना। उसको आपको उसमें उनका WhatsApp नंबर मिल जाएगा। वो छठी आयत दिखाना आपका काम है, मेरा काम नहीं है। मैंने सवाल पूछा, जवाब आपको देना है।
भैया, मैं मैं मोबाइल लेके बैठा हूं। मेरे पास वो नहीं है कि खोल के बता दूं। अरे, वही छठी आयत है। मुंह से पढ़ दो यार। मुंह से पढ़ दो। मुंह से पढ़ दो। नहीं यार, कोई बात नहीं। मुंह से पढ़ दो। मुंह से दो WhatsApp नंबर होना चाहिए उसमें अल्लाह का। याजीना आमु ए ईमान वालों, अकीम सला। जब भी आप अल्लाह से कांटेक्ट करो, कायम करो, तो वजू अपना रुख चेहरा उस तरफ कर लिया करो और रशु जो अपने ब्रेन के अंदर है, उस चीज को निकाल दो, तो फिर आपका कांटेक्ट हो जाएगा। WhatsApp नंबर मिल जाएगा आपको। नहीं, नहीं, बताओ WhatsApp नंबर इसमें सूर मायदा में आपने कहा था WhatsApp नंबर है, वो बताओ आप।
भाई WhatsApp नंबर, भाई भाई, बता दो नंबर ही बता दो। थोड़ी सी कष्ट करके नंबर बताओ। हम हम भी नोट करते हैं। बहुत सारी बातें कर रहे हैं। बताओ भाई, बताओ। वो है तो रह अपने सर के अंदर से अपने। एक मिनट, एक मिनट। वकील साहब, अपना एक काम करो। आप सलाह कायम करो। नंबर नंबर मांग लेना अल्लाह से, क्योंकि आपका कनेक्शन हो जाएगा। आप सलाह कायम करो। नंबर मांग के हमें भी दे देना। ठीक है? फिर हम भी अपने को शक को दूर कर लेंगे। सारे जितने भी हमारे मसल हैं, वो सारे दूर कर लेंगे। ठीक, ठीक, ठीक। चलो, ठीक है। मिलते हैं किसी और। ये नए किस्म के मुसलमान आ गए हैं। बहुत से वैरायटी के। पता नहीं कौन-कौन से अहले चॉइस बॉल साहिल के आ गए जो अपने हिसाब से उन्होंने इस्लाम बना लिया है कि जनाब उम्मीद बलोच काफिर। ये देखिए कौन है? उम्मीद बलोची? कोई आ रहे हैं क्या बैक स्टेज? बैक स्टेज में वग कोई है? एक मिनट देखते हैं। चलो, वकील साहब, आप WhatsApp नंबर लेके आना, ठीक है? देख लो भाई को गाली देनी है, भाग जा। उसके बाद।
जी साहब। हेलो। हां जी, आवाज आ रही है? आ रही है। क्या सवाल तो आप कबूल मुसलमान हैं? हां, अभी तक तो है। अभी तक तो। अच्छा, ठीक है। ठीक है। एक और विकेट डाउन होने वाली है आज। अच्छा, कोई सुरा सुना दो यार। कोई सुरा सुना दो। आप सुनाइए आप। आपको आती है? मैं तो सर, मेरे को कुछ नहीं आता। आप जरा सुना दो थोड़ा सा। कौन सी क्लास सुना दो? अच्छा। बिल्ला शैतनील रजीम। बिस्मिल्लाहिर्राहमानिर्रहीम। रब फलक शस। बताइए। हेलो? हेलो? हेलो? हेलो? मेरे ख्याल से किसी आवाज नहीं आ रही। जी, आप क्या कहते हैं आप मुसलमान हैं? इसका मतलब तो क्यों आप मुसलमान? आपने आज का टॉपिक देखा है? आप मौजूदा टॉपिक आपने देखा कि औरतों का जो मुकाम है इस्लाम में, वो इतना कमतर क्यों है? ये हमारा सवाल है आपसे। अच्छा, अच्छा। नहीं, इससे पहले आपने किसी से सलात के बारे में पूछ रहे थे। मैंने वो कह नहीं, वो इसलिए पूछ रहे थे कि वो कहते हैं मैं हदीस को नहीं मानता। जबकि कुरान, इस्लाम जो बेस करता है, वो कुरान और हदीस पे बेस करता है। जो आपको सा सत्ता पे ईमान रखना है। अगर कोई शख्स कह दे कि मैं ये हदीस मुकद्दसा को नहीं मानता, तो वैसे इस्लाम से आउट हो जाएगा। अब वो ऊंट पटांग बातें कर रहे हैं। इधर-उधर से बातें किए जा रहे हैं। वो तो बात करना है। वो तो सही है आपकी बात। मगर क्योंकि इसमें बहुत सारे कंट्रीशन हैं हदीसों में, तो जो कुरान की आयत है ना, उसके वो तो देखिए। वो तो जो नॉन मुस्लिम है, जो एक्स मुस्लिम है, वो भी जानते हैं कि जो हदीस कुरान से टकराएंगी ना, हम उसको नहीं लेंगे। और जो आपके जो क्लासिकल स्कॉलर्स हैं, जिनने उसकी ग्रेडेशन करी हुई है ना कि ये सही है, ये हसन है, और फिर उसकी जो तफसीर है, तसीर कुरतबी है, तसीर कसीर है, वो उस तरह चलता है। ऐसे थोड़ी कि आप कोई भी हदीस उठा के उस डिबेट करना शुरू कर दे। हम ऐसी हदीसों पे बात ही नहीं करते। ना तो पता नहीं लाखों के हिसाब से हदीसे जो वीक हैं, और उस पर बात करना अपना टाइम बर्बाद करने वाली बात है। हम उन्हीं हदीसों को लेते हैं जो आपके मुस्लिम वर्ल्ड में सबसे ज्यादा उनको एक मानता है, माना जाता है। कुरान की जो तराजुम जो है, वो भी हम अपनी तरफ से नहीं लेंगे। हम ज्यादातर जो आपके स्कॉलर्स हैं। अब आप हां, अगर आप ये कहेंगे गादी का तर्जमा पढ़ लो, या उसका जो जो अभी सदी के है, उसको हम नहीं लेंगे, क्योंकि वो फ्रॉड है सारे। दो नंबरिया करते हैं इस्लाम के मामले में। अच्छा, अच्छा। तो मौलाना वहीदुद्दीन साहब के बारे में आपका क्या ख्याल है? हां, सही है। मौलाना वहीदुद्दीन का एक अपना मकाम है। वो जलेबियां नहीं चल रहे ना, जो इस्लाम का सही चेहरा है, वो पेश करेंगे, तो हम उन्हीं को लेंगे। गांधी को मुसलमान खुद नहीं मानते। हां, ये मैं मान सकता हूं कि। तो औरतों का मकाम तो खैर [संगीत] इसमें है, ऐसी बात नहीं है। जो औरतों का आप क्या मकाम चाहते हैं इस समाज में? इस सोसाइटी में? क्या चाहते हैं आप? आई मीन, एक रेस्पेक्टफुल मकाम चाहते हैं। जैसे कि हमारी बहन ने भी जैसे ने बताया ना कि आपको जनाब उनको कम अकल कहा गया है। रेस्पेक्टफुल नहीं है ना? उनको जानवर कहा गया है। उनको निजासत के साथ मिलाया गया है। उनको कहा गया कम अकल है। उनकी जायदाद ने विरासत में कहा गया भाई? कम अकल क्यों कहा गया है? उनको खास करके ये अल्लाह का कॉल है। अल्लाह कह रहे हैं कि और नबी साहब कहते हैं कि कम अकल है। ये क्यों कह रहे हैं? अच्छा। बनाया तो उन्होंने ही है ना मतलब मर्द को भी मतलब अल्लाह ने ही बनाया, औरत को भी अल्लाह ने बनाया, तो वो ऐसी गलती क्यों दिए?
जी एंजेल, जी, एक बात मैं आपसे कहना चाहूंगा कि कुरान को आपने किस तरीके से उसको समझाया? वो असल में कुरान एक ऐसी किताब है, इससे इंसान भटक भी जाता है और राह रास्ते भी आ जाता है। यह ऐसी एक किताब है जिसकी वजह से लोग बाग बहुत ज्यादा गुमराह भी हो जाते हैं। यानी कि जैसे आप लोग हैं, एक मुस्लिम मुनकिर, मुनकिरे हदीस, मुनकिरे आयत। तो इसी तरीके से इससे जो है राय रास्त पे भी आ रहे हैं लोग। आप भी देखते हैं न्यूज़ में और सोशल मीडिया पर कितने लोग इस्लाम कुबूल कर रहे हैं और कितने लोग छोड़ रहे हैं। यह एक एक ये खुदा की एक अजीब और गरीब किताब है, जो कि इस तरीके से इसके साथ में होता है। यह खुद कुरान में भी आया हुआ है। इसी किताब से लोग बाग गुमराह होंगे और इसी किताब से जो है राह रास्ते पे आएंगे। अब इसमें जो है पहली कुरान की जो सूर बकरा है, उसमें बहुत सारी आयत ऐसी है कि जो आपको यकीन दिहानी दिलाने की कोशिश करती है। जैसे कि वो कहती है कि अली लाल किताब मुकी। इस तरीके की आयत और फिर आगे जाके बहुत सारी चीजें हैं, वो बताई है। और दूसरी बात जैसे कि अभी उससे पहले जो सवाल किसी ने कहा था कि भाई नमाज कहां साबित है? हदीस और मतलब हदीस में तो उसके तरीके बता रखे हैं कि भाई कैसे रुकू करना है, सजूद करना है। मगर इसी तरीके से बीच में कहीं कुरान में ये आया कि भाई कि आप जो है नमाज को मुसल्ला से ले लो। यानी इब्राहिमी मुसल्ला से। तो आप जब उसको वहां तरीका देखोगे तो उसी तरीके से फिर आप जिसमें मतलब मुस्लिम माशरे में इस तरीके के सुजूद और रुकू, ये सब चीज मिल जाते हैं। और भी चीजें हैं जो मिल जाती हैं।
जी हेलो? हेलो? वो जो आपने आयत पेश की है ना, के मुझे याद है जिसमें अल्लाह ताला फरमाते हैं कि जी नमाज को जो है तुम वहां से ले लो मुसल्ला से, यानी के काबा से, जो भी। जब ये आयत उतरी थी ना, उस टाइम कुफ्फार का दौर था और वहां पे कुफ्फार नंगा तवाफ किया करते थे और अपने जानवर लाके काटा करते थे और पता फर्टिलिटी का वो पता नहीं क्या हुआ बनाया था पत्थर जो है काला पत्थर। जो खवातीन है अपना ब्लड लगाती थी का ठीक है। तो ये जब आयत उतरी है, उसका आप शान नजूल देख ले और उसकी टाइमिंग देख ले, तो उस हिसाब से तो हमें वो उस तरह से पढ़नी चाहिए नमाज। जो आप जब कुरान आप पढ़ते हो, तो किस टाइम पढ़ रहे होते हो? प्रेजेंट में पढ़ेंगे भाई। जब देख आप जब कुरान उतरा ना, उन्होंने कहा कि जो मुसल्ला में हो रहा, यानी खाने काबा में, मस्जिद हराम में, जो भी कुछ हो रहा है, वो करो। यानी कि उसको कॉपी कर लो। तो मैंने आपको बताया कि उस टाइम तो ये सब कुछ हो रहा था। ये तो बाद में आप लोगों ने ये सब लिया है ना? जरतश जो है ना, जोस्टरियन, उसकी नमाज को आप लोगों ने कॉपी पेस्ट कर लिया।
नहीं, नहीं, आपकी बात को मैं रोक के कहूंगा कि अभी जो क्या हो रहा है, आप उसको प्रेजेंट में इसको देखिए ना। नमाज कुरान जो आप प्रेजेंट में पढ़ते हैं ना, तो वो प्रेजेंट में ही बता रहा है इस टाइम। ठीक है। मेरी बात शायद आपको समझ में आ रही है। क्या कहेंगे? हेलो? देख, आपने कहा प्रेजेंट का बता रहा है। ठीक है। हम जब आपकी कुरान की आयतों का बताते, उस वक्त की आयत कि उस वक्त आप कहते, नहीं, उस टाइम शान नजूल देखो। उस टाइम लौंडी गिरी था, इसलिए आयत उतर रही थी। उस टाइम जंग चल रही थी, इसलिए आयत उतर रही थी। और जब मैंने आपको कहा कि उस वक्त ये हो रहा था मुसल्ला में, खाने काबा में, तो आपने कहा नहीं, नहीं, उस वक्त का नहीं लो, आज का लो। आप लोग इतनी कलाबाजियां क्यों खाते हैं भाई? क्यों इतना जगलिंग करते हैं? जो अपनी मर्जी होती है, वो करेंगे आप लोग?
नहीं, नहीं, नहीं। ये असल में ये दीन फितरत है। तो कुरान जो है, मैंने बताया ना कि इसको छोड़े सारी बहसों को छोड़े। दी फितरत आपने कैसे ले लिया? आप जो इंसान की सुन्नत करते हैं, जो उसकी प्राइवेट पार्ट काट देते हैं। अगर फितरत होता ना, तो वो पैदाइशी कटा हुआ पैदा होता। सही है? पैदाइशी कलमा पढ़ता हुआ पैदा होता। फितरत में पैदा होता। आप बच्चा तो पैदा होता है, वो तो हम कहेंगे हिंदू पैदा होता है। उसके तो मोनो भी पूरी होती है। उसके बाल भी पूरी निकले हुए होते हैं। सब बड़े हुए होते हैं। हिंदू और।
मुस्लिम का तो सवाल ही नहीं है। नहीं, आप दीन फितरत की जो बात कर रहे हैं ना, दीन फितरत के हिसाब से पैनलेस आप लोग समझ रहे हैं, मैं जो बात करना चाह रहा हूं। अगर फितरत में होता तो तो सुन्नत ही के साथ सुन्नत हुई भी हुई होनी चाहिए थी। आप लोग तो बाद में उसको काट देते हैं उठा के। आप कहते हैं कि जो एक नेचर ने जोत अल्लाह तबारक ताला ने जो खाल बनाई है, वो नाजायज बनाई है, गलत बनाई है। हम उसकी करेक्शन कर रहे हैं। जबकि कुरान में अल्लाह कहता है, "खलकीन" वो सबसे अच्छा खल्क करने वाला है। यानी कि उसमें खराबी थी तो आपने उसको सेटिंग कर दी जाके। तो यह तो एक मतलब इसको आपके जरूरी थोड़ी ना करार दिया गया कि इसको काटना जरूरी है। यह तो एक सुन्नत है। यानी जो जो नबी ने बता दी कि भाई ये इस तरीके से कीजिए, तो ये सुन्नत में आ जाती है बात। समझ पा रहे हैं आप? सुन्नते नबी भी नहीं है और इस सुन्नत के पीछे आप लोग लोगों के गले काट देते हैं। हंगामे करते हैं। तबाहया मचाते अगर कोई कह दे ना कि भाई मैं अपने बच्चे की सुनते नहीं करवाऊंगा। हां, यह हुआ है। हमारे एक एक्स मुस्लिम हैं। सुने, इंडिया, पाकिस्तान में और मुस्लिम वर्ल्ड में अगर कोई कह दे कि मैं अपने बच्चे की सुनते नहीं कराऊंगा ना। आप देखिए किस तरीके से उसका उसका प्रोटेस्ट किया जाएगा।
नहीं, नहीं, ऐसा नहीं है। मेरे चैट में, चैट में, चैट में एहसान भाई हैं। एहसान भाई, आ जाइए ऊपर आ जाइए। एहसान भाई, आप आपका लिंक डाल देंगे। आ जाओ ऊपर आ जाओ। तो चलिए, ऐसा है, सुन्नत कराना कोई सुन्नत ऐसा काम होता है जो कि जरूरी नहीं होता। आप चले, बहस कहीं और चली जाएगी। डिबेट ये थी। आपने कहा कि इस्लाम दीन फितरत है। मैंने सवाल आपसे किया, अगर दीन फितरत है तो बच्चा फितरत में पैदा होता है। जब बच्चा फितरत में पैदा होता है, वो तो अपना प्राइवेट पूरा लेके पैदा होता है। आप उस फितरत को क्यों चेंज करते हैं? क्यों काट देते हैं? नाई को बुला के। उसमें बच्चे बहुत से मर भी जाते हैं और ट्रोमा में चले जाते हैं। दीन फितरत इसलिए है क्योंकि वो किसी को नहीं मान रहा होता है। वाहिद उसको खुदा व करीम ने उसको पैदा करा करा और मतलब उस महज से मैं बताना चाह रहा हूं कि भाई वो दीन फितरत पे पैदा हुआ। यानी वो किसी को मूर्ति को या किसी चीज को नहीं मानता है। वो अपने वो अल्लाह को भी नहीं मानता है। जो बच्चा होता है वो अल्लाह को अगर मानता होता तो पैदा होते साथ ही कलमे शहादत पढ़ता, शद ला इलाहा इल्लल्लाह, शद मैं गवाही देता हूं। तो हम भी मान लेते कि हां, देखो एक बच्चा एक दिन का है और जनाब वो कलमा शहादत पढ़ता हुआ पैदा हो रहा है। वो तो बेचारे को कुछ पता ही नहीं होता। आप तो उसकी नोनो काट के उसको मुसलमान बना देते हैं। उसके कानों में अाने देना शुरू कर देते हैं। और यह भी सबसे बड़ा जुर्म है आप लोगों का कि एक बच्चा है, उसकी आप बगैर परमिशन के उसका बॉडी पार्ट को आप काटते हैं। उसके कानों में अाने देते हैं। एक मुजम होगा, आपकी तो नोनो कट चुकी। अब उस नोनो को तो पूरा नहीं कर पाओगे ना आप।
नहीं, तो अब हम नबी की नोनो काट देंगे ना उठा के, जो बची हुई है जितनी भी। इसी गुस्से में की काटेंगे। पहले कोई बात नहीं। मैं मैं आपको मैं आपकी बात का बुरा नहीं मान रहा ना, मैं गाली बकूंगा। ठीक है? मैं मैं भी गाली नहीं बक रहा। जहां तक समझ पा रहा हूं, मेरे भाई, समझ आप पाकिस्तान आप टॉपिक पे आ जाएं। मेरे ख्याल से पैनलिस्ट में डिस्टर्ब हो रहे होंगे। ना औरत का मकाम इस्लाम में इतना गिरा हुआ क्यों है कि एक मर्तब चाहे सुने तो एक मत जब चाहे तीन तलाखें दे सकता है खड़े-खड़े और उसको घर से निकाल सकता है। सही। अच्छा। एक मर्द जो है, वो जन्म-जन्म के रिश्ते की बजाय उसको उजरत देता है। उसको पहली रात के सेक्स करने की उजरत देता है। उसके हाथ पे धरता है। जब पैसा इन्वॉल्व हो जाता है सेक्स में, तो वो प्रॉस्टिट्यूशन बन जाता है। वो एक पाग को पवित्र रिश्ता नहीं रहता है। औरत का मुकाम इतना गिरा हुआ है कि एक आप जैसे एक औरत है, उसके ऊपर एक मर्द तीन और औरतें लाके बिठा सकता है। तीन शादियां और कर सकता है। कुरान की आयत के मुताबिक के दो-दो, तीन-तीन, चार-चार शादियां करे। ठीक है? एक कुत्ता भी है ना, अगर आप पाले घर पे और उसकी जगह दूसरा कुत्ता लाए ना, तो पहला कुत्ता डिप्रेशन में चला जाता है और डिस्टर्ब होता है। लाइक नहीं करता। चाहे बिल्ली को भी आप ला के रख ले। वो पसंद नहीं करती कि दूसरी बिल्ली उसके ऊपर लाई जाए। तो अच्छा, यहां तक के आप सुने, यहां तक के आपका अल्लाह में इंसानी ख्वाहिशात इतनी ज्यादा है। वो तक पसंद नहीं करता। कहता है, मैं दूसरा अल्लाह पसंद नहीं करूंगा। तुम एक जो अल्लाह दूसरा अल्लाह लाएगा, मैं उसे जहन्नुम में डालूंगा। उसकी खाले जलाऊंगा। उसकी पिछवाड़े में चने डाल दूंगा। देखिए, आपका अल्लाह जो है ना, सुन तो, आपका अल्लाह जो है ना, वो तक दूसरा अल्लाह नहीं पसंद कर रहा है अपने साथ किसी को शरीक पसंद नहीं करता है। नहीं, कोई है दूसरा? हम आप बताएं, कोई दूसरा है? क्या है दूसरा? है दूसरा? बिल्कुल है साहब, बिल्कुल साहब है। कुरान ही कह रहा है। दूसरा अल्लाह कह रहा है। भाई, अल्लाह कह रहा है। हां, जो आप कह रहे हो, वो भी डिफरेंस पेश करो जरा। कहता है, जी, अल्लाह कहता है, "विक्ला खैर माह खैर खलकीन" यानी कि सबसे बड़ा अल्लाह है। उसके नीचे छोटे-छोटे और बहुत से अल्ले घूम रहे हैं। और अल्लाह ये भी कहता है, अल्लाह ये भी कहता है कि जो और लोग और भगवानों को मानते हैं, यानी और रिलजन के लोग और जो है, उनके बारे में बोलता है कि हम उनको भी जहन्नुम की आग में जलाएंगे। इसका मतलब वो भगवान अल्लाह से अलग है। अल्लाह से पूछो, वो भगवान कहां रहते हैं, जिनको वो जहन्नुम में जलाएगा। क्या दोबारा से बोलना? ऐसे ही कहा है। उनको भी जहन्नुम में डालेंगे। मेरी आवाज तो बहुत अच्छी है यार। वैसे, क्या समझ में नहीं आई? नहीं, समझाओ, क्या हो गया भाई? दोबारा कहने में कोई दिक्कत आ जाएगी क्या? नहीं, मैं ये कह रहा हूं, अल्लाह ये कहता है कि हम जो अलग लोग, जो और धर्म के भगवानों के बारे में अल्लाह बोलता है कि हम उनको भी जहन्नुम में जलाएंगे। ठीक है? नहीं, तो अब अल्लाह से पूछो कि भाई, वो भगवान कहां है, जिनको आप जहन्नुम में जलाने वाले हो। ठीक है जी। काफिरों को तो वो जलाएगा ही। जो जो अल्लाह को नहीं मानते, रसूल पर ईमान नहीं रखते हैं, उनको तो वो जलाएगा ही जहन्नुम में। और वो जिनकी परिस्थिति करते हैं, उनको भी अल्लाह जहन्नुम में जलाने वाला है। तो अल्लाह को पता है, वो भगवान कहां रहते हैं। इसका मतलब, हां, तो अल्लाह को, अल्लाह से पूछो, हां, अल्लाह से पूछो, वो भगवान कहां है? तो वो साबित हो रहा है कि अल्लाह अलग है, भगवान अलग है। कैसे साबित हो रहा है भाई? वो तो बता दिया ना उन्होंने। यार, जो अल्लाह कह रहा है ना, उसके अलावा, जो उसके अलावा किसी को भी पूजेगा, उसको माफ नहीं करेगा। वो अपनी खियत में किसी का दखल अंदाजी नहीं चाहता और है भी नहीं। नहीं, नहीं, भाई, उनके कारण जिनकी वो प्रस्तिश करते हैं, हम उनको भी और उनके मानने वालों को भी जहन्नुम में जलाएंगे। वो उसकी मर्जी है, भाई। वो कह रहा है, वो नहीं, वो उसकी मर्जी नहीं। ये तो भैया, आपकी मर्जी। ये तो आपकी मर्जी है। अल्लाह तो ये कह रहा है, दोनों को चैनलों में दिलाएंगे हम। एक सेकंड, भाई, एहसान भाई, स्वागत है आपका। ये कह रहे कि टॉपिक कहीं से कहीं चला जा रहा है। हमें टॉपिक पे रहना है। ठीक है? ये हमारा टॉपिक है कि कुरान और हदीसों में अल्लाह ने क्यों कहा है कि औरत जो होती है, मर्द से अकल में कम होती है। ऐसा क्यों कहा है? कौन कह रहा है? ये कह रहे। नहीं, अल्लाह नहीं, यह अल्लाह कहा है ना, कुरान में आता है ना कि मतलब मर्दों से कम अकल होती है औरतें। यह क्यों कहा है भाई? यह इस पे बात कर ले। फिर हमारे साथ एक उम्मीद ब्लची जी, पता नहीं, यह कोई है जो हमारे मॉडरेटर का है, सजेस्ट कर रहे हैं इनसे बात करने के लिए, तो हम उनसे फिर बात करेंगे। आप फटाक से बता दें एक बार, क्यों कहा है उन्होंने ऐसा? जी, जी, किससे पूछनी है? मेरे से? हां, हां, आप मोमिन हैं, तो आपसे पूछना तो मैंने बताया ना कि ऐसा कहां पर है, जो अभी बोल रहे थे कि भई जब चाहो जब तलाक दे दो, जब ऐसा कहां? छोड़ दीजिए ना। हम ये पूछ रहे हैं क्या कि अल्लाह क्यों कहते हैं कि मर्दों से कम अकल होती है औरतें? क्यों उन्होंने ऐसा बनाया और यह किस एंगल पे, किस बेस पे उन्होंने ऐसा कहा है? उन्होंने क्यों कहा? किस बेस पर कहा? यह तो व्ला आलम, यानी अल्लाह ही जानता है। अल्लाह की बातें। समझ रही है? सुन लिया इनका जवाब आपने। क्या जवाब दिया? मुझे नहीं पता। यानी अल्लाह ही जानता है। औरत को कमतर बना। अच्छा, अल्लाह ही जानता है कि क्यों कहा गया है कमल। आप नहीं जानते हैं। मैं कहां से जानूंगा? भाई, इस हिसाब से तो फिर आपको कुरान पे अमल ही नहीं करना चाहिए। किसी भी भाई, वो इसलिए है कि आप कोई भी, कोई भी आयत पढ़ेंगे या कोई भी सूर पढ़ेंगे। हां। आप कोई भी कुरान की आयत पढ़ेंगे, सूरह पढ़ेंगे, तो उसमें अल्लाह हर चीज बयान कर रहा है। लेकिन लास्ट में ये कह रहा है कि बेहतर अल्लाह जानता है। अल्लाह सही फैसले करने वाला है। अल्लाह वो सब कुछ जानने वाला है। ठीक है ना? यानी उसने सारी बातें बयान भी कर दी और तुम मानो या ना मानो, वो तुम्हें भी झूठा साबित कर रहा है। खुद कह रहा है कि मैं ही बेहतर हूं। तो इस हिसाब से तो तुम कैसे, तुम कैसे इस चीज की गवाही दे सकते हो कि लाइक किताब? अब मैं, अब मैं उसका जवाब दे दूं? नहीं, पहले उसका जवाब दो। एक सेकंड, सुनिए, सुनिए। आपके वालिद, वालदा कोई चीज आपके बचपन में जब आप रुक जाओ भाई, रुक जाओ। वो अभी, वो सिस्टर कुछ कह रही है, पहले उनकी सुन लो। पहले, एक सेकंड, भाई, एक सेकंड। ये उम्मीद जी जो है ना, वो कैमरा ऑन करके हैं, शायद इनको कह रहे हैं, कैमरा बंद कर लीजिए, फिर आपको ले सकते हैं ना? या कैमरा ऑन? हां, चलिए, ठीक है। इन्होंने कैमरा बंद कर लिया। भाई, फटाक से आप जवाब दें, फिर हम उनसे बात करते हैं। आप क्या कहते हैं इस पे? जी, मैं ये कह रहा था कि जैसे आपके वालिद, वालदा जब आप छोटे थे, तो आपको कुछ चीज समझाते थे कि भाई, ये बात मत करो। तो आप बच्चा एकदम ज़िद करता है कि मैं यह कर लूंगा, मैं वो कर लूंगा, या मैं यह नहीं मारूंगा। अरे यार, ये तुक्के ना मारो, तुक्के मत मारो। ये एक एहसान भाई, एक सेकंड, एक सेकंड। हां, ठीक है। अभी बोलने तो दीजिए, फिर बताते हैं ना। ठीक है। हां, फिर बोलिए। हां। हमें कोई चीज के लिए मना कर देते, तो हम उस चीज को जानने की कोशिश नहीं करते। राइट? हां। चलिए। कब तक नहीं जानने की कोशिश करते हैं? जब हम बच्चे होते हैं। ठीक है? अब मेरी बात सुनिए। जब तक हम बच्चे होते हैं, हमारे मां-बाप कहते हैं कि बेटा उधर मत जाना। उधर मवा रहता है। मतलब वो हमें डराते हैं। हमें लगता है सच में कोई मवा, कोई चीज होता है। भूत-वूत होता है। तो हम उस चीज को मान लेते हैं। जब हम बड़ा होते हैं, तो हमें पता चलता है कि हमें हर जगह हम जा सकते हैं। फिर हम उस जगह पर जाकर देखते हैं, समझते हैं। जब मेरे पास बुद्धि आती है। ठीक है? नॉलेज आता है। फिर हम उस चीज को देखते हैं। राइट? तो अब यही चीज आपसे कहना चाह रहे हैं हम कि जब आपको आपके मां-बाप ने कुछ बताया, जब आपको पता है कि आपके मौलवी, मौलाना जितने हैं, उन्होंने आपसे ये कह दिया कि यह सवाल मत पूछो। तो आप कम अकल थे, तब तक आपने नहीं पूछा। जब आपको अकल दिया जा रहा है, तो आप जाके एक बार पूछिए ना कि क्यों ना हम पूछे? हां। क्यों ना पूछे? उस खुदा की खियत और उसकी ताकत के अकल के हिसाब से आपकी और हमारी अकल अभी भी उसके सामने बच्ची है। नहीं, उनसे तो लाख दुगना आपकी बच्ची हो सकती है। मेरी तो 100 गुना उनसे बेहतर है। जो इंसान अब हम एक नहीं, हां, जब एक हम अल्लाह हैं। सुनिए, हम अल्लाह हैं और हम अपने हाथों से कहते हैं हम कि सभी को हम एक बराबर मानते हैं। है ना? सबको एक नजर से देखते हैं। तो फिर हम ऐसे कैसे कर सकते हैं? ऐसे कैसे कह सकते हैं कि हमने मर्दों को औरतों से मतलब औरतों से क्या बोलते हैं? अकल में कम मर्दों को, मर्दों को कम बनाया है। ऐसा क्यों कहा दिया है उन्होंने? वो कहते हैं ना कि जब वहां पे जब बना रहे थे, तो क्या मर्दों के लिए वहां पे जो जो उनके पास दिमाग रखा हुआ था, उनमें पूरा डाल दिया। और जब औरत की बारी आई, तो उनको आधा डाला। या फिर खत्म हो गया था वहां पे अकल, या फिर अल्लाह का ही अकल कहीं चला गया था? क्या हो गया था? बोलो भाई। अभी बाद में बताता हूं मैं आपको। अभी नहीं टाइम है। चलिए, अब जाते-जाते आपको एक बात बता देते हैं कि आज के जो अल्लाह है ना, अगर वो देखते, तो शायद वो खुद ही शर्मा जाते कि हमने क्या गलतियां की है। क्या हमने कुरान में क्या बातें लिख दिए और यह चीजें आज से नहीं, औरत जो थी, वो पहले भी 1400 साल पहले जब आपके नबी साहब जन्म लिए थे ना, उस टाइम में भी वो औरतें जो है, अकलमंद थी और आज 2025 में भी औरतें अकलमंद है मर्दों के अकॉर्डिंग। ठीक है? और यह बात, यह साबित होता है कि अगर औरतें अकलमंद नहीं होती। अगर कोई बोल रहा है, हां, मैं एक रेफरेंस दे रहा हूं भाई को, यह है सही बुखारी का है रेफरेंस, यह हदीस सही बुखारी, किताब अल हया, हदीस 304 और सही, सही बुखारी, किताब अल शहादत, हदीस 2658 में मूल अरबी में पैगंबर ससल्लम ने ईद की नमाज के बाद महिलाओं से कहा, "ऐ ई ए महिलाओं, दान दो, क्योंकि मैंने देखा कि जहन्नुम नर्क में अधिकांश औरतें हैं।" औरतों ने पूछा, "ऐ अल्लाह के रसूल, ऐसा क्यों?" उन्होंने कहा, "तुम बहुत गलतियां करती हो और अपने पतियों के प्रति सही फैसला नहीं करती हो। मैंने किसी को भी बुद्धि और धर्म में तुम्हारी कमी वाला नहीं देखा। एक सतर्क बुद्धिमान व्यक्ति भी तुम में से कुछ के कारण भटक जाता है।" महिलाओं ने पूछा, "ऐ अल्लाह के रसूल, हमारी बुद्धि और धर्म में क्या कमी है?" पैगंबर ससल्लम ने कहा, "क्या दो महिलाओं की गवाही एक के बराबर नहीं है?" हां, यह बुद्धि की कमी है। यहां अल्लाह के रसूल कह रहे हैं, क्या मासिक धर्म में महिलाएं नमाज नहीं पढ़ सकती और रोजा नहीं रख सकती? कि हां, यह धर्म की कमी है। यह हदीस कुरान सूरह अल बकरा दो की दो की 282 से जुड़ी है, जहां वित्तीय लेनदेन में महिलाओं की गवाही को एक पुरुष के बराबर कहा गया है। एक पुरुष के बराबर, यानी दो औरतें गवाही देंगी तब एक के बराबर होगी, ताकि एक भूल जाए तो दूसरी याद दिला दे। क्या कमाल की बात है। सामान्य बुद्धि नहीं है। बिल्कुल भी नहीं है। बल्कि विशिष्ट कानूनी मामूलों पर लागू होता है। अकल की कमी है ये। यह बता रही है, कुरान भी बता रही है और हदीस भी बताई है सही बुखारी की। जी। अब आप क्या कहोगे इसमें? मैं ये कहूंगा कि जो कुरान और आप कुछ नहीं कहोगे। पहले मुझे, पहले आप ये बताओ, आपको इल्म कितना है इस्लाम का? आप हाफिज हो, कारी हो, क्या हो? आप आप कितने पढ़े लिखे हो? यह बताइए आप मुझे। अरे भैया, मैं मैं आपसे पूछ रहा हूं। पहले आप मेरी, मेरा जवाब दो। मैं अभी बताऊंगा, फिर नाम क्या है आपका भाई? मेरा नाम, आपका नाम क्या? हां, इसका नाम तो पता ही होगा आपको, जो स्क्रीन पे आ रहा है, पूरा मैं देख लेता हूं। एक दे भाई का नाम ब्लेड है, ब्लेड है, ब्लेड हो। अरे नहीं, अरे कालू, अच्छा कालू है क्या? चलो ठीक है, कालू नाम है तुम्हारा। हां, तो बस, तो क्या सीख रहे हो भाई? दीन सीख रहे हैं भाई। कहां तक पहुंचे हो दीन में? दीन में कहां तक पहुंचे? अल्लाह के पढ़ लिया। अल्लाह के सिवा कोई माबूद नहीं है। ये तो एक अनपढ़ मुसलमान भी जानता है। ये तो एक अनपढ़ मुसलमान भी जानता है भाई। हां। तो फिर मुसलमान जानता है ना। नहीं, कहां तक आ चुके हैं? हदीसों पे आ चुके हैं। इनको, ये भाई, ये जो इनका बहुत कॉन्फिडेंस में ये बात बारी किए जा रहे हैं कि अल्लाह माबूद है, अल्लाह माबूद है। अल्लाह है, कोई माबूद नहीं है। अल्लाह तो बेचारा इनको कैसे प्रूफ हुआ कि अल्लाह माबूद है? इन्होंने कौन सा अल्लाह को देख लिया? या अल्लाह, अल्लाह तो बेचारा कुरान में खुद कहता है कि मैं एक बेटा नहीं पैदा कर सकता कि मेरे पास कोई गर्लफ्रेंड नहीं है। और वो अल्लाह जो कहता है कि हमने इंसान को पैदा किया, जो एक उछलते हुए पानी से, जो सुलबो तराइब से निकलता है। यानी कि पीठ की रीड की हड्डी से निकलता है वो पानी, वो तो बेचारा कुछ जानते ही नहीं है। कुरान गलतियों से भरा पड़ा हुआ है। सर, स्टडी करें। कोई ऐसा अल्लाह वगैरह कोई आपका जो है ना, अरबी अल्लाह, जो स्पेशली जो अरबी अल्लाह है, वो एक फ्रॉड है। उसका कोई हकीकत से ताल्लुक नहीं है। जो लोगों को कत्ल गारत का आप कौन से अल्लाह को, अल्लाह को मानते हो फिर भाई? कोई ना कोई तो ऐसी ताकत है जो ये दुनिया को, उसको, उसको चला रही है। हम इसको मानते हैं। ठीक है। हम नहीं जानते हैं। मगर हमें ये, मगर जो अरबी अल्लाह है ना, ये जो रेगिस्तानी अल्लाह है, जो लोगों को कहता है, जो मुझे ना माने, उसे कत्ल कर दो। उसको जहां देखो, हुरमत के महीने गुजर जाए, तुम मार दो। और मैं एक बच्चा नहीं पैदा कर सकता, क्योंकि मेरे पास कोई गर्लफ्रेंड नहीं है। इस किस्म की जो बातें कर रहा है ना, ये स्पेशली नहीं है। ये अल्लाह और जो उसका रसूल है ना, ये दोनों जनाब, जनाब, मुझे अच्छी तरह याद है कि बाज है, ये दोनों याद आ गया मुझे। एक बार आपने पूरा, आपने गालिब कमाल की उस पे, क्या नाम है, लाइफ में आपने इसी तरीके की कुछ बात करी थी कि भाई, मैं भी अल्लाह को मानता हूं, मगर मेरा अल्लाह कुछ इस अल्लाह से अलग है, कहा था, नहीं कहा था? लोगों को देखिए, नहीं, मुझे याद नहीं है। मैं तो कमाल की स्पेस पे नहीं जाता। मगर बहुत से लोग जो है ना, अपने मुख्तलिफ उनके अपने काययद होते हैं। बाज लोग कहते हैं कि जी हां, ठीक है, हम एक ईश्वर को मानते हैं। अल्लाह को मानते हैं। गॉड को मानते हैं। अल्लाह को नहीं मानते, क्योंकि अल्लाह की जो हरकतें है ना, वो मानने के काबिल नहीं है। बाकी जो है, कोई पावर होगी। भाई, उसने हमसे कोई कभी कांटेक्ट नहीं किया। उसने कभी नहीं आके कहा कि मोहम्मद, ये लो, जाओ इतनी दौलत लेके ऐश करो, ये करो, वो करो। ना कांटेक्ट किया, ना हमें कभी उसने तंग किया। तो क्या औरतों के बारे में, औरतों के बारे में एक बात, इसमें टॉपिक पे ही बात कीजिए, अरबी भाई, जो आज का टॉपिक है ना, इसको बस इसी पे हम रखते हैं कि औरतों को आधी अकल क्यों कहा गया? मैं औरतों के बारे में पूछ रहा हूं। एक बात और इनवाइस है, अगर मान लो किसी औरत का रेप हो जाता है या बलात्कार या उसकी इज्जत लूट जाती है, तो क्या वो औरत अगर जाए अपने हाकिम के पास, जो उस टाइम का बादशाह हो या फैसला करने वाला हो, उसके पास जाए और वो रो-रो के ये बोले कि जी, मेरी इज्जत मिटी है, मुझे इंसाफ चाहिए, तो इसमें आप इस्लाम कैसे फैसला करेगा? वो बादशाह कैसे फैसला करेगा इस्लाम के मुताबिक? मैं आपसे जानना चाहता हूं। फिर मैं बताऊंगा कैसे होगा। नहीं, मुझे इसका मालूम नहीं है। आप बताएं। अच्छा, मैं बता दूं। ठीक है भाई, मैं बता देता हूं। ये है कुरान में गवा। हां, कुरान में गवाही के नियम, ये सुन लो। अब इसमें, मैं बता चुका हूं, सूबरा की 282 में, जिसमें के उसमें अलग-अलग गवाही, उसमें आधी अकल के बताया गया है। सूर अल-नूर 24 की चार में, 24 की चार में बलात्कार के लिए चार गवाहों की आवश्यकता का उल्लेख है। यानी आप अगर किसी औरत की इज्जत लूट गई है और वो खुद कह रही है, तो उसकी गवाही मानी नहीं जाएगी। उसके लिए उसको चार गवाह लाने पड़ेंगे और यह बता सके कि जी हां, जी।
इनका बलात्कार हुआ है और किस किस तरह से हुआ है, यह भी बताना पड़ेगा। तब उसकी बात मानी जाएगी। बाकी उसका रेप ही नहीं हुआ अगर वह खुद कहती अकेली और जो लोग शहीद औरतों पर बलात्कार का आरोप लगाए, फिर चार गवाह पेश ना करे तो उसे 80 कोड़े मारो, यानी औरत को ही 80 कोड़े मारो अगर वो कह दिए, समझे? ये है गवाही कबूल ना करो। कुरान की 24 की चार यह आयत बलात्कार को सहमति से होता है के लिए, लेकिन बलात्कार जबरदस्ती के मामले में इस्लामिक विद्वान इसे अलग-अलग मानते हैं क्योंकि बलात्कार से बलात्कार में सहमति नहीं होती। समझे भाई?
और दूसरा एक और है, मैं बताता हूं। बलात्कार के मामलों में इस्लामिक ठेके में गवाही नियमों को लचीला माना जाता है क्योंकि यह एक जबरदस्ती का अपराध है। कुछ कुछ बिंदु इस प्रकार हैं। चार गवाहों की आवश्यकता हफी मालिक सफाई और हमली जैसे इस्लामिक स्कूलों में बलात्कार को अलग अलग माना जाता है। बलात्कार के लिए चार गवाहों की आवश्यकता होना अनिवार्य है। क्योंकि यह पीड़िता पर अन्याय होगा। इसके बजाय क्योंकि चार गवाही देने वाले होने जरूरी है। भाई साहब और हदीस सही बुखारी गवाही केवल उन लोगों की स्वीकार की जाएगी जो विश्वसनीय और ईमानदार हो। यानी जिन्होंने देखा हो उसको बलात्कार करते हुए। हदीस इनके पल्ले नहीं पड़ने वाले। ठीक है? जब लॉजिक लॉजिकल बातें समझ नहीं आ रही तो क्या मतलब हदीसों में आप क्यों इनको ले जा रहे हो?
अगर ये ये अगर हम ये अड़े हुए हैं इस चीज पे कि भाई मैं मानने वाला नहीं हूं जो तुम कहते हो। नास्तिक लोगों तो भाई साहब आप असल में हां वही मैं हम बता रहे हैं ना तो ये खुद जाके देखें। अच्छी बात है ये खुद भी चेक करेंगे। खुद इसने जो भाई ने भाई कही है कि मैं नहीं जानता तो मैंने बता दिया आपको रेफरेंस भी बता दिया है तो आप जो है उन्हें चेक करें भाई साहब और जिससे सीख रहे हैं उसका कारण या गिरबान पकड़ के पीछे मुझे इसका जवाब दे भाई और ये इनहीं इनहीं रेफरेंस से वो जवाब देगा तुम्हें और तुम्हें सही जवाब नहीं मिलेगा। जी अच्छा अच्छा तो फिर आप जो है किसको अपने मोरल किसको बनाएंगे आप? ए सुनो सुनो मेरे भाई मेरी बात सुनो। आदर्श किसको बनाएंगे? क्या करेंगे आप? मतलब किस तरीके से आप आगे जो इंसानियत के हिसाब से जो काम कर रहे हैं आप? उसका ठीक हमने थोड़ी ले रखा है। इंसानियत का क्या वो उसका ठेका हमने थोड़ी ले रखा है। अरे मैंने तुम्हें इस्लाम बताया है। वो मत पूछ के क्या होगा? अभी चलो इनको इनके बस का नहीं है। हां ये हम एक कॉलर को एक पहले ऐड करते हैं। ब्लेड भाई आप हो तो इनको थोड़ा सा ऐड कीजिए। कौन है? क्या बात करना चाह रहे? बहुत देर से हैं। क्या उम्मीद ब्लॉची ऐसा करके ब्लेड भाई आप सुन रहे हैं? चलो हेलो जी उम्मीद जी उसने बता दिया सारा मैं क्या बोलूं? किसने बता दिया? उसने देखो एक बात बताओ। तुम नास्तिक हो। अरे कमेंट में है। इतने देर से हम एक्स मुस्लिम है। ठीक है। हमने इस्लाम को छोड़ा है। किसी को पकड़ा नहीं है। पहले मुसलमान थे। एक्स मुस्लिम क्या? आप क्या हो भाई? आप क्या हो? मैं मुस्लिम हूं। मुस्लिम मुस्लिम हो तो फिर प्रूफ करो पहले मुस्लिम हो आप फिर हम बात करेंगे सुनाओ कुछ दुआएं करूं सुनाओ चलो फिर हम बात करेंगे और चीजों पे सूरह इ्लास सुना दो अभी मेरा वजू नहीं है मेरे मुंह में मावा है हां ठीक है सूर क्लास सुना दो कोई बात नहीं ओ तेरी क्या बात है अगर अभी मौत आ गई तो कलमा कैसे पढ़ोगे फिर नहीं मेरे मावा का अभी वजू भी नहीं अरे भाई अगर मौत आ गई तो फिर क्या कर नहीं सुना सकते बाबा खड़े हैं भैया कोई बात नहीं सूलास सुना सकते हैं भाई अपने आप को बांधने के लिए किसी भी हाल में हम ये जो याद है ना हमें जितने भी कुल जितने भी हदीस जितने भी आयत याद है ना अगर जो हमको याद है तो हम बिना वजू के बिना तहारत के हम उसको पढ़ सकते हैं। ठीक है? जो चीजें मुझे याद है चाहे वो कुरान की कोई आयत ही क्यों ना हो तो तुम पढ़ सकते हो बिंदास बोलो। कलमा पढूं? कलमा मत पढ़ो यार। चलो ठीक है। कलमा पढ़ सकते हो। कोई सूरलास पढ़ लो ना। छोटा सा एक आयत है। बिस्मिल्लाह रहमान रहीम। कुल अल्लाहद अल्लाह समद लम यलिद वम यलद वम कुद। वाह।
तो आप क्या बात करना चाह रहे थे? आप बताइए क्या कह थे आप? औरतों की गवाही आदि क्यों बताई गई है कुरान में? देखो औरत जो है कमकल है। क्यों कमकल है? क्यों है भाई? देखो दिखाओ। थोड़ा जल्दी भाई। इतना पेशेंस नहीं है। इतना देर देर आप लंबा टानोगे तो नहीं बात कर पाएंगे। फटाफट बात कीजिए। जल्दी दिखाओ। जल्दी दिखाओ भाई। अभी तो मेरे पास सबूत नहीं है मगर मैं लाऊंगा। ठीक है। ला फिलहाल जब लाना तब लाना ठीक है। अरे सिस्टर सिस्टर एक मिनट यार तुम रुको एक मिनट भाई फिर बात क्यों करने आए हो फिर जब रेफरेंस नहीं है आपके पास हैं भाई मुझे क्या पता होगा अरे तो तुम्हें पता नहीं है यहां पे बात क्या चलती है यहां इस्लाम की बात चलती है दीन चल रहा है भाई भाई कल से हमने करके रखा है सच्चा दीन है भाई ये पहली बार आए हो सुन भी रहे होंगे हमारी बातें हमारी बातें सुन भी रहे होंगे आप तो आप भी ये सोच सकते हैं आपको ऐड किया जाएगा तो आपसे बातें होगी तो आप कैसे जवाब दोगे? यह भी तो सोचना चाहिए ना। पता नहीं इधर कोई हिंदू है, कोई दिन कोई मुस्लिम है, कोई पता नहीं क्या है। नहीं नहीं आपसे जो बात कर रहा है वो एक और मुसलमान है। हां जी। करोगे या रुकोगे? करोगे या रुकोगे? या दिखाओगे कुछ? चलो मैं कल आता हूं। चलो कल आ जाना। ओके मावा मावा ये देख लीजिए गाइस ये स्थिति हो गया इन लोगों का मतलब ना बात कर सकते हैं ढंग से ना कुछ कर सकते हैं। क्या मतलब क्या क्या डिफरेंट करें ये हैरी क्या नाम है इनका? एक सेकंड ये दोनों को ब्लेड भाई ये दोनों को बैक स्टेज कलू को और उम्मीद जी को दोनों को क्योंकि इनके पास जवाब नहीं है। ठीक है हम है जी को हेलो रबानी हेलो नहीं एंजल एंजल है रबानी नहीं है एंजल है जी आप कौन है नॉन मोमिन या मोमिन मैं हैरी मिलर मैं क्रिश्चियन हूं मैं किसी मोमिन से बात करना चाह रहा था अभी क्या कोई मोमिन है स्टेज पर कोई अरे आप क्या हो यार मैं क्रिश्चियन हूं मैं क्रिश्चियन हूं अच्छा और तो आप मैं किसी मैं किसी मोमिन से कुछ सवाल पूछना चाहता हूं जो कट्टर जिहादी अगर कोई हो अभी स्टेज पर अभी नहीं है बोलिए ना क्या हो गया जिहाद कौन कर रहा है आपसे एक बंदा था जो स्टेज पर था मैंने तब रिक्वेस्ट करी थी कि मुझे जिहादी से कंफर्ड करना है तो अगर आप लोगों ने उस समय ले लिया होता तो बड़ी मेहरबानी होती मैं कुछ सवाल करना चाह रहा था एक को किसी को भाई रुको रुको हैरी भाई भाई कोई एक आध अगर कोई है अंदर आने वाला तो उसको आप ले लीजिए जरा। अरे कुल्लू भाई से बात करते हैं। एक मिनट कौन बात कर रहा है भाई? वो जो मोमिन आते हैं वो एक्स मुस्लिम से बात करना चाहते हैं। ठीक है। मैं समझ रहा हूं। मैं उस वो आप लोगों से बात करना चाह रहे हैं। लेकिन मैं कुछ क्वेश्चन रखूंगा उनके सामने। वो फिर आप लोगों की तरफ से रखूंगा मैं। बिल्कुल। ये इसी टॉपिक पे रखिए कि औरत को क्यों आधी गवाही कही गई। आधी अकल क्यों कहा गया? बस इस पे आप पढ़े रहिए। इस देखिए पॉइंट बहुत सारे हैं। हां राइट राइट राइट राइट बात कर और ये भी है। कलू जी हैं अभी हमारे साथ मोमिन भाई। वेलकम कर लीजिए पहले। कलू आप बात कीजिए। हेलो अजय क्या शुभ नाम है? क्या नाम है आपका? स्क्रीन पे देख आपलू अपने यार आप अगर बता दे तो उससे अच्छा क्या है? हां तो बता दो यार मुंह से बता दो। कालू कालू जी ओके कालू जी बताइए औरत को आधा क्यों माना गया है? यह तो सवाल काफी देर से मेरे से कर रहे हैं। मैंने यह कहा कि भाई जो कुरान हदीस में है जिस हिसाब से दे रखा है उस हिसाब से आधी अकल है। बस उस उसप ईमान रख लिया है। बस और कोई बात नहीं मैंने इसका जवाब दिया। अगर तो क्या कुरान और हदीस में ऐसा लिखा है। अगर अगर हदीस में ऐसा लिखा है तो क्या उसमें सुधार की जरूरत है या परफेक्ट लिखा है वो? बिल्कुल सुधार की जरूरत है। मैं कह रहा हूं आपको। अगर ऐसी कोई गड़बड़ है नहीं सुधार की जरूरत है ना बिल्कुल है सुधार की जरूरत है ना हां बिल्कुल है बोल तो फिर यानी कि कुरान और हदीस परफेक्ट नहीं है यानी कि कुरान और हदीस परफेक्ट नहीं है वो सब पूरी तरह से सुधार की गुंजाइश है ये बात तो पक्का हो गया ना आपके हिसाब से सुनिए जी सुनिए मेरी बात कुरान जो है एक ऐसी किताब है जिसमें कंट्राडिक्शन ज्यादा है समझ रहे हैं इसमें कुछ लोग आपके क्रिश्चियन लोग बहुत मुस्लिम हुए हैं। यूरोप में बहुत मुस्लिम हुए हैं। ठीक है? तो वो इसी को पढ़ के मुस्लिम हुए हैं। और इसी को पढ़ के इसके खिलाफ भी हुए हैं। बहुत लोग। जैसे ये हमारे एक्स मुस्लिम भाई लोग हैं सब। ये इसको पढ़प के ये ये खिलाफ हो रहे हैं। और जो जो पढ़ के इसके अंदर आ रहे हैं इस्लाम में। तो यह एक ऐसी किताब है बड़ी ही अजीबो गरीब है। इसका बड़ा ही मतलब मामला मैं नहीं समझ पा रहा हूं। मैं मैं समझ समझ सकता हूं कि इतना मैं कम अक्ल हूं के मैं इसको सही से समझ नहीं पा रहा हूं। सुन लीजिए मैं कह रहा हूं। बात कर लेने दीजिए। हां राइट तो मैं मैं जहां तक मैं ये कहना चाह रहा हूं कि भ कोई भी ये कहे कि मैं संपूर्ण ज्ञान का मालिक हूं या मैं पूरा जान चुका हूं तो वो दुनिया में बहुत सारी ऐसी चीजें हैं जो जानना उसको जिज्ञासा है जानने की ये कुरान भी कहता है ओके ठीक है जान अगर कुरान पर सवाल पूछे जाते हैं तो मौलवी लोग ये क्यों कहते हैं कि नहीं साहब ये तो इसमें सवाल पूछने की गुंजाइश नहीं है। अगर उनसे सवाल उठाए जाते हैं तो दाएं बाएं क्यों भागते हैं मौलवी लोग? क्योंकि वो मौलवी है क्योंकि मौलवी है यानी कि एक नंबर के बेईमान है। इसका मतलब यही हुआ ना क्योंकि कुरान में आप जो कह रहे हैं कि बड़ा बड़ा कंट्राडिक्शन है या जिस तरीके से लिखी गई है उसको समझना आसान नहीं है। दरअसल किसी चीज में ढोल की पोल इसलिए रखी जाती है जिससे कि कोई सवाल करे और जलेबी बना के आप उसको गुमराह कर दो। है ना? इस तरह के बहुत सारे डिबेट्स में देखने को मिलता है। जितने मुस्लिम स्कॉलर्स आते हैं। मैं ये नहीं समझ पाता हूं मुस्लिम स्कॉलर्स का क्या मतलब होता है। मेरे समझ से कुरान एक उग्रवाद का कॉन्स्टिट्यूशन है। कुरान जो है उग्रवाद का टेररिज्म का कॉन्स्टिट्यूशन है। और उस कॉन्स्टिट्यूशन को मुस्लिम्स फॉलो करते हैं। और अल्टीमेटली हर मुस्लिम चाहे वो दिखने में भला आदमी हो चाहे पढ़ा लिखा आदमी हो चाहे गवार आदमी हो सबकी आईडियोलॉजी मूल रूप से वही है यानी कि नॉन मुस्लिम्स को बर्बाद करना इस्लाम को स्थापित करना तो ये इस मिशन पे जो निकले हैं आप लोग निश्चित मान के चलिए आप इस्लाम का अंत बहुत करीब आ रहा है दुनिया पक चुकी है सुनिए सुनिए सुनिए आप लोग जो बच्चे लगाने आप लोग जो सुनिए सुनिए आप लोग जो बच्चे बच्चे लगाने की फैक्ट्रियां घर में बिठा ले है ना जो लगातार बच्चे पैदा करते आ रहे अपने नंबर बढ़ाने के लिए मिस्टर आपको मैं भड़ास निकालने के लिए निकल गया मिल गया हूं इसलिए आप मुझे भड़ास निकाले खूब अच्छी तरह से निकाले एक सेकंड एक सेकंड क्लू भाई एक सेकंड हमने उनको बैक स्टेज किया एक मिनट मेरी बात सुनिए आज हमें किसी भी टॉपिक पे नहीं जाना है ठीक है हमें सिर्फ उसी टॉपिक पे बात करनी है। अगर आपको लग रहा है आप साक्ष है हां तो इस पे बात करते हैं। अगर साक्ष नहीं है तो मेरी बहन सुनो ठीक है। एक इंसानी नाते से आप मेरी बहन ही हुई। ठीक है। समझ रहे हैं अंजल जी? जी। मैं ये कहना चाह रहा हूं। इस तरह के एक इस तरह के इंसान को आप बुलाओगी और वो भड़ास निकालेगा तो इससे क्या फैलेगा? पूरे पूरे समाज में यानी पूरे देश में या बात आपकी सही है टॉपिक पे तो फिर बात करेंगे अभी मेरी बात पूरी होने दीजिए मैं टॉपिक पे आ रहा हूं पूरे समाज में यहां पर जो है सिर्फ टारगेट मुस्लिम को बनाया जाता है ये बेचारा जानता भी नहीं है कि हदीस में क्या है कुरान में क्या है ठीक है मगर उसको फिर टारगेट बना के उसको कहीं तो मॉबचिंग किया जाता है कहीं उसको मारा जाता कहीं सिर्फ उसकी अभी का अभी का ही वाकया है दिल्ली में एक जगह देखिए एक बात बताएं आपको कल भाई एक चीज हम आपको बता देते हैं हम अपने स्ट्रीम से कभी भी ये फालतू की बातें नहीं करते मारना लड़ाई करना किसी को गाली गलौज करना ये ये बातें यहां से जाती ही नहीं है। हमें मोमिनों से पहला नंबर दिक्कत नहीं है। हम जानते हैं कि वो सीधे क्योंकि हम भी कल मुस्लिम थे। हमें पता है कि हमें कुछ बताया ही नहीं जाता है। हमें खुद नहीं पता था कि कुरान जिसको हम असर आंखों पे रख रहे हैं उसमें इतनी गंदगी है। ठीक है? हम इस्लाम को गलत कहते हैं। ठीक है? हम मुसलमान को गलत नहीं कहते। आज भी मेरे मां-बाप मुसलमान है। आज भी मेरे भाई बहन मुसलमान है। वो लोग क्या है? कट्टर है क्या? क्या मार काट रहे हैं किसी को? हम मुसलमान से दिक्कत नहीं। उनकी जो टीचिंग है उससे मुझे प्रॉब्लम है। अब देखिए जो है हमें कुरान से प्रॉब्लम। इसमें जो चीजें लिखी हमें कुरान से भी प्रॉब्लम नहीं। आप 20 बार नमाज पढ़िए। आपको एक अल्लाह हजार रोजा रखे। हमें क्या मतलब है? ये जो चीज ये कहता है कि मतलब कि औरत आधी अकल की है। फिर कहते हैं क्या कि काफिरों को मारो काटो। ये क्यों जिससे इंसानियत साबित नहीं हो रहा हमें इस चीज से टेंशन है। हम कभी नहीं कहते अपने स्टेज से कि आप किसी से लड़ाई करो या मुस्लिम खराब है या नहीं। कोई नहीं खराब भाई। इंसान सब सही है। उनको जो टीचिंग मिल रहा है वो उसको फॉलो कर रहा है। ठीक है? आप ऐसे ना इतनी अकल तो मैं भी रखता हूं कि जो गलत टीचिंग मुझे देगा तो मैं कैसे मान लूंगा उसे? समझ रहे हैं? जैसे आप कुरान की कुरान की जो तौबा की नौ नंबर की आयत और पांच नंबर की आयत सुनाते हैं कि सूर तौबा में इस तरीके की इस तरीके की बातें हैं वो चीजों को मैं क्यों फॉलो करूंगा जब मेरे को ऐसा काम करना ही नहीं है एज ए इंसानियत के तो ऐसा क्यों करूंगा मैं ये है तो अब ये बेचारे कहां से आ जाते हैं उसप उसप आपका ईमान ईमान तो होना लाजिम है ना ईमान हां बिल्कुल है जब सुनिए अब सुनिए सुनिए कैसे ईमान है वो वो ऐसा ईमान है कि अगर ऐसा कुछ होता है बाय द वे जंग का मैदान हो जाता है एक एक माहौल जंग का बन जाता है बनाया नहीं जाता बन जाता है तो उसमें पहले से पहले सेटिंग बता दी कि ऐसेसे करना है समझ पा रहे हैं आप मेरी बात एहसान भाई हम तुम्हारे सारे समझ रहे हैं भैया तुम नहीं समझ रहे हमारे मैं आपकी भी समझ रहा हूं जो आप कहना चाह रहे हो मैं उस चीजों को बिल्कुल कतई नहीं मानता हूं बात खत्म है भाई यही चीज हम कहते हैं ना कि देखिए अगर आप मोमिन है ठीक है और आप इस चीज को मानते हैं कि कुरान में जितनी भी इस तरह मतलब इस तरीके की कुरान में आयतें हैं एहसान भाई है ना या फिर चाहे जो भी हदीसों में जो चीजें हैं वो इंसान के लिए सही नहीं है। हम इस जितने भी इंसान है जितने भी जीव जंतु उसके लिए सही नहीं है। तो फिर बात खत्म है। यही चीज तो आप मेरे जैसे हो गए भाई। हम कौन सा कह रहे हैं कि पूरा कुरान खराब है। पूरा हदीस खराब है। हमने कभी ऐसा नहीं कहा। ना हमने ये कहा कि सारे मुस्लिम खराब है। हमने कभी भी ऐसा नहीं कहा। हम कहते हैं कि जो चीजें गलत है वो गलत है। जी। हां। तो आप अच्छी चीजों को भी तो रखो सामने। गलत तो रख ही रही हो। अच्छी चीज है भाई साहब अच्छी चीज कौन सी है अच्छी चीज कौन सी है अच्छी चीजें इसमें है ही नहीं है ना अच्छी चीजें वो आपके ऊपर है वो आपके ईमान के ऊपर देखिए नमाज है तो हम नमाज क्यों कहेंगे किस वही बात है ये आप मानो ना भाई अच्छा अरे सुनो मेरी बात अब आपकी बात तो मेरी बात सुनो तो अब कोई अगर अगर कोई नॉन मोमिन आकर आपको कहे कि आप पूजा करना स्टार्ट करना अगर कोई नॉन मोमिन आपसे यह कहे कि आप पूजा स्टार्ट कर दो तो आप कर देंगे पूजा स्टार्ट करना हैं जी जब हमारे में मना है बिल्कुल साफ पहले ही तो फिर अगला क्यों आपकी नमाज क्यों पढ़े अगला आपकी नमाज क्यों पढ़े अगला ना पढ़े कोई बात नहीं हम जो काम है दावत का वो करा जाएगा तो अगला अगला भी तो करेगा ना तो अगला दावत का काम करेगा ना अगले की अगले की किसी किताब में नहीं लिखा है ना अच्छा तो गलत है तो जो अभी आपने सुनो जो अभी आपने बात कही है कि भाई कोई ना पढ़े तो कोई बात नहीं है। हमारा काम तो दावत देने का है। यही कहा ना आपने? तो यही बात तो अल्लाह ने अपने नबी को कहा था कि ऐ नबी हमने तुम्हें दावत फैलाने के लिए ईमान की बातें बताने के लिए भेजा है। फिर आप उस पर हाकिम नहीं है। हिदायत का काम हमारा है। ये अल्लाह ने नबी से कहा है। फिर जंग क्यों की उन्होंने? जंग का क्या था? फिर जैसे अरे भाई काफिरों से सुनो काफिरों ने जंग का क्या मतलब था? अरे मेरे भाई एक बात बताओ अगर जंग का माहौल बन जाएगा क्या हाथ बांध करके खड़े हो जाओगे मुझे यही तो मुझे यही तो जानना है बताओ जब बन गया तो फिर क्या करोगे आप हाथ बांध के खड़े रहोगे अरे भाई मैं आपसे पूछ रहा हूं बना कैसे वो बना कैसे अभी कहां बढ़ गया ये बताओ कहां पर बना हुआ है अरे अल्लाह के नबी की दौर की बात कर रहा हूं मैं अल्लाह के नबी की दौर की बात कर रहा हूं भाई उन्होंने जंग क्यों की फिर? अरे आज से पहले शाहजहां आया और बहुत मुगल पता नहीं क्या-क्या इतिहास में हुआ। सुन लीजिए आप मेरी बात। अरे भाई हम उनको नहीं मानते। वो इंसान है। वो इंसान है। नबी मोहम्मद के बारे में बात हो रही है। अल्लाह मना कर रहा है। वो ये कह रहा है कि आप हाकिम नहीं हो। नबी मोहम्मद आपका काम दावत देना है। हिदायत का काम हमारा है। हां। तो बस हिदायत का काम अल्लाह का ही है। अल्लाह का है ना? तो फिर उन्होंने जंग क्यों की काफिरों से? जंग का रीज़ क्या था? बना उस माहौल के बारे में उस माहौल के बारे में बता तो दे भाई कैसे बना वो? किस बात पे बना? तुम तुम हदीस कुरान जानते हो तुम्हें नहीं पता। अरे यार फिर हम तो कह रहे हैं ना तो वो तो जबरदस्ती की लड़ाई थी ना। ना बेमतलब की अपनी बात मनवानी थी उनको। अच्छा तो अभी अभी अभी अभी कोई अगर कोई जबरन कोई चीज करेगा तो करने को तैयार हो जाओगे या उसके क्या कहते हैं उसके खिलाफ बात अरे मेरे भाई एक बात बताओ अभी तुम्हारे तुम्हारे इलाके तुम्हारे इलाके में कोई दादागिरी दिखाए और तुम्हें क्या कहते हैं किसने दिखाई थी किसने दिखाई थी मैं एक बात बता रहा हूं मेरे भाई अरे चलो ठीक है मेरे दादा मेरे यहां पे कोई दादागिरी दिखाएगा उसके मुंह तोड़ दूंगा मैं। ठीक है? हां। तुम तोड़ दोगे। तो जब ये बताओ तुमसे ज्यादा अगर कोई ताकतवर और पैसे वाला या किसी भी तरह का जो क्या कहते हैं तुमसे बढ़कर हो तो तुम उसके सामने कुछ भी नहीं कर पाओगे मेरे भाई। अरे यार मैं ये कह रहा हूं नबी मोहम्मद के दौर में किसने दादागिरी दिखाई थी नबी के सामने? ये बता मुझे। नबी के सामने मैं तो कह रहा हूं मैं तो कह रहा हूं कि कोई मुझ पर दादागिरी दिखाएगा मैं उसका मुंह तोड़ दूंगा। लेकिन नबी मोहम्मद ने मोहम्मद को ये कहा कि वो बहुत ही रहमतुल आलमीन थे। उनके अखलाक बहुत अच्छे थे। उन्होंने किसी से जंग की बात नहीं की। फिर जंग बनी क्यों? सुनो अब सुनो वो कुरेश खानदान था। सबसे हैवी खानदान था। अरे यार वो हैवी थे। सबसे बड़े थे। अमीर थे। मान जब दादा सुनो आप समझ नहीं रहे हो आप या मुझसे खिलवाना चाह रहे हो? अरे तुमसे ही तो चाह रहा हूं मैं। क्या
खिलवाना चाह रहे हो? मैं ये जानना चाहता हूं उस टाइम पे जंग के हालात क्यों बने? फिर जब वो सहनशीलता आदमी थे, सहनशीलता नहीं थी? क्या आपने किताबों में पढ़ा नहीं? अरे तो किताबों में तुम कुछ भी लिख दोगे तो साबित तो नहीं हो रही वो बात? अरे तो तुम भी तो कुछ भी कुछ भी लिख के साबित कर रहे हो मेरे भाई? भाई हम कहां लिख रहे हैं? हमने नहीं लिखी हुई पॉइंट को तुम नहीं पकड़ रहे हो? वो गलत बातों को के भाई ये गलत बात है तो हम कह नहीं रहे उसे गलत है तो गलत है? इतना कम अकल है यार ये इंसान ये समझ नहीं पा रहा और खाकी यहां कह जा रहा है बेमतलब की? समझ नहीं पा रहा बिल्कुल भी?
अच्छा यार तुम्हें सामान बेचना है खाली? सुनो तुम सामान बेचने निकले हो खाली? तुम्हें आवाज निकाल लगानी है? कोई खरीदे ना खरीदे वो मर्जी है? इसका मतलब यह नहीं कि तुम किसी को जबरदस्ती थोपोगे? ले भाई खरीद? थप्पड़ मार के? मतलब किसने थोपा? किसने थोपा है? नबी मोहम्मद ने थोपा है? कहां थोपा है? बताओ? अरे अल्लाह मना कर रहा है ना उनको? कह रहा है कि तुम्हारा काम दावत देने का है। हिदायत का काम हमारा है। मेरे भाई? तो अब अभी अभी कौन थोप रहा है? बताओ ना? अभी आपने कहां? अभी आपने कहा ना कि वो क्यों नहीं पढ़ते? नमाज पढ़ना क्या गुनाह है? हम क्यों नहीं बता सकते? दावत दे सकते हैं। हां तो दावत तो देते हैं हम। अपने मुसलमान भाइयों को बताते हैं। अच्छा सिर्फ मुसलमानों को ही बताते हैं? हां तो क्या करें? जब आप दूसरे तक बात नहीं पहुंचने दे रहे तो अब अपने आप? अरे भाई तुम तुम? अच्छा ये तुम नबी मोहम्मद से बेहतर हो? मैं कह रहा हूं तुम नबी मोहम्मद से बेहतर हो? तुम लोग आज के जो मुसलमान है तुम हो? तारीफ के लायक? तारीफ के लायक है? तुम दावत दे रहे हो? जंग नहीं कर रहे? मेरे तुम जबरदस्ती नहीं कर रहे किसी से? जो तुम जो कह रहे हो ना यह बात? यह मगर आपके जो है ना गैर भाई हमारे जो है ना ये मानने को तैयार नहीं है? अरे वो ना माने तो तुम उससे लड़ो क्या? यार लड़ कौन रहा है? बताओ किसने लड़ा है यहां पर? मैं तभी तो कह रहा हूं तुम बहुत अच्छे हो? लड़ नहीं रहे? वो लड़ रहे थे? कौन लड़ता है? हमारे तो खुद यार दोस्त और जानकार सारे गैर मुस्लिम है? अरे यार तुम इसे इसे फेंक दो कहीं निकाड़ के? किसी और को ले लो? फेंक लो?
चलिए सतीश यादव जी? ठीक है भाई मैं निकलता हूं? तुम देख लो दो तुम्हारे तुम्हारी लैंग्वेज बहुत अच्छी है? एक सेकंड? जब तुम यार किसी बात से बात ही नहीं कर पा रहे यार? मैं आपसे फोन पे बात करूंगा? आप जो इस तरीके की बातें कर रहे हो ना? ओ माय गॉड? बहुत बढ़िया? बहुत बढ़िया? बिल्कुल बात करना दोस्त? सुबह को बात करना मेरे नंबर पे? नंबर पे बात करूंगा मेरे भाई? ठीक है? ठीक है? ठीक है? यहां तो मैं से बात कर रहा हूं किसीने? हां? डीमोनेटाइज है इस वजह से सुपर चैट नहीं आ रहा? दोनों चैनल अभी मोनेटाइज नहीं है? तो क्यूआर कोड यहां पे लगा हुआ है? उस पे आप हेल्प कर सकते हैं? ठीक है?
यह देखिए भाई ये एहसान भाई एक बात बताएं? ये जो हमारे भाई है ना क्लू भाई ना इधर के हैं ना उधर के हैं? ठीक है? और अगर है तो असली में ये शुद्ध मोमिन है? अब बोलिए कैसे? इसलिए क्योंकि ये चाह तो रहे हैं ऊपर से शुगर कोडेड हो के दिखाने की कोशिश कर रहे हैं? ठीक है? हम कि हम बहुत अच्छे हैं? बहुत अच्छे मुसलमान हैं? ठीक है? लेकिन इनको यह कह रहे कि हम इन सब चीजों को भी नहीं मानते? जिसमें हदीसों में इंसानियत के बारे में नहीं लिखा उसको नहीं मानते? अब फिर ये कह रहे हैं कि कुरान में जितनी चीजें लिखी हुई है हम उस पे ईमान रखते हैं? मतलब आदमी बात करे तो किस एंगल से बात करें भाई? हम गजब का मतलब क्या है? समझ ही नहीं आता?
एक ये विक्की जी है? पता नहीं बार-बार भाई विक्की कौन है आप? बताओ? नॉन मोमिन हो या मोमिन हो? कौन हो भाई बताओ? मतलब किक किए जा रहे किक किए जा रहे लगातार आ रहे भाई? जबकि बोल रहे नॉन मोमिन से नहीं बात करनी? अभी क्या बात करनी है भाई विक्की बोलो आप? [संगीत] निकल लिए? मतलब हद है यार? कम से कम 10 बार उनको हमने किक किया है और वो हर बार ज्वॉइ कर रहे है? बताओ जी?
ब्लच यह उम्मीद जी इतना जल्दी मिल गया आपको रेफरेंस क्या? अभी तो यह गए बोले कल ले आएंगे रेफरेंस? फिर क्यों जॉइ किया आपने? उम्मीद जी? उम्मीद से है? ये ये उम्मीद से है? इसलिए आते हैं? भाई रेफरेंस मिल गया या नहीं? नहीं? हां तो उम्मीद से है इसलिए आए हैं? नहीं मैं देखना चाहता था आपने? मैं देखना चाहता था क्या होता है? पहली बार मैंने देखा मैंने जॉइ किया लग गया? देख यहां पर दिखाते नहीं है कुछ भी? यहां बताते हैं? अभी इसने बात करके किया? अब कह रहा है क्या कि हम देखे क्या? फिर ऐसे ही मेरे मुंह से निकलता है यार? क्या बोले तुम काम मत करो यार फालतूगिरी मत करो? फालतूगिरी एकदम मत करो? ठीक है? ये कह रहा है क्या? एक सेकंड? किधर गया इसका कमेंट? हां? अल्ताफ रजा कह रहा है कि मुझे मोड क्यों नहीं बनाते तुम? क्योंकि तुम गालियां देते हो? ठीक है? इसीलिए नहीं बनाते मोड? हां?
चलिए तो हमारे साथ एक दीदी जी? आज आपका टॉपिक होने वाला है? ये हमेशा होता है ठीक है? ये हमेशा से होता है? लोग बात ही नहीं करते टॉपिक पे? कहां से कहां कहां से कहां? ये मोमिन तो आते ही है सबको जलेबी बनाने? हमारे जो कॉलर्स होते हैं वो भी इनके साथ निकल लेते हैं ठीक है? और फिर उधर ही घूम जाते हैं? इसीलिए बार-बार बीच में ठोक रहे भाई टॉपिक पे बात करो भाई टॉपिक पे बात करो? ठीक है? इनका तो नेचर है भाई? ये इन लोगों को चार पांच साल से देख रहे हैं झेल रहे हैं? इनका नेचर होता है टॉपिक पे जिंदगी में बात नहीं करेंगे? मौत आती है इनको टॉपिक पे बात करने में? ठीक है? इनको पता होता है कि ये जो ये जो टॉपिक पे है हम बात नहीं कर पाएंगे? क्योंकि जो एक्स मुस्लिम है ये टॉपिक लाया है इसका मतलब उस पे इसने पीएचडी करके आया है? ठीक है? तो ये बात ही नहीं करते हैं? ये कहीं से कहीं कहीं से कहीं कहीं से कहीं लेके आपको चले जाएंगे? हां? और हमारे भाई लोग भी है वो भी अलग हैं? वो भी उनके साथ निकल लेते हैं? अरे ये बैक स्टेज फुल मत करो यार? सब नॉन मोमिन कितने कितने भैया है? अजय शर्मा जी हैं? अजय शर्मा जी आप आपसे क्या बात करेंगे अभी? आप बताइए? महाराजा जी हैं? आपसे क्या बात करनी है भाई अभी?
दो मिनट चाहिए एंजल जी? सिर्फ दो मिनट लूंगा? ले लीजिए दो मिनट? धन्यवाद एंजल जी? एंजल जी फर्स्ट ऑफ ऑल आप लोगों का बहुत-बहुत धन्यवाद? आप लोगों ने इतनी आंखें खोली है लोगों की? हम लोग तो बस बचपन में बस हिंदू मुस्लिम भाई भाई यही करते रह गए थे? आप लोगों ने आप एक्स मुस्लिम लोगों को जितना भी धन्यवाद कहा जाए मतलब कम है? आप लोग जो घर का कचरा साफ कर रहे हो ना? मतलब मैं मैं क्या बताऊं आप लोगों को? मैं मतलब शतशत नमन करता हूं? बस दो चीजें हिंदुओं को मैं खाली बोलना चाहता था? कुछ एक बस अभी को एक्चुअली एक तो ये कि डायरेक्ट एक्शन मूवी डायरेक्ट एक्शन डे पे मूवी बनाई गई है अभी बंगाल फाइल्स? कृपया करके जरूर देखें? पूरा पूरा का पूरा मुसलमानों का चिट्ठा पता चल जाएगा? काफी कुछ उसमें पता चलेगा? और सब के सब फैक्ट्स है? एक भी शब्द उसमें गलत नहीं है? और सब के सब प्रूफ के साथ है? काफी लोगों की और आंखें खुलेगी? और और दूसरा ये कि मेरे हिंदू भाई लोग स्पेशली तुम लोगों से रिक्वेस्ट है ये कि अब तो अब तो जाग जाओ यार? जब घर में आके तुम्हारा मर्डर करेंगे फिर से हिंदुस्तान भी ले लेंगे तब जागोगे क्या? ये एक्स मुस्लिम लोग अपनी जान हथेली पर लेकर तुम्हारे लिए लड़ रहे हिंदुस्तान ले लेंगे ठीक है? इतनी औकात नहीं है कि हिंदुस्तान ले लेंगे ये औकात बस इतने पर दिखा जी हमारे लोग सोए हुए हैं? मैं उनके ये कह रहा हूं? हां? ये अलग सी बात है? हां? अपने लोगों को जगाओ? इनको फोकट का पब्लिसिटी मत दो? हां? इनको नहीं मैं ठीक है? चलिए वैसी बात है? तो वही कि करना पड़ेगा? एंजल जी आप जानते हैं अफगानिस्तान हमारा था? उसके पहले मलेशिया में भी हम लोग थे? अब हर जगह से हम लोगों को धक्के मार के निकाल दिया गया है? क्योंकि हम लोग कुछ करते ही नहीं है? हाथ पे हाथ धरे रहते हैं? बस और कुछ नहीं? आप लोग मतलब बहुत अच्छा कर रहे हैं? एंजल जी स्पेशली मैंने आपको देखा आप मैं साहिल जी का और एडमम जी का बहुत बड़ा फैन हूं? आपको वही कई स्ट्रीम्स में देखा है वहां पर आप लोग सब अमित अमित जी भी बहुत अच्छे से मतलब करते हैं? अमित जी है क्या? वैसे मुझे आईडिया नहीं यहां पर अमित जी नहीं नहीं अभी नहीं है? अभी नहीं है? ड्रॉप हो गए लगता है? चलिए अच्छी बात है? चलिए हां? ये निकली है मूवी? बहुत सारी मूवी है? कश्मीर फाइल्स है, उदयपुर फाइल्स है? ये अभी बंगाल फाइल्स निकला है? ये सारी मूियां जो है देखना चाहिए? जागरूकता आती है? है ना? जितने आप लोग देखते हैं सही आरा उससे बेहतर है थोड़ा यह सब भी देख लिया कीजिए? अपने देश अपने कल्चर अपने अपने लोगों के बारे में थोड़ी जान लेनी चाहिए? तो बिल्कुल देखिए आप लोग जाकर? मैं तो आधा देखी हूं? आधा देखूंगी आज पूरा कंप्लीट मेरा मोबाइल ही खराब हो गया था यार? मतलब आवाज ही नहीं आ रहा था? बिल्कुल भी आवाज नहीं आ रहा था? और आज तो उम्मीद ही छोड़ दी कि आज चल भी पाएगा मेरा स्ट्रीम क्योंकि वाईफाई भी नहीं काम कर रहा है? मोबाइल का आवाज भी नहीं आ रहा है? तुरंत भेजिए एकदम मतलब 6:30 बजे मोबाइल के दुकान डायरेक्टर को आपके चैनल पर ले आएंगे? मस्त उनका पडकास्ट? क्या बोल रहे क्या बोल रहे हैं एहसान भाई इनकी आवाज आपको आ रही है या कट के आ रही है? कठ रही है इनकी आवाज है ना आ रही है आ रही है? ब्लेड भाई क्या बोल रहे थे फिर से रिपीट करो आप? अरे कुछ नहीं मैं बस ये बोल रहा था उस मूवी के जो डायरेक्टर है विवेक सर उनका पडकास्ट करेंगे अपन? जीएस साहब बोलिए? हेलो? हेलो? आवाज आ रही है भाई? हां तो मैं एक कुछ देर पहले एक टॉपिक देख रहा था आप बोल रहे थे कि लड़कियों की जो औरत है इस्लाम में औरत की जो गवाही आधी क्यों? ये बात चल रहा था? ये सुन रहा था? तो कुरान में इसका रीजन बताया गया है? सूर बकरा पढ़ लीजिएगा? सूर बकरा आयत नंबर 282 इसमें लिखा है केदा इसका मतलब है अगर एक भूल जाए तो दूसरा उसको याद कर करवा देगा? एक अगर भूल जाए एक औरत अगर भूल जाए तो दूसरा औरत उसको याद करवा देगा? इस वजह से कुरान ने इसका रीजन बताया? वाह वाह?
अब मैं बात करूं भाई ये चीज तो मर्द मर्द नहीं भूलता है? मर्द नहीं भूलता है? वहां पे कह रहे हैं कि एक मर्द को ले जाओ और दो ज्यादा है? औरत का काम है बच्चों को संभालना? घर का काम करना? तो उसका ध्यान घर में रहता है? आपने आप आप इसका डिसाइड करेंगे? आप तो आप क्यों नहीं देश संभाल रहे? क्यों आज हमारे देश को एक औरत संभाल रही है? आप क्यों नहीं जाके संभाल रहे? आप क्यों नहीं? बीमारी तौर पे कमजोर होता है ना भूलने का बीमारी? देश को कौन चला रहा है आज हमारा देश को कौन चला रहा है यह बताइए आप? वो अलग बात है अगर मेहनत करेगा तो आदमी आप आज तक अंतरिक्ष आज तक आपने अंतरिक्ष की पढ़ाई भी की है? लड़का लोग कुकिंग करता है ना? मुझे बोलने दीजिए? हां? मैं बोल रहा हूं देखिए एक देखिए जो काम करता है औरत औरत लोग देखिए खाना पकाती है? मर्द अगर अगर काम अच्छे से अगर सीख सीख सीखे तो अच्छा अच्छा आप रेस्टोरेंट देखिएगा कि जो सेफ होता है तो मर्द लोग ज्यादा तो मेहनत करने से हो सकता है एक आध हो सकता है लेकिन अक्सर देखिएगा तो औरत लोग दिमागी तौर पर कमजोर होता है और लड़कों के मुकाबले में कम होता है? जैसे लड़का अब देखिएगा जितना मजबूत होता है फिजिकली औरत होता है ना? एक ऐसे अंदाजे मत बताओ कि ऐसे वैसे नहीं कुछ बताओ? इस इस लाइन में इस कैटेगरी में किस में ऐसे बताओ आप? जैसे एक मर्द फिजिकली स्ट्रांग जितना होता है जैसे आप फाइटिंग देखेंगे औरत उसके मुकाबले में कम होता है? ठीक है? अच्छा फाइटिंग में कौन? एक सेकंड? एक सेकंड? आप हो सकता है मेहनत करने से हो सकता है? मैरी कॉम को आप जानते हैं क्या? हां? हम मैं बोल रहा हूं मेहनत करने से हो सकता है एक दो हो सकता है लेकिन अक्सर आप देखिएगा मर्द है? वैसे तो भाई किए हैं ना? अरे इतना मर्द है? साइंटिफिक? अच्छा ठीक है? आप मानते हैं इस चीज को कि औरत जो है वो कम अकल है मर्दों के बराबर? कम अकल का मतलब? जी जी हां? ठीक है? तो आपसे हम ये पूछना चाहते हैं आपने इवेंट किए आपने? अरे एक भाई आपने कुछ बोला अब मुझे प्रूफ तो कर लेने दीजिए फिर आप बोलेंगे? मैंने बता दिया ना इसका रीज़? आपके जो नबी साहब थे? ठीक है? आपके जो नबी साहब थे वह पता है किन के घर पर काम करते थे? उनकी बॉस कौन थी? [संगीत] बताइए आप? हां तो मैं आपको बोला ना एक दो हो सकता है? मैं मेहनत करने से आप भी बन सकते हैं ना? ऐसा कोई बात नहीं है? ऐसा क्यों बोला गया? सर ऐसा क्यों बोला गया भाई? हमने तो ये बहुत सारे मर्द को भी देखे जो निकम्मे हैं जो कमजोर है जो बुजदिल है जो एकदम निहायती नालायक है? हमने तो बहुत सारे पागल मर्द को भी देखा है? लड़कियां इमोशनल होती है ना? इमोशनल होती है लड़कियां? वो तो ये? अरे पहले माइक अगर डराएगी तो डर जाएगी? सुनिए भाई मेरे माइक को थोड़ा दूर से बात करो? हां? तो दो औरत औरत का जो गवाही देने का बात है? अगर दो औरत एक साथ होगी ना तो स्ट्रांग बन सकती है? एक भूल सकता है? एक का भी एक का भी? क्या मर्द हाजरात नहीं भूलता है? मर्द हाजरात नहीं भूलता है क्या? सर आप देखिएगा जैसे कि हमने बहुत सारे को अक्सर हमने मर्दों को ही देखा है? मर्द को सिर्फ यह काम होता है कि तुम घर से बाहर जाओ और बाहर से घर आओ? मर्द को बस इतना ही काम रहता है? बाहर जाके काम लेकिन औरतों को 1000 काम रहता है और टोटल चीज को वो एकदम परफेक्टली तरीके से एंड? जो बात बोला आप भी ये मानते हो? लेकिन आप? जी? मैं जो बात बोला आपको भी अपने दिल से मानते हो? लेकिन आप सुनिए ना मेरी बात? अभी प्रेजेंट में ले लीजिए या 1400 1400 साल पहले ले लीजिए? महिला औरत जो थी वो पहले भी बुद्धिमान थी? मर्दों से ज्यादा अकलमंद थी और आज भी वो चाहे आप फिजिकल ले लीजिए या फिर बुद्धि में ले लीजिए या फिर अकल में ले लीजिए? अब अकल से अकल के मायने से हम ऐसे रखते हैं कि अगर वो कम अकल होती तो नबी साहब होते उनके बॉस और वो होती उनकी नौकर? लेकिन यहां था क्या कि वो एक औरत थी बॉस और नबी साहब थे नौकर? दूसरा नंबर नबी साहब नबी बनते ही नहीं? जब तक वो औरत गवाही नहीं दे देती? उनकी जो बीवी थी वो वो कंफर्म की कि हां आप नबी हो? आप पर वही आती है? तब जाके वो नबी बने? तो इसमें हम कैसे मान लें? कैसे इस बात को मान लें? कि औरतें कम अकल होती है? अगर औरतें कम कम अकल होती तो आज नबी ही नहीं होते? तो आप बताइए जितने सारे इन्वेंट हुए हैं ना? मतलब साइंटिफिक बोलिए जितने सारे रिसर्च हुए साइंटिफिक रिसर्च या जितने सारे इन्वेंट हुए हैं आप देखिएगा अक्सर अक्सर मर्द है? जितने भी रिसर्च हुए ना उसमें यह पाया गया है कि औरत जो होती है ना सॉफ्ट दिल होती है? ठीक है? सॉफ्ट हार्ड होती है? ठीक है? औरत जो होती है ना इमोशनल होती है? इसका यह मतलब नहीं है कि कम अकल होती है? इमोशनल और कम अकल यह दोनों अलग चीज है? बात समझ? अरे भाई साहब उससे ज्यादा मजबूत तो कोई हो ही नहीं सकती? अभी जो आप कह रहे हो इतने ऐसे ऐसे कलाकारी कर दी मर्दों ने वो औरतों ने नहीं की तो? अरे इस्लाम ने जो कहा है ये सही है? अरे भैया सुन लो भाई मेरी बात? अल्लाह ने डिवाइन लॉ है ना? ओ अल्लाह भैया अल्लाह वालों सुन लो मेरी बात? मेरी बात सुनो अभी आपने कहा इतने इवेंट कर दिए मर्दों ने वो औरतों ने कम करे तो भाई मैं आपसे एक बात कहना चाहता हूं? के नबी मोहम्मद जो है वो नबी है और एक इंसान को पैदा करने वाला सबसे बड़ा इवेंट यही है कि वो मर्द को जन्म दे रही है और देने के देने से पहले वो पेट में रख रही है? उसको सेफली रख रही है? बिल्कुल वो चाहे तो कुछ भी कर सकती थी अपने मजे के लिए? लेकिन नहीं वो उसको संभाल के रखती है? उसने इंसान को इवेंट कर दिया? ठीक है जी? अब एक बात बताओ? मर्द क्या बुरी अकल का है कि मर्द बच्चे को संभाल के रखती है पेट में? वो आदमी को जब दिमाग में उसके बुखार चढ़ता है उसे वो ये भी नहीं देखता कि मेरी बीवी पेट से है उम्मीद से है उसे जो करना है उसे फिर भी करना है और अल्लाह भी इस चीज को कह रहा है कि अगर वो हामिला है तो मैं अगर मर्द तुम्हारा बुलाता है तो उसको वहां पे उसकी उसी हालत में उसकी ख्वाहिश पूरी करनी है? तो भाई अकलमंद औरत हुई या मर्द हुआ कि उसको मजबूरी का फायदा उठा रहा है वो बंदा कि वो हामिला है फिर भी इसकी वो सोच नहीं रहा है चीज को तो अकलमंद औरत हुई या मर्द हुआ कि वो संभाल के चल रही है अपने आप को उसको पता है मेरे शौहर का बच्चा मेरे पेट में है मुझे इसका नाम देना है इसको इसकी परवरिश करनी है आगे चल के कि मैं अगर इसकी अपनी मजे के लिए अपने शौहर के पास जाऊंगी तो ये अच्छी बात है या गलत बात है और जबकि शौहर बुला रहा है अल्लाह इसकी इजाजत दे रहा है तो औरत तो मजबूर होगी ना फिर क्यों भाई जी किस वजह से मजबूर? अरे तो मजबूर अल्लाह ने कर दी ना कि अगर ऊंट पे बैठा है तुम्हारा शौहर और औरत को वो कह रहा है कि आ मेरे पास चाहे वो हवेला क्यों ना हो चाहे वो बच्चे पेट में क्यों ना हो और वो कह रहा है उसको बुला रहा तो आधी अकल वाला वो हुआ उसको बुलाने वाला या औरत जा रही है उसके पास वो अकल वो आधे अकल क्यों हुई? वो फायदा उठा रहा है उसका उसको पता नहीं है कि मेरा बच्चा उसके पेट में है? उसे एतियात बरतनी चाहिए? तो अकल किसकी सही है? हां? अच्छा क्या? ये ये कहां पे लिखा है? अरे यार कमाल की बात है यार? तुम कैसे दिमाग लेके आए? तुम्हें पता नहीं है? जी? तुम क्या हो? अच्छा अभी आपने हां ये हम मैंने सुना नहीं है? अगर देखिए अगर इस्लाम में क्या नहीं सुना तुमने? क्या नहीं सुना? इसका इसका भी जवाब है? इसका भी जवाब है? आप दिखाइए कहां पे लिखा? तुमने क्या नहीं सुना? तुमने ये बताओ पहले? अरे मैं दिखाऊंगा? ये बताओ क्या नहीं सुना तुमने? मेरा तो बात इस टॉपिक पे नहीं था ना? मेरा तो बात इस टॉपिक पे था ना? आप टॉपिक पे? मैं ये मैं भी उसी टॉपिक पे उसी टॉपिक पे बात की है मैंने उसी बात की है? वो मर्द और बीवी के बीच प्राइवेट? फिर वही बात प्राइवेट की नहीं है बात है? इस दुनिया में जितने सुन? इस दुनिया में जितने आविष्कार हुए जितने सुनो सुनो? इस दुनिया के अंदर जितने आविष्कार हुए जितने अच्छे काम हुए अरे सुन ले भाई सुन ले मेरी बात? इस दुनिया में जितने अच्छे काम हुए जितने भी काम हुए वो सब अकल की अकल की अकल की कसौटी पे होते? वो चीज अकल से काम लेता है इंसान तभी वो अच्छे बुरे काम कर पाता है? हर कपल में जोड़ जबरदस्ती आप देखिएगा तो सब करते हैं? ऐसा नहीं है? कपल की बात नहीं है? बात कपल की नहीं है? अब तुम एक बात बताओ? औरत अगर आधी अकल की है? अगर औरत आधी अकल की है तो रेप किसका होता है? मुझे ये बता? सुन सुन मेरी बात? अगर औरत अगर आधी अकल की है तो रेप किसका होता है? मचुअल अंडरस्टैंडिंग है भाई? एहसान भाई? एहसान भाई इनको यही नहीं समझ आ रहा है कि आपने इनसे क्वेश्चन क्या किया? ठीक है? अब ये एक सेकंड एक सेकंड भाई अब म्यूट अब बैक स्टेज कर देंगे अगर दोबारा आपने बात किया बीच में तो ठीक है? नहीं नहीं आपने समझा ही नहीं मेरा? मैंने जो जवाब दिया आप तो समझे नहीं? एक सेकंड एक सेकंड? अभी औरत इसको चुप करो उसको चुप करो? अरे भाई मेरे जवाब मुसलमान ओ ओ मुसलमान नाम के भाई आदमी मेरी बात सुन ले? एस के साबिर भाई मेरी बात सुन लो? साबिर भाई मेरी बात सुनो? सुनो? चुप होके एक मिनट? अरे एक मिनट होके मेरी बात सुन ले? मैं ये कह रहा हूं? हां हां? मैं ये कह रहा हूं कि ये जो अकल की बात कर रहा है? अकलमंद वो इंसान है जो औरत का फायदा उठाके उसका रेप कर रहा है या जिसका रेप हो रहा है वो अकलमंद है? अब ये वाली बात है? क्या कह गया बेगैरत इंसान? आप सुने ही नहीं ना? आप बात के चक्कर में इनकी बात को ही नहीं समझे? ये बेगैरत कह रहा है तो क्या हो गया? अगर वो हमला है और उसके साथ मतलब हमबिस्तरी किया तो क्या गलत किया? अब आप एक मिनट म्यूट लगाइएगा? इनसे हम एक मिनट बात करते हैं? ठीक है? क्या गलत किया? एसके जी अभी आपने यही कहा ना कि अगर वो प्रेग्नेंट है और उसके साथ जो बात कर रहे वो बात करो फिर बीच में ए पे मैंने उसका सवाल समझा वो सवाल भी पूछा और इस्लाम के बारे में एक तो बात भी बोल दिया? मैं समझा वो क्या बोलना चाहता है? आपने बोला कि अगर हमला है औरत उसके साथ उसका पति अगर हमबिस्तरी कर रहा है तो क्या बुरा है? हां हां? मतलब समझदार है? मतलब ये सवाल भी पूछा और इस्लाम के बारे में एक बात भी बोला कि देखो तुम्हारे इस्लाम म्यूचुअल अंडरस्टैंडिंग है ना? आपने समझदारी की क्या बात है? वो समझदारी है लेकिन मर्द मर्द औरत से ज्यादा समझदार है? ओके? औरत और मर्द जो बात जवाब दे दिया? ये रेप है मतलब शादी करने के बाद रेप होता है आपके? सुन सुन अब सुन मेरी बात ध्यान से सुन? अब बदतमीजियां होगी? तू पैदा होने वाला था ठीक है? तुम्हारी अम्मी जो है 9 महीने की प्रेग्नेंट थी ठीक है? और जब प्रेग्नेंट होती है ना तो वाइना के जस्ट आगे उसका सर रहता है बच्चे का? नौवा महीना तक में वो पोजीशन में ऐसा आ जाता है कि वो बस बच्चा बाहर निकलने वाला? उसका जो सर होता है ना वो वाइना के जस्ट बाहर रहता है? थोड़े से ही दूर डिस्टेंस पे रहता है? और जो सर का जो अगला भाग होता है ना? सुन? तो वो जो होता है ना बहुत नाजुक होता है? वो उसको बोलते हैं तालू? जिसको आगला भाग होता है ना बच्चे का वो बहुत ज्यादा सॉफ्ट? वहां पे वो एकदम एकदम सॉफ्ट ज्यादा बहुत ज्यादा सॉफ्ट होता है? और अगर तू तेरे बाप ने उसी टाइम तेरी मां के साथ वो हरकतें की तो वो पता है उसका जो भोसड़ी के वो सीधा उसके सर में जाके घुसेगा? ठीक है? और वो बच्चा वहीं पे मर जाएगा? इसलिए नहीं कर सकता है? लेकिन अल्लाह कहता है कि अगर इस पोजीशन पे भी तुम्हारा हस्बैंड करने को मांग रहा है ना तो तुम जाओ? अगर नहीं गए ना तो तुम्हारे ऊपर रात भर अल्लाह लानत भेजेगा? भोसड़ी के समझ बात को सही ढंग से और फिर बात करने ब्लॉक करो यार ये जाहिलों को? कुछ समझ नहीं आ रहा है? एक बार लास्ट स्टेज पे ले रहे हैं? अब बताओ समझ आई बात या नहीं आई? समझ आया?
देखिए इस्लाम ने कभी गाली देना नहीं सिखाया? आप लोगों के कल्चर में है? हिंदू कल्चर में है? अगर गाली देना लेकिन इस्लाम में नहीं है? इस्लाम ने ये नहीं सिखाया कि गाली दो? मैं जवाब दूंगा इस बात? तुम लोग तुम लोगों के कल्चर में गाली देना नहीं है? तुम लोगों के कल्चर में हम लोग कहते हैं तो तुम अपनी बहन को ही चोद लेते हो? फिर फालतू की गिरी मत करो? हम बोलते हैं भोसड़ी के तो तुम वहां पे ही चढ़ जाते हो? तुम प्रैक्टिकल करते हो? हम बस बोल के रह जाते हो? ये अंतर है? ठीक है? अब बोल? हां? तो मैं इस बात का जवाब दूंगा? देखिए मैं इस बात का जवाब दूंगा? देखिए आप जो बोल रहे हैं जे ऐसे गाली देकर मुझे सवाल कर रहे हैं तो मैं इसका जवाब दे रहा हूं? देखिए इस्लाम में हम जवाब नहीं दिए हमने अच्छे तरीके से? आपने बोला कि गाली देना हिंदू धर्म में है सनातन गंदा धर्म है आप मत लो वैसा मत लो वैसा मत जानते ही नहीं सनातन कौन है? हम जानते ही नहीं है हम तो एक्स मुस्लिम है हम इस्लाम को जानते हैं और उसके बाद हम एक्स मुस्लिम बने इसके आगे पीछे कुछ जानते ही नहीं है? अब बोलो कुत्ते की कुत्ते की पूछ को 12 साल तक नलकी में रखा और उस नलकी को पिघाल के जब निकाड़ा ना पूछ को साली टेड्डी निकड़ी? इन्हें कितना समझा लो ये टेढ़े के टेढ़े या टेढ़े रहेंगे? बताइए? अब कह रहा है ये बंदा कि क्या हो गया अगर इसी हालत में उसके साथ हमबिस्तरी कर रहा है तो बताओ? हम मना नहीं कर रहे हमबिस्तरी करो लेकिन उसकी सिचुएशन भी तो देखो ना भाई? हम इस चीज के खिलाफ हैं? इज्जत रास नहीं आती? पहला नंबर तो इन मोमिनों को देखिए? इज्जत से बात कीजिए? आप जनाब करके तो रास ही नहीं आता है? ठीक है? ये कहता है मुझे गालियां दो? अच्छा आपके कमेंट में एक भाई पूछ रहे हैं एआई भाई यूपीआई में किसी का नाम कुछ और आ रहा है तो इनको कंफर्म कर दो कि वो आप ही का नाम है? हां हां? वो मेरा ही नाम है भाई? जो है तो जिस भाई को हां एंजल नहीं आएगा उसमें भाई साहब आप थोड़ा वो समझे सेफ्टी हमारी कि यहां पर नाम कुछ और है बाकी यूपीआई में आपको जो नाम मिले उस आप कर दो जो करना है आपको और सभी भाई हेल्प करें इस चीज की जितने देखने वाले हैं दोस्त आप देख रहे हैं हम काम क्या कर रहे हैं इंसानियत के लिए काम कर रहे अच्छे के लिए काम कर रहे हैं तो आपका फर्ज बनता है हमारा सबका सहयोग करना और सपोर्ट करना सभी का तो जितना हो सके एंजेल जी को सपोर्ट करें सभी भाई? ये अभी भी बैक स्टेज क्या करेगा बैसाखी लेगा ठीक है? ये बात टॉपिक पे बात नहीं करेगा अब ये बैसाखियां लेगा और बदतमीजी करेगा जब इज्जत से बात कर रहे है तो फिर ये बदतमीजी कर रहा है? हमने ने कह दिया भाई मेरे चैनल पे मतलब क्या है ये जबरदस्ती कह रहे है कोई बात नहीं तो तुम में और वो उसमें क्या अंतर है ये बताओ? हां? मैं ऐसा है मैं आपकी स्क्रीन में पहली बार जुड़ा हूं इतनी देर तक? ठीक है ना? और मैं बड़े तहजीब के दायरे में बैठा हूं अपने आप को संभाले हुए? अगर ये होती प्रेम भाई की स्क्रीन और ये भाई वहां होता तो मैं पता नहीं इसका क्या हाल करता? और वो भी हदीसों के ऐतबार से कुरान आ जाती है भाई? मैंने कहा नाड़ा भी टूट जाता है इसका? अच्छा जितने देखने वाले हैं ना 500 लोग लगभग देख रहे हैं? देखिए जिस मेन चैनल पे सारे भाई बहन है ये चैनल डीमोनेटाइज है? प्लीज बैकअप चैनल को सब्सक्राइब कीजिए? बार प्लीज बैकअप चैनल का दीजिए क्योंकि हमारा ये चैनल है मेन यहां पे 26000 सब्सक्राइबर्स हैं? ये चैनल सम हाउ डीमोनेटाइज हो गया तो प्लीज यही स्ट्रीम सेम स्ट्रीम वहां पे चल रही है? वहां पे हमें वशिप की जरूरत है? इन ऑर्डर टू हैव आवर्स तो ताकि पूरे घंटे हो सके मोनेटाइज हो जाए चैनल तो प्लीज सब लोग वहां पे आ जाए सब्सक्राइब करें और सब्सक्राइब भी करें और वही चैनल पे आ जाए? सेम शो चल रहा है वहां एहसान साहब भी तो व मिलेंगे? सब लोग वाचिंग है? यही शो है वहां पे और हमारे सभी भाई कम से कम वैसा नहीं कर सकते? सपोर्ट कम से कम चैनल को बढ़ाने के लिए सपोर्ट जरूर करें और कमेंट जारी रखें और शेयर भी लाइक भले ही कम करो? लाइक भले ही कम करो लेकिन शेयर और उसको बढ़ाने का काम जरूर करें? बाकी एक भाई पूछ रहे थे और बहन ने भी कहा था चैनल टीम ने डाके दोनों भाई इसलिए सुपर चैट नहीं हो सकती लेकिन मैंने ऊपर वो डाल रखा है इस क्यूआर कोड और नीचे है यूपीआई तो व्हाट एवर जो भी आपकी सुविधा के अनुसार जो आपको ठीक लगे वो कर और करें और जो आप ये जानना चाहते हैं कि हमने किया है उसके बारे में पता चले तो आप कमेंट कर सकते हैं वो आपको शो कर दिया जाएगा? अच्छा प्रेम भाई मैं चलता हूं? जी जी एहसान भाई थैंक यू फॉर आर कमिंग और मैंने तो आज टाइम से आपको लिंक भेज दिया था भाई? जी जी बैठिए? अरे काम नहीं है तो बैठिए? अगर काम है तो फिर जा सकते हैं? वैसे अगर काम नहीं है तो बैठिए? क्या दिक्कत थोड़ी देर और चल करते हैं फिर रात को क्या काम होता है रात को सोना होता है आदमी को क्योंकि आप मैं आप मैं दुआ करूंगा मैं दुआ करूंगा ऐसा निजाम बने कि आप सो ना पाए और हमारी तरह काम करें क्योंकि हमें घूमना पड़ता है पॉडकास्ट के लिए प्रोग्राम के लिए? ठीक है? नहीं और थोड़ा सा अपना घर पर मशीन पर काम भी करना पड़ता है अभी तक जो सलीम उन्होंने प्रेम भाई ने लिंक भेजा था मुझे पता था उसका मैं तब भी छोड़ सकता था लेकिन मेरे पास मशीन के थोड़ा काम लगा हुआ था इसलिए उसको पूरा करके जब जुड़ा मैं? अच्छा जो माल? हां जी? मुझे पता है आपको बड़े सारा दिन भर आपको काम करने होते हैं ग्राउंड लेवल पेस्ट करने होते हैं वास्तविक सालों के साथ जाना होता है तो प्लीज एक बार काफी लोग जुड़ते हैं वो जो चार पांच अक्टूबर का हमारा प्रोग्राम है ना तो उसप थोड़ी देर बोल दीजिए थोड़ी देर बोल दीजिए लोगों को ताकि ये अच्छा याद दिलाया आपने तो मैं भाई साहब भाइयों से जितने भी हमारे भाई देखने वाले हैं इस टाइम जो 400 के करीब लोग देख रहे हैं तो सभी से मैं दरख्वास्त करूंगा हमारा चार और 5 अक्टूबर में एक दासना देवी मंदिर के अंदर गाजियाबाद में एक सम्मेलन होने वाला है बहुत ही जबरदस्त और उसमें जो सवाल रखे जा रहे हैं वो बहुत इंपॉर्टेंट है और आपका जानना और समझना और शेयर करना ये बहुत आपकी जिम्मेदारी बनती है जो हमारे साथ खड़े हैं हमारे हिंदू भाई क्योंकि मुसलमान मुसलमान तो खड़ा होने का नहीं है? तो कहने का मतलब यह
है वो प्रोग्राम हो रहा है और उसमें खाने की, पीने की, रहने की, सोने की हर चीज की जिम्मेदारी है। किसी का कोई पैसे का कोई खर्च नहीं है। और एक लिंक है। अगर किसी के पास वो लिंक इस स्ट्रीम के अंदर है तो वो आप इसे शेयर कर दो। नहीं तो मैं उसको आपको चैट में कर दूंगा। अभी बोलने के बाद उसको सभी भाई खोले।
उसमें जो है उनके लिए खास है ये जो मुसलमान भाई छुप के घरों में रह रहे हैं, अपने एक्स मुस्लिम हो चुके हैं तो वो अपनी जानकारी उसमें जरूर दें। नाम, पता और फोन नंबर और उसमें आप एक्स मुस्लिम हो या नहीं हो, क्या हो ये भी उसमें लिखना है और सबमिट कर देना है। यकीन जानो कि आपकी कोई भी आइडेंटिटी रिवील नहीं की जाएगी, फेमस नहीं की जाएगी। वो सिर्फ इसलिए है कि हमें पता चल जाए एक जनगणना के तहत के एक्स मुस्लिम कितने हैं इंडिया के अंदर बिना आईडी वाले। ठीक है जी।
और जितने भाई आएंगे वो हिंदू भाई सब भर सकते हैं, कोई दिक्कत वाली बात नहीं है। उससे हमें ये अंदाजा होगा कि कितने लोग हमारे इस प्रोग्राम में आ रहे हैं, उनका अरेंजमेंट कितना करना है खाने का, सोने का, रहने का दो दिन का। इससे ये भी हमें कंफर्म हो जाएगा। तो वो लिंक इसलिए है दोस्तों।
और उसमें तीन सवाल ये रखे गए हैं, रखे जाएंगे जो मैंने उठाए हैं। हालांकि वो सवाल उस संगठन वालों ने नहीं रखे थे। सिर्फ उन्होंने यह कहा था कि हम संगठन बना रहे हैं। जिसको उससे जुड़ना है। हम उनकी हेल्प करेंगे। तो मैंने तीन सवाल रखे और उनको बहुत अच्छे लगे। और तीन सवाल क्या है? वो तीन सवाल ये है कि जो भाई हमारा मुसलमान भाई इस्लाम छोड़ चुका है, इस्लाम से निकल चुका है। वो छुप के घर में रह रहा है। वो सोचता है कि मैं कुंवारा हूं। मेरी शादी कहां होगी? वो किस तरीके से होगी? और मुझे कौन एक्सेप्ट करेगा?
इस संगठन के अनुसार अगर वो जुड़ता है इससे तो उसको भाई साहब शादी की जाएगी मनपसंद तरीके से। लड़की की इच्छा होगी और लड़के की भी इच्छा होगी। वो भी नास्तिक होगी, वो भी नास्तिक होगा तो इस तरह से उनकी शादी की जाएगी। रहने के लिए उनको जगह दी जाएगी। संजय जी और जी अगर ये सोचता है कि मैं क्या करूंगा, मैं एक कामयाब इंसान हूं, मुझे कोई काम नहीं देगा मेरे माहौल में तो उनको उनके जो जानकारी होगी उनको काम धंधे उनका वो काम भी जुड़वाया जाएगा और जो नौकरी करने वाला बंदा होगा उसकी नौकरी लगवाई जाएगी अच्छे पैसों अच्छे अच्छे हिसाब किताब के हिसाब से। तो ये सवाल मैंने रखे और उन्होंने कहा ठीक है भाई आप संगठन में बातें होंगी तो आप ये सवाल रखना और ये बातें करनी जरूरी है।
और जो मुसलमान भाई एक्सक्लूसिव हो चुके हैं उन्हें लगता है कि हम अपने एरिया में सेफ नहीं रहेंगे अगर हम चैनल बनाकर काम करते हैं तो उनके एरिया वाइज पूरे हिंदुस्तान के अंदर अंदर उनको सिक्योरिटी प्रोवाइड की जाएगी कि आप अपनी आवाज रख सकते हैं। अपनी बातें कर सकते हैं। एक सिक्योरिटी के तहत आपको कोई टच करने वाला नहीं होगा। ठीक है जी। ये सवाल हमारे रहे और उसमें यही बातें होंगी और हम चाहते भी है कि जल्द से जल्द हो जाए।
अब ये बहुत बड़ा कदम होगा कि इस कश्मीर से आने के बाद हमारा एक कदम बढ़ा। इतने लोग निकल के आए और अब यह संघ अगर यह सम्मेलन कामयाब हो जाता है तो इसके अंदर आप देखना कितनी बड़ी बदलाव की वो है। अभी गुजरात में हमने किया था वहां पर भी बहुत से लोग बदलाव में आए हैं। कॉल भी आए हैं मुसलमानों के वहां से हमें कि भाई साहब आपने बताया नहीं आप आए थे हम तो खुद आपसे मिलना चाहते थे हम मुस्लिम हो चुके हैं। हालांकि हमने उनका इम्तहान भी लिया है जैसे हम लेते हैं मुस्लिम का वो मुसलमान है या करना है तो वो खरे उतरे वो मुस्लिम हो चुके हैं तो ऐसे गुजरात में यानी हर जगह पर है ऐसे लोग।
तो दोस्तों आप सभी भाइयों का कर्तव्य बनता है कि उस लिंक को सभी भाई भरे अपनी जानकारी सबमिट करें और उस सम्मेलन में जाने की पूरी पूरी कोशिश करें। ऐसा नहीं है वहां पे लगभग 20,000 भी आदमी आ गए तो इतनी जगह है वहां पे। ठीक है जी। मुझे ये कहना था और मैं अभी उस लिंक को कॉपी करके आपको प्राइवेट सेट में डाल देता हूं। आप उसे शो कर देना। ठीक है जी। और सभी भाई जी ठीक है।
फिर इस पे ये जो है वहां कितने दिनों का प्रोग्राम रहता है मतलब बना रहे हैं उनको नहीं हूं पर मैं अबे उल्लू के पट्ठे सामने आ साले बकवास करता है मुझे पता था और ये ये एंजेल ये आदमी करीब डेढ़ घंटे से बैठ बेटा भाई डेढ़ घंटे से हां इसीलिए हम नहीं ले रहे थे हमें पता था ये कोई चमन होतिया ही होगा क्या कह रहे थे आप आ गया हमें डरना नहीं है हां कह रहे कि भाई कि ये कब मतलब कितने दिनों का होगा जैसे कि अगर हम लोग जाना चाहे तो ब्लॉक करो यार इनको पहले सबसे पहली बात तो ये जो हमने बैनर शो किया है आज उसप मेरा नंबर है ठीक है जिस भाई को यह लगता है कि मैं दूर से हूं और मुझे टिकट की सुविधा चाहिए क्योंकि मेरे पास पैसे नहीं है तो वो मुझसे संपर्क करेंगे। उनका उनका टिकट हम करा के देंगे। चाहे वो प्लेन का हो चाहे वो ट्रेन का हो हम उसको बुलाने की पूरी पूरी तैयारी करेंगे। पूरा इंतजाम करेंगे उसका और अगर पास से है तो वो भाई हमें चार तारीख में सुबह वहां उपस्थित हो सकते हैं। जो आसपास के हैं। चार तारीख का है और पांच तारीख का है। जो दूर के हैं वो 23 वो मतलब तीन तारीख की शाम तक पहुंच जाए जो दूर के हैं तो तीन तारीख तक आ जाएंगे और चार का और पांच का काम करेंगे और अपना पांच को या छ वहां से निकल जाएंगे दूर के हैं तो छ को निकल जाओ मतलब पांच पांच में निकल जाओ और पांच के हैं तो कोई दिक्कत नहीं है हम कभी भी जा सकते हैं तो ये भाई और ये एहसान भाई चाहे चाय पानी होके बीड़ी का पूरा बंद करो बस हां बीड़ी बीड़ी खासकर मैं पीता हूं बीड़ी किसी ने नहीं पीता मैं लेकिन मैंने कहा सलीम भाई से कि बीड़ी जरूर होनी चाहिए। उन्होंने कहा तू अपनी बात शुरू करेगा। भाई चाहिए बहुत पीता हूं। बहुत पीता हूं। पिछला पिछला पिछला एक मिनट जनाब पिछला कार्यक्रम था। पिछला जो कार्यक्रम था बहुत ही अच्छा था और आप लोगों ने सुबह सीखा लेकिन थोड़ी सी दिक्कत जो आई थी एहसान साहब इंटरनेट का इशू था बाहर कनेक्शन नहीं था और अच्छे से वो वो क्यों करा था वो वहां के महाराज जी जो है उनको ये लगा कि यहां पे जो मुस्लिम आ रहे हैं और वो फेस से नहीं आते अपने चैनलों पर यहां फेस से रहेंगे तो कहीं ऐसा ना हो कोई आदमी गलती से हमारा ही अपना भाई गलती से जानबूझ के नहीं गलती से उनकी आइडेंटिटी लीक हो जावे इस वजह से वहां झेमर लगाए हुए थे ठीक है जी और अब जो है अब माहौल बदल चुका है मौसम बदल चुका है तो जितने वहां पर आएंगे हमारा चाहे कोई कुछ भी कुछ नहीं कर सकता। हमें इतना पता है। ठीक है जी।
वहां पर अच्छी तरह से नेट की सुविधा रहेगी। एक तरह से अगर लाइव का भी प्रोग्राम रहा लाइव करेंगे और बाकायदा वहां पर टीवी चैनल वाले भी होंगे। पहले एक चैनल वाला था उसकी सही से रिकॉर्डिंग नहीं हो पाई बेचारे की। तो बाकायदा वहां पर बहुत सारे न्यूज़ वाले होंगे जिनसे हमारा संपर्क बना है। इस सम्मेलन के बाद जो हुआ तो अब वो सभी वहां मौजूद रहेंगे। सी न्यूज़ भारत सी न्यूज़ भारत जी आप जो है बिल्कुल मुझसे कांटेक्ट करें और उस फॉर्म को भर के अपनी उपस्थिति वहां दर्ज कराओ ताकि गिनती में शामिल हो जाओ और अगर दूर से हो तो मुझे अपना आधार कार्ड भेज देना भाई साहब आपका टिकट करा देंगे जहां से आ जाकर आप बोलोगे ट्रेन का अगर लगभग 1000 किलोमीटर तक तो ट्रेन का हो जाएगा भैया आपको करने की क्या जरूरत है यार जिसको आना आएगा तो आ जाएगा क्यों किसी के लिए चर्चा करने की जरूरत नहीं है ये हमने ये हमने उनके लिए कहा है जिनकी इच्छा है आने की और वो इस स्थिति में नहीं है कि भाई हम इतनी दूर अपने पैसे खर्च करके नहीं आ सकते या हमारे पास पैसे नहीं है। ये भी सुविधा हमारे पास है। मतलब मुझे हैरानी की बात ये लग रही है भाई हमारा देश धर्मनिरपेक्ष धर्मनिरपेनिरपेक्ष देश है ना और उसके बावजूद भी हमें इतनी सतर्कता सतर्कता राज्य चौका ना रहना पड़ता है। मतलब इट्स रियली शेमफुल भाई। आप समझ रहे हो मैं कह रहा हूं। जी हां मतलब ये ना मैंने मुझे किसी ने बहुत पहले मुझे बोला था कि यार मंदिरों में इतनी सिक्योरिटी होती है रथ यात्रा पे इतनी सिक्योरिटी होती है और जब मस्जिदों में कभी कोई सिक्योरिटी गार्ड नजर नहीं आएगा आपको यू नो तो ये सच्चाई है चार चौनी घोड़े पे अल्लाह ने कुरान लिखा अपने लौड़े से दिस इज द फैक्ट सॉरी गलत बात सॉरी सॉरी सॉरी सॉरी सॉरी सॉरी मुंह से निकल गया मुंह से क्या अल्लाह ने ऐसे नहीं बोलना चाहिए। मैं आपसे आपको सुनो मैं आपको एक बात कहना चाहता हूं। हमारे सवाल हक है। हमारे सवाल हक है कि हम उस पर सवाल करते हैं। ठीक है नहीं? हम उसको बुरा नहीं कह सकते ताकि क्योंकि जिनकी आस्था मुसलमानों की अभी भी बनी हुई है उनको हम गलत नहीं बोल सकते उनके बारे में। हम सिर्फ हमारा हक है सवाल उठाना। हमें उनका जवाब चाहिए। हम उनको गलत नहीं बोल सकते। आपकी बात मेरी मेरी गलती हो गई। मुझे ना भाई भाई ऐसा नहीं करते अभीर साहब ने पहली बार ऐसा किया है कुछ गलत खा लिया 30 की ताकत आ गई लेकिन ऐसा नहीं करते नहीं नहीं मैं नहीं करता यार सॉरी यार वो अभी याद है मुझे एंज एंजल बैन का चल रहा है यार चलो अभी मुझे अगर यार शिट चलो ठीक है सॉरी यार भाई अभी भाई कोई नहीं आप नमाज पढ़ के आए होंगे आवाज नहीं आ रही भाई रहमान भाई की आवाज नहीं आ रही रहमान भाई आवाज नहीं आ आपकी अच्छा ये बताइए भाई हां ये पूछना चाह रहे थे कि क्या मतलब होटल वगैरह है क्या ठहरने का क्या है वहां मतलब ठहरने का बाकायदा होटल है होटल है होटल जो बाहर से दूर से आने वाले भाई हैं उनके लिए होट होटल का अरेंजमेंट है हम तो बहुत जाएंगे एहसान भाई एहसान भाई कुछ ऐसा भी अब तक एप्लीकेशन या फोन आया है कि कुछ हमारी एक्स दूसरी मोमिना बहने भी आएंगी हां जी हां जी क्योंकि भाई लड़कियों के लिए थोड़ा सा अलग इंतजाम करना पड़ेगा क्योंकि है ना रहने खाने का सब कुछ का उनके लिए थोड़ा सा तो अलग करना पड़ेगा देखो हम औरतों को पूरी पूरी अकल की मानते हैं हम उनको आधी अक्कल की नहीं मानते ठीक है जी तो उनका सही से सारा इंतजाम रहेगा बेफिक्र रहो लेके दातून से और हर चीज का इंतजाम रहेगा जी गलत मत समझना मतलब कहने का ये है जो हम एक सेफ्टी बनती है औरत हम वो पूरी तरह से निभाएंगे। बिल्कुल बिल्कुल जी बिल्कुल मैं यही कह रहा था मैं भी यही कह रहा था एसान भाई कि अगर ये बार-बार आप बताते हैं ना लड़कियों को प्रोत्साहित करते हैं मैं चाहता हूं कि ज्यादा से ज्यादा लड़कियां भी आए वहां ताकि जब वहां बैठती है मीडिया में मीडिया में हमारी एक्स मुस्लिम मोमिना भी वहां दिखाई दे चाहे वो फेस कवर करके आती है चेहरा छुपा के आती है डजंट मैटर हां फेस तो भाई कवर करके ही जाना पड़ेगा। कोशिश करूंगा कोशिश करूंगा तीन लड़कियां मेरे एरिया से एक्स मुस्लिम हो चुकी है। मेरी वीडियो देखते हैं आलिमा पढ़ी लिखी जिनकी एक मौलवी की डिग्री होती है ना जितना ज्ञान एक मौलवी को होता है वो उनको इतना ज्ञान है और वो एक्स मुस्लिम हो चुकी है लेकिन छुपी हुई है। ठीक है जी। आज वो बुर्खा उतार के पट और कमीज पहन के अपना काम करती हैं। वो साफसाफ कह दिया है परिवार वालों को मेरी मर्जी मैं कुछ भी पहनू लेकिन ये नहीं कहा कि हमने इस्लाम छोड़ दिया है। ठीक है जी। तो वो बुर्खा उतार के पट शर्ट पहन के घूमती है अपना काम करती है जो उनका काम है। और मेरे घर पे वो आई थी बकरा ईद पे बकरा ईद पे वो ले आई थी कुछ मसाला हैं। जी प्रेम भाई जी भाई हां वो मसाला ले आई थी मेरे घर पे तो मैंने उनसे कहा था कि आपको यहां नहीं आना चाहिए था मेरे बारे में सब जानते हैं तो आपको नहीं आना चाहिए तो वो फेस तैयार करके आई थी वैसे चलो तुम आ गई हो तो बैठ जाओ तीनों की तीनों आई थी तीनों ही आसपास की है मतलब और बैठ के हमने बातें की हालांकि हमारे जो बच्चे थे यानी मेरी बीवी उस टाइम पे जो ये वो मुझे देख रही थी गोल घोल के ये कौन है ऐसा कैसे आ गई और आपके साथ बैठी है तो मैंने फिर बाद में उसको बताया तब उसने समझा उसने कुछ और ही समझ लिया था तो तीन लड़कियां है उनसे मेरा कोशिश है जारी पूरी अगर तीन भी नहीं आती है एक को तो मैं कोशिश करूंगा लाने की तो अगर वो आ जाती है और वो बैठ के भाई साहब को इस्लाम का बात करेगी क्या बात हो जाएगी मजे हो जाएंगे बहुत खुशी की बात है बहुत अच्छा लगा सुनकरान भाई और वाकई जिस तरह से आप लोग ग्राउंड लेवल पर काम कर रहे हैं आपकी मेहनत आ रही है भाई अच्छा एहसान भाई पूरे डिटेल्स WhatsApp पे ले लेंगे आपसे ताकि समझ सके कि क्या है नहीं है ना बिल्कुल बिल्कुल बस अगर दूर का है तो उसको अपना आधार कार्ड देना होगा उसके थ्रू हम उनका टिकट लगा देंगे अगर दूर से है ठीक है ना और मैं चाहूंगा कि आप भी कोशिश करें पूरी पूरी आने की मैं तो ये चाहता हूं ठीक है ना और जो एस मुस्लिम यासमीन है उसका भी कोशिश की जा रही है अगर वो आ जाएगी तो आज तो मेरे चैनल पे वो आई थी बेचारी लेकिन उनका जब मेरा नेट उस बताया ना कि एंड टाइम पे वाईफाई नहीं चल रहा है एंड टाइम पे मोबाइल में मोबाइल से हम स्ट्रीम करते हैं मोबाइल में आवाज ही नहीं आ रहा है और वो मतलब आधा घंटा लेट हो गया पता है 9:30 से हो गया मतलब 9:45 47 इतना पे पहुंच गया वो बेचारी कमेंट कर रही है नीचे की और जब हम आए तो वो कह रही मेरा नेट नहीं काम कर रहा है तो फिर चली गई आई थी वो ज्वाइन करने कोई बात नहीं कोई बात नहीं अभीर भाई अभीर भाई भाई एक मिनट रुक सॉरी यार बिजी हो गया था मैं बीच में हां सॉरी भाई बोलिए हां भाई यार कोई जुगाड़ तो लगाओ मैंने तो जुड़ा था आपके वहां मेरे नहीं मुझे तो जुगाड़ करवाओ वगैरह अच्छे खासे लोग देख रहे हैं एक्टिव हो गई है इंजन थोड़ा इनका लैपटॉप वगैरह का वाईफाई का करते हैं कोई जुगाड़ ठीक है मैंने आपको आप आते नहीं मेरे इसमें मैं आ जाता हूं आपके पास तो सब कुछ है लेकिन जल्दी लैपटॉप एक इंटरनेट हो जाए लैपटॉप हो जाए और लैपटॉप को मैं कर दूंगा तो इंटरनेट का देख लेना आप। इंटरनेट का भी करवा देंगे। हां तो फिर ये है कि वाईफाई हो और लैपटॉप हो जाए। फिर अल्लाह के फजल से काम सही करूंगा। हां प्रेम भाई हां मैंने लिंक शेयर कर दिया है। अच्छा भाई बात सुनो भाई प्रेम भाई आप मेरे चैनल में जब मैं लाइव में आता हूं ना तब मेरे चैनल में आ जाना फिर। ठीक है। ठीक है। इसके बाद आऊंगा मैडम। इसके बाद तो नहीं क्योंकि अभी मैं कुछ आज तो मैं थोड़ा बिजी हो जाऊंगा। तो मैं फिर देख लेंगे एक दो दिन में। एक दो दिन में देख एक हां ठीक है। थैंक यू।
तो ये दोस्तों ये लिंक है वो वाला जिसमें आपको फॉर्म भरना है। सॉरी इसको YouTube में डाल दो। और मैंने प्राइवेट चैट में भी डाल दिया है। और जिस भाई सभी भाई जो आने वाले हैं वो इसको जरूर भरे। फिर भी एहसान भाई एक बार कंफर्म करके ना देखिए लेडीज के लिए जो दो चार पांच लेडीज आएंगी उनप होटल वोटल का कैसा होगा अलग से इंतजाम फिर भी मुझे एक बार WhatsApp WhatsApp पे जरूर बता देना। मैं बता दूंगा। एक बात बताओ होटल कैसा होता है यार एक कमरा होता है रजाई गंदे होते हैं और क्या होता है अरे नहीं सेफ्टी की अरे यार लड़कियों की सेफ्टी का आता है मुझे यार वो बेफिक्र रहो सेफ्टी वहां हर तरह की रहेगी उससे बेफिक्र रहो ऐसे समझो कि इससे अच्छी जगह तुम्हें मिल ही नहीं सकती कहीं ऐसा है कि लड़कियों को होटल से प्रोग्राम और प्रोग्राम से फिर रेलवे स्टेशन या होटल दूर नहीं है होटल पास नहीं है पुलिस वाले आपको लेके जाएंगे पुलिस वाले आपको छोड़ के जाएंगे क्या बात है ठीक है जी क्या बात क्या बात भाई मेरी बात सुनो यार ये पैसा पैसा यार ये पैसा कौन खर्च कर रहा है यार ये कह रहे मैं नहीं चाहता कि अपने एहसान भाई इस पे अ मतलब वो तो खुद ही वो कर रहे है तो मैं नहीं चाहता कि वो पैसा अपना लगाए यार हां मैं बताऊंगा ये पैसा आप जैसे भाइयों का है जो दे रहे है और दे देना चाहिए शुरुआत हमने कर दी है कामयाब आपको बनवाना है ठीक है जी हम ठीक है फाइन नहीं पर ये हम लोग ना पता नहीं हमारे लिए कोई सीरियस नहीं है। सीरियसनेस नहीं है ना हमारा हम हिंदुओं को है ना हिंदुओं सीरियसनेस नहीं पता ना इसके बारे में कि कितनी गंभीरता है गंभीर चीज है ये पता ही नहीं है तो अब मैं आप अपनी मेहनत कर रहे हो आप तो आप मतलब रिस्क भी है आपके लिए तो फिर वो तो बनता ही है 100% बनता है भाई में आ रहा है क्या नहीं आ रहे जम में? अच्छा प्रेम भाई एक एक और चीज यार भाई ये ना एक्स मुस्लिम एच का जो ये जो ऑफिशियल जो है ना ये बैकअप चैनल ये तो हो नहीं सकता ना मोनेटाइज तो बैकअप चैनल ही मोनेटाइज हो सकता है यार चक्कर भी है मेरा तो गला गया यार कितने अच्छे लोग देख रहे हैं मैं चाह रहा था सारे बैकअप चैनल पे आ जाए तो ये आवर्स पूरे हो जाए्राइबर पूरे हो चुके हैं टाइम पूरा करना है हमें टाइम पूरा हो जाए यार तो टाइम कितना अभी उसमें जाएगा टाइम कितना रहेगा? टाइम टाइम हो जाएगा। महीने में कर देंगे पूरा अल्लाह के। नहीं नहीं कितना कितना कितना रह गया भैया? मैं ना मैं सारे के सारे सर्वर में कर दूंगा ये होस्ट। डोंट वरी वर्चुअल वर्चुअल कंप्यूटर में चला दूंगा इसको। सबको चलाओ। सब सर्वर पे चलाओ सब। हां, वही कह रहा हूं। मतलब 20-20 कंप्यूटर चल रहे होंगे वही। तो बोले कितने कितने घंटे रह गए भाई? कितने घंटे हैं? अब अभी ये समझिए बस काफी है। आधे से ज्यादा है। अच्छा ठीक है। तो आप सारे सर्वर पे चलाओ इनको। कर दूंगा भाई कर दूंगा और क्या करें? अपने लोगों से तो होता नहीं है। तो हमको कुछ करना पड़ेगा। भाई कोई मेरी भी कोई ना वो है। पता क्या मैं भी एक दिन है ना हताश हो जाता हूं। भाई है ना मतलब इतना ये ना कभी मुझे लगता है यार यार ये मेरे ख्याल में अभी भाई पता नहीं यार आप कैसे कर पाते हैं इतने बड़े सपोर्टर है आप कैसे सपोर्ट करते हैं थैंक यू यार जो भी है यार अपने भाइयों के लिए तो करना ही है यार ठीक है मैं तो चाहता हूं कि भाई यार कुछ हो जाए तो सही रहेगा यार जो आगे बढ़ के कर रहे हैं यार कम से कम और ये बेचारी तो अपनी बच्ची बच्ची के बच्ची का भी स्कूल को जाना होता है लेना होता है यू नो काम पे भी करती होती है और एंजल की एंजल बनती है तो यू नो आई रियली अप्रिशिएट हिम अप्रिशिएट। अच्छा मैं ये कहना चाहता हूं जो एंजेल सिस्टर आप जो है जिन भाइयों ने कुछ हेल्प की है ना उनके बारे में शुक्रिया उनको बोल दीजिए एक बार स्क्रीन में जिसने भी आपको नहीं सुनिए जिन्होंने की है आपके देखने वालों ने बताने की जरूरत नहीं किसने की है बस इतना कह दो कि जिन्होंने हेल्प की है वो उनका शुक्रिया कह देंगे हां अगर नाम लेना चाहते क्योंकि उसमें जो देखिए एनजीपी पे है ना जो ओरिजिनल नाम आ जाता है सबका इसलिए नाम नहीं लेना चाहते। सुनो सुनो। मैंने नाम को नहीं बोला है। सिर्फ इतना बोल दो। जिन भाइयों ने हेल्प की है उनका बहुत-बहुत शुक्रिया और आगे भी करते रह। जी जी बिल्कुल। मैं कह देता हूं यार। छोड़ो मैं कह देता हूं। हां आप कह दीजिए। मैं कह रहा हूं कि भाई जिन भाइयों ने हेल्प की है इनको एंजल सिस्टर को उनका खास सबसे वो है। शुक्रिया भाइयों और मैं ये कहूंगा आपका जितना हो सके आप मर्द हजरात को कम से कम कर कोई दिक्कत नहीं है हम जैसों को लेकिन लेडी का सबसे पहला हक बनता है हेल्प का क्योंकि वो अपना जीवन बहुत ही कठिनाइयों से गुजारती है भाई साहब कि कहते हैं ना गांव की भाषा में कि औरत का अगर कोई रखवाली ना हो ना तो अच्छी से अच्छी औरत के भूत कुत्ते लगा दे समझे खामाखा भी लगा दें तो आदमी चाहे कहीं अपनी ऐसी तैसी मरवाता फिर हो जाए उसे कोई कुछ कहने वाला नहीं है लेकिन अगर अगर औरत की जरा सी चीज कोई देख लेता है हालांकि वो सच्चाई नहीं है फिर भी उसकी ऐसी तैसी मारने लग जाते हैं लोग तो मैं कहता हूं कि जितना हो सके भाई सभी भाई इनको सपोर्ट करें। जितनी भी महिलाएं हैं एससी मुस्लिम और अपना काम कर रही है चैनल पे उनको सबसे ज्यादा सपोर्ट की जरूरत है। समझे जी तो मैं तो यही कहूंगा कि दोस्त अभी भी लोग जुड़े हुए हैं। अभी भी जितना हो सके आप करें। समझे जी और हमारे उस लिंक को जरूर फिल करें भाई साहब जो आने वाले दोस्त हैं सभी और जिसको और कोई जानकारी चाहिए मेरे नंबर है उसप उस बैनर पे यहां भी मैं दे दूंगा नंबर तो उस पर भी आप मुझसे कांटेक्ट कर सकते हैं जानकारी के लिए ठीक है बस कर दो जी जी नंबर दे दीजिए जो भी लोग आपसे संपर्क करना चाहेंगे वो कर लेंगे हां अभी देता हूं नंबर नया नंबर लिया है ना इस सम्मेलन के लिए तो मेरे याद नहीं है वो निकालता हूं एक मिनट बहुत बढ़िया भाइयों भाई उंगलियों को हरकत दो और एंजल जी को सपोर्ट का नजराना भेजो फटाफट जितना हो सके सभी भाइयों से यह है भाई साहब हमारा टाइप कर देता हूं 93 18 41 268 93 18 41 268 93 181 ब्लेड कैसे हो आप ब्लेड ब्लेड्स हो गया क्या जी भाई ये नंबर है हमारा जो डाल दिया मैंने लास्ट में ये स्क्रीन पे शो कर देते हैं लो जी ये नंबर है भाई जिसको जानकारी लेनी है आना है मुझसे इस इस नंबर पर कांटेक्ट कर सकते हैं। जो भी अलग कोई जानकारी चाहिए आपको जो भाई यहां पर जुड़े हुए नहीं है बात करना चाहते हैं तो कॉल कर सकते हैं इस पर कभी भी दिन में हम जी भाई कहां हो अब साहब अब कैसी तयत है यार बढ़िया ठीक है अल्लाह के फजल से तो तुम तो बताओगे नहीं हमें पूछना यार मैं भी आ जाऊंगा साहब मेरा क्या है लेकिन काफिर आ सकते हैं। अरे यार काफिर यार काफिर क्यों नहीं आ सकते? कहा नहीं मैंने कि सभी के लिए है ये फॉर्म सबको भरना है। खाने पीने की चावल टिक्की तभी तो बनवानी चावल टिक्की पकोड़े तभी तो बनेंगे। क्या बात है? वो पकोड़े थोड़े पालक पालक डलवा लियो पालक और गोभी। मूली के पराठे बनवा दूंगा। तो वो तो एहसान भाई बहुत बड़ी खुली जगह है भाई वो तो वहां तो मेरे ख्याल से हजारों हजारों आदमी बैठ सकते हैं वहां भाई बिल्कुल वहां बहुत आदमी आ जाएंगे और अब तो देखिए अब तो इतनी गर्मी भी नहीं है बारिश का भी मौसम कितना बारिश वारिश भी हट जाएगी इतना हां हां हां चलिए भाई प्रेम भाई मैं निकलता हूं और जो है ये नंबर दे दिया है भाई साहब जिसको आना है और वो जानकारी ले सकते हैं और वैसे भी अगर आप समर्थन भी करना चाहेंगे तो इस नंबर को मेरे से बात करके बात कर सकते हैं। कोई दिक्कत नहीं है। खुशी हमें भी फोन कर लियो यार यही पूछ लियो किस किस तरह से करोगे हमें खुशी होगी इस चीज की। चलिए मैं निकलता हूं। मेरी तो ऑलमोस्ट मेरी और आपकी तो डेली बात होती है भाई। हां जी। हां जी। हां जी। मैं निकलता हूं। जय हिंद जय भारत। जय भारत। ठीक है। भाई आते रहिएगा। धन्यवाद। गुड नाइट। ओके जी। ओके। धन्यवाद। धन्यवाद।