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[संगीत] तो विद्यार्थियों चलिए आइए अब क्वेश्चंस और उनके सलूशन का सिलसिला शुरू करते हैं। पहले कुछ क्वेश्चन ऐसे लेंगे जिनको हम लोग डिटरमिनेट मेथड से सॉल्व कर सकते हैं। यानी कि आपको यह समझना है कि जो डिटरमिनेट मेथड है, वो रैंक निकालने के लिए कब कारगर है, किस तरह के क्वेश्चंस के ऊपर कारगर है, ठीक है? और कब इसको अप्लाई नहीं करना है, यह चीज भी आपको यहां पर सीखने है। ध्यान दीजिएगा, एक क्वेश्चन लेते हैं। प्रॉब्लम नंबर वन: फाइंड द रैंक ऑफ द मैट्रिक्स।
और अगर आप इस मैट्रिक्स को ध्यान से देखें तो यह ऑर्डर तीन का मैट्रिक्स है, यानी कि 3 क्रॉस 3 का है। यहां पर मेरी पर्सनल एडवाइस जो है, वह आपको यह रहेगी कि कोई भी मैट्रिक्स आए, ऑर्डर, आई रिपीट, ऑर्डर तीन या लेस देन ऑर्डर थ्री, ठीक है? यानी कि वह मैट्रिक्स 3 क्रॉस 3 का हो, 3 क्रॉस 2 का हो, 2 क्रॉस 3 का हो, या 2 क्रॉस 2 का हो, उस मैट्रिक्स के ऊपर आप यह मेथड अप्लाई कर सकते हैं। कौन सी वाली मेथड? डिटरमिनेट मेथड। डिटरमिनेट मेथड आप इस मेथड को अप्लाई कर सकते हो। आई रिपीट विद्यार्थियों, कोई भी मैट्रिक्स अगर आपको इस ऑर्डर से बड़ा ऑर्डर का आता है, यानी कि 3 क्रॉस 4, 4 क्रॉस 3, 4 क्रॉस 4, इस ऑर्डर का या उससे बड़े ऑर्डर का कोई मैट्रिक्स आपके पास में आता है, तो आप उस पर डिटरमिनेट मेथड यूज नहीं करेंगे। उसको आप या तो एशलन से सॉल्व करेंगे, या फिर नॉर्मल फॉर्म में कन्वर्ट करके रैंक फाइंड करेंगे उस मैट्रिक्स की। क्लियर है?
अब डिटरमिनेट मेथड इसके ऊपर काम कैसे करेगी? आप ऐसे करेंगे, उस क्वेश्चन को समझिए जरा। सबसे पहले जब आप सॉल्यूशन करेंगे, देखो ये मेथड जो यहां पे दिया है वो तो मैं बताऊंगा ही, पहले लेकिन डिटरमिनेट मेथड समझ लो कैसे करना है। सबसे पहला काम आपका होगा कि उस मैट्रिक्स को 'ए' नाम देते हुए आप उस मैट्रिक्स को लिख लीजिए। पहले लेट, लेट दिस इज ये लेट वन, फोर, ओके, टू है यहां पर तो टू लिख देते हैं भैया, 2, 2, 4, 6, 3, 2, 5, ठीक है ना? यह आपके पास में 'ए' हो गया।
नाउ, अब आप इसका डिटरमिनेट निकालेंगे, यानी कि डिटरमिनेट ऑफ 'ए' निकालेंगे, ठीक है ना? नाउ लिख दीजिए और करिए। यानी कि आप डिटरमिनेट 1, 2, एंड 2, 4, 6, 3, 2, 5. दिस इज इक्वल टू इसका डिटरमिनेट निकालेंगे। विद्यार्थी तो आपको पता ही है कैसे निकालना है। 1 * (4 * 5 - 6 * 2) - 2 * (1 * 5 - 2 * 2) + 2 * (1 * 2 - 4 * 3).
इज़ इक्वल टू 1 * (20 - 12) - 2 * (5 - 4) + 2 * (2 - 12).
इज़ इक्वल टू 1 * (8) - 2 * (1) + 2 * (-10).
इज़ इक्वल टू 8 - 2 - 20.
इज़ इक्वल टू 6 - 20.
इज़ इक्वल टू -14.
ठीक है? तो इसका मतलब ये हो गया कि ये जो ऑर्डर थ्री का मैट्रिक्स था, इसका जब आपने डिटरमिनेट निकाला, तो इसका डिटरमिनेट आ गया -14. इसका मतलब क्या है? इसका मतलब है दिस इंप्लाइज दैट रैंक ऑफ 'ए' नॉट इक्वल टू 3. बट रैंक ऑफ 'ए' इज लेस दन 3. इसका मतलब यह है, ध्यान रखना, अगर ऑर्डर थ्री का ही मैट्रिक्स है तो केवल अदरवाइज नहीं, ठीक है? ऑर्डर थ्री का मैट्रिक्स था, आपने उसका डिटरमिनेट निकाला, आपको मिल गया -14. तो इसका मतलब है कि इस मैट्रिक्स की रैंक तीन नहीं हो सकती है, क्योंकि ज्यादा से ज्यादा इस मैट्रिक्स की रैंक कितनी हो सकती थी? तीन हो सकती थी, क्योंकि ये 3 क्रॉस 3 का था, तो ज्यादा से ज्यादा रैंक तीन हो सकती थी, इससे ज्यादा नहीं हो सकती थी। और डिटरमिनेट जीरो नहीं आया, तो इसका मतलब रैंक तीन हो सकती है।
ठीक है? अब अगर डिटरमिनेट नॉन-जीरो आता है, तो इसका मतलब है कि उस मैट्रिक्स की रैंक उतनी ही होगी जितना उसका ऑर्डर है। तो इस केस में, क्योंकि यह 3 क्रॉस 3 का मैट्रिक्स था और इसका डिटरमिनेट नॉन-जीरो आया, तो इसकी रैंक तीन होगी।
सो दिस इंप्लाइज दैट रैंक ऑफ 'ए' यानी कि रो ऑफ 'ए' = 3.
तो इसका मतलब ये हो गया कि ये जो मैट्रिक्स था, जिस मैट्रिक्स की हम लोग बात कर रहे थे, इस मैट्रिक्स की, इस 'ए' मैट्रिक्स की जो रैंक है, वो कितनी हो गई? तीन हो गई। यह हमने कैसे निकाला? डिटरमिनेट मेथड से निकाला। तो ऑर्डर तीन का कोई भी मैट्रिक्स अगर आए ना बच्चों, तो उसकी रैंक के लिए डिटरमिनेट मेथड यूज करना, क्योंकि वो ज्यादा आसान पड़ेगा तुम लोगों को। रो और कॉलम ऑपरेशन मे बी पॉसिबल किसी-किसी केस में आसान हो सकता है, लेकिन ज्यादातर केस में वो थोड़ा सा टिपिकल आपके लिए हो सकता है, जबकि डिटरमिनेट इजी और आसानी से आपको रिजल्ट्स दे देगा। विद्यार्थी, ठीक? तो ये थी बच्चों डिटरमिनेट मेथड। आई होप कि जो पूरा का पूरा रिजल्ट है, यह आपको समझ में आया होगा। नहीं समझ में आया तो वीडियो रिवाइंड करके देख लेना, है ना? ये मत कहना सर फिर से समझा दो, जैसा कि बच्चे क्लास में कहते हैं, क्योंकि वीडियो में ये सबसे अच्छा ऑप्शन होता है कि फिर से देख लो, रिवाइंड करके अगर कोई कांसेप्ट समझ में ना आया हो तो, ठीक है?
तो ये तो हो गई बच्चों डिटरमिनेट मेथड। अब इस क्वेश्चन को बुक में है ना, जहां से हमने ये कांसेप्ट लिया है, उसने कैसे सॉल्व किया मैं आपको समझाने का प्रयास करता हूं। तो देखो इसने क्या करा है रो और कॉलम की मदद से उसको सॉल्व करा, ठीक है? कैसे? देखो उसने क्या करा इस मैट्रिक्स को पहले 'ए' के रूप में लिख दिया भाई, दिस इज द मैट्रिक्स 'ए'। यह आपको 'ए' मैट्रिक्स। फिर इसमें कुछ रो ऑपरेशंस लगाए, है ना? उसको क्या करा ट्रांसफॉर्म किया। कैसे करा? उसमें एक ऑपरेशन यह लगाया: R2 - R1, R3 - 2R1 लगाया, ठीक है? मतलब कि इसमें से इसे घटाया, तो वन में से वन घटाया, पहली वाली रो एज इट इज आ गई। फिर वन में से वन घटाया, 0. 4 में से 2 घटाया, 2. 2 में से -3, -1. फिर इसमें दो का गुणा करा और इसको घटा दिया, तो यहां पर क्या आ गया? यह ज़ीरो आ गया और यहां पर दो करेंगे, चार हो जाएगा, छह में से चार जाएगा, दो बचेगा। यहां पर दो का करेंगे, छह हो जाएगा, पांच में से छह जाएगा, माइनस का एक बचेगा। तो यह आपके पास में यह मैट्रिक्स आ गया। यह दो ऑपरेशन लगाने के बाद में।
फिर यह जब आ गया, तो हमने फिर एक ऑपरेशन और लगाया। कौन सा लगाया? हमने इसको ज़ीरो बनाने के लिए ऑपरेशन लगाया। तो अब इसके बाद हम लोग रो नंबर वन का इस्तेमाल नहीं करेंगे, हम लोग किसका इस्तेमाल करेंगे? रो नंबर टू का इस्तेमाल करेंगे और थ्री का इस्तेमाल करेंगे। तो हमने एक ऑपरेशन लगा दिया R3 - R2 और इसे R3 की जगह पे लिखा। ठीक? तो यहां से ये माइनस हुआ, रो। यहां से ये माइनस हुआ, रो। तो मतलब ये पूरी की पूरी जो रो थी, ना वो ज़ीरो आ गई विद्यार्थियों।
अब जरा ध्यान देना कि अगर हम इस पूरे के इस वन को, इस टू को, वन बना दें, तो ये मैट्रिक्स कैसा बन जाएगा? ये मैट्रिक्स ऐसा बन जाएगा: 1, 2, 3; 0, 1, -1/2; 0, 0, 0. अब लुक एट दिस, इस मैट्रिक्स को जरा ध्यान से देखो। जो एशलन फॉर्म की तुम लोगों ने डेफिनेशन पढ़ी थी ना, उस डेफिनेशन में ये कन्वर्ट हो गया है। मतलब कि अगर इस टू को टू ही रहने दो, तो यह जो मैट्रिक्स है, यह अपर ट्रायंगुलर फॉर्म में कन्वर्ट हो गया है। और अगर इस टू को वन बना दोगे, तो यह जो मैट्रिक्स है, है ना, ये एशलन फॉर्म में कन्वर्ट हो गया है। किसमें? एशलन फॉर्म में। और यह जो एशलन फॉर्म में कन्वर्ट जब हो जाता है मैट्रिक्स, तो उसमें जितनी नॉन-ज़ीरो रोज़ दिख रही होती हैं, वही उस मैट्रिक्स की रैंक होती है। तो अभी मैट्रिक्स में कितनी रो ऐसी हैं जो नॉन-ज़ीरो है? कहना सर, पहली है और दूसरी है। नॉन-ज़ीरो का मतलब पूरे एलिमेंट्स ज़ीरो नहीं होने चाहिए, तो उसको नॉन-ज़ीरो कहते हैं। ज़ीरो रो का मतलब सारे एलिमेंट ज़ीरो हो जाएं, ठीक है? और नॉन-ज़ीरो रो, कम से कम एक एलिमेंट भी अगर ज़ीरो नहीं है ना, तो वह नॉन-ज़ीरो रो होती है, हो जाती है। तो देखो, ज़ीरो बढ़ भी रहे हैं। यहां पहले ज़ीरो, फिर ये तीन ज़ीरो हो गए, ये वन है, ठीक है? तो ये एशलन फॉर्म में आ गया और नंबर ऑफ नॉन-ज़ीरो रोज़ कितनी है? नंबर ऑफ नॉन-ज़ीरो रोज़ दो हैं, तो यही मैट्रिक्स की क्या हो जाएगी? रैंक हो जाएगी। यानी कि ट्रायंगुलर फॉर्म, अपर ट्रायंगुलर फॉर्म में बदलने के बाद या एशलन फॉर्म में बदलने के बाद, ध्यान देना, एशलन फॉर्म अपर ट्रायंगुलर फॉर्म ही होता है, बस पहला एलिमेंट वन होता है, और जबकि ट्रायंगुलर में वन नहीं हो तो भी चलता है। सो नॉन-ज़ीरो रोज़ इज़ इक्वल टू 2. सो द रैंक ऑफ़ द मैट्रिक्स इज़ 2.
नाउ, द नलिटी ऑफ़ द मैट्रिक्स इज़ व्हाट? तो नलिटी कैसे निकालते हैं? ऑर्डर ऑफ़ अ मैट्रिक्स माइनस रैंक ऑफ़ द मैट्रिक्स। तो ऑर्डर कितना था मैट्रिक्स का? ध्यान देना, नलिटी केवल स्क्वायर मैट्रिक्स की निकलती है। आई रिपीट, नलिटी केवल स्क्वायर मैट्रिक्स की निकलती है, रेक्टेंगल मैट्रिक्स की नलिटी नहीं निकाली जाती है। तो ऑर्डर ऑफ़ द मैट्रिक्स इज़ 3. रैंक ऑफ़ द मैट्रिक्स इज़ 2. सो नलिटी इज़ 1. नलिटी का मतलब होता है, अगर मैं आपको इनडायरेक्ट वे में कहूं कि उस मैट्रिक्स में ऑपरेशंस लगाने के बाद में कितनी रोज़ या कॉलम, अगर वो स्क्वायर है, तो कितनी रोज़ और कॉलम पूरी तरह से ज़ीरो हो रही हैं, वो नलिटी होती है। और सॉल्यूशन ऑफ़ इक्वेशन के केस में, इस नलिटी के कुछ और भी मायने होते हैं, ये आगे चलके आपको पता चलेगा।
तो विद्यार्थियों, हम लोगों ने डिटरमिनेट मेथड और एशलन फॉर्म, दोनों की मदद से ये समझा कि कैसे किसी मैट्रिक्स की रैंक निकाली जाती है। आई होप कि ये आप लोगों को समझ में आया होगा। अब हम लोग चलते हैं थोड़े से और टिपिकल क्वेश्चंस पे। ध्यान देना, हम लोगों ने यहां पे डिटरमिनेट मेथड और एशलन फॉर्म, दोनों को ही यूज़ करा है, दोनों को ही यूज़ करा है। और एशलन फॉर्म में किसी भी मैट्रिक्स को कन्वर्ट करने के लिए, जो पहला स्टेप मैं बता देता हूं यहीं पे, पहला स्टेप होगा इस एलिमेंट का वन होना। अगर ये एलिमेंट वन नहीं होगा, तो हम बना लेंगे, रो को ऊपर नीचे करके, कॉलम्स को इधर-उधर करके, ये किया जा सकता है, ठीक है? तो इसको वन बनाएंगे और फिर इसके नीचे के दोनों एलिमेंट्स को ज़ीरो। फिर हम इसको वन बनाएंगे और इसके नीचे के एलिमेंट को ज़ीरो, और ऐसा हम प्रोसेस आगे बढ़ाते जाएंगे, रो बाय रो, ठीक है ना? कॉलम ऑपरेशंस नहीं यूज़ करना है, केवल रो ऑपरेशंस यूज़ करना है इस प्रोसेस में, ठीक है? ठीक है ना?
चलिए, सो ये पहला क्वेश्चन विद्यार्थियों यहां पे खत्म हुआ। अब एक थोड़ा सा बड़ा क्वेश्चन लेते हैं। आइए इसको देखते हैं। विद्यार्थियों, जरा इस क्वेश्चन के ऊपर ध्यान दीजिएगा। यह क्वेश्चन बड़ा ही मजेदार क्वेश्चन है और इंपॉर्टेंट क्वेश्चन भी है, एग्जाम पॉइंट ऑफ व्यू से, ठीक है? आपके सामने एक मैट्रिक्स दिया हुआ है जिसकी रैंक आपको फाइंड करनी है। कैसे निकालनी है, यह आपके ऊपर निर्भर करता है। आप चाहें तो डिटरमिनेट से निकालिए, आप चाहें तो एशलन से निकालिए, आप चाहें तो ट्रायंगुलर फॉर्म में कन्वर्ट करके निकालिए, आप चाहें तो नॉर्मल फॉर्म से निकालिए, आपकी मर्जी है, ठीक है? मैं आपसे कहूंगा कि जब तक आपसे नॉर्मल फॉर्म में या कैनोनिकल फॉर्म की मदद से रैंक निकालने को ना कहा जाए, तब तक आप मत करिएगा। या तो डिटरमिनेट या एशलन, ये इजी पड़ेंगे। दोनों ही इन दोनों में से किसी एक को अप्लाई करिएगा, ठीक है ना? क्लियर है? तो चलिए, आइए इस क्वेश्चन को हम लोग देखते हैं।
तो पहले तो इसको सिंपलीफाई कर लेते हैं, जो लिखा हुआ है उसकी मदद से। तो 'ए' बराबर आपको यहीं से सॉल्यूशन हम लोग शुरू करते हैं। सपोज दैट के, अ, यहां से लिख देते हैं सॉल्यूशन और लिखेंगे हम लोग गिवन। सबसे पहले ऐसा 'ए'। अब इसी को थोड़ा सा सिंपलीफाई कर देते हैं। तो यह मैट्रिक्स क्या बन जाएगा? 1, 4, 9, 16; 4, 9, 16, 25; 9, 16, 25, 36; 16, 25, 36, 49. सो दिस इज़ योर मैट्रिक्स 'ए'।
अब देखो, आपका अगला जो काम होगा ना, वो होगा इसको सिंपलीफाई करना। आई रिपीट, इस मैट्रिक्स को जितना हो सके सिंपलीफाई कर देना, तो इस मैट्रिक्स को अगर सिंपलीफाई कर दोगे ना, तो आसानी से क्या कर पाओगे? इसको सॉल्व कर पाओगे। और सिंपलीफाई करने का तरीका क्या है, बता देता हूं मैं। देखो, एक काम करना, सबसे पहले R2 में से R1 घटाना, R3 में से R2 घटाना, और R4 में से R3 को घटा देना। ऐसे कर देना। पहले हम लोग ये ऑपरेशन लगाने वाले हैं, यानी कि हम लोग 'ए' मैट्रिक्स है ना, का जो इक्विवेलेंट है, उसमें तीन ऑपरेशन लगाने वाले हैं: R2 - R1, R3 - R2, R4 - R3. हम लोग ये रो लगाने वाले हैं विद्यार्थियों, ठीक है ना? चलिए लगाते हैं। यह केवल मैट्रिक्स को सिंपलीफाई करने के लिए कर रहे हैं।
सो 'ए' इक्विवेलेंट मैट्रिक्स जो है, वो आपके पास क्या आएगा? चार में से, पहले तो पहली वाली रो ऐसे लिख दो, लिख दिया। फिर चार में से एक गया, तीन आ जाएगा। नौ में से चार गया, पांच आ जाएगा। 16 में से नौ गया, 16 में से नौ गया कितना आ जाएगा भाई? 16 में से नौ गया, तो ये आ जाएगा सात, ठीक है ना? सात ही आएगा ना? यस। 25 में से 16 जाएगा, तो आपके पास में आ जाएगा कितना? नौ। फिर नौ में से चार जाएगा, पांच आ जाएगा। 16 में से कहते हैं, नौ जाएगा, तो 16 में से नौ जाएगा, तो आपके पास में आ जाएगा कितना? सात। नॉट सात, सात। ये सात आ जाएगा। 25 में से 16 जाएगा, बच्चों, नौ आ जाएगा। 36 में से 25 जाएगा, तो 11 आ जाएगा। सिमिलरली, यहां पर माइनस करोगे, तो आपके पास 16 में से नौ जाएगा, तो यहां पर सात आ जाएगा। 25 में से 16 जाएगा, नौ आ जाएगा। 36 में से 25 जाएगा, 11 आ जाएगा। और 49 में से आपका 36 जाएगा ना, तो ये आपके पास में आ जाएगा 13। यह आपके पास में आ गया मैट्रिक्स का थोड़ा सा सरलतम रूप, ठीक है? मतलब हमने मैट्रिक्स को थोड़ा कम कमजोर किया।
पहले तो ये स्थिति विद्यार्थियों आपके सामने बनी है। अब इसमें और क्या किया जा सकता है विद्यार्थियों, ताकि ये और भी सिंपलीफाई हो जाए? इन सबको जरा ध्यान से देखो बच्चों। अगर आप इनको ध्यान से देखोगे ना, तो इन सभी मैट्रिक्स में एक मतलब, इन तीन रो में एक खासियत दिख रही है कि इन सब में बस दो-दो का डिफरेंस है। तो अब आप क्या करो, फिर से एक ऑपरेशन लगाओ इसमें। क्या ऑपरेशन लगाओगे? अब आप इसमें ऑपरेशन लगाना R3 - R2, R4 - R3. R3 में से R2 और R4 में R3 घटा दो, और फिर नए मैट्रिक्स को यहां पर लिखो। तो तुम्हारे पास आएगा 1, 4, 9, 16; 3, 5, 7, 9; और पांच में से तीन गया, दो। यहां पर माइनस करेगा करोगे, दो। यह दो, यह दो, यह दो, यह दो, यह दो, और यह भी दो, ठीक है ना? यह आपके सामने स्थिति बन जाएंगी विद्यार्थियों।
एंड और क्या किया जा सकता है? देखो, अब तो लॉलीपॉप सा क्वेश्चन दिख रहा है मेरे को। क्या दिख रहा है लॉलीपॉप? देखो, अब अगर यहां पर एक और ऑपरेशन लगा दिया जाए, कौन सा ऑपरेशन? देखो, बहुत आसान सा ऑपरेशन है। R4 में से आप R3 को अगर घटा दो, क्या कर दो? R4 में से अगर R3 को घटा दो, तो आपके पास में क्या आ जाएगा? यस, R4 में से R3 को घटा दो। तो आपके पास में जो 'ए' मैट्रिक्स है, उसका इक्विवेलेंट क्या आ जाएगा? 1, 4, 9, 16; 3, 5, 7, 9; और एक काम और करें। देखो, R4 में से R3 को घटा रहे हैं, और फिर उसके बाद में R3 में क्या चेंजेज कर देते हैं? R3 में 2 का डिवाइड कर देते हैं, पूरी की पूरी रो में, है ना? तो ये बन जाएगा 1, 1, 1, 1. यह बन जाएगा 0, 0, 0, 0. पूरी की पूरी रो ज़ीरो बन गई, ठीक है? तो आपके पास में यह जो बड़ा सा मैट्रिक्स था, ये कुछ इस रूप में आ गया है। ध्यान देना, कुछ चीजें बच्चों प्रैक्टिस से ही आती हैं, क्योंकि आपके मन में एक प्रश्न आ सकता है, सर आप यह कैसे कर रहे हो? क्या सोच के कर रहे हो? तो देखो बच्चों, उद्देश्य मुझे पता है कि मुझे इसको क्या करना है। पहले मैंने सिंपलीफाई किया और फिर मैं इसमें ज्यादा से ज्यादा रोज़ को ज़ीरो करने की कोशिश कर रहा हूं। तो मुझे जैसा दिखता जा रहा था, मैं वैसा करता जा रहा हूं। अभी मैं इसे एशलन फॉर्म में कन्वर्ट नहीं कर रहा हूं, ध्यान रखना। एशलन का पूरा का पूरा प्रोसीजर ही अलग होता है। अभी तो मैं इसको पहले रोज़ को कैसे ज़ीरो बनाया जा सकता है, यह कोशिश करने में लगा हुआ हूं।
तो एक रो तो हमने ज़ीरो बना दी है। अब हम लोग क्या करते हैं विद्यार्थियों? अब जरा ध्यान देना। अब हम लोग कुछ ऐसा करते हैं कि कोई एक रो और ज़ीरो बन जाए। और अगर एक रो ज़ीरो नहीं बन सक रही है, तो फिर हम लोग कुछ और काम करके देख सकते हैं, जैसे पहले, ठीक है?
सो विद्यार्थियों, यहां तक पहुंचने के बाद में, अब हम लोग इसको एशलन फॉर्म में कन्वर्ट करना शुरू करते हैं। तो व्हाट इज़ द एशलन फॉर्म? ध्यान देना जरा। एशलन फॉर्म के लिए भाई, एक रो तो हो गया ज़ीरो। एशलन फॉर्म के लिए जो पहली शर्त थी, वह यह वाला एलिमेंट क्या होना चाहिए? वन होना चाहिए। तो यह वाला एलिमेंट तो ऑलरेडी वन है, पर मेरी सलाह है कि इस रो के साथ में काम मत करना। तुम इस पहली वाली रो में जितना हो सके सिंपलेस्ट एलिमेंट रखना। तो मुझे जो समझ में आ रहा है कि सबसे सिंपलेस्ट रो तो यह वाली है, जिसमें 1, 1, 1, 1 है। इसको उठाकर पहली रो बना दो और इसको उठाकर तीसरी रो बना दो, विद्यार्थियों। तो देखो ऐसा हो जाएगा। हम लोग क्या करने वाले हैं? हम लोग इक्विवेलेंट, हम लोग ये करने वाले हैं, चेंज करने वाले हैं R3 और R1 को। तो यहां लिखेंगे 1, 1, 1, 1. दूसरी वाली रो में कोई चेंजेज नहीं, 3, 5, 7, 9. 1, 4, 9, 16. 0, 0, 0, 0.
अब क्या करो, इस पहली वाली रो की मदद से और खास कर इस एलिमेंट की मदद से, इसे और इसे ज़ीरो बनाओ। बाकी सब पर ध्यान मत दो, बस इसे और इसे ज़ीरो बनाओ। तो इसे और इसे ज़ीरो बनाने के लिए क्या करोगे विद्यार्थियों? ऑपरेशंस लगाओगे, रो ऑपरेशन। कौन से ऑपरेशन बताता हूं। अभी दो ऑपरेशंस लगाओ: R2 - 3R1 और R3 - R1. ध्यान देना कि हम जब एशलन फॉर्म में कन्वर्ट करना शुरू करेंगे ना, तो इस पोजीशन और इस पोजीशन को ज़ीरो बनाने के लिए, अगर जरूरत पड़ी तो इसको भी पहले से यह ज़ीरो है, इसलिए कुछ जरूरत नहीं है। अगर इसको भी ज़ीरो करना होता ना, तो हम R1 का ही यूज़ करते, विद्यार्थी। R1 का ही यूज़ करना है तुम लोगों को, ध्यान रखना। तो इसका यूज़ करेंगे, तो हमारे पास में जो 'ए' मैट्रिक्स है, वो किसमें कन्वर्ट हो जाएगा? देखो, देखो। अब देखो यहां पे 3 का मल्टीप्लाई करा है, तो 3 - 3 = 0. यहां पे 3 का मल्टीप्लाई करा है, तो ये हो गया 12, तो 5 में से 12 जाएगा, तो कितना बचेगा? कहना सर, माइनस का सात बचेगा। फिर यह वाला मैट्रिक्स क्या हो गया है? ओके, मैं गलत कर गया बच्चों, मैं गलत कर गया। क्यों गलत कर गया? हां, अब इसको ध्यान से देखो बच्चों। आपने क्या करा, इस पहली वाली रो में तीन का गुणा करा और इसमें से माइनस करा है, तो तीन में से तीन जाएगा, तो सबसे पहले ज़ीरो आ जाएगा। फिर यहां पांच में से तीन जाएगा, तो कितना आ जाएगा? पांच में से तीन जाएगा, तो दो आ जाएगा। फिर यहां पर क्या कहते हैं, तीन आ गया, तो सात में से तीन जाएगा, बच्चों, तो कितना आ जाएगा? चार आ जाएगा। और फिर नौ में से आपके पास में कितने हैं? तीन जाएगा, तो छह आ जाएगा। और यहां पर वन में से वन बन जाएगा, तो ज़ीरो आ जाएगा। चार में से एक जाएगा, तो तीन आ जाएगा। नौ में से एक जाएगा, तो आठ आ जाएगा। 16 में से एक जाएगा, तो 15 आ जाएगा। और नीचे वाली यह रो ज़ीरो हो गई, ठीक है?
अब तुम्हारा अगला काम होगा, क्या होगा? वह अगला काम। अब तुम्हारा अगला काम होगा इस पोजीशन को वन बनाना। एशलन फॉर्म के लिए ध्यान देना। तो इसको वन बनाने के क्या-क्या तरीके हो सकते हैं? आप अब इस रो को टच भी मत करना। अब जो भी काम करना है, इनके साथ में काम करना है। तो अब तुम्हारा ये फोकस होना चाहिए कि इसे वन बनाया जाए। उसके कई तरीके हैं। अगर इस पूरी की पूरी रो में पहला तरीका है, इस रो में अगर किसी एक नंबर से डिवाइड हो रहा हो, तो कर देना। जैसे इसमें दो से डिवाइड अगर कर दें, तो ये वन बन जाएगा, ये टू बन जाएगा, ये थ्री बन जाएगा, आसानी से हो रहा है। अगर मान लो यहां पर पांच होता या यहां पर तीन होता, तो उस केस में दिक्कत होती, क्योंकि ये 5/2, ये 3/2 बन जाता, तो माइनस प्लस में प्रॉब्लम होती। हम क्या करते, फिर आपस में माइनस प्लस करके, मतलब रो को रो से माइनस प्लस करके कर लेते। तो हम क्या काम करते, हम R3 में से R2 को माइनस करते और जो भी आंसर आता, उसको R2 की जगह पर लिखते, तो हमारी यहां पर पोजीशन वन बन जाती, क्योंकि तीन में से दो जाता है, तो एक आ जाता है। तो हम ऐसा भी कर सकते थे। यह दूसरा तरीका हुआ। तीसरा तरीका, अगर यहां पर वन होता, तीन की जगह पर, तो हम इस रो को इस रो के साथ में एक्सचेंज कर देते, अदला-बदली कर देते, तो भी यहां पर वन बन जाता। तो यहां पर पहले वन बनाओ, एशलन फॉर्म के लिए। तो इसमें हम लोग क्या करने वाले हैं बच्चों? हम लोग इसमें करने वाले हैं यह वाला काम, क्या हम R2 को डिवाइड करने वाले हैं टू से? तो जैसे ही R2 को टू से डिवाइड करेंगे, तो पहली रो में तो कुछ नहीं, यह एज इट इज आ जाएगा बच्चों। यह बन जाएगा 0, 1, 2, 3. 0, 3, 8, 15. 0, 0, 0, 0.
अब आप क्या करो, इस रो नंबर टू की मदद से इस थ्री को ज़ीरो बना दो। तो उसके लिए क्या करना पड़ेगा? इसमें तीन का मल्टीप्लाई करना पड़ेगा, तो कर दो। तो तुम्हारा अगला काम क्या होगा? तुम्हारा अगला काम होगा R3 - 3R2. R2 में तीन का मल्टीप्लाई करके R3 से माइनस कर देना है। तो चलिए कर देते हैं विद्यार्थियों। तो आपके पास आएगा 1, 1, 1, 1. कोई चेंजेज नहीं। दूसरे वाले में भी कोई चेंजेज नहीं। तीसरे वाले में ज़ीरो। यहां तीन का मल्टीप्लाई किया, तो 3 - 3 = 0. यहां छह हो जाएगा, आठ में से छह गया, दो। यहां पर हो जाएगा कितना? नौ। तो 15 में से नौ जाएगा, तो आपके पास आ जाएगा छह। यह ब्रैकेट क्लोज। ज़ीरो। यह आपके पास में आ गया विद्यार्थी।
अब अगर आप ध्यान से देखें, तो यह दो बन गया है, यह छह बन गया है। अब इस पोजीशन को, अगर हम इस पूरी की पूरी रो को हम दो से डिवाइड कर दें, तो यह बन जाएगा वन। तो कर दीजिए जरा ऐसा। तो आपके पास आ जाएगा R3 / 2. तो आपके पास जो मैट्रिक्स बनेगा विद्यार्थियों, वो कुछ ऐसा बनेगा। मैं यहां लिख देता हूं: 1, 1, 1, 1; 0, 1, 2, 3; 0, 0, 1, 3; 0, 0, 0, 0.
अब इस मैट्रिक्स को जरा ध्यान से देखो। अब इसमें ज़ीरो बढ़ाना संभव नहीं है। और यह जो मैट्रिक्स है ना, यह एशलन फॉर्म में कन्वर्ट हो गया है। क्योंकि एशलन फॉर्म की क्या खासियत है बच्चों? कि जैसे-जैसे नीचे उतरते जाते हैं, ज़ीरो बढ़ते जाते हैं। दूसरी खासियत यह है कि रो का पहला जो नॉन-ज़ीरो एलिमेंट होता है, वो वन होता है। तो यह पहला रो का एलिमेंट नॉन-ज़ीरो जो है, वो वन है। इस रो का पहला नॉन-ज़ीरो एलिमेंट वन है। इस रो का पहला नॉन-ज़ीरो एलिमेंट वन है। और बाकी यह तो पूरी की पूरी रो ज़ीरो है। सो यह जो मैट्रिक्स है बच्चों, अब एशलन फॉर्म में कन्वर्ट हो गया है। और जब मैट्रिक्स एशलन फॉर्म में कन्वर्ट हो जाता है, तो उसमें जितनी नॉन-ज़ीरो रोज़ होती हैं, वही मैट्रिक्स की रैंक होती है। तो आप यहां पर लिखेंगे, क्या लिखेंगे? यहां पर घूम जाता हूं। आप यहां पर लिखेंगे, "अब मैट्रिक्स इज़ इन एशलन फॉर्म, हेंस इट्स रैंक इज़ इक्वल टू नंबर ऑफ़ नॉन-ज़ीरो रोज़।" नॉन-ज़ीरो रोज़ विद्यार्थियों। तो नॉन-ज़ीरो रोज़ कितनी है? एक, दो, तीन। तो आपके पास में जो रैंक है, विद्यार्थियों, वो कितनी आ जाएगी? तीन आ जाएगी, विद्यार्थियों।
तो यह जो मैट्रिक्स आपने शुरुआत करा था, इसकी जो रैंक है, वो कितनी आ गई? तीन आ गई। ध्यान देना बच्चों, कि बीच में दो से तीन स्टेप जो थी ना, स्टार्टिंग की, वो केवल मैट्रिक्स के जो बड़े-बड़े नंबर्स थे ना, उनको छोटा करने की प्रोसेस थी। अगर हम शुरुआत में ही यह रो और रो ऑपरेशंस लगा के यह ज़ीरो और वन, वन बनाना शुरू कर देते ना, तो कैलकुलेशन बहुत बड़े-बड़े हो जाते हैं और मैट्रिक्स की बनावट को देख के, पहले हमने उसके अंकों को छोटा करा और फिर उसमें क्या कहते हैं, एशलन फॉर्म में कन्वर्ट व करने वाली प्रोसेस को अडॉप्ट करा। क्लियर है? ऐसे क्वेश्चंस मिल सकते हैं जिसमें नंबर्स या एंट्रीज बड़ी-बड़ी हों, तो पहले उनको छोटा कर लेना, सिंपल रो ऑपरेशन से, ठीक है ना? कॉलम ऑपरेशन भी लगा सकते हो, पर मैं सलाह दूंगा कि जब एशलन फॉर्म का मन बनाओ, तो कभी भी कॉलम ऑपरेशन मत लगाना, रो से ही काम चलाना, ठीक है ना? वो क्यों ऐसा, आगे चलके तुम्हें पता चलेगा, ठीक है?
सो तो रैंक आ गई बच्चों तीन। और नलिटी अगर निकालनी हो, तो नलिटी कितनी आएगी? नलिटी आएगी बच्चों, ऑर्डर कितना है इसका? ऑर्डर माइनस रैंक। तो नलिटी, नलिटी ऑफ़ 'ए' इज़ इक्वल टू ऑर्डर था चार, रैंक आई है तीन, तो नलिटी आ गई एक। इसका मतलब यह है कि इस मैट्रिक्स को जब एशलन फॉर्म में कन्वर्ट किया जाएगा, तो इसमें एक रो पूरी तरह से ज़ीरो रहेगी। यह है नलिटी का कांसेप्ट। तो आपके पास में बच्चों नलिटी आ गई है एक। तो आई होप विद्यार्थियों कि यह जो क्वेश्चन है, रैंक का, यह आप लोगों को क्लियर हो गया होगा, ठीक है ना? हालांकि नीचे भी इसमें लिखा होगा, यह व्हिच इज़ द एल इन फॉर्म, इट दे द नॉन-ज़ीरो रोज़, थ्री नॉन-ज़ीरो रोज़, हेंस द रैंक ऑफ़ द मैट्रिक्स 'ए' इज़ थ्री। तो पहले से ही लिखा हुआ था, मैंने तुम लोगों के लिए पूरा सॉल्व करा। बीच वाला पार्ट मुझे लग रहा था कि यार ये समझाने से बेटर होगा कि मैं खुद लिख के बताऊं, क्योंकि कैलकुलेशन पार्ट है, ठीक है? तो इसलिए हमने खुद ही सॉल्व करा।
कुछ क्वेश्चंस आगे फिर मैं आपको बस समझा दूंगा, क्योंकि देखो, मेन होता है समझना। आई रिपीट, कई बार कुछ बच्चे मुझसे कहते हैं कि सर आजकल बस आप केवल बोर्ड पे है ना, डिक्टेट करते जाते हो, है ना? तो बच्चों, डिक्टेट करना इंपॉर्टेंट नहीं है। डिक्टेट में क्या कर रहा हूं, वह तुम्हें समझ में आ रहा है कि नहीं आ रहा है, यह इंपॉर्टेंट है। क्योंकि अल्टीमेटली जब तुम मेन एग्जाम की तैयारी करोगे, तो कैसे तैयारी करोगे? या तो बुक से पढ़ाए पढ़ोगे क्वेश्चंस को, या फिर जो नोट्स होंगे, उनको पढ़ोगे और फिर प्रैक्टिस करोगे। यही होता है ना? तो मेरा यहां पर लिखना ना लिखना मायने नहीं रखता है। मायने यह रखता है कि तुम्हें समझ में आ रहा है कि नहीं आ रहा है। अगर किसी प्री-माइन्ड सेट से किसी भी चीज को समझने की कोशिश करोगे ना, तो शायद जल्दी से परेशान हो जाओगे, बोर हो जाओगे, या वह चीज तुम्हें समझ में नहीं आएगी। तुम्हारा उद्देश्य कांसेप्ट पे होना चाहिए कि मुझे कांसेप्ट को समझना है, चाहे टीचर कैसे भी समझा रहा हो, क्योंकि, क्योंकि मेन समझाने का तरीका और आपका समझना है ना कि मैं क्या कर रहा हूं, कैसे समझा रहा हूं, यह है। ठीक है? कुछ लोग किसी चीज को आसान भाषा में समझा देते हैं, कुछ लोग बहुत जल्दी बाजी में समझाते हैं, कुछ लोग बहुत आराम आराम से समझाते हैं, और कुछ सबकी अपनी-अपनी टेक्निक होती है बच्चों। तो मेरी जो टेक्निक है, मैं उससे समझाने की कोशिश करता हूं। तुम्हारा उद्देश्य होगा कि तुम समझो कांसेप्ट को, ठीक है? तो इसलिए प्री-माइन्ड सेट के साथ में नहीं, बच्चों, समझना इंपॉर्टेंट है, चाहे डिक्टेशन से हो, चाहे कर कर के हो, ठीक है ना?
नाउ मूव टू द नेक्स्ट क्वेश्चन। इन दो क्वेश्चंस को और लेते हैं बच्चों, है ना? समझिए जरा। इन क्वेश्चंस में लिखा है, "Find the rank and nality of the following matrix." तो देखो बच्चों, रैंक तुम लोगों को फाइंड करनी है। कुछ भी नहीं लिखा है, तो तुम्हारी मर्जी है कि कैसे करना है। यह मैट्रिक्स 3 क्रॉस 3 का नहीं है, यह मैट्रिक्स 4 क्रॉस 4 का है। इन दोनों ही केसेस में डिटरमिनेट मेथड काम मत करना। यूज़ आपको यूज़ करना है एशलन फॉर्म, या फिर नॉर्मल फॉर्म। ध्यान देना, क्वेश्चन में नहीं कहा जाए तब भी तुम नॉर्मल फॉर्म से क्वेश्चन को सॉल्व कर सकते हो। यह तुम्हारा चॉइस है। क्लियर है? राइट नाउ, दिस इज़ द मैट्रिक्स।
अब आइए जरा इस मैट्रिक्स को हम लोग एशलन फॉर्म से करते हैं। जब तक नॉर्मल से ना कहे, तब तक मत करना, क्योंकि थोड़ा लंबा पड़ता है। सामान्य रहा, एशलन फॉर्म से ही क्वेश्चंस को करना। जैसे यह मैट्रिक्स है, इस क्वेश्चन को करते हैं अपन लोग। बहुत ही आसान सा क्वेश्चन है। इसको मान लेते हैं हम लोग 'ए' मैट्रिक्स। इसको मान लेते हैं 'ए' मैट्रिक्स। सो व्हाट इज़ द 'ए' मैट्रिक्स? गिवन, इट्स अ 1, 3, 1, 3; 9, 3, 4, 12; एंड 4, 3, 9, 1. ठीक है, बच्चों?
तो देखो, एशलन की अब ये फ्रेश क्वेश्चन है। एशलन की पहली शर्त क्या होती है? कि भाई यहां पर वन होना चाहिए। तो वन है, तो अभी अपने को कुछ नहीं करना है। अभी अपना अगला काम होगा, स्टेप बाय स्टेप समझना, इसे ज़ीरो बना देना और इसे ज़ीरो बना देना। तो विद द हेल्प ऑफ़ दिस रो नंबर वन और रो नंबर वन के इस एलिमेंट का यूज़ करना है हमें, इसे और इसे ज़ीरो बनने के लिए। तो हम लोग यहां पर दो ऑपरेशंस लगाएंगे। कौन से दो ऑपरेशंस? हम लोग लगाएंगे विद्यार्थियों R2 - 3R1. R1 का ही यूज़ करना है। और R3 - R1. सिंपल R1 माइनस कर दो। क्यों? क्योंकि दिस माइनस दिस वन ज़ीरो हो जाएगा, ठीक है? क्योंकि हमें इसे और इसे ज़ीरो बनाना है।
सो आपके पास में जो 'ए' मैट्रिक्स है, वो कुछ इस रूप में बदल जाएगा, बच्चों। किस रूप में? पहली रो में कोई चेंजेज नहीं होंगे, हमेशा ध्यान रखना। 4, 3. अब यहां पर तीन का मल्टीप्लाई करके 9 से माइनस करना है, तो 9 - 9 = 0. ऊपर तीन का मल्टीप्लाई करा, तो 12 - 12 = 0. और फिर ऊपर तीन का मल्टीप्लाई करा, 3 - 3 = 0. पूरा रो ज़ीरो हो गया। बहुत खुशी की बात है। फिर 1 - 1 = 0. 3 - 3 = 0. 4 - 4 = 0. 1 - 3 = -2. ठीक है?
इस पूरी की पूरी रो में किसका डिवाइड कर दो? -2 का। और इसको और इसको आपस में एक्सचेंज कर दो। तो तुम्हारे पास में आंसर आ जाएगा विदिन मिनट्स। क्या करना है? सबसे पहले R4 में -2 से डिवाइड करना है। सिंपल सी बात है। एंड देन इसके बाद में R2 और R3 को आपस में बदल देना है। सॉरी, मैंने R4 लिख दिया। यहां पर R3 आना चाहिए, बिकॉज़ तीन ही रो हैं, चौथे का तो सवाल ही नहीं उठता है। R3, R3 / -2. ठीक है? तो आपके पास में जो 'ए' मैट्रिक्स है, विद्यार्थियों, वो 'ए' मैट्रिक्स क्या आ जाएगा? वो 'ए' मैट्रिक्स आ जाएगा कुछ इस तरह से: 1, 3, 4, 3; 0, 0, 0, 0; 0, 0, 0, 1.
तो यह देखो, यह एशलन फॉर्म में कन्वर्ट हो गया है। पहली रो का पहला एलिमेंट वन। फिर दूसरी रो में ज़ीरो बढ़ते गए और पहला एलिमेंट वन। फिर तीसरी रो में पूरे एलिमेंट ज़ीरो। तो दिस इज़ द एशलन फॉर्म ऑफ़ द मैट्रिक्स। और अब अगर आप ध्यान से देखें, तो कितनी नॉन-ज़ीरो रोज़ है इस मैट्रिक्स में? कहना सर, पहली और दूसरी। क्योंकि इसमें ये वन है, इसलिए नॉन-ज़ीरो रो ही होगी। रैंक कितनी हो जाएगी? सो दिस इंप्लाइज दैट रैंक हो जाएगी विद्यार्थियों, रैंक इज़ इक्वल टू हो जाएगा 2. रैंक ऑफ़ द मैट्रिक्स 'ए' = 2. और नलिटी कितनी हो जाएगी? नलिटी, नलिटी इसकी नहीं निकाली जा सकती विद्यार्थियों, क्योंकि जो मैट्रिक्स था, वो स्क्वायर मैट्रिक्स नहीं था, रेक्टेंगल मैट्रिक्स था, इसलिए नलिटी इसमें नहीं निकाली जा सकती। सो यहां पर रैंक ही निकाली जा सकती, और वो कितनी आएगी विद्यार्थियों? रैंक आएगी आपके पास में टू। अगर इस क्वेश्चन में उसने नलिटी कहा भी होगा, तो नलिटी ज्यादा से ज्यादा आप कितनी निकाल सकते हो? 3 - 2 = 1 निकाल सकते हो, कैसे? क्योंकि इसमें जो मैक्सिमम स्क्वायर मैट्रिक्स बन सकता है, वो तीन ऑर्डर का बन सकता है। सो दैट्स व्हाई नलिटी इज़ 1. क्लियर है? दैट्स ऑल।
सो यह हो गया पहला क्वेश्चन। अब यह दूसरा जो क्वेश्चन है, यह भी लॉलीपॉप टाइप का क्वेश्चन है। इसमें ज्यादा दम नहीं है। हम सिंपली इसको 'ए' फॉर्म में कन्वर्ट करके, सिंपल जो प्रोसीजर है, उससे सॉल्व करेंगे। आइए देखते हैं।
सो विद्यार्थियों, दिस इज़ द क्वेश्चन नंबर टू। यह आपके पास में क्वेश्चन नंबर दो है। अब आइए इसको सॉल्व करते हैं। तो सबसे पहले यहां पर आप लिखेंगे सॉल्व। ठीक है? गिवन, इस मैट्रिक्स को मान लेंगे 'ए', कि भाई यह मैट्रिक्स क्या है? 'ए' है। अब देखो बच्चों, पहली शर्त तो पूरी हो रही है कि यह वाला एलिमेंट वन है। तो अब इसे, इसे और इसे ज़ीरो बनाने के लिए मेहनत शुरू करते हैं अपन लोग, ठीक है? और आसानी से हो भी जाएगा, दिख भी रहा है। चलो आओ शुरू करते हैं।
तो यहां पर पहला जो ऑपरेशन आप लगाएंगे ना, वह क्या होगा? R2 में से R1 को माइनस कर दो, ठीक है? तो R2 में से R1 माइनस करेंगे, तो 1 - 0 हो जाएगा। फिर R3 के लिए क्या ऑपरेशन लगाओगे? सोच के रखो, दिमाग में। R3 - 2R1. ध्यान रखना, R1 का ही यूज़ करना है। फिर इसको ज़ीरो करने के लिए क्या करोगे? R4 - 3R1. ठीक है? तो 'ए' मैट्रिक्स क्या हो जाएगा? 'ए' इज़ कन्वर्टेड इक्विवेलेंट टू, ध्यान देना। पहली वाली में कोई चेंजेज नहीं, एज इट इज: 1, -1, 0, 3; -2, 1, 2, -1; 2, -2, 1, 2; 3, -3, 1, 4.
फिर 2 - 2 * 1 = 0. 4 - 2 * (-1) = 4 + 2 = 6. 3 - 2 * 0 = 3. 4 - 2 * 3 = 4 - 6 = -2.
फिर 3 - 3 * 1 = 0. 6 - 3 * (-1) = 6 + 3 = 9. 7 - 3 * 0 = 7. 4 - 3 * 3 = 4 - 9 = -5.
सो दिस इज़ द मैट्रिक्स, बहुत ही आसान और मजेदार मैट्रिक्स में कन्वर्ट हो गया है बच्चों। देखो, मैं तो यह कहूंगा कि इससे आसान कोई क्वेश्चन हो ही नहीं सकता है। देख रहे हो? अब करना क्या है? इन दोनों रोज़ को जरा ध्यान से देखो। बिल्कुल एक जैसी है ना? है ना? अभी देखो, हमें यहां वन चाहिए था, आ गया है। फिर उसके बाद इसके नीचे ज़ीरो चाहिए था, आ गया है। इसको ज़ीरो और बनाना है, तो इसको ज़ीरो बनाने के लिए हमें दिख रहा है, वैसे तो हमें इस वाले एलिमेंट का यूज़ करना चाहिए, लेकिन अभी दिख रहा है हम लोगों को कि यह वाली रो और यह वाली रो एक जैसी है। और इस इसमें से अगर इसको इसमें से माइनस कर दें, तो यह पूरी ज़ीरो हो जाएगी और बिना सोचे समझे ही अपना जो मैट्रिक्स है, वो एशलन फॉर्म में कन्वर्ट हो जाएगा।
सो हम लोग यहां पर क्या करेंगे? हम लोग सिंपल एक ऑपरेशन लगाएंगे। R4 - R3. मतलब आपको दिमाग खुला रख के काम करना है। यह नहीं कि नहीं, इसके बाद तो यह स्टेप होती है, ऐसा होना चाहिए, वैसा होना चाहिए। ऐसा कुछ मत करना। कुछ देखते रहना, अलर्ट मोड पर रहना कि यार, इससे आसान रास्ता दिख रहा है, तो फट से उसको अडॉप्ट कर लिया, ठीक है? क्योंकि तुम्हारा मेन उद्देश्य है रैंक लाना, ना कि किसी प्रोसीजर को फॉलो करते हुए। बिल्कुल नहीं, बिल्कुल ऐसे ही करेंगे हम तो भाई, ऐसे नहीं करना है ना, गड़बड़ हो जाएगा, ठीक है?
'ए' मैट्रिक्स इज़ बिकम। 'ए' मैट्रिक्स क्या आ जाएगा बच्चों? 1, -1, 0, 3; 0, 3, 2, -1; 0, 0, 1, 3; 0, 0, 0, 0. (R4 - R3 applied).
अब अगर आप ध्यान से देखें, तो यह दो बन गया है, यह छह बन गया है। अब इस पोजीशन को, अगर हम इस पूरी की पूरी रो को हम दो से डिवाइड कर दें, तो यह बन जाएगा वन। तो कर दीजिए जरा ऐसा। तो आपके पास आ जाएगा R3 / 2. तो आपके पास जो मैट्रिक्स बनेगा विद्यार्थियों, वो कुछ ऐसा बनेगा। मैं यहां लिख देता हूं: 1, -1, 0, 3; 0, 3, 2, -1; 0, 0, 1, 3; 0, 0, 0, 0.
अब इस मैट्रिक्स को जरा ध्यान से देखो। अब इसमें ज़ीरो बढ़ाना संभव नहीं है। और यह जो मैट्रिक्स है ना, यह एशलन फॉर्म में कन्वर्ट हो गया है। क्योंकि एशलन फॉर्म की क्या खासियत है बच्चों? कि जैसे-जैसे नीचे उतरते जाते हैं, ज़ीरो बढ़ते जाते हैं। दूसरी खासियत यह है कि रो का पहला जो नॉन-ज़ीरो एलिमेंट होता है, वो वन होता है। तो यह पहला रो का एलिमेंट नॉन-ज़ीरो जो है, वो वन है। इस रो का पहला नॉन-ज़ीरो एलिमेंट वन है। इस रो का पहला नॉन-ज़ीरो एलिमेंट वन है। और बाकी यह तो पूरी की पूरी रो ज़ीरो है। सो यह जो मैट्रिक्स है बच्चों, अब एशलन फॉर्म में कन्वर्ट हो गया है। और जब मैट्रिक्स एशलन फॉर्म में कन्वर्ट हो जाता है, तो उसमें जितनी नॉन-ज़ीरो रोज़ होती हैं, वही मैट्रिक्स की रैंक होती है। तो आप यहां पर लिखेंगे, क्या लिखेंगे? यहां पर घूम जाता हूं। आप यहां पर लिखेंगे, "अब मैट्रिक्स इज़ इन एशलन फॉर्म, हेंस इट्स रैंक इज़ इक्वल टू नंबर ऑफ़ नॉन-ज़ीरो रोज़।" नॉन-ज़ीरो रोज़ विद्यार्थियों। तो नॉन-ज़ीरो रोज़ कितनी है? एक, दो, तीन। तो आपके पास में जो रैंक है, विद्यार्थियों, वो कितनी आ जाएगी? तीन आ जाएगी, विद्यार्थियों।
तो यह जो मैट्रिक्स आपने शुरुआत करा था, इसकी जो रैंक है, वो कितनी आ गई? तीन आ गई। ध्यान देना बच्चों, कि बीच में दो से तीन स्टेप जो थी ना, स्टार्टिंग की, वो केवल मैट्रिक्स के जो बड़े-बड़े नंबर्स थे ना, उनको छोटा करने की प्रोसेस थी। अगर हम शुरुआत में ही यह रो और रो ऑपरेशंस लगा के यह ज़ीरो और वन, वन बनाना शुरू कर देते ना, तो कैलकुलेशन बहुत बड़े-बड़े हो जाते हैं और मैट्रिक्स की बनावट को देख के, पहले हमने उसके अंकों को छोटा करा और फिर उसमें क्या कहते हैं, एशलन फॉर्म में कन्वर्ट व करने वाली प्रोसेस को अडॉप्ट करा। क्लियर है? ऐसे क्वेश्चंस मिल सकते हैं जिसमें नंबर्स या एंट्रीज बड़ी-बड़ी हों, तो पहले उनको छोटा कर लेना, सिंपल रो ऑपरेशन से, ठीक है ना? कॉलम ऑपरेशन भी लगा सकते हो, पर मैं सलाह दूंगा कि जब एशलन फॉर्म का मन बनाओ, तो कभी भी कॉलम ऑपरेशन मत लगाना, रो से ही काम चलाना, ठीक है ना? वो क्यों ऐसा, आगे चलके तुम्हें पता चलेगा, ठीक है?
सो तो रैंक आ गई बच्चों तीन। और नलिटी कितनी हो जाएगी? नलिटी हो जाएगी बच्चों, ऑर्डर कितना था मैट्रिक्स का? चार था। रैंक आई है तीन, तो नलिटी हो गई एक। मतलब इसमें एक रो पूरी की पूरी क्या है ज़ीरो है। यह है नलिटी का कांसेप्ट। तो आपके पास में बच्चों नलिटी आ गई है एक। तो आई होप विद्यार्थियों कि यह जो क्वेश्चन है, रैंक का, यह आप लोगों को क्लियर हो गया होगा, ठीक है ना?
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