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आधी रात को पेशाब करने उठी। महिला ने देखा कि उसका पति उसके पास नहीं था। उसे शक हुआ तो वह बाहर गई और उसने पति को विधवा भाभी के घर जाते देखा। हैरानी की बात यह थी कि भाभी का बेटा असल में उसके पति का ही था।
[संगीत] पति ने उसे गर्भवती इसलिए किया था ताकि पैदा होने वाले बच्चे की अस्थि मज्जा से उस बीमार बेटे का इलाज हो सके। यह धोखा जानकर महिला का दिल टूट गया।
उन्हें रोकने के लिए वह वापस भागी और हजारों मील दूर अपने माता-पिता को फोन करने लगी। वह चाहती थी कि वे आकर उसे और उसके बच्चे को बचा लें। लेकिन सुदूर पहाड़ों में नेटवर्क ना होने से कॉल नहीं लगवाई।
इतने में पति वापस आ गया और उसने फोन छीन लिया। उसने पूछा कि वह किसे फोन कर रही थी? महिला ने झूठ बोला कि वह माता-पिता को याद कर रही थी। पति ने कहा कि गर्भावस्था में फोन का उपयोग ठीक नहीं है और फोन देने से मना कर दिया।
गुस्से से महिला को समय से पहले प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। पति इसी पल का [संगीत] इंतजार कर रहा था। उसने भाभी के साथ मिलकर सूप में प्रसव पीड़ा बढ़ाने की दवा मिला दी। उन्होंने कहा कि यह सूप उसके और बच्चे के पोषण [संगीत] के लिए बहुत ही जरूरी है।
लेकिन महिला उनकी चाल समझ चुकी थी और उसने सूप फर्श पर गिरा दिया। पति ने उसे डांटा कि वह भाभी की मेहनत की बिल्कुल भी कदर नहीं कर [संगीत] रही थी।
जाल से बचने के लिए महिला ने झूठ बोला कि उसका बच्चा पैदा होने वाला है और उसने पति से तुरंत एक एंबुलेंस बुलाने के लिए कहा। यह सुनकर पति भाभी के साथ बाहर भागा ताकि वह एक वाहन का इंतजाम कर सके। वे उसे किसी दूसरी जगह ले जाना चाहते थे ताकि भाभी का भाई अस्थि मज्जा का प्रत्यारोपण बहुत ही आसानी से कर सके।
महिला ने यह सब सुन लिया था। इसलिए उसने अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। उसने कपड़ों की एक लंबी रस्सी बनाई और फिर दूसरी मंजिल की खिड़की से नीचे उतर कर चुपचाप भाग गई। जब उन लोगों ने दरवाजा तोड़ा तो उन्होंने देखा कि महिला कमरे के अंदर कहीं भी मौजूद नहीं थी।
पति ने अपनी मां से कहा कि वह सभी रिश्तेदारों को फोन करें ताकि महिला को किसी भी तरह वापस लाया जा सके। प्रसव पीड़ा के कारण महिला ज्यादा दूर तक नहीं जा पाई और जमीन पर गिर गई। उसने गांव की दो वृद्ध महिलाओं से बहुत ज्यादा मदद की भीख मांगी। उसे नहीं पता था कि पूरा गांव उसके पति के साथ ही पूरी तरह से मिला हुआ था।
अस्पताल ले जाने की बात सुनकर महिलाओं को लगा कि उसे सारी सच्चाई पता चल गई है। उन्होंने झूठ बोला कि वे उसे तुरंत ही अस्पताल ले जा रही है। लेकिन एक महिला ने चुपके से जाकर पति को बता दिया कि उसकी पत्नी गांव के द्वार की ओर तेजी से भाग [संगीत] रही है।
पति रिश्तेदारों के साथ उसका पीछा करने लगा। महिला वृद्ध महिला से छूटकर अपने पेट को पकड़े हुए पहाड़ की ओर तेजी से भागने लगी। सड़क पर पहुंचकर उसने कई वाहनों से मदद मांगी लेकिन कोई भी उसे अस्पताल ले जाने के लिए राजी नहीं हुआ। अंत में घुटनों के बल बैठकर और अपने सारे पैसे देकर [संगीत] उसने एक चालक को मदद के लिए किसी भी तरह से मना ही लिया।
जैसे ही वह वाहन में बैठी, तभी उसके पति ने उसे रोक लिया। [संगीत] उसने पूछा कि वह इस तरह की हालत में कहां जा रही है। उसने जबरन उसे वाहन से बाहर निकाला और गांव वालों की मदद से उसे दूसरी कार में डाल दिया। वे उसके बच्चे को [संगीत] प्रत्यारोपण के लिए ले जाना चाहते थे।
लेकिन उसे नहीं पता था कि महिला के माता-पिता 2 साल [संगीत] बाद उससे मिलने आ रहे थे। संयोग से उनकी कारें एक दूसरे के आमने-सामने ही आ गई थी। [संगीत] पति ने तस्वीरों से उन्हें तुरंत पहचान लिया कि वे उसी के माता-पिता हैं। यह देखकर उसकी मां ने महिला का मुंह पूरी तरह से ढक दिया ताकि पिता को कुछ भी पता ना चले।
पिता कार से बाहर आए और उन्होंने कहा कि वे अपनी बेटी से मिलने के लिए यहां आए हैं। पति ने झूठ बोला कि उसकी मां को दिल का दौरा पड़ा है और उसे रास्ता चाहिए। समझदार पिता ने तुरंत अपनी गाड़ी हटाकर उन्हें एक आपातकालीन रास्ता दे दिया। तभी महिला ने बंधनों से छूट कर अपनी पूरी ताकत से चिल्लाया।