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MOTIVATIONAL VIDEO | GUSSA KAISE CONTROL KARE | RJ KARTIK | MOTIVATIONAL STORY IN HINDI

Rj Kartik5:02

Transcription

किसी ने बड़े कमाल की बात कही है कि धीरे-धीरे करके दुनियादारी सीखी है हमने। वरना हम भी पहले कसम खाने वालों को सच्चा मान लेते थे।

नमस्ते। मैं हूं आर जे कार्तिक।

एक राजा की कहानी है जो बड़ा ही दिव्य राजा था जिसके बारे में प्रजा कहती थी कि हमारा बड़ा ख्याल रखते हैं और उसके मंत्री कहते थे कि राजा जी को जो सपना आता है वो सच हो जाता है। तो एक दिन राजा ने सुबह-सुबह सपना देखा। उसको स्वप्न में आया कि एक महात्मा जी उससे बातचीत करने के लिए आए हैं। उसके महल में पधारे हैं। और वो महात्मा जी राजा को बताते हैं कि राजा कल शाम में एक सर्प आएगा आपको डसेगा और आपकी मृत्यु हो जाएगी। विषैला सांप है। वो अपने पूर्व जन्म का बदला आपसे लेना चाहता है।

तो राजा ने पूछा कि वो कहां रहता है? थोड़ा बताइए। तो महात्मा जी ने बताया कि आपके राजमहल के बाहर ही जो बड़ा सा वृक्ष है वहीं नीचे बिल में वो रहता है। और ऐसा बोल कर के महात्मा जी चले गए। राजा का सपना टूट गया।

राजा गया अपने राजगुरु के पास जाकर के उन्हें स्वप्न बताया कि आज तो स्वप्न में अपनी ही मृत्यु देख ली। अब क्या होगा? राजगुरु ने कहा देखिए राजा साहब आपको जो भी स्वप्न आता है वह सच तो होता है। तो आपको इसको भी सच मानना चाहिए। गंभीरता से लेना चाहिए।

मंत्री वहीं खड़ा हुआ था। उसने कहा गंभीरता से लेने की क्या बात है? आप अभी आदेश दीजिए जाकर के खत्म कर देते हैं। राजा ने कहा नहीं नहीं हमें कोई दोष अपने सिर पर नहीं लेना। और जो पहले से ही पूर्वजन्म का बदला लेना चाह रहा है उससे और दुश्मनी बढ़ा के क्या मिलेगा? राजा बहुत बुद्धिमान, बहुत दिव्य, बहुत अंदर से निर्मल हृदय का। अपने मंत्री से कहा तुम थोड़ी देर के लिए मुझे खाली छोड़ दो। मैं सोचता हूं।

तो आईडिया सोचा राजा ने। राजा के मन में विचार आया। राजा ने फिर से मंत्री को बुलाया और कहा कि देखो एक काम करो। जो वो बिल है पेड़ का जो अपने महल के बाहर लगा हुआ पेड़ है उस वृक्ष के वहां से उस बिल के वहां से लेकर के मेरे शयन कक्ष तक बेडरूम तक जहां पलंग लगा वहां तक आप फूलों की जो है एक बढ़िया सी जो है बिछौना तैयार कर दो बढ़िया सी सड़क बना दो फूलों की बोले क्या कह रहे हैं बोले हां सही कह रहा हूं और साथ में सुगंधित द्रव्य जो है छिड़का दो शाम के समय द्रव्य छिड़का देना इत्र छिड़का देना महकना चाहिए और साथ में बड़े-बड़े कटोरे दूध के रख दो थोड़ी-थोड़ी दूरी पर उसका स्वागत सत्कार होना चाहिए जब वह सर पाए मंत्री ने कहा राजा साहब उल्टी बात कर रहे हो। वो आपसे बदला लेने के लिए आ रहा है। आप उसका स्वागत कर रहे हो। राजा ने कहा बस यह मेरा तरीका है। आप तो जो बोल रहे हो वो करो।

मंत्री ने आदेश दिया सैनिकों को वैसा ही सब कुछ तैयार हो गया। शाम का समय हुआ। सर्प अपने बिल से निकला और जब वह बाहर निकला तो देखता है कि फूलों की इतनी बढ़िया सी सड़क बन गई। राजमहल जाने के लिए उस पर धीरे-धीरे रेंगता आगे आया। वह देखता है कि अरे यह तो बहुत महक भी रही है। सुगंधित द्रव्य लगा दिए। साथ में बड़े-बड़े कटोरे रखे हैं। दूध के सर्प बड़ा प्रसन्न हो रहा था। लेकिन अंदर ही अंदर वह क्रोध का भाव तो था कि बदला तो लेना है। लेकिन जैसे आगे बढ़ रहा था वो देख रहा था कि सैनिक भी उसे परेशान नहीं कर रहे हैं। सब सैनिक अपनी-अपनी जगह पर खड़े हैं। ऐसा लग रहा है जैसे उसका स्वागत हो रहा है, सत्कार हो रहा है। कोई बाहर से विशेष अतिथि पधारे हैं।

सर्प जैसे-जैसे उस राजमहल में अंदर प्रवेश करता गया, राजा के शयनकक्ष की तरफ बढ़ता गया। उसके क्रोध के भाव कम होते गए। गुस्सा गायब होता जा रहा था। प्रसन्नता चेहरे पर आ रही थी। निर्मलता आ रही थी। ऐसा लग रहा था कि सब अच्छा हो रहा है। और राजा के शयन कक्ष में जब वह प्रवेश करता है सर्प और पहुंचता है पलंग के पास तो सारा गुस्सा गायब हो जाता है। राजा को देखते ही कहता है कि राजा साहब वैसे तो मैं डसने आया था, मारने आया था। पुराने जन्म का बदला आज पूरा करने आया था। लेकिन आपने तो इतना सत्कार कर दिया।

राजा ने कहा मुझे पता था कि आप आने वाले हो। सर्प ने कहा आपको कैसे पता? बोले मुझे स्वप्न आया था। मुझे स्वप्न आते हैं वो सच होते हैं। महात्मा जी ने बताया तो बिल्कुल सच बात थी। स्वप्न में महात्मा दिखे। इसलिए मैंने आपका स्वागत किया।

सर्प ने कहा आपने मेरा स्वागत क्यों किया? जब आपको पता ही था कि मैं आ रहा हूं मारने के लिए तो आने देते। यह कौन सा तरीका है? आप मुझे मार सकते थे। अपनी आत्मरक्षा कर सकते थे। राजा ने कहा नहीं ये मेरा तरीका है। मुझे लगा कि आप आखिरी बार मुझसे मिलने आ रहे हैं और वैसे भी पुराने जन्म का बदला लेने आ रहे हैं। अब नई दुश्मनी मोल क्यों लेनी? बदला बराबर हो जाने देते हैं। [संगीत] और जब आ रहे हैं तो आपका स्वागत सत्कार होना चाहिए। इसलिए मैंने इतनी बढ़िया [संगीत] व्यवस्था की।

सर्प बड़ा प्रसन्न हुआ। उसने कहा क्या बात है? आपने एक शत्रु को मित्र बना लिया। सर्प ने अपनी बहुमूल्य मणि राजा को सौंप दी और कहा यह मेरी ओर से आपके लिए उपहार है और वापस चला गया।

बहुत छोटी सी कहानी है जो यह बताती है कि बिहेवियरल साइंस जो होती है, बिहेवियर जो होता है, दैट्स द मोस्टेंट थिंग। लाइफ में आप कैसा व्यवहार कर रहे हैं, बहुत बहुत कुछ उस पर डिपेंड करता है। आपका व्यवहार आपको किसी का दोस्त बना सकता है, किसी का दुश्मन बना सकता है। और लाइफ में अगर आपने अपना व्यवहार सुधार लिया तो बस चीजें बदल जाती है। बहुत सारे लोग आपने देखे होंगे जिनके पास कुछ नहीं होता फिर भी मजे में रहते हैं। सबसे अच्छे से बात करते हैं। कुछ ऐसे भी हैं जिनके पास सब कुछ है। फिर भी वो जो है लोगों से रड होकर बात करते हैं। फ्रस्टेट होकर बात करते हैं। इरिटेटेड रहते हैं। तो अंदर का व्यवहार सुधार लीजिए। बाहर की सृष्टि बदल जाएगी।

तो एक बार फिर से वही बात कर दिखाओ कुछ ऐसा कि दुनिया करना चाहे आपके जैसा। याद रखिए मेरी पहली किताब हिंदी में जो अवेलेबल थी कर दिखाओ कुछ ऐसा अब अंग्रेजी में भी है। इट्स अवेलेबल इन इंग्लिश। इसका टाइटल है डू समथिंग दैट मैटर्स। यू कैन ऑर्डर इट फ्रॉम Amazon और Flipkart। साथ ही मेरी वेबसाइट RJ कार्तिक.in जहां से आप कुछ कोर्सर्सेस हैं अेल कर सकते हैं।