Transcription
हेलो हेलो एवरीवन वेलकम टू माय चैनल। आज का लेक्चर इनएक्टिव अनाथ में व्हाट इज NET में NET में यह बोलती है कि जब हम किसी भी ऑर्गन लिसन ए साइंटिफिक स्टडी करते हैं इसको नेट बोलते हैं। और एग्जांपल आज हम पढ़ेंगे ह्यूमन राइट्स के बारे में, दो कि ह्यूमन बॉडी के अंदर कितने सिस्टम हैं जैसे नर्वस सिस्टम, कार्डियो रेस्पिरेटरी सिस्टम, डाइजेस्टिव सिस्टम। कितने सिस्टम हैं, वे सिस्टम कैसे वर्क करते हैं और वह क्यों जरूरी है हमारे सरवाइवल के लिए? तो हम यह सारी चीज पढ़ेंगे। हिम्मत एडमिन है। तो हम सिस्टम्स पढ़कर पहला सिस्टम है नर्वस सिस्टम। मैं नर्वस सिस्टम में हम अपने ब्रेन को, स्पाइनल कॉर्ड को और न्यूरॉन्स को स्टडी करते हैं। सेकेंड हैंड गाड़ी रेस्पिरेटरी सिस्टम, कार्डियो प्रिंट कर सकते अपने हॉट के साथ एंड रेस्पिरेट्री रिलेट कर सकते हो आप अपने लंग्स के साथ। तो इस सिस्टम में हम पढ़ेंगे लंग्स का और हार्ट का क्या रिलेशन है, पूरी कैसे वर्क करते हैं वह पढ़ेंगे हम कार्डियो रेस्पिरेटरी सिस्टम। थर्ड हमारे पास डाइजेस्टिव सिस्टम। कोई भी चीज हम खा रहे हैं उसको हमारी बॉडी कैसे डाइजेस्ट करती है और कैसे एक्सक्रीट करती है वह पढ़ेंगे हम डाइजेस्टिव सिस्टम। और हमारे पास मस्कुलो स्केलेटन सिस्टम है। और मस्कुलो स्केलेटन सिस्टम में हम अपने मसल्स के बारे में स्टडी करेंगे कि हमारे बॉडी में कितने टाइप की मसल्स होते हैं, उनका क्या फंक्शंस है वह स्टडी करेंगे मस्कुलो स्केलेटन सिस्टम। हैं नेक्स्ट हमारे पास एक्सक्रीटरी सिस्टम। जो भी हम फूड ले रहे हैं, तो एग्जांपल पानी पी रहे हैं, मिल्क पी रहे हैं, कोई भी चीज हम सॉल्यूशन ले रहे हैं, वह हमारी बॉडी से कैसे एक्सट्रेक्ट होती है, हमारी किडनीज़ का क्या फंक्शन है वह स्टडी करेंगे हम एक्सक्रीटरी सिस्टम में। नेक्स्ट इम्यूनिटी सिस्टम। इम्यून सिस्टम इन न्यूज़ कोट फॉर डिफेंस मेकैनिज्म के बारे में कि अगर कोई बाहर से पतंग वह हमारी बॉडी में एंटर करती है, तो बैक्टीरिया थे, यह एंटर करता है, तो वायरस एंटर करता है, तो हमारी बॉडी कैसे लड़ती है, हमें बीमार होने से कैसे बचाती है, उसको स्टडी करेंगे हम इम्यून सिस्टम। नेक्स्ट हार्मोन और एंडोक्राइन सिस्टम। जितने भी हमारे हार्मोन्स हैं, तो एग्जांपल थायरॉक्सिन हार्मोन, टेस्टोस्टेरोन, एस्ट्रोजन जितने भी हमारे हार्मोन्स हैं उनको स्टडी करेंगे हम एंडोक्राइन सिस्टम में। नाइट स्टैंड इन ट्रिग्नोमेट्री सिस्टम है क्योंकि मेट्रिक सिस्टम में आते हैं हमारे स्किन, नेल्स उनके बारे में स्टडी करेंगे। उसके बाद अब स्केलेटल सिस्टम। तो चलिए स्केलेटल सिस्टम में हम स्टडी करेंगे जॉइंट्स के बारे में, कनेक्टिव टिशूज़ के बारे में, सभी चीजों के बारे में स्टडी करेंगे स्केलेटल सिस्टम में। आता है लास्ट में हमारे पास आता है रिप्रोडक्टिव सिस्टम। रिप्रोडक्टिव सिस्टम में हम स्टडी करेंगे मेल बॉडी के बारे में, फीमेल बॉडी के बारे में, इन दोनों के बीच डिफरेंस प्राइम मिनिस्टर करेंगे। तो यह है कि हम क्या पढ़ेंगे और क्या करेंगे। और मैं आपको बता दूं कि अगर आप यह सिस्टम्स और यह ऊपर रियल साइंस को जानना चाहते हो, करना चाहते हो तो आप हमारे इंस्टीट्यूट पर विजिट कर सकते हो, यह हमारी वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।
हेलो हेलो एवरीवन वेलकम टू माय स्टेटस लव ऊ कि आज का हमारा लेक्चर है वह कार्डियो रेस्पिरेटरी सिस्टम है। अब इस सिस्टम को समझने से पहले दोस्तों, वर्ड है कार्डियो और रेस्पिरेटरी, इनको समझना होगा। और अगर आप रिलेट कर पा रहे हो, कार्डियो रिलेट होता है हमारे हार्ट के साथ, रेस्पिरेटरी लंग्स के साथ। तो हार्ट और लंग्स। अब इस सिस्टम में, कार्डियोवैस्कुलर सिस्टम में इन दोनों ऑर्गन्स के बारे में स्टडी करेंगे। कि हार्ट का क्या फंक्शन है, लंग्स का क्या फंक्शन है, यह पढ़ेंगे और इन दोनों का आपस में क्या रिलेशन है वह पढ़ेंगे और यह क्यों इम्पोर्टेन्ट है हमारी बॉडी में, हमारे सरवाइवल में इनका क्या रोल है वह स्टडी करेंगे। तो हार्ट और लंग्स को देखते हैं डायग्राम के साथ। तो इस सिस्टम को समझने के लिए हमें डायग्राम बनाते हैं। डायग्राम के थ्रू हम समझेंगे कि इन दोनों ऑर्गन्स का क्या काम है, यह सिस्टम डेवलप कैसे करते हैं, फंक्शन कैसे करते हैं वह स्टडी करेंगे। सबसे पहले हम बनाते हैं हार्ट। सब्सटेंस अवर हार्ड फास्ट किसी एक ऐसी शेप की नहीं होती है, बट हमें समझने के लिए, इस फंक्शन को समझने के लिए हमने एक ऐसा डायग्राम बनाया। और हम सभी जानते हैं उसके चार चैम्बर्स होते हैं। तो चार चैम्बर, चैम्बर वन, चैम्बर टू, चैम्बर थ्री एंड चैम्बर फोर, चार चैम्बर्स होते हैं हमारे हार्ट में। इन सभी चैम्बर्स का अपना-अपना काम है। को देखते हैं किसका क्या काम है। को स्टार्ट करते हैं। हार्ट होता है हमारी बॉडी में यूज्ड अनवांटेड ब्लड को कलेक्ट करने से। deoxygenated Blood होता है यूज्ड ब्लड। में CO2, कार्बन डाई ऑक्साइड है। तो इस गैस का कंसंट्रेशन ज्यादा होता है। तो उस ब्लड को हम बोलते हैं डीऑक्सीजनेटेड ब्लड। और यूज्ड ब्लड में ऑक्सीजन की कंसंट्रेशन कम होती है। तो उस ब्लड को हम बोलते हैं डीऑक्सीजनेटेड ब्लड। तो स्टार्ट करेंगे। यह हमारा चैम्बर वन है। वहां पर ब्लड कलेक्ट होगा। कि उस अनवांटेड ब्लड कलेक्ट होगा। फिर कहां से होगा? हमारी लोअर बॉडी एंड अप्पर बॉडी। लोअर बॉडी एंड अप्पर बॉडी दोनों से जब डीऑक्सीजनेटेड ब्लड आएगा, वह कलेक्ट होगा चैम्बर वन में। और यह चैम्बर वन होता है। कि इस चैम्बर में ब्लड कलेक्ट होता है। उसके बाद हो जाता है ट्रांसफर चैम्बर टू में। कि चैम्बर वन में ब्लड कलेक्ट होगा, फिर चैम्बर टू मिल जाएगा। ट्रांसफर जाता है। जब आपका चैम्बर वन में ब्लड ओवरफ्लो हो जाता है, मतलब जो ब्लड कलेक्ट होता है उस ब्लड के थ्रू यहां पर वॉल्व है, वह ओपन होता है। यह ओपन होने के बाद जाएगा चैम्बर टू में। वह जैसे ही ब्लड कम हुआ, यह वापस से बन जाता है क्लोज। फिर से ट्रांसफर करते हैं। दोबारा से deoxygenated Blood चैम्बर वन में आएगा, डीऑक्सीजनेटेड जब ज्यादा हो गए चैम्बर में, यह वॉल्व ओपन हो जाएगा। जैसे ही ब्लड नीचे गया, बंद हो जाएगा। डैंड्रफ नहीं चलता है। इन द सेकंड चैम्बर में आता है। बे टेकन चैम्बर से ब्लड जाता है हमारे लंग्स के पास। लंग्स का डायग्राम बना लेते हैं हम। अब यह हमारा लंग्स। लंग्स का स्ट्रक्चर ऐसा नहीं होती है, बट और डायग्राम ऑफ स्टडी रिसर्च हमने ऐसा बना दिया। लंग्स में होती है बहुत सारी एल्वियोली। जो एल्वियोली एयर सैक्स होती हैं, हमारी इस एल्वियोली में गैस का एक्सचेंज होता है। और इसमें यह बहुत सारे पॉलिसेल्स होते हैं, कि एग्जांपल लेते हैं आपने अंगूर का गुच्छा देखा होगा उसको कैसे, बहुत सारे अंगूर इस ट्रिक होते हैं, सेम वैसे ही इन एल्वियोली के साथ होते हैं, कि एल्वियोली एयर सैक्स होती हैं। और इन एल्वियोली में गैस का एक्सचेंज होता है। कार्बन डाइऑक्साइड ब्लड से एल्वियोली जाती हैं और एल्वियोली से ऑक्सीजन ब्लड में जाती है। कि अभी इस सिस्टम के बाद कटिंग करेंगे कि एल्वियोली कैसे संभव करती है। एल्वियोली डब्लू नाइस पिक्चर होता है कुछ इस तरह का है, और ऐसी कई मिलियंस आफ एल्वियोली हमारे लंग्स में प्रेजेंट हैं। कम वापिस टॉपिक पर आते हैं जो हमारा साथ साथ बढ़े। जब हम deoxygenated Blood चैम्बर वन में है, चैम्बर वन से चैम्बर टू से गया लंग्स में, एल्वियोली में। एल्वियोली बहुत सारे और उस एल्वियोली में जैसी ब्लड लंग्स के पास जाता है एल्वियोली में, यह मान लिया अब यह हमारा ब्लड लो है कि ब्लड स्विमिंग, यह सब कैसे ब्लड है अभी भी उस अनवांटेड ब्लड है। carbondioxide कंसंट्रेशन ज्यादा है, तो इस ब्लड में CO2, दो कि कार्बन डाइऑक्साइड है कि कंसंट्रेशन ज्यादा है कि जब हम इनको हटाते हैं, मैं इनको हटाते हैं। ऑक्सीजन हमारे लंग्स के पास जाती है। लंग्स से एल्वियोली में जाती है। तो यहां में ऑक्सीजन ऑक्सीजन की कंसंट्रेशन ज्यादा है और एल्वियोली में हमारे ब्लड में ऑक्सीजन कंसंट्रेशन ज्यादा है और ब्लड में जो ए लोअर बॉडी से ब्लड आया है नंबर वन चैम्बर वन से डीऑक्सीजनेटेड ब्लड यहां पर एल्वियोली में ऑक्सीजन कंसंट्रेशन ज्यादा, ब्लड लो, कार्बन डाइऑक्साइड की कंसंट्रेशन जा रहा है। तो एक चीज हमेशा याद रखना कोई भी चीज हाईएस्ट कंसंट्रेशन से लो कंसंट्रेशन में आती है। तो यहां पर कार्बन डाइऑक्साइड की कंसंट्रेशन ज्यादा ऊपर ऑक्सीजन की तो ऑक्सीजन इन द ब्लड में जाएगा कार्बन डाई ऑक्साइड आपका एल्वियोली में जाएगा। यह एक्सचेंज चलता रहता है, मैं ऑफिस अहंकार वेबसाइट ऑक्सीजन कार्बन डाइऑक्साइड ऐसे एक्सचेंज आफ गैसेस होते हैं। अब यह ब्लड, ब्लड में ऑक्सीजन आ गया, ब्लड से हमने कि विदाउट कर दिया कार्बन डाइऑक्साइड बाहर चली गई इन ब्लड। ब्लड से ऐसे गैस की चेंजेस होते हैं, तो क्या हो गया ऑक्सीजनेटेड ब्लड, उस अनवांटेड ब्लड जाता है हमारे हैं ए लोंग शॉट चैम्बर थ्री में। के साथ रहे हो। फिर से देखिए यह चीज रिलेटिव पलट आया। चैम्बर वन, चैम्बर वन से चैम्बर टू, चैम्बर टू से लंग्स, लंग्स से ऑक्सीजन कि गैसेस का एक्सचेंज। ऑक्सीजनेटेड ब्लड हुआ उससे जाता है चैम्बर थ्री। चैम्बर थ्री से आता है यह ब्लड चैम्बर्स फॉर्मूला कि चैम्बर थ्री से चैम्बर फोर से फ्री अग्रिल्ट जाता है। अप्पर बॉडी एंड लोअर बॉडी और बॉडी स्प्रेड हो जाता है। तो ऐसे हमें डीऑक्सीजनेटेड ब्लड से ऑक्सीजन है कि ब्लड ऑक्सीजन को हमारी सेल्स को, मसल्स को, हरेक ऑर्गन को यह सिस्टमिक कार्डियो रेस्पिरेटरी सिस्टम। इसमें हमने देखा कि कैसे हार्ट के पास ब्लड आता है चैम्बर वन में, चैम्बर टू में जाता है, फिर लंग्स में, लंग्स में एल्वियोली में गैस चेंज हो जाता है, चैम्बर थ्री में, चैम्बर थ्री से चैम्बर फोर से और कि यह हमारा ओवरऑल वन है। कंप्लीट सिस्टम एक्सप्लेन हो गया है हमारा कार्डियो रेस्पिरेटरी सिस्टम।