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Facebook Ads Lifetime Budget vs Daily Budget | Facebook Ads Course 2025 #dailybudget #lifetimebudget

Marketing Fundas4:16

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Facebook एड्स कोर्स के इस वीडियो में आज हम जानेंगे कि लाइफ टाइम बजट और डेली बजट में क्या डिफरेंस होता है।

दोस्तों, जैसे कि आप अभी कंप्यूटर स्क्रीन पे भी देख सकते हो, जब कभी भी हम कोई भी कैंपेन बनाएंगे तो हमारे पास यहां पर दो ऑप्शन आते हैं। एक है डेली बजट और एक है लाइफ टाइम बजट।

तो डेली बजट है कि अगर आप कोई भी कैंपेन बना रहे हैं तो उस कैंपेन में पर डे आप कितना पैसा लगाना चाहते हैं? ₹500 लगाना चाहते हैं, ₹200 लगाना चाहते हैं, ₹1000, ₹5,000, ₹100 या उससे ज्यादा तो वह डेली आप ऐड कर सकते हो और अपना डेली बजट सेट कर दो ताकि डेली इतने रुपए के आपके एड्स कैंपेन में इतने रुपए खर्च होंगे।

मगर लाइफ टाइम बजट क्या होता है? जब कभी भी आप कोई एक पर्टिकुलर कैंपेन बनाते हो। मान लीजिए कोई इवेंट आ रहा है। अब या आपको एक पर्टिकुलर टाइम तक एक वेबिनार के लिए प्रमोशन करना है। अब आपको पता है कि एक जो वेबिनार है यह मेरा 15 दिन तक, 15 दिन के बाद मेरा वेबिनार मेरे को करना है। 15 दिन के लिए आपको कैंपेन चलाना है। तो आपका बजट है ₹15,000। एक एग्जांपल दे रहा हूं। ₹15,000। तो आपने क्या करा कि एक कैंपेन बनाया, उसमें लाइफटाइम बजट डाल दिया ₹15,000। ठीक है? वन टाइम यहां पर आपने लाइफ टाइम बजट डाला और ₹15,000 यहां पर आपने इधर डाल दिए। इधर यहां पर आपने ₹15,000 डाले।

अब ये जो ₹15,000 हैं इनको क्योंकि जब आप अपना बजट लाइफ टाइम बजट करते हो तो यहां पर आपको ऑप्शन आ जाता है कि आप अपने दिनों को शेड्यूल कर सकते हो। ठीक है? और उसको डिस्ट्रीब्यूट कर सकते हो कि मैं 1 तारीख से लेके 14 तारीख तक या 15 दिन मेरा कैंपेन चलेगा तो ऑटोमेटिकली वो ₹15,000 डिवाइड हो जाएंगे आपके 15 दिनों में। तो यहां पर 15 दिन तक वो कैंपेन चलेगा। उसमें आपका ये जो बजट है वो कंज्यूम हो जाएगा, यूज़ हो जाएगा और जो रिजल्ट्स हैं वो आ जाएंगे। तो इसको कहते हैं लाइफटाइम बजट।

अब ये लाइफटाइम बजट में वो कैंपेन यूज़ होने के बाद अपने आप ही बंद हो जाएगा। बाद में नहीं चलेगा। तो वह कैंपेन वन टाइम बनाया। आपने उसमें वन टाइम बजट डाला। इसलिए उसको लाइफ टाइम बोला जा रहा है कि उसकी लाइफ 15 दिन, 1 महीना, 10 दिन, 4 दिन, 5 दिन जितने भी दिनों के लिए आपने वो कैंपेन बनाया था, उस इसीलिए उसको लाइफ टाइम कैंपेन बोला जाता है। और वहां पर आप एक लाइफ टाइम बजट लगाते हो जब तक वो कैंपेन चलेगा, वो बजट चल रहा है। ठीक है?

तो यहां पर एक ऑप्शन और ऑन हो जाता है। वैसे तो मैंने इस कोर्स में आपको पहले भी बताई है ये बात कि जब हम लाइफ टाइम बजट यहां पर सेलेक्ट करते हैं तो हमारे पास एक ऑप्शन ओपन हो जाता है ऐड स्ेड्यूलिंग का। यहां पर ऐड स्ेड्यूलिंग का ऑप्शन देखो यहां पर स्टार्ट हो गया। यहां पर मैं अपने ऐड को शेड्यूल कर सकता हूं कि उन 15 दिन में किस दिन पर्टिकुलर डे मेरा ऐड ना चले, किस टाइम से किस टाइम तक मेरा ऐड चले और कब ना चले ये सब चीजें मैं कर सकता हूं। बट लाइफ टाइम बजट में।

तो अगर मैं डेली बजट करता तो मैं डेली मेरे को यहां पर अपना पे बजट ऐड करना है। डेली मैं अपने कैंपेन को एक्टिव रखूंगा, मैनेज करूंगा। बट यहां पर मैं शेड्यूल कुछ नहीं कर सकता हूं। ऐड स्ेड्यूलिंग का ऑप्शन नहीं आता। ठीक है? देखो मैं दिखा भी देता हूं। लाइफ टाइम बजट से जैसे मैं डेली बजट के ऊपर आया। यहां पर ऐड स्ेड्यूलिंग का ऑप्शन चला गया। ठीक है? एडिट नहीं हो सकता।

तो अब हर कैंपेन में क्योंकि बजट लगाना है। अब ये आपका है कि आपका ऑब्जेक्टिव क्या है? आप किस लिए कैंपेन बना रहे हो? कब तक आपको चलाना है? आपको डेली बजट चुनना है। उसमें लाइफ टाइम बजट चुनना है। ये आपका मतलब डिसीजन होगा।

तो दोस्तों उम्मीद करता हूं अब जो आपको मैंने समझाया डेली बजट और लाइफ टाइम बजट अच्छे से समझ में आया होगा। यह आप अब नहीं भूलोगे और ऐसे ही Facebook की हर छोटी बड़ी चीज हम आपको एक्सप्लेन करेंगे। और Facebook एड्स प्लस एi का ये जो कोर्स है इसमें हम आपको एक्सपर्ट बना के रहेंगे। बट आपको मेहनत करनी पड़ेगी, प्रैक्टिस करनी पड़ेगी। थैंक यू फॉर वाचिंग दिस वीडियो। [संगीत]