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एक बार की बात है, एक गांव में एक लड़का रहता था। वो लड़का पढ़ाई में बहुत होशियार था, लेकिन उसकी पढ़ाई नहीं हो पाती थी क्योंकि वह लड़का अपना घर भी चलाया करता था।
वह रोज अपने खेत में जाता, दिन भर वहां काम करता और शाम को घर वापस आकर वह थोड़ी बहुत पढ़ाई कर लिया करता था। अब जब वह लड़का 12वीं क्लास में गया तो सभी गांव वालों को यह लग रहा था कि हमारे गांव से यही लड़का 12वीं में फर्स्ट आएगा, क्योंकि गांव वालों को भी पता था कि वह लड़का पढ़ाई में बहुत होशियार है।
तो 12वीं का एग्जाम आया, लड़के ने एग्जाम दिया और जब 12वीं का रिजल्ट आया तो लड़का किसी कारण से एक सब्जेक्ट में फेल हो गया। जब गांव वालों को यह बात पता चली तो सारे गांव वाले उस लड़के को ताने देने लगे और उसका मजाक उड़ाने लगे। वह जब भी अपने घर से खेत की तरफ जाता तो उस रास्ते पर उसे जितने लोग मिलते, वह सब उसे ताने देते रहते।
अब वह लड़का लोगों के ताने सुनकर बहुत परेशान हो जाता है और यह बात वह अपने उस्ताद को बताता है कि उस्ताद जी, मैं जब भी अपने घर से खेत की तरफ जाता हूं तो उस रास्ते पर जितने लोग मुझे मिलते हैं, सब मेरा मजाक उड़ाते हैं।
तो उसके उस्ताद ने उसे कहा कि तू ना एक काम कर, एक बड़ा सा लोटा ले और उस लोटे को पूरा ऊपर तक दूध से भर दे और जब तू उस रास्ते से गुजरे तो तू उस लोटे से दूध का एक बूंद भी नीचे गिरने मत देना।
लड़के ने एक दिन वैसा ही किया। वह जब उस रास्ते से दूध का लोटा लेकर निकला तो उसका फोकस उस लोटे पर इतना था कि उसे लोगों की आवाज ही सुनाई नहीं दी। वह इतने ध्यान से उस लोटे को लेकर चल रहा था कि उस लोटे से दूध का एक भी कतरा नीचे ना गिरे। इसकी वजह से उसे लोगों के तानों की आवाज सुनाई ही नहीं दी।
तो इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि अपने काम में इतना ढल जाओ, इतना फोकस अपने काम पर लगा दो कि बाकी की चीजों का आप पर कोई असर ही ना हो। लोगों की आवाजें, लोगों के ताने आपको सुनाई ही ना दे। जैसे कैमरा होता है, जो सिर्फ अपने सब्जेक्ट पर फोकस करता है, बाकी सारी चीजों को वह ब्लर कर देता है। तो बस आपको भी उसी तरह अपने काम पर, अपने टारगेट पर फोकस करना है, बाकी चीजें तो अपने आप ही ब्लर हो जाएंगी।
तो अगर आप इस कहानी को और भी लोगों तक पहुंचाना चाहते हो तो इस वीडियो को लाइक करिए ताकि [संगीत]