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Personal AD Account vs Business AD Account | Facebook Ads Course in Hindi 2025 | #facebookadaccount

Marketing Fundas4:12

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Facebook एड्स कोर्स के इस वीडियो में आज हम जानेंगे कि पर्सनल ऐड अकाउंट और बिजनेस पोर्टफोलियो ऐड अकाउंट के बीच में फर्क क्या होता है?

तो दोस्तों, हो सकता है बिजनेस पोर्टफोलियो आपको नया शब्द लग रहा होगा, जबकि पहले इसको बिजनेस मैनेजर बोला करते थे। तो ऐड अकाउंट बेसिकली क्यों हम बनाते हैं? ताकि उसके अंदर हम अपने Facebook के कैंपेनस बना सकें। हम अपने एड्स रन कर सकें।

अब ऐड अकाउंट में और बिजनेस पोर्टफोलियो के जो अकाउंट होते हैं उनमें फर्क क्या है, या बिजनेस या उसको हम बिनेस ऐड अकाउंट्स भी बोल सकते हैं। दोस्तों, सबसे पहले एक बात ध्यान रखना कि जो ऐड अकाउंट होता है, वो आपकी प्रोफाइल में आपको मिलता है। बाय डिफॉल्ट मिलता है और एक ही मिलता है। जब आप अपनी Facebook में आप लॉगिन करोगे तो वहां पर आप अपनी प्रोफाइल के उधर नाइन डॉट्स में क्लिक करोगे तो आपको वहां पर एड्स का एक ऑप्शन दिखेगा। वहां क्लिक करोगे तो आप अपने ऐड अकाउंट को एक्सेस कर सकते हो।

बट बिनेस ऐड अकाउंट आप तभी एक्सेस कर सकते हो जब आप बिनेस मेटासूट, मेटा बिनेस अकाउंट जो है, उसको क्रिएट करोगे। उसके अंदर बिनेस पोर्टफोलियो आप अकाउंट क्रिएट करोगे, जो कि बेसिकली क्या है, वो आपका बिज़नेस मैनेजर पहले हुआ करता था। बिज़नेस पोर्टफोलियो अकाउंट आपको क्रिएट करना पड़ेगा। उसके अंदर आप ऐड अकाउंट क्रिएट कर सकते हो। और ये सब चीज़ आप कैसे कर सकते हो? हमारे इस Facebook के कोर्स के अंदर हमने प्रैक्टिकल लेवल पे हर एक चीज आपको करके सिखाई है।

अब जानते हैं भाई फायदा क्या है? देखिए, अब आज की डेट में तो ये चीज हो चुकी है कि कोई भी ऐड अकाउंट यूज़ करता नहीं है इंडिविजुअल लेवल वाला। ठीक है? सब ज्यादातर मैक्सिमम लोग अब समझ में आ चुका है उनको। तो वो बिनेस ऐड अकाउंट ही यूज़ करते हैं। क्यों? पहले तो उधर आप मल्टीपल ऐड अकाउंट्स बना सकते हो। अब ऐसा नहीं कि एक ही बार में मल्टीपल ऐड अकाउंट बना लोगे। वहां पर आप जैसे आपको बिजनेस अकाउंट आपने एक कोई भी क्रिएट करा, वहां पर आपने एड्स रन करे, कुछ टाइम तक आप वहां पर उसको मैनेज कर रहे हो, ऐड रन कर रहे हो, स्पेंडिंग कर रहे हो तो वहां पर आपका एक पोर्टफोलियो बनता है, जो कि मेटा देख रहा है। वहां पर अगर आपका ट्रैक रिकॉर्ड अच्छा है तो आपको अपने आप ही बाय डिफ़ॉल्ट एक और ऐड अकाउंट बनाने का ऑप्शन आ जाएगा, फिर आगे चलके एक और आ जाएगा तो ऐसे करके मल्टीपल ऐड अकाउंट बनाने का आपको ऑप्शन आ जाते हैं, जो कि आपको पर्सनल ऐड अकाउंट में नहीं आएगा कभी भी।

फिर जब बिनेस ऐड अकाउंट होता है, उसके अंदर आपको एक्स्ट्रा फीचर्स मिलते हैं। आप एक्सेस ले सकते हो, एक्सेस दे सकते हो, एसेट्स मैनेज कर सकते हो और कई सारे फीचर्स आपको वहां मिलेंगे जो आपको बाहर नहीं मिलने वाले। कैटलॉग, शॉपिंग वगैरह के ऑप्शन आपको पर्सनल में नहीं मिलने वाले, वो आपको अंदर मिलेंगे।

तो दोस्तों, और इसी को मैं आप लोगों को क्योंकि ये कोर्स समझा रहा हूं, बता रहा हूं कि मेरे क्लाइंट्स कई बारी आते हैं, वो एड्स चला रहे होते हैं और हम देखते हैं कि जब वो हमारे पास आए और कहते हैं कि सर आप हमारे लिए डिजिटल मार्केटिंग सर्विज लेकर आइए। हमारी लीड उतनी नहीं आ रही है। आप हमारे लिए लीड्स लेकर आइए, Facebook से सेल्स लेकर आइए। तो हम देखते हैं कि उनको लैक ऑफ नॉलेज तो उन्होंने पर्सनल ऐड अकाउंट से चीजें बना रखी हैं। बिनेस अकाउंट सेटअप ही नहीं कर रखे हैं। तो बहुत सारी चीजें मिस हो जाती हैं। हमें दोबारा से करनी पड़ती हैं।

तो जो लोग आप में से कोर्स सीख रहे हो, उनको छोटी-छोटी बातें भी पता होनी चाहिए कि किस तरीके से आप बिनेस अकाउंट बनाओ, कैसे ऐड अकाउंट बनाओ। उसके बाद अपने एड्स चलाओ। इससे क्या होगा? आपका बिज़नेस सेफ रहेगा। आप अपने अगर आपके पास मल्टीपल क्लाइंट्स हैं तो उनके मल्टीपल अकाउंट्स भी आप हैंडल कर सकते हो, उनको एक्सेस लेकर अपने अकाउंट के अंदर और यही एक प्रोफेशनल और एथिकल तरीका है Facebook एड्स को चलाने का और मैनेज करने का। ठीक है?

बाकी तो आप ये हमारा पूरा Facebook एड्स का कोर्स देखिए, सीखिए और ये विद ए लेकर आए हैं ताकि आज की डेट में Facebook एड्स हो या कोई भी डिजिटल मार्केटिंग का प्लेटफार्म हो, विदाउट एआई तो अधूरा है। तो इसलिए उम्मीद करता हूं ये वीडियो आपको पसंद आया होगा और ये पूरा कोर्स अच्छे से आप सीख के बिनेस, जॉब, फ्रीलांसिंग कहीं पर भी इसका आप यूज़ कर सकते हैं। थैंक यू।

[संगीत]