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हुआ था पवन रावत हरीश भक्त अपहिद आह प्रमेय चाहिए नित्यं भक्त्या करो कि ट्रायल अखिल भारतीय मुशायरा जमानत कब में भजन धुन धर्मबीर व बालों का महेश्वर हैं। तो हल्दी कि रावण होगा राम कीर्तिवर्धन कि अगर आग कि जब कि मौलिका दाणा सेओ रा दाणा जामुन अधीर व्यू महज ऊपर हम क्यों महत्वपूर्ण पर्व वक्त दम भर हम यहां पर यह पवित्र प्रणाम पवित्रं यह मंगलाराम ए टाइगर जेठ पीला दत्त शर्मा निभाने भवन झाड़ियों कि मैं एक्सप्लेन स्टेप है या अंतिम 100 ग्राम प्रधानों के जन्म नाटक प्रभु मत है कृष्णभक्त रमेश कुमार प्रभाव हम या नींद एक अच्छा में वृद्धि पर ईंधन रक्षा में भू साहेब कृष्ण राम नाम सत्य विद्याओं महामुनि सुंदर नष्ट तथा देव भगवान शिवजी सुबह हर्बल शैंपू शक्तिदेव किरण झाल ध्यान घनश्याम चुके व्यक्ति विशेष महा विष्णु ब्रह्मा विष्णु महेश्वर तुम अरे करूं बजाओ थे फास्टेस्ट कार्स झालामंड प्रख्यात और भगवान वृद्धि अनूप चंद्र ग्रहण श्रीमहाविष्णु पधारें गेरो दैवतम अजुन अवधि अवधी म्यूजियम डे अट वर्क का पेड़ लगाते हैं। बुद्ध एप ए आर रहमान कहां चंद्र नंदा की चकली तिग्गी लखनऊ शरण गंगवार गधा धर्मपाल झाल मूड़ी है स्पेशल लुट हर्षित कि अ ऑन कर दो कर दो लुट कि मैं शाम हुआ है कि आधुनिक अब से आधे हम जी के हवामहल सैनिक शिविर इतिहास वर्क ओं कर दो 12345 ओके ऐसा हो हेलो हेलो हेलो हेलो हेलो माइक चेक लुट लो आज मेरे पास एक ही और वात को सिनेमा पानी भर लें। जो यह रिपोर्ट अल्ताफ जय हो ओम ओम एक महत्त्वपूर्ण पद्धति है कि एवं कलश पूजन मंत्र जय हो ओम अपने बेहद ध्यान रखें। भगवान ने याद करिए गणपति दादा अपना इष्टदेव भगवान श्री स्वामीनारायण स्थापित बाधा देवताओं ने अधिकारी विजय को सोते समय वीडियो पाटोत्सव तो यह आपने प्राथमिक पूजनवा अपने प्राणों करिए वे हाथ जोड़े बुद्ध भगवान उसे अपने स्मरण करें। इसको को ओम शंभव रन खेलो हम कल्याणमई आरोग्य ऐश्वर्य निर्विघ्न शुभम भवतु मंगलम भगवान विष्णु मंगलम गरुड़ध्वज मंगलम पुंडरीकाक्ष मंगलाय तनो हरि सर्व मंगल मांगल्ए शिवे सर्वार्थ साधिके शरण्येत्र्यंबिके गौरि नारायणि नमोस्तुते नारायणी नमोस्तुते तथा कर्म आरंभ पवित्र अभिनेत्री ही आजीवन अध्यक्ष अजय महत्वपूर्ण लाइव भगवान नाम स्वर्ण साथ ॐ केशवाय नमः शिवाय हुए ॐ नारायणाय नमः शिवाय ॐ माधवाय नमः शिवाय यह अत्याधुनिक भावनाओं ओम गोविंदाया नमः न्यूनतम रक्षा मंत्रालय विपणन क्रश खेलना है। कुछ देर बाद जब हाथ मा पानी लाई जमुना थे अपना शरीर ऊपर भगवान का स्मरण साथ मेह पानी 360 के भाई मंत्र स्नान ओम अपवित्र पवित्रो वा सर्वावस्थां गतोपि वा यः स्मरेत पुंडरीकाक्षं हम सभी हम तरस वक्त हम आशा अभियंता रिश्वत हस्तम रिक्शा लो जमुनादेवी खोलो का प्यार बाद स्वामी ओम ने Bigg Boss मजा कुमकुम चालू करिए चौड़ी सड़क बांध देते अथल यह जो महानुभाव लिए कुत्ते जिला खनन अधिकारी ना Android दूसरा वाह बस तेरा बुखार विश्वविद्यालय स्वस्ति नस्तार्क्ष्यो आरज़ू में स्वस्ति नो बृहस्पर्तिदधातु अथर्वण बंधन अम्मा ओम यह बद्धो बली राजा दानवेंद्रो महाबल तेन त्वामनुबध्नामि रक्षे मा चल मा चल अलग रक्षे मा चल मा चल अलावा रक्षा सूत्र बंधन अधिक शांतिपाठ अथवा पुंढीर थोड़ा सा के समीप उपलब्ध नहीं झाल फुसलाकर आखिर इस तरह भगवान श्री स्वामीनारायण कथा देवनारायण महाराज नगर इसको कि आज नहीं पूजा में अजनबी शक कार्यों में अप्रूव मन को शांत रहे खूब स्थिर रहने भगवान न सिर्फ हैवी अपने प्रार्थना करें। इसको कथा शांतिपाठ अह अरे ओ मां ओ हो शांतिरंतरिक्ष धो शांति पृथिवी शांतिराप आह शांति रख यह शांति वनस्पति यह जुनैद जमशेद वाह शांति ब्रह्मा शांति संघ शांति शांति शांति शांति यादव जय स्वामी असितत्व अभ्यंकर को रोशन अध्ययन है 50 यह ओम शांति शांति शांति शांति भक्तों शुक्रवार सर्वोपद्रव शांतिर भावातू अथवा देवता नमस्कार हर अपने हाथ जोड़ी बता देता हूं नमस्कार करें सोएं ओम श्रीमन्महागणाधिपतए नमः ॐ इष्टदेवतायै नमः ओम कुलदेवताभ्यो नमः ओम गांव नमः ओम शांति देवताभ्यो नमः ओम मणि प्रभाव नमः ओम श्री वृंदावन धाम नमः ओम लक्ष्मी नारायण अभियान नमः ॐ सीतारामाभ्यां नमः ॐ महेश्वराय नमः ओम श्री खोडियार दिव्या ही नमः ओम श्री जगदंबाये दुर्गादेवय नम्हा नमः ओम श्री हं हनुमते नमो नमः ॐ इष्टदेवतायै भगवते श्री स्वामी नारायणाय नमो नमः ॐ सीतारामाभ्यां नमः ॐ सर्वेभ्यो देवेभ्यो नमो नमः का रिएक्शन तो नमस्कार करो ओम सदुपयोग नमो नमः ओम राम बड़े भैया नमो नमः ओम नमो नमः यह टक्कर खाना भगवते श्रीमन्महागणाधिपतए आइए नमो नमहा नमस्कारान् समर्पयामि अब एक फूल लेकर गणपति का ध्यान आ चुकी है। अथवा गणपति स्वर्ण महात्मा फूल चौपड़ा की गणपति का अनुसरण कर जवानों ओम शंभावे श्वेता नंदा एक्स्ट्रा कपिलो गजकर्णक है लंबोदरश्च विकटो विघ्ननाशो विनायक अहद धूम्रकेतुर्गणाध्यक्षो भालचंद्रो गजानन हक द्वादशैतानि नामानि यः पठेच्छृणुयादपि यहां पर विद्यारंभे विवाहे च प्रवेशे निर्गमे तथा संग्रामे संकटे चैव विघ्नस्तस्य न जायते शुक्लांबरधरं देवं शशिवर्णं चतुर्भुजम् प्रसन्न वदनं ध्यायेत् सर्वगुणों प्रशासन का यह सर्वगुणों प्रशांत यह गणपति दादा क्षणों किए सकल उपचारार्थ गंधाक्षतपुष्पाणि समर्पयामि तथा संकल्प हक पानी चमच भवानी जितेंदर भडाणा चौपड़ आखिर आज अपराधी तत्व पाटोत्सव इन पूजा ने अपने संकल्प कर सोएं का संकल्प लिया इंदौर अपडेट्स ओं प्रार्थना करवाने कि भगवान पास आपने जो प्रार्थना करता हूं। इस संकल्पना के भगवान हमने धर्म अर्थ काम मोक्ष चारों पुरुषार्थों अपराध तथा अपने ग्रस्त से यह तो आपने त्याग धन-धान्य समृद्ध परिवार खूब सुखी संपन्न था इस समृद्ध था ए विशेष खरीदने आ मंदिर नहीं अंदर अवतार तमाम ग्रस्त हरि भक्तों के भगवान का मूर्ति ना इन्हें सूखने अपराध तथा यह आधा होता ना जयपुर अ बिजनेस धंधा व्यवसाय करता हो यहां पर बखूबी हमने सुख शांति समृद्धि मणैविया जनाधार से अपने भगवान श्री हरि नारायण अपने संकल्प रूप से प्रार्थना करें। इसको करण व खतम और हमारी पाचन बोल वालों ओम विसनावे नमः ओम विसनावे नमः ॐ विष्णवे नमः अब आंखे बंद करे भगवान शिव मूर्ति अनुसरण कर्ता कर्ता प्रमेह यह संकल्प था यह दर्शन कल परसों ॐ विष्णुर्विष्णुर्विष्णु ocean अच्छा बताओ महापुरुषस्य विष्णोराज्ञया प्रवर्तमानस्य ब्राहृणां द्वितीए परार्धे सह समिति द्वारा कल्पेश सप्तम अवश्य करें और स्टार समय कलियुगे के लिए प्रथम चरण भूलों के अमेरिका घंटे खार थल साउथ कैरोलिना राज्य फ्लोरेंस हितेन हमारे ग्राम महानगर ए प्रभारी फर्स्ट समझना मध्ए संस्था सचिव सुदेश शर्मा विक्रम आप देवरी धाम विक्रम संवत्सर युक्त रावण मरणासन्न उत्तम एवं शुक्ल पक्ष अयर वाटर श्याम त्रयोदशी हम शुद्ध वातावरण स्तुति रॉ श्री श्याम शुभ वार नक्षत्र व गणित आयाम एवं गणेश विशिष्ट आयाम पुण्य हम उन्हें काले महापुण्य शुद्ध वातावरण घास गोत्रोत्पन्न हम सावर्णि गोत्रोत्पन्न ने यह कार्य गोत्रोत्पन्न नाडु नाम पुलिस जवानों का रिएक्शन हम यह मानो होम अपना परिवार ने याद करवाना अस्माकं सरेशाम गुडबाय नाम से मशहूर यह विजय वीर्य आयु आरोग्य ऐश्वर्य आदि नाम उत्तरोत्तर वृद्धि और हम धर्मार्थकाममोक्षेषु चतुर्विध पुरुषार्थ पियर धर्म विशेष से अश्विन मंदिर है यहां जाता है नाम शहर भक्ताय नम मंत्र सामूहिकता प्राप्त्यर्थं भगवत शरण ली भक्ति श्रद्धा थोड़ा प्राप्ति अर्धम विशेषतया अश्विन मंदिरों से उत्तरोत्तर वृद्धि अर्ध अमिताभ का रोड़ा निशान हम चक तो दीर्घायु प्राप्त यार हम शुद्ध प्राप्ति और हम विशेष में जाता है। यह कौन है यह क्षतिग्रस्त ऐसी घटिया सुख स्वास्थ्य प्राप्ति और हम 24 व कल्याणार्थ हम च विशेषतया भगवत हरे स्वामी नारायण शीघ्र बिटिया पाठ और समिति के अध्यक्ष तथा शक्ति यथार्थ ज्ञान था हम तो प्यार द्रव्य है था कि देवता नाम शॉप चाहिए पूजा आराधना पंक्चर अहम कह रहे बछी पानी संभवानी तरंगित वरना प्रथम एग्जाम में करेक्शन का शहर चैनल घंटा आप जानते हो सूर्य पूजन श्री महागणपति हैं निर्माता आदित्य हृदयम 674 है पूजा आराधना पंच वाकई यह पुण्याहवाचन अधम करेंगे। इस छम छम की दीवानी बेदाना जोखिम न लें सर्वप्रथम प्रतिमा का पूजन के जवानों नीचे जमीन में थोड़ी रखवाना ॐ पृथ्वि त्वया धृता लोका देवि त्वं विष्णुना धृता है तो उन चाहने महादेवी पवित्रं करो 400 नमः ओम भूर भुवाह स्वाह पृथ्वीपुर में अनंतपुरा देवता भी हो नमो नमो सर्कल और चार थे गंधाक्षतपुष्पाणि समर्पयामि यह जो खत या जमीन में प्रति माह बाद भी बेहद जोड़ी प्रतिमा का नमस्कार कर दिया नमस्कारान् समर्पयामि अधिक रक्षणम् ढाबा चंद्रशेखर आखिर इन ऊपर जरूर था कि यदि साबुत ही महाराजा की रक्षा करें व प्रार्थना कर जवानी ओम प्रबंधों से भूता ये भूता भी समुचित रहा यह भूता विनकर्तारस्ते नष्टंतु शिवाज्ञया अपक्रामंतु भूतानि पिशाचा सर्वतो दिशम सर्वेषाम अविरोधेन अ पूजा शर्मा व भाईचारे वसुंधरा जो की छोटी देवा सर्वा शिक्षा अभियां भी क्रिया थोड़ा वक्रीय जमीन मत तोड़ो कटवानी लेफ्ट लेग वापस चले जाना था भूमिका सफल अभिनेत्री दा ख्याल रखता है पटवारी साहब जाल जम राशि में सांयकाल अरे वाह बहुत अनमोल चार्ट है गुरुजी हम राशि के लिए उपयोग करें। यदि सामग्री तारों का थोड़ा मनी असो रहेगा दृढ 16 f-35 है से अधिक हो नाराज वो ग्राम प्रदर्शित अस्तम रिशाल या समाधि नाखूनों जुड़ा थीं अब अंग्रेजों पानी बॉईल पानी निकालने वालों नेतृत्व करने को स्पर्श शहर अध्यक्ष बांधता रिसर्च करी या थी स्वामी डुबा दो है अथवा फूल ने जो खा लिए हैं कि बच्चे चाहिए थे न अब से पक चुका यह सब अपने हाथ में फुल टॉक लाइव वशीकरण करें। अरे ओ महत्त्वाच्या में ब्रह्मणा वंदमानस्तदाशास्ते जाणो हेड मामलों के प्रमुख ओम भूर भुवा स्वाहा इदं शक्ति अथवा स्थापयामि पूजयामि ऊं थे गंधाक्षतपुष्पाणि समर्पयामि ॐ ह्रौं ॐ भूर्भुव स्वाहा द्रव्याणिसमर्पयामि ओम विष्णु ब्रह्मा मध्ए को सब्सक्राइब करें ओम शांति शांति शांति तो सवाल अहम उद्देश्य का हर गंगे च यमुने चैव गोदावरि सरस्वती देवी नर्मदे सिंधु कावेरी जलेस्मिन शनि धाम करो ओम भूर भुवाह सुवाह नंगा यानि सर्वांगीण उत्थान यात्रा सन्निहित आणि संतों भाई हाथ जोड़कर नमस्कार करने वाला प्रस्ताव नमस्कारान् समर्पयामि अमृत जांगिड करी अंकुश गुजराती आपने बीजाणु आकाश में सूर्य भगवान ने बताओ नहीं एंग्री बर्ड्स मकवाने अंकुश भद्रेश्वर वंचित धनिया बायो दशांग डिफिकल्ट सी अंदर उनको आने दे नवोदया अमृत है कृत्य डालूंगा तब जरा की जरूरत ऊपर आकर नहीं किसने पर फ्राई जवानों कवर चैनल व कुंठा व मत्स्य मुद्रा अच्छा दिया अभी तेरखिर पड़ोसन जरदारी ने पूजा मंत्र बोला तेरे होंठ फटना ॐ वरुणाय नमः ओम महाबलाय नमह ओम महाबलाय नमह ओम महाबलाय नमह ओम महाबलाय नमह ओम महाबलाय नमह ओम महाबलाय नमह ओम महाबलाय नमह ओम वरुणाय नम ओं नमस्कारान् समर्पयामि अपनी अकड़ स्वयं की पानी भरी तमारो जापानी नो बॉल से समाधि के बदले वालों तस्माद् युद्ध का आवश्यक अंग रोहित दादा भटको मती पौन इंच घरवालों द्वारा के बजाय 1956 ऊपर आजू-बाजू है जड़ छात्रों का वितरण कर वालों अथवा अपरोक्ष सनम हरिओम महापौर स्थाई व्यवस्था ना ऊर्जे दधातन नमः यॉर्क से जो बाढ़ शिवतम और तस्य भाजयतेह अनहद उस तेरी मां तरह दशमा औरंगा मऊ जंक्शन अध्यक्ष मंत्री पवित्रीकरण महक कलश पूजन अध्यक्ष सूर्य नमस्कार यह कष्ट अंदर पूर्व दिशा अधिष्ठाता देव भगवान ने नमस्कार ओम नमस्कारं ये कुर्वंति दिने दिने स्मरण शक्ति ओम भूर भुवा स्वाहा ॐ भास्कराय नम ॐ आदित्याय नम नमस्कारान् समर्पयामि को अधिक सामाजिक अखंड दीवारों सरपंच अखंड दीवार प्रत्येक हृदय में निवास का करिए ओम भगवदी पर देवरू प्रथम कर्म शुक्रिया बाद कर्मा समेत 30 याद तावत्वं स्थिरो भव ओम भूर भुवाह स्वाह दीपा बिष्ट परमात्मने श्री वन स्वामीनारायण नमस्कारान् समर्पयामि प्रसाद घंटा समय तक आग कुमार संतोष देवांगन और हम थोड़ा सा अम्मा घंटा नजम प्रकुर्वीत पश्चात घंटा लुट चाहिए तक घंटा ने बगैर जवानी यहां पर स्पून लेमन वह बिल्कुल आपको चंदन वाह करें। जय हो ओम भूर भुवा स्वाहा शक्ल उपचारार्थ एक गंधाक्षतपुष्पाणि समर्पयामि नमस्कारान् समर्पयामि अथाह गणपति पूजन नंबर तपे हुए गणपति दादा नु पूजन करें तो हाथ में फूल पोखरा की सर्वप्रथम अपने गणपति महाराज ज्वाइन करिए। यह गणपति राजा हमारी आज की पूजा में कमी पता रोने अफवाहें पाटोत्सव कार्य निर्विघ्न पूर्ण पूर्ण कर जो इन गणपति आराधना चरणों में प्रार्थना करें। इसको हरे ॐ गणानां त्वा गणपतिं हवामहे प्रियाणां त्वा प्रियपति घूम हवा माहे धुंध गांव हवामहल बस हुआ था जानिए गर्भ का महत्त्व समझकर धम्मा ओम भूर्भुव स्वाहा सिद्धि बुद्धि सहिताय श्रीमन्महागणाधिपतए नमः यौम समर्पयामि - आचमन आर्थिक गंधाक्षतपुष्पाणि समर्पयामि अथावा नमक डूबा न धरौ गणपत धनिया का अनुभव से तथा वाहन नमः ॐ एकदंताय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो दंती प्रचोदयात् ॐ गणपतए नमः आवाहयामि ओम हुआ था गणपति मावा है यमी ॐ स्वः गणपते नमः आवाहयामि ओम भूर भुवा स्वाहा श्री महागणपति मावा यहां स्थापयामि पूजयामि ओम गं गणपतए नमो नमः नमस्कारान् समर्पयामि गणपति का ध्यान करें ओम गन गणपतए नमो नमः जय हो ओम गण गणपतए नमः ओम गन गणपतए नमो नमः ओम गन गणपतए नमो नमः गणपति मस्तक पर ओम गण गणपतए नमो नमः आंवला कृष्णम सामर्थ्य और मीन अधिक दो कि हर यही ओम महाबलाय यह पृथिव्याम् बजाओ खरीदने रुपयों दिव्यंतरिक्षे पयो धनाढ्य समिति प्रदेश शासन तो महम्मद ओम भूर भुवा स्वाहा वाहित डायन गणपतए नमो नमः प्रथम व प्रथम प्रयास नुस्खे को प्रथम पाली में प्रात स्नानं समर्पयामि ॐ कि सिद्धू लगा स्नानम समर्पयामी शुद्धोदक स्नानांते शुद्ध आवाज धनिया जलन च समर्पयामि बीम विधिवत पंचामृत स्नान करा दो एक हाथ नहीं तो जरूरत बार घटना हो हां हां बस के बीज बोकर पंचामृत मयंक तिवारी गणपति दाने नहीं थी स्नान करा बीच यह हरी ओम्मा अधिक रावणों का ढक्कन जिससे वह अजहर सुलभ इलाज में खर्च कर अपना आयोगों की तारिका था ओम भूर भुवा स्वाहा द्वितीयं दशा एवं समर्पयामि बेवक्त भट्टराई ने वालों नदी स्नान शुद्धधोधक स्नानम समर्पयामी में शुद्धोदक स्नानांते शुद्धोदक आज उन्हें जलम् समर्पयामि पंचामृत मजाक भरवानी हरे एवं आध्यात्मिक शेयर तमाशा यह नीचे गिरता बच्चे था महंतों व दमा आदि सुहाग तमकुही अभी लंबा ओम भूर भुवा स्वाहा वाहित आयन गणपतए नमो नमः तृतीयं गिरता स्नानम समर्पयामी यार बाद बेवकूफ झड़ना बालों व्यास नारायण दुबे शुद्धधोधक स्नानम समर्पयामी साधक स्नान आदि से शुद्ध न धीमी प्यार बौद्ध ज्योति व पंचामृत गणपति गाने बजाओ अरे जियो माध्वाचार्य ये मधु क्षरंति सिंधव वृषभ राशि मथुरा का वध पार्थिव गमला जहां मधुरं तरणं मधुरं हरणं मधुरं जहां महावीर घाव भवन दूल्हा ओम भूर भुवाह सुवाह श्रीमन्महागणाधिपतए नमः चतुर्थ स्तंभ का बीमा योजनांतर्गत शुद्धधोधक स्नानम समर्पयामी शुद्धोदक स्नानांते शुद्धोदक आज दुनिया जला 49 समर्पयामि अतः 5 मिन अध्यक्ष राधेश्याम रहिए कि हरी ॐ तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो न प्रचोदयात् ओम भूर्भुव स्वाहा विवाहिता यंग गणपतए नमो नमः अंजाम शर्करास्नानं समर्पयामि शर्करा स्नानांते शुद्धोदक स्नानं समर्पयामि शुद्धोदकस्नानंसमर्पयामि शुद्ध आचमनीयं जलं च समर्पयामि तथा अहमियत पंचामृत स्नान अधिकतम छह बड़े गणपति थाने में पंचामृत या अपने स्नान करा ही अच्छी है ओम पंक्चर यह सरस्वती एवं पुलिस अधीक्षक को शहर सरस्वती विद्या इंच का सौदे के अवसर इस तहर श्रीमन्महागणाधिपतए नमः अमित पंचामृतस्नानं समर्पयामि बेवफा झटकने वाले मिलते पंचामृतस्नानांते शुद्धोदक स्नानं समर्पयामि शुद्धोदकस्नानंसमर्पयामि श्रद्धा आज उन्हें जलम् समर्पयामि यार भाई गणपति दादा नगर पुष्पों नहीं पंखुड़ी में भवानी ओम भूर भुवा स्वाहा महावीर शेखावत पूर्व पुष्पि संपूज्य में पुष्पा ने पकड़ी गड़बडी गन्ना छोड़ो मत ले बानी अपना आंखें का निर्गुण वाणी ने सुनवानी उतरे ग्वालदम विष्णु जी सही को अपने खातों तथा निवास कमरा की बने-अधबने गाना का प्यार बाद बार-बार चमचे गणपति दारू आपने अभिषेक करें। इस बार चढ़ती जवानी गणेश मंत्र हमारे ओम अथाह महाभिषेक का हक ओम प्रणम्य शिरसा देवं गौरीपुत्रं विनायकम् भक्तावासं सरहिंद नित्यं आयोग का ह्रदय प्रथमं वक्रतुंडंच एकदंतं द्वितीयकम धरती हम कृष्णपिंगाक्षं गजवक्त्रं चतुर्थम् लंबोदरं पञ्चमं च षष्ठं विकटमेव च सप्तमं विघ्नराजेंद्रं धूम्रवर्णं तथाष्टमम् धमार चंद्रमा दशमं तु विनायकम् एकादश हम गणपतिं द्वादशं तु गजाननम् द्वादशैतानि नामानि त्रिसंध्यं य पठेन्नर धोना है हम तस्य सर्वसिद्धिकरं प्रभो हो विद्यार्थी लभते विद्यां धनार्थी लभते धनम् पुत्रार्थी लभते पुत्रान् मोक्षार्थी लभते ज्ञानं तेन जपेद्वगणपतिस्तोत्रं षड्भिर्मासै फलं लभेत संवत्सरेण सिद्धिं च लभते नात्र क्षमता यह फर्स्ट ब्राह्मणेभ्यश्च लिखित्वा य समर्पयेत् तस्य विद्या भवेत्सर्वा गणेशस्य प्रसादत यह गणेशस्य प्रसादत हां ओम भूर भुवा स्वाहा श्रीमन्महागणाधिपतए नमो नमः का महाभिषेक स्नानम समर्पयामी तुम्हारे मूर्तियां वाली समिति दर्जनों ले लो के सुधरते गणपति दादा ने स्नान करा दी है। अथवा शुद्धधोधक स्नानम महरिया ओम शुभ लहसुन अधिकतम नवरात्रा ओम भूर भुवा स्वाहा श्रीमन्महागणाधिपतए नमः ॐ एकदंताय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो दंती प्रचोदयात् ओम अस्तित्व व्हेयर विनोद और मुख्य संपूर्ण स्वच्छता अभियान ओम भूर्भुव वाह वाह यौवन गणपतए नमो नमः सिद्धिविनायक नमो नम का नंगा वीडियो शुद्धोदकस्नानं समर्पयामि शुद्धोदकस्नानंसमर्पयामि शुद्ध आवाज धनिया जलम् समर्पयामि ॐ भूर्भुव विपणन ओम भूर भुवा स्वाहा हित गण गणपतए नमो नमः दक्षिणां समर्पयामि आचमनीयं जलं समर्पयामि ॐ अजय को झाला का और बताओ तब और अब लुट कि भगवान अभिषेक को पाणिग्रहण गाड़ी गाड़ी आधुनिक ओम भूर भुवा स्वाहा श्रीमन्महागणाधिपतए नमः सिद्धू लक्षणम् समर्पयामि शुद्धोदकस्नानंसमर्पयामि सुविधा आचमनीयं समर्पयामि तरह वस्त्रोपवस्त्रं पधर अभिसारिके सोम येलो कलर झा निवारणीय जो पास स्थित है तो व्यक्ति को उच्चतम ओम भूर भुवाह स्वाह श्रीमन्महागणाधिपतए नमः वस्त्रोपवस्त्रं समर्पयामि ॐ भूर्भुव वह अलावा हित्य श्रीमन्महागणाधिपतए नमः वस्त्रोपवस्त्रं समर्पयामि ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ भूर्भुव स्व श्रीमन्महागणाधिपतए नमः विक्रम चंद्र हम दिव्यांग अंडरआर्म्स मनोहरम विलय एवं सुरेश चंद्र बिश्रोई अतमर रिद्धि सिद्धि लेकर वालों श्रीमन्महागणाधिपतए नमो नमहा गंधाम भोले परिवार में या बच्चों को छुड़वाना ओम नक्षत्र अश्लेषा कुमार गुप्ता शोभित आणवें भक्त्या गृहाण परमेश्वर ओम भूर भुवा स्वाहा श्रीमन्महागणाधिपतए नमः अक्षतान् समर्पयामि यार बाद पुलिस पकड़ी खोज स्थानीय चपलेट मचा रहे हैं जिससे कि दोनों फाल्गुनी पाठक विधि ओम भूर भुवा स्वाहा मावा हिदायत गंग गणपतए नमो नमः यौवन-धन इमारत यारी निभाई प्रभाव तैयार होता ने पुष्पा ने पूजा अर्द्धमृत कृष्ण तांबा ओम भूर्भुव स्वाहा श्रीमन्महागणाधिपतए नमः अरे तू को भवानी पुष्पाणि पुष्प मालूम चल समारोह पर गा्रमीण कहा सौभाग्य द्रव्याणि प्यार बबूल कंकू मधुमेह व पिछड़ा एवं यह चंदन क्वार्टर से भले दो चमच तैराकी जो अ के अनुसार पापड़ डूडल ओम अभी लंच कुल्हाल अनचाहा जन गण मन अधिनायक जयहे प्रियतम परमेश्वरा ओम भूर भुवाह सुवाह सौभाग्य द्रव्याणिसमर्पयामि ओम भूर भुवाह सुवाह अक्षय यह संपूर्ण व्याख्या आत्मा अरे गणपति देवा लुट श्रीमन्महागणाधिपतए नमः अक्षय संपूज्य यह मीट कहां सब्सक्राइब कर दो और बोलो क्या हाल है हो गए तथा हाउस अधिक मारक ग्रह पर शीघ्र कि अगर आप OLX डॉ कि गणपति बाद विद्यार्थी करवाने ओम दशांग हम धूप अधिक प्रसिद्ध प्रबंध नमः ओम भूर भुवा स्वाहा घर पधार मी 4a हुआ था प्रबंधक संदीप कमीशन दर्शयामि ओम निश्चल जबरदस्त संयुक्त संबंधी ना योजितं मया ग्रहण मंगलम दे पंद्रह जिलों के तिमिरा पहम् ओम भूर भुवाह स्वाह श्रीमन्महागणाधिपतए ईपी शुभेंदु कि अष्टम रिशाल यह झरबेरी नाखूनों कस्टम रक्षा मंत्रालय बाद हाथ गोरा करें पूरा गणपति गणपति ॐ वं अमृतात्मने नमः ओम अस्तित्व सब्सक्राइब और पोषण और स्तंभकार ओम शर्कराखंडखाद्यानि दधिक्षीरघृतानि च आरंभ किया था ओम भूर्भुव स्वाहा गणाधिपतए नमः कि अ ओम भूर भुवाह स्वाह अमृत धरा की जन्म राशि गण परिषद ने पांच कन्या भोज मनीष ॐ प्राणाय स्वाहा ॐ प्राणाय स्वाहा ॐ व्यानाय स्वाहा ॐ उदानाय स्वाहा ॐ समानाय स्वाहा एक टिप्पणी करने वालों मध्यावधी अमृतवाणी हम च समर्पयामि मैडम विराम यहां पुणे हुआ था रात को न भोज्य त्वचा घर गणपति दादा ने भारतीय फिल्म से जुड़ना ॐ प्राणाय स्वाहा ॐ अपानाय स्वाहा ॐ व्यानाय स्वाहा ॐ उदानाय स्वाहा ॐ समानाय स्वाहा हजारों का शब्दप्रीत जन्म के बाद उत्तर आपको सनम समर्पयामि अस्तर क्षणों स्वभाव में मुताबिक शहर में स्वभाव में मुझे आज बनी हम च समर्पयामि में करो दरबार से भी हाथ जोड़े गणपति दादा नमस्कार करवाना नमस्कारान् समर्पयामि पानी चमकी भरवानी गणपत दुग्गड़ आपने मुखवास मोटी इलायची रोड वड़ा केलोचे अगर प्रधानमंत्री हार्पर ने समर्पण कर isopure एवं हृदय व्यायाम नाग वाली दलित महिला को छोड़ संयुक्तम तांबूल नंबर ठीक है तांबा ओम इदं फलं मया देव साब एवं भूतत्व 13 सपना अपनी भव्य जन्मनि जन्मनि ओम भूर भुवा स्वाहा श्रीमन्महागणाधिपतए नमः माता पिता मुखवास सफल हम च समर्पयामि तरह दक्षिणा ग्रैफिक्स इन लव यू तो गणपति नगर में पानी ॐ हिरण्यगर्भाय गर्भावस्था में ही मर जाऊंगी वह अब्सोर्ब हो अनंत पुण्य फल राधे मां शांतिप्रिया 6 में ओम भूर भुवा स्वाहा विवाहिता यंग गणपतए नमो नमः निर्णय गर्भवती दक्षिणां समर्पयामि बीम ओम भूर भुवा स्वाहा जुड़ाव जय हो ओम भूर भुवा स्वाहा श्रीमन्महागणाधिपतए नमः निर्णय गर्भवती दक्षिणां समर्पयामि प्राथमिक कृषि अथवा फूल चढाकर आखिर गठबंधन प्रक्रिया यानि ओम वक्रतुंड महाकार्य सूर्यकोटि समप्रभ निर्विघ्नम कुरू मे देवा sarva-kaaryessu सर्वदा पूजा में गणपति दादा कनखी भूल चुके हो तो क्षमा कर दे जो ओम भूर भुवा स्वाहा प्रातः नमस्कारान् समर्पयामि में समा ब्रह्मचर्य समर्पयामि ॐ भूर्भुव स्वाहा हो हां यह बात राम नमस्कार यान क्षमा धनंज
भगवान श्री हायड मंगल करें। अमन धुंधाड़ा वनारा तमाम क्षतिग्रस्त हरिभक्तों नगर निगम दर्पण धन-धान्य समृद्धि अधोवस्त्र रहे। भैया अपने संकल्प के साथ थे। भगवान ने प्रार्थना करें। प्यार वाला भक्तों आप राम मंदिर ने व्यवस्था ठाकुर जी विराजमान था। या इन्हें बे वर्ष पूर्व अथवा झारिया चेनुते आपने भगवान अभिषेक इन दिनों विधवा पड़े प्रारंभ करवा झारिया चाहिए। तो खास पधारे लाभ भक्तों हैं। मीडिया मध्यम थे। लाइव दर्शन करेला सर्वे हरिभक्तों। यारे यारे ठाकुर g9t शौक था। यह पूजा-दर्शन ही ने इन्हें अपने मूर्ति ने अपना आ रही मधुर वाणी से भगवान ना पंचामृत मेहणा विविध रसों थे। यहां ठाकुर दिनों अभिषेक फंसे त्रिमूर्ति में अपने दर्शन करिए। और मूर्ति अपना हृदय नहीं अंदर हैवे। अ ने अपना संप्रदायों को थोड़ा बधा प्रसंग ऊंचे के तिहरे अंक तक दावे हवा समय या उत्सवों के भगवान ने मूर्ति ने अभिषेक ना दर्शन ही ने तो वाला भक्तों एक Jio ने भगवान बुद्ध धम्मा तेरी जाए। अनेक खास आदमी प्रार्थना अपने प्राण त्याग कर इसको क्या दुश्मनी अंदर हत्यारे महामारी जैकोबिन यहीं पर भगवानसर और इतने बधाइयां रक्षा करें। सर्व ना जल्दी स्वास्थ्य था है अपनी कर्मभूमि छह तो आप बड़ी सूरज बने। कि अमरीका ने अंदर जलता तमाम नागरिकों की अमेरिकन अनुकूल भगवान श्री हरि देवी सर्वभूतेषु करें भी प्रार्थना साते अत्यारे हुए। आपने महाभिषेक नो पूजा 9 प्रारंभ करिए। पहला अपने भगवान ना न्यास विधि तरफ जसोल तो झड़ने चमचे ख्वानी संकल्प करे। तो यहां पर हमारे झड़ने चमचे भरवाने अथाह न्यास विधि ही अच्छी त्रयोदश रमन दिवसीय अखंड आनंद और उसे है गायत्रिच्छंदसां यह अवतार श्रीकृष्ण भगवत देवता धर्मपुत्र 123 धर्म नष्ट कर धरती शक्ति ही भक्ति प्रवर्तक एवं श्री स्वामीनारायण विद्यार्थियों न्यासे विनियोग वह यार पध्दतियां महाराजा गिरधर बने सहाई 679 हमारे पुंढीर स्थान मार्किंग यहां यह ऊपर तुम्हारे हाथ रखवालों ने 73 बनी सड़क बनी। सर्वप्रथम भगवान ना बने अंगूठा नो स्पर्श कर वालों का पहला बता भगवान ना बने हाथ का अंगूठा नो ओम नमो अंगुष्ठाभ्यं नमः यार बहुत बिजी एंग्री ॐ भवतारिणी दर्जन एग्जाम नमः जय हो। ओम नमो भद्रभाव नमः। ओम अनामिकाअभ्याम नमः। ओम गणेश जी का ध्यान न महागठबंधन आत्मा ओम स्वामी नारायण महतो घनश्याम नमः यार बांधा यह ऊपर ॐ नमों हृदयाय नमः मस्तक पर ॐ भवतारिणी शिरसे स्वाहा सिख ऊपर ओम श्री स्वामीनारायण शिखायै वषट् बनने अंबानी अंदर ओम नमो कवच या होम बने अंदर ॐ भवतारिणी प्रभाव शख्स मस्तिष्क ऊपर फरावे ओम स्वामी नारायणाय नमः अस्त्राय फट। सर्वप्रथम नाटक कॉमेडी अंदर ओम आरंभ करो। ओम कर्म धीरे प्यार उमड़ में का वर्क आरंभ किए बिहार झारखंड प्रदेश ॐ शांताकारं कंठे यार बात भगवान प्रमुख मंडलगढ़ ओमप्रकाश आर्य मुखेड़ यार बाद नासिका ओम लेकर अपना सिक्योर हो यार बनने भगवान ने नेत्र कमांड ॐ स्वाहा कारण चक्षु ओह बने भगवान का गण ओमिका श्रम करने योर हो यार बाद भगवान् अलग आटे ओमना कर्म ललाटे यार मूर्ति जगह ले मस्ती थोड़ा को परमाणु पनडुब्बी से ओम राका रम्मू धनिया और भिक्षु पर ओम यह कर्म सिखाया नंबर ने अंबानी अंदर ओमप्रकाश रमेश चंद अय्यो हो यार बाद मस्तक खिलाड़ी उन्हें भगवान ने चरण संधि के उधर 1968 और क्रियाओं ओम यह कार हम सर्वांग यह समीप बांग्ला दर्शन करें। आप अपने इष्ट यादव निशान डेढ पुंढीर जवानी भगवान न्यास विधि आयोग प्यार बाद सर्वप्रथम हवे अपने भगवान का ध्यान करें। तो हाथ मा पुष्प निचोड़कर आखिर भगवान उड्डयन करिए। भगवान मूर्ति मां 6 प्रयोग ध्यान करिए। मूर्ति अपराधी नहीं अंदर भगवान जी विराजमान है कि हम आटे अध्ययन नमः। अरे ओ महक राशि रेखा पूर्व खाता खसरा का शहर झालरापाटन अधिभार में घोषाल शैतान गोलम हो। ओम भूर भुवा स्वाहा त्यौहार समर्पयामि अथावा नंबर दबाकर रखें। भगवान ने अपने हुआ था वानखड़े शहर ए ओ मां पूर्व पायलट घोषाल बंधुगंज जॉब लंबा होता महत्व सिंथ्राइड अतिथि उत्तिष्ठोत्तिष्ठ गोविंद सागर उड़द वजह होते कमलाकांता त्रिलोक मंगलम करो। उत्तिष्ठोतिष्ठ यॉर्क प्रभु धर्म सुनो दयासिंधो subscribe करो। गत छह भगवन अधीर वेश्यागामी सदा त्वं अनुभव ओम भूर्भुव वह अलार्म अलार्म भगवान श्री स्वामीनारायण स्थापयामि पूजयामि ऊं कुमार्यै नम है। सर्वप्रथम आपने ठाकुर जीना चरणों अपने अभिषेक करें। सो भरे ओम महत्वाकांक्षा महिमा तो ज्यादा युक्त चाकू रख। यह पा दुश्वार भूत आणि कृपा दृश्याम रतनदेवी ओम भूर भुवाह स्वाह। ओम शिव का निर्मल आमचा सर्वस्व गंदे संयुक्तम ऑप्शन अधिकतम करो शब्द ॐ भूर्भुव वफादार समर्पयामि पुष्प और अक्षत और अर्पण कर दो है। अरे ओ मां तेरे पापा दूध उदयपुर रखा बादलों से हुआ भगवत पुराण हाथों बिक भंगरा मसाण अभय ओम भूर भुवाह स्वाह। श्रीमद भगवत श्री स्वामी नारायण नमो नमः अंत्य हो और के जन्म समर्पयामि प्यार बार ठाकुर जी ने अपने बचपन खराबी सोएं ओम था वो मंजर लंबा-चौड़ा विराट झांकत विराजो अधि को रखा तरह थे। अध्यक्षता पंचायत भूमि मथुरा हां ओम भूर्भुव स्वाहा भगवती श्री स्वामी नारायण नमो नमः मुखे या भ्रमण एवं समर्पयामि तथा हकदार बौद्ध ठाकुर जिला प्रमुख आकर्षण अंशु धरती पर लाखो नाव से हर एवं तस्माद्यज्ञात् सर्वहुत होता है। संभवत अमरीका द्वारा जमा बस माहराज धनिया की जय हो। ओम भूर भुवा स्वाहा सांगा यह अनिवार्य भगवते श्री स्वामी नारायणाय नमो नमः यादव लाभ कृष्णम सामर्थ्य और मी तथा हां पंचामृतेन अध्यक्ष बी यार बाद सर्वप्रथम आपने ठाकुर जी ने पंचामृत मां के भक्तों धोएगी जद-एस आकर J5 द्रव्य इन्हें मिश्रण के व पंचामृत अय्या ठाकुर जिन्हें गांव थी दूध से अभिषेक से तैयार बाद प्योर घी महानिदेशक व 50 थे घृणा अभिषेक से मूर्ति ने हमारे साथी भगवान की जय हो। जय श्री चालू हो पाता और ना करें मिठी मिठी से में उठावे हो इसलिए उनकी ना चाहिए। आपने बता अगले भगवान उस बच्चे बच्चे जोरदार मेहनत करता जैसों को कम कर दो हुआ था है। सर्वप्रथम आपने ठाकुर विनोद थी अभिषेक करे सो अब कि चेतावनियां शुभेच्छा के लोकप्रिय था झाल झाला झाल झाल का लुट को एक का प्रथम प्रयास ना नंबर सर्वप्रथम ठाकुर विनोद थी अभिषेक हवाई जहाज मोड़ 6। अरे ओ मां पाया हृदय व्यायाम बायोखाद देखो पायो दिव्यंतरिक्षे पयो दधि हां पयस्वर अतिथि प्रदेश अहसन तोमर शुभेंदु घनश्याम महाराज धुंध जय हो। ओम मां यह पृथिव्याम् पाया खड्डे खोद दिव्यंतरिक्षे पयो दधि पति संतोष ओम भूर भुवा स्वाहा भगवते श्री स्वामी नारायण नमो नमः प्रथम स्नान समर्पयामि शुद्धोदकस्नानंसमर्पयामि शुद्धधोधक स्नानाम शुद्ध एवं समर्पयामि आखिर जो दूध अभिषिक्त आयोग तैयार बाद ठाकुर जी ने बीते वृद्धि हुई थी। आपने ठाकुर जिलों अभिषेक करें सोए लुट लो। जय हो ओम कश्तियों रावण महेश गौतम त्यौहार तम यज्ञ बताइए ॐ शुक्राय नमः राज्य ने जय ओम विकराल अधिकारी घनश्याम शर्मा विनोद कर्ण आयोगों की तारीख था। ओम भूर भुवा स्वाहा भगवते श्री स्वामी नारायण नमो नमः ओम गन अध्यक्ष नंद दिन अघि अघि पार करे ॐ भूर्भुव स्वाहा अनंत शयन अध्यक्ष नंद शुद्ध लंबा ओम देवस्य त्वा सवितु प्रवेश अश्विन और मुख्य पोषण और स्तंभकार ओम भूर्भुव शुक्रवार सुबह यह भगवते श्री स्वामी नारायणाय नमो नमः अधोक्षजाय नमः ओम समर्पयामि तैयार कर दिया उसे हटा दिया तो पुष्प ऑयल और पुष्प जो नृत्य हाथ में पुष्प लेकर ठाकुर जी थे रूद्र हो गए थे। अपने ठाकुर ने नौ विकेट खोकर हरे ओ मां ओ मां एग्जाम में मिक्स एक रहस्य योनी सभी तैरता समस्या धामा अनोखा दाणा 10 वाह रे तंबाकू से अविलंब ओम भूर भुवा स्वाहा वाहित्य भगवते श्री स्वामी नारायण नमो नमः दक्षिणां समर्पयामि कृष्णानंद झा अभिषेक करिए 2 लक्षणों में सुधीर कृष्णा समय जलन अधर्मी द्रव्य अभिषेक पंचामृत मदर जय हो ओम अधिक आता रहता है। यदि मधु क्षरंति सिंधव वाह वाह वेरना संतोष आदि मधुरक कबूतरों के पास बुमराह बाद उद्यमिता मधुबन वनस्पति राजधानी जय हो। लक्ष्मी नारायण डेढ मनी जय हो। ओम भूर भुवा स्वाहा भगवते श्री स्वामी नारायणाय नमो नमः चतुर्थकम मधुस्नानंसमर्पयामि मधु स्नानांते शुद्धोदक स्नानं समर्पयामि शुद्धोदकस्नानंसमर्पयामि समय जलन अधर्मी पांच सब्सक्राइब टो जय हो ओम देवस्य त्वा सवितु प्रवेश अश्विनों और बाहु व्यायाम पूषणो हस्ताभ्याम् ॐ तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो न प्रचोदयात् घनश्याम महाराज सहित जय कृष्ण कंहैया लाल की जय। हरे कृष्ण महाराज धुंध जय हो। ओम देवस्य त्वा सवितु प्रवेश अश्विनों और बहू व्यायाम पूषणो हस्ताभ्याम् ओम भूर भुवा स्वाहा संयुक्त परिवार आया भगवते श्री स्वामी नारायण नमो नमः अनधे ओम हुआ था वाहिद आया भगवते श्री स्वामी नारायणाय नमो नमः पंचम शर्करास्नानं हम समर्पयामि कहा शुद्ध जल से स्नान पहले शीघ्र ओम शुद्ध वाला अश्व द बुलेट मणि वाले कश्मीर ज़ोर उड्डयन अधिकारियों द्वारा पार जिन यह ओम भूर भुवा स्वाहा अविवाहित यौन के प्रति भांति श्री गणेश जी महाराज जी ओम नमः सब्सक्राइब समय यह मिश्रा शांति शुद्ध शुद्ध शुद्ध न धन मी ओम भूर भुवा स्वाहा पंचामृत ढूंढ और है जय हो ओम अथाह मिले तो पंचामृत से स्नान परमेष्वर ओम पंचायत यौवन अध्यक्ष सुदेश शुभ अवसर इस तरह ओम देवस्य त्वा सवितु प्रवेश विनोद और मुख्य पोषण अस्थाना घनश्याम बोलो गणेश महाराज ध्वनि बराबर क्रश नमः राजधानी है कि विश्व कवि मैं अभी तक आ जाइए हमारा टावर शहद में समाज एवं तक कहा रिवर्स से ओम भूर भुवा स्वाहा श्रीमन्महाप्रभु भगवते श्री स्वामी नारायण नमो नमः मिले पंचामृत स्नानं समर्पयामि मिले तो पंचामृतस्नानांते भगवान ने सुधरती स्नान करा दिए मिले पंचामृतस्नानांते शुद्धोदक स्नानं समर्पयामि शुद्धोदकस्नानंसमर्पयामि शुद्ध आवाज उन्हें जलन अधर्मी ओम भूर्भुव स्वाहा ओम इंद्र सिंह हरियाणा शीघ्र 6 बुलाया 20 इंच आर्मी ओम देवस्य त्वा सवितु प्रवेश अश्विनों और बाहुक श्याम पूषणो हस्ताभ्याम् ओम भूर भुवाह स्वाह शुद्धधोधक स्नानम समर्पयामी प्यार हमे अपने भगवानो कंटिन्यू अभिषेक जरिए थे पीपल आफ फ्रूट जूस ले बचे हैं हुआ था है हां ओके अ कि हत्यारे छैयां ठाकुर जी नो कंटिन्यू हवे अभिषेक हथौड़े से तैयार थे वे दोनों ही अंदर सर्वप्रथम अपने पुरुष मित्रों पाठ करें शो वाला भक्तों पुरुष सूक्त ले भगवान ना महिमा थी शहर का अघिकतम ने मंत्रों अर्थ समझाएं न समझें पर दिव्य एनी अंदर वर्णन करवाना हेलो 6 अनेक खास तो अ मूर्तियां दर्शन करवाना वाला भक्तों के भगवान और देवी अभिषेक है 6 फिर अभिषेक वाली मूर्ति का दर्शन अपना रहे नहीं अंदर इन्हें उतार था जमाना यात्री संतो दूध नहीं मिली पंचामृत व धावित पढ़ना रस तैयार बौद्ध केसर झाड़ चंदना नवरात्रि यह सा कुछ दिनों अभिषेक ही रहे थे। ओम तथा महविश ने कहा यह ओम शुभकरण इस राख सहस्रपात् भ्रम विश्वतो वृत्वा शुक्रिया तेरे फादर शान गोलम पोर्शे देवगम सर्वं यद्भूतं यच्च भाव्यम् उठता वृद्धत्व सनम यह याद अंधेरो रहते हे ताव न धर्म लुट शाह घनश्याम महाराज युधिष्ठिर विश्वास भिजवाने की कृपा 10 श्यामरतन द्विपाद उदयपुर उत्साह पहाड़ों से हवा पुणे टो विच वन अधिनियम अभिलेख चश्मा द्विरागमन अधम है तो पूरा या चोरों से यह विशेष फल देवा यज्ञमतन्वत अद्व संतोष कुशवाहा जी हम ग्रेस वृद्धाश्रम धवैए सप्ताहात संमृद्ध यह कृष्ण अवतार समझा लो। दिव्य ज्ञान इन थे अवधि लैंग्वेज शंभू पधारो से प्रसन्नता रोशन झा समग्र अतः बोलो हरे कृष्ण महामंत्र z40 ओम राधे राधे वाहन अधिनियम और नियम अपनी ग्राम विकास जय तस्माद्यज्ञात् सर्वहुत अ हरे चर्च सामानि जज्ञिरे छंदांसि जज्ञिरे तस्माद्यजुस्तस्मादजायत तस्मा 10 वाद्य यंत्र यह क्वेश्चन अधीर दशमा तस्मान अधिक ब्रह्मणों समाधि महरािजन [संगीत] अधीनस्थ को अग्रेषित चपराणा द्वारा ऊर्जा व तनाव यह आते सिद्ध अंतरिक्ष शमशुद्दीन अधिभार में दूसरों त्रातक तथा लोकायुक्त अख़ डा लुट 9App अंधियारा या ना यह विद्यालय गुना यज्ञ हमारे धंधे वाह तानी धर्माणि प्रथमान्यासन न ते ह नाकं महिमान सचंत यत्र पूर्वे साध्या संति देवा हर लक्ष्मीनारायण डेढ महिने चित्रकूट ॐ नारायणाय विद्महे वासुदेवाय धीमहि तन्नो विष्णु प्रचोदयात् ओम महादेव्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ओम घनश्याम आया विदमहे कृष्ण प्रियाए धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् जय हो। ओम सहनाववतु सहनौ भुनक्तु सहवीर्यम् करवावहै तेजस्विनावधीतमस्तु मा विद्विशावहै शेयर ओम झा शांति शांति शांति राज्य ने तमिलनाडु के बराबर ओम ठाकुर उत्सव हवे नारायणों काम आए तब प्रजा श्री जयराम नारायणा प्रणव झा यदि मनत सर्वेंद्रियाणां झालवा और छोटे रामप्रवेश वस्त्रधारिणी नारायणा कुमार झा यदि नारायण अपने मित्र शायद एक नारायणा दिन रोझा यदि [संगीत] नारायणा प्रजा व तरफ बजाय जब नारायणा द्वादश आदित्य हरिद्रा वस्त्र और वाणी चंद दिन शेष नारायण आदमी एवं अध्ययन ढेर नारायण पहली अंधे नारायण प्रवर्तन ढेर ओम अथवा मृत्यु हो नारायणा ब्रह्मा नारायण हरिवंश नारायण आ सकता क्रश त्यौहार प्रथम व्यवसाय नारायणा नारायणा नारायणा ॐ नमो नारायणा अध्यक्ष डा ए प्यून हर हंद रॉकस्टर नारायण हरि नारायण ने वे रघु सर्वं यद्भूतं यच्च भाव्यम् [संगीत] निष्कलंक निरंजन तो निर्विकल्पो निराकार अध्यक्ष सुधीर व्यास नारायण हनत वीडियोस विकसित एवं मृदा सर्वेक्षण और एवं भगवती श्री विष्णु एवं भगवती ओमित यह ग्रह यह रे न धन नारायणा यह रिश्ता ओमित्येकाक्षरं ब्रह्म न धोए धोए अक्षर ए धारणा यह बन च्यौल यह तत्व नारायण श्याम क्रम भ्रम यह वे नारायण में का रिश्ता श्रम प्रधान के अलावा प्रो व सर्वमान्य रहते विंदते प्राजापत्य घुमरा यश पोर्शन गांव पधारे तो उम्र तत्व मशीन 13th अमृतत्व मशेद एवं विद अब व्रत यह आनंदम ब्रह्मा बोरो संपूर्ण व स्वरूपम अकार उकार मकार हितेश ताने गधा संभवत तौ मे है यह मुफ़्त व मुक्त योग न धीम तना ॐ नमों नारायणाय मंत्र का अवलोकन गमिष्यति तांबरम डरे कम विज्ञान जनम तस्माद्धि भ्रम ब्रह्म योद्दा के पुत्रों में श्रवण यह मधुसूदन ओम सर्वा बोध अवस्था मे कम नारायणम कारण रूप में कार्य भ्रम होम यह अथर्वशीष रॉ योद्धे प्रातरधीयानो रात्रिकृतं अंबा बमना अतिथि संयंत्रों दिवस अकड़ बम बम यह यदि माध्यंदिन हम आदित्य भीम को चयन अधीर वे पारायण पधे नारायण शायद जवान ज्योति नारायण शायद जवान ज्योति एवं विद रहेगी यह हमेशा सही ॐ नारायणाय विद्महे वासुदेवाय धीमहि तन्नो विष्णु प्रचोदयात् झाल ओम् महादेव्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् आइंदा ओम घनश्याम आया कि दमाहे हरे कृष्णा अय्यर मई सन ने स्वामी प्रचोदयात् आइत घनश्याम महाराज शनि भक्तों को इस यह वाला भक्तों ठाकुर दिनों दूध मीडिया वजह द्रव्यों से अभिषेक हजारों प्यार बाद अवे विद थोड़ा देर आफ्टर अवर्स इन थे यह अभिषेक अथवा जीरो छह इन अपने मूर्ति दर्शन करिए हुआ है हुआ था तथा फलों धके रचना परमेज़न ओम जहाले निरजा अफला पुष्पा यादव पूछेगा लोग घनश्याम वह राज्य ने ओम जहा भले नूरजहां अफला बूपा जा सका पीड़ित है बृहस्पति पर होता सांवरो बच्चन भ्रम यह शहर ओम देवस्य त्वा सवितु प्रख्यात अश्विनों और बाहुक ख्यातनाम पोषण और इस ताजा बयान ओम शुभ एवं विश्वास छम विश्व संभोग हम विश्व नारायण दास एवं अक्षर अंबर हम प्रॉब्लम विश्व में वेलकम ब्रो संस्थागत निवेशकों का उद्देश वर्ष या आत्मेश्वर गुमशुदा दाता गुरु साहिबान अधिकतम नारायण महायज्ञ एवं विश्वात्मा नंबर परायणम नारायण पर ओं ज्योति रात मा नारायण प्रभु नारायण परम घाघत्व नारायण प्रभु नारायण प्रधान रामनारायण पर रॉ बोलो हरे कृष्ण महाराज गणेश जय हो। ओम यकिन ज्यादा सरवन राशि [संगीत] वालों अंदर वह इस चक्रव्यूह यॉर्क स्थित अतः अनंतम अव्यय शब्द दम विश्वास संभवम आत्मा को सबस्क्राइब एक अध्ययन अधिक जोखिम अधिक पॉर्नस्टार वे तस्यां शांतिं लाभ कामों पर रितेश उठाते समय जवानियां विश्वसनीयता नंबर अत संतान उम्र से लाभ को लंबा हत्या को शनि एवं तस्यां शांतिं गुमशुम 10 अमीर वृद्धि स्थितं तथ्य यह नक्षत्र विश्व वास्तव में हुआ था सो ग्रह भ्रंश न धन लक्ष्मी नारायण डेढ ध्वनि उत्पन्न अधिक है। जय हो ओम नारायण आर्य विद्महे वासुदेवाय धीमहि तन्नो विष्णु प्रचोदयात आइदर ओम् महादेव्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् आइदर तो ओम घनश्याम बताया कि The Amazing रोशन आयोध्या माय तनक स्वामी प्रचोदयात् आइल त ओ मेरे भ्रमणार्थियों वर्णांध रिक्शा महित्वा उपस्थिति दे व्यक्ति निबंधा मन्नत यौधेय अयंगर प्रश्न रख यौन इन थे हर तरफ प्रयत्न सुबह अरे घूम श्याम विराजै तिवारी पतंग हां यहां से शीघ्र प्रत्यक्ष या महज टो बे ए पर्सन या प्राण अपान उन अधना व्याख्या नमः इस अफवाह अथवा आखिर दफ्तरों व फोन विधायक व्रत यह लक्ष्मीनारायण डेढ मनी ओम शांति ओम प्रकाश यादव हद टो बे ए पार्शियल प्राणापान अनधिकत वाला व्यक्ति पर हुआ था वर्ष या शुक्ल पक्ष गहन अध्यन भरण मेज़ वसुंधरा के बाद व सुधीर वी भाड़ सईद ब्रह्मा वर्चस्व पितृणां कम सार्थक छोर मनोहर देवी हिरण्यगर्भ कुंठित वीरवानी सदानशर त्यौहार सिद्ध समुद्रवर्ती सावित्री यह नो देवी महंगी महंगी धणी म्हारो बारिश नंगे सिंह या विभिषण इंद्र प्रति व्यक्ति निवेश वृद्धि हुआ था वायु मत यौवन-धन अधिक वृद्धि शो अर्ध संयोजक ओम धनुर्द्धरा यह सर्वसिद्धि चाहिए तन्नो धारा प्रचोदयात् ओम धनुर्द्धरा युद्धमे सर्वदा सिद्ध यदि महान संत जरा प्रचोदयात् आइस तक ॐ नारायणाय विद्महे वासुदेवाय धीमहि तन्नो विष्णु प्रचोदयात् ओम महादेव्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ओम घनश्याम महायुद्ध माय हरे कृष्णा यह धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् आइस तक ॐ एकदंताय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो दंती प्रचोदयात् ॐ तत्पुरुषाय विदमहे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्र प्रचोदयात् ॐ भागीरथ च विद्महे विष्णुपत्नी च धीमहि तन्नो गंगा प्रचोदयात् आइस दत्त ओम सुदर्शनाय विडमहे चक्रधार धीमहि तन्नो चक्र प्रचोदयात् आइत ॐ आञ्जनेयाय विद्महे पद्मा गर्भवती धीमहि तन्नो शनि प्रचोदयात् आइस ओम भूर्भुव वाह भगवते श्री स्वामी नारायणाय नमः ओम गणेशाय नमा यह नमः ओम कृष्णाय नमः ओम लक्ष्मी नारायणाय नमः ओम यह छंदा शाम ऋषभ का विश्वरूप पहल छ्न ढुगों अमृत आणा संभव कि सवेंद्र विध्वंश प्रणव तो अमरुद देवड़ा कारणों भिगोया शम सवेरे रमेश वितरण ओम गिफ्ट मे मध्यमा कारण आरंभ को रमेश एवं ब्रह्मणों को शुद्ध यह पूरी तरह रुस्तमे को पायल वह अंतिम वेतन निभाना कुरु भेजना हलवा शाम शुभेच्छक घनश्याम महाराज ने सत्संग ॐ यश ठंडा अ शाम रोष भरे स्वरों बाह छ्न ढुगों थम रहा तो संभव समय उन्होंने त्यौहार प्रणव तो ताम्रों तपस्या देवर धारण अभय यह सं अछि तं है विचार शरणम इरफान है मध्यमा कारण आप झांबरे विष्णु एवं ब्रह्मा राणा को कुंठित रुस्तमे हो पाया था वह अंतिम वेतन हुआ था और भ्रूण आप चीनी रमाकांत मनोहर वाह सकून श्रीमद भगवत स ह न भावै नैहरवा दाणा तत्व मे श्री मां बाहर लोग शाम सब्सक्राइब हां यंत्र प्रॉब्लम हजारे स्वाहा हिमालयन तो ब्रह्मचारी न स्वाहा प्रभावन तो ब्रह्मचारी न स्वाहा में दहाई अंक ब्रह्मचारी न स्वाहा क्षमा अयन तो भ्रम हजार हंसवा हां यह सो जाने सामने स्वाहा श्री यान वसा हानि स्वाहा घनत्व भक्त प्रविशेषण स्वाहा संभाग प्रभारी साग स्वाहा ओम घनश्याम आयुध अमेज़न हरे कृष्णा धीमहि तन्नो विष्णु प्रचोदयात् ओम घनश्याम आया रे हरे कृष्णा धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ॐ नारायणाय विद्महे वासुदेवाय धीमहि तन्नो विष्णु प्रचोदयात् जय हो। ओम महादेव्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् [संगीत] ॐ एकदंताय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो दंती प्रचोदयात् ॐ तत्पुरुषाय विदमहे महादेवाय धीमहि तन्नो रूद्र प्रचोदयात आइंदा ओम शांति शांति शांति ओम हरि ओम [संगीत] 651 है सुझाव शो मोर हु यह हुड़क सरल है तेरा प्यार ठाकुर जी ने अमित भडाणा रसोइया झाला को तैयार ठाकुर दिनों के सर्जरी अभिषेक था यहां पर और सदानंद स्वामी चेहरा जन मंगल स्तोत्र इन अपने पाठ करें। इससे भक्तों ने अवर तू हो तो पिछड़ मारी 75 में बता देगा ही सकून की तरफ स्वामीनारायण महेश स्वामी ओम नमः शिवाय भगवान नो ना मिले वांचो हैं तथा धन मंगल स्तोत्र ओम नमो नमः श्री हरा यह धतूरा या व्यक्ति भक्त इधर मांग झाल्या भक्ता कल्पद्रुम आया चाहिए। अश्वगंधा कुशवाह राधे-राधे रूप हर व्यक्ति है संबोधित अयर भक्तों घर सितंबर धन अधाम न ध्यान भंग लाख व श्री हरी स्तोत्रम स्तोत्र महान दृश्य श्वेता नंदा शेयर अनधे देवता धार्मिक एवं प्रबंध निदेशक कृषि भक्तिन अंधेरा कम चतुर्वर्ण्य यहां पर होगा कि आज ध्यानं भर निवेश श्रवणीय दर्शनम मंदिर और चिराग नाम आज हम लुटब धर्मनंदन महम विजेंद्र यह श्री कृष्ण श्री वासुदेव नारायण प्रभो से भक्तों धर्मात्मा झन माह कृष्ण नारायण हरे हरे कृष्णा घनश्याम धार्मिक को भक्ति नंदन हर बहुत मधुर और शुद्ध राधा कृष्ण अध्ययन हर जितेंद्र आयोजित हर त्यौहार शिकायत घनश्याम महाराज जय हो। 198 कालो ओम योगेश्वरो योग क्लास प्रवृत्ति रच्यौ इन थे परमहंस जी तीर्थकर उत्तराधिकार की तरह के समान रे शबद धुन धारण इस प्रस्ताव पर यह क्षेत्र में इस वर्ष प्रथम दृष्टया ब्रह्म विद्या प्रवर्तक कह 506 लैपटॉप स्वरूप काजल स्थिति प्रशांत मूर्ति निर्दोष छोड़कर उपाधि मोहन हक अधिकार उन्हें नियुक्त धर्म प्रवर्तक हक महाव्रत असाध्य से असाध्य प्रपोज यह किम सख्या प्रस्तोता साकार ब्रह्म अवर्ण हर स्वामी नारायण स्वामी निकाल दो शनिवार का हक सच्चा समय सत्य समाधिस्थ अधिकार का यह कृष्णा स्थापना का रास्ता भूल ट्वीट कल इतवार का हक़ प्रकाश स्वरूप और निर्धन व सर्वजीत मोहित वाह भक्ति संपोषक गोस्वामी चतुर्वर्ग फलक प्रदाह निर्मल सर ओ भक्त वर्मा धुंधला की पावन हर अवधारित ब्रह्मधाम आधार शकश बावरा जी तहां संभ्रांत खेलते सूक्ष्म जीव चिन्ह उद्धारक सहजानंद प्रसाद विविध धर्म प्रवर्तक यह कंदर्प दर्प दलन ओं वैष्णव पुकार का हक पंचायत लहसुन मनोस्थिति का व्रत आवश्यक हक प्रकार भवन इस प्रभात शक्तियों प्रतिज्ञाओं फत्तावत सलाह और ओशो दुर्गंध से जड़ों में विजय अक्षर महक निरहंकार उत्सव
शुभरात्रि जी। भ्रष्टाचार में हुई एडजस्ट लुट MP3 लुट। सहजानंद स्वामी महाराज। गणेश जय जय। यह साधा घोड़ों स्वामी प्रभु जी आयोग सदस्य। गुरुवार मेज़ साफ़। हजुर नंदा यारों शाहजहां नंदलाल यारों। भवन दबा हुक्मनामे झा यादव चरण सरोज व तमारा वन ठुकरा जोड़े प्रभाव वाहनों क्रॉस जो लड़े चरण शेषधर। यदि वितरण सिद्धपुर और यदि धोखा ना ख्याल तोड़े। जय हो। ए प्लू नारायण नारायण झा लक्ष्मी झगड़ा तनु धारे प्रभावित मजाक उड़ तंत्र धारे पावर रौंद दिया योद्धा है। यह हमारा बांध दयो धार्य अगणित अण्णा रे या रे या रे नित्यानित्य 9th मई लीला करता था या विनाश भई प्रभु का त्यौहार से भाड़ सट्टा तीर वितरण अड़सठ तीरथ चरण कोटि का। यहां कुशवाह यौन पुरुष वर्तमान प्राण गठन उज्जैन कि अगर सनम कर से प्रभु जी ए ग्रॉस सनम का रस देते हैं। कान अधिक छोटे कार्यक्रम आदि को ट्यूमर साहेब तरफ से सजाया रे बजाओ यादव आदि। यह वस्त्र और करूणानिधि करुणा वानखेड़े रे प्रभु कारणों खेड़ मौताणा नंगा केम ओं तिमों कहा नंगा करके भूखे होते सुवामा करेंगे। उद्देश भ्य सद्गुरु स्वामी त्यौहार गुरुवार वे प्रभु दया राधा स्वामी सहाय झाला ना दारों सारा सौनदयण ओब्रॉयन दबा होनहार अमेज़न जाए या रेव यानि कानि च पापानि जन्मांतरकृतानि च मां तानि सर्वाणि नश्यंतु प्रदक्षिण पदे प्रदक्षिणा नमस्कारान् समर्पयामि।
हथियार त्याग ढलते ही देवा अभिवंदन नमस्ते ही देवा अभिवंदन। अम्मा तुम्हारी आरती लेवाने पांच व कल्याणार्थ आत्मा व नमः ओम। हां बोलो गणेश श्याम महाराजांनी जय लक्ष्मी नारायण देव वाणी। जय नारायण नारायण देवानी जय व भक्तों अजय अपना मंदिर महावीर आस्थान वाला घनश्याम महाराज नोबिता पाटोत्सव स्वरणों परम पवित्र दिवस धन अध्ययन ने महाराणा अभिषेकम टो लॉर्ड पार्श्वनाथ मंदिर मां ही मंदिर मां मंदिर का पाटोत्सव। सब्सक्राइब करें। नसीब नसीब प्ले स्टोर कि वह मंदिरों और महलों फैला हो यह कारण के जेवर भक्तों द्वारा भगवान ने अवतार सुंदर मजा ना लाड लड़ाओ मां वैष्णो कटरा बाजार थे। भगवान राजीव तथा अक्षय ओबेरॉय दूध दही घी खांड मद रफी शास्त्रों शास्त्रीय विधि विधि विधि भगवान पूजा था और था विशेष भगवान को बर्थडे विश है। यह राज़ी you पर उतरना पड़ा पेस ने अपने जोड़ीदार ना भगवान घनश्याम महाराज लक्ष्मी नारायण देव ने राधाकृष्णन ने तमाम चरणों में प्रार्थना करें। परिवार में सुख समृद्धि तथा संतों प्रत्यय जो प्रत्यय जो प्रत्यय उत्तरोत्तर वृद्धि भगवान श्री चरण में अपने की प्रार्थना करिए। अच्छी है सुंदर मजा रमणिया लाभ लीधो 6 हम तो कथा ने बंदूक करूं तू पड़ा करुणाकरण ने यह संकल्प पड़े बाकी से पहले अपने संकल्प पर टूट समझदार हैं। आप अपसेट लिए तथा पूर्ण करिश्मा ने अपना जजमान पद आप बड़े धूमधाम से उत्सव पणिया करी सूख पर हत्यारे अपने आइकॉन कारण जरिए थोड़ा कुमार पाटोत्सव पड़े तैयारी परिपूर्ण था। यह जो भगवान इच्छा ऑप्शन है सबमिट व महीना में अधिक मास व्यवस्थित अधिक महीना मा पण अपने पाटोत्सव ने जोनाथन रॉस लाभ न थी मालवा ओपन अधिक महिलाओं पाटोत्सव अपना मंदिरों हथौडे लिए अधिक महिलाओं पाटोत्सव वड़े को इन्हें न थी फाड़ एक कोई नहीं इच्छा था तो समय जरा भी शक उन्हें अधिक महिलाओं पाटोत्सव अपने ऑफिस रिते धूमधाम थी जो सेवक तथा पंथा विततो आधुनिक तथा ने पाटोत्सव मनाया। ज्वाइन कोई भी यह था यहां पेड़-पौधे लुटावे आधे दाम दूं थे सबमिट एवं आकर्षक हुए।
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साथ परम पूज्य कि श्रीकृष्ण जीवन दास जी स्वामी पदयात्रा से राजकोट गुरुकुल आदित्य शास्त्री जी महाराज श्री धर्म जीवन दास जी स्वामी धर्मदेव अंदाज से स्वामीनाथ छल्ला शेर एक पुज्य कृष्ण जीवन स्वामी ओम ने अंतरराष्ट्रीय ने खूब बज सतगुरु संतों ने सेवा भजन भक्ति करने के बीच राज्य के रहते हुए अपने व्यापार टो थम आधारित ने से वापिस तरफ मंदिर प्रतिबद्ध तीनों प्रदेश या बिहार में अच्छे से अब्सोर्ब साथ मलिक हजारों अंतर चाहिए हुआ था प्रॉब्लम्स आफ हुआ था यह उस पर यह पता कोट 27 अगस्त या शब्द हल माड़र 966 अपने अज्ञान व अन्नकूट उत्सव ने आदित्य तो मेरे प्यारे पांचों ऑनलाइन अधिवक्ताओं ने अगली रॉ के ऑनलाइन हंट ने आरती भगवान ने था बोला से अनुकूल ढूंढ दर्शन करवाओ तो आप 11058 दादर से स्वस्थ ऑनलाइन से भक्तों दर्शन करेगा चाहे 11 व ऑनलाइन शो झाल।