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Sufiyana Pyaar Mera | Saltanat ke ghar aaya Zaroon | FULL EPISODE-04 | सूफ़ियाना प्यार मेरा

STAR भारत21:23

Transcription

सुफियाना पेक सुफियाना [संगीत] [संगीत] [संगीत] छोड़ दो आचल जमाना क्या कहेगा? छोड़ दो आचल जमाना क्या कहेगा? इन अदाओं का जमाना भी है दीवाना। दीवाना क्या कहेगा? वहां छोड़ दो आर जमाना क्या करेगा? [संगीत] [संगीत] [संगीत]

एक्सक्यूज मी आपको गलतफहमी हो रही है। तुम हमेशा ऐसे ही प्यार से बात करती हो या फिर नहीं? नहीं। आपको देखते तो प्यार जाग जाता है। मुझे पता है हम बहुत ही अलग और डिफरेंट सिचुएशन में मिले हैं, लेकिन हम आखरी बार नहीं मिल रहे हैं। [संगीत] पक्का नेक्स्ट टाइम जब भी मिलेंगे ना, तुम्हें छोड़ के नहीं जाऊंगा। [संगीत]

सल्तनत हम दुल्हा तो कायनात बहन जी का रहा है। तू किस खुशी में मेहंदी लगा रही है? मैं सोच रही हूं कि अगर कायनात का दूल्हा मुझे पसंद आ गया [संगीत] तो वैसे भी मैडम जी को ना बहुत बड़ी गलतफहमी है कि उसके हिस्से की सारी चीजें मैं ले लेती हूं। ठीक है, लेकिन फिर हम उस क्यूट वाले मेहमान का क्या करेंगे? उसे ना हम अपनी नीली गिफ्ट कर देंगे। एक्सक्यूज मी मुझे कोई शौक नहीं किसी उतरन पहनने का। समझी ना? अच्छा ठीक है, आना दिखा देना। चेहरे पर मेहंदी लग गई तो मुंह लाल हो जाएगा। सीधा कर, उसको ऊपर कर, सही से कर रही हूं ना? या जान, आगे दुपट्टा।

सल्तनत आपकी नई तालीम ने बुजुर्गों के सामने आपके सर से दुपट्टा भी उतरवा दिया। मिया जान माफ कर दीजिएगा, वो सर पर मेहंदी लगी है इसलिए दुपट्टा नहीं लगा पाई। तो नई तालीम ने ये भी नहीं सिखाया कि लड़कियों को अपने जाती काम घर के उस हिस्से में जाकर करना चाहिए जहां मर्दों का आना जाना ना हो। मिया जान नई तालीम ने तो नहीं, मगर मजहब ने जरूर यह सिखाया है कि लड़कियां अपने बाप, दादा, भाइयों और बेटों के सामने खुले चेहरे और खुले सर तो क्या, सज-तज कर भी आ सकती है। कुरान पाक सूर नूर आयत नंबर 31। मगर फिर भी अगर आपको बुरा लगा हो तो माफ कर [संगीत] दीजिएगा। जल्दी कीजिएगा, वो लोग किसी भी वक्त आते होंगे। इसे ना उस तरफ रख दीजिएगा और और एक नजर जरा किचन में भी देख आइएगा कि कहीं कुछ छूटा तो नहीं। मैं अभी आई। हां, तुम समझ गए ना? सब बात। ऊपर के रूम की सफाई करवा दो। वो लोग ऊपर ही रुकेंगे। ओके नदीम जी। मिया जान नदीम फोन करके हमजा से पूछो तो सही कहां तक पहुंचे हुए लोग? जी जी बेहतर मिया जान। मैंने उनको अभी फोन किया, वो लोग कभी भी आते होंगे। बेहतर कायनात [संगीत] इसको क्या हो गया? तने कायनात को देखा तो पहले जान को देख, दुपट्टा। मैडम ने अभी से शर्माना भी शुरू कर दिया। मैडम जी माना तो आपने भी शुरू कर दिया था जब आप उसके इतने ही गरीब थे ना, तब? या कहना क्या चाहती है? मैं कहना यही चाहती हूं कि ख्वाजा गरीब नवाज के सदके में ना मिया जान की दोनों पत्नियों को ठिकाने लगा दिया। अल्लाह ताला ने एक को यहां तो एक वहां। सिर्फ दोस्ती की होके उसे कोई और नाम देने की कोशिश ना। सल्तनत बेबी, कायनात ओए होय कायना बेबी। अब तो शर्माने लगी है। पता है मैडम अबके ना होने वाले शौहर के आने का वक्त हो गया है तो थोड़ा साथ श्रृंगार कर ले। चलिए अब? नहीं नहीं नहीं हम हम ऐसे ही ठीक है। हमें सजना-सवरना नहीं है? क्या कायना तुम कितनी बोरिंग हो? देखो मेरे पास एक बहुत ही सॉलिड आईडिया है। आज तुम्हारा मेकओवर सल्तनत करेगी। व्हाट? क्या हुआ इतना क्यों सोच रही हो? देखो इतनी जीद भी ना हमेशा अच्छी नहीं होती है। चलो ना थोड़ा सा मेकअप कर लेते हैं। चलो, हमने कहा ना कि हमें मेकअप नहीं लगवाना है। मिया जन हमेशा कहते हैं कि खूबसूरती बनावटी नहीं, सादगी में होती है। पर मैडम जी अब एक दिन मेकअप लगा लेंगी तो इसमें खराबी क्या है? हमने कहा ना हम जैसे हैं बिल्कुल वैसे ही ठीक है। कायना तुम्हारे लिए कनाडा से दूल्हा आया है। ओके वो तुम्हारा ही रहने वाला है। तुम मेकअप लगा लो ना यार ये लड़की नानी अजीब है यार। चल छोड़ इसको। [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत]

अस्सलाम वालेकुम या जान। वालेकुम अस्सलाम। माम [संगीत] मामूं मेरे बच्चे, मेरे भाई की निशानी। यह हमारी बेगम। सलाम वालेकुम मिया जान। वालेकुम सलाम बहन। [संगीत] खुशामदीद। बरखुरदार नहीं नजर आ रहे। आपसे मिलने की खुशी में उसे पीछे ही छोड़ आया। जार [संगीत] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] यार ये तो ये तो बड़ा पटोले बाज़ निकला। अभी मैं जान से शिकायत ठीक कर लूंगी। तुम किसी से कुछ नहीं कहोगी। पर वो कर रहा है क्या? समझ लो बाकी लोगों की तरह हम भी इसे आज ही मिले [संगीत] हैं। माशाल्लाह [संगीत] सलाम वालेकुम। वालेकुम अस्सलाम बेटे। [संगीत] [संगीत] तुम वही हो ना जो अजमेर शरीफ में ख्वाजा साहेब की दरगाह पर हमें मिले थे? [संगीत] जी। इतना छुप कर आने की क्या जरूरत थी? तुम्हें लेने के लिए तो हमने बहुत से लोगों को एयरपोर्ट भिजवाया था। नवीन क्या हुआ? [संगीत] एक्चुअली आपके पोते की जिद थी। हिंदुस्तान अकेले देखेगा तो कैसा लगा आपको हमारा हिंदुस्तान? सोने से भी ज्यादा [संगीत] खूबसूरत। और हिंदुस्तानी जितने खूबसूरत उतने ही चालाक होते हैं। कुछ और हैं और दिखते कुछ और हैं। अब सारी बातें क्या यही खड़े-खड़े करेंगे हम लोग? बड़ी बहू जी। जी मिया जान, मेहमानों के लिए नाश्ता? जी जी नाश्ता तैयार है। हमजा बेटा इनका सामान अंदर रखवा दो। जी मामू। मामू आओ। [संगीत] [संगीत] जी अलाम। नेक्स्ट टाइम जब भी मिलेंगे ना, तुम्हें छोड़ के नहीं जाऊंगा। [संगीत] हो। [संगीत] [संगीत] [संगीत] कायनात [संगीत] बेटा कैसा लगा तुम्हें अपना [संगीत] दूल्हा? जो बेटियां अपनी मां और अपने बड़ों के कहने पर चलती हैं उनके साथ हमेशा अच्छा ही होता है। ऐसा प्यारा शहजादा जैसा दूल्हा मिलता है उन्हें। कायना बे तुम्हें अपना दूल्हा कैसा [संगीत] लगा? अम्मी हम उनसे मिल चुके हैं पहले। कहां? अम्मी हम अजमेर दरगाह पर उनसे अचानक टकरा गए थे। निकाह से पहले अगर दुल्हा दुल्हन एक दूसरे को छुप-छुप के मिले तो दुनिया उन्हें बेगैरत कहती है। कायनात मां की तरबियत बदनाम हो जाती है। बेटा सारण से मिली तो सल्तनत भी थी। अम्मी हमारा और उसका टकराना तो बस एक इत्तेफाक था। मगर सल्तनत तो बकायदा दोस्तों की तरह सगी ना सही चचेरी ही सही। सल्तनत तुम्हारी अपनी बहन है। कायना बहनों के बारे में बुरा नहीं सोचती बेटा। और वैसे भी तुम्हारे मिलने में और किसी और के मिलने में बहुत फर्क है। कायना तुम्हारा और जार का निकाह तय हो गया [संगीत] है। बस ख्याल रखना। हा बेटा जब तक वह लोग पूरी तरह शिफ्ट नहीं हो जाते तुम अपना नाश्ता खाना यही मंगवाना और घर में कहीं और भी जाना हो ना तो पर्दे में जाना। ठीक है जी अम्मी। कायना बेटा जार तुम्हारे लिए यहां आया है और तुम्हें ही मिलेगा। चल पास मत करना मेरी [संगीत] बच्ची। मिलेंगे नहीं [संगीत] अम्मी। मगर छुप-छुप के देखेंगे [संगीत] जरूर? क्या सारे पैसेंजर्स बाहर आ गए या कुछ बाकी है अंदर? क्रू तो सामने गया है एंड आई एम द लास्ट वन टू पिक माय लगेज फ्रॉम द बेल्ट। कनाडा में मेरा एक दोस्त है उसका नाम भी जार शाह है। [संगीत] नेक्स्ट टाइम जब भी हम मिलेंगे तो मैं तुम्हें छोड़ के नहीं जाऊंगा। सलाम [संगीत] वालेकुम। अरे यार सल्तनत ये तो कमाल हो गया यार। मतलब सुनना जार इंडिया आया था कायनात के लिए पर वो दिल तो तुझे दे बैठा। यार सुनना, क्या? तो मामू से बात करूं? नीलम आज के बाद यह बात अपनी जुबान पर भी मत लेकर आना। पर क्यों? वह कायनात के लिए आया था। कायनात का ही रहेगा। ठीक है सल्तनत। मान लेते हैं कि वो कायनात के लिए आया था वो कायनात का था लेकिन मैडम जी जब आपका नन्ना सा दिल आपसे सवाल करेगा तब आप क्या जवाब बोलोगी? बोलना क्या जवाब देगी? [संगीत] तब अपने दिल के हर सवाल का जवाब है मेरे पास। नीलम और वैसे भी मेरे दिल ने उसे एक दोस्त से ज्यादा कुछ नहीं समझा [संगीत] है। ये तो बीबी जी आपको मिया जान बुला रहे हैं। आप चलिए। हम लोग आते हैं। [संगीत] नीलम ये जो मेरा दिल है ना ये एक पल में ना तो किसी का होता है और ना ही किसी को अपना बनाता है। चल अच्छा सुन। रुक सल्तनत। जरूर हमारे भाई मिया यानी कि तुम्हारे दादा बिल्कुल तुम्हारे जैसे थे। यही शक्ल-सूरत, यही अंदाज और यही क़लम थी। मगर मिया जान इसकी जो आदत है वो बिल्कुल अलग है। अब्बा वक्त के मामले में बिल्कुल अंग्रेज थे। खाना, सोना सब कुछ वक्त पर। मगर ये जनाब जो है वह वक्त को अपने हिसाब से चलाने की कोशिश करते हैं। बिल्कुल नवाब हैं। जमाने के साथ लाइफ स्टाइल भी तो बदलता ही है ना। मिया जान और जो जमाने के साथ नहीं बदलता वो पीछे छूट जाता है। नियान आपने बुलाया? आओ सल्तनत आओ। तुम्हारे एक और हम ख्याल यहां [संगीत] आए। हम इसे तुम्हारे हवाले करते हैं। [संगीत] [संगीत]