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Open Live Stream for Momins || ExMuslim Sahil

ExMuslim Sahil Official6:41:15

Transcription

लेडी एंड जेंटलमैन, मे आई हैव योर अटेंशन? 10, 9, 8, 7, 6, 5, 4, 3, 2, 1! वेलकम!

ब्रेकिंग लाइ ऑफ़ मौलाना एंड मु ऑन माय चैनल एक्सपोजली साहिल ऑफिशियल। स्टेज के अच्छा डिस्लेमा, हम वाक और अभिव्यक्ति स्वतंत्रता के बारे में भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19 का पुरजोर समर्थन करते हैं। उदाहरणों, छवि और संदर्भ सहित वीडियो केवल मनोरंजन, सूचना और शैक्षी उद्देश्य के लिए प्रदान किया गया है और चैनल किसी अवै गतिविधियों को बढ़ावा, प्रोत्साहित नहीं करता है। हमारा मकसद केवल समाज जागृत करना है।

जय हिंद! आदाब, सलाम, प्रणाम, नमस्ते, सत श्री अकाल! आप सभी का स्वागत है आपके इस चैनल एक्स मुस्लिम साहिल ऑफिशियल पर। उम्मीद है आप लोग अच्छे से होंगे। दोस्तों, मेरी आवाज आ रही है तो प्लीज एक बार कंफर्म कर दीजिए ताकि आज का सिलसिला हम शुरू कर सकें।

आवाज आ रही है? जयलाल सकलानी साहब कह रहे हैं आवाज आ रही है। विक्टिम ऑफ काफिरो फोबिया कह रहे हैं लाउड एंड क्लियर। सेतु कुमार जी आवाज नहीं आ रही है तो आपके हेडफोन में या फिर आपके स्पीकर में या आपके मोबाइल में कुछ मसाइल हो चुके हैं। बराए मेहरबानी जरा किसी मौलाना के पास आसपास की मस्जिद में ले जाएं और दुआ करके फूंक मरवाएं। हो सकता है कि आपका फोन जो है, आपका स्पीकर, आपका हेडफोन दुरुस्त हो जाए और आपको जो है वो हमारी स्ट में आवाज आने लग जाए। गादी इंस्टट्यूट ऑफ अतरंगी जलेबी कह रहे हैं आ रही है। थैंक यू सो मच।

तो एडवोकेट इनोवेटिव क्राफ्ट साहब कह रहे हैं आज भी लेट हो गए यार। मैं एक हफ्ते से बहुत, थोड़ा पर्सनल इश्यूज की वजह से काफी परेशान हूं। फिर भी आप देखिए कि मैं आज स्ट्रीम कर रहा हूं। हालांकि नहीं करना चाहिए था मुझे। तो दिक्कतें मेरे यहां पे थोड़ी बढ़ी हुई है। पर्सनल इशू, नॉट एनी, इट्स नॉट अ सिक्योरिटी इशू। सो यू डोंट हैव टू वरी अबाउट दैट। लेकिन काफी परेशान हूं मैं। इस वजह से आप देखिएगा कि मैं वेडनेसडे भी एडमम साहब की स्ट्रीम में नहीं जुड़ पाया। तो थोड़ा सा आप लोगों को संभालना पड़ेगा। आई डोंट नो कि मैं हर वीक अभी स्ट्रीम कर पाऊंगा या नहीं कर पाऊंगा। आई हैव नो आईडिया। जबजब मौका मिलेगा आई विल डू दी स्ट्रीम। तो यह एक अपडेट था।

हम यार सत्यव्रता रामा दासा भाई ने आते साथ ही एक बड़ी सी लाल मिर्ची के साथ इस्तकबाल किया है। $50 कहते हैं जय श्री राम। जय श्री राम सर। आपको भी थैंक यू सो मच। मिनाज भाई कहते हैं मोहम्मद और इस्लाम के लेक्चर से साहिल हुआ बोर। बोला अब तो सिर्फ फ्राइडे नाइट पार्टी ही है। माय न्यू कोर जिजिया कबूल करे भाई। वेलकम! अरे थैंक यू सो मच। नहीं यार बोर क्या होने का। ये तो इनफैक्ट डिस्कशन करने में तो मजा आती है। इसमें कहां बोर होता है। तो हां, अगर नॉन मोमिन स्ट्रीम होती है तो थोड़ा बोर होता है। आई एकनॉलेज दैट। बट मूविंग स्ट्रीम में कहां से बोर होगा? मूविंग स्ट्रीम इज एक्चुअली वेरी एंटरटेनिंग, इंटरेस्टिंग है ना? नई-नई जलेबियां सुनने को मिलती है। देन आपके आर्गुमेंट्स भी इन जलेबियों को सुन-सुन के फिर स्ट्रांग होते जाते हैं। है ना? आपको जब नए-नए जलेबियां मिलती है तो देन यू हैव टू गिव सम न्यू आर्गुमेंट्स। उसके लिए भेजा जो है बहुत काम कराना पड़ता है। भेजे को तो ऐसा कुछ नहीं है। दैट आई गेट बोर्ड। आई लाइक डिस्कसिंग विथ मोमिन हजरात ऑन इस्लाम।

तो आई होप अमित साहब ने ऑलरेडी मोमिनों के लिए लिंक शेयर कर दिया होगा। तो आप लोग जो है और जितने लोग देख रहे हैं एक्स पे जितने लोग मौजूद है वो जरा पटपट जो है वो एक्स पे रीट्वीट कर दे और जो लोग WhatsApp पर मौजूद है या दूसरा सोशल मीडिया प्लेटफार्म इस्तेमाल करते हैं वो बराए मेहरबानी जरा पटपट स्ट्रीम को लाइक और शेयर कर दे। सारे अपने दोस्तों के साथ, अपनी फैमिली मेंबर्स के साथ ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग जुड़े। उनको इस्लाम की हकीकत पता चले। तो मोमिन हजरात जुड़ सकते हैं। ये लीजिए लिंक आप लोगों के पास मौजूद है। आइए डिस्कशन करते हैं।

आई होप आप लोगों को थंबनेल अच्छा लगा होगा। नए-नए किस्म का थंबनेल आप लोगों को नजर आ रहा है। यह हमारे एक भाई है जो परफ्यूम के स्टीकर्स भी हमें बना के देते हैं। वीडियोस भी बना के देते हैं। वही भाई है जो हमें थंबनेल्स भी बना के दे रहे हैं। तो मुझे तो बड़ा मस्त लगता है उनका थंबनेल। एकदम ब्राइट और वेरी अट्रैक्टिव। आई होप आप लोगों को भी अच्छा लगता होगा।

ओके, किसी ने कमेंट किया के ज़द पटेल ने टॉयलेट के ऊपर वीडियो बनाया। यार मैं कहता हूं यार ज़द पटेल। इसी वजह से मैंने उस स्ट्रीम में जब मैंने रिएक्शन किया था मैंने ज़द खोटा पटेल नाम लिखा था क्योंकि वो खोटा पटेल है, असल पटेल नहीं है। खोटी पटेल ही करता है ज़द पटेल। यार पहली बात तो जब तुमसे बात हो रही थी तब तुम्हारे पास कोई जवाब नहीं था। तुम एकदम लाजवाब थे। सिद्धांत, सिद्धांत, सिद्धांत, सिद्धांत, सिद्धांत, सिद्धांत, सिद्धांत, सिद्धांत, प्रिंसिपल, प्रिंसिपल, प्रिंसिपल, सिद्धांत, सिद्धांत, सिद्धांत, प्रिंसिपल, प्रिंसिपल, प्रिंसिपल, सिद्धांत, सिद्धांत, सिद्धांत। यह आप कर रहे थे। ठीक है? बाद में आपने कहा यार मैं इसके ऊपर रिसर्च करूंगा। रिसर्च करके वीडियो बना। मैं कहता हूं वो जो आपने वीडियो बनाई है, मैंने देखी वीडियो। बहुत से लोगों ने मुझे शेयर किया। बोला कि यार ये वीडियो बनाया है। तो मैंने देखा वो वीडियो। मैं बोला क्या लेके आ गया भाई? जरा देखते हैं। लेकिन खोदा पहाड़ निकला चूहा वाला हिसाब हो गया। और मुझे पता था इनके पास क्या जवाब होगा इस्लाम को डिफेंड करने के लिए टॉयलेट के ऊपर। कहां से इनके पास जवाब होगा? तो उन्होंने वीडियो बनाई। मैं कहता हूं ज़द साहब आप खुद आ जाओ। वो सारे आर्गुमेंट्स ले आओ। सारे आर्गुमेंट्स को तबाह ना किया तो फिर मेरा नाम साहिल जो है वो बदल देना मेरा नाम। तो आओ हम आपका इंतजार करते हैं। आओ ना। क्यों शर्माते हो? आ जाइए। हम आपका इंतजार करेंगे। आ जाइए। आपके सारे जो आपने उस पर बातें की है हम उसको, मैं बस दो आर्गुमेंट दूंगा और दो आर्गुमेंट में आपका पूरा मुद्दा ही खत्म हो जाएगा। और मैं इधर देखूंगा अभी अगर कोई नॉन मोमिन नहीं होगा तो चलो मैं उस पर रिएक्ट भी कर दूंगा। ठीक है? डोंट वरी।

ये वाला मैंने ले लिया लाल मिर्ची। इसको फिर से स्टार ऑन कर दिया। क्रिकेट वि रुद्राक्ष कहते हैं हेलो साहिल भाई। एवरीवन प्लीज वाच बंगाल फॉर फाइल्स ऑसम मूवी और इस वीडियो को पटपट शेयर करो सभी लोग। थैंक यू, थैंक यू क्रिकेट वि रुद्राक्ष भाई। या नॉन मोमिन कोई ना जुड़े प्लीज। ठीक है? हां भाई प्रोफेसर साहब मोमिन है आप। अच्छा अमित थोड़ा ध्यान रखना। ये अभी उस दिन भी एडमम की स्ट्रीम में नन्नू जिहाद एक कर रहा था बार-बार। तो नन्नू जिहाद से बिल्कुल बचना है हम। हां भाई प्रोफेसर अन म्यूट कर लीजिए। अरे प्राइवेट चैट में बोलो।

हेलो, हेलो, हेलो, हेलो। सर, आवाज आ रही है सर? हेलो। आ रही है। मुसलमान है आप? हां जी, हां जी। अभी तक तो फिलहाल है, लेकिन मुझे ये छोड़ना है। दिन मैंने बहुत सारी देख ली है। मैंने वो पढ़ी है आप लोगों को जो बोलते थे, उन लोग को मैच भी करता था मैं और मैंने देखा कि ये तो हां, गलत हो रहा है। तो मैं 18 साल का नीचे हूं। ठीक है? हम समझ में आ रही है। कब से देख रहे हो चैनल? फिलहाल दो महीने हो चुके हैं। ओके। नमाज पढ़ते थे? हां, पूरा नमाज पढ़ते थे। एकदम पढ़ते थे। तो सर, मैं नहीं, मैं बंगाली हूं सर। तो मेरे अगर लैंग्वेज में कोई दिक्कत हो जाए तो मुझे माफ कर दीजिएगा। नहीं, नहीं, आप एकदम अच्छी हिंदी बोल रहे हो। कोई मुश्किल नहीं। जरा नमाज पढ़ते तो जरा सुना दे पहले। थोड़ा गड़बड़ी किया। आप बराबर नमाज पढ़ते हो तो में गड़बड़ी नहीं होनी चाहिए। जरा दद इब्राहिम भी सुना दो उसके बाद पढ़ने वाली। ओके, ओके सर। लेकिन मैं लाइव स्ट्रीम में पहली बार आया हूं तो मुझे थोड़ा घबराहट सी हो रही है। तो इसलिए अनफ सुन बोल दिया तो माफ कर दीजिए। कोई बात नहीं। ठंडे हो जाओ थोड़े। ठंडे हो जाओ। रिलैक्स हो जाओ। डरने की जरूरत नहीं। घबराने की जरूरत नहीं है। पानी पी लो। आराम से बात करो। कोई मुश्किल नहीं। लंबी सांस लो एक दो और आराम से बात करो। ओके सर। दरूद पढ़ते हैं। जी, जी। दरूद पढ़ दो। अल्लाह सल्ला याद नहीं। घबरा। सल अला मोहम्मद। अल्लाह सर जी, बहुत दिक्कत हो रही है सर। पूरा गलत गलत पढ़ रहे हो सर जी। फिर से ट्राई करो। हां, करिए। अल्लाह सला मोहम्मद मोहम्मद। ठीक है। गड़बड़ी की है। हां, बताइए क्या हो गया? क्यों छोड़ रहे हैं आप इस्लाम? सर, जब मैंने आप लोगों के साथ बहुत कुछ मैच किया तो मैंने देखा प्रोस्टट्यूशन के लिए बहुत खिलाफ खिलाफ बातें की गई है। नबी ने जो है वो आयशा के साथ जो किया वो बहुत ही ज्यादा क्या किया? अन्याय किया है। हम तो ये सब मैंने जाके मैंने इमाम को पूछा। इमाम ने ऐसा से दबाव किया कि मैंने वो परे है मतलब मुझे समझ में नहीं आया कि ये क्या ये कोई आंसर है। मैं जो बोलता था वो तो उसे उल्टा पुल्टा आंसर निकलता आ रहा था। हम तो मैंने बोलों को तो घर छोड़ दिया। अभी मैं जो हूं वो अभी मैं फिलहाल अभी भी मुस्लिम हूं लेकिन वो एक ट्रेशन की वजह से हूं। मेरे मेरे माता पिता तो मैं तो एक शून्य घर से ताल्लुक रखता हूं। हम तो उन्होंने मुझे बोला कि तू बनने जा। हां, मैंने उनको बोला था कि ऐसा ऐसा है। तो उन्होंने बोला कि नहीं भाई ऐसा नहीं होता है। हमारा जो तीन है वो लोग तो अंधभक्त है। हां, मुझे मालूम हो गया। वो लोग ये जो अंधभक्ति का खेल है वो अंधभक्ति से ही आता है। हम तो मैंने सोचा तो ये तो अंधभक्ति है। मैं जाके पढूं। मैंने पढ़ा। आप लोगों ने जो जो दिया उसका पांच आयत ऊपर के और पांच नीचे से तो मैंने पढ़ा। हम, हां, तो मैं मुझे तो समझ में आ रहा था थोड़ा थोड़ा करके। तो अभी मैं छोड़ना चाहता हूं लेकिन मेरे माता पिता जो है वो प्रेशर दे रहा है। हम तो मेरा तो साल से हूं। हां, हां, वही बता रहा हूं। ठीक है यार। तो इंडिपेंडेंट ही नहीं हूं। मेरा तो बोर्ड का भी एग्जाम नहीं हुआ। मैं तो फाइनेंस इंडिपेंडेंट हो। तो अभी मैं क्या कर बताता हूं, बताता हूं। थोड़ा सा घबराना नहीं है। आपने सबसे पहली बात तो आपने घबराना नहीं है। ठीक है? तो यार ये छोटा है अभी बहुत काफी टीनएजर है और ये हमारी वीडियोस देख रहा है दो महीने से। उसको समझ में आई। इसने क्रॉस वेरीफाई भी किया चीजों को। कॉन्टेक्स्ट में भी देखा। बट इट डजंट मेक सेंस टू हिम। और इसको पता चल गया कि यार ये सारा जो है अंधविश्वास का खेल है और इसी से बस डराया गया है। इसमें कोई हकीकत नहीं है। और रसूल्लाह ने हजरत आयशा अम्मी आयशा के साथ अन्याय किया था। तो देखो प्रोफेसर साहब बात ये है कि अभी आप छोटे हो। ठीक है? आपको समझ में आ गया इस्लाम जो है वो बुरा है। इस्लाम सच्चा नहीं है। तो फिलहाल आपको किसी को भी यह चीज बताना नहीं है। मतलब अगर आपके घर वालों को ये चीज अच्छी नहीं लग रही है। पसंद नहीं आ रहा है कि आप उनके सामने इस तरीके की बातें कर रहे हो तो कोई मुश्किल नहीं। उनको बताने की जरूरत नहीं है। उनको इग्नोर करो। आपने ही बताना है उनको। आप एक्स मुस्लिम हो गए। एस ऑफ नाउ इतना काफी है। ठीक है? जब आप बड़े हो जाओगे, अपने पैरों पर खड़े हो जाओगे। अभी सबसे पहला फोकस आपका आपको जो रखना है, वो आपकी स्टडीज पर रखना है। स्टडीज पर रख के अच्छा पढ़ के एक सेल्फ इंडिपेंडेंट इंसान बनना है। और उसके बाद अपनी लाइफ अपने हिसाब से जियो और उसके बाद फिर बहुत से बार जब आप इंडिपेंडेंट हो जाते हो तो मां-बाप भी आपकी लाइफ में दखल नहीं देते। तो यह आपने करना है। अभी आपने किसी को बोलना नहीं है। ज्यादा जोश में नहीं आना है। ठीक है? हां जी सर। क्योंकि गरम खून होता है। टीनएज में गरम वो गरम नहीं। गरम खून अगर होता तो यहां पे आके जो दरूद शरीफ है और जो अच्छा है तो ले गलत नहीं बोल देता। हम तो नर्वस फील हो रहा है अभी। हां, तो मैं बोल रहा था कि मैं मैं तो से ताल्लुक रखता हूं तो मैंने सात आठ साल से नमाज शुरू की थी और करने के बाद आज मतलब 17 साल हो गए मतलब मैं 17 साल का हूं तो अभी लगभग 9 साल हो गए नमाज पढ़ते हुए। तो मैंने ये तो मेरा जाया हो चुका है। हम भाई बहुत खुशनसीब है फील हो रहा है। अरे भाई सुन, सुन मेरी बात। प्रोफेसर, तू बहुत खुशनसीब है। मेरा नाम प्रोफेसर नहीं है। ये मेरे पापा प्रोफेसर है। तो वही। अरे तुमको तुमको पूरा अपना डिटेल बताने की जरूरत नहीं है। अभी तुम प्रोफेसर नाम से आए हो। इस वजह से मैं तुमको प्रोफेसर करके बुला रहा हूं। ठीक है? तुम हो नहीं हो उससे फर्क नहीं पड़ता। ठीक है? अब मेरी बात सुन। बात ये है कि तुझे गिल्टी फील बिल्कुल नहीं होना चाहिए। उसकी वजह ये है क्योंकि तू अभी बस 17 साल का है। तुझे इस्लाम की हकीकत पता चल गई। भाई हम लोगों ने 30 साल, 32 साल इस कल्ट में अपनी जिंदगी जाया की है। ठीक है? तो सोच तू तो अभी हां। हां, 32 साल के बाद 33 साल के बाद मैंने इस्लाम को हुआ है। हां, तो खुशख़शी मनाओ कि बहुत जल्दी तुम्हारी अकल जो है वो ठिकाने पे आ गई। अभी आपके पास यू हैव अ ब्राइट फ्यूचर। यू हैव अ होल लाइफ। तुम्हारी जवानी पूरी अभी बची हुई है। अभी तो जवानी का आगाज है। तो खुश रहो। सबसे पहले जैसे कि मैंने कहा पढ़ाई पर फोकस करो। करियर पे फोकस करो और अच्छी जिंदगी गुजारो। ठीक है? ठीक है यार। ये प्रोफेसर के लिए, छोटे प्रोफेसर के लिए बड़ी छोटी उम्र में इसको इस्लाम की हकीकत पता चल गई और ये हमारी वीडियोस देख के पता चली है। तो इसके लिए जरा एक गुलाब का फूल भेज दो मेरे दोस्तों। जरा देखिए आप इस स्ट्रीम की, स्ट्रीम की शुरुआत ही जो है वो एक प्यारे कॉलर से हुई है। ये लीजिए आपके लिए गुलाब के फूल आ रहे हैं। तो वो कौन सा गाना है यार? मेरे को बड़ा लेकिन मेरे साहब। हेलो साहब। हेलो। हां, सुन पा रहे हैं। आवाज आ रही है। सुन रहा हूं मैं। मेरी एक ख्वाहिश है कि मैं एडमम सी साहब से एक बात करूं। क्या उनसे बात हो जाएगी? हां, जब एडमम साहब जुड़ जाएंगे तो तीन-चार मिनट के लिए जुड़ जाना। अभी एडमम साहब जुड़े नहीं है। उनको जैसा वक्त मिलेगा वो जुड़ जाएंगे। तब आप ज्वाइन कर लेना। थोड़ी सी बात कर लेना। कोई मुश्किल नहीं। ओके सर। मैं बाय द वे, मैं आपको एक बात बता देता हूं कि जो भी आप लोगों ने कंटेंट डाला है उसके लिए थैंक यू तहे दिल से। मास्टर। चलिए थैंक यू। अपना ख्याल रखो। ओके सर। मैं स्टूडियो नहीं करता हूं। थैंक यू, थैंक यू, थैंक यू। वो गाना है ना यार? वो अपना वो मस्त लगता है। वो गाना मैं कभी-कभी ड्राइव करता हूं तो वो गाना जरूर लगाता हूं। कौन सा? गाया ताजा गुलाब लाना मेरे वास्ते दे सनम। आगे की लाइन भी नहीं आती। हालांकि मैंने कई बार सुना हुआ है गाना बट आई डिड नॉट रिमेंबर द लिरिक्स। तो ताजा गुलाब लाना जो है वो यहां पे ताजा-ताजा गुलाब जो है आप लोग हमारे प्यारे-प्यारे एक्स मुस्लिमों के लिए देते हो। थैंक यू सो मच एवरीवन।

प्यारे भाई कहते हैं कल बीआर और टीम मेंबर सत्य भाई, संदीपन भाई, पी सिंह ने दावा के लिए दावा के लाइव में एक के बाद एक गए। दो मिनट में लॉक कर दिया सबको कमेंट में। हमको भी यार देखो सीधी सी बात है। जितने भी ये दावा चैनल है और ये बेईमान यूनियन और जितने भी चैनल है उनकी एक स्ट्रेटजी बिल्कुल पक्की है। जो भी उनके सवालों के जवाब दे सकता है उनके साथ डिबेट नहीं करते। उनको वो ब्लॉक कर देते हैं। ठीक है? तो तो वो फिर संदीपन भाई तो अपने बहुत खास है। मतलब मैं आप लोगों को पता है मैं कनेक्टेड हूं संदीपन भाई से। तो संदीपन भाई का बोलने का तरीका भी बड़ा मस्त है। तो ये लोग ऐसे लोगों से कहां बात करेंगे? जिनको मालूमात होती है उनसे वो बात नहीं करते। तो आई कैन अंडरस्टैंड दैट प्यारे भाई।

पु अन्ना कहते हैं आई नेवर थॉट मोमिन आर सो डम बिफोर लिसनिंग टू योर। मोमिन आर 110% डम एंड दिमागी अपकम। तो इसमें आपको हमारी स्ट्रीम सुनने के बाद पता चला है। दैट्स गुड।

सतीश यादव कहते हैं अरसों बाद उछलता पानी परफ्यूम मिला मजा आ गया लगाकर। अरे हां यार असल में सतीश भाई को मैंने परफ्यूम भेजा था उछलता पानी। लेकिन एक जो है वो कूरियर वाले ने क्या किया उसको डिलीवर मार्क कर दिया और सतीश यादव भाई को दिया ही नहीं परफ्यूम। अब वो कूरियर कंपनी के साथ टू एंड फोर टिकट रेस करके उसमें 15 मिनट, 15 दिन जाया हो गए। फिर मैंने सतीश भाई को बोला कि आपको टेंशन लेने की जरूरत नहीं है। मैं आपको दूसरा वाला भेज दूंगा। कोई मुश्किल नहीं। फिर से मैंने सतीश भाई को भेजा उछलता पानी और इस बार जो है सतीश भाई को उछलता पानी मिल गया और सतीश भाई को मजा भी आया। क्या बात है। बहुत से लोगों को मजा आया। कुछ न्यूज़ आप लोगों को दिखाऊंगा। खास करके इरजिस्टेबल का बहुत जबरदस्त रिव्यू आया है। वो भी आपको बताऊंगा। लेकिन कुछ मोमिनों से पहले बातचीत हो जाए, डिस्कशन हो जाए उसके बाद फिर थोड़ा बिजनेसिनेस भी कर लेंगे हम। थैंक यू सो मच सतीश यादव भाई।

मिनाज कहते हैं एक स्कूल में क्रश थी। वो मोमिना थी। हमेशा कुरान इस्लामिक पोस्ट डाला करती थी। एक दिन मैंने बस इतना बोला कि इस्लाम में स्लेवरी है। ब्लॉक करवा दिया आपने। तो वो असल में कैसा है? मोमिनों को सच सुनने की आदत नहीं होती है ना। सच कड़वा होता है, दवाइयां कड़वी होती है तो भाग जाते हैं। उनको नहीं पता है कि वो मरीज है, बीमार है। तो ये आई कैन अंडरस्टैंड दैट मीना जी।

ब्लैक पिंक कहते हैं क्यों क्यू यू? बी लिबरल प्लीज प्लीज। लगता है ब्लैक पिंग भाई का कोई सुपर चैट जाने नहीं दिया है।

पीके कहते हैं व्हाई जाकिर नायक डजंट हैव व्हाई जाकिर नायक डजंट हैव एड्स। यार मैंने इसके ऊपर पोस्ट भी किए है। मेरे को इतने लोग मैसेजेस कर रहे हैं। जाकिर नायक को एड्स हो गया। एड्स हो गया। एड्स हो गया। भाई फेक है। सीधी सी बात। फेक खबर है और मैंने इसी वजह से कम्युनिटी पोस्ट डाली थी कि भाई हमको यह सब फेक खबरों से अपने को मतलब इस्लाम को गलत साबित करने के लिए उसके कोई नन्हे मुन्ने चिंटू पिंटू का सहारा लेने की जरूरत नहीं है। वो भी फेक खबरों के सहारे। ठीक है? और आप लोगों को पता है मैं मतलब फेक चीजों से यानी फेक खबरों से मेरे को बहुत चिढ़ है। चाहे वह किसी भी साइट से हो। लेकिन बहुत सारे चैनल वालों ने उसको चलाया। बल्कि एक न्यूज़ चैनल सुदर्शन वाले ने भी चला दिया। एंड आई वास लाइक यार आप न्यूज़ चलाने से पहले आप एक न्यूज़ चैनल हो। थोड़ा बहुत रिसर्च कर लो। देख लो क्या है क्या नहीं है। उसके प्रूफ है नहीं है। देखो तो सही। अच्छा अब वो मतलब बात यहां तक आ गई कि किसी ने वो एड्स की रिपोर्ट एचआईवी की रिपोर्ट भी डाल दिया। मैंने जो इसमें किया था कि बोले ये एचआईवी की रिपोर्ट है और वो जाकिर नायक को उसकी बीवी को और उसके बाद उसकी बच्ची को भी हो गया एड्स। यार क्या है यार? थोड़ा कभी भी कुछ चीज आती है तो थोड़ा अपना दिमाग भी चलाया करो। देखो भी रिपोर्ट अगर आप देखोगे वो मैंने देखी हुई है। मेरे पास पड़ी हुई है रिपोर्ट। आप देखोगे दैट इज अ फेक रिपोर्ट। उसमें सबसे पहली बात तो डेट ऑफ बर्थ आप देखिए। आप कोई भी टेस्ट कोई भी जगह पर जाते हो दे विल नेवर आस्क यू योर डेट ऑफ बर्थ। ठीक है? दे विल आस्क यू योर एज। दे विल नॉट आस्क यू योर डेट ऑफ बर्थ। अच्छा वो जो डेट ऑफ बर्थ उसने जिस किसी ने भी फेक बनाया है उसने डेट ऑफ बर्थ तो उसको मिल गया। लेकिन इतना बड़ा गधा था वो कि डेट ऑफ बर्थ से अगर आप कैलकुलेट करोगे एज उसकी तो वहां पे कुछ 60 इयर्स बनता है और रिपोर्ट में एज है 65। मतलब क्या यार? कम ऑन गाइस।

एग्ोस्टिक इंडियन टॉयलेट जैसे टॉपिक पर 38 मिनट का रिसोंड वीडियो। दुनिया भर की बातें, प्रेजेंटेशन और जलेबियां। अगर जवाब होता तो 5 मिनट में दे देता। 38 मिनट्स क्योंकि जवाब था ही नहीं ना। वो सेंस ही नहीं आता है ना। इस वजह से। बंटी मलिक थैंक यू सो मच। यादव भाई थैंक यू सो मच। चलिए बाकी के सुपर चैट हम बाद में लेते हैं।

चार इबरा खान कौन है देख लेते हैं। इबरा खान हेलो जी। इब्रा खान साहब मोमिन है। इब्रा खान की आवाज आई और इब्रा खान डिस्कनेक्ट हो गए।

पता नहीं क्या हो गया। हां, थोड़ा मोमिनो, अच्छा, अच्छी, अच्छे इंटरनेट कनेक्शन के साथ आओ यार। एक्स मुस्लिम खान साहब, एक्स मुस्लिम खान साहब, हेलो सर। हेलो जी सर जी प्यारे, हां, मैं आवाज आ रही है? आ रही है सर। ठीक है जी, फर्स्ट टाइम रहे? हां जी, फर्स्ट टाइम।

अच्छा, कब एक्स मुस्लिम बने? मैं वैसे एथिस्ट तो जन्मजात ही था, जन्मजात ही थी। इससे बस छोटा था, घर छोटा था तो घर वाले डराते थे जैसे भूत-प्रेत, चुड़ैल, डायन, टोने-टोटके, वैसे ही अल्लाह से डरता था। जैसे-जैसे बड़ा हुआ और उनकी झूठ सामने आती गई और नास्तिकता बढ़ती गई।

अच्छा, जरा नमाजें पढ़ते थे क्या? जन्मजात एथिस्ट थे तो कभी नमाज पढ़ी नहीं। वो कहते हैं ना कि कोयले की दलाली में हाथ काले होते ही हैं। तो मुस्लिम फैमिली से रहा हूं तो दिखावटी तौर पे करना ही पड़ा ना। कुछ जरा अत्तहियात सुना दें फिर। अत्तहियातु लिल्लाहि वस्सलवातु अस्सलामु अलैकुम रहमतुल्लाह बरकातू अस्सलामु अना अब्बास असद, असद। हां जी, बोलिए। अब्बास सलीम, अब्बास सलीम। ये सब कुछ नहीं है में।

अरे देखिए, एक तो मैं प्रैक्टिशनर नहीं हूं। प्रैक्टिशनर तो हम लोग भी नहीं हैं। हां, हम लोग कौन सा सर्जरी करते हैं जो प्रैक्टिशनर बन जाएंगे? नहीं नहीं, कभी नमाज कराए नहीं ना। क्योंकि इबादत तो जिसको इबादत करनी है वो रट्टा लगाएगा। हम तो इस बातों में इंटरेस्ट ही नहीं रखते कि फातिहा पढ़ो, वो पढ़ो है।

फजर में चार रकात, चार रकात होती है। दो फर्ज, दो फर्ज, दो सुन्नत। ओके। और वित्तर की कितनी रकात होती है? वित्तर की तीन रकात होती है जो ईशा में ही होती है। सिर्फ। चलो यार, नहीं तो भाई को मालूमात है, मोमिन ही है। ठीक है।

जी साहब, क्या कहना चाहते हैं? कहना यही चाहता हूं कि मैं एथिस्ट तो था ही और दीन का नॉलेज नहीं था। दीन का नॉलेज नहीं था और मुझे नहीं आती है। यही नहीं है, मेरी फैमिली को भी ऐसी नमाज़ें आती हैं मेरी तरह। हम और मेरा, मेरा पूरा मोहल्ला, बस्ती कोई 1% जानता होगा। हम तो दीन के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी। हां, थोड़ा लॉजिक था, सवाल करता था लेकिन दीन की जानकारी वो एक्स मुस्लिमों से मिली मुझे।

चलिए बेहतर हो गया। पक्के पक्के टक्के। चलिए पक्के टक्के, आप अभी एक्स मुस्लिम हो चुके हैं। ठीक है। चलिए बहुत अच्छी बात है, एक्स मुस्लिम खान साहब, आप एक्स मुस्लिम बन गए। हालांकि आप पैदाइशी जो है ना, वो एथिस्ट पैदा हुए थे आप। थैंक यू सो मच। अपना ख्याल रखिएगा। ये देखिए भाई के लिए भी यार, सेकंड इन रो, सेकंड एक्स मुस्लिम है। प्रैक्टिशनर नहीं थे लेकिन ठीक है, कोई बात नहीं। ये देखिए एक्स मुस्लिम खान साहब, आपके लिए कितने सारे गुलाब आ रहे हैं। ताजा गुलाब लाना मेरे वास्ते सनम। ये देखिए आपके लिए गुलाब ही गुलाब है, ताजा-ताजा गुलाब है। ठीक है, एक्स मुस्लिम खान साहब।

तो मेरी एक रिक्वेस्ट है आपसे। जल्दी से करिए। हेलो, मेरा YouTube चैनल है और हां, मेरा YouTube चैनल है जिस पर मैंने 150-200 शॉर्ट वीडियोस डाले हैं तो थोड़ा प्रमोशन। 200 शॉर्ट वीडियो क्या चीज के बारे में डाले? 150-200 शॉर्ट वीडियो, ये शॉर्ट वीडियो जो मौलानाओं के बेतुकी दलीलें हैं, उनकी मेरा रिएक्शन दिया है कॉल कॉल वाली। अच्छा, जरा चैनल का लिंक प्राइवेट चैट में डाल दें। ठीक है जी, ओके।

एंटी चार्ली, तो आप बैक स्टेज में नहीं हो। एंटी चार्ली जुड़ना चाहते हो, फिर से जुड़ जाओ। इबरा खान को पहले चांस देते हैं। उसके बाद फिर आपको चांस देंगे। जी, प्राइवेट चैट में आप लिंक दे दें। हां, इबरा खान को चांस देने से पहले एक बढ़िया कमेंट है भाई का। वो जरा देख लीजिए। हां हां, कौन सा है बताओ? हां।

पेड है ये बंदा। यार, जूस अगर तुम पेड नहीं हो तो तुम आ जाओ। यार, अभी इतने दिन हमारे खराब नहीं हुए हैं कि पैसा देके हमको कॉलर्स को बुलाना पड़े एक्स मुस्लिम्स को।

अच्छा ये, हां, इसी से, इसी से एक चीज याद आई। यार, वो थोड़ा बाद में, अभी थोड़ा बाद में, थोड़ा बाद में, अभी थोड़ा बाद में, एक आध मोमिनों से पहले गुफ्तगू हो जाए उसके बाद। अच्छा हुआ याद है। मेरे को याद नहीं था। मैं उस दिन बोला था ना इस पर अपन रिएक्ट करेंगे। वही कमेंट देख के मेरे को याद आया। हां हां, नहीं, पहले पहले थोड़ा मोमिन लोग से बात कर लेते हैं फिर उस पर रिएक्ट करेंगे, मजा आएगा एकदम। ठीक है।

इबरा खान को ले लेते हैं। जी, इबरा खान साहब, सलाम वालेकुम सर। वालेकुम अस्सलाम सर। जी, इबरा खान साहब, नमाज। हां सर, बताइए आप सब खैरियत? हां, मैं ठीक हूं सर, आप कैसे हैं? हां, ठीक है सर, हम भी काफी दिनों से सोच रहे थे आपसे बात करने के लिए तो बड़ी हिम्मत जुटा के आज के कॉल कर ही लेते हैं। अरे, वेलकम, वेलकम सर।

नमाजें पढ़ते हैं इबरा खान साहब? हां सर, पहले तो पढ़ते थे लेकिन अब तो कुछ नहीं करते, नमाजें सब साइड हो गए हैं। अरे क्या यार, ये क्या बैक टू बैक, बैक टू बैक हैट्रिक होते जा रही है? क्या मोमिन लोग बचे हैं कि नहीं बचे? जी, कब से जुड़ा?

काफी टाइम हो गया सर, ये करीब एक-डेढ़ साल होने वाला है लगभग। और डेढ़ साल पहले तो बहुत से, हां, पढ़ते थे नमाज। हालांकि मतलब जो है, नमाज को दिल से पढ़ते थे। हमेशा ऐसे दिखावे नमाज कभी नहीं पढ़ी। जब भी कोई प्रॉब्लम आती थी लाइफ में किसी भी तरह की, समझे, तो नमाज पढ़ते थे। ठीक है। ऊपर वाले से पूरी शिद्दत से दुआ मांगते थे, सारी चीजें करते थे।

कोई एक सूरह सुनाओ। अलम और रब का। हेलो। हां हां, सुनाओ। रब का असहाबली नंबर फस माकूल खौफ। अरे वाह, क्या बात है।

अच्छा, वो तुम्हारे बैंक अकाउंट में पैसे पहुंच गए 5000? भाई, क्या बात कर रहे हैं भाई? नहीं पहुंचे? नहीं? क्या बात कर रहे हो साहिल भाई?

पता है, सच बता रहे हैं कि मतलब उतना ज्यादा पढ़े-लिखे तो है नहीं। ठीक है। तो बात करते हुए थोड़ा डर लगता है। ठीक है? लेकिन बहुत दिनों से आपसे बात करना चाह रहे थे और ये सब जो भी चीजें हुई हैं। ठीक है? वो सिर्फ आप ही लोग की वजह से हुई हैं। ठीक है। अरे वाह। तो हां।

तो पहले आप नमाज़ें पढ़ रहे थे, इबरा साहब, जब पहले आप नमाज़ें पढ़ रहे थे, दिल से पढ़ रहे थे, जैसे आपने कहा, तो क्या हो गया ऐसा कि फिर ये नमाजों से दिल छूट गया आपका? बल्कि इस्लाम, इस्लाम को ही तर्क कर दिया आपने?

सर, इस्लाम मुस्लिम धर्म में तो पैदा हुए थे। ठीक है? तो वह तो पैदा हो गए थे, वहां तो काम फॉलो उसी को करना था, उसी में रहना था। लेकिन कभी यह धर्म समझ में नहीं आया। समझे? कभी भी समझ में नहीं आया। तबलीग की जमात में भी गए हैं, सबने कई बार गए हैं। लेकिन कभी समझ में नहीं आया। क्योंकि इसमें बेइंतहा अंधविश्वास भरा हुआ था। तो लेकिन ये है कि एक जो डर होता है ना, एक डर, खौफ, तो उस वजह से मतलब किसी चीज से इंकार नहीं कर सकते थे। ठीक है? चीजें नजर आती थी सामने, सामने चीजें नजर आती थी लेकिन उसको गलत बोल नहीं सकते थे, वो एक खौफ, जन्नत-दोजख, ये वो बोलने नहीं देता था। लेकिन दिल, दिल में खौफ था लेकिन दिमाग तो समझ रहा था ना चीजों को। तो इसी डर में ही चलता रहता था, नमाजी पढ़ते थे। ठीक है।

लेकिन फिर जब आप लोग का चैनल हम लोग को मिला था, अह, करीब डेढ़ साल हो गया लगभग। तो डेढ़ साल हो गया तो पहले मुझे चैनल मिला था, अरे जफर हेरिटेज, तो उनका द मोहम्मद का एक वो, अरे पूरा एपिसोड जैसे था, जैसे पार्ट बाय पार्ट। हां, सीधे सीधे सीधे। तो मतलब देखने लगे तो जब देखने लगे तो जो भी दिखा रहे हैं तो वो उसमें बताते कि मतलब कोई भी चीज किसी भी चीज के बारे में बता रहे हैं जैसे कि आयशा के बारे में। ठीक है? तो उसका रेफरेंस बताते थे कि फलाना फलाना नंबर फलाना ये है, उस किताब में जाके देख लो। तो उसको मतलब भाई Google पे सर्च करो तो वो सामने दिख जाता था। ठीक है? तो खैर उसी के बाद से फिर आपका चैनल मिला। फिर मतलब सर्च किया तो एक्स मुस्लिम तो फिर आपका आया, एडमम भाई और भी समीर भाई, बहुत से लोगों का आया। तो फिर जो है सुनते सुनते सुनते सुनते फिर एकदम एकदम पक्के हो गए कि यार अब नहीं। मतलब जो डर था वो डर खत्म हो।

सबसे सबसे भयानक चीज क्या लगी जो आपको आपके दिल को हिट करी कि नहीं यार बस अब? सबसे भयानक तो सर यही थी, ये जो 9 साल वाला जो मामला था बच्चे वाला। तो सबसे भयानक तो यही लगा और सबसे भयानक भी लगा और सबसे नाइंसाफी वाला मामला लगा। नाइंसाफी वाला, भाई 9 वर्ष की उम्र के बाद शादी कर ली। ठीक है? पहली चीज तो यही बहुत बड़ी गलत चीज है। ठीक है? लेकिन लोग पहले मौलाना लोग कहते कि नहीं उस समय ऐसा होता था तो होता था तो उनकी बातों पे चलो कर लेते थे लेकिन फिर भी दिमाग में मतलब ये रहता था कि यार है तो ये गलत लेकिन बोल नहीं सकते थे उस समय किसी से भी, ना बोल सकते थे, सिर्फ सोच सकते थे, इतनी आजादी थी। तो हां, दिमाग में आती थी लेकिन किसी से बोल नहीं सकते थे। तो बस यही एक चीज गलत लगी कि भाई 9 साल के बच्चे से शादी है और उसके बाद भी जो है कुछ मामले ऐसे थे कि उनकी उनकी बीवियों से मतलब शादी उनके बाद जो है उनकी बीवियों से कोई शादी नहीं कर सकता। हां, तो ये सब चीजें और एक एक गलत हो तो कहा जाए बहुत सी चीजें गलत थीं।

एक वो सुनी थी खालिद बिल, खालिद बिन वलीद का वाक्या सुना था तो उसने जो है, अरे आप किसी चैनल पे ही सुना था। ठीक है? तो उसमें था कि मतलब हां हां हां किसी चैनल पे ही सुना था। अरे सुने हुए भी काफी टाइम हो गया, एक साल से ऊपर हो गया। ठीक है? तो उसमें जो है बताया था कि जो है किसी को मार करके उसका उसको खोपड़ी पका करके खाया। उसकी उसके साथ उसकी रात उसी रात उसकी बीवी के साथ सेक्स किया। समझे? तो ये सब वाक्य सुन के बहुत खराब लगे। तब से मतलब जो है पहले तो डर था। अब किसी तरह का डर नहीं है। बस एक चिंता दिमाग में रहती है हमेशा। अब वो मेरे कम, मेरी वाइफ के ज्यादा रहती है। हम तो उसी, उसी के ही लिए आपको फोन किया कि मतलब थोड़ा सा आपसे बात करेंगे क्योंकि भाई आप लोग पढ़े-लिखे लोग हो, नॉलेजेबल लोग हो। ठीक है तो कुछ ना कुछ सही ना कुछ सही सलाह मिल ही जाएगी।

हां सर, क्या नाम है उसका? हेलो, हां बोलिए बोलिए। हेलो सर, हम यहां पे जहां रहते हैं लखनऊ में। हम सर लखनऊ में रहते हैं तो जहां पर रहते हैं लखनऊ में देना अभी अच्छा अच्छा ओके सर ओके तो मतलब अभी तक हमको कोई मतलब ऐसे एक्स मुस्लिम परिवार नहीं दिख रहे हैं, कहीं नहीं दिख रहे हैं मतलब नजर नहीं आ रहे हैं और तो भाई लखनऊ में होते हुए इब्रा भाई लखनऊ में होते हुए कोई थोड़ी ना बोलेगा मैं एक्स मुस्लिम बन गया, मैं एक्स मुस्लिम बन गया। हां सर वो बात कौन अपनी जान पे फिर कौन अपनी जान पे मुसीबत लेगा मैं एक्स मुस्लिम बन गया हालत। अरे सर मेरी मेरी पूरी बात सुन लीजिए फिर आप। हेलो। जी जी बोलिए बोलिए आप बोलिए।

मेरी एक बेटी है, मेरी एक बेटी है 13 साल की। हालांकि मेरी इतनी चिंता नहीं जितनी चिंता मेरी वाइफ करती है उसकी। क्योंकि मेरा पूरा परिवार एक्स मुस्लिम होता है, बेटी भी, वाइफ भी, हम भी। लेकिन उनको चिंता रहती है। अच्छा, हम तो पढ़ा रहे हैं कि चलो पढ़-लिख के बेटा तुम अपने पैरों पे खड़े हो जाओ और अपनी लाइफ को डिसीजन खुद लो। तो लेकिन उनको चिंता हमेशा ही रहती है, सर में दर्द हो जाता है कभी उनको चिंता हो जाती है, रात-रात जगा करती हैं कि मतलब जो शादी उसकी कहां करी जाएगी? कैसे करी जाएगी? और तो यही सब चिंता रहती है। तो इसीलिए आपसे पूछ, 13 साल किए बोले ना आपने? कितना बोला? 13? हां, 13 साल किए। हां, 5 साल, 6 साल के बाद तो करनी है ना सर।

अरे भाई यार, फिर वही मोमिन वाली हरकत कर रहे हो आप। यार, 5 साल बोले तो 18 साल की हो जाएगी आपकी बच्ची। हां हां, 18 साल। 18 साल में तो 18 साल में तो ग्रेजुएशन भी नहीं कंप्लीट होता भाई। ग्रेजुएशन 20 साल में कंप्लीट होता है। तो अपंग नहीं है। ये मेरी चिंता नहीं है सर। ये मेरी बात नहीं है। मेरी वाइफ की चिंताएं हैं। ठीक है।

हां, आपकी वाइफ को मेरी ये बात सुनाना। हम तो हमारी तो हमारी तो सोच ये है। हमारी तो हमेशा से बेटी से यही एक ही बेटी है। ठीक है। तो यही रहेगी कि बेटा तुम खूब पढ़ो-लिखो, खूब बढ़ो, अपने पैरों पे खड़े हो जाओ और जहां दिल चाहे वहां शादी करो। बस उस इंसान से करो जो तुम्हारी इज्जत करे। ठीक है? किसी भी धर्म का है कोई मतलब नहीं। तो धर्म से किसी बस सिर्फ मुस्लिम नहीं होना चाहिए क्योंकि भाई हमने देखा कि भाई ये नहीं बदलेंगे किसी तरह से नहीं बदलेंगे। आप लोग की सुनना सुन लो। हां, बताइए बताइए इबरा भाई।

देखो, आपकी सोच बहुत अच्छी है। ठीक है? आपने जो कहा ना, वही मैं कहने वाला था लेकिन आपने कह दिया। आप क्या करिएगा, आपकी वाइफ को मेरी ये बात सुनाना। ठीक है? अभी आपकी बच्ची 13 साल की है। 5 साल में 18 साल होते हैं और 18 साल में एक बच्ची जो है वो फर्स्ट ईयर बीकॉम या बीएससी या जो भी कर रही है वो फर्स्ट ईयर में जाएगी। ठीक है? तो आपने उसको सबसे पहली बात तो उसकी स्टडीज कंप्लीट करवाना है। उसका इंटरेस्ट जिसमें है उसमें उसको करियर पे उसके फोकस करना है बच्ची के और उसको पढ़ा-लिखा के उसके पैरों पर खड़ा करें और सात साल में, मिनिमम सात साल भी मैं ले लूं ग्रेजुएशन के बाद दो साल कुछ स्पेशलाइजेशन में। तो भी सात साल में दुनिया बहुत बदल जाएगी भाई। वो सात साल के बाद क्या, क्या माहौल रहेगा, कैसा रहेगा, वो तो हम देखेंगे सात साल के बाद। तो तब तक तो बहुत सारे रास्ते निकल जाएंगे मेरे प्यारे भाई। अभी फिलहाल आपने उसकी शादी की फिक्र नहीं करनी है। आपने सिर्फ और सिर्फ उसके करियर को बनाने की फिक्र करनी है। ये मेरा मैसेज भाभी जी को सुना देना और आपको टेंशन लेने की बात नहीं है।

भाई, बहुत अच्छा लगा आपसे बात करके, इबरा खान साहब। और आपके लिए देखिए, मैं बोलने से पहले ही कई सारे लोगों ने ऑलरेडी गुलाब भेजा है क्योंकि तीसरी विकेट जो है वो लगातार थर्ड इन रो आपकी विकेट गिरी हैट्रिक हो गया है। तो थैंक यू, थैंक यू सर। और आपसे बात करके मेरे दिल और दिमाग को बहुत ही सुकून मिला है क्योंकि बहुत बेचैन रहते थे, किसी से अपने मन की बात कर ही नहीं पाते थे। अच्छा, क्या करना है पता है?

जी जी, अमित साहब बोल रहे हैं ये तीसरा विकेट नहीं है, ये एक ही बॉल में तीन विकेट है। हां हां, इनकी फैमिली पूरी वाइफ और बच्ची जो है वो भी एक्स मुस्लिम हो गई है।

इबरा साहब, आप क्या करो मालूम है? एडमम साहब का एक सर्वर है डिस्कॉर्ड पे। डिस्कॉर्ड आप इंस्टॉल कर लो अपने मोबाइल पे और एडमम की कोई भी वीडियो पे आपको सर्वर मिल जाएगा। वो सर्वर ज्वाइन कर लो और वहां पे आपकी जैसी सोच वाले और जो हमारे चैनल से जुड़े हुए हैं, वो कई सारे लोग हैं वहां पे। तो वहां पर आप अपने दिल का हाल सब शेयर कर सकते हैं।

बस इतना, जितने भी लोग सर्वर पर जुड़े हुए हैं, यू ऑल गाइस, वेदर एक्स मुस्लिम, वेदर हिंदू, वेदर क्रिश्चियन, वेदर एथिस्ट, कोई भी हो, इंश्योर दैट यू आर नॉट शेयरिंग योर पर्सनल डिटेल विद एनी अदर पर्सन। बी इट हिंदू, बी इट, बी इट एक्स मुस्लिम, बी इट एथिस्ट, बी इट क्रिश्चियन, कोई भी हो। सर्वर पर जब आप होते हो और चूंकि हमारा चैनल जो है या हमारा एक्टिविज्म ये थोड़ा खतरनाक है, यू नेवर नो हु इज हु। तो आपने बस इस चीज का ध्यान रखना है। आप अपने दिल की बात बताइए, सारी चीजें बताइए। लेकिन आपने पर्सनल कोई इंफॉर्मेशन आपने नहीं देना है। तो आप अपना जो है वो वहां पर ज्वाइन करिए और जो लोग वहां पर मौजूद हैं, उनसे बातें करिए। कोई मुश्किल नहीं। आपको भी अच्छा लगेगा, दिल हल्का होगा। इंसान की फितरत में होता है कि उसको अपनी बात जो है जो वो तकलीफ में भी होता है तो भी उसको शेयर करना होता है और वो जब खुश होता है तो भी उसको शेयर करना होता है। ये इंसान की फितरत है।

तो जी, सोच हो रही है सर तो किसी से शेयर ही नहीं कर सकते। हां, इसी वजह से कहा ना कि आप सर्वर ज्वाइन कर लें, वहां पे बहुत से लोग आपको मिल जाएंगे। ओके सर, ओके सर, थैंक यू, नमस्ते सर। ठीक है, नमस्ते। ओके सर, थैंक यू सो मच, थैंक यू।

चलिए भाई, इबरा भाई जो है, ये पूरी फैमिली इनकी जो है वो एक्स मुस्लिम हो चुकी है। इट्स अ वेरी गुड स्टार्ट, स्टार्ट फॉर अस। अब देखते हैं, मैं सोच रहा हूं कोई मुसलमान आ जाए ताकि उससे बात हो जाए। बट उससे पहले कुछ सुपर चैट्स ले लेते हैं।

अ कॉन्टिक नए मेंबर बने। थैंक यू संजय यादव साहब। बहुत-बहुत शुक्रिया। बूमबाम कहते हैं, साहिल भाई, मेरे पास कुछ इंस्टा वीडियो है। उस पर आपका रिएक्शन चाहिए। कैसे दूं आपको? यार, मत भेजो तो अच्छा है यार। बहुत सारे मैसेजेस आते हैं। प्लीज।

सह्याद्री डायलॉग कहते हैं, भा वेद मंत्रा सा माझ चैनल पाहा। यार, यह सह्याद्री भाई ने लास्ट टाइम भी सुपर चैट भेजा था। जो भी लोग वेद मंत्र में इंटरेस्टेड हैं, वो भाई के चैनल को देख लें।

ऋग्वेद फल्ले साहब कहते हैं, सर आई सेंड योर मैसेज ऑन WhatsApp, डिड यू रीड? भाई, इतने सारे मैसेजेस मुझे आते हैं WhatsApp पे। सो आई डोंट रीड WhatsApp मैसेजेस अनलेस एंड अंटिल वो परफ्यूम का आर्डर हो। ठीक है? अदरवाइज आई डोंट रीड। तो आई एम रियली सॉरी। अगर आपने परफ्यूम का आर्डर दिया हुआ है तो फिर से एक बार भेज दें। परफ्यूम का आर्डर नहीं दिया है तो मत भेजें।

थैंक यू सो मच दिनेश ओला साहब। थैंक यू सो मच। नम्रता तिवारी जी जो है, वो काफी हमको, यू नो, ऑफ लेटली आई हैव सीन शी इज सपोर्टिंग अस विथ लाल मिर्ची इन ऑल दी टीम्स। थैंक यू सो मच नम्रता जी अगर आप मुझे सुन रही हैं। बहुत-बहुत शुक्रिया क्योंकि देखिए आप जैसे लोग जो है, जो फाइनेंशियली सपोर्ट करते हैं। ये बहुत कम होते हैं। गिनती के समझिए 15-20 लोग होते हैं। और हमेशा सपोर्ट करना इट्स वेरी वेरी डिफिकल्ट। मतलब अगर एक इंसान लगातार सपोर्ट करते जा रहा है वो भी लाल मिर्ची के साथ। तो ये एक, एक के लिए पॉसिबल नहीं होता। उसके बावजूद भी आप अगर सपोर्ट कर रही हैं तो आई फर्स्ट ऑफ ऑल आई सलूट यू फॉर यू नो द कंसीडरिंग अस वर्दी ऑफ स्पेंडिंग यू नो योर हार्ड अर्नड मनी। थैंक यू सो मच। बहुत-बहुत शुक्रिया।

तो अच्छा ये क्या लिखती हैं, वो मैसेज भी पढ़ लेता हूं। आपकी हेल्थ और जो भी पर्सनल इशू है, सब ठीक हो जाए। सर जी, आप ही लोग हो जो दोबारा पार्टीशन होने से रोक सकते हो। प्लीज सेव इन हिंदुस्तान। थैंक यू सो मच।

एडमम सीकर भोजपुरी कहते, का हो साहिलवा और एडमम, वाह, कसन बा? एकदम ठीक बा, भोजपुरी भैया।

रेड बुल साहब कहते हैं, लास्ट वीक शान की सफाई जबरदस्त थी, मैंने रिपीट करके दोबारा सुना, मजा आया और उस एमएमए ने तो शुरू में ही अपने मां, बहन, बीवी को एक्जिस्टेंस से ही इंकार कर दिया था। सब केवल जी, एक्जेक्टली। एंड आई एम वेटिंग फॉर एमएमए, आ जाओ यार।

ब्लेस मोमिना, तुम जब भी आती हो, माइक और कैमरे की परमिशन नहीं देती। यार, तुमको लेता हूं। चलो सबसे, हां, सबसे पहले दो सुपर चैट के बाद जो है, वो ब्लेस मोमिना को मौका देंगे।

गसिप फोरम, थैंक यू सो मच। प्यारे भाई कहते हैं, मैं सोचता हूं जब एक के बाद एक आकर सब ये कल छोड़ते हैं तो ये हगरा एंड कंपनी क्या कपड़े फाड़ते होंगे। पूरे जोर लगाने के बाद भी लोग निकलते जा रहे हैं। और ये लोग सारे लोग हमारी स्ट्रीम देखते हैं। हां भाई, ये पूरी कोशिश में रहते हैं कि साहिल, एडमम इनको कुछ ऐसा पॉइंट दे कि इनके बल्ले-बल्ले हो जाए। एक पूरा स्ट्रीम हमारे नाम पर ये लोग करते तो दे लिसन टू अस, आई नो दैट।

क्रिकेट विद रुद्राक्ष कहते हैं, क्या बात है साहिल भाई, आज 86 स्टार्ट में ही एक विकेट डाउन कर दी। वैसे आपने बंगाल फाइल्स मूवी देख ली? भाई, मैंने कहा ना, मैं फिलहाल बहुत परेशानी में चल रहा हूं पर्सनल इश्यूज के वजह से, पर्सनल प्रॉब्लम की वजह से। एंड लेट मी रिपीट इट वंस अगेन, इट्स नॉट एनी सिक्योरिटी थ्रेट, इट्स समथिंग डिफरेंट। तो आई हैव नॉट सीन दैट मूवी, आई एम रियली सॉरी। मेरे को मौका जब मिलेगा तो आई विल, विल सी दैट। ओके।

अ ब्लेस मोमिना, वेलकम, हेलो।

जी ब्लेस मोमिना कैसी हो? ठीक हूं आप बताओ। हां मैं भी ठीक हूं। आज जुमा की नमाज पढ़ी है या नहीं पढ़े?

लड़कियां जुमा नहीं पढ़ती, जोहर की नमाज पढ़ती हैं। पढ़ी है? अरे तो मस्जिद में जाके पढ़ लेती। आपके रसूल्लाह ने तो थोड़ी ना औरतों को मना किया है। इनफ अब्दुल्ला इबने उमर कहते हैं कि आप अपनी अल्लाह की बंदियों को मस्जिद से जाने से ना रोको। तो मस्जिद में जाके पढ़ लेना चाहिए ना। अहले हदीस बन जाओ आप। अहले हदीस बन जाओ। हम अहले हदीस बन जाओ। अहले हदीसों की मस्जिदों में औरतों को लोग एंट्री देते हैं। बहुत सारी अहले हदीस मस्जिदों में।

अच्छा हां, लेकिन देखो तुम अहले हदीस बनो या फिर कोई दूसरे फिरके में जाओ तो रहोगी तो दिमागी अपंग और दिमागी अपंग होने में कोई अच्छी बात नहीं होती है। ब्लेस मोमिना तो दिमागी अपंगता से बाहर क्यों नहीं निकल जाती? पूछा है किसी ने आपसे? मैं यहां पे आप इसकी जो आपकी स्क्रीन का जो टॉपिक होता है क्या है? अरे कान फाड़ दोगे प्लस सोमनाथ थोड़ा हेडफोन सही लो।

अब ठीक है। हां, हिलाओ मत। ये हिलाओ मत। हिलाओ मत। अरे रे रे रे रे। अब ठीक है। सैल आज ज्यादा मत परेशान करना यार। तबियत ठीक नहीं है इसकी। हां।

अच्छा ब्लेस मोमिना की तबीयत सही नहीं है। चलो साइंस इतनी आगे बढ़ चुकी है। अल्लाह तो कुछ नहीं कर सकता तबीयत के लिए, लेकिन हां साइंस का सहारा लोगे, डॉक्टर के पास जाओगे, अच्छा इलाज करवाओगे तो साइंस आपको जरूर ठीक कर देगा।

जी ब्लेस मोमिना क्या कहना चाह रही है आप? आप बोलने का अब आप दोनों ने बोली और मैं बोलूं थोड़ा सा।

जी जी प्लीज। मेरी तबीयत बिल्कुल ठीक है। ये अपने पास से आप अजमशंस ना पैदा करो कि मेरी तबीयत नहीं थी। जो मस्जिदों की बात है, मौलवियों की या नमाजों की बात है तो ये तो मेरा मामला है ना, आपका नहीं है। यहां पे आपका टॉपिक क्या है कि लाइव डिस्कशन, ओपन लाइव डिस्कशन। ठीक है?

हां, मेरा मैं बताता हूं। मेरा मामला ये है के मेरा ये दावा है ब्लेस मोमिना कि दुनिया में जितनी भी परेशानियां है और ये मैंने एक मुफ्ती से भी बात की थी लेकिन मुफ्ती भाग गया था। मेरा ये दावा है कि ये फिर इस तरह मैं चली जाती हूं। मैं इतने पुरसकून होके आपसे बात कर रही हूं, तमीज के साथ, इज्जत के साथ। मैं भी तो अच्छे से। मैं आपकी कोई मैं आपके साथ कोई बदतमीजी किया तो मैं आपसे ये कह रही हूं। ये मेरा मामला है। मैं नमाज पांच पांच वक्त की पूं दो वक्त की अहले हदीस रहूं या अहले तशी रहूं या बरेलवी रहूं या सुन्नी रहूं, आपको क्या इससे? ये मैं जहन्नुम में जाऊं, जन्नत में जाऊं, मेरा मसला। मैं आपकी मैं आपको करता हूं ना अपना टॉपिक। मेरी क्या? क्यों आप मेरे फादर हो या मेरे भाई हो? क्या हो आप मेरे? लेकिन आप एक इंसान, इंसान हो ना? क्या वो भी नहीं हो? तो फिर मैं भी तो इंसान हूं। मैंने रब कहा है। मैं भी वही कह रहा हूं कि आप इंसान हो और इस हां ना मैं इंसान हूं। आप भी इंसान। मैं आपकी केयर कर मैं कर आपकी मैं आपको इनवाइट कर मैं आपको तो नहीं लूंगी। मैं तो कहता हूं पहली बार इंडिया आ जाओ और मेरी केयर करो। मैं तो चाहता हूं कि आप मेरी केयर करो।

देखो इंडिया और पाकिस्तान की बात नहीं करो। फिर तुम लोग सारे मिलकर कह देते हो पाकिस्तानी ये, पाकिस्तानी वो और इस्लामिक यूनियन से ताल्लुक है। इसका तो ये तो वो है, उसकी आईएसआई की एजेंट है। भाई हमें घर में हमारे पेरेंट्स इस हद तक वो हैं, सख्ती करते हैं। हमारी घर में नहीं चलती है। तो पाकिस्तान में चलेगी। आईएसआई में चली गई। तो थोड़ा सा इस चीज को कंट्रोल करो।

अब्बा मारते हैं आपको? पट्टों से मारते हैं। कैसा मारते हैं? नहीं भाई, वो बहुत पढ़े लिखे इंसान है। तो पढ़े लिखे इंसान होने से क्या हो जाता है? मुसलमान है या मुसलमान नहीं है? देखो आपको मैं अपने टॉपिक पे बात कर रही हूं कि मतलब जो क्या टॉपिक है? मैं वो कह रही हूं आपसे कि उसके लाइव डिस्कशन है। तो आप इसमें मेरी पर्सनल चीजों की डिस्कशन कर रहे हो। यह तो मेरा इसमें किसने कहा है यह जो साथ बैठा था कि बीमार है, बीमार है।

अच्छा बीमारी की बात की ना सुन लो। अच्छा आपने कहा अल्लाह ताला कुछ नहीं कर सकता। साइंस ने तरक्की कर ली। अब मेरी बात सुनो। मैं वैसे अपनी जाती चीजें या जाती तकलीफ किसी इंसान को नहीं बताती, रब के अलावा। फिर भी सुन लो।

भी नहीं बताते। कुछ भी नहीं बताते। कुछ ज्याती तकलीफ ऐसी होती है जो तक ही जाती है बस। तो सुन लो ना उसमें साइज। अच्छा पहले एक मिनट, एक मिनट। पहले लंबी सांस लो। हेडफोन आपने लगाया हुआ है? हां, लिया है। इसलिए वो वो हेडफोन आपका आप पागल बन चुकी है और जिससे भी आपने खरीदा है उसने आपको बेवकूफ बनाया। हेडफोन पहले निकाल दो क्योंकि है ना उसमें इसमें डिस्टरबेंस बहुत आ रहा है।

अच्छा सुनो। अब देखो। अब ठीक है। रुको। अब ठीक है। इसमें ये उलझ गया है। अब ठीक है। उलझ गया। अब ठीक है। आय हाय। हां। चलो ये निकाल नहीं सकते। ठीक है। कोई बात नहीं। अब ठीक हो गई है। अच्छा पहले मैं अकेली तो नहीं रहती। हां। लंबी लंबी लो। सुन लो ना मोमिना।

भाई मैं क्यों सोच लूं? मेरा मसला तुम्हारा थोड़ी है। ये देखो जाती बातों पे मैं चली जाऊंगी। अरे से यार नहीं जाओ। रुक जाओ। इतने प्यार से बोल रहा हूं। मैं इस वजह से बोल रहा हूं क्योंकि आप जो है ना लगातार बोले जा रही है। डिस्कशन जब आप करने आते हो तो आप मेरी भी सुनो। अपनी भी सुनाओ। कुछ मेरी सुन लो। कुछ अपनी सुनाओ। अब मेरी पहले सुन लो। मेरी पहले सुनो।

मैं कह रही हूं कि आपने कहा साइंस ने तरक्की कर ली तो मैं एक बीमारी आपको बताऊं कि साइंस ने कोई तरक्की नहीं की और रब के अलावा कोई ठीक नहीं कर सकता। ठीक है? मैं बोलूं? ठीक है। बोलो।

अच्छा इस ये जो साथ बैठे हुए इंसान थे जो भी है मुझे नहीं पता कहा कि बीमार है जी बात ना करो। पहली बात तो मेरी बीमारी मैं बीमार मेरा मसला है या मैं ठीक हूं मेरा मसला है। ये ना मेरे साथ इस तरह ना बात करे कि मैं बीमार हूं। नहीं वो कौन सी बीमारी है जो आपका अल्लाह ठीक कर सकता है? तो मैं बता मैंने कहा साइंस नहीं उसका इलाज कर सकती। आपको मैंने कौन सी बीमारी है जो आपका अल्लाह ठीक कर सकता है? बात करने आई थी इंसान बात और करने आता है आप इस पे चलो इस पे सिर्फ एक आधा मिनट बात होगी 30 सेकंड।

हम जो डेंगू फीवर होता है उसका कोई इलाज है? बताओ मुझे। किसने बोला नहीं है? डेंगू फीवर का इलाज यार लाखों लोगों को डेंगू होता है और होते इसके जो बुखार होता है इसका बस बुखार उतारने की दवाई। ठीक ठीक है। हम बुखार चढ़ गया बुखार उतर गया उसके लिए आप प्लेटलेट्स गिर रहे हैं, जूसेस पी लो या ऐसी डाइट अपनी कर लो। ठीक है? इसके अलावा मुझे कोई किसी मेडिसिन के डब्बे पे लिखा दिखा दो कि ये या किसी फार्मेसिस्ट से पता करा दो या डॉक्टर से या किसी से कि ये डेंगू के लिए है। डेंगू के लिए कुछ भी नहीं है। आप लोग मुझे पता है इंडिया में इसको मैंने इसकी वीडियोस देखी है। अभी डेंगू कहते हो। चलो मैं आप लोगों के लिहाज में डेंगू कह लेती हूं। हम लोग डेंगू कहते हैं। तो इसके लिए कोई इलाज नहीं बना। ये प्रिकॉशंस हैं कि आप मच्छर आपको ना काटे, मुंस में लगा लो या व्हाटएवर। तो इलाज नहीं है। अब पहले आपकी बात गलत साबित कर दी मैंने कि इसका इलाज नहीं है। अब आप मेरी बात साबित कर दो कि इससे अल्लाह ठीक नहीं करेगा। ओके।

अच्छा चलो यार मुझे नहीं मालूम था ब्लेस नोमिना कि तुम मतलब इस लेवल का भी तुमको पता नहीं होगा। ठीक है? आपको पता होनी चाहिए कि ना करो। देखो मैं पर्सनल हिट नहीं कह रही हूं कि मुझे पता नहीं, मैं जाहिल हूं, मैं पंगू। तो मैंने ये बात अगर आप इस अभी देखो आप मेरे मेरी बात में बोल रहे हो। हालांकि मैंने आपकी बात पूरी सुनी। ठीक है? बीच में नहीं बोलना चाहिए। ये है ना अदब के खिलाफ होता है। आपको पता होनी चाहिए ब्लेस मोमिना जी कि बहुत सारी जो बीमारी होती है हमारा जो सिस्टम है, बॉडी का सिस्टम है, जो इम्यूनिटी है वो उससे लड़ती है और जो आपको जो उसके सिम्टम्स होते हैं। ठीक है? आप उसको सिम्टम्स के इलाज करते हो। ठीक है? और आपकी बॉडी जो है वो खुद फाइट करती है बीमारी से और आप अच्छे हो जाते हो। ठीक है? तो आपके प्लेटलेट्स उसमें डाउन हो रहे हैं या फीवर आ रहे हैं। बहुत सारी देखो सॉरी, मैं आपको रोक रही हूं। मुझे आप कह के ना ही कहो कि आपके प्लेटलेट अल्लाह ना करे मेरे प्लेटलेट्स इस तक गिर जाए। मेरे मत कहो, अपने कहो। बोलो मेरे प्लेटलेट मोमिना। मैं जब जब मैं आप बोल रहा हूं इधर तो मैं जनरल बात कर रहा हूं। मेरी मत मुझे मत आप कहो ना। आप अपना कह दो बस मेरा मत कहो। अरे अगर आपका भी बीमार हूं। मुझे बदला नहीं देना। नहीं रुक तो सही। सुनो सुनो। आपके लिए नहीं बोल रहे। भाई बात होगी, बात होगी। 4000 लोग सुन रहे हैं और भी उनको आप करके बोल रहे हैं। सिर्फ आपके लिए फिर उनका नाम लो। फिर ये बोलो इसको अमित को बोलो। तुझे प्लेटलेट मेरा मत लो। मेरा मत लो। रुक जाओ थोड़ा। आप मुझे मतिका कहो। अरे रुक जाओ। मेरा नाम ओके।

नहीं बात ये है कि जब आपने खुद कहा है कि आपका अल्लाह उसको ठीक करता है तो आपको डरने की जरूरत नहीं है। हो भी गया तो आपका अल्लाह ठीक कर देगा। कोई मुश्किल नहीं। मुझे डर नहीं है। मुझे डर नहीं है। मुझे मौत पे भरोसा नहीं है। अल्लाह पे भरोसा। अल्लाह पे भरोसा है। लेकिन तुम क्यों मुझे बोलो कि मैं मेरे प्लेटलेट्स गिर जाए? फिर मेरी बॉडी फाइट करेगी। मत करो ये बातें। अपने बारे में करेंगे। अरे आपका अल्लाह उसको ठीक कर देगा ना? रुक जाओ।

अच्छा सुनो मेरी बात। मैं आपको नहीं यार ब्लेस मोमिना सुनो मेरी बात अच्छे से सुनो। ठीक है? मतलब यहां पे आपके प्लेटलेट्स जब गिर जाते हैं जब बोल रहा हूं आपसे मुराद आप नहीं है। आप मुराद नहीं है। मैंने क्लियर कर दिया ना? तो आप बोलो आप सब लोगों के जो ये स्ट्रीम देख रहे हैं मेरा किसी के। ओके वेट। किसी के प्लेटलेट्स अगर गिर जाए, किसी को डेंगू हो जाए या डेंगू हो जाए ठीक है? उसके जो सिम्टम्स है उसका इलाज किया जाता है और आपकी बॉडी में जो इम्यूनिटी होती है वो उसके साथ फाइट करती है और जो आपके सिम्टम्स है उसका इलाज जो है वो डॉक्टर उसके हिसाब से आपको दवा देते हैं। ठीक है? तो इसमें कोई आपके अल्लाह का कोई दखल नहीं है। यह जो हमारी बॉडी का जो फंक्शन है, बॉडी की जो इम्यूुनिटी है, प्लस उसके ऊपर से जो एडिशनल सपोर्ट साइंस की वजह से आपको मिल रहा है, इस वजह से आप बच जाती है या जिसको डेंगू हो जाता है या फिर आप बच जाती है।

फिर आपने बोला आप बच जाती है। जिसको जिसको हो जाता है वो बच जाता है। अच्छा ये सारी चीजें छोड़ दो। इस पर हमारा डिस्कशन हो गया। ब्लेस मोमिना यह बताओ मेरा दावा यह है कि दुनिया में जितनी भी बुराइयां हो रही है, किसी का रेप हो रहा है, किसी का कत्ल हो रहा है, किसी का माल लुटा। अब आप सुन नहीं रहे हो। अब आप सुन नहीं रहे हो मेरी बात। थोड़ा पहले सुन लो आप। आप पहले डेंगू से मत हटो। पहले ये बात कंप्लीट करो। डेंगू वाला डिस्कशन।

डेंगू वाला डिस्कशन हो गया। मैं इसको आपने अपना बताया कि आप इस तरह सोचते हो। मैंने कहा कि इसको को इसको डॉक्टर्स नहीं ठीक करते मेरे नजदीक। ठीक है? आपका अपना पर्सपेक्टिव है, मेरा अपना। मेरा पर्सपेक्टिव यह है कि यह बीमारी जैसे वैसे तो मेरे हर बीमारी ही अल्लाह ठीक करता है। लेकिन आपने कहा कि कोई बीमारी ऐसी नहीं जिसका साइंस ने इलाज ना ढूंढा हो। मैंने कहा साइंस ने नहीं ढूंढा। मैंने कब कहा बताओ कि कोई ऐसी बीमारी नहीं है जिसका साइंस ने इलाज नहीं। कुछ तो ऐसा बोला था मुझे याद नहीं। क्योंकि मैं जो चीज आपको याद ही नहीं है वो चीज आप मुझ पर ब्लेम नहीं कर सकती है ना? ये तो गलत तरीका है। अच्छा चलो ब्लेम नहीं कर रही थी। ओके।

अपनी अब ये ब्लेस मीना ये सुनो यार। ब्लेस नो मीना ये हमारा डिस्कशन हो गया। आपने कहा था 30 सेकंड से ज्यादा इस पर हम बात नहीं करेंगे। मेरा दावा सुन लो और मेरे दावे पे आप कितना एग्री करती है कितना नहीं करती सुन लो। मेरी मेरी एक बात सुन लो। एक एक दो मेरी कंडीशंस है। मैं आपको इस्लाम की दावत नहीं दूंगी। मैं नहीं कहूंगी आप मुसलमान हो जाओ। ठीक है? मैं अगर ये बात कहूं कि आप मुसलमान हो जाओ तो मैं अपने जुबान से हट गई। आप मुझे बोलो कि आप मुसलमान खत्म हो जाओ। हम इस इसको छोड़ दो। तो ये भी गलत है। आप मुझे मत कहना। मैं आपको नहीं कह रही। एक चीज हो गई। ओके।

एक बात बताओ ब्लेस मोमना अगर आपको एक एक बड़ी बीमारी लगी हुई है। ठीक है? बड़ी बीमारी यार हाइपोथेटिकल सिचुएशन बता रहा हूं कि आपको अगर बड़ी बीमारी हो गई और मैं आपको सलाह दूं कि भाई इसका इलाज करवाओ, ये इंजेक्शन लो, ये खाना छोड़ दो तो आपकी बीमारी सही हो जाएगी तो इसमें कुछ गलत बात? इस्लाम ने भी है ऐसा तो इस्लाम ने भी नहीं कहा कि तो तबीब, तबीब वर्ड सुना है ना? इस्लाम ने भी कहा है। इस्लाम ने तो बल्कि देखें मैं वही मैं कह रहा हूं कि इस्लाम एक बीमारी है। आप उस बीमारी की मुझे दावत मत दो। आप खुद समझ गई है कि मुझे दावत नहीं देना चाहिए। लेकिन मैं आपको इस बीमारी से निकलने की जरूर दावत दूंगा और बीमारी से निकलने की दावत देने से पहले आपको यह साबित करूंगा कि ये बीमारी है। उसके बाद दावत दूंगा कि हां इस बीमारी से आप बाहर निकलो। मुझे ओपन ओपन लाइव डिस्कशन करनी है। मुझे किसी को इनवाइट नहीं करना ना खुद इनवाइट होना है। ओके।

मेरा दावा ये है ब्लेस मोमिना आप इससे एग्री करती हो या नहीं एग्री करती हो और अगर हो डिस्कशन मैंने करनी है। मैं आपको टॉपिक बता रही हूं। ठीक है? उस पे बात करनी है तो कर लें। अगर आपकी मर्जी है आपकी आपकी लाइव है और आपका चैनल है, मेरा तो नहीं है। मेरा जब होगा तो मैं आपको बोलूंगी। टॉपिक बताओ। इस्लामिक टॉपिक चाहिए? इस्लामिक टॉपिक है। हम एक एक सेकंड अभी दिमाग से निकल गया ना। इतनी अहम बात मेरे दिमाग में आई थी। रुको। दिमाग से भी निकल गया। अभी जब आप पिछली क्या नहीं? अभी आपने ये दो मिनट चुप रहो ना मुझे इतना आपके लिए पॉइंट आया था ना साहिल भाई। एक मिनट यार भाई तो नहीं बोलो ना यार मोमिना दिल पे चोरी चुती है आपने मुझे कहा आपने अभी मुझे क्या कहा था थोड़ी देर पहले कि आपका अल्लाह जो है जितनी भी गंदगी है जितने भी दुनिया में प्रॉब्लम है उसकी जड़ जो है वो आपका अल्लाह है? सही सही याद आ गया। अस्तकफुल्लाह नाउज बिल्लाह ऐसी बात नहीं है।

अच्छा आपको मैं एक ये पॉइंट कर देती हूं। मेरा मेन टॉप कुछ और होगा। आपने कहा कि ये जो है इस्लामिक बात करो तो जो बीमारी है आपने ये कहा ना मुझे कि अल्लाह बीमारी ठीक कर देगा। बस तो तुम लोग डॉक्टर मतलब शायद मैंने ये बात की। पता नहीं। तो ऐसा नहीं है। इस्लाम ने डॉक्टर के पास जाने से कभी भी मना नहीं किया। ठीक है? और यह बात यहां से साबित हो गई। आप बेहतर जानते हो कि औरतों का पर्दा लाजिम है। समझ आई बात? लेकिन अगर ऐसी बीमारी आपकी जान जाने का खतरा है और उस वक्त जो तबीब है वो ओनली मेल अवेलेबल है तो आप उससे भी अपना इलाज किसी भी किस्म का करवा सकते हो। तो इससे साबित हो गया कि इस्लाम ने डॉक्टरी को या फिर दवाइयों को या फिर इलाज मोलजे को कभी भी गलत नहीं बोला और ना ही इस चीज से हमें मुसलमानों को मना किया। हम अगर इलाज से पहले दुआ पे यकीन रखते हैं तो हमारा मैटर है। अब इसको आप डिफेंड कर सकते हो कि अल्लाह ने मना किया इलाज से तो वो कर लो। फिर मैं अगला टॉपिक कर लूं। चलिए थैंक यू सो मच।

अब देखिए आपकी बात मैंने अच्छे से सुना ना हम तो अब मेरी बात भी आपने अच्छे से सुनना है। ठीक है? मुझे एक बात बताओ द ब्लेस फोमिना ठीक है? मुझे एक बात बताओ आपके पास एक मेडिसिन है जो कंफर्म सारी बीमारियों का इलाज करती है। ठीक है? नो साइड इफेक्ट्स। नो साइड इफेक्ट्स। कुछ नहीं। सारी बीमारियों का इलाज करती है। ठीक है? अच्छे से सुनना ताकि अच्छे से आपके समझ में आए और अच्छे से आप आंसर दे सके। आपके पास एक मेडिसिन है जो कंफर्म सारी बीमारियों का इलाज करती है। नो साइड इफेक्ट। ठीक है? आप बताओ मुझे अगर आपको कोई बीमारी होती है। अच्छा वो ऐसी मेडिसिन है। वो ऐसी मेडिसिन है जो आपको इजीली ओवर द काउंटर मिल भी जाती है। अच्छा मेरी बात सुने। आपको नहीं मैंने आपकी बात सुनी हुई है। अभी आपने मेरी बात सुनी है। मैं भी कंटिन्यू करती हूं। कोई है तो मैं कंटिन्यू करूंगी थोड़ी देर तक।

भाई कोई आ गया ना हम चली गई यार ये क्या तरीका है? अपनी बात आपने कही जब पकड़ में आने पकड़ में आ रही थी तब आप चली गई आपका इंटरनेट चले गया? कोई आने वाला था? ये तो गलत बात है ना? ये ये तो गलत तरीका है ना ब्लेस मोमिना आएगी आएगी थोड़ी देर में आएगी आने दो इसको। इसको अभी मैं है ना वो चेक एंड मेड करने वाला था। ठीक है? और हमारे हमारे जो क्या नाम है व्यूअर्स हजरात थे वो कितने समझदार है। हां यहां पे खाली मैं यहां पे वो ये बिछा रहा था। ट्रैप लगा रहा था और आप लोग वहां पे फटाफट जो रिप्लाई करना स्टार्ट कर दिए कि क्या आने वाला है। वाह भाई वाह दोस्तों क्या बात है। क्या बात है। क्या बात है। चलो कुछ सुपर चैट लेते हैं। फिर नेक्स्ट कॉलर की तरफ बढ़ेंगे। यार अपनी प्यारी कॉलर है ब्लेस मोमना थोड़ा अच्छा लगता है मजा आता है तो थोड़ा मौका दे देना चाहिए इसको। चंद्रयान थ्री कहते हैं मोमिना बोली मौत से डर नहीं लेकिन प्लेटलेट्स गिर जाएंगे सूंघ के हवा सुन के हवा यार इनकी बात में हमेशा जो है ना तजाद होता है कंट्राडिक्शन होता है। हालांकि इसको डरने की जरूरत नहीं क्यों क्योंकि बीमारी देने वाला भी अल्लाह है, शिफा देने वाला भी अल्लाह है तो आपको डरने की जरूरत ही नहीं होना चाहिए बीइंग अ मोमिन और मोमिना लेकिन अब क्या करें ये अल्लाह पे 100% यकीन इनका नहीं होता। ठीक है। सुमित सैनी थैंक यू सो मच। नारायण YouTube कहते हैं बजाते रहो साहिल एडमम थैंक यू सो मच। अंब का नहीं पता कहते हैं सेवन इंटेस्टाइन वर्सेस वन इंटेस्टाइन सेड बाय रसगुल्ला नो टॉयलेट साइंस गिवेन बाय olला हूं उबर क्या बात है। एक्स व जी ये कुछ ज्यादा ही पागल है और एटीट्यूड दिखा रही है सामने वाला क्या बोल रहा है क्या नहीं सुन ही नहीं रही है। इंसान एग्जांपल देगा ना? कोई बात नहीं यार अपनी थोड़ा वो ऐसे कॉलर्स को हम थोड़ा बर्दाश्त कर लेते हैं। इनके वजह से कई सारे दूसरे लोग जो है ना उनका दिमाग खुल जाता है। नीरज गौतम जय श्री राम। साहिल एंड अमित भाई वेयर इस एडमम सीकर? जय श्री राम। सबसे पहले तो आपको और एडमम सीकर साहब को जैसे ही मौका मिलेगा ज्वाइन कर लेंगे। ब्लिस गेमिंग कहते हैं यो भूले तो यार ब्लिस गेमिंग भाई कैसे भूल जाएंगे भाई? वेलकम वेलकम कहां थे आप इतने दिन से? वसुंधरा डेंगू फीवर मेनली फोर टाइम्स। डेंगू हीमोरेजिक इज फेटल बट इफ नॉट डायग्नोस्ट ऑन टाइम। बिल्कुल थैंक यू सो मच वसुंधरा जी। मिनाज कहते हैं मैं वही हूं। ग्लास बतल वाला रेड जूस वाला। पैकिंग को लेके कॉम्प्लीमेंट दिया था कि छोटी टीवी भेज दिया टाइप्स पैकिंग। रेड जूस की रिवु बताता हूं। जल्दी बताएं यार। मैं वेट कर रहा हूं मीनास भाई आपके रिवु का। सेवेज डीमन कहते हैं साहिल भाई ननी ननी से हाथ हटा के बात करो। अबे ओ माय गुडनेस यार ये जो आपका जो यू यूजरनेम है ना स्क्रीन नेम सच्ची में वो वो सूट कर रहा है आप पे। ओ माय गुडनेस। मारू किशोर कहते हैं जिसे पूरी दुनिया परेशान है वो साहिल भाई आपसे परेशान है। बतिया भाई ओके थैंक यू। मी ब्लेस मोमिना वास सो क्यूट डम? यस शी शी इस क्यूट बट शी इस डम। तन्मय घंटी कहते है भाई WhatsApp नंबर दे परफ्यूम ऑर्डर करना है। हमारे यहां देखिए नीचे स्क्रीन पर आप लोगों को एक रेड कलर का बैनर नजर आ रहा होगा इस सुपर चैट के नीचे वहां पर जो नंबर चल रहा उस पर आप WhatsApp मैसेज भेज के आर्डर कर सकते हैं। ब्रह्मास्म कहते हैं मैं

इजराइल की कंपनी में काम करता हूं। एंड इजराइल मुस्लिम कंट्रीज को ठोक रहा है। अल्लाह मुझे क्या सजा देगा? वाह भाई वाह। गरम पकोड़े में तेल में आपको पकोड़ा बनाएगा अल्लाह। वीआईवी कहते हैं थैंक्स फॉर डूइंग दिस ग्रेट वर्क ब्रदर्स। थैंक यू।

अल्ताफ रजा कहते है अल्लाह के अज़ाब से डरो। यार अल्लाह का अज़ाब तो गाजा और बाकी जगह पे और हमास के लीडरों पे आया हुआ है। तो उनको डरने की जरूरत है। अल्लाह अज़ाब भी भेज रहा है तो मुसलमानों पे भेज रहा है। इट्स सो सैड। एक्स वाई जी। अरे वाह साहिल भाई थर्ड विकेट गिरा दिया। थैंक यू।

ब्लैक भाई कहते हैं एक से एक लाख मराठा सवा लाख से एक लड़ाओ। क्या बचेगा? बिल्कुल सर कुछ नहीं बचेगा। संदीप कहते हैं कितनी किलो कलौंजी खाने से कैंसर ठीक होता है। अब यह तो वह जब ब्लेस मोमिना आएगी वही बताएगी। साइलिज्म परफ्यूम की बोतल से खतना मतलब क्या परफ्यूम की बोतल को तोड़ के खतना करने वाले हो भाई ना करो ऐसे यू साइलिज्म बतल फॉर खतना गेट रिजिड फ्रॉम लाइफ टाइम गुसल एंड एंजॉय एक्सोटिक फ्रेगरेंस बिकॉज़ दे ऑलवेज आस्क अबाउट हाउ टू डू गुसल आफ्टर डिंग ईटिंग क्या बात चलिए लेट्स मूव टू द नेक्स्ट कॉलर यार नॉन मोमिन धीरू सोलंकी भाई छोड़ दीजिए मुस्लिम साहब जी मुस्लिम है जी जी बिलकुल नमाज़ पढ़ते हैं जी अल्लाह का शुक्र जरा दद इब्राहीमी सुनाइए अल्लाह सला मोहम्मद मोहम्मद कमा सला इब्राहीमला इब्राहीम मजीद अल्लाहिकला मुदला इब्राहीमला मजीद आप एमएमए है ना नाम चेंज करके आए क्या हो गया नाम क्यों चेंज करना पड़ा आपको नाम कर लेता हूं इसमें भी कर लो एमए या पकड़ा गया एमएमए ओके एमएमए लास्ट टाइम जब आप गए थे ये देखिए वो वाला जो ये है अपना नोटपड है जिस पर हमारा डिस्कशन हुआ था वो अभी तक बंद भी नहीं हुआ है और आप लास्ट टाइम आपने कहा था कि मैं इस बारे में सोच के आऊंगा एक मिनट रुकिए एक मिनट दीजिएगा मुझे हम हम हम हां हां हां हां यार वो पता नहीं मेरा वो वाला नोटपड किधर गया चलो जब तक मिल जाएगा जो अभी इस टॉपिक पे था उस पर बात कर लेते हैं।

नहीं आप होमवर्क ले आप होमवर्क ले गए थे ना तो हां तो मैंने कब कहा नहीं करनी मैं मैं कह रहा हूं ना मैं कर लेता हूं अभी ये वाला जो टॉपिक रखा हुआ है कि जी इस्लाम जो है सबसे पहली सबसे बड़ी जड़ है प्रॉब्लम्स की उसप बात कर लेते हैं उसप उस पर भी बात करेंगे लेकिन आप जो होमवर्क ले गए थे वो आपने किया ये मेरे पास मिल गया है वो एक मिनट रुको जी यहां पर हमारा डिस्कशन हुआ था। यह देखिए ये देखिए ये यहां पे हम यहां पे जी भाई तो आपने होमवर्क किया। आपको कुछ पता चला? आपको कोई ऐसी सिचुएशन मिली जहां पर आपकी कोई मां बहन बेटी को स्लेव बना के उसके साथ सेक्स करे। उसको बेचे तो ये इंसानियत के मुताबिक होगा। मुझे कंफर्म नहीं है कि आपने मेरे साथ डिस्कशन की थी या आपके साथ ही 110% आपके साथ ही की हुई है एमएमए साहब ये आपको पता होना चाहिए क्योंकि आप होमवर्क ले गए थे आपको 110% पता होनी चाहिए आप अभी भागने की कोशिश बिल्कुल ना करें नहीं भाग कौन रहे थे अगर आप बैक स्टेज ना करो तो भाग कौन रहे हो नहीं मैं यार उस दिन मैं आपसे तकरीबन एक घंटे के आसपास बात किया एमएमए भाई मैंने आपको बैक बैक स्टेज नहीं किया था। ठीक है। बैक स्टेज ना करना। आज भले सारी रात में डिस्कशन करने के लिए रेडी हूं। लेकिन आई एम सॉरी मुझे ये चीज थोड़ी भूल गई क्योंकि मैं लाइफ काफी बिजी होती है। जॉब वग मैं भूल गई। आप भूल गई। आपको भूल गई ये बात।

लो दोस्तों यह एमएमए साहब के साथ लास्ट फ्राइडे को डिस्कशन हुआ है एक घंटे का और एमएमए साहब कह रहे हैं कि एक हफ्ते में इनको ये बात भूल गई है। कोई बात नहीं मैं आपको याद दिला देता हूं। ठीक है? मैंने आपसे यह पूछा था ये देखिए यहां से हमारी डिस्कशन स्टार्ट हुई थी। मैं फटाफट आपको बता देता हूं। मैंने आपसे पूछा था कि आप मुझे कोई एक ऐसी सिचुएशन बताएं जहां पर कोई आपकी मां बहन, बेटी, बीवी को स्लेव बनाए। उनके साथ सेक्स करे उनको बेचे तो ये इंसानियत के मुताबिक होगा। ठीक है? एक मिनट आप कह रहे हो कि लास्ट वीक एक मिनट एक मिनट एक मिनट ये आपका एक झूठ पकड़ा गया। लास्ट वीक तो मैं किसी भी स्ट्रीम पे ऑनलाइन ही नहीं हुआ। लास्ट वीक आपने कौन सी डिस्कशन की मेरे साथ? भले अभी निकाल कर देख ले। अगर स्ट्रीम में मैं वही वाला हूं तो बात करना। लास्ट वीक तो मैंने किसी से कोई डिस्कशन तो नहीं। आप एमएम में एमएमए नाम रख के कभी कबार आ जाता हूं। लेकिन ये वाली डिस्कशन मैंने नहीं की। लास्ट लास्ट यार एक मिनट रुक जाओ भाई अमित लास्ट फ्राइडे की स्ट्रीम निकालो निकालो और उसमें हां उसमें जो एमएमए के साथ डिस्कशन हुआ है जरा लेके आओ जल्दी से थोड़ा वेट करो अभी हम दिखाते हैं अच्छा साहिल साहिल बैक स्टेज में एक मुफ्ती तोकीर रजा करके देख लो कोई असल में मुफ्ती है क्या एक मिनट रुको मैं चेक कर लेता हूं एक मिनट रुको यार मैं थोड़ा चुप हो जाना अमित चेक कर रहा मुफ्ती तौकीर रजा तौकीर रजा तो यार ये अपने इंडिया का एक डंगर है ना ये वो थोड़ी ना आएगा उसका नाम रख के कोई आया होगा या कोई दूसरे मुफ्ती है पता नहीं पूछ लेते ब्रो मैं अरे यार एमएम आपको नहीं बोल रहे हो थोड़ा चुप हो जाओ हां भाई मुफ्ती तौकीर रजा साहब आप वाले मुफ्ती है नाटा पे देंगे ढेल देंगे पेल देंगे डंगर साहब यार तू तू हमेशा एडमम की स्ट्रीम में करता है। मेरी स्ट्रीम में ऐसी हरकत करता नहीं है। तू क्यों कर रहा है भाई? मेरे को मालूम है एडमम से तेरे को कोई पर्सनल दुश्मनी है। तू कोई एक्स मुस्लिम या कोई पक्का वाला एथिस्ट होगा। आई नो दैट। ठीक है? तू मोमिन तो हो नहीं सकता। तू कोई पक्का वाला जो है ना एथियस्ट है जिससे तेरे को एडमम से चिर है। और तू एडमम के वहां पर ये करता है समझ में आता है। तू मेरी स्ट्रीम में तो कभी इस तरीके की हरकत किया नहीं। भाई तू क्यों कर रहा है यार? ऐसा मत करना।

हां अच्छा दोस्तों मुझे बताना कि लास्ट टीम में ही हमने जो स्लेव वाली डिस्कशन जो है वो लास्ट टीम में ही की थी ना दोद जन से एक तो ये था उस शान आया था उसके बाद एमए में आया था यही वाला है क्या हां ये लास्ट वीक की स्ट्रीम है ना हां थी ये तो बाद में आया था आप अभी जो आंसर दे रहे हो वो चांद के बाद आया करूंगा या कहने पे मैंने कोशिश करी तो उस बात को मैं बताऊं या नहीं बताऊंगा और नहीं बताना है आपने देखो को बताना बताने की आपको जरूरत नहीं है क्योंकि आप उस अमल को जस्टिफाई नहीं कर सकते। ये कह के इंसानियत की बात है। ओ माय गुडनेस इमेजिन एक सेम इंसान रुक जाओ थोड़ा इंटेलिजेंट की बात नहीं कर रहा। चलने दो उसके साथ सेक्स करे। उसको बेचे इसको आप इंसानियत के मुताबिक समझेंगे। पहले मुझे वो सिचुएशन दो। डोंट आस्क मी क्वेश्चन। यू हैव टू गिव मी दैट सिचुएशन। बिकॉज़ यू हैव कम हियर टू डिफेंड योर बुलट इस्लाम। बुलट मैं समझ गया। मैं आपकी बात समझ गया। हां। अच्छा प्लीज आवाज अलग। रिलैक्स रिलैक्स। तो आई एम रिलैक्स। डोंट वरी। इनिशियली रुको अमित रुको। देखो अच्छा देखो यह मुस्लिम यह भी एमएमए है। अब मुझे यह नहीं पता कि कितने सारे एमएमए जो है वो स्ट्रीम में आते हैं। ये अभी नाम सुना होगा मैंने एमएमए बोला है। ठीक है तुम दूसरे वाले एमएमए हो। ठीक है। तो ये वाले एमएमए से बात हुई थी। मुझे मुझे झूठ बोलने की क्या जरूरत है? मैं नहीं था। वो कोई और था। कोई बात नहीं। ठीक है। ये भी लेकिन एमएमए ही था। ओके कोई बात नहीं। अच्छा चलो मैं तुमसे पूछ लेता हूं मुझसे। मुझे बताओ मुझे एक ऐसी सिचुएशन बताओ जहां पर कोई तुम्हारी मां बहन बीवी बेटी को स्लेव बना के उसके साथ सेक्स करे उसको बेचे ये इंसानियत के मुताबिक होगा या ये फेयर पनिशमेंट होगा मैं लिख लेता हूं जी ठीक है मैं बता देता हूं लेकिन मैं बेसिकली पहले बात करने आया हूं जो टॉपिक आपने रखा था ये इस तरह अचानक से आप टॉपिक जो चेंज कर देते हो तो यह थोड़ा मैं इस भी बात कर लेता हूं लेकिन इसके बारे में पूरी मुझे देखना पड़ना है। मैं उस टॉपिक पे बात करना है जो आपने पहले रखा था और जो अभी आप ब्लेस मोमिना से जो बात कर रहे थे अगर आप उसी टॉपिक पे बात कर लो तो मैं मैं उस पे भी बात कर लूंगा। ये मेरा वादा है आपसे। नहीं पहले आप उसप कर लो ना फिर मैं इस पर कर लूंगा। पहले आप उसप कर लो फिर मैं इस भी मतलब ये टॉपिक ये टॉपिक पे आपकी पकड़ नहीं है। अभी जो सीधी बात है मैं इंसान हूं। अभी मेरे पास इसका मैंने कोई इतना रिसर्च नहीं की हुई के आप क्या बोल रहे हो? जी नहीं मैं इतनी इसके बारे में हदीस नहीं पढ़ी क्या ऑथेंटिक चीज है तो पहले आप उस पर कर लो जिसप आपने पहले क्या सुना आपने स्लेवरी के बारे में सुना क्या आपने अपने आलिमों से मैंने नहीं इस बारे में मैंने कोई चीज पढ़ी जो सीधी बात बताऊंगा अरे भाई सुना क्या है स्लेवरी के बारे में अच्छा इस्लाम में स्लेवरी है ये पता है कि नहीं है नहीं इस्लाम में स्लेवरी ये है के जो जितना मैंने पढ़ा हुआ है क्या आप पता मैं गलत हूं के जो जैसा आपने किसी से जंग की दुश्मनों ने अटैक किया तो उन उनकी जो जंग बदर में कैदी पकड़े गए थे तो उनको ये कहा गया था कि आप 1010 बच्चों को पढ़ाओ तो आपको आजाद कर दिया जाएगा मैंने ये बात सुनी इसके अलावा मैंने स्लेरी का मैंने आपको बताया मुझे ज्यादा नहीं मैंने इसके बारे में मेरी रिसर्च ओके चलो यार ये भाई जो है वो हाथ अपना उठा ले रहे हैं कोई मुश्किल नहीं इनको नहीं पता है नहीं हाथ देखो साल भाई मेरी बात सुनो मैं पहले भी आप ठीक है ना पहले आपने मुझे दूसरा बंदा बना दिया था। ठीक है? वो मैं नहीं निकला। आप थोड़ा सा तो इंसान के साथ बात करे ना। मैं आपको कहा कि मैं हाथ उठा रहा हूं। मैं आपको कह रहा हूं मुझे पहले आप उसप बात कर लो जो टॉपिक रखा नहीं है। मुस्लिम आपको इल्म नहीं है। इस वजह से आप हाथ अपना उठा ले रहे हो क्योंकि आपको इल्म नहीं है। आपने खुद कहा ना मुझे इसका इल्म नहीं है। हां मुझे इल्म नहीं है लेकिन पढूंगा तो आ जाएगा। कोई इसमें बड़ी बात थोड़ी है। हां। तो जब पढ़ोगे तभी तो आके डिस्कशन कर पाओगे ना। अभी तो डिस्कशन नहीं कर सकते स्लेरी के ऊपर। हां। लेकिन अगर आप यही टॉपिक रखते हैं ना अपने थंबनेल में या फिर पहले तो मैं इसी पर बात करनी थी। मैं नहीं भाग रहा। लेकिन पहले आप टॉपिक कुछ और रखते हो। फिर अचानक से आपकी कोई और चीज निकल आती है। नहीं भाई मेरे को लगा था आप वो एमएमए हो। इस वजह से मैंने पूछा लेकिन आपने कहा भाई मेरी इसमें पकड़ नहीं है या मुझे इसका इतना नॉलेज नहीं है तो मुझे अभी इस पर डिस्कशन नहीं करना है। मैं ऑनेस्टी के साथ वही बोल रहा हूं लोगों को कि भाई इनको इस पर अभी पकड़ नहीं है नॉलेज नहीं है। ये अपना हाथ उठा रहे हैं इस टॉपिक से क्योंकि जाहिर सी बात है जब सामने वाले को उसका नॉलेज ही नहीं है तो कैसे कहेगा कोई मुश्किल नहीं है। दैट इज अब्सोलुटली फाइन। ठीक है। लेट्स लेट्स मूव टू द टॉपिक दैट यू वांट टू डिस्कस। जी भाई बताइए।

तो मेरा क्लेम है कि दुनिया में जितनी भी बुराई है, तकलीफ है, इस सबकी इस सब का जड़ अल्लाह है। ठीक है? सो डू यू अग्री विद मी? और डू यू नॉट अग्री विद मी? अब्सोलुटली नॉट। यू डू नॉट अग्री। ओके। मुझे बताएं के चलो स्टार्ट से स्टार्ट करते हैं ताकि यहां तक हम पहुंचे। आपके अल्लाह ने ये पूरी कायनात और इंसानों को क्यों बनाया? इस बात का इस बात का जवाब अगर आप कुरान से ले तो वो ये है कि अल्लाह पाक ने इंसानों और जिनों इसमें पूरी कायनात का जिक्र नहीं है तो ये आप थोड़ा सा इस क्वेश्चन को चेंज कर दे उसमें ये है कि इंसानों और जिनों मैं क्यों चेंज कर ये कहिए आप ये कहिए मैं अपना क्वेश्चन क्यों चेंज करूं भाई मैं तो कुछ भी क्वेश्चन कर सकता हूं आप ये कहिए कि जो पहला पार्ट है आपके क्वेश्चन का उसका मेरे पास आंसर नहीं है। मैं दूसरे पार्ट का आंसर देना चाहता हूं। आप इस तरीके से बोलिए। देखो अगर मैं ये कहूं कि मैं फिलोसफिकल साइड पे जाकर बात करूंगा तो वो बहुत लंबी है। मैं आपको सिर्फ स्ट्रेट फॉरवर्ड कोई मुश्किल मोस्ट एक मिनट एक मिनट मुस्लिम। यू आर मोस्ट वेलकम टू आंसर मी ऑन व्हाटएवर बेसिस यू वांट टू डिस। फिलोसोफिकल लेवल पे करना है, अकल की लेवल पे करना है, इस्लाम के लेवल पे करना है। यू यू आर मोस्ट वेलकम। आई हैव नो इशज़। ये मेरा फेवरेट टॉपिक है। ओके। तो अगर बात सुन अब सुने कुरान के मुताबिक अगर देखा जाए तो ये है अल्लाह पाक ने इंसानों और जिनों को अपनी इबादत के लिए ही पैदा किया है। ठीक है? ये कुरान के लिए पैदा किया। इबादत इबादत के लिए पैदा किया। ठीक है? अल्लाह अपनी इबादत क्यों करवाना चाहता है? ठीक है? अगर इबादत में ना सिर्फ सज ये नहीं कि सजदा ही या नमाज ये इबादत का जो मफूम है उस पे आप घंटा डिस्कशन कर सकते हो कि इबादत का असल मफूम क्या है? ठीक है? तो इबादत सिर्फ एक लफ्ज है जिसको हमने अफस कर लिया है। इबादत का मफूम बहुत बड़ा है। तो ये पहले ये समझना चाहिए कि इबादत असल में कहते किसको है? डिफाइन कर दे इबादत कुरान हदीस। इबादत इबादत का असल जो आप मफूम देख वो होता है बंदगी। यानी कि उसकी उसका कहा मानना। ठीक है? अगर अल्लाह ने हमें पैदा किया। हमने वैसा ही करना है जैसा उसने हुक्म दिया और उसी की फरमाबरदारी करनी है। यह एक तरह से इबादत में ही शामिल होती है। सिर्फ नमाज और बंदगी वैसे ही करना है जैसे यार एक मिनट बंदगी वैसे ही करना है जैसे उसने हुक्म दिया। ठीक है? और इबादत यह भी है कि उसके अलावा किसी और की इबादत नहीं करना है। जाहिर सी बात है ये तो शर्क जो है वो तो जुल्म अजीम है। हां। उसके अलावा किसी और की इबादत नहीं करना है। ठीक है? बंदगी नहीं करना। उसके उसके अलावा किसी और की बंदगी, किसी और की बात नहीं माननी। ठीक है? क्योंकि किसी और का हुक्म नहीं मानना है। ठीक है। हुक्म नहीं मानना है। अच्छा मेरा सवाल अब फिर से वही रहता है के अल्लाह अपनी इबादत क्यों करवाना चाहता है? भाई इसका जवाब मैं नहीं दे सकता। मैं अल्लाह नहीं हूं। मैं उसका तो एक काम करोगे मुस्लिम एक काम करोगे? जी जी आपके आपके अल्लाह को जरा जरा अभी दुआ मांग के जरा स्ट्रीम का लिंक देकर जरा भेज दो। मैं अल्लाह से पूछ लेता हूं। देखें साद भाई मैं आपसे इज्जत से बात कर रहा हूं ना। अगर आपने इस तरहत से मैंने गाली दी बात करनी है ना तो मैं मैंने गाली दी। यार मैंने गाली दी। गाली वाली बात नहीं है। आप मुझसे बात करें। आप मुझे गाली दे दे। मेरे को भाई जब तुमने हाथ उठा लिया। एक मिनट मुस्लिम एक मिनट एक मिनट पहले ठंडे हो जाओ रिलैक्स डोंट वरी ठीक है तुम ऐसे शख्स के पास डिबेट करने आए हो जो इस टॉपिक में मास्टरी किया हुआ है ठीक है यार आपने पहले लेट मी फिनिश लेट मी फिनिश बोलो बोलो लेट मी फिनिश ठीक है सबसे पहले तो स्लेवरी के ऊपर आपने कहा कि ठीक है मेरे पास इल्म नहीं है मैं वो बंदा नहीं हूं मैं इस पर अभी डिस्कशन नहीं करूंगा फेयर इनफ ठीक है तो वो अब जब जो भाई सुन तो लो जब मैंने दूसरा टॉपिक लिया और उस पर स्टार्ट हुआ डिस्कशन और मैंने स्टार्ट से स्टार्ट किया आप कह रहे हो कि मुझे इसका जवाब नहीं मालूम तो जाहिर सी बात है कि किसी भी मुसलमान को नहीं मालूम होगा तो मुझे अल्लाह से ही पूछना पड़ेगा और फिर मैं तो आपसे देखो आप अल्लाह से कनेक्टेड हो अल्लाह आप लोगों की शहर रग से करीब है अल्लाह आपकी दुआएं सुनता है तो भाई जेनुनली मैं आपसे कह रहा हूं कि उस अल्लाह को जो आपसे आपके शहर से करीब है उसको दुआ करके बोलो कि साहिल की टीम में आके ज्वाइन कर ले उसके सवाल का जवाब दे दे। आप तो हाथ उठा लिए कि मेरे पास इसका जवाब नहीं है। अब मैं बोलूं? क्या क्या आपका अल्लाह इतनी कुवत नहीं रखता कि वो आके जो है अभी मेरे से डिस्कशन कर ले। अच्छा अब ठीक है। अगर आपने बात कंप्लीट कर ली तो अब मुझे बोलने दो। प्लीज। ठीक है। पहली बात तो आपने मैंने हाथ नहीं उठाया। फिर आप बार-बार बात रिपीट करते हो। आपकी अपनी गलती थी। आपने मुझे गलत आइडेंटिफाई किया। ठीक है। वो आप गलत निकले। दूसरी बात मैंने ये नहीं कहा कि मैं गुस्सा हो गया हूं। मैं मैंने आपसे सिर्फ इतनी सी बात की है। मैं आपसे डिस्कस करने आया हूं ना। आपने मैं कहता हूं आपने पीएचडी की होगी इस टॉपिक में। ठीक है? पोस्ट डॉक्टरेट की होगी। लेकिन जब आप बात कर रहे हो ना मैंने आप ना मैंने आपके सनातन धर्म को या जिन बुतों के सामने आप माथे टेकते हो मैंने मैंने एक इल्जाम लगा दो इल्जाम लगाए दो इल्जाम लगाए आपने पहले देख नहीं देख मेरी बात सुने हर बंदे को हर बंदे को भाई मैंने आपको अभी बैक स्टेज किया है क्योंकि आपने दो इल्जाम मेरे ऊपर लगाए हुए हैं। पहले अच्छे से सुन लो कि आपने दो इल्जाम क्या लगाए। पहला इल्जाम कि मैंने यह कभी नहीं कहा कि आप गुस्से में आ गए। जो अभी आप कह रहे थे मैंने यह नहीं कहा कि आप गुस्से में आ गए। पहला ये दूसरा चीज आपने एक इल्जाम लगाया फिर से कि आपका सनातन धर्म। भाई किसने कह दिया मैं सनातन धर्म को मानता हूं। फॉलो करता हूं। ये तो गलत तरीका है ना मुस्लिम भाई। लेट्स हैव अ फेयर डिस्कशन। मेरा सनातन धर्म कहां से हो गया भाई? मैं कब से सनातनी हो गया ना मैं सनातनी हूं ना मैंने आपके ऊपर यह कहा कि आप गुस्सा हो गए तो भाई प्लीज प्लीज आपसे रिक्वेस्ट करता हूं इल्जाम नहीं लगाए अपनी बात रखें थैंक यू बोलिए अभी आप ठीक है मैं इल्जाम नहीं लगा रहा लेकिन मिर्ची लगी ना अभी आपको क्यों लगी क्योंकि जब इंसान अगला अगला भी उसी स्टेज पर आता है जब इंसान आपसे प्यार से बात कर रहे हैं आप करें लेकिन बीच में अगले की जो जिनसे वो इज्जत करता है प्यार करता है उनके बारे में गलत अल्फाज ना बोले तो अच्छी डिस्कशन हो जाएगी। मैं लिटरली सर यहां पर क्या गलत क्या गलत बोला मैंने वह बताया आपने इल्जाम लगा आप आपने यह कहा कि जी इस चीज का लिंक दो ये ताना नहीं होता मैं बेवकूफ हूं आपसे बात कर ना आप से बात कर लो आप आराम से बात कर लो यार आप लोगों के लिए क्या ताना हो जाए क्या गलत बात हो जाए कोई किसी को नहीं पता कोई मोहम्मद साहब के साथ साहब ना लगाए वो भी आप लोगों के नजदीक ब्लासमी आप लोगों की इंसल्ट है तो आप लोगों के लिए क्या इंसल्ट हो सकती है? वी डू नॉट नो। मैंने कोई गुस्ताखी नहीं की। मैं गुस्ताखी का कायल ही नहीं हूं। मैंने कोई आपसे गलत बात नहीं की। आपने कहा मेरे पास इसका जवाब नहीं है। मैंने कहा कि आप एक काम करिए। आपका अल्लाह आपके शहर से करीब है। आपका अल्लाह आपकी दुआएं सुनता है। उससे दुआ करके उसको बोल दीजिए मेरी स्ट्रीम में आने के लिए। इसमें गलत क्या बोला भाई? वो बताओ गलत क्या है इसमें? जी अनम्यूट करके इसका जवाब दे। इसमें गलत क्या है? आपको नहीं लग रहा होगा गलत लेकिन मुझे लगा मैंने दो आपने क्या भाई सिर्फ गलत है बोलने से कैसे अच्छा आपने ये इबादत का मतलब के अलावा कि जी क्यों इबादत चाहिए भाई इसके अलावा जो आपने टॉपिक रखा था कि इस्लाम जड़ है आप उसप क्यों नहीं बात करते उसी पे है ये ये जो है ना जब आप बेस बनाते हो ना कि मैं मेरा जो दावा है ना कि सारी बुराइयों का जड़ जो अल्लाह है तो मैं ये बेस बना रहा हूं अभी मैं उस टॉपिक से हटा नहीं हूं मैं अल्लाह पे ही हूं और मुझे आपको यह बताना है कि मैंने क्या गलत बोला जब ये बोला कि आपका अल्लाह आपके शहर से करीब है आप अपने अल्लाह से दुआ करें और उसको बोले मेरे स्ट्रीम में आकर बात कर ले क्योंकि आपके पास जवाब नहीं है इसमें क्या बोला गलत बोला मैंने मुझे वो बताएं क्या गलत बोला मैंने या तो आप ये कह दीजिए क्या हमारा अल्लाह ये कुवत नहीं रखता कि

वो स्ट्रीम में आके मुझसे जो है वन ऑन वन डिबेट कर ले। ये उसके बस का उस नहीं है। ये बोल दे, बात खत्म हो जाएगी। आपसे तो बात करेगा अल्लाह कयामत के दिन जब खड़े होंगे उसके सामने। अभी, अभी कर सकता है या नहीं कर सकता? अभी कर सकता है या नहीं कर सकता? आप मुझसे बात करो। आपने भाई तो बोल दो कि मैं अल्लाह को नहीं बुला सकता। मैं अल्लाह को नहीं बुला सकता। दुआ करके भी अल्लाह के बस में नहीं है, अल्लाह की कुदरत में नहीं है।

वो आके आपसे भी डिस्कशन कर ले। मैं आपसे बात कर लेता हूं। क्योंकि आप जब मेरा जो बुनियादी सवाल है, उसका जवाब आपने सीधा कहा है कि मेरे पास इसका जवाब नहीं है। अल्लाह दे सकता है इसका जवाब। और फिर मैंने कहा अल्लाह को बुला लो। आप कह रहे हैं कि फिर नहीं, मेरे से बात करो। कैसे बात करूं जब आपके पास जवाब नहीं है? या तो ये बोल दो कि नहीं, अल्लाह इतना कुदरत नहीं रखता कि वो मेरे से आके बात कर सके। हालांकि उसने बात की हुई है। मूसा से की हुई है। "ए मूसा, अपने जूतियों को उतार दे।" यार, मैंने पढ़ा हुआ है क्या बात की, क्या नहीं की। ठीक है ना? आप आप बात कर रहे हैं। तो चलो, चलो, चलो, ठीक है। आपने मुझे दिया। आप अपने राम जी को बुला लो। आप उसको बुला लो। फिर उससे बात। इल्जाम लगा रहे ना? इसका मैं इल्जाम नहीं लगा रहा। मैं वैसे बात कर रहा हूं कि चलो, चलो, वो नहीं, चलो, वो आ जाते हैं। उनसे मैं बात कर लेता हूं।

"मुस्लिम, क्या कोई आप हिंदू से बात कर रहे हैं?" मैंने आपको हिंदू में नहीं कहा। मैंने आपको ये कहा, आप में राम राम जी बड़ा कार आता है ना। आप राम जी को बुला लो। मुझसे बात कर लेते हैं। "मुस्लिम, क्या ख्याल है?" "मुस्लिम, आप कितने पढ़े लिखे हो?" "अल्लाह का शुक्र है, मैं सॉफ्टवेयर इंजीनियर हूं।" ठीक है। यार, तो आपसे ये उम्मीद मैं कसम से नहीं रखता हूं कि एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर होने के बाद। हालांकि मुझे पता है कि मुसलमान अगर है तो दिमागी अपंग जरूर होगा। वो आप शो कर रहे हैं। लेकिन एटलीस्ट मुझे ऐसा, मुझे कसम से मतलब सॉफ्टवेयर इंजीनियरों के ऊपर तरस आ रहा है कि आपकी सफ में एक ऐसा भी बंदा है जो इतना, इतना बेवकूफी वाली बात कर रहा है। आप मुझे सुन लो। "मुस्लिम, सुन तो लो। लेट मी कंप्लीट।" आप मुझसे बिल्कुल ये मुतालबा कर सकते अगर मैं कोई हिंदू या सनातनी होता कि यार, तुम अल्लाह को बुला रहे हो। एक काम करो, तुम राम जी को बुला लो। बिल्कुल आप कर सकते। मैं आपकी बात से 110% एग्री करता। लेकिन यार, आप सॉफ्टवेयर इंजीनियर होते हुए इतनी बड़ी बेवकूफी कैसे कर सकते हो कि एक इंसान जिसे आप बात करते कर रहे हो, वो कोई हिंदू नहीं है। वो कोई सनातनी नहीं है। उसके बावजूद आप इस तरीके के मुतालबे कर रहे हो। बस इस वजह से क्योंकि आपके पास जवाब नहीं है। आपका अल्लाह यहां पे हारता हुआ नजर आ रहा है। यार, हाउ हाउ डम यू कैन बी यार। मुस्लिम भाई, प्लीज अपनी बेइज्जती ना करवा। दूसरा आप जवाब नहीं दे पा रहे हो तो राम जी को बुलाए ना। हां, जवाब नहीं दे पा रहे करके तो वाली बात कर रहा है। मतलब कह रहा हूं ना आप अपने, आप अपने जो बुला लो या अगर इधर इंसानों की डिस्कशन हो रही है ना, तो इंसानों की तरह इंसानों से बात करो। आप आप ये जवाब क्यों नहीं दे रहे कि आपका अल्लाह इस की कुदरत रखता है या नहीं रखता कि वो आके मुझसे बात कर ले? क्योंकि आपके पास जवाब नहीं है। इसके बात करनी है आपने।

यार देखो, ये है साहिल का कलाम कमाल। ये मैं जो है ना वेडनेसडे की स्ट्रीम सुन रहा था अपने एडमम साहब की। मैंने कहा ना, मैं थोड़ा-थोड़ा परेशान चल रहा हूं। मैं हॉस्पिटल में था। इस वजह से मैं ज्वाइन नहीं कर पाया। लेकिन मैं थोड़ी बहुत डिस्कशन सुन रहा था बीच-बीच में। एंड आई वास डिस्कशन, आई आई वास लिसनिंग टू ह डिस्कशन। "तुम एडमम की स्ट्रीम में आए थे ना वेडनेसडे। बहुत गालियां खाया था।" "मुस्लिम, आप एडमम की स्ट्रीम में आए थे ना उसके ऊपर। उससे क्रिश्चियनिटी के ऊपर शायद आप बात कर रहे थे ना, अल्लाह के ऊपर।" "आया था। खूब गालियां खाया था। है ना?" अच्छा, मैं मैं कसम से बोल रहा हूं। मेरा दिल इतना कर रहा था उस दिन अ डिस्कशन ज्वाइन करने का, लेकिन मैं ऐसी जगह पर था जहां से मैं डिस्कशन ज्वाइन नहीं करती। ये वो बंदा है, ये एडमम साहब को इतना परेशान कर दिया था इसने अपनी बेवकूफी से। लेकिन मेरा दिल कर रहा था कि मैं ज्वाइन करूं। देखो, आज इसका ये हाल है कि ये जवाब तक नहीं देना चाहता। ये इतना बेचारा मजबूर हो गया है कि एक सवाल का। हालांकि ये भी नहीं कह रहा कि नहीं, अल्लाह जो है ना, ठीक है, अल्लाह के पास कुदरत नहीं है कि वो आके जो है ना बात कर सके मेरे से डायरेक्टली, क्योंकि मेरे पास जवाब नहीं है। वो कह रहा है कि नहीं, वो छोड़ो, वो छोड़ो, वो छोड़ो। यार, देखो इसी वजह से मैं कहता हूं, कांसेप्ट ऑफ अल्लाह, ये टॉपिक और साहिल के सामने इनका कोई भी मुल्ला, मौलवी, फिलॉसफर, कितने भी बड़े लेवल का मुजदिद, मुद, कोई भी आ जाए। मुफ्ती की फाड़ा था ना मैंने कांसेप्ट ऑफ अल्लाह पे ही। मेरे से बात करने आया था ना, उसको साबित किया था ना, अल्लाह इस नॉट ऑल पावरफुल। भाग गया था उसके बाद। उसकी स्ट्रीम में ज्वाइन कर रहा था मैं, लेकिन नहीं, मेरे को लिंक नहीं दिया। दिस इज व्हाट हैपेंस व्हेन यू डिस्कस वि कांसेप्ट ऑफ यू नो, डिस्कस ऑन कांसेप्ट ऑफ अल्लाह वि साहिल। नहीं बच सकते मेरे से। इनका अल्लाह भी आके नहीं जीत सकता। एंड आई कैन गारंटी यू दैट।

ठीक है। मुस्लिम, इतना तो लोगों को समझ में आ गया कि आप इस बात का जवाब नहीं दे सकते और आपकी मजबूरी है। क्योंकि जाहिर सी बात है, आप जवाब देंगे तो आप फंस जाएंगे। इस्लाम आपको इस बात की इजाजत नहीं देता है कि आप इन कलमात का जो है वो यानी उसको मुंह से अदा करें। आई नो दैट। आई कैन अंडरस्टैंड योर यू नो मजबूरी। अच्छा, ठीक है। मुझे एक बात बताओ के अल्लाह ने देखो, अब मुस्लिम, इसको अच्छे से समझना बात को ताकि आपके समझ में आए। मैं आप क्योंकि आप मुसलमान हैं, मैं मुसलमान नहीं हूं। ठीक है? आप वो चीजों को मानते हैं जो आपके इस्लाम में बताई गई है। मैं इस्लाम को नहीं मानता हूं और ना ही आपका अल्लाह आसमान पे दिखता है। ठीक है? कि वो कुछ भी उल जुलूल, कुछ भी बात कर दे। मुझे टेस्ट लेना है। मुझे फलाना करना है। मैं मान लूं। अगर वो दिखता होता तो मैं मान लेता। वो दिखता भी नहीं है। दुनिया में कई सारे कांसेप्ट हैं गॉड के। ठीक है? किसी के वहां कर्म का कांसेप्ट है। आपके आप लोगों के वहां टेस्ट का कांसेप्ट है। किसी के वहां पर कुछ और कांसेप्ट है। सैक्रिफाइस दे दी। किसी ने सारी दुनिया के लिए। सबके पास अलग-अलग कांसेप्ट हैं। तो बीइंग अ नॉन मुस्लिम और बीइंग अ नॉन बिलीवर। अगर आप इस्लाम का दफा करने आ रहे हो या कोई दूसरा उसके आइडियोलॉजी का दफा करने आ रहा है। आई हैव ऑल दी राइट टू आस्क हिम अबाउट हिज कांसेप्ट, हर कांसेप्ट। एंड टिल दी टाइम इट डस नॉट मेक सेंस टू मी, हाउ विल आई एक्सेप्ट इस्लाम और एनी अदर आइडियोलॉजी। मुस्लिम, एम आई फेयर?

आपने कहा कि आपने इस्लाम सीखना है ना। आप कुरान पर बात करो ना। सुनो, सुनो, सुनो यार, यार, बोलने तो दो ना। आप आप मैंने एक लफ्ज़ नहीं बोला। अगला एक लफ्ज़ बोलता है। आगे से आपको मिर्ची लग जाती है। सुन तो लो ना। गलत गलत बात का। इस्लाम सीखना है मैंने। मैं चलो नहीं सीखना। आपने बात करनी है ना। आप कुरान। अल्लाह पाक ने कुरान नाजिल फरमाया। ठीक है ना? कुरान हमारे पास एविडेंस है। इस्लाम सच्चा है। आप कुरान से बात कर लो। आप कुरान की साइंटिफिक एक्यूरेसी पे बात कर लो। क्या ख्याल है? या सर, अब आपने फिलॉसफिकल कॉन्सेप्ट्स रखने हैं कि जी, उससे बात कर लो, उसको ले आओ, उसको ले आओ। तो ये तो बच्चों वाली हरकत है जो आप कर रहे हो यार। मुस्लिम, मैंने जो अभी आपसे क्वेश्चन किया। क्या उसको आप फेयर समझते हैं? उसका जवाब आपने नहीं दिया। दी कासेप्ट ऑफ अल्लाह दैट एनी मुस्लिम गिव्स टू मी और इस्लाम गिव्स टू मी, आई हैव ऑल दी राइट टू क्वेश्चन दैट एंड चेक इफ दैट इज लॉजिकल और इट्स यू नो, इलॉजिकल एंड नॉनसेंस। डू हैव ऑल दी राइट? इज इट फेयर फॉर मी टू आस्क सच क्वेश्चन बीइंग अ नॉन?

ठीक है, ठीक है। आपने आपने समझना है, डिस्कशन करनी है। आप बिल्कुल आपके पास हक है। आप बात कर सकते हो कि जिस बारे में आपको क्फ है। मैंने ठीक है। डन। तो भाई इन्होंने ये एग्री किया कि ये फेयर है मेरा क्वेश्चन पूछना गलत नहीं है। फिलॉसफी। अच्छा, मुस्लिम, क्या आप फिर ये कहना चाहते हैं? क्वेश्चन तमीज के, तमीज के दायरों के अंदर हो। ठीक है ना? ये उसके लिए मैंने कहा। फिर आप इल्जाम। फिर आप इल्जाम लगा रहे हो। अपने आप अपने जिस तरह मां-बाप से बात करते हो ना, उस तरीके से आप उन टॉपिक्स के बारे में बात कर लो तो बेहतर है। वरना अभी मैं ये समझूंगा आप अपने मां-बाप से भी इसी तरह बात करते हो। "मुस्लिम, मुस्लिम, मेरे मां-बाप मेरे सामने मौजूद जूद है। ठीक है? आपका अल्लाह मौजूद नहीं है।" सेकंडली, मैंने कोई भी अभी तक ऐसे वर्ड। "अल्लाह, आपके मां-बाप।" एक मिनट, एक मिनट। "आपके मां-बाप।" "आपके मां-बाप मेरे सामने तो मौजूद नहीं है ना, लेकिन मैंने उन्हें तो गाली नहीं दी।" भाई, बस ये अब आपके ड्रामे शुरू हो जाएंगे। देखो, मुस्लिम, मुस्लिम, तुम सॉफ्टवेयर इंजीनियर की, सॉफ्टवेयर इंजीनियर होने की क्यों क्यों बेइज्जती करवा रहे हो यार? आपको पता है कि मैं अगर एक्सिस्ट कर रहा हूं तो वो मेरे मां-बाप होना लाजमी है। बिना मां-बाप के मैं एक्सिस्ट नहीं कर सकता हूं। हां, तो यही मैं कह रहा हूं ना, लेकिन आपके मां-बाप मेरे सामने नहीं है, लेकिन मैं उनकी इज्जत, मैं उनकी इज्जत कर रहा हूं। तो आपका नहीं हक बनता कि आप आप भी इज्जत से बात करो। क्या आपको कोई हक मिला हुआ है? हक भाई, मैंने क्या बेइज्जती की आपके अल्लाह की? वो तो बताओ। क्यों विक्टिम कार्ड खेल रहे हो भाई? अच्छा, आपने आगे चलो, कोई नहीं। विक्टिम कार्ड तो आपको लग जाएगा पता कौन खेलता है, कौन नहीं खेलता। आपने कुरान पे बात करनी है तो बताओ। चलो, ठीक है। आपने कुरान में बात करनी है। आपने कुरान में बात करनी है या सिर्फ टाइम वेस्ट करना है? सिर्फ ये बताओ।

"मुस्लिम, मुस्लिम, आप ये कहो के आप फिलॉसफिकल लेवल पे, कॉमन सेंस की बुनियाद पे आप अपने कासेप्ट ऑफ अल्लाह को के ऊपर डिस्कशन नहीं कर सकते। आपके बस बस की बात नहीं है। पहले आप ये कन्फर्म करिए। पहले आप ये कन्फर्म करिए के फिलॉसफिकल लेवल पे, कॉमन सेंस के लेवल पे आप अपने कांसेप्ट ऑफ अल्लाह पे डिस्कशन आप नहीं कर सकते। उसको लॉजिकल साबित नहीं कर सकते। आप ये कंफर्म करिए। फिर हम आगे बढ़ते हैं। क्योंकि एक टॉपिक पे आपने ऑलरेडी कहा कि मेरे बस की बात, मेरे को इसका नॉलेज नहीं है। फिर आपने खुद कहा। दो। एक। गिव मी 30 सेकंड्स। "मुस्लिम, आई एम रिक्वेस्टिंग यू, गिव मी 30 सेकंड।" ओके, भाई लोग, आपको अच्छे से पता होगा कि मैंने स्टार्ट किया था गलत समझ के। मैंने स्टार्ट किया था कि भाई, ये वो बंदा है। स्लेवरी के ऊपर बात कर रहे थे। इन्होंने कहा कि भाई, मेरी पकड़ नहीं है। मैंने इस पे वो नहीं किया है, फलाना नहीं किया है। मुझे इल्म नहीं है। मैंने ठीक है। एक टॉपिक पे ये ऑलरेडी ऊपर हाथ उठा चुके थे। इन्होंने खुद कहा कि यार, तुम जो बात कर रहे हो, मुझे उस पर बात करनी है। बार-बार कहा इन्होंने, मुझे उस पर बात करनी है। मुझे उस पर बात करनी है। मुझे उस पर बात करनी है। जब मैंने क्वेश्चन दागना शुरू करे, तो आप बोल रहे हैं कि मेरे को नहीं, आप कुरान पे बात करो। आपके 30 सेकंड हो गए। साल भाई। साल, आपके 30 सेकंड हो गए। पहली बात सुन लो। गलत बयानी करना ना। आप तो वैसे भी नेकी को कुछ समझते नहीं हो, लेकिन गलत बयानी और झूठ नहीं बोलना चाहिए। ठीक है ना? आपका टॉपिक ये था कि दुनिया की तमाम प्रॉब्लम्स की जड़ इस्लाम है। मैंने इस पर बात करनी थी। और मैं कब कह रहा हूं कि मैंने नहीं बात करनी। मैं इस्लाम की गुड पॉइंट्स डिस्क्राइब करने आया था। आप उस पर बात करो। आप एक फजूल बेसलेस क्वेश्चन पे अटके हुए हो। बच्चे की तरह। पांच साल के। तो मैं क्या बात करूं आपसे? आप कुरान, कुरान में बात करो ना। सुनो, सुनो, सुनो। आपको मैं आपको बता रहा हूं। कुरान एविडेंस देखो। जब अगला बात करे, आपको फिर मुस्लिम, मुस्लिम याद आ जाता है। आप सुनते ही क्यों ना? आप गलत बात कर रहे हो ना? मेरी बात सुनो। आपने अभी थोड़ी देर पहले ये एग्री किया था कि जो मैं क्वेश्चन पूछ रहा हूं, बीइंग अ नॉन बिलीवर, ये बिल्कुल वैलिड है। आपने खुद एग्री किया था। अब आप कह रहे हो कि यार, ये बचकाने सवाल हैं, फलाना सवाल है। अबे, बचकाना सवाल है तो उसको वैलिड क्यों बोला आपने? और बचकाना सवाल है तो उसको जवाब दे दो। आप टॉपिक से भाग क्यों रहे हो? अनलेस एंड अंटिल मुस्लिम, यहां पर आप यह नहीं बोलोगे कि मैं इस टॉपिक पर बात नहीं कर सकता हूं। मेरे बस की बात नहीं है। मैं आगे नहीं बढूंगा। या तो आप स्ट्रीम छोड़ दीजिए, या तो यह कंफर्म करिए। एंड देन वी कैन डिस्कस फदर। चॉइस इस अप टू यू।

ठीक है। अब मुझे 30 सेकंड बोलने देना। बीच में इंट्रोप ना करना। बोल लो, कोई बात नहीं। ठीक है। पहली बात, जो मैंने वैलिड वाली बात की ना, मैंने ये जरूर कहा था कि आपके जो तमीज वाले क्वेश्चंस हैं, जिनको जिनमें आपको वाकई इस्लाम के बारे में डिस्कशन करनी है, मैं उनको वैलिड समझता हूं। मैंने उसका हक दिया था। ब्लासफमी वाले और डिसिरिस्पेक्टफुल क्वेश्चन को ना मैं सुनता हूं, ना मैं जवाब देना पसंद करता हूं। ठीक है? दूसरी बात, मैं अगर आप आगे आपने अभी कुरान पर बात करनी है तो ठीक है। मैं कहता हूं कि मैं अभी इस क्वेश्चन का जवाब नहीं दे सकता। ठीक हो गया। आपने ये सुनना था ना। मैंने बोल दिया। आप कुरान पे बात करो। अगर नहीं करनी तो मैं बता रहा हूं। यार, एक मिनट, एक मिनट, एक मिनट। क्या यह मेरे कानों से मैंने सही सुना कि आप इन टॉपिक पे या इस टॉपिक पे और मेरे सवालात के जवाब आप नहीं दे सकते? आप इस पर डिस्कस नहीं कर सकते? क्या मैंने सही? मैंने कहा कि अभी मैं इस इस बात का जवाब नहीं दे रहा। अगली स्ट्रीम में आ जाऊंगा तो दे दूंगा। दे सकते या नहीं दे सकते, वो बताओ। देखो, मैं दे सकते। दे सकता है तो देना पड़ेगा। सुनो मेरी बात। दे सकते हो तो देना पड़ेगा। फिर नहीं। लेकिन सुनो ना। आप कसम खाओ लीगली के आप जो है, ब्लासफमी नहीं करोगे। मैं दे सकता हूं। मैं कसम। लेकिन आप जब आप जब आप गलत बोलते हो, आप गलत बोलते हो। फ्रीडम ऑफ स्पीच। ठीक है ना? लेकिन आप जब गलत बोलते हो, आपके नजदीक इज्जत नहीं होगी, लेकिन हमारे नजदीक इज्जत है। बोल रहा हूं, सुन लो। मैं उस झूठे अल्लाह की कसम खाता हूं कि मैं उस झूठे अल्लाह, अल्लाह के बारे में कोई ब्लशफहमी नहीं करूंगा, क्योंकि मेरे नजदीक वो झूठा है। ये कोई ब्लश नहीं है। मेरे नजदीक वो झूठा खुदा है। अल्लाह तो ये कोई ब्लशफहमी नहीं है। जिस तरीके से आप लोगों के नजदीक बाकी जितने खुदा हैं, वो सारे झूठे हैं। और ये ब्लशफहमी नहीं है आपके नजदीक। उसी तरीके से मेरे नजदीक आपका अल्लाह जो है, वो झूठा है। तो मैं आपने कहा कि कसम खाओ। मैं उसी झूठे अल्लाह की कसम खाता हूं कि मैं ब्लसफमी नहीं करूंगा। उस झूठे अल्लाह की ना ही उस झूठे रसूल की, क्योंकि मैं गुस्ताखी का कायल ही नहीं हूं। सो, अब गुस्ताखी तो होगी नहीं मेरे से। और अगर आप मुझ पर इल्जाम लगाओगे कि मैंने गुस्ताखी की है, तो आपको साबित करना पड़ेगा कि मैंने इस्लामिकली उसकी ये ये बात जो बोली है, ये गुस्ताखी है। ठीक है? सो लेट्स स्टार्ट वि द टॉपिक अगेन। माय क्वेश्चन वंस अगेन स्टार्ट फ्रॉम द बेस के भाई, आपका अल्लाह इंसानों से अपनी इबादत क्यों करवाना चाहता है? प्लीज। ठीक है। मैं बोलता हूं। लेकिन आइंदा आपने झूठा नहीं बोलना। ठीक हो। आप ऐसे कह दो कि मैं कसम खाता हूं। यार, यार, एक मिनट, एक मिनट, एक मिनट। मुस्लिम, एक मिनट। क्या आपके नजदीक, लोगों के नजदीक जो खुदाएं हैं, एक्स, वाई, जेड, क्या वो झूठे खुदा नहीं है? हिंदू मजहब के तो जाहिर सी बात है, झूठे हैं। क्रिश्चियनिटी ने अपनी तरफ से अफस किया हुआ है। तो उसके बारे में क्या? जब आप दूसरे के खुदाओं को झूठा बोल सकते हो, क्या आपने ब्लेसमी की? मैंने यहां पे बोला। नहीं, नहीं, मैं पूछ रहा हूं। क्या वो ब्लेसिंग है या नहीं? मैं यही बोल रहा हूं। देखो, मेरी बात सुनो। तो मैं अपने घर में जो मर्जी बोलूं। मैंने स्ट्रीम पे आके कोई ऐसी बात की जब तक आपने नहीं की। मैंने बोला। अभी आपने। या आपको ज्यादा हक मिला है। आपने भी झूठे हैं। हां, तो उससे पहले आपने बोला। इसलिए फिर मैंने बोला। क्या हमारे मुंह की जुबान नहीं है? तो तो आपने अभी गुस्ताखी की मतलब दूसरे के खुदाओं की। मैंने बिल्कुल की। आपने की तो मैंने की। आप नहीं करोगे तो मैं नहीं करूंगा। लो भाई, लो भाई, इन्होंने दूसरे, दूसरे के खुदाओं की गुस्ताखी की। अच्छा, ये पहली बात तो वो तो खुदा भी नहीं है। पहली बात तो वो खुदा भी नहीं है। और दूसरी बात, एक मिनट, एक मिनट, साह, एक मिनट। ये जो अपना नशा चढ़ा हुआ है ना, ये उतार लो। मैंने आपने की तो मैंने की है। आप ना करो तो मैं एक लफ्ज़ नहीं बोलूंगा। लगी बात ये समझ। मतलब अगर मैं अल्लाह को झूठा नहीं मानूंगा तो आप आप दूसरे के खुदा को झूठा नहीं मानोगे। अगर मैं सुनो, सुनो, सुन लो ना यार। सवाल का जवाब देके सुन लिया करो। 30 सेकंड। ये ये अपने आप से थोड़ी बातें कर रहे हो इधर। जब सवाल पूछा है ना, तो फिर सुन लो उसको। मैंने आपसे ये कहा। अभी आपने ये कहा ना, आपने उस वक्त से झूठा, झूठा लगाई थी। ठीक है ना? मैंने आपसे इतना कहा कि या तो ये बकवास करना बंद कर दो, नहीं तो फिर मैं भी शुरू कर दूंगा। आप नहीं करोगे तो मैं नहीं बोलूंगा। मैं इस अगर मैंने बोला, उसी वक्त मुझे स्ट्रीम से ब्लॉक कर देना। बात तमीज से करना है, तमीज से करो। लेकिन आपको लगता है तमीज से बगैर गाली के जवाब देना कोई आता ही नहीं या किसी ने सिखाया ही नहीं है। आपके घरों में भी यही होता है शायद। हो गई आपकी बात। हां जी, फरमाइए जी। अब आप ओके, मुझे बताओ के झूठे को झूठा कहना, ब्लस ही होती है? वो तो आप कह रहे हो ना। अगर आपने सीखना है ना, सुनो, सुनो, सुनो। आपने नहीं है भाई। सीखना लगा के रखे हो। चलो, सीखना नहीं है। आपने डिस्कस करना है ना? डिस्कस करना। आप डिस्कस करो ना। आप डिस्कस करो। आपने मुझसे सवाल पूछने है, आप पूछो। लेकिन बीच में आप ब्लासफ क्यों कर रहे हो? मुझे सर, इसके जवाब दो। क्या आपके अंदर मेरी बात सुनो, इतनी तमीज नहीं है? मेरी बात सुनो। क्या आप अपने मां-बाप से भी इसी तरह बात करते हो कि ओए बगैरत इधर आजा? ओए इधर आजा? क्या इस तरह बात करते हो आप? मैंने कब, मैंने कब बेगैरत का? आप फिर इल्जाम लगा। अरे, विक्टिम कार्ड खेल रहे है। देखो स्क्रीन पे लगा हुआ है। मेरा सवाल ये है कि क्या झूठे को झूठा कहना ये ब्लास्टफमी होती है? सच्चे को झूठा कहना गलत होता है। नहीं, नहीं, झूठे को झूठा कहना, ब्लास्टफमी होती है क्या? नहीं। आप सच्चे को झूठा कह रहे हो। मुझे इससे तकलीफ। ओके, तो उसको सच्चा साबित करो पहले। मैं करूंगा साबित। हो सुनो। आपसे मैंने कहा है ना। सुनो, सुनो। मैं करूंगा साबित। आपसे मैंने कहा है। आप कुरान खोलो। कुरान में बात करो। आप। मैं कुरान में बात करने के लिए रेडी हूं। आप ये बोंगे सवाल अपने पांच साल से बच्चों। ये टॉपिक से भागना चाहते हो फिर से। आप कुरान में बात करो। मैं आपसे कुरान में बात करूंगा। इस तरह के सवाल मेरे बस की बात। मुस्लिम, आप ये बोल दो कि मेरे बस की बात नहीं है कि मैं कांसेप्ट ऑफ अल्लाह को लॉजिकल और सेंसिकल बता सकूं। यह मेरे बस की बात नहीं है। बीइंग अ मुस्लिम, मैं फटक से ये टॉपिक छोड़ दूंगा। मेरे पास अभी इस टॉपिक पर इतना इल्म नहीं है कि मैं बात कर सकूं। ठीक हो गया। रोज आते हैं इस उम्मीद पे। आज जीतेंगे, कल जीतेंगे, परसों जीतेंगे, रोज हारते हैं। यार दोस्तों, साहिल के लिए गुलाब का फूल भेजो। चलो, मुंह मियां मिट्ठू बन।

जाओ। कोई मसला नहीं। खुश हो जाओ। आपकी सुन है ना। अरे अभी मैंने आपको बैक स्टेज किया। मैं मुंह मुंह मियां मिट्ठू बन रहा हूं। आपको क्यों तकलीफ हो रही है? थोड़ा सबर करो। इट नीड्स टू बी अप्रिशिएटेड। ये लो। नहीं टाइम पास नहीं भाई। टाइम पास आने वालों का भी हम चकनाचूर करते हैं। डोंट वरी।

अभी थोड़ी देर पहले कह रहा था कि मैं इस पर बात कर सकता हूं। मैं करना नहीं चाहता हूं। फिर मैंने जब उसको मजबूर किया तो फिर उसने जो है ना यहां वहां बात ले जाने की कोशिश की। जब मैंने वो साबित किया कि झूठे को झूठा कहना जो है वो ब्लसफमी नहीं होती। ही अग्री मी। ठीक है? इसने कहा सच्चे को झूठा नहीं कहा जा सकता। मैंने कहा सच्चा साबित कर दे पहले। ठीक है? तो अब यह कह रहा है कि मैं इस पर बात नहीं कर सकता।

दोस्तों यह सिर्फ और सिर्फ साहिल का ही एक्स मुस्लिम साहिल का ही खास हो सकता है के मोमिन जो है वो कांसेप्ट ऑफ अल्लाह पे कभी भी साहिल के सामने नहीं टिक सकता। उसके मुंह से या तो वह भाग जाएगा या तो वह अपने मुंह से कबूल करेगा कि मैं इस पर बात नहीं कर सकता। थैंक यू सो मच एवरीवन। ओके।

अच्छा ये साहिल अभी इसको मत ले। इसको बेस्ट मोमिना को ले लो थोड़ी देर। ये एक घंटा हो गया। इसने एक भी टॉपिक पे बात नहीं किया। यार क्या बोलते हो? एमएमए को थोड़ा ब्रेक दिया जाए दोस्तों। अभी अभी तक हां सेक्स लेवरी पे भाग गया और कांसेप्ट ऑफ अल्लाह पे भाग गया। एक ही सवाल एक ही सवाल नारे साहिल आपने लिखना है साहिल हूं अकबर। दोस्तों नारे साहिल आपने कमेंट में लिखना है साहिल हू अकबर साहिल हू अकबर सब लोग बोल रहे हो हटा दो इसको चलो इसको जो है ना हालांकि मैं इसी पे कंटिन्यू कर सकता था के ये बात नहीं कर सकता है तो बात नहीं कर सकता है दैट मींस कि इसको नहीं पता के कासेप्ट मैं इसको छोड़ता थोड़ी ना अभी इसको तो क्या होता है आपने गन्ने का जूस पिया है। क्या होता है कि वो जो गन्ने का जूस बेचने वाला होता है तो वो गन्ने को क्या करता है? मशीन में डालता है। एक बार डालता है। जूस निकालता है। फिर से गन्ने को डालता है। और जूस निकालता है। फिर से गन्ने को अंदर डालता है मशीन में और जूस निकालता है। कभी-कभी हम लोग मतलब जो हम लोग पीने जाते हैं गन्ने का जूस। हम लोग खुद परेशान हो जाते कि ये साला और कितना इसका रस चूसेगा भाई और कितना निकालेगा ये तो अब मेरा खत्म नहीं हुआ था मेरा अगला क्वेश्चन ये था इससे हां इसको थोड़ा गैप दे देते हैं ताकि इसको भी जो अभी झटका लगा है वो थोड़ा रिलैक्स हो जाए पिंजरे में बांध के रखो थोड़ी देर हां थोड़ी देर पिंजरे में बांध के रखते क्योंकि मेरा मतलब मेरा अभी यह इससे पूछना था के भाई अगर तेरे को यह पता ही नहीं है कि अल्लाह का कांसेप्ट जो है वह लॉजिकल है या नहीं है तो आप फिर अल्लाह को क्यों मान रहे हो या तो यह कह दो कि मैं दिमागी अपंग अंधविश्वासी हूं इस वजह से मान रहा हूं या तो फिर बताओ कि लॉजिकल है और फिर उसको साबित करो मतलब आप भाग भी सकते हो तो एक चीज से तो मैं मनवा लिया था दूसरा भी इससे मनवाता कि मैं अंधविश्वासी हूं दिमागी हूं इस वजह से मैं इस चीज को मानता हूं वरना मेरे को नहीं पता अल्लाह का कांसेप्ट लॉजिकल है या इलॉजिकल है।

चलिए अ ब्लेस मोमिना आई है। उससे पहले कुछ सुपर चैट ले ले 101 फटाफट अमित देख लो इसको ये बोल रही है टाइम कम है इसके पास में। अच्छा टाइम कम है। हां ब्लेस मोमिना तुमसे क्या बात हो रही थी? वो नोटपैड किधर है? एक मिनट रुको। ये वाला नोटपैड कहां गया जो इसके साथ हो रहा था? एक मिनट रुको। हां इससे था ना कि वो आपके पास जो है ना एक गोली है वह वाला किधर गया देखने दो मेरे अच्छा चलो ये वाले आप हां मिल गया मिल गया मिल गया एक मिनट अमित मैं लेके आ रहा हूं नोटपड नोटपड हां यही वाला यही वाला यही वाला ये वाला हां ब्लेस मोमिना वेलकम बैक ब्लेस मोमिना आवाज आ रही है अमित आवाज आ रही है ब्लेस मोमिना की हां हां आ रही है आवाज आ रही है ब्लेस मोमिना की आवाज नहीं आ रही है ब्लेस मोमिना क्या यार चलो कुछ सुपर चैट लेते हैं तब तक ब्लेस मोमना की जब तक आवाज अलग से निकल जाए ब्लेस मोमिना रिाइन करो तुम्हारा कुछ माइक का इशू है बदोश कहते है मोमिन कब तक ब्लसफमी के पीछे छुपे छुप हां ना यार मैं कुछ ऐसी बात ही नहीं किया जो ब्लसफेमी हो उसको भी ब्ल मतलब सोचो आप इनके नजदीक तो कुछ भी ब्लसफेमी हो जाएगी भाई ना साबित करते कि किस तरीके से ब्लसफेमी है नॉलेज टीवी थैंक यू सो मच ह्यूमैनिटी अबव ऑल यू डेसीमेटेड एमएमए साहिल भैया टू गुड थैंक यू सो मच मेरे भाई वो पिछला जो एमएमए आया आया था। उसका उसको भी मैंने उसका करियर जो है करियर यह डिस्कशन वाला करियर उसको खत्म कर दिया था। और यह वाला एमएमए इसका भी करियर मैंने पूरी तरीके से खत्म कर दिया। अंब का नहीं पता लाल मिर्ची बेचते हुए कहते हैं साहिल भाई विक्टिम कार्ड का फर्स्ट सेल्समैन कौन था? यार ये अल्लाह ही है। तन्मय घंटी भाई आई डिड गेट रिसोंस फ्रॉम यू फॉर। भाई अभी लाइव स्ट्रीम में हूं ना भाई। कैसे एडमम साहब भी नहीं है अभी? कैसे आपको स्ट्रीम करते हुए मैं रिसोंस दूं मेरे भाई थोड़ा सबर करो आपने मैसेज भेज दिया आई विल रिसोंड टू यू गुिया पिगमन कहते हैं एक बार सही बुखारी 312 दो चड्डी क्यों भी पूछ लो चलो वो जब उसके बारे में मौका आएगा तब वो पूछ लेंगे मिनाज कहते हैं वन ट्री अब्राहिमी टू ब्रांचेस आई दो नंबर में लड़ाई तो है पर ट्री से से भी लड़ाई है। एक चीज जिससे बुद्धिस्ट चेंज सिखाए सब आपस में मिलके एक ही जगह है। कौन गलत?

हां ब्लेस मोमिना आवाज आ गई। अच्छा ब्लेस मोमिना जो हमारी डिस्कशन हो रही थी और आपका इंटरनेट शायद चला गया था या पता नहीं कोई आपके अब्बू आ गए। आई डोंट नो। तो मैंने आपसे एक सवाल किया था के ब्लेस मोमिना अगर आपके पास एक मेडिसिन है जो कंफर्म सारी बीमारियों का इलाज करती है। नो साइड इफेक्ट। वह ऐसी मेडिसिन मेडिसिन है जो आपको इजीली ओवर द काउंटर भी मिल जाती है। आपको कोई अगर बीमारी हो जाए छोटी बड़ी कोई भी छोटी या बड़ी मुझे बताएं ब्लेस मोमिना आप क्या करेंगी? मैं मेरा जवाब दे देता हूं ताकि आपको समझने में आसान हो। अगर मेरे पास कोई ऐसी मेडिसिन है जो कंफर्म सारी बीमारियों का इलाज करती है। कंफर्म। ठीक है? और वो इजीली अवेलेबल भी है। बिलीव मी मैं कभी किसी डॉक्टर के पास नहीं जाऊंगा। मैं कभी कोई भी मेडिसिन उसके अलावा कोई भी मेडिसिन मैं नहीं लूंगा। क्यों? क्योंकि मैं अपना पैसा क्यों बर्बाद करूं किसी डॉक्टर के पीछे? मैं किसी दूसरी मेडिसिन खा के जिसका मुझे पता भी नहीं है कि असर करेगी नहीं करेगी। उसके साइड इफेक्ट्स होंगे। मैं क्यों वो मुसीबत में पड़ूं। मैं क्यों हजार टेस्ट कराने के लिए जाऊं। मैं क्यों अपना वक्त बर्बाद करूं? जबकि मेरे पास कोई एक ऐसी मेडिसिन है जो सारी बीमारियों का इलाज करती है। कंफर्म। तो यह मेरा जवाब होगा। ठीक है? आई विल नॉट गो टू एनी डॉक्टर। आई विल नॉट टेक एनी अदर मेडिसिन।

दोस्तों, ब्लेस मोमिना के पास जाने से पहले मैं आप लोगों से यह सवाल पूछना चाहता हूं जो ब्लेस मोमिना से पूछा है कि आपके पास अगर वो मेडिसिन मिल जाए जो कंफर्म सारी बीमारियों का इलाज करती है। मौत के अलावा। आप मुझे बताओ कि क्या आप किसी डॉक्टर के पास जाएंगे? क्या आप कोई दूसरी मेडिसिन लेंगे? अगर आप नहीं जाएंगे और अगर आप मेरी बात से एग्री करते हो दोस्तों तो वन टाइप करें। अगर एग्री नहीं करते तो टू टाइप करें। देखो एक मिनट आपसे नहीं पूछ रहा हूं क्योंकि मैं देखना चाहता हूं कि मेरे जैसी सोच कितने लोगों की है। नहीं वन टाइप करें दोस्तों जो मेरी बात से एग्री करता है कि मैं नहीं जाऊंगा किसी भी डॉक्टर के पास अगर मुझे ऐसी एक दवा मिल जाए। ये देखो वन वन वन चलो मैं इसमें तो करते वन करता हूं ना रुको ना ब्लेस मोमना अच्छा स्क्रीन पे चल रहा है थोड़ा नहीं ये थोड़ा बड़ा-बड़ा दिखता है ना अमित ये देखो जैक भी बोल रहे हैं प्रजू प्रिंस ऑफ हार्ट मतलब सारे लोग ही कह रहे हैं कि जब ऐसी दवा मिल गई तो यार कौन बेवकूफ है जो डॉक्टरों के चक्कर काटेगा और दूसरी मेडिसिन खाएगा ऑलमोस्ट सारे लोगों ने वन ही किया जी ब्लेस मोमिना क्योंकि क्योंकि मुसलमान जो है वो उसकी सोच एकदम अलग होती है। वो दिमागी अपंग होता है। आई एम डेड श्योर कि आपका जवाब अलग होगा। जी ब्लेस मोमना आप क्या करेंगी अगर आपके पास कोई ऐसी मेडिसिन हो? मजा आ जाएगी। जी ब्लेस मोमीना। आप क्या करेंगे? अनम्यूट करके बताएं। अभी मेरी आवाज आ रही है? हां हां आ रही है इसने म्यूट कर लिया ब्लेस मोमना अन म्यूट करो जी हेलो जी ब्लेस मोमिना आप क्या करेंगी मैं तो लेने के लिए दो तीन डॉक्टर के पास जाऊंगी नहीं नहीं आपको कंफर्म मालूम है कि यह दवा काम करती है कंफर्म है नहीं ओपिनियन तो मैटर करता है अच्छा ओपिनियन मतलब आप डाउट करेंगे उस पर ओपिनियन लूंगी। हां दो तीन सेकंड ओपिनियन। ओके। अगर कोई ऐसे इंसान ने बताया है जिस पर आपको 200 टका यू नो यू यू बिलीव हिम 200 टका के उसकी मुंह की बात पत्थर की लकीर है। अगर ऐसे बंदे ने बताया तो नहीं बंदे की बात पे यकीन नहीं करती हूं। ओके ब्लेस मोमिना ये देखिए खुदा की बात अलग है। ओके नो प्रॉब्लम ये देखिए ये मैं आपके सामने रसूल्लाह की एक हदीस पेश कर रहा हूं। ये देखिए ये है सुन इने माजा हदीस नंबर 347 सही हदीस है और मल्टीपल हदीस है। ठीक है? अबू हुरैरा नरेटेड दैट ही हर्ड द मैसेंजर ऑफ़ अल्लाह से इन ब्लैक सीड देयर इज़ हीलिंग फॉर एवरी डिजीज एक्सेप्ट दी साम। साम मीन्स डेथ एंड ब्लैक सी ब्लैक सीड शस अब मुझे बताओ कि आपके रसूल्लाह ठीक है आप इंसानों की बात पे नॉर्मल इंसानों की बात पे नहीं बात करते और आपके जो रसूल कहते हैं वो अल्लाह की तरफ से कहते हैं अल्लाह कुरान में कहता है वमा य हवा इन इल्हा मेरे रसूल मेरे नबी मेरे प्यारे जो है वो अपनी मर्जी से कुछ नहीं कहते वो तो वही है जो उनकी तरफ की जाती थी तो रसूल्लाह जो है वो वही बात करते थे जो अल्लाह उनको पहुंचाता था अल्लाह के मेरी बात अच्छा आपके रसूल्लाह कह रहे हैं कि कलौंजी में सारी बीमारी आप बोलने का मौका नहीं दे रहे बोलिए ना मैं नोटपड लेके आ जाता हूं फिर से ताकि मैं लिख भी लूं। आप क्या बोल रही है। मैंने हदीस बता दी। पहले सुन तुम सुन लिख भी लूंगा। सुनते सुनुनते लिख भी लूंगा। ठीक है वो आपको ओके। नबी से नबी ने जो बात कही। ठीक है। नबी ने जो बात कही। नहीं इस तरह ना लिखो ना। जब एक लाइन मैं बोलूंगी तब लिखना। अभी तो मैं ऐसे टूटी टूटी बात कर रही हूं। जब मैं एक फाइनल स्टेटमेंट दूंगी आप तब लिखना। ठीक है? ओके। आप बात करके फिर एक फाइनल स्टेटमेंट देना। मैं सुन रहा हूं। हमारे 5700 लोग सुन रहे हैं। जी ओके। अच्छा आपने कहा नबी तो जस्ट वही कहते थे। आपने भी ये बात कही। नबी तो जस्ट वही कहते थे। बोला आपने या नहीं बोला? ये आप भी अपना भी लिख दो लाइन आप बोलते जाए उसके बाद फिर वो फाइनल स्टेटमेंट देना हम लोग सुन रहे हैं नो आप अपना भी लिखो आपने बोला नबी तो जस्ट वही कहते थे ये बात आप मानोगे एग्री कह रहे हो आपने बोला कुरान कहता है कुरान में कहीं नहीं लिखा कि वो जस्ट वही कहते थे आम इंसान थे। नबी अपनी मर्जी से कुछ नहीं कहते। नहीं भाई उन्होंने जब जिंदगी गुजारी, खाना खाया, खाना खाना खाया, शादियां की जो भी अपनी मतलब मैरिड लाइफ गुजारी एक बाप बन गए। उनकी बेटियां आई। तो उस चीज में तो वही नहीं आकर कहती थी ना कि जी हर चीज में तो अब खाना खाने से पहले तो वही नहीं आती थी कि आप यह खा रहे हैं। तो नबी पाक सल्लल्लाहहु अलैहि वसल्लम का जो तरीका है जो उनकी बातें उसको हम सुन्नत भी कहते हैं। तो सुन्नत अलग चीज हो गई। वही अलग चीज हो गई। ठीक है? अब ये जो आप बात कर रहे हो कि ब्लैक सीड जो है उसमें तमाम बीमारियों का इलाज है। यह वही नहीं है। पहले तो ये आप कंफर्म कर लो। ये वही नहीं है। हेलो हां हां सुन रहे हैं हम लोग। अच्छा तो आपने कहा कि वो जस्ट वही कहते थे। वो जस्ट वही नहीं कहते थे। उन्होंने एक लंबी जिंदगी माशा्लाह से गुजारी है। तो उसमें सिर्फ वही के अल्फाज़ तो नहीं बोले ना। अपनी जिंदगी गुजारी है क्योंकि देखिए नबी जो थे या तमाम अंबिया सिर्फ हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहहु अल वसल्लम नहीं थे हमारा अकीदा 124000 अंबिया पर है वो तमाम अंबिया जो थे वो इंसान थे उनको खुदा का दर्जा देना उन्हें रब मानना हम तो वो नात भी नहीं पढ़ते जिसमें यह आ रहा हो कि नबी भर दो झोली मेरी या मोहम्मद नबी के दर से मिले मिलेगा लेकिन रब देगा। मैं तो वो नात नहीं पढ़ती। हम तो इस चीज पे अकीदा नहीं रखते। जो तौहीद है वो एक अलग कांसेप्ट है। सुन्नत अलग है। नबी अलग हैं। नबी को खुदा मानना। मैंने नबी को कभी खुदा नहीं कहा। ना मैं ये आपसे कह रही हूं कि आप बोलो कि नबी की बात हो गई खुदा की बात। नबी थे तो आफ्टर ऑल इंसान। थे या नहीं थे? यह मेरी फाइनल स्टेटमेंट है कि नबी आफ्टर ऑल एक इंसान थे। नबी को खुदा का दर्जा ना दिया जाए। ये लिख लो आप। क्या लिखूं? एक मिनट रुक। नबी एक इंसान थे। तमाम अंबिया जो उतरे वो इंसान थे। खुदा नहीं थे। नबी एक इंसान। तुम में देखोगे। मेरे पास टाइम खुदा नहीं थे। अरे रुको। नबी इंसान थे। खुदा नहीं थे। तो मेरा अकीदा मेरा अकीदा तौहीद अलग है। आपने मेरा अकीदा तौहीद अलग है। रब की जात एक ही है। रब एक है। ओके मैं समझ सकता हूं लेकिन आप अपना पूरा अकीदा यहां बयान नहीं कर सकती क्योंकि फिर मसले मसाइल हो जाएंगे। आई नो दैट। अच्छा मुझे बताओ आपने कहा नबी एक इंसान थे। खुदा नहीं थे। तो नबी ने जो ये बात कही थी जी ब्लैक सीट वाली। कलौंजी के बारे में यह सच्ची बात कही थी। इस पर मैं आती हूं। पहले आपकी मैंने बात क्लियर करती हूं कि मैं हां हां ठीक है। हमको मालूम है नबी खुदा नहीं है। मेरा मैं क्योंकि है ना फटाफट डिस्कशन को बिल्कुल मैं मानता हूं और मैं बिल्कुल इस डिस्कशन को खत्म करना चाहता हूं जल्दी जल्दी। इस वजह से पूछ रहा हूं कि जो नबी इंसान थे खुदा नहीं थे। तो नबी ने जो ये बात कही थी नहीं है। अब सुनो तो सही आप डिस्कशन जल्दी खत्म करना चाह रहे हो तो लेट मी नो कि आप कितने मिनट्स में खत्म करना चाह रहे हो। मैं इतने मिनट में अपनी बात मोमना आपने लेना है तो आप ले सकते हैं। ब्लेस मोमिना मुझे कोई दिक्कत नहीं है। लेट्स कम टू दी पॉइंट। मुझे बताओ कि नबी ने जो ये बात कही थी कलौंजी के बारे में ये सच्ची बात कही थी या झूठी? बोलो। हम मैं मैं आ रही हूं। आप सुनने तो सही। देखें आपने ब्लैक सीड वाली बात कर दी। ठीक है? ये आपने कहा ये सही हदीस है। ठीक है? आपने कहा और ये उस पर है हजरत अबू हुरैरा से रिवायत। आपने भी कहा नहीं कहा? हेलो। हां हां। क्या आपने कहा? नहीं। हजरत अबू हुरैरा से रिवायत है। हां तो सुन लेना मैं आपको एक बात बताऊं अभी यहां पे मैं ऑफकोर्स मैं अपना जो है मुसलमान आप एक्स मुस्लिम हो तो मैं अपना अकीदा वर्ड्स में तो नहीं बताऊंगी लेकिन ऑब्वियसली थोड़ा सा मैं कांसेप्ट दे दूं। हजरत मैं इस हदीस को ना गलत कह रही हूं ना मैं इस हदीस को सही कह रही हूं। ठीक है? क्या कह रही हो फिर? सुने जब हमारे जो खलीफा गुजरे हैं चार गुजरे हैं ना चार खलीफा गुजरे हैं ना? हम तो अब ये बताओ कि जो चार खलीफा थे वो नबी के ज्यादा करीब रहे या हजरत अबू हुरैरा करीब रह लिए? मतलब अबू हुरैरा झूठा है। नहीं मैंने मैं आपसे पहले सवाल कर रही हूं ना। नहीं नहीं मेरे से सवाल नहीं करना है क्योंकि तुम्हारे लेट मी लेट मी आर ब्लेस मोमिना देखो मेरे पास इतना टाइम नहीं है ठीक है मैंने आपको बहुत मौका दिया मैं जलेबी बनाने का अभी मौका नहीं दे सकता हूं क्योंकि लेट्स स्टिक टू दी पॉइंट आप ये कहना चाह रही है कि जो चार खलीफा से जो बात आएगी मैं उसको मानूंगी बाकी सबा की नहीं मानूंगी तो अगर सिर्फ चार खलीफा के की बात अगर मानोगे तो इस्लाम का वो 10% भी नहीं होगा क्यों? क्योंकि जो हदीसे है वो चार खलीफा से बहुत कम आई है। बहुत मतलब बहुत कम आई है। मैक्सिमम हदीसे आपको अबू हुरैरा से मिली हुई है। बुखारी में तो मैक्सिमम हदीस अबू हुरैरा से मिलेगी आपको। उसके बाद आयशा से हदीसे है। उसके बाद बाकी सबा से हदीस है। अनस बिन मालिक से अपना है। क्या कहते हैं उसको? अबू हुरैरा है, आयशा है और फलाना जितने भी बाकी सबी है इबने अब्बास है, अब्दुल्ला बिन उमर है इन लोगों से हदीसे मिली हुई है तो तो आपका इस्लाम बचेगा ही नहीं। प्लस फिर आपको ये कंफर्म करना पड़ेगा कि मैं अबू हुरैरा की हदीस इस वजह से नहीं मानूंगी क्योंकि अबू हुरैरा इज नॉट अ क्या कहते हो यार उस वो बंदे को जिस पर आप ट्रस्ट नहीं करते हो। ट्रस्टवर्दी बंदा नहीं है या आप उस पर भरोसा नहीं कर सकते हो। आपको यह कहना पड़ेगा तो इसके अलावा आप यहां वहां नहीं भाग सकती। मेरा अकीदा ये नहीं है, फलाना नहीं है, ढिमकाना नहीं है। जो सवाल है कि आप अबू हुरैरा की हदीस को क्यों नहीं मानती? वो आपने बताना पड़ेगा कि यू डोंट फाइंड अबू हुरैरा टू बी अ वैलिड पर्सन। टू बी टू बी एन ऑथेंटिक पर्सन। ठीक है? तो यह आप जल्दी पहले कंफर्म करें। बोलो बोलो कि अबू हुरैरा की बात क्यों नहीं लोगी आप और सिर्फ अबू हुरैरा नहीं है बाकी लोग भी इसको करते हैं। हां उसका जवाब नहीं नबी की नबी की जितनी भी हदीसे हैं उनमें से एक हदीस आपने सुनी होगी कि जिसका मैं मौला उसका अली मौला। ओके। तो जब नबी ने हमें कुछ चीजें बता दी मतलब आप बाकी सहाबियों की नहीं मानेंगे मैं मैं मानूंगी मैं खलीफा की मानूंगी चारों की मानूंगी मैं हजरत आयशा क्या आप बाकी क्या आप क्या यार सुन लो ब्लेस मोमिना क्या आप बाकी सहाबियों की जो खलीफा नहीं है जो उनकी बीवियों में से नहीं है क्या आप उनकी नहीं मानोगी उनकी हदीस मेरे लिए उनकी मैं मतलब इस सिचुएशन में मान लूंगी कि उस पर मुझे उस टॉपिक पे मुझे या उस उस जगह पे मुझे बस दीन में ऐसी हो कि कोई कुरान में बात ना हो कहीं भी ना हो तो मैं मान लूंगी। नहीं नहीं उसकी बुनियाद क्या है? वो आपने कहना पड़ेगा ना कि अबू हुरैरा और बाकी सबी जो है मेरे नजदीक दे आर नॉट वैलिड दे आर नॉट ट्रस्ट वर्दी पीपल। सो आई विल नॉट लिसन टू देम। ये आपको बताना पड़ेगा। देखो मैंने मैंने कहा मैं चारों खलीफा उनसे तो करीब कोई रहा नहीं ना। यह हम लोग ये हम लोग सुन चुके हैं कि आप चार खलीफा उनकी बीवियों की मानेंगे। मेरा सवाल इस पे नहीं है। मेरा सवाल इसी पे है उनकी बीवी हजरत आयशा। अच्छा बाकी बीवियों की नहीं मानोगे। मैंने कहा मैं उनसे प्रेफरेंस इन लोगों को दूंगी। ओके। तो या तो अगर प्रेफरेंस का बात है सुनो मेरी बात अब इसको अच्छे से समझना अगर थोड़ी भी अकल है। अगर प्रेफरेंस की बात है तो प्रेफरेंस कब होता है के अबू हुरैरा एक बात कह रहा है और अली एक बात कर रहा है। अबू हुरैरा कह रहा है कि यार कलौंजी में रसूल्लाह ने फरमाया कि कलौंजी में सारी बीमारियों की इलाज है सिवाय साम के। साम क्या है? मौत है। अली कह रहा है कि नहीं नहीं नहीं रसूल्लाह ने यह नहीं फरमाया बल्कि रसूल्लाह ने यह फरमाया कि कलौंजी नहीं धनिए के पाउडर में धनिए के बुक्के में सारी चीज का इलाज है। अब क्या हो गया? अबू हुरैरा एक बात बता रहा है। अली एक बात बता रहा है। तो अब यहां पे आप कह सकती है कि मैं अबू हुरैरा को प्रेफरेंस नहीं दूंगी बल्कि मैं अली को प्रेफरेंस दूंगी। मैं धनिया के पाउडर में सारी बीमारियों का इलाज मानूंगी। क्योंकि अली ने बताया हुआ है। तो यहां पे या तो आपको यह बताना पड़ेगा कि अली ने इस बात का इंकार करके कौन सी चीज के बारे में दूसरा बताया ताकि आप उसको प्रेफरेंस दे सको। जी चलो मैं ये ये मैं सर्च करके आऊंगी इसके बारे में। हजरत अली

का क्या पॉइंट ऑफ व्यू था तो मैं आपको बता दूंगी। ये मतलब अभी आपके पास इस इस आपके पास इसका जवाब नहीं है। हां, ब्लैक सीड वाली बात करनी है क्योंकि मैंने आपको सिंपल बात की है कि मैं अबू हुर हजरत अबू हुरैरा को सहाबी मानती हूं, लेकिन मैं प्रेफरेंस नहीं दूंगी।

लो भाई, लोग दो रन टाइम पे। रन टाइम पे मैंने विकेट गिराई है योकर मार के। इससे पहले एमएमए, वो भी उसकी भी विकेट गिराई। हाथ उठा लिया उसने दो टॉपिक से। अब ब्लेस मोमिना भी अपना हाथ उठा रही है यह कह के कि भाई, मैं इसके बारे में जाकर पता करके आऊंगी कि अली ने कुछ कहा है या नहीं कहा है। तो दोस्तों, एक गुलाब जो है फिर से साहिल डिर्व करता है। आप बराए मेहरबानी एक गुलाब भेज दे मेरे लिए फिर से। थैंक यू सो मच। यस, गुलाब भेज दे यार, प्लीज। रन टाइम पे। यस, रन टाइम पे।

रन टाइम पे इनके सहाबा भी जाके रेप करते थे। अपन रेप नहीं करते। रन टाइम पे अपन जो है ना विकेट गिराते हैं। हैट्रिक मारते हैं। लो, ओ हो हो हो, ओए होए, ओए होए, आय हाय, आय हाय, ये लीजिए, आय हाय, क्या बात है। अरे, ब्लेस मोबिला भी गायब हो गई। मैदान छोड़ के चली गई ब्लेस मोबिला। ओए होए, आए हाए, आए हाए।

लेकिन नहीं, लेफ्ट नो ना यार, इतना जल्दी हथियार डाल दे। ये तो पॉसिबल नहीं था। जिद्दी नहीं था, लेकिन अभी साहिल के सामने आई है ना, मेरे को सीधी सी बात है कि आपको समझना पड़ेगा कि आप बहानेबाजी करके आप भाग नहीं सकते हो। आप कोई भी चीज को ऐसी अपने मर्जी से रिजेक्ट नहीं कर सकते हो। आपको फिर उसका रीजन बताना पड़ेगा। यू नीड टू हैव अ वैलिड रीज़न। और इसके पास कोई वैलिड रीजन नहीं था कि वो क्यों। अच्छा, जो रीजन बताई, फिर उसके हिसाब से से भी मैंने उसकी पकड़ की कि फिर अली का कॉल बता दो ताकि तुम अली के कॉल को प्रेफरेंस दो। लेकिन अगर अली का कॉल ही नहीं है ऐसा कुछ इसको अबू हुरैरा की बात काटने को, तो आपको फिर अबू हुरैरा की बात मानना पड़ेगा। ही वास अ सहाबी। और अगर आप ये कहोगे कि नहीं, मैं किसी भी सहाबी की बात नहीं मानूंगी। मैं सिर्फ और सिर्फ चार खलीफा की मानूंगी। फिर तो आपका इस्लाम ही खत्म। आपकी नमाज खत्म। क्योंकि आपको नमाज का तरीका भी आपको जो है ना वो चार खलीफा से पूरा मुकम्मल तरीका आपको नहीं मिलेगा। है ना? तो अब इनकी मजबूरी है बेचारों की। इनको भागना पड़ता है टॉपिक से। क्या कर सकते हैं? ये क्या करते? दूसरी जगह जाके जलेबी बना के भागने की कोशिश करते हैं। अब यहां पे चलती नहीं है जलेबी। अपन उनका टेटवा दबा देते हैं। तो क्या किया जाए? बेचारों का हाल है। छोड़ो, कुछ सुपर चैट लेते हैं। फिर वी विल मूव टू द नेक्स्ट कॉलर।

ब्लैक माय कहते हैं, हरे हरे रा, मैं तो जवा अन हो गई मौला। क्या बात है। नेचर साहब कहते हैं, कहां से आता है इन लोगों में इतना कॉन्फिडेंस? स्लेवरी, हेट, पिडोफीलिया, ये सबको कैसे अनदेखा करके अंधों जैसे नबी नबी करते हैं? सर, क्योंकि दिमागी अपंग होते हैं और अंधविश्वासी होते हैं, इस वजह से। नीरज गौतम, गुलाब काफी आ गए, साहिल भाई, गुलकंद बना लो। क्या बात है, बचपन में खाते थे यार, गुलकंद, मजा आता था। मीठे पान में। अंब का नहीं पता कहते हैं, इस्लाम इज वन ऑफ द मोस्ट रिस्पॉन्सिबल रिलीजंस इन द वर्ल्ड। एवरी टाइम देयर इज अ टेरर अटैक, दे टेक रिस्पॉन्सिबिलिटी। क्या बात। राघव भाई की भी एंट्री कहते हैं, एफजीएम, खतना, एंड मेहरम बनवाने का तरीका, नवा 38। थैंक यू। नागपुर से। खतना भाई की एंट्री हो चुकी है। कहते हैं, साहिल को इतनी खामोशी से सुनते मैंने पहले कभी नहीं देखा। कोई चक्कर तो नहीं जिसका मुझे पता ना? नहीं, नहीं, कोई चक्कर नहीं। कोई चक्कर नहीं। नो पर्सनल कांटेक्ट।

अल शर्मा, अच्छी मेडिसिन उपलब्ध है तो डॉक्टर के पास जाने वाला मेंटल ही होगा। और मैं पहले ही बता दिया था कि ये हम सबसे हटके जवाब देगी मोमिना और उसने वही दिया। गैलियर भाई, थैंक यू सो मच कहते हैं, धूप खरी ऊपर से जब चमके, प्यास लगी लगे, मन में जब दमके, तभी कहीं से ठेला आए रसवाला। दिमाग दिमागी अपंग पेश किया जाए। क्या बात है सर, आज तो देखिए कितने दिमागी अपंग आ रहे हैं। नाकुंद, खतमा भाई ने 20 मेंबरशिप गिफ्ट की है। थैंक यू सो मच।

द ग्रेट मराठा कहते हैं, अफगान औरत लेफ्ट टू डाई इन अर्थक्वेक बिकॉज़ नॉन मैरम नॉट अलाउड टू टच देम इवन दे आर अलाइव एंड इंजर्ड। व्हाट इज शेम ऑन? हां, ये मैंने न्यूज़ आर्टिकल्स मेरे सामने आए थे। तो न्यूज़ चैनल में भी आया था। मैंने देखा न्यूज़ आर्टिकल में तो यार, ये देखो, ये दिमागी अपंगता इसी को कहते हैं। इनको मैं अगर दिमागी अपंग कहता हूं तो उसकी सॉलिड बुनियाद है। ऐसी नहीं कहता हूं मैं।

इंडियन आर्मी, थैंक यू सो मच। बाइट्स ब्लेड कहते हैं, साहिल भाई, रेड जूस ऑर्डर्ड फाइव सैंपल रिसेंटली। यार दोस्तों, रेड जूस जितने लोग ऑर्डर कर रहे हैं, अभी फिलहाल ऑर्डर ना करें क्योंकि रेड जूस आउट ऑफ स्टॉक है एज ऑफ नाउ। आज मुझे सुन रहे हैं आप और रेड जूस आउट ऑफ स्टॉक है। 101 दिन के अंदर जो है ना, रेड जूस फिर से अवेलेबल हो जाएगा। तो थोड़ा सा वेट करिए। बल्कि मैं आप को बताता हूं कि एक और परफ्यूम जो है वो इतना धमाल मचा रहा है जिसकी हद नहीं। मैं आपको बताता हूं। ये एक मिनट दीजिएगा मुझे। और उसके बाद फिर हम कॉलर की तरफ बढ़ेंगे। यह देखिए। मैं बताता हूं आपको कि एक ऐसा परफ्यूम है। जो इतना धमाल मचाए हुए हैं और आप में से किसी ने अगर अभी तक इस परफ्यूम को आर्डर नहीं किया है। भाई, आप जिंदगी की एक बहुत अच्छी और प्यारी चीज मिस कर रहे हैं। बिलीव मी। ये देखिए। ये एक रिव्यु दिखाऊंगा आपको। तो फिर बाकी रिव्यु जो है परफ्यूम्स के वो एडमम साहब अगर आते हैं तो उसके बाद दिखाऊंगा मैं क्योंकि एडमम साहब से भी सुनने अच्छा लगा है। ये देखिए। आई नो रेड जूस इज दी मोस्ट सेक्सी परफ्यूम। यू नो यू कैन एवर वेयर इट। बट यह भी एक ऐसा परफ्यूम है जो आपको कई सारे कॉम्प्लीमेंट्स दिलवाएगा। ये देखिए। ये कहती है, आई गिफ्टेड इरजिस्टेबल टू माय हस्बैंड ऑन हिज बर्थडे जस्ट टू डेज एगो। ठीक है? ही लव्ड इट। यू हैव क्रिएटेड दी मोस्ट अमेजिंग लिटरली इररेजिस्टेबल परफ्यूम। माय हस्बैंड गॉट सो मेनी कॉम्प्लीमेंट्स। आई माईसेल्फ कुड नॉट रेजिस्ट माईसेल्फ। आई यूज इट टुडे एंड इट स्मेल्ट्स हेवन। आई एम गेटिंग कॉम्प्लीमेंट सिंस मॉर्निंग फ्रॉम माय कलीग्स। फिर मैंने कहा, वाओ, दैट्स ग्रेट। हाउ अबाउट? क्योंकि इन्होंने इररेजिस्टेबल और सुपर डिलीशियस ये दोनों इन्होंने मंगाया था और इन्होंने फीडबैक पहले से इररेजिस्टेबल का दिया। तो मैंने इनसे पूछा कि भाई, सुपर डिलीशियस कैसा लगा? तो ये कहते हैं, इट लीव्स स्टेन बट दी स्मेल इज सो गुड। कह रहे हैं कि थोड़ा दाग आता है लगाने से। तो मैंने इनको उसका सल्यूशन दिया। थोड़ा दूर से स्प्रे करोगे तो स्टेन नहीं आएगा। नेक्स्ट टाइम दूसरे फ्रेगरेंसेस भी ट्राई करना। तो लिखती है, श्योर, जल्दी ही ऑर्डर करेंगे बाकी भी। तो भाई, यह इट्स नाम के हिसाब से यह अपने नाम को जस्टिफाई करता है। इररेजिस्टेबल एंड यू नो, इफ यू वियर इट, यू विल गेट लॉट्स ऑफ कॉम्प्लीमेंट्स। इट्स सीरियसली इर्रेजिस्टेबल। तो मेरे दोस्तों, प्यारों और जितने दोस्त मुझे सुन रहे हैं, अभी आप लोगों में से किसी ने अगर इरजिस्टेबल साहिलिज्म परफ्यूम का ट्राई नहीं किया हुआ है तो बिल्कुल देरी ना करें। फटक से मुझे WhatsApp पर मैसेज करें 8655181026 और इरजिस्टेबल अभी का भी ऑर्डर करें। प्लस अगर किसी ने उछलता पानी ट्राई नहीं किया है जिसका बजट ज्यादा नहीं है, वह उछलता पानी। मैं हमेशा कहता हूं, उछलता पानी इट्स वन ऑफ दी बेस्ट एंड यू नो, बजट के हिसाब से आपको हो भी जाएगा एंड डेफिनेटली यू विल गेट कॉम्प्लीमेंट्स फ्रॉम यू नो, उछलता पानी एज वेल। जब आप उछलता पानी लगाओगे तो इर्रेजिस्टेबल, उछलता पानी और रेड जूस इज माय फेवरेट, मोस्ट फेवरेट, लेकिन वो अभी स्टॉक में नहीं है। 10 दिन के बाद जो है ना, वो स्टॉक में आ जाएगा एंड देन यू कैन यू नो, स्टार्ट ऑर्डरिंग रेड जूस।

बाइट्स ब्लेट कहते हैं, सर, माय रिव्यू फर्स्ट। ये अपना बता रहे हैं कि इनको सबसे बेस्ट कौन सा लगा। फर्स्ट रेड जूस, आई टोटली एग्री विद यू। फिर बाइट्स ब्लेड का सेकंड मोस्ट फेवरेट जो है, एडमम्स लीक है। यस। जिन लोगों को सिट्रेस फ्रेगरेंस पसंद है, वो दे कैन गो फॉर एडमम्स लीक। थर्ड इरेजिस्टेबल। फिर रेड जूस इज मोस्ट लास्ट लॉन्ग। इनफ, मैं कहूंगा इरिजिस्टेबल इज यू नो, वेरी लॉन्ग लास्टिंग, बट यस, रेड जूस इज आल्सो लॉन्ग लास्टिंग। थैंक यू सो मच, बाइट्स ब्लड भाई, फॉर द रिव्यु।

मैं हमेशा फालतू का बिकट टेंशन लेता हूं, ढकी ढकेला के। अरे थैंक यू सर। ए भाई, मैं तो फटे हाल गरीब हूं, फलादा खा के, सेवादा खा के। थैंक यू। मैं फुल अमीर हूं, मेरे को कोई फिक्र नहीं। गुलदस्ता तोड़ के। थैंक यू सर। प्यारे भाई कहते हैं, एमएमए, ब्लास्टमी की, साहिल क्या की, एमएमए, वो पता नहीं। साहिल स्लाफ पे बात करेगा, एमएमए उसका ज्ञान नहीं। साहिल बोल, तुझे नहीं पता एमएमए, तू सनातनी है। दिस इज व्हाट हैपेंस विथ मोस्ट ऑफ देम। प्रवीण कुमार कहते हैं, पेशेंस लेवल के को सलाम। कुरान फॉलोअर्स को क्या बोले सर? पेशेंस रखना पड़ता है। गुजू गुजाती, मुस्तफा नाम से साइमा है, उसको अनब्लॉक करो, बोल रही यार, मुस्तफा नाम से कोई अमित किसी को ब्लॉक किया हुआ है? मुस्तफा नाम से हम किसी को क्यों ब्लॉक करेंगे? क्योंकि मुस्तफा तो मोमिन नेम है। चलिए, लेट्स मूव टू द नेक्स्ट कॉलर यार। फिर बाद में ये लेते हैं। पक्का मुस्लिम, यार, आप तो एक्स मुस्लिम है ना? पक्का मुस्लिम भाई। मुस्तफा स कौन सी? अच्छा, वो जो लास्ट टाइम आई थी, सिर्फ एक ही बार आई है, उस दिन तो चली गई थी। ब्लॉक कहां से होगी? हो जाएगी यार। साइमा, तुम किसकी बात कर रहे हो? लाइव चैट की बात कर रहे हो या फिर स्ट्रीमयार्ड की बात कर रहे हो? और यह कोई और एक साइमा है। साइमा नूर, प्लीज रिप्लाई। आई एम विजिटेड हियर फॉर द फर्स्ट टाइम। वि काइंड ऑफ़ प्रोग्राम इज? साइमा नूर, ये एक एक्स मुस्लिम चैनल है और यहां पर हम इस्लाम की वो बातें बताते हैं जो आपके उलमा आप लोगों को नहीं बताते। तो अगर आप नई आई हुई है, जिस भाई ने भी आपको या जिस फ्रेंड ने भी आपको सजेस्ट किया है, सबसे पहली बात उनको सलूट और हमारा चैनल आप जो है ना, थोड़ा दिन देखते रहिए। आपको पता चल जाएगा कि यह चैनल पे हम क्या बातें बताते हैं और जितनी बातें बताते हैं, उसको क्रॉस वेरीफाई जरूर करिएगा। साइमा नूर जी, ठीक है? और दूसरी साइमा, अगर आप स्ट्रीम यार्ड पे जुड़ना चाहती है तो बरा मेहरबानी जुड़ जाए। आप जो है वो ब्लॉक यहां पे नहीं है। ठीक है? यार, मैंने किसी को ब्लॉक ही नहीं किया है। क्रिकेट वि रुद्राक्ष, मैंने किसी को ब्लॉक नहीं किया है। मोस्टली जो है वो अमित स्ट्रीम यार्ड पे ब्लॉक करता है। वो भी उनको ब्लॉक करता है जो नॉन मोमिन आईडी से आते हैं। नहीं, नहीं, साइमा तो एक ही बार आई है, उसके बाद में आई नहीं। ब्लॉक होगी कहां से? झूठ बोल रही है। अगर लाइव चैट में ब्लॉक हुई होगी, लाइव लाइव में अगर हुआ तो बात अलग है। ओके? हां भाई, पक्का मुस्लिम, पक्का मुस्लिम। पक्का की स्पेलिंग देखो। इसकी एक्स मुस्लिम है भाई। ये क्यों टाइम वेस्ट करते हो यार? पक्का मुस्लिम, जल्दी बोल, बोलो यार। पक्का मुस्लिम। चलो इसको निकाल देते हैं। खान साहब को लेते हैं। जी, खान भाई। ये चंगेज खान की फोटो। हां भाई, खान। हेलो। मोमिन है आप? यस सर। आपका जो नाम दिखा रहा है, ओरिजिनल हमें, वो तो नॉन मोमिन वाला है। या मैं कभी रिसेंटली हाउ रीजन कपल ऑफ मंथ्स? हां जी, कपल ऑफ मंथ्स। अगर पूछना है, क्यों कन्वर्ट हुआ? मैं बता सकता हूं। नहीं, नहीं, क्यों कन्वर्ट हुआ, वो अभी नहीं पूछेंगे। कपल ऑफ मंथ्स। ओके। सो नमाज पढ़ना सीखी आपने? नहीं, मुझे सूर फातिहा आती है और कुल। सूर फातिहाद अल्लाह? या नहीं, सूर फातिहा तो नॉन मोमिन लोग को भी आती है। आप चार में आई से या कन्वर्ट हो के नमाज नहीं पढ़ते हो? अभी सीख रहा हूं। मैं असल में फिलॉसफी की वजह से कन्वर्ट हुआ हूं। आपने कांस्टेंसी? अच्छा, एक मिनट। या खान साहब, खान साहब, थोड़ा वेट करना। हमारे हुज्जतुल मुर्तदीन साहब आपसे बात करना चाहते हैं। तो थोड़ा सा आप वेट करिएगा। बल्कि मैं आपको मैं आपको ऐसे शख्स को दूंगा है ना? मतलब आप समझिए कि आप बड़े नसीब वाले हैं कि एडमम साहब आपसे बात करना सामने से चाह रहे हैं। नो, नो, नॉट आज। मैंने उसकी वीडियोस देखी है। वो काफी लाइक और गलत बात है ना सर? सर, गलत। मैंने मैंने देखा। आपसे आपसे बात करने आते हैं क्योंकि सर, पहले एक डर रहे हैं। एक इशू सर, डर रहे हैं। देख रहे हो सर, डर रहे हैं। अगर लड़ाई झगड़ा करना है, नो ना? गोहे कम। ये मोमिन तो हो नहीं सकता यार। नहीं, नहीं, वो अला खान की फोटो लगा रखा है जिसने मुसलमानों का कत्लेआम किया गाजर मूली की तरह। उसकी फोटो लगा के बैठा है इधर मुसलमान बनके। कोई बात, कोई बात नहीं। देखो, हमारे हमारे जो उस्ताद है, उज्जतुल मुर्तदीन साहब, उन्होंने जब कह दिया कि कीप हिम, आई एम कमिंग। सो आई हैव नो चॉइस। देखो, सूर एहजाब में कुरान में अल्लाह कहता है कि जब अल्लाह और उसके रसूल का फैसला आ जाए, तो अब किसी मोमिन मर्द और मोमिन औरत के लिए यह बिल्कुल उसके पास ये ऑप्शन नहीं है कि उस फैसले में वो अपनी कोई बात रख दे। है ना? तो यह मुसलमानों के लिए है। और हमारे लिए क्या है कि एडमम साहब ने कह दिया कि कीप हिम, आई एम कमिंग। अब हमारे पास कोई गुंजाइश ही नहीं बचती है कि हम भाई को जो है ना, वो हटा दे, भगा दे। ठीक है? खान साहब, थोड़ा रुकिए। आप एडमम साहब को आने का हम इंतजार करते हैं। मैं आबिद हुसैन साहब से बात कर लेता हूं। कीप योरसेल्फ ऑन म्यूट। ओके। खैरियत से हैं? आबिद हुसैन साहब, कैसे हैं? जी, अल्लाह का शुक्र, अच्छे से हैं। जी, जी, फर्स्ट क्लास है। आप नाम सुनाइए, कैसे हैं? खाना ना खा लिए? बिल्कुल जी, खाना खा लिया। लेटा हुआ था। 11:38 हो गए हैं अभी इधर। तो आपके यहां तो ज्यादा हो गया होगा। लेटे हुए हैं। जी, जी, बिल्कुल लेटा हुआ हूं। जी। अच्छा, मुसलमान हैं? हां, मेरी आपसे पहले बात हुई थी ना एक दफा? अच्छा, आप इस्लाम छोड़ चुके थे ना? जी, जी, बिल्कुल, बिल्कुल छोड़ा हुआ है। अच्छा, अच्छा। फिर से क्यों जॉइन कर लिए? बस सा, मेरा शौक था आपसे बात करूं। आपकी और मेरी स्टोरी कुछ मिलती जुलती है। आप भी पहले तबलीगी थे। फिर अहले हदीस हो गए। मैं भी पहले तबलीगी था। फिर अहले हदीस हो गया। फिर अभी कोई पांच एक साल हो गए। फिर मैंने लानत भेज दी सब पे। तो ये बात तो उस दिन आप बताए थे ना मुझे? जी, जी, बिल्कुल। हां। तो नया क्या बताना चाहते हैं? मैं आपको तीन चार मिनट देता हूं। चलो, मजा आया था किसी दिन मेरे को बात करके आपसे। जी, जी, वो असल में मैं उस दिन ऑफिस में बैठा हुआ था। मेरे कोग भी सुन रहे थे। हैरान हो रहे थे कि यार, ये क्या बात कर रहा है? तो मैं मेरे से बात भी सही हुई नहीं थी ना आपके साथ। जी, जी। तो अभी मैंने कहा, अगर दोबारा उसी को कोई थोड़ा रिपीट करें तो मेरे पास अभी चले टाइम भी है। सुबह छुट्टी भी है। थोड़ी बात कर लूंगा। वो शुरू में मुझे, हां, मैं तो ये इन ये जो है ना, मुलाटे इनकी तंदू से मुझे नफरत थी। तो उसके बाद मुझे इन पे ना, इनकी बातों से शक पड़ना शुरू हो गया। फिर मैंने अपने से फिर तलाश शुरू कर दी कि यार, मैं कौन से इस्लाम में हूं? ये तो फिरका ही फिरका है। बहुत सारे हैं। तो ये मेरा कौन सा इस्लाम है? मैं किस इस्लाम में हूं? तो पर बस ढूंढतेढूंढतेढूंढते फिर मैंने छोड़ ही दिया था। मुझे नहीं पता था कि साहिल कौन है? एडमम सीकर कौन है? हारिस कौन है? दूसरे कौन है? कुरान वाला जी। मैंने बस अपने तौर पे छोड़ दिया था कि मुझे लगा कि ये ये कोई दीन जो है ना, ये सही नहीं है जिसमें नौ साल की बच्ची के साथ शादी होती है, जिसमें मुंह बोली बेटी के बेटे का बहू के साथ शादी होती है। बनू कुरजा को किस तरह जुल्म किया? फिर इनके पास कोई कारोबार नहीं है, कुछ नहीं है सिवाय डाके और लुटेर, लूट, लूट मार, लूट मार, लूट मार। ये कौन सा दीन? हां, फिर बस करते करते मेरी आप मुझे मिल गए। कुरान वाला जी मिल गए। फिर तो मालूमात का खजाना आ गया मेरे पास। तो सही है, ये पक्का हो गया। फिर मैं फिर मैंने कहा, फिर भाई मेरे घर वाले भी इंशाल्लाह ये है कि मेरे कहने पे है। चलिए, सर, बहुत अच्छी बात है। ये तो आपको अकल आ गई, आपको समझ आ गई। ये तो हमारे लिए बहुत अच्छी बात है। जी, बस आपके लिए नेक तमन्ना है। एडमम सीकर को आदाब और कुरान वाला जी से बात हो तो उनको मेरा आदाब पहुंचाइए। बिल्कुल, बिल्कुल। एडमम साहब सुन भी रहे होंगे तो थैंक यू सो मच। जी, बस मैं आपका टाइम जाया नहीं करता। बस मैं आपका सुन रहा हूं इस वक्त। बस आप जो कुछ कह रहे हैं। अरे, बिल्कुल, बिल्कुल। ठीक है। चलिए, थैंक यू सो मच। अपना ख्याल रखिएगा। जी, जी, थैंक यू, थैंक यू, सर। थैंक यू सो मच। यार भाई, जो है पहले भी आ चुके हैं और बड़े प्यारे भाई है और इन्होंने बल्कि ये नहीं, बल्कि इनके जो कुछ भाई भाई है, उनका भी इस्लाम इन्होंने छुड़ा दिया हुआ है। तो अच्छा लगा। एंड आई नो कि भाई, जो एक्स मुस्लिम हो जाता है, उसके पास ज्यादा ऑप्शन नहीं होता अपना दिल खाली करने के लिए। मैं इसी वजह से कहता हूं कि कोई अगर एक्स मुस्लिम हो जा रहा है, तो यू हैव वन प्लेटफार्म जहां पर आप अपनी बात रख सकते। वो है एडमम साहब का डिस्कर्ड। डिस्कर्ड सर्वर। वहां पर आप लोग जुड़ जाइए। वहां पर बहुत सारे लोग हैं, आपके हम ख्याल लोग और यहां पर जितने लोग मौजूद है, वो वहां पर भी है। तो वहां पर आप उनके साथ बातें कर सकते हैं। अपने विचार रख सकते हैं, शेयर कर सकते हैं। बस एक चीज का आपने ध्यान रखना है। आप कोई भी सर्वर पे हो, डोंट शेयर योर पर्सनल डिटेल्स। कुछ भी अपनी पर्सनल डिटेल्स शेयर ना करें क्योंकि कौन कब आपके आपके उसका फायदा उठा ले, यू डोंट नो। तो ये चीज का आपने ख्याल रखना है। ओके? ओके, जी। थैंक यू, सर। थैंक यू। ओके। ये कौन? साहिल की नाजायज औलाद। हां भाई, मेरी नाजायज औलाद किधरकिधर घूम रही है भाई? ऐसा तो मैंने कोई औलाद पैदा नहीं की है। मैंने कांड बहुत किए हुए हैं, लेकिन औलाद नहीं पैदा की है। भाई, नाजायज औलाद से ही पैदा की है। हां भाई, अनम्यूट करो। लाजा है औलाद। चल भोसड़ी के। चल सुन भोसड़ी के। प्यारे बच्चों, जो कुछ करना था कर लो। अब्बू आ रहे हैं। अरे मेरे प्यारों, मेरे दोस्तों, मेरे अजीजों, मेरे दिल के लगते जिगरों, क्या बताऊं आपको? सुनीसनी सी जो स्ट्रीम थी पिछले हफ्ते से आज जाके उस पर नूर आया है। आज वह कैफियत जागी है स्ट्रीम में जो कि मिसिंग थी और आप सबको पता है कि वह नूर का आना वो एक ही वक्त हो सकता है जब हुज्जतुल मुर्तदीन इल्म के खजाने जब एंट्री मारते हैं तो चिरागा हो जाता है। तो मेरे प्यारे दोस्तों, फर्शी सलाम के साथ एडमम साहब का इस्तकबाल करते हैं। एडम साहब, आपका बहुत-बहुत स्वागत है। वी मिस यू और आई वास नॉट एबल टू जॉइन वेडनेसडे स्ट्रीम। यू नो दैट व्हाई। तो यार, थैंक यू सो मच और बहुत अच्छा लगा कि फिर से हम साथ में बैठे हैं। वेलकम सर। सर, धन्यवाद। थैंक यू सो वेरी मच एंड हेलो एवरीवन। आपका फेवरेट मुर्तद आपके साथ एक बार फिर हाजिर खिदमत। उम्मीद है आप सब लोग खैरियत से होंगे और एंजॉय कर रहे होंगे और आज की लाइव स्ट्रीम में मजा आने वाला है पूरा ढेर सारा। साहिल साहब, क्या बात है? सो बिफोर यू से एनीथिंग, एडमम साहब, आई डोंट नो कब से आप आपको मौका मिला देखने का या नहीं देखने का। एक अपडेट मैं आपको जरूर देना चाहता हूं। एडमम साहब, हमारे वहां पे कम से कम जैसे लोगों ने बताया मेरे को तो लगा था एमएमए एक ही है, लेकिन फिर आज पता चला कि नहीं, एमएमए एक नहीं है, एमएमए दो-तीन है। तो पिछले हफ्ते एक एमएमएम की मैंने बंबू लगाई कि आपको बताया था मैंने। वो कह के गया कि यार, नहीं यार, मतलब मैं इस पे अभी है ना, आई आई विल रिसर्च ऑन दैट। आई डोंट हैव आंसर। सर, आज दूसरा एमएमए आया था जो वेडनेसडे आपकी स्ट्रीम में एमएमए आया था। सर, उसको वेडनेसडे का भी बंबू लगाया। फाइनली वो आय हाय, जो दूसरा टाइप का एमएमए है, वो ज्यादा बड़ा जलेबीबाज है और उसकी जलेबियों को पकड़ के पकड़ के उसकी छतरोल भी गई और मैंने।

उसे मैंने उसे कहा, मैंने कहा तुम्हें शुरू में मैंने प्रॉमिस किया था कि अगर तुम तुमने कहा था कि कोई डोरागेटरी बात नहीं करनी। मैंने कहा मैं नहीं करूंगा जब तक तुम बेफजूल की जलेबियां नहीं बनाओगे। मैंने कहा आज तुम बना रहे हो और अब मैं शुरू होने लगा हूं और फिर उसकी बजाई मैंने बड़ी दबा के और लोगों को दिली तस्कीन भी पहुंची और उसके बाद वो जलेबी पे जलेबी बनाया और उसकी जलेबी पे जलेबी पे वो पकड़ा और पकड़ के उसकी ऐसी छितरोल की, ऐसी छितरोल की।

लेकिन साहिल साहब, पता है क्या है? बाज लोगों का दिमाग जो होता है ना वो घुटनों में होता है। यू नो घुटने चलने के लिए होते हैं। नो डाउट। अच्छा स्ट्रीम खत्म होने के बाद कमेंट्स में लिख रहा है, "मैंने एडमम को हरा दिया।" मैंने कहा, "वाह रे वाह, क्या बात है। अकल जो है ना वो वाकई घुटनों में है।"

तो एडमम साहब, सीन चलता है। एडमम साहब, मैं अगर आपको ये बोलूं कि ये एमएमए आज इसी लाइव स्ट्रीम में दो टॉपिक पर स्लेवरी टॉपिक पे उसने कहा कि मुझे इसका इल्म नहीं है। मुझे ये करना पड़ेगा। मैं अभी इस पर बात नहीं कर सकता हूं। फिर उसने खुद कहा कि कासेप्ट ऑफ अल्लाह का क्योंकि वो ब्लेस मोमिना से मैंने सवाल उठाया हुआ था। उसने कहा मुझे इस पर बात करना है। एडमम साहब, जब मैंने शुरू से शुरू किया तो एमएमए मजबूर हो गया ये कहने के लिए कि मैं इस टॉपिक पे आपसे बात नहीं कर सकता। मुझे इसको वाह वाह वाह वाह साहब, ये तो बिल्कुल कॉपी पेस्ट हो रहा है।

ये जो दूसरे वाला एमए में था, ये लास्ट मेरी जब स्ट्रीम में आया तो शुरू में इसने वो टॉपिक पकड़ा जो मैं किसी और के साथ डिस्कस कर रहा था, जो कि था सूर फील के ऊपर और जब मैं उसके साथ शुरू हुआ बात करने, इसने एक दो जलेबियां बनाई चैट जीपीटी से पूछ के। वो जलेबियां जब हमने तोड़ी, चैट जीपीटी को तोड़ा तो उसके बाद इसने कहा, "जी मैं तैयारी करके आऊंगा, मैं इस पर बात नहीं कर सकता।" मैंने कहा, "टॉपिक तो तूने सिलेक्ट किया था, टॉपिक तो तूने सिलेक्ट किया था।" नहीं, मैं तैयारी करके आऊंगा। उसके बाद मैं दूसरी जलेबियों पे आया, अल्लाह वाले कासप्ट पे। वहां पे भी क्या कंट्रोल हुई है? यानी कि ये तो जरा कॉमन चीज नहीं चल रही, कुछ ज्यादा ही कॉमन नहीं हो रही है सर आपके लिए?

ये खान साहब को रखा हूं, जो एक्सप्रेशन थैंक यू सर, थैंक यू। मैं बड़ा खान साहब, प्लीज। नहीं नहीं, मैंने ये खान साहब, एक मिनट जरा। एडमम साहब, मैंने ये कह दिया था कि कुरान में सूर अहजाब में अल्लाह कहता है कि जब अल्लाह, अल्लाह और उसके रसूल का फैसला आ जाए तो किसी मर्द मोमिन और औरत मोमिन के लिए यह बिल्कुल उसके पास ऑप्शन नहीं है कि वो उस फैसले में कुछ अपने तरीके से फेरबदल कर दे या मतलब उनके पास ऑप्शन ही नहीं है। तो भाई हमने कहा कि जब एडमम साहब ने कह दिया कि मुझे बात करना है कि भीम, तो अब हमारे पास कोई ऑप्शन ही नहीं है। हम दखल कर ही नहीं सकते। अकल का इस्तेमाल कर ही नहीं सकते। प्लीज गो। माशाल्लाह, माशाल्लाह, माशाल्लाह।

तो अपना मिस्टर खान साहब, आप बार-बार कह रहे थे के आप पहले क्रिश्चियन थे और आपने क्रिश्चियन छोड़ के तो इस्लाम कबूल किया है। क्या मैंने ये करेक्ट सुना था? करेक्ट। यस। ओके। तो भाई साहब, आप कौन से चर्च में जाते थे? ऑर्थोडॉक्स। ऑर्थोडॉक्स चर्च में जाते थे? जरा मुझे अपॉस्टेलिक क्रीड सुनाइए। हां सर, लो जी। बंदा गया। Google शनिटी के बारे में पूछना चाह रहे हो? भाई साहब, मैंने आप आप ऑर्थोडॉक्स चर्च में जाते थे, आपने कहा है आप ऑर्थोडॉक्स चर्च में जाते थे। अपोस्टलिक रीड सुनाइए। यस। नहीं, मुझे मुझे इतनी नॉलेज नहीं है। क्रिश्चियन। लो जी दोस्तों, इमेजिन करो एक बंदा जो जो ऑर्थोडॉक्स चर्च में जाता था, उसको अपोस्टेलिक क्रीड ना आती हो। हाउ द हेल इज इट पॉसिबल? अपॉस्टल नीड जो के हर मैथ्स में बोली जाती है एस एन ऑर्थोडॉक्स चर्च। जी साहिल साहब, बोलिए।

नहीं नहीं, मैं सिर्फ ये छोटा पॉइंट ऐड कर रहा था एडमम साहब कि इसको जगह अगर पता ही नहीं है क्रिश्चियनिटी के बारे में तो ऑन व्हाट बेसिस ही लेफ्ट क्रिश्चियनिटी। सर, पहली बात ये है कि ये क्रिश्चियन ही नहीं था। यही तो साबित करना था मैंने सबसे पहले। हां जी भाई साहब। सर, झूठ क्यों बोलते हैं आप लोग? हां। अच्छा सॉरी, हां आपने इस्लाम कबूल कर लिया। अब आप बोल सकते हैं झूठ। यस, यस, यस। क्योंकि इस्लाम कबूल करने के बाद झूठ बोला जा सकता है। दैट इज परफेक्ट, परफेक्ट। सो नाउ दैट मेक्स सेंस। इसलिए, इसलिए मैं चाह रहा था क्योंकि पता था कि डिस्कशन नहीं होने वाला यहां पे। सिर्फ सर, डिस्कशन ही होता है। डिस्कशन उसके साथ होता है जो चर्च सच बोले। जब आपने कहा कि आप ऑर्थोडॉक्स चर्च में जाते थे और अगर आपको पोस्टोलिक क्रीड नहीं आती तो आप झूठे मक्कार। तो भाई, सबको अच्छा, सबको आती है। जो सबको आती है। एव्री सिंगल पर्सन जो कि ऑर्थोडॉक्स सर्च में जाता है, क्योंकि हर संडे के मैच में पढ़ी जाती है। 10 लाइनों की पोस्ट चीज जो हर संडे के मैच में पढ़ी जाए, ये पॉसिबल ही नहीं है कि ना आए। जिसने कभी पेपर खोल के ना भी पढ़ी हो, वो सामने से स्क्रीन पे लगी हुई रीड जो पूरी मैथ्स ने पढ़नी होती है, पढ़ते हुए उसको उसको याद हो जाती है। क्यों झूठ बोल बोलते हैं आप लोग? अच्छा, कौन सी लैंग्वेज में पढ़ते हैं? पता तो हमें। लैटिन में। भाई साहब, आप जिस मर्जी, जिस जिस लैंग्वेज में होते हैं, उस लैंग्वेज में पढ़ेंगे। पहली बात ये है कि आप चर्च नहीं जाते। व्हाई शुड आई फॉरगेट अबाउट इट? व्हाई शुड आई फॉरगेट अबाउट इट? फर्स्ट आई नीड टू नो कहां से आए हो? तुम झूठ बोल रहे हो। नहीं, यू वर बिकॉज़ तुमने साहिल को कहा था कि मैं आपको बताता हूं मैंने क्रिश्चियनिटी क्यों छोड़ी? तुमने ये साहिल से आर्गुमेंट स्टार्ट रखा था। इसका लेकिन क्रिश्चियनिटी छोड़ने के लिए जब तुम्हें अपने चर्च का नहीं पता, जब तुम्हें अपॉस्टलिक क्रीड का नहीं पता, तुम छोड़ कैसे सकते हो? दिस इज बुलट फॉल्सिफाइड नरेशन, फॉल्सिफाइड आर्गुमेंट। पहले बताओ तुम वो साल में कितनी दफा चर्च जाते थे? साल में कितनी दफा चर्च जाते थे? संडे को जाता था। ओनली लाइट संडे को? झूठ। फिर से झूठ। लो जी दोस्तों, जो बंदा हर संडे को चर्च जाता हो, उसको रीड ना आती हो। ऐसे ओ माय गॉडनेस। आई सेड सम टाइम संडे। और देखो, मैं क्रिश्चियनिटी के बारे में बात नहीं कर रहा। मैं बता रहा हूं। फॉरगेट अबाउट इट इज व्हाट? बिकॉज़ इफ यू हैव टू लीव समथिंग, यू नीड टू अंडरस्टैंड समथिंग बिफोर यू लीव समथिंग। सो हाउ मेनी टाइम्स हियर डू यू गो टू चर्च? इट डज मैटर मैन। आई एम इट बिकॉज़ यू आर प्रूव लर अगेन एंड अगेन। यू नेवर गो टू द चर्च। ओके, ओके। फॉरगेट। लेट्स टॉक अबाउट इस्लाम। ओके, लेट्स टॉक अबाउट इस्लाम। ओके। व्हाई डीड यू एक्सेप्टेड इस्लाम? यस। दैट्स व्हाई सेइंग इन फिलॉसफी के हिसाब से अगर हम कंसिस्टेंसी के आर्गुमेंट को देखें तो एक मोनोथिस्टिक कार्ड प्रूव होता है। उससे माना प्रूव होता है। ओके जी। ये हिंदी में यही कहना चाह रहे हैं कि खुदा को एक ही होना चाहिए। ओके जी। क्यों होना चाहिए? बताइए? वन लाइक यूनिटेरियन। वो यूनिटेरियन जो है क्रिश्चियनिटी में। भाई साहब, मैं मैं एक सेकंड। क्रिश्चियनिटी के बारे में अब आप नहीं बोलोगे। आपने कहा था क्रिश्चियनिटी के बारे में अब मैं नहीं बोलूंगा। आपने बोला था। आप कहते हैं, "लेट्स टॉक अबाउट इस्लाम।" सो लेट्स टॉक अबाउट इस्लाम। सो वन गॉड क्यों जरूरी है? यस। बिकॉज़ ऑफ़ द कंटिंजेंसी आर्गुमेंट। पता है कंटिंजेंसी आर्गुमेंट? कंटजेंसी आर्गुमेंट? आई नो कंटजेंसी आर्गुमेंट। गिव इट मी। उर्दू में? हिंदी में बोलो। हिंदी। हिंदी। लाइव स्ट्रीम में उर्दू इंग्लिश नहीं चल रही। मुझे नहीं पता किसको उर्दू में क्या कहते हैं। कंटजेंसी तो भाई फिर ऐसा करो मेरे अंग्रेजी चैनल पे आना। मेरे अंग्रेजी चैनल पे आना। फिर वहां पे जाके आपके साथ बात करूंगा ना। यहां पे हिंदी चैनल में आओ। हिंदी में बोलो ताकि लोगों को समझ लगे। हिंदी उर्दू यूज़ करो। तो ऐसा क्या बोलते हैं? कंटिनेंट? लाइक आई डोंट नो। तुम लेके आ रहे हो। तुम आर्गुमेंट कौन लेके आ रहे हैं? कौन सी पता है तुम्हें पता है पहले से। सो आर्गुमेंट जो ले आ रहा है, उसको ले आना है। जरूरी। जरूरी। जरूरी। जरूरी शख्सियत। एक जरूरी जरूरी शख्सियत या जी। एकिस्टेंस चाहिए होती है। कोई जैसे कि आपके पास फोन है, वो जरूरी नहीं है कि एक्सिस्ट करे। लेकिन बंदा एक्सिस्ट करना जरूरी है। फोन को एक्सिस्ट करने के लिए। लाइक तुम्हारी प्रॉपर्टी एक्सिस्ट करने के लिए तुम्हें एक्सिस्ट करना जरूरी है। और तुम्हें एक्सिस्ट करना जरूरी जरूरी नहीं है। अर्थ को एक्सिस्ट करना ज्यादा जरूरी है। सो वी गो बैक टू वन यूनिट। ओके।

नाउ दोस्तों, आपने इनकी दोस्तों, आपने इनकी कंटिंजेंसी आर्गुमेंट की बेस सुनी? इस बेस के मुताबिक वन यूनिट कहां पे है? अगर कंटिंजेंसी एजेंट्स की बात करते हैं मेरे साथ जिसके अंदर किसी एक्सिस्टेंस के होने के लिए किसी हायर पावर एक्सिस्टेंस की जरूरत है। वो अब ये इसको वन यूनिट में कैसे लेके आएंगे? वो जरा समझाएं प्लीज। यस। बिकॉज़ एक ही कंटजेंसी होती है ना? फॉर एग्जांपल कि ये तो नहीं हो सकता कि फोन और तुम साथ-साथ एक्सिस्ट करो। बिल्कुल। फोन और मैं साथ-साथ एक्सिस्ट करते हैं। फ़ एक्सिस्ट करता है। मैं एक्सिस्ट करता हूं। मेरी पॉकेट में तुम्हारा फोन। लाइक आई मीन, तुम्हारा फोन तुम्हारा जो है, जो तुम ऑन करते हो, तुम्हें होना जरूरी है। तुम्हारे फोन को होने के लिए। नहीं, देयर आर मल्टीपल ओनर्स एस वेल। अगर मैं अगर मैं फोन बैंक से करवाता हूं, सुन ले जरा मेरी बात। अगर अगर मैं फोन बैंक से लीज करवाता हूं, तो मैं उसका पार्शियल ओनर होता हूं। दिस इज कॉल्ड पार्शियल ओनरशिप। सो पार्शियल ओनरशिप आज भी है, हमेशा से थी। सो पार्शियल ओनरशिप से हैज़ नथिंग टू डू विथ दैट कि सिंगल ओनर नहीं होना चाहिए। आप एग्जांपल ही गलत दे रहे हैं। टिक द राइट एग्जांपल। ओके। सो दैट्स पार्शियल ओनरशिप। लेकिन तुम्हारी फुल ओनरशिप के लिए तुम्हें होना जरूरी है ना? राइट? क्यों होना जरूरी है ना? बिकॉज़ इट बिलोंग्स टू यू। अगर तुम्हारी चीज जो है, वो तुम्हारे होने की बजाय नहीं एक्सिस्ट करेगी ना। नहीं, मेरी चीज मेरी होने की जरूरत नहीं। मैं तुम्हारे इंग्लिश तुम्हारे इंग्लिश चैनल में आता हूं। देखो, मुझे मेरी उर्दू इतनी खास नहीं है। नहीं, उर्दू खास क्यों नहीं है? जब यहां पे आए हो, तो यहां पे आओ ना। यहां पे तुम्हें सबके सामने पहले ऐसे करे ना, फिर उसके बाद इंग्लिश चैनल पे भी करेंगे। सब जगह पे करेंगे। क्या करें? तुम्हारी वाट लगाएंगे और क्या करेंगे? हां जी। एक एक खुदा का होना जरूरी क्यों? इंसान। भाई साहब, एक खुदा की बात करो। भाई भाई, तमीज से ही बात कर रहा हूं। भाई, अभी आप झूठे साबित हुए हैं सारी दुनिया के सामने। विक्टिम कार्ड नहीं खेले। आप जब मैंने व्हाट शॉट नहीं बोला था ना, देखो बात सुनो खान। जब मैंने व्हाटशॉट नहीं बोला था, तुमने एक्सप्लसिटली क्वेश्चन किया, "क्या करेंगे?" तुमने मेरे मुंह से निकलवाया। सो प्लीज डू नॉट प्ले द विक्टिम कार्ड। इफ यू वांट मी, इफ यू डोंट वांट मी टू से, इफ यू डोंट वांट मी टू से सर्टेन थिंग्स, डोंट आस्क। सो स्टॉप प्लेइंग विक्टिम कार्ड। कम टू द पॉइंट। कंटीन्यूसी आर्गुमेंट। व्हाई इट हैस टू बी? व्हाई इट हैज़ टू बी वन गॉड? सो फॉर कंटेंट बी व्हाट यू कॉल इट? देयर आर द कंटेंट बीइंग एंड देन देयर इज़ अ अननेसेसरी। राइट? देयर इज़ अ नेसेसरी एक्सिस्टेंस एंड देन फॉर दैट इज़ अ कंटेंड एक्सिस्टेंस। राइट? सॉरी, आई एक्चुअली कंटेंज एक्सिस्टेंस रिक्वायर्स नेसेसरी एक्सिस्टेंस। नेसेसरी एक्सिस्टेंस। ओके। बट दैट नेसेसरी एक्सिस्टेंस हैज़ टू बी वन। प्रूव इट। बिकॉज़ लाइक फॉर एक्सट, दे आर टू गॉड। लाइक हाउ दे कम फ्रॉम वन? सो बिक् हिंदी में? उर्दू में? मुझे या मुझे। इसलिए मैं क्रिश्चियनिटी पे जा रहा था क्योंकि मैंने क्यों थोड़ी क्रिश्चियनिटी? या आई एम गोइंग टू द वन कार्ड के एक कार्ड क्यों जो है, लाइक दूसरा कार्ड क्यों क्यों नहीं आ सकता? बिकॉज़ कि उसके अगर उसके साथ पैदा हुआ है, लाइक द कार्टिन है, उसको फिर वो कंटेंशन हुआ ना अपने फादर पे। डू यू अंडरस्टैंड? क्रिश्चियनिटी में जा रहे हो? बेटा, बात सुनो। बेटा, बात सुनो। मेरी जान, मेरे बेटा, बात सुनो। देखो, जब मैं क्रिश्चियनिटी में बात कर रहा था, बेटा, बात सुनो। बेटा, बात सुनो। किलकि कम, किलकिल कम। मुझे बैक स्टेज तुम्हें करना नहीं है। मैं चाहता नहीं कि मैं बैक स्टेज करूं ताकि लोगों को पता लग जाए तुम यहीं पे हो। सो किलकि कम। मैंने जिस वक्त तुमसे क्रिश्चियनिटी पे बात करना करना चाही और मैंने तुमसे चीजें पूछना चाही, तुम भाग गए। तुमने कहा, "नहीं, लेट्स कम एंड टॉक अबाउट इस्लाम।" नाउ, जब मैं तुमसे इस्लाम पे बात कर रहा हूं यार। फिर बोल रहे हो बीच में? तमीज नहीं है यार तुम्हें? फिर विक्टिम का खेलोगे? श यू गेट द यू मदर बेस्ट सर गन।

लो जी दोस्तों, आपने देखा कि भाई को तकलीफ हो रही थी बड़ी ढेर सारी। मेरी बात को इंटरप्ट कर रहे थे बार-बार क्योंकि भाई साहब यह एक बास्ट है। यह 10 बापों की वजह से पैदा हुए हैं। इनको क्रिश्चियनिटी के ए बी सी डी का नहीं पता। बाय द वे, मैं आप लोगों को बताता चलूं कि कंसिस्टेंसी का आर्गुमेंट भी क्रिश्चियनिटी ने ही निकाल के दिया है। क्रिश्चियंस बिलीव इन वन गॉड जिसकी थ्री पर्सनहुड प्रेजेंट है। आप उसको थ्री एग्जिस्टेंसेस कह सकते हैं, पर्सनहुड कह सकते हैं। द बेस कंटिंजेंसी का जो आर्गुमेंट है, वो निकाला ही क्रिश्चियंस ने है। सो ये बंदा किसी यूनिटेरियन के पास चला गया और वहां से कुछ दो लफज़ सीख के आ गया मुझसे डिबेट करने। और मैं इसे बोल रहा हूं कि मैं तुम्हें बैकस्टेज नहीं करना चाहता, बदतमीजी नहीं करना चाहता। मुझे मेरी स्टेटमेंट पूरी करने दो, फिर मैं तुम्हारी स्टेटमेंट सुनता हूं। जब इसकी सुनने के बाद मैंने बोला, ये फिर बीच में इंटरप्ट किया। इसको मैंने कहा, "चुप कर जा।" फिर बीच में इंटरप्ट किया। पहले क्रिश्चियनिटी की इसको ए बी सी डी नहीं पता। मैं यही साबित करना चाह रहा था कि ही हैज़ नो आईडिया अबाउट क्रिश्चियनिटी। एक बेस आर्गुमेंट जिस आर्गुमेंट का भी नहीं उसे पता, उसके एग्जांपल्स भी गलत दी हैं। यह लोग भागते क्यों है मुझसे? यह लोग इसी वजह से भागते हैं। यह लोग इसी वजह से भागते हैं क्योंकि दे वांट टू ओवर स्पीक। दे वांट टू प्ले विक्टिम कार्ड। और मैं हर वक्त इनका विक्टिम कार्ड भी पकड़ लेता हूं। इनकी ओवर स्पीक को भी पकड़ लेता हूं। और इनको इनकी असलियत दिखा देता हूं। इस वजह से यह डरते हैं मुझसे। डर इनको लगता है और बार-बार विक्टिम कार्ड खेलना, बार-बार विक्टिम कार्ड क्यों? क्यों क्यों भाग? जब साहिल से बात कर रहा था दोस्तों, हिंदी में बात कर रहा था ना? मेरे आते ही अंग्रेजी क्यों शुरू हो गई? इसे हिंदी में लेके आए। उसके बाद विक्टिम का उसके बाद मुझे मुझे पता नहीं है। मैं हां, कभी-कभी जाता था चर्च। पहले संडे के संडे जाता था, फिर मैं कभी-कभी भी जाता था। यार, देयर इज नॉट अ सिंगल क्रिश्चियन इन द वर्ल्ड जो चर्च जाता हो संडे के संडे और वो वो इस्लाम कबूल कर ले। इट इज इंपॉसिबल। इट इज इंपॉसिबल। दैट्स द रियलिटी ऑफ़ इट। मजा आया। सुकून आया। मगर गालियां खा के जाना होता है इन मुसल्टों ने। ओके।

अब हमारे पास कौन है? साहिल भाई लगता है जरा खाना खाने चले गए हैं। ये कौन है? यूजर 085। लो जी, एमएमए का दूसरा तीसरा भाई आया। हां भाई, एमएमए के तीसरे भाई। वही ये 013 पहले 013 से आता था ना। अब 085 से आया। हां, वही एमएमए है ये। हां भाई, एमएमए के तीसरे भाई, बोल। हां, अच्छा तूने तूने कमेंट चैट में बड़ी बातें लिखी है। तेरा नबी क्यों चंदे लेता था? पहले ये बता। मैंने सहल से बात करनी है। सवाल आएगा तो फिर मैं बात। सहल सहल नहीं है यहां पे। पहले ये बता कि तेरा नबी चंदे क्यों लेता था? कुरान में चैप्टर नंबर 73, 74, चैप्टर नंबर वन, चैप्टर नंबर 81, चैप्ट नंबर 87, चैप्टर नंबर 92, चैप्टर नंबर 89, चैप्टर नंबर 93, चैप्टर नंबर 94, चैप्टर नंबर 103, चैप्टर नंबर 100। इन सारे चैप्टर्स में मोहम्मद चंदे मांगता है। चंदेबाज क्यों? वो किसने तेरा बटन दबा दिया है? मैंने। बेटा, मैंने सारे चैप्टर्स के नाम बताए हैं। मुझे बता तेरा नबी चंदे क्यों मांगता था? भिखारी क्यों था तेरा नबी? वो बताना। तूने कम्युनिटी, तूने प्राइवेट चैट में इतनी दफा जो लिखा है, "चंदा सीखकर, चंदा सीखकर।" तू यहां पर भी जो लिख रहा है, "चंदा सीखकर, चंदा सीखकर।" मुझे ये बता, चंदा सीकर तेरा जो नबी था, वो चंदे क्यों मांगता था? मैंने कुरान की चैप्टर्स के नाम दिए हैं। जा के पढ़। पढ़ाऊं अभी? तेरा नबी इतने चंदे क्यों मांगता था? वो बताया। यानी इतनी दफा तो किसी भिखारी ने भी नहीं चंदे मांगे होंगे जितनी दफा तेरा नबी भिखारी चंदे मांगता था। बता जरा बेटा। तुझे पता है ना? मैंने तुझे एक ही बात बताई थी शुरू में। मैंने तुझे एक ही बात बताई थी कि अगर तू तमीज से इज्जत से बात करने आएगा, तमीज और इज्जत से बात रखेगा, मैं तुझसे तमीज और इज्जत से बात करूंगा। मैं तेरे नबी को भी इज्जत दूंगा इस वजह से, क्योंकि तू इज्जत से बात करेगा। लेकिन अगर तू इज्जत से बात नहीं करेगा, तू बदतमीजी करेगा, तो ना तुझे इज्जत मिलेगी, ना तेरे नबी को मिलेगी। यह मेरा पहले दिन का तेरे साथ आर्ग्युमेंट था। अब तूने चंदा सीकर लिखा है। अब ये बता कि तेरा नबी क्यों भीख मांग रहा था? चैप्टर के नाम दे दिए। एडमम साहब, नबी मांगे वो तो समझ में आता है। इनका अल्लाह कुछ कर्ज मांग मांगता है। हाय हाय हाय हाय हाय हाय हाय हाय हाय हाय हाय हाय हाय और सर, मदद भी मांगता है। मदद भी मांगता है। तुम अल्लाह कहता है, "मदद करो ताकि मैं तुम्हारी मदद करूं।" अल्लाह हबीबी यार, हमें क्या हो गया यार? तुम लोग दूसरे पे बोल बोलने से पहले अपने अल्लाह, अपने रसूल्लाह। एडमम साहब, इसके ऊपर है ना, जब ये एमएम से बात हो जाएगी ना, मैं आपको बहुत इंटरेस्टिंग चीज बताऊंगा। पहले इसे डिस्कशन कर लेते हैं। और मुझे आप याद दिलाना अगर मैं भूल जाऊं तो। ठीक है। मैं बिल्कुल बिल्कुल याद दिलाऊंगा। और साहिल साहब, देखिए मेरी इसकी वादा हुआ था। जब ये फर्स्ट टाइम आया था मेरे साथ वादा हुआ था कि भाई, अगर तुम मेरे साथ बदतमीजी नहीं करोगे, मैं तुम्हारे साथ नहीं करूंगा। तुम बिना वजह की स्टूपिड जलेबियां नहीं बनाओगे, मैं कुछ भी नहीं कहूंगा। लेकिन जब तुमने जलेबियां बनाई, जब तुमने बदतमीजी की, तो मैं ना सिर्फ तुम्हारी पट उतारूंगा, बल्कि तुम्हारे नबी की भी उतारूंगा। यह मेरा इससे वादा था। सर जी, अगर यह इस वक्त अब ये बदतमीजी वाली लैंग्वेज बोल रहा है और प्राइवेट चैट में बदतमीजी कर रहा है और अपना नाम बदतमीजी है ना एमएमए, तो क्या ये पर्सनली चाहता है ना कि इसके नबी की बैंड उतरे? आप पूछ ले। एमएमए, गलत बात है ना भाई। आपको तो कोई ऐसा अल्फाज़ हम लोग इस्तेमाल नहीं किए थे ना। फिर क्यों ऐसा कर रहे हो? एमएमए भाई, गलत है ना? बात बात करनी है या तुम लोगों ने आपस में बात करनी है? नहीं नहीं, बिल्कुल करनी है। लेकिन ऐसी हरकत तो नहीं करो ना आप। इस ये जो आकर चौधरी बन रहा है ना, कह रहा जी तमीज से बात करो। देखो फिर फिर फिर सुन लो। सुनो, सुन लो, सुन लो। पीछे टोको ना बीच में। लगी बात की समझ। चीखना सबको आता है। ओए कुत्त के बच्चे, टोको ना बीच में। क्या मतलब है? वो तुमसे तमीज से बात कर रहा है। तुम्हारा मतलब है तो ऊपर चढ़ जाएगा। ओए, तू मेरे सामने हो, तेरे दांत दो बार बाहर निकाल दूं। बगैरत पाकिस्तानी कुत्ते, दल्लों के दल्लों की दुकानों से बैठ के वहां पे दल्ले बल्लेबाजी करने वाले हो। नाली में से नाली में से पानी निकाल के पीने वाली गंदी नाली के कीड़ों वाली गंदी कौम। इस गंदे नबी को मानने वाले जो खुद गंध में रहता था, टट्टी वाले पानी से वजू करता था। उस गंदे नबी की गंदी औलादों। और तुम लोग तुम लोगों को तमीज नहीं है। अगर एक बंदा तुमसे तमीज से बात कर रहा है, तो तमीज से जवाब दो। दूसरे कैरेक्टर पे तुम लोग यहां पे बदतमीजी करते हो। गंदी कौम। ऐन साहब, इनके नबी तो दूसरे के मुंह पे थूक भी दिया करते थे। मतलब कुल्ली। अरे, वो थूकता थूकता था। पानी कहां से लेता? बुधा के बुधा के कुएं से जहां पे मरे हुए कुत्ते, मैचुरेशन क्लॉथ और लोगों की टट्टियां पड़ी होती थी। उस पानी में से वधू करने वाला बगैरत नबी। जो कहता है जिसको फॉलो करने वाले बगैरत लोग यहां पे आके हमें मोरल स्पीकिंग सिखाना चाहेंगे। इसे जब तमीज से साहिल तुझसे बात कर रहा था, मैं म्यूट करके बैठ गया था कि चल यार, साहिल तुझे जरा राहे रास्त पे आए। तू किस हिसाब से यहां पे बैठा है? तू बुरा सुरा कुछ करता है, जो जो करना है कर ले। तेरे जैसे बड़े आए, बड़े गए। ये अब वो तू पाकिस्तान में नहीं बैठा हुआ। तू इस वक्त

अब चैनल में बैठा हुआ है इंटरनेशनल। ये पाकिस्तान नहीं है जहाँ पे तू जो है ना चीख मार के तो जो है ना नॉन-मुस्लिमों को जलील कर लेगा। हाँ जी, हाँ। बोलो। तमीज़ से बात करेंगे यार। अच्छे से बात करो ना। एमएमए वो सब छोड़ दो और अच्छे से बात करो। बोलो क्या बात करना है? अभी आपने कहा था कि मैं उस टॉपिक पर बात नहीं करूंगा। ठीक है। किस पर बात करना है? बोलो।

हाँ भाई, वो किसी कुत्त मां के बच्चे, किसी रकंजे, वो मोहम्मद था, कुत्त मां का बच्चा, दल्ला, धर्मी, दल्ले की औलाद था। कुत्तियों की औलाद था। कुत्तों की औलाद था। तू भी कुत्तों की औलाद है। तेरी मां ने भी 10 कुत्तों के साथ अपने आप को यदवाया था तो तू पैदा हुआ था। यार एडल साहब, अभी फिर से मैंने इसको इज़्ज़त से बोला ना कि चलो ठीक है, वो छोड़ दो जो बात हुई, अब क्या टॉपिक बोलना है? बोलो। मैं खुद उस पर बात करते। इज़्ज़त रास ही नहीं आती है इन लोगों को। नहीं, उसको आती है जिनकी इज़्ज़त हो। सिस्टर, बात ये है, जिनकी इज़्ज़त हो, उनको इज़्ज़त रास आएगी ना। जिनकी इज़्ज़त हो ही ना, उनको इज़्ज़त, इज़्ज़त कैसे रास आनी है?

एडमम भाई, एक बात और शिकायत है यार आपसे। आप ना ये इंग्लिश में या फिर ये क्या पाकिस्तानी में गाली मत दिया करें। एकदम शुद्ध हिंदी में दें। भाई, शुद्ध हिंदी में गाली आती नहीं। जिस लैंग्वेज में आती है, उसी में देंगे। गाली जो है ना, वो इमोशन से निकलती है। वो लैंग्वेज से नहीं निकलती। अंग्रेजी भी किसी के साथ बोल रहे हो ना, तो गुस्से में गाली पंजाबी में निकलती है। वो कौन सा बंदा था जिसको मैं अंग्रेजी में डिबेट कर रहा था। जैसे ही बात गालियों पे आई ना, सीधा पंजाबी में निकली। नहीं, अरे, ये ना बोले यार। सीधा जो शुद्ध हम लोगों के, वो इस इस काबिल होता है, ये इस टाइप से सुनना चाहता है। ठीक है? आधे के सर से ये पाकिस्तानियों के तो निकल जाते हैं कि इसने क्या बोला है। ठीक है? इसलिए इसको ऐसे दो कि समझ में आए कि हम क्या बोले।

बाय द वे, लेट्स लेट्स वेलकम एक्स-मुस्लिम एंजल जी। बड़े देर से बैठी हुई थी, लेकिन क्योंकि डिस्कशन चल रहा था, इस वजह से चुप बैठी हुई थी। थे हम बस। बिल्कुल, बिल्कुल। थैंक यू। ऐसे हम सुन रहे थे एडमम भाई की वो। हम जान रहे थे कि वो बंदा फटेगा ही। फटे नीचे। हम बहुत देर से उसका कमेंट देख रहे थे। प्राइवेट बोले, हम एडमम भाई, देखने ही वाले हैं। रुक जा, तब बताएंगे कि क्या होता है। एडमम चंदा सीकर, पता नहीं कुछ भी लिख रहा है। पीछे जब ऐड करके, वो वो प्राइवेट चैट में जितनी उसने लिखी थी गालियां-शालियां, तो वो अगर ऐसे आओगे तो भाई, फिर ऐसा ही पाओगे। अगर इज़्ज़त से आओगे, देखो, मैंने इसको बड़ी इज़्ज़त दी है। इसका जो दोस्त पहले आया था, पहला एमएमए, बहुत इज़्ज़त से उससे बात की। नेक्स्ट टाइम दोबारा आया, फिर इज़्ज़त से बात की। साहिल, उसके साथ ज़रा डिफरेंट तरीके से टोन में बात करने लगा। मैंने साहिल को मना किया। मैंने कहा, साहिल, नहीं यार। साहिल, याद है मैंने तुझे मना किया? मैंने कहा, यार नहीं यार, अभी ऐसे नहीं करना इसके साथ। अच्छा बंदा है। देखो, मैंने इवन तुझे तेरी टोन को भी मैंने करवाया था रेड्यूस। कि नहीं यार, अच्छा बंदा है। राइट? आई नो, आई नो, आई नो। आई रिमेंबर। तो मैं, मैं जो बंदा इज़्ज़त से बात करेगा, तमीज़ से बात करेगा, तरीके से बात करेगा, उसके साथ मैं बहुत अच्छा होता हूं। लेकिन जो इस टाइप के बेगैरत हैं, जो मेरे ऊपर इस टाइप के इल्जामात लगाएंगे या बदतमीज़ी करेंगे, भाई, उनके उनके लिए मेरे से बुरा इंसान कोई है ही नहीं।

बेटा, जिस देश में तुम पैदा होके अपनी अकड़ दिखाते हो ना, उसी देश में मैं पैदा हुआ हूं। मैं मैं भी इसी तरीके से करता था। मुझे पता है तुम लोगों ने किस वक्त किस एंगल से भौंकना है कुत्ते की तरह। सो आई नो यू इनसाइड आउट। तो मेरे सामने बदतमीज़ी नहीं, इज़्ज़त से बात करो। भाई, मैं आपको बहुत इज़्ज़त दूंगा। बहुत रिस्पेक्ट दूंगा और तुम्हारी वजह से तुम्हारे नबी को रिस्पेक्ट दूंगा। हालांकि वो रिस्पेक्ट के काबिल नहीं है। लेकिन तुम्हारी वजह से दूंगा। तो अगर तुम चाहते हो कि तुम्हारे नबी को रिस्पेक्ट मिले, तो मुझे रिस्पेक्ट दो। मैं तुम्हें रिस्पेक्ट दूंगा और तुम्हारे नबी को भी रिस्पेक्ट दूंगा। अगरचे वो रिस्पेक्ट के काबिल नहीं है। लेकिन अगर तुम मेरे साथ इज़्ज़त नहीं करोगे, रिस्पेक्ट नहीं दोगे, साहिल के साथ रिस्पेक्टफुली बात नहीं करोगे, भाई, ना तो तुम्हें रिस्पेक्ट मिलेगी, ना तुम्हारे नबी को मिलेगी। बल्कि वहां पे रख के तुम्हें चे करूंगा जहाँ पे तुमने सोचा भी नहीं था। और क्रीम तो दूर की बात, थूक भी नहीं लगाऊंगा। सॉरी, सर। कंटिन्यू।

सर, एडम्स साहब, डोंट यू थिंक क्रीम इज बेटर देन थूक? यही तो कहा है। करीम तो, करीम तो छोड़ो, मैं थूक भी नहीं लगाऊंगा। बट एनीवेज, एनीवेज, यार दोस्तों, एंजेल जी हमारे साथ जुड़ी हुई है और एंजल जी भी हमारी बड़ी महान है और जब बोलना शुरू करती है तो फिर वो अटैक ऐसा होता है कि आदमी के दिल के अंदर से, यानी मोमिनों के दिल के अंदर जो है, इतना सुराग हो के वो बात फिर वहाँ से निकलती है। सुराग करके निकलती है। तो एंजेल जी, थैंक यू सो मच फॉर जॉइनिंग। अच्छा लगता है आप जब ज्वाइन करती है। जी, थैंक यू, थैंक यू। बस। अच्छा, नेक्स्ट लोगों के रहना चाहिए। हाँ, नहीं, नेक्स्ट मोमेंट लीजिए, बात करते हैं उनसे।

जी, एनम साहब, बिफोर वी मूव फॉरवर्ड टू द नेक्स्ट स्कॉलर, मैं आपको बताना चाहता हूं एडमम साहब, जो आपका फेवरेट इरेजिस्टेबल है, उसका एक फीडबैक। अभी थोड़ी देर पहले बताया था, फिर और भी जो हमारे, मैंने आई मीन सुना था, मैंने भी सुना था। मैंने लेकिन आपने, मैंने ये भी सुना था कि कुछ फीडबैक आपने संभाल के रखे हुए हैं, जो आपने मेरे साथ पढ़ा। यस, यस, यस, यस। तो इरेजिस्टेबल का फीडबैक बताने से पहले, एक भाई जो है, वो थोड़े दिन पहले मुझे रेड जूस का फीडबैक दिए थे। तो फटक से उन्होंने मैसेज किया मुझे कि यार, प्लीज आप मेरा फीडबैक भी बताओ। मतलब लोग खुद चाहते हैं कि उनका फीडबैक जो है ना, वो हम बताएं लोगों को ताकि इट बिकम्स इजी फॉर अदर पीपल टू चूज़ दी फ्रेगरेंस एंड यू नो आर्डर देम।

सर, ये रेड जूस का फीडबैक आया है। ये देखिए, भाई को जो मिला है, उसकी फोटो भी उन्होंने आईफोन के बॉक्स के ऊपर रखी हुई है। रेड जूस। सर, क्या रेड जूस का सर आईफोन फ्री मिलता है? नहीं, फ्री। लेकिन मैं बता दूं, के भाई, जो कीमत, यानी जो वैल्यू आईफोन की है, उससे ज्यादा वैल्यू जो है, वो हमारे परफ्यूम की है। तो ये लिखते हैं एडमम साहब, क्योंकि वो आईफोन के ऊपर है। आय हाय हाय। ऊपर है, ऊपर है। कहते हैं, हाय साहिल भाई। आई होप यू आर डूइंग वेल। एस आई हैव ऑर्डर्ड दिस परफ्यूम कॉल्ड रेड जूस। इट हैस वन ऑफ दी मोस्ट लॉन्ग लास्टिंग एंड फाइनेस्ट परफ्यूम आई हैड सो फार। इट्स अ मिथ दैट दिस इज ओनली फॉर मैन, बट एस आई एम द परफ्यूम्स लवर, दिस इज यूनिसेक्स। भाई, मैंने तो कभी इसको सिर्फ फीमेल नहीं बोला है। इट्स यूनिसेक्स। इवन फीमेल कैन यूज़ दिस। आई एम गोइंग टू बी योर रेगुलर कस्टमर फॉर दिस परफ्यूम एंड आई विल शोरली वा ट्राई मोर ऑफ योर ब्रांड परफ्यूम्स। थैंक यू। लॉयड, योर रेगुलर वॉचर।

तो ये रेड जूस की तारीफ थी। लेकिन मैं बता दूं, जो लोग रेड जूस ऑर्डर करना चाहते हैं, या आप लोग 10 दिन रुक जाइएगा, क्योंकि इतना आर्डर आया रेड जूस का कि वो आउट ऑफ स्टॉक हो गया है। 10 दिन के अंदर फिर से, यू नो, इट विल बी अवेलेबल। और आप लोगों को मैं इररेजिस्टेबल, जो कि अभी अवेलेबल है, वो वाला फीडबैक बता देता हूं। फिर एक उछलता पानी का फीडबैक और उसके बाद, यू नो, वी विल मूव टू दी कॉलर।

ये है रेिस्टेबल के बारे में भाई हमारी क्या कह रहे हैं? लेट्स सी। ये देखिए, ये है। हाँ, यहाँ पे। अ ये कहते हैं, इर्रेजिस्टेबल इज एक्चुअली इर्रेजिस्टेबल। आई हैव गॉट लॉट्स ऑफ कॉम्प्लीमेंट्स। जो बात नहीं करता था, वो भी पूछ रहा है कि यू स्मेल गुड। माय वाइफ लव्ड। प्योर सोल। रन टाइम पर मेरा कमेंट सबको बताओ। जैसे रन टाइम पर विकेट लेते हो। ओ अल्लाह हबीबी। ये आँखें क्यों बंद? इरजिस्टेबल एक्चुअली इर्रेजिस्टेबल है। ये किसने कमेंट? ये आँखें क्यों बंद? हो ओपन योर आईज। की आईज क्लोज्ड हो गई है। अच्छा, एक भाई कह रहे हैं कि ऐड स्किप कैसे? भाई, ये इंटरनल ऐड है, तो ये स्किप आप चाह के भी नहीं कर। यू वांट? अच्छा, साहिल साहब, एक अदनान साहब है, वो कह रहे हैं कि हिम्मत है तो मुझे ऐड करो। साहिल साहब, ज़रा इनसे कर लें। ये तमीज़ तरीके से बात करेंगे या गाली गलौज के साथ करेंगे? ज़रा एक कन्फर्म कर लें। अभी कर लेते हैं। ये थोड़ा व्यू चेंज कर देते हैं।

हाँ भाई, अदनान साहब, अच्छे से बात करेंगे? हाँ भाई, मैं अच्छे से बात करने के लिए आया हूं। आप लोग मतलब आप लोग फालतू का ब्लास्फेमी क्यों करते हो? यार, ये तो वही पुराना है यार। अदनान, देख, बात सुन। कितनी बुरी बात है। वो अपने नाम चेंज करके आएगा। अच्छी बात तो नहीं है ना ये? क्या? आप पहले आ चुके हो? मल्टीपल टाइम्स। नहीं, मैं तो एक ही बार आया था ना। मल्टीपल टाइम्स। क्यों ऐसे करते हो यार? तुम्हें तो इस्लाम का भी नहीं पता। तुम तो इस्लाम भी छोड़ चुके हुए हो। तुम क्या बात करोगे भाई? मेरे आप, मैं रिस्पेक्ट करता हूं। मैं भले ही छोड़ दिया हूं, लेकिन भाई, मैं रिस्पेक्ट करता हूं। भले ही छोड़ दिया हूं, तो रिस्पेक्ट किस चीज की करते हो? छोड़ा क्यों था? अगर रिस्पेक्ट करते हो, तो जिसकी रिस्पेक्ट की जाती है, उसे छोड़ा तो नहीं जाता। भाई, ऐसा भी तो हो सकता है ना कि मतलब मैं छोड़ के भी रिस्पेक्ट करूं उस चीज का। छोड़ के रिस्पेक्ट तो, छोड़ा ही क्यों? देखो, जो चीज, जिस चीज को छोड़ा, वो इसी वजह से छोड़ा ना कि वो बुरी थी। तो जब बुरी चीज को छोड़ा, तो बुरी। अच्छा, बात सुनो। अगर तुम्हारे मोहल्ले में एक बंदा हो, जो कि पेडोफाइल हो, छोटी बच्चियों की तरफ सेक्स करता हो, तुम उसे क्या कहोगे? ठीक है? अच्छा इंसान कहोगे? उसकी रिस्पेक्ट करोगे? बोलो ना यार। उसकी रिस्पेक्ट करोगे या उसको बुरा इंसान कहोगे? मैं तो बुरा ही इंसान बोलूंगा। लेकिन मुझे। ओके। तो फिर बेसिकली, फिर हम भी तो मोहम्मद को बुरा इंसान ही बोलेंगे ना। एक बंदा जो है, वो औरतों को पकड़ के गुलाम बनाए और उनको दूसरे लोगों को दे दे बेचने के लिए, तो उसे क्या कहोगे? बुरा इंसान या अच्छा इंसान? हाँ, मेरा तो। अगर अगर तुम, अगर तुम एक बंदे को गालियां निकालोगे, बुरा इंसान कहोगे, जो बंदा लोगों की औरतों को पकड़ के बेच दे, उनको सेक्स करवाए। सेक्स तो फिर तुम मोहम्मद को बुरा इंसान क्यों नहीं कह सकते भाई? भाई, क्योंकि उन्होंने बहुत सारा अच्छा काम भी किया है। भाई, मैंने आपके छह, आपके मैंने छह अकाउंट ब्लॉक किए हैं। अगर उसने अच्छे काम किए होते, तो तुम इस्लाम छोड़ते। मैंने तुम्हारे छह अकाउंट ब्लॉक किए हैं। तुम सातवें से आए हो। अगर उसने अच्छे काम किए होते, तो तुम उसे छोड़ते।

अच्छा, एक और बात सुनो। एक बंदा है, वो औरतों को बेचता है और उनके पैसे कमाता है। उनको सेक्स के लिए बेचता है। वो जो पैसे लेता है ना? उन पैसों में से वो एक मस्जिद भी बना देता है। तो क्या ये, क्या ऐसे बंदे को तुम अच्छा इंसान कहोगे या बुरा इंसान कहोगे? उसने तो मस्जिद भी बनाई है एक। ढेर सारे पैसे खाए भी हैं औरतों को बेच बेच के। लेकिन एक, एक मस्जिद भी बनाई है। अच्छा काम भी किया है। उसको क्या कहोगे? अच्छा इंसान या बुरा इंसान? मुझे ये सब के बारे में नहीं पता था। मैं, यार, क्यों नहीं पता था? तुम हमारी चैनल देखते हो। क्यों झूठ बोलते हो? झूठे तो हो तुम। मैं नहीं देखता हूं। ज्यादा ही नहीं देखता। मैं बता रहा हूं भाई, छह अकाउंट मैंने ब्लॉक किए अपने अपने हाथों से। अब ये सातवां करूंगा मैं। ये सातवां अकाउंट तुम्हारा ब्लॉक होने वाला है। लेकिन मैं चाह रहा था कि एक दफा तुमसे बात कर लूं। इस दफा बड़ी हो गई तुमसे। बड़ी दफा बात नहीं की मैंने। फाइनली। तुम्हारी इन्हीं हरकतों की वजह से। तो तुम जिस गंध को छोड़ चुके हो, उस गंध को गंध कहने में क्या मसला है? ठीक है भाई।

भाई, मैं बोल रहा हूं कि वो सब चीज पूरा है। मेरा बस एक्सिस्टेंस ऑफ़ गॉड पर मेरा बस सवाल है। उसको आप ले लें। उसके बाद नहीं। एक्सिस्टेंस ऑफ़ गॉड पे बात, मैं उससे करूंगा जो बंदा जो है ना, वाकई में या तो मुसलमान हो या ना हो। तुम जब बीच में हो, जब तुम जब तुम किसी एक जगह पे पहुंच जाओगे और कह सकोगे कि हाँ, मोहम्मद एक बुरा इंसान है, तो मेरे पास आना। फिर मैं एक्सिस्टेंस ऑफ़ गॉड पे बात करूंगा तुमसे। नहीं तो, मैं बोल रहा हूं ना, मोहम्मद एक बुरा इंसान है। बोलो। फिर तो फिर तुम्हें कोई ऐतराज नहीं है कि हम ब्लास्फेमी क्यों कर रहे हैं? क्योंकि एक तरह से, ठीक है। तुम कौन? फिर मोहम्मद? वो कौन? वो चाइल्ड मॉन्स्टर था। वो वुमेनाइजर था। वो रेपिस्ट था। बोलो। और फिर बात कर लो एक्सिस्टेंस ऑफ़ गॉड पे। ठीक है। मैं मानता हूं कि मतलब मोहम्मद जो था, एक तरह से चाइल्ड मॉन्स्टर था और एक तरह से बहुत बुराई। ओके। साहिल साहब, ले जी, ले जी, ले जी। साहिल साहब, एक्सिस्टेंस ऑफ़ गॉड पे बात कर लें। साहिल साहब, आपकी फेवरेट टॉपिक आ गई है। मैं म्यूट पे जाता हूं। अरे, लगता है साहिल साहब, सॉरी, मैं म्यूट पे नहीं, मैं म्यूट पे बोल रहा था। ऑफ़ गॉड आ गया। साहिल साहब, आपका फेवरेट।

हाँ भाई, क्या क्या सवाल है आपका अदनान भाई? मेरा ये सवाल है कि मैं थोड़ा मतलब गॉड पे थोड़ा रिसर्च कर रहा था। तो मैं ये आपसे पूछना चाह रहा था कि ये जो कायनात है, क्या ये कायनात में इतना ज्यादा पोटेंशियल नहीं है कि खुद ब खुद कायनात वजूद में आ सके? और ये जो थ्योरी है कॉस्मिक इन्फ्लक्चुएशन का, क्या कॉस्मिक इन्फ्लक्चुएशन के थ्रू ये कायनात वजूद में नहीं आ सकती है? क्या? आ सकती है। तो इसमें क्या, इसमें डिस्कशन क्या करना है? मैं ये डिस्कशन इसमें करना चाह रहा था कि बहुत सारे लोग बोलते हैं कि नथिंगनेस से समथिंग नहीं आ सकता है। तो कहीं ना कहीं ये लोग प्रूफ करना चाहते हैं कि अल्लाह करता है।

अदनान भाई, अदनान भाई, आप मुत्तफिक हो ना? आपको कोई डाउट नहीं है ना? क्या चीज को लेकर के के ये जो कायनात है, ये पूरा स्पेस जो है, वो अपने आप एक्सिस्टेंस में हो सकता है या हमेशा से इट कैन एक्सिस्ट? आप मुत्तफिक हो ना? नहीं, मैं मुत्तफिक नहीं हूं। मैं पूछ रहा हूं कि ऐसा हो सकता है? तो मैंने कह दिया ना, हो सकता है। देखो, देखो, मुझे जो है ना, वो आपसे ये टॉपिक पर डिस्कशन करने का कोई मेरा सेंस नहीं बनता है। ठीक है? हालांकि, मैं एक्सिस्टेंस ऑफ गॉड पे, आई डू नॉट प्रेफर, यू नो, डिस्कसिंग ऑन द टॉपिक एक्सिस्टेंस ऑफ गॉड। लेकिन मैं कब करता हूं एक्सिस्टेंस ऑफ गॉड पे बात? जब कोई मोमिन मेरे सामने आके नो एक्सिस्टेंस ऑफ गॉड पर आकर बात करता है। देन मजबूरी के तौर पर, मैं उससे फिर डिस्कशन करता हूं। जैसे कि वो मुफ्ती आया था। अदरवाइज, आई हैव जीरो, यू नो, इंटरेस्ट इन टॉकिंग ऑन दी सब्जेक्ट। वेदर गॉड एक्सिस्ट और वेदर गॉड डू नॉट एक्सिस्ट या डस नॉट एक्सिस्ट। आई डोंट केयर मैन। वेदर गॉड एक्सिस्ट और डस नॉट एक्सिस्ट। मेरी जिंदगी में उससे कोई फर्क नहीं पड़ता। ठीक है? तो आप ही एक काम करो, अदनान साहब, आप सोचो के एक्सिस्टेंस ऑफ गॉड पे क्या आपकी जिंदगी में कोई फर्क पड़ता है या नहीं पड़ता है? अगर पड़ता है, तो आप एक्सिस्टेंस ऑफ गॉड पे जो दोनों साइड्स के आर्गुमेंट है, नॉन एक्सिस्टेंस और एक्सिस्टेंस पे, आप उसपे सुनो बात और अपनी अकल का इस्तेमाल करो और उसके बाद उस हिसाब से, यू नो, यू कैन यू कैन एक्सेप्ट व्हाटएवर यू वांट टू एक्सेप्ट। सो आई डोंट केयर।

हां, लेकिन कोई मोमिन अगर आएगा ना, और फिर वो गेम यहाँ पर घुमाने के लिए करेगा, तो डेफिनेटली आई विल स्पीक टू इट। ठीक है, साहब। आई होप यू आर गेटिंग के मैं क्या कहना चाह रहा हूं। हां, मैं समझ रहा हूं भाई, आपकी बात को। इट्स नॉट्ट टॉपिक यार, वेदर गॉड एक्सिस्ट और वेदर गॉड डस नॉट एक्सिस्ट। अच्छा, नहीं, क्योंकि बहुत सारे लोग बोलते हैं कि काफिर लोग जहन्नुम में जाएंगे। तो फिर उसके लिए मुझे बहुत। फिर उसपे, फिर उसपे तो हम अल्लाह के एक्सिस्टेंस। एक सेकंड। तुमने अभी तो एक्सिस्टेंस पे, साहब, सॉरी, तुमने अभी मोहम्मद को गालियां दी और तुमने अभी दोबारा से री-इवैल्यूएट करके बोला कि हाँ, मैंने इस्लाम छोड़ दिया है। तो फिर जहन्नुम की बात क्यों कर रहे हो तुम? रोंग। क्योंकि वो लोग बोलते हैं ना, उनकी किताब। उसके बोलने से क्या फर्क? वो तो फेक है ना? वो तो फेक है ना? जो बता रहा है, वही फेक है, तो उसकी बात पे तो। तुमने छोड़ा क्यों था? तुमने छोड़ा इसीलिए था कि वो झूठी किताब है, वरना तुम छोड़ते क्यों? गलत जगह पे जा रहे हो फिर से। समझ रहे हैं आप? अदनान भाई, जो आपको हाँ, जन्नत जहन्नुम का लालच देके जो आपको डरा रहा है, वो वो बंदा ही फेक है, तो उसकी जन्नत जहन्नम भी फेक है ना, मेरे भाई? और इन केस, आप चलो, मैं आपके लिए बहुत आसान कर देता हूं, क्योंकि आप बहुत बेसिक लेवल पर शायद आप सोचते हो। आप खाली इतना सोचो कि अगर कोई गॉड एक्सिस्ट करता भी होगा, तो वो इतना तो बेरहम नहीं होगा ना यार कि वो आपको इस बुनियाद पर जहन्नुम में हमेशा जलाएगा, क्योंकि आप उसको नहीं मान रहे हो या आप किसी और की इबादत कर रहे हो। हालांकि वो आसमान पे दिखता भी नहीं है। वो इतना तो बेरहम नहीं होगा ना। ज्यादा से ज्यादा, वो आपके कर्मों के ऊपर, जो आप कर्म कर रहे हो, अच्छा कर रहे हो, तो अच्छा आपको बदला देगा। इन केस एक्शन, अगर आपको कर्म नहीं समझ में आता, इन केस इफ ही एक्सिस्ट, अगर आप अच्छा काम कर रहे हो, तो आपको अच्छा बदला देगा। अगर आप बुरा काम कर रहे हो, तो आपको बुरा बदला देगा। मैक्सिमम यही हो सकता है ना, अगर कोई गॉड हो भी तो? सही बात है। तो यू नीड टू इंश्योर। अच्छा, एक बात तो ये है कि अगर आप सिर्फ अच्छा काम इस वजह से कर रहे हो, क्योंकि आप एक खुदा से डरते हो, देन आई थिंक, यू नो, इट्स नॉट अ गुड आईडिया। आप खुदा हो या नहीं हो, आपको अच्छा काम करना है। मतलब किसी सामने वाले के साथ आपको अच्छाई करनी है। इरिस्पेक्टिव वेदर गॉड एक्सिस्ट और वेदर गॉड डस नॉट एक्सिस्ट। ठीक है? तो लेकिन फिर भी, अगर आप अच्छा काम इस वजह से कर रहे हो, क्योंकि गॉड एक्सिस्ट करता होगा, तो भी वो, अगर गॉड एक्सिस्ट कर रहा है, तो वो आपके अच्छे काम पे आपको बदला दे देगा। अगर बुरा कर रहे हो, तो उसकी सजा दे देगा। एस सिंपल एस दैट। इट्स नॉट अ वेरी बिग डील। अच्छा, समझ रहे हो? ठीक है। तो अच्छा, ये लोग मोमिन जो आर्गुमेंट जो देते हैं कि मतलब नथिंगनेस से समथिंग नहीं आ सकता है। तो उसका तो खाली यही साबित हो सकता है ना कि नथिंगनेस से कुछ नहीं आ सकता है। तो खुदा है। मैं अभी आपकी बोली बोल रहा हूं। दिस इज नॉट माय आर्गुमेंट। एंड आई प्ले वै डिफरेंटली। लेकिन मैं उसको थोड़ी देर के लिए अगर मान भी लूं कि नथिंगनेस से कुछ नहीं आ सकता, तो सिर्फ इतना ही साबित होगा कि खुदा है। लेकिन वो खुदा अल्लाह नहीं हो सकता ना, क्योंकि अल्लाह जालिम नहीं। खुदा जो है, वो जालिम नहीं हो सकता। अच्छा, समझ रहे हैं आप? हाँ। ठीक है, मेरे प्यारे भाई? ठीक है भाई। तो मैं आते रहूंगा आपका चैनल पे और जो भी सवाल रहेगा, मतलब मैं रखते रहूंगा आपके सामने। ठीक है। चलिए, थैंक यू सो मच अदनान भाई। ठीक है भाई।

एडमम भाई, आपसे मेरा एक गुजारिश था कि आप अपना थोड़ा मतलब कोई चैनल से गुजारिश ना करें सर आप। ये मेरे ख्याल से डिस्कॉर्ड मांग रहा है। एडमम, डिस्कॉर्ड चाहिए आपको? नहीं, नहीं, ईमेल आईडी वगैरह कुछ चाहिए था। अगर कुछ भी अगर सीकर एक्स मुस्लिम एडमम सीकर@gmail.com आई थिंक आई एम राइट। एडमम सर मुस्लिम एडमम सीकर@gmail.com ठीक है, अदनान। ठीक है भाई। अगर किसी से डिबेट अगर करना होगा, तो फिर मैं आपको ले आऊंगा। किसी को डिबेट करना होगा, तो उसको यहाँ पर ले आ जाओ। कोई मोमिन। डोंट ब्रिंग एथियस। डोंट ब्रिंग हिंदू। डोंट ब्रिंग क्रिश्चियन टू। ठीक है, ठीक है भाई। ओके। कोई मोमिन होगा, तो ही इज़ मोस्ट वेलकम। वेदर ही वांट्स टू डिस्कस ऑन एक्सिस्टेंस ऑफ गॉड, नो इश्यूज। मैं आई विल इंश्योर की आई विल टेक हिम टू अल्लाह। अच्छा, साहिल, इसको अदनान को कितने ₹000 दिए? कितने दिए थे अदनान को? यार, वो यार अमित, वो मुफ्ती पे जाने।

मतलब यह बिल्कुल पॉसिबल नहीं अल्लाह के लिए कि कोई मुबाहला करे और वो एक घंटे में उसकी मौत दे दे, या जैसे कि एडमम साहब ने कहा कि 24 घंटा या 48 आवर्स का टाइम दे दो। दे नो दैट इट विल नॉट वर्क। अल्लाह इस बात पे कादिर नहीं है। दे नो दैट हेंस दे डू नॉट एक्सेप्ट दैट।

तो ये मोमिन हजरात इतने दिमागी अपंग, जाहिल और अंधविश्वासी होते हैं। तो ये मुझे स्टोरी एडमम साहब को बताना था।

हमारे साथ इमरोज भाई जुड़े हैं बड़े जमाने बाद। इमरोज भाई क्या हालचाल? कैसे हैं आप?

जी ठीक हूं यार। अल्लाह का अज़ाब आया हुआ मेरे ऊपर।

तो। अरे रे रे रे रे रे, क्या हो गया?

अरे यार जिस घर में लिया था, बड़ी मुश्किल से घर नहीं मिल रहा था। तो एक इस मुहिम से जुड़े हुए व्यक्ति है राहुल।

हां, आवाज ब्रेक हो रही है आपकी इमोज भाई।

ओ जी हां, अभी आ रही होगी आवाज। अभी आ रही होगी। फोन आ रही है। आ रही है। आ रही है। जी। तो रात को जीत के पैर फिसल दिया और एकदम बोल की तरह और लपता हुआ नीचे आके गिरा यार।

इमोज भाई आपकी आवाज एकदम साफ नहीं है। थोड़ा थोड़ा जोर से बोलिए। मैंने हेडफोन लगाया तो भी बहुत स्लो आ रही है आपकी आवाज।

अभी आ रही है। अभी आ रही है। जोर से बोलो तो।

हां, अब परफेक्ट है। अब परफेक्ट है। जी। दरअसल इतने जोर से बोला नहीं आ रहा के जीने से पैर फिसल गया रात को।

अरे रे, और एकदम नीचे आगे पड़ा यार। पूरा कान फटा पड़ा। पसली में इतनी चोट लगी हुई है। कल डॉक्टर को दिखाऊंगा। तो मतलब सांस लेते भी तकलीफ हो रही है, इसलिए आराम से बोल रहा था। जोर से बोलते भी तकलीफ हो रही है।

अरे रे रे रे रे, आराम करो यार इम्रोज भाई। कुछ ना कुछ होते ही रहता है यार आपके साथ।

पता नहीं, मानता हूं कुछ ना कुछ करके आया हूं कांड पिछले जन्म में जरूर। नहीं, आप बहुत ख्याल रखिए। आपका ऑलरेडी मसले मसाइल है तो है ना आपको बहुत ज्यादा पता नहीं, पता नहीं मेरे साथ ही मेरे साथ ही ऐसा क्यों होता रहता है। लोग कहते हैं हमेशा मैं रोता रहता हूं। पैर टूट गया था, ये जी पिछले दिनों पैर टूट गया था, वो हो गया था और वो मैं गिर के बेहोश हो गया। वो लड़का आया बोले तुम नीचे क्यों सो रहे हो? जब उठाया दो थप्पड़ मार के तब जगा। अच्छा, हां। तो तब जगह। मुझे पता भी नहीं। बस इतना याद है जीने से पैर फिसला, उसके बाद की कोई कहानी नहीं। सब आउट दिमाग से एकदम बेहोश हो गया।

अरे रे रे रे, नीचे बाल्टी रखी थी, प्लास्टिक की बाल्टी के टुकड़े-टुकड़े हो गए। सोचो कितनी जोर से गिराऊंगा।

सही बात है। तो अभी कल दवा लो जरा। इम्रोज भाई ख्याल रखो को अपना। थोड़े दिन आराम करो।

हां यार, पता नहीं कुछ भी होता रहता है। ये बाकी ये फिल्म देखी क्या नाम इसको बंगाल फाइल देखी और उसने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी रखी थी। तो फिल्म काफी अच्छी रही है। फर्स्ट हाफ ज्यादा अच्छा है इसका इंटरवल तक। हां। फिर बाद में कुछ चीजें ऐसी जुड़ जाती है, कुछ थोड़े से ज्यादा डायलॉग्स होने के कारण थोड़ी बोरिंग हो जाती है। लेकिन मेहनत की है। मैं तो यार गांधी के एक डायलॉग पे एकदम दिमाग खराब हो गया। जो इज्जत थी ना, जो रिस्पेक्ट वो पूरी दिमाग से निकल गई। मतलब विवेक अग्निहोत्री ने पूरी रिसर्च के साथ की है। जब एक महिला कुछ कह रही तो कह रहे हैं गांधी, अगर कोई तुम्हें छेड़े, कोई तुम्हें छुए तो तुम जोहर कर लो, अपने आप को जला। ये कह रहे हैं और अगर ज्यादा जरूरत पड़े अपनी दांतों से अपनी जुबान काट लो, लेकिन किसी को बोलो मत यार। ये गांधी, इस गांधी के चरखे ने आजादी दिला दी यार। दिमाग खराब हो गया। जो थोड़ी बहुत इज्जत करता था ना, मतलब वो इज्जत भी निकल गई दिमाग से। और वो विवेक अग्निहोत्री ने कई पडकास्ट के दौरान ये सवाल उठा तो बोला ये लिखा हुआ है गांधी जी के नाम पे। क्या इंसान था यार, हम राष्ट्रपिता बना दिया। सही तो।

तो यार, मेरा तो अभी देखना बाकी है। मुझे भी देखना है। जी जी। तो बाकी मैं तो ये कहूंगा के दोस्तों एक चीज की मांग उठाई जाए। गांधी जी का नोट पे वो तस्वीर नहीं चाहिए। इनका फोटो नहीं चाहिए नोट पे। हमारे पास महाराणा प्रताप है, हमारे पास शिवाजी है, राणा सांगा एक से है हमारे पास। एक से एक है ना हमारे पास। अशोका सम्राट है जिनका हम झंडे पे भी चक्र, अशोका चक्र है और नोट पे भी। ये अभी कश्मीर में क्या कर रहे थे, जला रहे थे, तोड़ उसको तोड़ रहे थे जगह को। अरे हर नोट पे, हर सिक्के पे अशोका चिन्ह है। पैसे रखने बंद कर दो। पता नहीं यार क्या दिमाग के लोग हैं यार, क्या दिमाग के लोग हैं ये। खैर बहरहाल, इतना ही कहना था।

और बाकी अपना चैनल की कोशिश कर रहा हूं चलाने की और नया चैनल तो रिपोर्ट मुल्त इतनी लग जाती। नया चैनल खुला मतलब नए बच्चे का जन्म हुआ है। जाओ जाके उधेड़ दो।

तो पुराना चैनल क्या हुआ आपका?

अरे भैया, दो साल से डीमोनेटाइज चला रहा हूं। ईमान वाला काफिर। अच्छा। तो नया चैनल आपने कोई बनाया था ना?

हां, बनाया था। लेकिन आपके यहां मालूम क्या होता है? जैसे से बड़े चैनल पे जाओ प्रमोट करने के लिए। इतने सब्सक्राइबर नहीं मिलते जितने मूल्यों की रिपोर्ट मिल जाती है।

अरे रे रे रे रे यार। ये हमारे इमोज भाई जो है बेचारे काफी मेहनत करते हैं और अच्छा एक मिनट देना। हाउ फास्ट कैन यू सेंड इट टू दिल्ली? ओपनर आईज भाई, मैं दिल्ली जो है वो चार दिन में पहुंच जाता है। तो वन वीक में पहुंचा दूंगा। हां, साहिल ओपन योर आईज भाई, स्ट्रीम आधा घंटा पीछे चल रहे हैं। वो आपका एडवरटाइज देख रहे है अभी।

अरे रे रे रे रे रे, ओपन योर आईज भाई, अब जब बाद में सुनोगे उसका जवाब अभी सुन लो। एक हफ्ते में आपको दिल्ली में मिल जाएगा। ठीक है? दिल्ली के जो शिपमेंट्स है वो तीन से चार दिन में पहुंच जाते हैं। अगर ये लोग डिले ना करें स्पेसिफिकली आपका कूरियर तो वन वीक में आपको मिल जाएगा। तो गिव इट टू टाइम। साहिल भाई कहना चाहूंगा, हमारी उसप तो बात होती थी पहली वाली आईडी पे डिस्कर्ड की। ओपन यू राइ भाई सुन रहे हो तो प्लीज कॉल कीजिएगा।

हां, तो यार दोस्तों यार, ओपन भाई, इमरोज भाई आपसे बात करना चाहते हैं। डिस्कर्ड आईडी पे आप जुड़ जाए और दोस्तों, प्यारों, अजीजो, हमारे इम्रोज भाई जो है वो बेबाकी के साथ सब जगह पर जाके एक्स मुस्लिम एक्टिविज्म को फैला हैं और कॉन्फ्रेंसेस भी कर रहे हैं। शक्ल दिखा के। तो लेट्स अप्रिशिएट दैट। इनके चैनल का लिंक हमारे अश्विनी भाई ने शेयर किया हुआ है। दोस्तों, जरा इनके चैनल को सब्सक्राइब कर ले यार प्यारे दोस्तों।

लेकिन यार मैंने एक देखा है एक मिनट इमोज भाई। लेकिन मैंने एक देखा है के एक बार मैं Facebook अपना ओपन किया था तो उसमें आपका रील मुझे दिखा और उसमें मिलियंस भी व्यूज थे। तो फिर मैं बोला अरे यार ये तो हमारे भाई है। 15 मिलियन, 15 मिलियन का ही एक वीडियो। 15 मिलियन। वो श नहीं, फुल वीडियो। फुल वीडियो। हां। तो मैंने फिर आपके आईडी पे जाकर देखा तो उसमें कई सारे वीडियोस पे दो-दो लाख, तीन-तीन लाख, पांच-पांच लाख, 10-10 लाख व्यूज है। तो यार Facebook पे आप बड़ा कमाल कर रहे हो इमरोज भाई।

हां, Facebook का हीरो बन गया लगभग लगभग लगभग। तो देखो, असल मकसद तो अपने को बात पहुंचाना है। तो आप Facebook पे ही मेहनत करो ज्यादा। YouTube अगर काम नहीं कर रहा है।

नहीं, वो मेरी Facebook से मेरी हां, मेरी पे मिलियन मिलियन पास क्रॉस हुए। लेकिन Facebook भी उड़ने वाला है। इतनी रिपोर्ट लग गई। अब मैं लाइव नहीं कर सकता Facebook पे। हम इतनी रिपोर्ट उसपे भी लग गई। ये भी जाने वाली है। और साहिल भाई, एक चीज कहूंगा जैसे सलीम वास्तविक हो गए या मैं हो गया। ग्राउंड पे काम कर रहे हैं। तो केवल ये कमाल हमारा नहीं है। आप जैसे लोगों ने, एडमम भाई ने, आपने, अपने कुरान वाला जी ने, सुल्तान हरिस ने वगैरह वगैरह लोगों ने जो चार-पांच साल दिए ना YouTube पे जितना भी समय दिया जी। वो एक रीजन है के सवाल ही नहीं उठते थे।

अरे थैंक यू। मेहनत नहीं। अरे थैंक यू सो मच फॉर अप्रिशिएटिंग आवर वर्क। इमरज भाई बहुत-बहुत शुक्रिया।

तो थैंक यू सो मच। इमरोज भाई और कुछ कहना चाहते हैं। फिर हम आगे बढ़ते हैं।

बस बस बस बस कुछ नहीं कहना चाहूंगा। निकलूंगा। बोलते हुए भी तकलीफ हो रही है यार। पसली कहीं टूट तो नहीं।

नहीं, आराम कर। अभी कल दूसरा घर देखा यार। एक चीज को लिए मैं क्या करूं? हिंदू लोग घर किराए पर नहीं देते यार। ये आरआर मैंने कई बार कर लिया। किराए में देते जब पिछले दिनों में रह रहा था। आपको बताऊं मैं इतना उस दिन तकलीफ में हुआ कि पहले तो रूम मालिक को मेरी वीडियो दिख गई। आता है कहता है जैन फैमिली से तो आगे हाथ जुड़वा लो, पैर पकड़वा लो, लेकिन मेरा घर छोड़ दो। मैंने जी, इस एडवांस गया, महीना ही पूरा हो जाता है। ठीक। फिर एक थे जगह मैंने रूम देखा। वो थे रिटायर्ड फौजी और पहाड़ी से थे और पहाड़ी ब्राह्मण। ठीक है? तो साथ में दो एक्स मुस्लिम और थे। एक हैदराबाद से आए थे, एक दिल्ली से जो घर वापसी करने की बड़ी ख्वाहिशमंद थे। उनका दिमाग खराब हो गया। 84 के मैंने मैंने यार कभी कोई और ले ले। उन्हें पैसे दे देता हूं एडवांस में। तो मैंने चरण स्पर्श किए, दादा जी कह के बात की। और मैंने सोचा अपनी पहचान बता दूं। कभी इनको पता चले कहीं से तो फिर वही बात हो जाए। तो मैंने कहा जी, मैं पहले मुसलमान था, अब सनातन में आ चुका हूं। तो मुसलमान मैंने था, तू था ही क्यों? बुड्ढा इतने चिल्ला के बोला, तू था ही क्यों? निकल जा, तेरे हाथ की तो छुआई भी नहीं लूंगा यार। कैसे कैसे लोग हैं यार।

यार इमरोज भाई, आपके अभी इतने सारे कांटेक्ट्स, आपके इतने सारे कांटेक्ट्स बन गए हैं पत्रकारों के साथ, आपके कांटेक्ट्स है और हिंदू संगठन के साथ आपके कांटेक्ट है। तो उनको बोलिए ना कोई एक घर का जुगाड़ आपको करके दे।

अरे अरे, कोई कहता बिहार आ जाओ, कोई कहता पटना आ जाओ, कोई कहतालक आ जाओ। अब दिल्ली में इसलिए रह रहा हूं, यहां पे मेन स्ट्रीम मीडिया है, नेशनल मीडिया है। यहां पे इसलिए रह रहा हूं। बाकी जब देखूंगा काम काफी हो गया तो फिर किसी भी गांव में जाके बस जाऊंगा। वैसे बेचारे बहुत चाहने वाले हैं। लेकिन दिल्ली में रहते हुए आफत आ रही है।

अच्छा यार, कोई दिल्ली वाला व्यूअर हमारा सुन रहा है यार, थोड़ा इमरोज़ भाई की अगर कुछ मदद कर सकता है तो वो इम्रोज भाई की मदद कर दो यार। मुझे दूसरा कमरा मिल गया। जब मैं एकदम खड़ा जीना है तो मैंने और तीसरी मंजिल पे तो तीन मंजिल चल के जीने पे बहुत बहुत भारी पड़ रहा था। तो मैंने दूसरा रूम देखा आज और अच्छे है दो रूम है। आप दिल्ली में आएंगे तो मेरे पास रुकेंगे और अच्छे से स्टूडियो वगैरह मैं बनाने के लिए सोच रहा हूं ताकि अच्छे जैसे रेफरेंस पीछे दिख रहा है और उसको पढ़ रहे हैं तो उसमें एक अलग ही मजा आता है। बाकी सबको मेरा राम राम प्रणाम। अमित भाई को, एडमम भाई को और एंजेल जी को और जितने लोग सुन रहे हैं और मौका देने के लिए आपका बहुत-बहुत शुक्रिया। बहुत ही आभार।

थैंक यू सर। थैंक यू सो मच। अपना ख्याल रखिएगा। डन हो गया सर। थैंक यू सो मच।

अच्छा एक एक चीज बता दूं। एक चीज बता दूं एडमम भाई के लिए। सुन रहे है तो एक लड़की को मैंने एक्स मुस्लिम किया बड़ी मुश्किल से हो गई। ठीक। अब मुझे पसंद थी। मैंने मैंने शादी के लिए प्रपोज किया तो मालूम है क्या कह रही? मुझे तो एडमम सीकर से प्यार हो गया। और यार एडमम साहब की ऑलरेडी चार-चार बीवियां है तो पांच का तो पॉसिबल नहीं है यार।

हमारे जितने लोग सुन रहे हैं यार, हमारे इम्रोज भाई देखो कितने स्मार्ट लगते हैं। अमित एक बार यार फुल स्क्रीन दिखाना इम्रोज भाई कि देखिए गगल शगल लगा के एकदम हीरो लगते हैं। तो दोस्तों यार, कोई अगर हमारे इम्रोज भाई के लिए अगर कोई रिश्ता है, अभी अनमैरिड है हमारे इम्रोज भाई। तो आप लोग जरा इम्रोज भाई के चैनल पर विजिट करके उनको कांटेक्ट करके जरा इनका रिश्ता भी लगा दो यार। हैंडसम है हमारे इम्रोज भाई। एंड आई एम श्योर के कोई भी महिला या लड़की जो इमरोज भाई से शादी करेगी वो हमेशा खुश रहेगी। लेकिन मेरी बात पे ऐसा मत जाना क्योंकि शादी का मामला जो है वो बड़ा नाजुक होता है। तो आपने पहले पूरी जांच पड़ताल करके फिर रिश्ता करना है आपने किसी से भी। इट्स नॉट ओनली फॉर इमरोज भाई, इट्स फॉर एवरीवन। तो लेकिन इमरोज भाई जो है वो हैंडसम हैंडसम इंसान है।

तो अरे आपकी दुआ है। आपने तारीफ के लिए बहुत-बत शुक्रिया। तो तो आपको बताऊं मैं पहले शादी नहीं करना चाहता था। मेरा ख्याल निकाल देता। लेकिन जब मेरा पैर टूटा था ना और मेरे पड़ोस में एक बंगाली फैमिली रहती थी। आप तो मिले घर पे भी आए वहां है ना? तो वो अगर फैमिली ना होती तो शायद उस दौरान मैं मर जाता। एक बच्चे की तरह ख्याल रखा दोनों हस्बैंड वाइफ ने यार। हस्बैंड वाइफ बच्चे की तरह ख्याल रखा। तो तभी मेरा मन हुआ था के यार शादी जरूर करनी चाहिए ना। तो शादी बच्चों के लिए होती है ना सेक्स के लिए होती है। मेन शादी का कारण एक जीवन साथी का होना लाइफ में सही है। है ना?

मतलब आप कह रहे हैं कि शादी करके आप सेक्स नहीं करेंगे।

अरे नहीं, वो नहीं कह रहा। वो बाय प्रोडक्ट सारी चीजें है। वो बाय प्रोडक्ट। हां भाई, ऐसा तो ऐसा ऐसा मत। अभी का भी नहीं करेगा।

अरे बाप रे बाप, बाप रे बाप। मैं मजाक कर रहा हूं। भाई, रिश्ता हो रहा था। एक रिश्ता हो रहा था। लड़की थी 22 साल की। अब मैं साला 40 साल का हो गया। मैंने मैं इतना अच्छा नहीं हूं। अपने पड़ोसियों के लिए इतना अच्छा सोचूंगा बुढ़ापे में। हां। तो मैंने कैंसिल कर दिया था क्योंकि मोहम्मद तो बन नहीं सकता यार। एज का फर्क, डिफरेंस ये चीजें जाननी चाहिए। तो मैंने फिर मैं इतना भी अच्छा नहीं हूं। अपने पड़ोसियों के लिए इतना अच्छा सोच।

अच्छा, मैं एक चीज बता दूं आपको इमरोज भाई। एज डिफरेंस जो है वो जब हम रसूल्लाह पे सवाल उठाते हैं तो वो एज डिफरेंस मतलब मैं अगर बात करूं तो मैं एज डिफरेंस के ऊपर सवाल नहीं उठाता हूं। मैं इस वजह से सवाल उठाता हूं क्योंकि आयशा बच्ची थी। ठीक है? अगर एक लड़की कोई अगर वो एडल्ट है और उसके बाद एज डिफरेंस भी हो तो उसमें कोई बड़ी बात नहीं है। क्योंकि जीवन साथी जो है वो।

हां जी। हां जी। हां जी। जीवन साथी जो है वो। बोलिए आप बोलिए पहले आप बोलिए।

नहीं नहीं, आप बोलो आप बोलो।

नहीं नहीं, कुछ नहीं। आप बोलिए पहले आप बोलिए।

मैं यही बोल रहा था कि जीवन साथी जो है एक जो दो पार्टनर्स है अगर वो एडल्ट है दे आर मैच्योर इनफ टू टेक डिसीजन। फिर वो चाहे लड़की छोटी उम्र की हो मतलब बच्ची नहीं, मैच्योर तो वो बड़े उम्र से शादी करना चाहे या।

जी, मैं कह रहा था ये सवाल उठाते के श्री राम के ऊपर के श्री राम की क्या थी? सीता क्या थी? मैंने भैया बाल विवाह होता था, लेकिन बच्चों का बच्चों के साथ होता था ना। बच्ची का बुड्ढे के साथ थोड़ी होता था। हम। अब ये क्या करें यार? जब सनातन पे सवाल उठाते बेसा पकड़ते हैं तो मैं पहली एक एक ही चीज इनसे बोलता हूं कि इस्लाम अपने सिवा किसी को नहीं मानता। हां। तो पहले तो तुम्हें हिंदू को स्वीकार करना पड़ेगा कि हां, ये एक धर्म है, एक वो है, अपनी मान्यता रखता है। उसके बाद तुम बेसाखियां पकड़ो तो चलेगा। खैर बहरहाल, चलो यार हम तो चाहेंगे कि जल्द से जल्द आपको जीवन पार्टनर मिले। लाइफ पार्टनर मिले और आपकी जिंदगी जो है खुशहाल जाए। थैंक यू सो मच इमोज भाई जुड़ने के लिए।

चलिए, बहुत-बहुत शुक्रिया। मौका देने के लिए। धन्यवाद आपका है और सभी व्यूवरर्स व्यूवरर्स का सब जो सुन रहे हैं, सबको मेरा राम राम प्रणाम। राम राम सर। प्रणाम। ओके।

अ दोस्तों, जरा आप देखिएगा अभी कि हम एक वीडियो पर रिएक्ट करने वाले हैं। एडमम साहब भी आ जाए तो अच्छा है। देखिएगा के ये मुफ्ती हजरात जो है वो किस तरीके से अपने जो फॉलोअर्स है, व्यूअर्स है उनको चू चुना लगाते हैं और इमरान क्या कहते हैं उसको द क्या लगाते हैं यार इल्जाम लगाते हैं। देखिएगा ये देखिए कितनी प्यारी शक्ल का कितना जबरदस्त जो है वो मौलवी है और क्या कहता है सुनिए।

लगा है ये सुनते सारे हैं हमको। हम आंध्र प्रदेश से हूं। फरमाइए क्या बात है। हाजी मंजूर अली साहब, एक्स मुस्लिम के फितने को कैसे मुस्लिम मुफ्ती साहब, ये मुस्लिम के फितने को कैसे रोके मुफ्ती साहब? ये मोमिन भी यार अच्छे मजा लेते हैं इनके। हां, ऐसेसे सवाल पूछते हैं। मोमिन भी अच्छे मजा लेते हैं इनके। फुल फुल मजे लेते हैं भाई, फुल मजे लेते हैं। हां। जूर अली साहब, एक्स मुस्लिम के फितने को कैसे रोके मुफ्ती साहब? हाजी हाजी मंजूर अली साहब, इस फितने से रोक रोकने का वाहिद ये तरीका है कि मुसलमानों को आगाह किया जाए, आगाह किया जाए, बच्चों को आगाह किया जाए और उलमा के चैनल की तरफ रहबरी की जाए। बहुत जरूरी है। मेरा खास तौर से लाइव में आने का मकसद यही था। हमारी मरियम बहन तो डे वन से गवाह है। डे वन से गवाह है। हमारी मरियम बहन देखिए नीचे मैंने उनका ये लिख भी दिया है। पिन भी किया है। डे वन से गवाह है। जब से मैं लाइव में आ रहा हूं कि मेरा इसको थोड़ा सा रुकना जो अभी थोड़ा रुकना।

अच्छा ये डे वन से गवाह है। अच्छा ये कहते हैं कि यक्ष मुस्लिम के फितने के बारे में आवाम को जो है वो आगाह करें। ठीक है? तो मैं मौलवी साहब को मैं आईडिया दे देता हूं कि किस तरीके से आप आगाह कर सकते हैं य मुस्लिम के बारे में। भाई आपकी मस्जिदों में पांच टाइम अजान होती है। मैं कहता हूं हर अजान के बाद आप एक ऐलान कराए के यक्ष मुस्लिम का फितना बड़े जोरों शोर से फैला हुआ है और इसमें इंडिया से यक्ष मुस्लिम साहिल जो है ये तबाही मचाए हुए हैं। तो आप लोग यक्ष मुस्लिम साहिल से जो है वो बिल्कुल आपने कन्विंस नहीं होना है। हां, कन्विंस नहीं होना है। उसको नहीं देखना है। इस तरीके से आप पांचों अजान के बाद जो है य मुस्लिम के बारे में बता दे। एक्स मुस्लिम एडमम, य मुस्लिम और बाकी जितने भी एक्स मुस्लिम चैनल है तो आप बता दे ताकि आगाह कर दिया जाए आपकी आवाम को है ना? मुफ्ती साहब कैसा लगा आईडिया? फिर फर्ज नमाज के बाद जो है फर्ज नमाज के बाद भी आप ऐलान करवा दे कि य मुस्लिम यही है, य मुस्लिम है और इन यक्ष मुस्लिम को आपने नहीं सुनना है। ये आईडिया पे आई होप कि आप अमल करेंगे। जी। लोग एक्स मुस्लिमों के चैनल पर जाकर अपने अकायद को, नजरियात को खराब कर रहे हैं। उनकी इस्लाह हो जाए। यही मकसद से हम लाइव में आते हैं। लिहाजा आप तमाम लोगों से इधर आ जाओ ना। जिन जिन मौलवी साहब अगर आपको अपनी आवाम का अपने लोगों का इतना ख्याल है और आप चाहते हैं उनको य मुस्लिम के फितनों से बचाना तो इधर लाइव में जुड़ जाओ। लाइव में जुड़ के हमें गलत साबित कर दो। आपकी आवाम जो है बच जाएगी। जी। मुसलमानों के नंबर आपके पास मौजूद है। हमारे वीडियोस को आप शेयर करें उन तक ताकि तमाम लोगों तक हक बात पहुंचे और इन बदतमीजों की बातों से मुसलमान इनके बुरी चीजों से महफूज़ रहे। ये मेरी गुजारिश है। इंशाल्लाह मैं 11:00 बजे भी लाइव आऊंगा। 11:00 से एक उस वक्त तक सारे लोगों तक आप एसएमएस कर दें। आपसे गुजारिश है कि चैनल को सब्सक्राइब।

मौलाना, ताकि इस मौलाना एसएमएस वाला जमाना गया। अभी WhatsApp वाला जमाना है। आगे बढ़ाओ। खैर में आपका भी हिस्सा लगे और हम ज्यादा ताकत के साथ ज्यादा कुत के साथ अपनी बात को पहुंचा सके। हम बार-बार ये क्यों कहते हैं कि आप सब्सक्राइब करें, लाइक करें। उसकी खास रीजन ये है कि जब सब्सक्राइबर किसी चैनल पर कम होते हैं तो लोग उनकी बातों को तवज्जो नहीं देते। लोग तवज्जो नहीं देते। चाहे कितने बड़े भी आलिम हो, लोग तवज्जो नहीं है। वो ऐसा समझते हैं अभी कल का बच्चा है। आगे आगे बेवकूफ आदमी बोल रहा था ना वो भी अभी वो भी लाता हूं। अच्छा अगर उसके चैनल पर्राइबर ज्यादा है, ज्यादा है। बेवकूफ आदमी जो कुछ भी नहीं करता है, खाली ऊन जल बता रहता है तो लोग सुनते रहते हैं। लोग सुनते रहते हैं। वो एक साइलजिकली इफेक्ट अंदर चला जाता। साइलिक ऑप्शन टेंशन। अच्छा मौलवी देखो, मौलवी भी अपने चैनल पे एड्स लगा के रखा हुआ है। देखो जरा साइलजिकली क्या होता है? जरा लगाओ।

अरे, मनोवैज्ञानिक रूप से करना पड़ेगा। मैं बोला ना, अभी काम की बात कर रहा है। इंशाल्लाह मैं 11:00 बजे भी सीधा प्रसारण आऊंगा, 11 से एक। और हम ज्यादा ताकत के साथ, ज्यादा कुव्वत के साथ और आगे भगाओ। तो लोग उनकी बातों को तवज्जो नहीं देते। लोग तवज्जो नहीं देते, चाहे कितने बड़े भी आलिम हों, लोग तवज्जो नहीं। वो ऐसा समझते हैं अभी कल का बच्चा। लेकिन एक बेवकूफ आदमी अगर उसके चैनल पर ग्राहक ज्यादा हैं, ज्यादा हैं, बेवकूफ आदमी जो कुछ भी नहीं करता है, खाली ऊन जलूल बकता रहता है, तो लोग सुनते रहते हैं। लोग सुनते रहते हैं। वो एक मनोवैज्ञानिक प्रभाव अंदर चला जाता है। इस नाते मैं बार-बार कहता हूं मनोवैज्ञानिक रूप से, मनोवैज्ञानिक। ये एक्चुअली मनोवैज्ञानिक, ये ये बराबर बोल रहे हैं। मोहम्मद शमसुद्दीन बोल रहे हैं, साहिल तर्क है।

ये खतरनाक था। ये उस दिन मैंने ध्यान नहीं दिया था। तुमने भेजे थे। हां, नहीं मैं भी बाद में सुना था। ये इधर दो मिनट तकरीर कर रहा है। हमारा समर्थन करने का मकसद मतलब ये है कि आप कारे खैर में हिस्सा ले रहे हैं। और जाहिर है इसमें आपका एक पैसा भी नहीं लगना है। एक और एक मिनट भी नहीं लगना है। आप सब्सक्राइब करेंगे, साझा करेंगे, पसंद करेंगे, सब्सक्राइब करेंगे, साझा करेंगे। खाली इतनी बात है। तो पूर्व मुस्लिम के फितनों से बचने के लिए आप कृपया हम हम लोगों का, हम जैसे ओलमा का समर्थन कीजिए। हमारी वीडियो को, हमारे लाइव चैनलों को लोगों तक पहुंचाइए, ताकि लोगों को राय रास्त पर लाया जा सके। ऐसी मेरी आप लोगों से गुजारिश है। लोगों को राय रास्त पर लाने के लिए आप समर्थन करें और ये कारे खैर होगा इंशाल्लाह। मेरी तमन्ना यही है कि हम तमाम मुस्लिम बच्चे और बच्चियां जो स्कूल और कॉलेज में पढ़ते हैं, उनकी बेहतरीन रहबरी में बेहतरीन हम जो बच्चियां जो बच्चे कॉलेज में पढ़ते हैं।

हां, इसी सीधा प्रसारण में मैं भी था। टिप्पणी में मैंने सिर्फ इतना लिखा, मुफ्ती साहब को, मुफ्ती साहब बुखारी 371 की जरा वजाहत कर दें। पहले तो मेरा नाम देखते ही थोड़ा सा हड़बड़ा गया। लेकिन थोड़ा सा बातचीत का पकड़ा पढ़ते ही मेरे को ऐसा समय सीमा समाप्त दिया कि मैं पूरी इसमें टिप्पणी ही नहीं कर पा रहा था। उनको इस्लाम पर इल्ज़ाम और बहुत सारे इस्लामिक सवाल, उन तमाम सवालों की रहबरी हो, इस नाते हम मुस्लिम साहिल कलर लगाएं। वो खबीस पूर्व मुस्लिम साहिल बहुत लोगों को बना रहा है।

अफसोस की बात है कि कोई उलमा दीन नहीं, नहीं, नहीं, नहीं, हाजी हाजी साहब ऐसी बात नहीं है। उलमा दीन आगे आते हैं। वो उलमा के चैनल पे जाता ही नहीं है। उसको हम भेजते हैं, वो कनेक्ट ही नहीं करता है। मुफ्ती यासिर नदीम अल वाजदी साहब ने कितनी ही बार उसको बेइज्जत किया। जब उसको लगने लगा कि हम बेइज्जत हो रहे हैं, तो उसके बाद से उसने जाना ही छोड़ दिया। तब ऐसे कुछ टट्टू किस्म के लोग थोड़े-मोड़े जिनको थोड़ी मोटी तालीम पता है, उनको दो-चार हजार, 5000 देके उनसे एक टोपी लगवा देता है और फिर उनसे सवाल करता है। उनको बेइज्जत करता है। वो ऐसे ही करते हैं मुसलमानों को बदनाम कर।

यार, इतना खतरनाक है मौलवी बोलता है कि मैं जो है ना मतलब दाढ़ी मूछी लगवा के गैर मुस्लिम को जो है ना 5-6000 देके उनको बुलवाता हूं चैनल पर और उनकी बेइज्जती करता हूं। साहिल, हमारे चैनल पे तो किसी का कैमरा भी ओपन नहीं रहता है। ये दाढ़ी टोपी कहां से देखी इसने? हां, वही तो। ये असल में जिस तरीके से ये लोग मुसलमान बनाते हैं ना दाढ़ी-मूछी लगवा के, तो वो उसी अनुभव को ये बोल रहा है असल में और कोई बात नहीं है। ये लोग हरकतें करते हैं ना, तो इसलिए उनको अपना अनुभव पता है। यहां पे कैमरा तो दूर की बात, उसका प्रतीक भी नजर नहीं आता, क्योंकि हमने प्रतीक भी हटाना शुरू कर दिया, क्योंकि ये लोग गलत हरकत कर लेते थे। और बुला क्यों रहा है? आए ना जहां पे 5000 बंदे बैठे होते हैं, वहां पे खुद आए और अपने जिस डोनाल्ड डक की ये बात कर रहा हूं मैं, जलील किया है उसको, इतना जलील किया। वो आके आप खुद आ जाएं ना, अपने डोनाल्ड डक को ले आए। तो ये जो दूसरी डोनाल्ड डक है, ये ना तो खुद आता है, ना अपनी डोनाल्ड डक लेके आता है। इनके तो सब मुल्लाओं को कहा, यार विषय तय करो, आ जाओ। बल्कि तय भी ना करो, अपने पास तैयारी करके आ जाओ। अपने घर में अपने विषय को तैयार करके आ जाओ। बताने की जरूरत भी नहीं है हमें। आओ तुम्हारे उसको तुमने तैयारी की हुई है। आओ उसको यहां पे अभी रौंद के रखते हैं।

है कोई माई का लाल जिसने अपनी ही मां का दूध पिया हो? मोहम्मद की तरह ना हो जिसने अपनी मां का दूध भी नहीं पिया था। है कोई ऐसा मुफ्ती माई का लाल जिसने अपनी मां का दूध पिया हो? या सारे ही दूसरों की मांओं का दूध पी के पैदा हुए हुए हैं, अपने नबी की तरह? अरे रे रे रे, बेचारों का क्या? ओए, ये तो ये भी नहीं बोल सकते कि हमारे रसूल ने अपनी मां का दूध पिया हुआ है। हां, ये भी नहीं बोल सकते, नहीं बोल सकते। बल्कि इनको तो इस तरह की ललकार भी नहीं कर सकते कि है कोई जिसने अपनी मां का दूध पी, ऐसी ललकार भी नहीं कर सकते, क्योंकि नबी ने भी पिया था। हम वही वही बेचारों के लिए अफसोस का मकाम है। वो शियाओं के मुताबिक तो उसकी मां का दूध वैसे ही सूखा हुआ था, वो चचे का दूध पी के बना हुआ था। यार कमाल है यार, गंभीरता से। अच्छा में से पता नहीं कौन सा दूध निकल रहा था फिर उस दिन।

साहिल, मैंने इस दूसरा टिप्पणी किया दूसरे आईडी से, मुफ्ती साहब आप कौन से मसलक से हो, भी ब्लॉक कर दिया। यार ये अभी है ना मुफ्तियों के चैनल पे जाके उनके मोमिन आईडी से है ना इनके मजे लेते रहता है एकदम। और भाजपा वालों से, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ वालों से पैसे कमाना, यही उनका लक्ष्य है। सर, भाजपा वालों और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ वालों, यार ये दोनों, ये दोनों दिलाओगे यार। यार ये दोनों कौम जो है ना, ये दोनों कौम के बंदे मिला दो यार। साहिल, मुझसे मैं गंभीरता से यार पूरा आप दोनों विधायक बन जाओ भाई अपने-अपने क्षेत्र का। ये जो भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ वाले हैं ना यार, ये ये लोग जो है ना, ये किसी दिन मेरे सामने आ जाएं सही, मैं तो सर इनसे पूरी तरह लड़ना है। साहिल साहब, ये भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ वाले जो है ना दोनों, इनकी मैंने बैंक विवरण देखनी है सारी सारी की। नो कहां पे किन-किन मुफ्तियों को तुम लोग पैसे देते रहते हो जो हमें नहीं देते कि सारी मुफ्तियों को पता है तुम लोग पैसे देते हो, हमें नहीं पहुंचे ये। यार जितने भी सीधा बातचीत में लोग हैं ना, ये भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ लोगों को ना जरा लेके आओ यार। ये क्या बदतमीजी है यार। इन सारे मुल्लाओं को पैसे बचा रहे हैं, इनको पता है पैसे मिलते हैं इनसे। हमें नहीं पता यार, ये बहुत बदतमीजी है।

एडमम साहब, ये अपनी कौम को इस तरह बेवकूफ बनाते हैं भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का डर दिखा के, क्योंकि पूर्व मुस्लिम आए तो ये भाजपा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने कर रखा है। यह अपनी कौम को बेवकूफ बना रहे हैं और कुछ नहीं कर रहे। अरे यार, बेवकूफ बनाते रहे, कुछ हम पैसे ही ले लें उनसे यार। हां, वो तो बात सही है। ये भाजपा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ वालों को भर पानी में डूब मरना चाहिए। पैसे भी नहीं देते और गालियां भी, पैसे भी नहीं देते और गालियां भी खाते रहते हैं। इन्हें यार गालियां खाओ। मैडम साहब, आप तो फिर भी मार्च में हैं। मैं तो मुंबई में ही बैठा हूं। कोई आज तक कोई राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भाजपा वाले ने यार एक बंगला उपहार में दे देते, आज तक नहीं। चलो यार इतना। हां, फिर हम साहब, आप तो मुंबई बैठे हो, आपको तो अंडर टेबल भी पैसे दे सकते हैं, बैंक लेनदेन की जरूरत भी नहीं। यार एक दो चार ₹1000 खर्च खर्चा करके एक टोपी एक आदमी आदमी को पहना के लाके वहां बिठा देते हैं। अबे टोपी तो अपने मुसलों को पहना रहा है। भी यही टोपी ये अपने बंदों को सही पहना रहा है। क्यों? क्योंकि हमारे चैनल पे तो किसी की शक्ल क्या प्रतीक तक नजर नहीं आता। ये साला कौन सी टोपी पहना रहा है यार साला? इसके तो नबी ने भी कहा था टोपा नहीं पहना। टोपे पे टोपी नहीं पहननी। जरूरत ही नहीं है टोपे पे टोपी पहनने की। क्योंकि जिस रूह ने आना है उसने आगे ही रहना है। तो इसके तो नबी ने कभी टोपी नहीं बनाई। ये किसकी टोपी बना रहा है? ये अपने बंदों को टोपियां पहनाते हैं और बेवकूफ बनाते हैं। सिर्फ भाजपा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का डर ये टोपी पहना रहे हैं, फलाना कर रहे हैं। यही सारी बकवास है इनके पास। कर रहे हैं। तो इसमें ओलमा की कोई गलती नहीं है। हां, इतना जरूर है कि आप लोगों का समर्थन।

अरे, क्या विज्ञापन चल रहा है इसका? इसका बस चले तो ये कैमरे से बाहर निकल जाए। ये बार-बार कैमरे के साइड क्यों आ रहा है उठ-उठ कर? वो मोबाइल से कर रहा है ना सीधा प्रसारण। और दो घंटा हो गया था बैठे तो। अरे एंजेल जी, दो घंटा हो गया बैठे-बैठे। मुफ्ती है, बवासीर का भी बीमारी रहती है इन लोगों को। और ये साहिल सर का एक चीज बड़ा गंदा है यार। हर अनानास जैसे मतलब शक्ल वाले लोगों को ना कहते थे बड़ा नूरानी चेहरा है। मतलब ये क्या है साहिल सर, ये पहले बताओ। ये अनानास जैसे चेहरे वाले को इधर-उधर झाड़ियां निकल रखी हैं और कहते थे ये बड़ा नूरानी चेहरा। अनानास वाली शक्ल का चेहरा ये भारी था यार। मतलब किसी को भाई कुछ भी बोल के निकल जाते हैं। हां। हे भगवान।

आप लोगों के चैनल से दूर रहें। आप लोगों का समर्थन करने की जरूरत है कि आप लोग समर्थन कीजिए ओलमा के चैनलों को। ओलमा के चैनल को साझा कीजिए। लोगों को भेजिए। ओलमा के चैनल पर। ये जरूरत है आप लोगों की। और दूसरी बात क्या है? ऐसे लोगों के चैनल से दूर रहें। दूर रहें तो ही आफियत से रहेंगे। और जो लोग जाते हैं जिनके बारे में आपको पता चल जाए ऐसे बच्चों को, ऐसे लड़कों को, लड़कियों को, ऐसे लोगों को आप ओलमा के चैनलों की तरफ रहबरी करें तो तो ही इंशाल्लाह बचा जा सकता है। वालेकुम अस्सलाम रहमतुल्लाह बरकातहू। चलो नूरानी पाइनएप्पल वाली शक्ल को हटा दो अभी यार। गैर-मोमिन लोग नहीं जुड़ो यार। मोमिन हजरात को जुड़ने दो। मोमिन हजरात डिज़र्व करते हैं कि उनको मंच दिया जाए ताकि वह बात करें।

तो सुपर चैट लेते हैं अ और बंदा भाग गया। साहिल, इनका ओपनर साहब का मैसेज आया। वो बोले कि पता भेजेंगे आपको दिल्ली का। ठीक है। ठीक है। डन हो गया। यार मुझे व्हाट्सएप कर देना। ओपनर राइज भाई और बंदा भाग गया। कहते हैं चार्ली किर्क दुखद दिन। हां यार, मेरे को इंस्टाग्राम पे जो है ना वो, मैं इस व्यक्ति को नहीं जानता था। और इंस्टाग्राम पे उसकी एक वीडियो आई, फिर लगातार उसी की वीडियो आ रही थी। उसे गोली मार दी गई थी। मैं सुनता था। जी जी जी, आप बताएं इस पे, क्योंकि मैंने वह वीडियो देखी थी और मैं मतलब मैं इस व्यक्ति के बारे में कुछ नहीं जानता था। उस वीडियो से मेरे को पता चला कि आपको पता है कि उसके विचार थे जिसके कारण उसे गोली मार दी गई। आप बताइए इसमें क्या स्थिति है?

बड़ा यार ये बड़ा सीधा-साधा बोलने वाला बंदा था और ये विश्वविद्यालयों के अंदर बैठ जाता था अपना स्टॉल लगा के खुली माइक चर्चा, जिस तरह हम स्ट्रीमयार्ड में बैठ जाते हैं। ये विश्वविद्यालयों में जाता था अपना पीछे आपने देखा होगा जो इसकी कुछ एक वीडियो चर्चा की। खुली माइक टेबल के पीछे बैठ जाता था। सामने एक माइक रखा होता था। कोई भी आ जाए उसके साथ बहस कर ले, चर्चा कर ले। उसके विचार बहुत सरल और सीधे-सादे थे। दक्षिणपंथी विचार थे इसके उचित, जिसको आप दक्षिणपंथी विचार कहते हैं और वामपंथी के साथ ये बहस और चर्चा करता था, जो कि आजकल बड़ा प्रचलन में है। लड़की जो है वो अपने आप को हिम, हिज़, दे जैसे सर्वनामों का उपयोग करें। और यह वो सब बकवास जो चल रही है इस वक्त बाजार में और छोटे बच्चों की जो है वह अपरिवर्तनीय शल्य चिकित्सा करवा देनी, जो कि एसबीएस और इज़राइल वाला मामला जो है अभी जो वर्तमान जिस बंदे की पहचान हो रही है, जिसको संभावित संदिग्ध कहा जा रहा है, उसका नाम भी उमर है। उमर कुछ, मैं पूरा नाम भूल गया। जो इस समय संभावित संदिग्ध है। और यह अमेरिका की कोई राज्य है यूटा, उसके अंदर किसी विश्वविद्यालय के अंदर ही इसने स्टॉल लगाया हुआ था। तो स्नाइपर राइफल से इसको गोली मार दी गई है उसके विचारों, विचारधाराओं और इस बात पर आधारित कि वह बोल रहा था और सीधी बहस कर रहा था। और उस टाइम पे दर्शक कितनी है सामने, आप खुद देख लो। वो आपने वीडियो देखी होंगी, कितनी दर्शक है। हां, देखा तो।

कल्पना करो यार, देखो इस वक्त अमेरिका जैसी देश भी सुरक्षित नहीं है। आप भारत की बात करते हैं, अमेरिका की, अमेरिका जैसी देश भी सुरक्षित नहीं है। सो अगर आपके विचार फर्क हैं और आप ऑनलाइन बहस करते हो और बहस जीतते हो, तो आप हत्या के संभावित संदिग्ध हो। यानी आप तैयार हो जाओ कि आपको हत्या किया जा सकता है। क्यों? क्योंकि आप आपके पास तर्क हैं, आंकड़े हैं, सांख्यिकी है, तर्क है और आप अपने सामने वाले बंदे को हरा देते हैं तर्क में, चर्चा में। और साहिल साहब, हम तो फिर गर्म हो जाते हैं बड़े ज्यादा। इस बंदे की आप जितनी भी बहस सुनेंगे, चर्चा सुनेंगे, वह हमेशा बहुत शांत रहता है। बहुत शांत और हमेशा सांख्यिकीय आंकड़ों के साथ साबित करता है। और मैं मैं काफी ये बात कह सकता हूं के अगले 10-15 सालों में ही कुड बी दी अमेरिका के राष्ट्रपति जितना ये प्रसिद्धि पकड़ रहा था। हम अब तो है ही नहीं बेचारा। हम क्या हुआ?

भाई साहब, बहाल तो बात ये है कि सर इस वक्त दुनिया में इन चरमपंथी जिहादियों के हाथों कोई भी सुरक्षित नहीं, किसी को भी मारने जा सकते हैं। और कल्पना करें, एक बंदा जो है ना उसने बाबा जी ने फौरन कह दिया, मैंने मारा, मैंने मारा। उसको पकड़ लिया गया, ताकि जो शूटर है ना वो भाग सके, उसको भागने का मौका दिया जा सके। हम तो बड़ा ही सुनियोजित हमला था। और ट्रंप को जब हत्या किया गया था, तो उसके लिए सिर में गोली लेने की कोशिश हो रही थी, जिससे वो बच गया था। इसको उन्होंने छाती में गोली मारा। हम और वो छाती पे लगने की बजाय इसकी गर्दन के पास लगा है और इसकी मुख्य धमनी को उसने फाड़ दिया है। फौरन ही मर गया है। एकदम से रक्त का प्रवाह हुआ और फौरन मर गया। तो इसको मारा ही छाती में गोली है। क्योंकि अगर आप देखें, जब ट्रंप का हत्या हो रहा था ना, तो सब टीवी चैनल बार-बार ये कह रहे थे, जी इतनी दूर से स्नाइपर सिर में गोली ले रहा है। सिर बहुत छोटा होता है। वो पेशेवर स्नाइपर था। अगर कोई गैर-पेशेवर होगा, वो छाती में गोली लेगा, क्योंकि छाती बड़ी होती है, ज्यादा बड़ा क्षेत्र होता है। लाइक टीवी पे उन्होंने हर गैर-पेशेवर को सिखाया है कि छाती में गोली लेनी चाहिए। ट्रंप के हत्या के बाद हर एक शूटर जानता है कि अगर मैं 200-300 गज से गोली चला रहा हूं, तो मुझे सर पे नहीं मारना, मुझे छाती पे मारना है। हम ताकि वो चूक न हो। चूक होने के चांसेस कम है, क्योंकि छाती बड़ी होती है, सर छोटा होता है और सर हिल भी रहा होता है। जब आप बहस कर रहे होते हैं, चर्चा कर रहे होते हैं, आप आप लगातार अपना सर हिला रहे होते हैं, तो सिर में गोली चूक हो सकता है। आप देखिए, इस शूटर ने छाती में गोली लिया है। हां।

तो ये हमारा मीडिया भी जो है ना बहुत ज्यादा अतिरिक्त जानकारी दे देता है। जो कि बाज दफा हानिकारक होती है। जबकि मोदी सरकार ने इस पे प्रतिबंध लगा दिया है ना भाई। उनको हजार बार बोला है कि इस तरीके की बातें ना करो, जिससे आने वाला कल के बारे में दुश्मनों को पता लग जाए कि हम क्या करने जा रहे हैं। पर ये कमीने लोग समझते ही नहीं बात को, हमेशा से ऐसा ही करते हैं। यानी मीडिया ने इस शूटर को प्रशिक्षित किया था कि तूने किस जगह पे गोली चलानी है। तो तेरी संभावना अधिक है बंदा मारने की। और यही हुआ। और अभी बाकी लोग भी सुरक्षित नहीं है। कौन-कौन सुरक्षित है? यानी इसका मतलब है जो बंदा सार्वजनिक चर्चा करता है और वो प्रसिद्ध हो जाता है और वो अपनी बहस बड़ी अच्छी रखता है, प्रसिद्ध हो जाता है। वह मारे जाने का संभावित संदिग्ध है। यह ऐसे काम करता है। यह वास्तव में बहुत दुखद है कि जैसे कि आपने बताया कि यार अमेरिका यूएसए में इस तरीके की चीज हो रही है। अभी इस साहिल साहब तीन हफ्ते पहले एक और मामला हुआ था। अमेरिका की किसी राज्य के अंदर एक ट्रेन के अंदर एक लड़की जा रही है जो कि यूक्रेन से आप्रवासन ले आई थी और यहां पे वो पता नहीं किसी दुकान पे काम करती थी। ट्रेन पे जा रही है और एक काले व्यक्ति ने उसको मार दिया चाकू मारकर। हम तो सर ये हरकतें चल रही हैं इस वक्त आपके पास। इस वक्त अमेरिका भी सुरक्षित नहीं है। दुखद घटना। खैर।

क्या एबीसी डी क्या कह रहे है भाई? दिल्ली में इत्र की डिलीवरी हो जाएगा क्या साहिल भाई बताओ कृपया। हो जाएगा भाई, भारत में सारी जगह पे हो जाएगा लगभग। जमील खान साहब माइक चालू कर लें। जमील खान, जमील खान बताइए, आवाज आ रही है भाई साहब? सर आ रही है सर। मोमिन हैं आप? जी बिल्कुल। बताइए जरा पढ़कर सुना दें सर। देखिए मैं तो आधुनिक शिक्षा लेता हूं, दिल्ली में ही हूं। ठीक है। कोई मुश्किल नहीं। अतियात पढ़ दें, फिर आपका बात करेंगे सर। पहले अतियात सुना दें, उसके बाद आपका आधुनिक इस्लाम पे बात करेंगे। कोई मुश्किल नहीं। पहले अतियात सुना। नमाज़ पढ़ते हैं कि नहीं पढ़ते? नहीं नहीं, मैं नास्तिक हूं। पहले कभी पढ़ते थे? बचपन में अली बेटे से बस थोड़ा सा शिक्षा लिया था। उसके बाद मेरी रुचि नहीं रही। नमाज़ मतलब कभी जिंदगी में नमाज़ पढ़ी ही नहीं। बचपन में पढ़ाई किया था। पहले कुरान की कोई आयत दिखा दो साहब। कुरान पढ़ने आता है? नहीं नहीं, ये सब मैं नहीं पढ़ रहा हूं बस मानता हूं मैं। कैसे साबित होगा कि आप पहले मुसलमान थे? सपना जांच लो। नहीं, मैं तो पहले मानवता है, मानवता को मानता हूं उसके बाद।

चलिए, हम लोग यहां पे या तो मुसलमान या तो पूर्व मुस्लिम से बात करते। और पूर्व मुस्लिम भी वो पूर्व मुस्लिम से बात करते हो जो थोड़ा बहुत जो बुनियादी बातें होती है वो भी वो पालन करता हो। नमाज़ हो गया या कुछ मतलब उसको थोड़ी बहुत चीजें तो आती हो। आपको कि कुछ भी नहीं पता है, तो हम आपको मतलब इस चैनल पे जो है ना पूर्व मुस्लिम नहीं मान सकते। लेकिन आप होंगे पूर्व मुस्लिम, कोई बात नहीं। मुस्लिम परिवार में पैदा हुए होंगे तो बधाई हो। इस गंदगी से बाहर निकलने के लिए आप यूट्यूब से हमारी वीडियो देखें मेरे भाई। ठीक है प्यारे भाई। ठीक है ठीक है ठीक है।

फरहान खान साहब, यार एडमम साहब कल का क्या मामला है? हम लोग 4 घंटा पूरा करने वाले हैं। आपने कल का मामला ही नहीं बताया लोगों को कैसे पता चलेगा कल क्या विषय है, कैसे क्या करना है? सर, कल हम इस्लामी चरमपंथ और चरमपंथ के ऊपर बात करेंगे और सेंसरशिप पे बात करेंगे। हम थोड़ा सा अलग तरह का विषय होगा, क्योंकि दुनिया में जो हो रहा है, इसके लिए बड़ा बड़ा जरूरी है कि हम इसको सामान्य तौर पे भी चर्चा करें। कल थोड़ी सी सामान्य स्ट्रीम हो गई और चरमपंथ और इस्लामी चरमपंथी, इसके ऊपर जरा हम थोड़ी सी बातचीत करेंगे। हम यह बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि जो हाल की घटनाएँ हो रही हैं और जो आगे दुनिया जिस जगह पे जा रही है, यह बहुत आवश्यक है कि हम लोग तैयार हों कि आगे क्या आ रहा है। हम ठीक है, तो उसके ऊपर काम करते हैं सर। लोगों को बताना, अपनी कौम को तैयार करना बड़ा जरूरी है। क्या बात।

तो दोस्तों, आपने लिंक ऑलरेडी निर्धारित कर दिया है। बस सर, अभी कर रहा हूं मैं, अभी कर रहा हूं। दोस्तों, कल की स्ट्रीम स्ट्रीम जो है ना वो ज्ञानवर्धक होने वाली है। शैक्षिक स्ट्रीम होने वाली है। थोड़ा सा सामान्य विषय रहेगा, लेकिन महत्वपूर्ण विषय है। तो अभी एडमम साहब जो है वो स्ट्रीम निर्धारित कर देंगे और आप लोगों के सामने लिंक साझा कर दिया जाएगा। पहली फुर्सत में आपने जाके उस स्ट्रीम को पसंद करना है, ताकि कल की स्ट्रीम ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचे। तो कुछ सुपर चैट लेते हैं। मोमिन हजरात के अंदर डर का माहौल बना हुआ है। ताक्षर्य भाई कहते हैं, यह मूर्ख बना रहा है या यह खुद मूर्ख है? यार अगर आप अंतिम कॉलर की बात कर रहे हो तो देखो, मुझे पता है कि बहुत सारे मोमिन आजाद ऐसे जो नमाज़ नहीं पढ़ते। उनको कोई सूरह भी नहीं आता। बल्कि उनको कलमा भी पूछ लोगे तो शायद वो कलमा भी नहीं।

पढ़ पाए। तो हाँ, ऐसे बहुत सारे मोमिन हैं जो मौजूद हैं, जिन्हें कुछ नहीं आता है। लेकिन फिर भी वे मुस्लिम हैं क्योंकि उनका जन्म मुस्लिम परिवार में हुआ था। ठीक है? तो मैं इस बात से इनकार नहीं करता। हाँ। लेकिन इस चैनल पर, अगर हम आपको पूर्व-मुस्लिम नहीं मान सकते क्योंकि आपने कभी इस्लाम का पालन ही नहीं किया। बस इस वजह से आपके ऊपर मुसलमान का टैग लगा क्योंकि आप मुसलमान घर में पैदा हुए। तो होते हैं ऐसे लोग यार।

ट्रेंडिंग पनवेल ऑनलाइन शॉपिंग स्टोर, धन्यवाद! देवशीष रॉय कहते हैं, "साहिल, आसाम में चाहिए, कितना दिन लग जाएगा?" सर, 10 दिन पकड़ कर चलिए। और बंदा भाग गया, कहते हैं, "अच्छा, तो इस पर तो एडमम साहब ने रिएक्शन दे दिया है।"

सतीश यादव कहते हैं, "जिस धर्म में गुरुकुल परंपरा है, गुरुकुल में सबसे पहले ब्रह्मचर्य का ज्ञान दिया जाता है। गुरुकुल से पढ़ा हुआ व्यक्ति बाल विवाह कैसे कर सकता है?" धन्यवाद सर।

ट्रेंडिंग पनवेल ऑनलाइन शॉपिंग स्टोर कहते हैं, "मुस्लिम = के, यह कौन सा है?" यह अनमाजी है। स्मॉल अटैक, रॉक थ्रो, एंड विक्टिम कार्ड, स्पेशल अटैक, ब्लास्ट, सब बीच में, फिर स्नाइपर से या है ना बंदूक से गोली चलाना भी है।

तक्षरी भाई कहते हैं, "यार, दिल्ली वालों, महान काम करने वालों की मदद करो।" धन्यवाद।

शौकीन काफिर भाई, आशिक रसगुल्ला जो है, वह पधार चुके हैं। एंट्री हो चुकी है। कहते हैं, "लाल मिर्ची के साथ, आई एम बैक। आई हैव बीन वेरी बिजी। इट्स बीन अ वाइल दैट आई हैव बीन एबल टू जॉइन लाइव स्ट्रीम्स। बट आई वाच यू एडमम एंड अदर एक्स मुस्लिम्स लेटर। यू गाइज़ डोंट नो द वैल्यू ऑफ़ द वर्क। यू आर डूइंग। कीप अप द गुड वर्क।"

"रीड माय फुल नेम, रेस्पेक्ट।" हाँ, आपका पूरा नाम मैंने पढ़ लिया था, आशिक रसगुल्ला साहब। धन्यवाद! और वापस स्वागत है।

पायलट वाला की भी एंट्री हो चुकी है। पता नहीं पायलट वाला जो है, वह आसमान पर प्लेन उड़ाते-उड़ाते हमको मैसेज भेज रहे हैं, जो भी कनेक्शन उनको मिला हो, या फिर जमीन से भेज रहे हैं। कहते हैं, "एमके जी एन पी, ठीक है? प्लीज किसी और महापुरुष या महान आदमी को नोट पर मत डालो।" यह बात बिल्कुल सही है आपकी।

नीरज गौतम कहते हैं, "साहिल ब्रो, व्हाई यू वर इन हॉस्पिटल? इज एवरीथिंग फाइन?" सर, मैं सारी डिटेल्स आपको नहीं बता सकता, बट आई एम गोइंग थ्रू सर्टेन थिंग्स, तो इस वजह से रहना पड़ता है। आई एम रियली सॉरी, आई कैन नॉट शेयर एवरीथिंग।

संजय चौरसिया, धन्यवाद! मेंबर बनने के लिए।

ट्रेंडिंग पनवेल भाई कहते हैं, "स्टे सेफ, बोथ ऑफ यू।" धन्यवाद!

रेस्टफुल कहते हैं, "साहिल, आपने मनसेरा सिड्रेट बॉयज परफ्यूम ट्राई किया?" नहीं, मैंने नहीं किया हुआ है। मनसेरा का मेरे सामने सामने जो है ना, वह रेड टोबैको इंटेंस पड़ा हुआ है। ठीक है? इट्स अ स्वीट फ्रेगरेंस विथ टोबैको फ्लेवर। तो वो मेरे पास है। बट ये सिड्रेट बॉयज जो है, मैंने ट्राई नहीं किया हुआ है।

प्यारे भाई कहते हैं, "भा, मेरा बर्थडे है, 42 कंप्लीट। दोनों विश करने का।" लो भाई, एडमम साहब, आप मौजूद हैं। प्यारे भाई का बर्थडे है आज। 42 क्रॉस कर चुके हैं, 43 लग चुका है। तो विश कर देते हैं प्यारे भाई को। मेरे ख्याल से एडमम साहब यहां वहां हुए हैं। सर, यस सर, करते हैं सर। अरे, हैप्पी बर्थडे टू यू, यू। टू यू। हैप्पी, हैप्पी बर्थडे, प्यारे भाई। हैप्पी बर्थडे टू यू, यू, प्यारे भाई। हमेशा प्यारे भाई रहें, खुश रहें, आबाद रहें। जिंदगी में सारी खुशियां जो है, वह आपको मिले और खूब तरक्की करें आप, यही हमारी मनोकामना है। आप दोनों को विश करने बोला था, डराने नहीं।

हम तो ऐसे यार, जी को निकालो, ये बार-बार हम ही लगाई जा रही है क्योंकि बहुत दिनों से जुते लगा, डेढ़ साल से छुट्टी पर थे। आप दोनों की क्लास बहुत दिनों से नहीं लगी है ना? अभी कोई और मिल ना, जो जुते लगाने की सीधा हमें लगाई जा रही है। सॉरी, सॉरी।

"मैं पाकिस्तानी हूं।" जी भाई, तो हम क्या डांस करें? आप पाकिस्तानी हैं, तो या रोए या अफसोस करें, क्या करें?

"अनम्यूट कर ले।" हेलो। जी, जी भाई। क्या टॉपिक है आज का? सर, टॉपिक बता देंगे।

"आप मुसलमान हैं?" जी, अल्हम्दुलिल्लाह। अल्लाह रब का लाख लाख, अच्छा, लाख लाख शुक्र हो। अच्छा, क्या शुक्र है अल्लाह का? क्या शुक्र है इस बात में? लेकिन उससे पहले, चलो, अत पहले सुनाओ यार। भाई, कितनी दफा सुना दिया, लेकिन इंशाल्लाह, फिर बिस्मिल्लाह रहमानिर रहीम, अल्हम्दुलिल्लाह रब्बिल आलमीन, वसलातु वसल्लम अला नबीयिल करीम, रहमतुल्लाह बरकातह, अस्सलामु अलैकुम, या रसूल अल्लाह। अरे, बस, बस, बस, बस, बस, बस, बस। सब मुसलमान हैं या इस्लाम छोड़ दिया आपने? नहीं, मुसलमान वाला। अच्छा, यह बताओ, आपने कहा कि अल्लाह का शुक्र, लाख लाखों बार, क्या बोला था आपने? लाखों शुक्र अल्लाह का। लाख लाख शुक्र है। लाख लाख शुक्र है। तो क्यों? लाख लाख शुक्र है। स्वयं मुझे मुसलमान फैमिली में पैदा किया। और फिर इसी बात पे? तो भाई, यह तो अल्लाह की नाइंसाफी है ना कि आपको उठा के मुसलमान फैमिली में पैदा कर दिया? किसी को हिंदू के फैमिली में पैदा कर दिया? किसी को क्रिश्चियन में पैदा कर दिया? यह तो नाइंसाफी है। कैसे? हाँ जी। वह कैसे भाई? आप मुसलमान फैमिली में पैदा हुए, तो आपको इस्लाम मिला बचपन से। आपको दिमागी अपंगता मिली। अगर आप हिंदू फैमिली में होते, तो हो सकता है आप किसी मंदिर में घंटियां बजा रहे होते। आप अगर किसी क्रिश्चियन फैमिली में पैदा होते, तो हो सकता है कि आप जाकर चर्च में प्रेयर कर रहे होते। तो यह, यह तो नाइंसाफी है। तो इस बात का तो मैं भी आया हूं, सारा आपसे पूछने। हाँ जी। मैं इस बात का तो मैं आपसे मतलब जवाब लेने आया हूं कि जो बहुत अच्छे लोग हैं, यानी गैर मजहब के, दूसरे मजहब से ताल्लुक रखने वाले, हम और वो हिंदू मजहब में या क्रिश्चियन मजहब में या सिख मजहब में किसी भी मजहब में पैदा हो जाते हैं। लेकिन वो बहुत अच्छे होते हैं। तो कहां जाएंगे? कहां जाएंगे? अब जैसे कि मैं मुसलमान हूं, तो हम भी गलती भी, मतलब गुनाहगार सब कुछ है, लेकिन हमें उम्मीद है कि हम जन्नत में जाएंगे। तो वही तो मेरा सवाल था ना कि यह तो अल्लाह की नाइंसाफी है ना? आपको बचपन से, क्योंकि अल्लाह ने आपको मुसलमान घराने में पैदा हुआ। इस वजह से आपको यह जो दिमागी अपंगता है, यह आपको विरासत में मिली हुई है, जिसका आप शुक्र अदा कर रहे हो। तो जिसको अल्लाह ने विरासत में दिमागी अपंगता नहीं दिया, तो यह तो उसके साथ नाइंसाफी है ना? इसका तो जवाब दे दो पहले। यह अल्लाह नाइंसाफी क्यों करता है सबके साथ? या तो सबको मुसलमान के घराने में पैदा कर देता। सर, अगर सबको मुसलमान बना, मतलब जितना मेरे ज़हन में आता है कि अगर सबको मुसलमान पैदा कर, क्योंकि अल्लाह अगर अभी भी चाहे तो सब के, सबको मुसलमान बना देगा। लेकिन फिर तो क्यों नहीं चाहता अल्लाह मुसलमान बनाना सबको? तो इम्तिहान फिर कैसा होगा सर? तो लेकिन तुम्हारे साथ जो पहला इम्तिहान है कि तुमको खुद कोशिश करके मुसलमान बनना है। तो तुम्हारा तो पहला इम्तिहान अल्लाह ने लिया ही नहीं। यह तो नाइंसाफी है। तुम्हारे साथ नहीं ले रहा। हाँ, बाकियों के साथ ले रहा है। नहीं सर, मेरा इम्तिहान भी ले रहा है। क्यों नहीं ले रहा? कि मैं पांच टाइम, जो बुनियादी, यार, पांच टाइम नमाजी तो तब पढ़ोगे ना जब आपका अल्लाह पे ईमान होगा। आपका अल्लाह पे ईमान ही नहीं होगा। तो पांच टाइम नमाज आप कहां से पढ़ोगे? तो सेकेंडरी चीज है नमाज पढ़ना, रोजा रखना। सबसे पहली बात तो आपका ईमान है। तो आप यह जो नाइंसाफी अल्लाह कर रहा है, यह आपका अल्लाह नाइंसाफ क्यों है? आपको तो विरासत में दिमागी अपंगता दे दी। उसी वजह से मुसलमान है। जय भीम है। है ना? मानते हो ना इस बात को? लेकिन मतलब जैसे कि अभी, नहीं, नहीं, लेकिन बाद में करना, लेकिन बाद में करना। इस बात को तो मानते हो ना? मतलब सेंस बना रही है ना जो मैं कह रहा हूं? जी, बिल्कुल ऐसा ही है। लो भाई, एडमम साहब, फिर जब मान रहे भाई कि यह नाइंसाफी है, तो यार, फिर ऐसे नाइंसाफ अल्लाह को जो है, वह खुदा क्यों मानना? एडमम साहब, इनसे जरा पांच मिनट बात। जी, जी। हाँ जी। तो नाइंसाफ खुदा आपने मान लिया अपने खुदा को? तो ऐसे नाइंसाफ खुदा को छोड़ दे ना फिर? सर, मैं असल में बाहर रोड के ऊपर बैठा हूं, तो शोर की वजह से मैंने सुना नहीं। मैंने अल्लाह को बेइंसाफी नहीं माना है। माना है ना आपने? सर, देखें, अगर अल्लाह कुछ लोगों को मुसलमान नहीं घर में पैदा किया, कुछ लोगों को मुसलमान घर में पैदा किया है, तो जिनको को मुसलमान घर में नहीं पैदा किया, उनके साथ तो नाइंसाफी है। वो उसको दावत मिलती रहती है ना इस्लाम की तरफ। यार, देखिए, मेरा मतलब है, आपको भी तो दावत मिलती रहती है हिंदू बनने की, क्रिश्चियन बनने की। अगर वो क्रिश्चियन सही हुए, तो फिर इसका मतलब है कि आप भी गलत करने में पैदा हो गए हैं। फिर देखिए, बात यही है ना कि आपका अल्लाह इस चीज के ऊपर लोगों को जज करता है ना कि मुसलमान हो कि नहीं हो। तो अगर आपका अल्लाह इस चीज पर जज करता है, तो उसको हर किसी को इक्वल अपॉर्चुनिटी देनी चाहिए थी। उसने हर किसी को इक्वल अपॉर्चुनिटी नहीं दी है। फिर भी इस चीज पर जज कर रहा है, तो ना इंसाफ है। यहां तो इस चीज पर जज ना करता। यहां तो वो कहता, मैं लोगों को, लोगों के कामों की वजह से, अच्छे कामों को, लोगों को जन्नत में भेजूंगा। बुरे कामों वाले लोगों को जहन्नम में भेजूंगा। लेकिन वो तो यह कहता है कि जिसने शिर्क किया, वो जहन्नम में जाएगा। तो बात खत्म हो गई। तो फिर अगर इस चीज पर था, तो नाइंसाफ खुदा है। नहीं सर, अगर नाइंसाफ नहीं हो सकता, अगर है ना, आपने अब किया है। देखिए, क्या सब लोग मुसलमान पैदा हुए हैं मुसलमान घर में? जी? क्या सब लोग मुसलमान घर में पैदा होते हैं? नहीं, नहीं, नहीं सर। लेकिन जब वो पैदा हो जाता है, उस टाइम तो वो मुसलमान होता है ना? मतलब, जो भी होता है। लेकिन आप बात सुनो, बच्चों वाली बात कर रहे हो ना? तुम्हारे नबी ने भी बच्चों वाली बातें की थी ये वाली। जब बच्चा पैदा होता है, मुसलमान होता है। लेकिन जैसे ही बोलना शुरू करता है, मुसलमान नहीं रहता। तुम्हारे नबी ने कहा था भाई साहब। वो मुसलमान तो नहीं ना रहा। बचपन की कोई बात याद है जब आप अपनी मामा के दूध पीते थे, जब मामा अपनी कमीज उठा के आपको दूध पिलाती थी अपनी बॉडी से, तो क्या आपको याद है उनके थन कैसे मुझे चार साल पुरानी बातें नहीं याद। ठीक है ना? ओके। दैट इज द थिंग। तो जिस, जिस, जिस वक्त आपको यह नहीं याद आया कि आपकी मामा के थन कैसे थे, जब आप उनके थनों से मुंह लगा के दूध पीते थे, तो इसका मतलब है कि वो टाइम में आपके पास दिमाग नहीं होता। या दिमाग में होता है, लेकिन यानी के दिमाग की इंटेलेक्ट नहीं होती। इंटेलिजेंस नहीं होती कि आप जज ही कर सकें किसी चीज को। करेक्ट। राइट। तो इसका मतलब है, अगर उस टाइम पे अल्लाह ने क्लेम कर दिया है कि बच्चा पैदा होता है, तो मुसलमान ही पैदा होता है, तो भाई, वो फिर बीएस है ना, क्योंकि उसके पास तो इंटेलेक्ट ही नहीं है। वो अपनी मां के प्राइवेट पार्ट है ना, मां के जो थन होते हैं, प्राइवेट पार्ट होते हैं। उस प्राइवेट पार्ट पे मुंह लगा के पी रहा होता है। ठीक है? प्राइवेट ऐसा पार्ट है जो कि प्राइवेट रखना है। भाई, प्राइवेट पार्ट नहीं है। यह समझ गए आप जो मैं कहना चाह रहा हूं। तो वो उस पर मुंह लगा के शक कर रहा होता है। आप इस वक्त इतने बड़े हो चुके हैं। क्या इस वक्त आप अपनी वालिदा के उस पार्ट के ऊपर मुंह लगा के शक कर सकते हैं? सोच, कोई सोच सकता है ऐसा कोई? बेहतरीन हो गया। अच्छी बात है। आप और मैं बिल्कुल अलाइन हैं इस बात पे। इसका मतलब है, जिस टाइम में आप यह हरकत कर रहे थे, उस टाइम में आपके पास इंटेलेक्ट और ब्रेन की क्षमता नहीं थी इस चीज को समझने की। करेक्ट? ठीक है ना? तो अगर बच्चा मुसलमान पैदा हो, हिंदू पैदा हो, क्रिश्चियन पैदा हो, डजंट मैटर। व्हाट मैटर्स दिस कि जब वो एडल्ट हुआ, जब वो जरा बड़ा हुआ और सोचने समझने के काबिल हुआ, उस वक्त वो मुसलमान तो नहीं रहा। अगर हिंदू घर में पैदा हुआ, तो हिंदू है। तो आपका अल्लाह नाइंसाफी कर रहा है, क्योंकि हिंदू होने पर उसको जहन्नम में फेंकना। सर, आपकी बात बिल्कुल अपनी जगह पर ठीक है। लेकिन अगर एक मतलब गैर मजहब और बहुत अच्छा इंसान है। अच्छी जिंदगी उसने गुजारी है। तो मुझे अल्लाह पर इतना यकीन है कि शायद एक तो जन्नत का और का फैसला तो हम भी नहीं कर सकते। भी लेकिन कुरान कर दे। कुरान ने कर दिया हुआ है। आप कुरान के खिलाफ नहीं जा सकते। कुरान कहता है, "और वो जिनको तुम पूजते हो, और तुम दोनों जहन्नुम का ईंधन बनोगे।" तो कुरान ने क्लियर कर दिया। उसमें आपका फैसले की जरूरत नहीं है। या तो कहीं कुरान झूठ बोलता है। नहीं, नहीं सर, मैं वो बात नहीं कर रहा हूं। मैं यह कह रहा हूं कि अगर हमें क्या पता कि उस बंदे ने, नहीं, हमें पता है, यह कुरान ने कह दिया ना। या तो कुरान को झूठा कह दें, तो फिर तो मैं आपकी इस बात से एग्री कर सकता हूं। कुरान ने क्लियर कह दिया है, तुम शिर्क करते हो, तुम जहन्नम में जाओगे, इरिस्पेक्टिव के तुम कितने अच्छे बंदे हो, कितने नेक बंदे हो, शिर्क करते हो, तो जहन्नम में जाओगे। कुरान ने क्लियर क्लियर कह दिया है। अगर आप मुझे कहते हैं कि आप कुरान को नहीं मानते, तो मैं आपकी बात पर आगे चल सकता हूं, क्योंकि लॉजिकल यही लगती है कि भाई साहब, जो बंदा अच्छा है, उसको जन्नत जाना चाहिए। लॉजिकल बात यही है। मैं आपकी बात से एग्री करता हूं। लेकिन कुरान इसके खिलाफ कहता है। मैं कुरान के खिलाफ बात नहीं कर रहा हूं। कुरान में जो कहा गया, बिल्कुल सही। मेरी जो बात है, यह दोनों से अलग है। वो यह है कि एक गैर मजहब, बहुत अच्छा इंसान है। तो क्या पता कि अल्लाह रब्बुल इज्ज़त जानबूझकर के टाइम में उसको कलमा नसीब करें। तो इसका मतलब नहीं, वो देखो, बात सुनो, बात सुनो। यह देखो, बड़ी सिली बात आप कर रहे हैं। इसका मतलब है, इवेंचुअली जाएगा मुसलमान ही जन्नत में, राइट? ओके। तो भाई, फिर बात सिली, वही मैं कह रहा हूं कि एक बंदा जो के बहुत अच्छा है, सारी उम्र अच्छा रहा है, वो जन्नत नहीं जाएगा। हां, कोई बंदा अगर इस्लाम कबूल कर ले, कभी भी, कभी भी मरने से दो घंटे पहले कर ले, तो वो जन्नत जाएगा। तो भाई साहब, फिर अल्लाह ने नाइंसाफी की है ना लोगों को नॉन-मुस्लिम बना के। देखिए, आप सारी उम्र गुनाह करते रहते हैं। ठीक है? सारी उम्र, आप फिर भी जन्नत में जाएंगे। आप गुनाह करते रहेंगे। पहले जन्नत, पहले जहन्नुम में जाएंगे। अच्छे तरीके से सड़ेंगे। अब वो सब कुछ होगा, परेशान होगी। कोई दो चार, पांच, छह हजार, सात हजार साल जहन्नुम में सड़ेंगे। लेकिन फिर जन्नत में चले जाएंगे कभी ना कभी। लेकिन एक नॉन-मुस्लिम है, वो हमेशा जहन्नुम में सड़ेगा। भाई, उस, उसको कर्मों की सजा के अलावा हमेशा हमेशा इस तरह की सजा मिलेगी कि वो इस्लाम कबूल नहीं किया था। तो भाई, वो फिर उसे मुसलमान पैदा करते। फिर अगर अल्लाह ने जज करना था, तो हर किसी को मुसलमान घर में पैदा करते। नॉन-मुस्लिम घर में कोई बच्चा ही ना होता। और फिर वो इस्लाम छोड़ देता, तो फिर आप सजा दे देते। उल्टा है। इस, ऐसे नाइंसाफ खुदा को आप क्यों मान रहे हैं? खुदा खुदा है सर। आप उसको ना माने। किसको मान रहे हैं? नाइंसाफ है ना? तो इसका मतलब है, खुदा ही सही खुदा नहीं है। यू हैव टू फिगर आउट अ बेटर गॉड। आपको यह अच्छा खुदा ढूंढना चाहिए। यह खुदा तो अच्छा नहीं है। इसका मतलब है। देखिए, आप, आप अपनी लॉजिक से बता सकते हैं कि यह खुदा अच्छा खुदा नहीं है। यह सही खुदा नहीं हो सकता। झूठा खुदा है। आपको इसको छोड़ना पड़ेगा। पहले देख लेते हैं ना कि पीछे क्या कुछ है। ऐसी बातें देख तो लिया है। ये देखिए, देख तो आपने ली है। इसके अलावा भी बहुत सारी बुरी बुरी बातें हैं। लेकिन देख आपने लिया है। यह बड़ा बुरा लग रहा है। इसको भी देखना पड़ेगा। एक दफा तो साहिल भाई ने कुछ दिखाया था एक हदीस, उसकी वजह से काफी मार पड़ी थी। चलो, हदीस की वजह से काफी मार पड़ी है आपको। ये ले, मैं भी दिखा देता हूं। ये ले, फिर ये कुरान की वजह से भी काफी मार खा के आए, जरा थोड़ी सी। ये देखिए, आपका कुरान कहता है, "बेशक जिसको तुम पूजते हो, अल्लाह के सिवा, वो और तुम, दोनों जहन्नुम का ईंधन बनोगे।" कुरान चैप्टर नंबर 21, आयत नंबर 98। यकीनन तुम लोग और जिन्हें तुम अल्लाह के सिवा पूजते हो, सब जहन्नुम का ईंधन बनोगे। अब मैं यहां पे आपको बड़ी मजेदार गेम बताऊं। ये आयत आपके नबी ने दे दी। ठीक है? जब ये आयत आपके नबी ने दी ना, तो यहूदी आ गए आपके नबी के पास। यहूदी ने कहा, "हा जीत गए। मोहम्मद, तुम फंस गए हो। देखो, तुमने यह आयत दे दी है। इस हिसाब से ईसा इब्ने मरियम को क्रिश्चियन पूज रहे हैं। लिहाजा, ईसा इब्ने मरियम भी जहन्नुम में होगा।" अब तुम्हारा जो नबी है ना, अब उस, उसको गेम बनानी थी। उस, आपके नबी ने गेम पता है क्या बनाई? कुरान में नहीं लिखा हुआ। आपके नबी ने गेम बनाई। उसने कहा, "नहीं, नहीं, ईसा ने खुद नहीं कहा था मुझे पूजो।" भाई, कुरान की आयत ये नहीं कह रही कि जिसको तुम पूजते हो, अल्लाह के सिवा, जिसने कहा हो मुझे पूजो। राइट? कुरान कहत ये नहीं कह रही। लेकिन जब यहूदियों ने मोहम्मद को कॉर्नर कर दिया और अल्लाह को गलत साबित कर दिया कि अल्लाह इलॉजिकल बातें करता है, तो फिर मोहम्मद ने जवाब में कहा, "नहीं, नहीं, ईसा इब्ने मरियम ने नहीं कहा था कि मुझे पूछो। तुम लोग बिला वजह उसे पूछते हो, इस वजह से।" तो भाई साहब, देखिए, बात ये है कि ये तो बड़ी गलत चीज बोल दी हुई है और मोहम्मद फंस गया था। लेकिन बात यही है कि बातों-बातों में बड़ा चालाक था आपका नबी। तो भाई साहब, आप पहले भी फंसे, आज भी मार खाएंगे इसी बात पे कि भाई, कुरान में तो ये ईसा इब्ने मरियम भी जहन्नुम जाएगा और उजाई भी जहन्नुम जाएगा। अच्छा सर, वैसे भी आपने स्क्रीन खोली है, तो सूरतुल बकरा का आयत नंबर 109 जरा दिखा सकते हो? सूरह बकरा का आयत नंबर 109 भी दिखा देंगे। लेकिन उसका कोई ताल्लुक नहीं है उसके साथ। मैं दिखा देता हूं। ये लो, वापस दोबारा इसी टॉपिक पे आएंगे। अहले किताब में बहुत सारे लोग, बहुत से लोग ये चाहते हैं कि किसी तरह तुम ठेर कर तुम्हारे ईमान के बाद तुम्हें काफिर बना लें। बस सबब इनके दिली हसद के, इसके बाद इन पर हक बिल्कुल वाज़ हो चुका है। तो ए मुसलमान, तुम माफ करते हो, सिर्फ इस नज़र से कि अल्लाह अपना फैसला ले आए। यकीनन, तो ये यही है कि अहले किताब से जब मोहम्मद डिस्कशन कर रहा था, तो कहते थे कि मोहम्मद, तू झूठा नबी है। ठीक है? और जो लोग इस्लाम कबूल करते थे, कहते थे, "हेलो, हाँ जी, मेरी आवाज तक चली गई थी। कहां तक सुना आपने मेरी बात? कहां तक आपने मेरी बात सुनी?" यही तक पहली, "बहुत से लोग ये चाहे कि किसी तरह तुम्हें फिर के तुम्हारा ईमान के बाद तुम्हें काफिर बना दे। और बस अब इसके कि वो हसद करते हैं।" ठीक है? नाउ द प्रॉब्लम इसके, फिर सेम बात तो मैं तुम्हारे बारे में भी कह सकता हूं। क्योंकि देखो, अल्लाह ने कोई ऐसी बात नहीं की जो के किसी भी तरीके से लॉजिकली फिट बैठती हो। फिर इसी तरह से मुसलमानों के बारे में मैं कह सकता हूं। लो जी, मैं अहले किताब में से हूं। ठीक है? और मैं मुसलमानों की कहता हूं कि यार, मुसलमान जो है और मोहम्मद जो है, वह अपने हसद की वजह से और तुम लोगों को असल दीन से फेरने की कोशिश करता है और तुम्हें काफिर बनाने की कोशिश कर रहा है। लो जी, मैंने भी सेम बात कह दी। तो बात ये है कि भाई साहब, वहां पे जो क्रिश्चियन और यहूदी लोगों को जब आप मुसलमान बनाने की कोशिश कर रहे थे, तो कह रहे थे, यार, ये झूठा नबी है। तो अल्लाह ने आयत दे दी। इसमें कौन सी रॉकेट साइंस है? यह तो कोई भी कह सकता है। यह तो आपके बारे में भी फिट बैठती है। कोई लॉजिक ही नहीं है इस बात में। आर्गुमेंट कहां है? एविडेंस कहां है? प्रूफ कहां है? कि अल्लाह ही सच्चा खुदा है। इसका एविडेंस कहां है? सर, अभी अल्लाह मतलब, ये तो अब दो हो गए ना कि अभी हम बात कर रहे हैं यहां नबी करीम का। तो अगर अल्लाह ही नहीं है, तो फिर कुरान का तो कोई पता नहीं। सर, मैं तो कहता हूं।

कि अल्लाह जो है, वह झूठा खुदा है। ये सारी बकवास मोहम्मद और उसके बाद के लोगों ने लिखी है, जिसे आप कुरान कहते हैं। सबूत कहाँ है? सबूत कहाँ है? देखो, हसद (ईर्ष्या) कहाँ से आ गया बीच में? अच्छा, मैं एक बात बताऊँ, हसद किस चीज़ से होता है? आपके पास कौन सा फ़ोन है? वीवो, वीवो। अगर मेरे पास वह सैमसंग का फ़ोन, टॉप नॉच कौन सा चल रहा है आजकल? एस23, 24 कौन सा जा रहा है? 25, जो भी है, मेरे पास मान लीजिए एस30 है। मुझे नहीं पता आजकल कौन सा चल रहा है। खैर, तो आप मुझसे हसद कर सकते हैं कि यार, एडमम के पास सैमसंग का नया फ़ोन है एस30 प्रो मैक्स, ठीक है, तो आपका हसद बनता है। लेकिन अगर आपके पास है एस20 प्रो मैक्स और मेरे पास है सैमसंग का ए06 पुराने वाला, फिर आप मुझसे हसद करेंगे? नहीं करेंगे, क्योंकि आपके पास मुझसे अच्छा फ़ोन है। आप कभी हसद ही नहीं कर सकते, यार, मेरे एडमम के पास तो इतना सस्ता सा फ़ोन है, तो आप मुझसे हसद कर ही नहीं सकेंगे।

अगर, अगर क्रिश्चियन क्यों हसद करेंगे कि भाई साहब, जब उनके पास एक अच्छा दीन है, वे मानते हैं कि उनके पास एक अच्छा दीन है। वे आपसे हसद क्यों करेंगे? उनको पता है कि तुम्हारे दीन में खराबियाँ हैं, गलतियाँ हैं, बलात्कार है, बाल यौन शोषण है, महिलाओं का शोषण है, महिलाओं का बलात्कार है, डाके डालना है, सब कुछ है। वे क्यों हसद करेंगे आपके दीन से? लेकिन ईर्ष्या अच्छी चीज़ से होती है, बुरी चीज़ से नहीं। इससे भी कर सकते हैं कि अब जैसे कि पहले अहले किताब हों, यह जितना कुछ इस्लाम पर इल्ज़ाम लगते हैं कि नबी करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने बच्चों को मारा, यह किया, वह किया, उससे कई ज़्यादा तो क्रिश्चियन मज़हब ने किया है।

नहीं सर, यह तो आपका दावा है ना। देखिए, क्रिश्चियन लोगों ने अगर कुछ किया भी है, तो वह लोगों ने किया है। हम तो उनको गालियाँ दे सकते हैं। मेरे साथ दे दें। आइए मिलकर कहते हैं, हर वह क्रिश्चियन बंदा जिसने बच्चों का क़त्ल किया, ज़लील किया, उनको मारा, ख़ार किया, वह एक बेग़ैरत क्रिश्चियन है। अच्छा, क्या आप यह कह सकते हैं मुसलमानों के बारे में? क्योंकि आपके नबी ने और आपके सहाबियों ने क़त्ल किए हुए हैं। मैं अभी आपको दिखा देता हूँ। क्या आप मुसलमानों के बारे में यह बात कह सकते हैं? क्योंकि मैं आपको अभी हदीसें दिखाऊँगा कि आपके नबी ने क़त्ल किया बच्चों का।

नबी करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के अलावा मैं हर किसी पर कर सकता हूँ। नहीं, तो फिर नबी पर भी करना पड़ेगा ना, क्योंकि नबी ने कहा है कि जाओ, करो। यह देखें, आपके नबी को सही मुस्लिम की हदीस है कि आपके नबी को लोगों ने कहा कि हम जब जा रहे होते हैं तो रात को नाइट रेड में, ठीक है, तो यह देखें, आपके नबी को बताया गया, "वी किल द चिल्ड्रन ऑफ पॉलिथीस्ट्स ड्यूरिंग द नाइट रेड।" (हम जब रात के छापे में जाते हैं, आपके कहने पर, तो हम बहुदेववादियों के बच्चों को भी मार देते हैं।) और नबी ने कहा, "कोई बात नहीं, दे आर फ्रॉम देम।" वे तो उन्हीं में से हैं। कोई बात नहीं, मार दो। सही मुस्लिम की हदीस भी है। और आगे सही मुस्लिम की हदीस है, "वुमेन एंड चिल्ड्रन।" यह देखिए, "वी, व्हेन आस्क्ड अबाउट द वुमेन एंड चिल्ड्रन ऑफ़ द पॉलिथीस्ट्स बीइंग किल्ड ड्यूरिंग द नाइट रेड, ही सेड, 'दे आर फ्रॉम देम।'" (जब बहुदेववादियों की महिलाओं और बच्चों को रात के छापे में मारे जाने के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, 'वे उन्हीं में से हैं।') भाई साहब, मैं तो कह सकता हूँ यह बात।

अगर (किसी) ने किया है, एक क्रिश्चियन ने किया, हज़ार क्रिश्चियन ने किया है। मैं तो उन्हें कह सकता हूँ कि इंतहाई बुरे इंसान थे। कह दें ऐसा, वहाबियों ने बस क्योंकि नबी के कहने (पर), मोहम्मद भी जहन्नमी है। जी मेरे प्यारे भाई, जी भाई, मैं अभी इजाज़त चाहूँगा, अभी नहीं बता (पाऊँगा), इंशाल्लाह। यार, यह क्या बात हुई कि आप अपनी बात से फिर भाग रहे हैं? यार, आप बात करके... यार, मैं आता रहता हूँ, मेरा साहिल भाई, एडमम भाई से बात होती रहती है। मैं एडमम भाई बात कर रहा हूँ। यार, एडमम भैया, आपकी आवाज़ को क्या हुआ? सर, छोड़ें मेरी आवाज़ को क्या हुआ। लेकिन मैं एडमम भाई बात कर रहा हूँ और कौन बात कर रहा हूँ इतनी देर से आपसे? अच्छा, पता नहीं, मुझे आवाज़ थोड़ा सा बदली हुई लग रही थी, इसलिए। यार, यह देखो ना, यह फिर आप भागे तो नहीं ना? जाए तो नहीं ना? अभी आपसे बात की है। आपको डेटा दिखाया है। आपके तर्कों पर बात की है, तो बताएँ ना कि यार, यह फिर ग़लत बात है। अभी आपका अल्लाह बेइंसाफ़ साबित हुआ। उसके बाद आपके नबी का... (कोई और बोल रहा है) से बात करके लग रहा... से बात करके बोल रहा है कि मैं एडमम से बात करता हूँ। साहिल और एडमम से बात करता हूँ। यार साहिल, देख ले यार, आजकल यह वक़्त आ गया, हम शरीफ़ क्या हुए, लोग हमारी आवाज़ ही पहचानने से इनकार (कर रहे हैं), बदमाश होते जा रहे हैं। मैं यह सोच रही हूँ कि आप, क्योंकि आपको आवाज़ में मुझे वैसे थोड़ा सा लगा कि शायद यह कोई और भाई है। साहिल भाई को तो मैंने पहचान लिया। बाकी फिर अगर थोड़ी देर बाद आता हूँ वापस में। अभी इस टाइम बाहर होटल में बैठा हूँ, इसलिए। सर, होटल में देख ना, होटल में फँस गए आप बहुत बुरे तरीक़े से। देखता हूँ अगर कोई निकलने का रास्ता है तो मैं निकाल दूँगा। अगर नहीं है, आप ख़ुद निकल जाएँ भाई इस इस्लाम से। नहीं सर, चीज़ों से निकलने का रास्ता नहीं है। पूरे इस्लाम से निकलने का रास्ता है। सर, अगर पहले तो देखेंगे अगर इससे निकलने का रास्ता है तो फिर निकाल... नहीं, निकलने का रास्ता आ गया। आपके नबी ने लोगों को क़त्ल किया और उनकी औरतों को पकड़ के ग़ुलाम बनाया। आपके नबी बिल्कुल हलाकू ख़ान और चंगेज़ ख़ान की तरह थे। फ़र्क़ सिर्फ़ यह था कि आपके नबी ने अल्लाह के नाम पर सारा कुछ किया। हलाकू ख़ान ने, चंगेज़ ख़ान ने अपने देश के नाम पर यह सारा कुछ किया। इसके अलावा तो फ़र्क़ नहीं है। ठीक, माज़रत के साथ कहता हूँ भाई, मैं देखता हूँ अगर इस फँसने के पास तो मैं गया हुआ कि मैं मानता हूँ, लेकिन अगर निकलने का कोई रास्ता होगा तो मैं निकल जाऊँगा, नहीं तो फिर मैं आपके साथ स्वीकार करने के लिए तैयार हो जाऊँगा। चलो, बेहतरीन हो गया। चलो, ठीक है। फिर कल आओगे? कल एडमम साहब की लाइव स्ट्रीम में आओगे, पता करके, सोच समझ के? सर, मैं रोज़ आता हूँ। आप लोगों को सुनता हूँ। आज वैसे दिल एडमम भाई की याद आ रही थी तो मैंने कहा चलो आ (जाऊँ)। अरे, चलो समझना नहीं है ना। सुनने के साथ समझना भी है उसको। जी जी, अब मैं इस पर कल फ़िक्र करूँगा, इंशाल्लाह। ठीक है। कल एडमम साहब की स्ट्रीम में आपने ज़रूर आना है। ओके। चलिए यार, अच्छा भाई है। मतलब बेजा जो है ना, वह बचाव करने की कोशिश नहीं कर रहा है। भाई कह रहा है कि ठीक है, मुझे सोचना पड़ेगा। तो हम इसका इंतज़ार करेंगे। पहले भी यह होमवर्क ले गए हुए, दो दफ़ा मेरे चैनल से भी। तो लेकिन ऐसा नहीं हो, मैं कोई ऐसा नहीं हूँ भाई, कि हर बार सिर्फ़ होमवर्क लेते जाएँ। ऐसा नहीं होना चाहिए। कुछ फ़ैसला भी होना चाहिए। चल ठीक है, एडमम भाई, साहिल भाई, मुझे इजाज़त दे दें। इंशाल्लाह कल मैं ज़रूर आऊँगा, इंशाल्लाह, लाज़मी। चलिए, थैंक यू सो मच। ठीक।

ओ मेरे मोमिन भाइयों, मेरे दोस्त अहबाब। अरे मोमिनों, आप लोग अगर अल्लाह को सच्चा, अच्छा साबित नहीं कर पाए तो कौन कर पाएगा? अल्लाह तो ख़ुद आएगा नहीं स्ट्रीम में। एडमम साहब, अल्लाह के पास तो इतना भी शक्ति नहीं है कि वह स्ट्रीम में आकर हमारी बातों का जवाब दे सके। ख़ुद का बचाव कर सके। आय हाय हाय हाय, वाह भाई वाह।

अच्छा, एडमम साहब, एक शायद आपको याद होगा कि एक्स मुस्लिम यास्मीन है और काफ़ी अच्छा काम करती है। मतलब अच्छे से बहस-मुबाहिसा काफ़ी अच्छे से करती है। हमने रिस्पॉन्स, अपना क्या कहते हैं उसको, रिएक्शन वीडियो बनाया था और काफ़ी ज़्यादा उसके व्यूज़ आए हैं। तो ज़द खोटा पटेल साहब जो हैं ना, उस पर एक रिस्पॉन्स वीडियो उन्होंने बनाया। हालाँकि, इससे पहले मैंने बोला कि यार, रिस्पॉन्स वीडियो खेलने के बजाय यार, आ जाओ ना स्ट्रीम पर आ जाओ। जो आपने 38 मिनट्स लगाए आपको वह टॉपिक कवर करने के लिए, वही सारे मुद्दे लेकर आ जाओ ना। सर, मुद्दा क्या है तो नहीं है उसके, उसमें है ही कुछ नहीं। उसने सारा मुद्दा तो बता दिया था कि मोहम्मद ने शौचालय नहीं बनाया उस 38 मिनट में। अगर मोहम्मद ने शौचालय बनाया तो दिखा दे, वरना उसमें से कुछ दिखाने की ज़रूरत नहीं है। बाक़ी सारे तर्क तो ख़त्म हो गए। (वह) बोल रहा है कि कुरान में कोई प्लंबर की तो किताब तो है नहीं, तो टॉयलेट बनाने का वह मिलेगा। अच्छा, उसमें मैं लेकिन आपकी मौजूदगी में दो महत्वपूर्ण बिंदु रखना चाहता हूँ, क्योंकि यह कौन सा है यार, वह अबू हग, अबू हग जो है, मेरे को वह वीडियो का लिंक व्हाट्सएप पर भेजता है, तो मैंने उसको सिर्फ़ इतना लिखा, "हाँ, अबू ज़हर क्या है, वह अबू हग है वह।" तो मैंने सिर्फ़ उसको इतना लिखा कि "डैमेज कंट्रोल कर रहा है" और स्माइली भेजी। यह तो सिर्फ़ एक डैमेज कंट्रोल है।

तो अब बात अगर आप देखें, वह वीडियो ले आना ज़रा। नूरानी घोंचू, अबूज़र घोंचू को तो कुछ है ही नहीं। उसके घर में घुस के उसको पेला था, भाग गया था वह। अबूज़र घोंचू ने क्या करना है, घोंचू रहा। उसकी तो इतनी हिम्मत भी नहीं है कि वह लाइव डिबेट कर सके। मैंने तो बाक़ायदा व्हाट्सएप का स्क्रीनशॉट बताया हुआ है कि, यू नो, "ही वास नॉट रेडी टू कम टू हैव अ डिबेट ऑन द कॉन्सेप्ट ऑफ़ अल्लाह।" (वह अल्लाह की अवधारणा पर बहस करने के लिए तैयार नहीं था।) हालाँकि, मैंने यह तक कह दिया था एडमम साहब, "छोड़ यार, तू चैनल पर मत आ।" "लेट्स हैव अ डिस्कशन ऑन कॉल।" (चलो, कॉल पर बात करते हैं।) तू रिकॉर्ड कर ले। मैं भी रिकॉर्ड कर लेता हूँ। तू अपने चैनल पर डाल दे। मैं अपने चैनल पर डाल देता हूँ। अब इससे ज़्यादा नरमी जो है, इनको कौन देगा, एडमम साहब? लेकिन इतनी नरमी तो इनका फिर आप तो अल्लाह से भी ऊँचे हो गए हो कह के।

देखो, मैंने इतनी नरमी दी उसको कि चल यार, चलो तुम लोग चैनल पर आना नहीं चाहते हो। यार, मोबाइल पर बात कर लेते, कॉल पर बात कर लेते, कर ले रिकॉर्ड, डाल दे। लेकिन उसके बस की बात ही नहीं है। वह रिस्पॉन्स-रिस्पॉन्स वीडियो उसको खेलने का शौक़ है, क्योंकि हिम्मत नहीं है। मालूम है, लाइव ज़लील होगा, बेइज़्ज़ती होगी। अच्छा, अब इसमें यह जो पूरा 38 मिनट्स इसमें डाला है, इसमें मैं सिर्फ़ दो महत्वपूर्ण बिंदु बताना चाहूँगा, जो कि इसके पूरे 38 मिनट्स या जितने भी मिनट्स का वीडियो है, वह पूरा तबाह और बर्बाद हो जाएगा, आएगा। आय हाय हाय हाय हाय हाय। सर, दो पॉइंट्स हैं। सारे पॉइंट्स वैसे भी आपने बता दिए थे। इनमें ही जाता है। पूरा पूरा 30 बर्बाद हो जाएगा। ओए होए होए होए होए।

अच्छा, कहता है कि एक हदीस बताता है जिसमें रसूलल्लाह जो हैं, वह कहते हैं कि भाई, टॉयलेट में जाने से पहले आपने टॉयलेट की दुआ पढ़नी है। ठीक है? फिर वहाँ पर टॉयलेट का जो भी अरबी लफ़्ज़ है, फिर वह अ मुद्दिस से या फिर जो कमेंट्री करते हैं। हाँ, यह देखिए, "व्हेन द मैसेंजर ऑफ़ अल्लाह एंटर्ड दी लेबोरेटरी, ही यूज़्ड टू से, 'ओ अल्लाह, आई सी रेफ़्यूज इन दी फ्रॉम विकेट एंड नॉक्सियस थिंग्स।'" (जब अल्लाह के पैगंबर शौचालय में प्रवेश करते थे, तो वह कहते थे, 'हे अल्लाह, मैं तुझसे दुष्ट और हानिकारक चीज़ों से पनाह माँगता हूँ।') मतलब वही वाली हदीस है, अल्लाह इन... क्या यार, इतने दिन के बाद मेरे को याद भी नहीं, "अल्लाहुम्मा इन्नी खुबू खबा..." रुको, अच्छा इसमें है ना, "अन रसूलल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम हाँ, अल्लाह इन्नी औज़ुबिका का, ठीक है, अल्लाह इन्नी काल खुबसी व ख़स।" ठीक है? यह जब हम मोमिन थे तो हम यह दुआ पढ़ के जाते थे, क्योंकि हमको डर रहता था कि हम अगर बिना दुआ पढ़े अगर जाएँगे तो वहाँ पर जो खुबूसी व ख़वाइस हैं, जो मर्द शैतान या फीमेल शैतान हैं, वह हम पर हमला कर देगा, ठीक है, क्योंकि गंदगी में खुबूसी ख़बास जो हैं, वह रहते हैं। ठीक है? तो हम भी जब दिमाग़ी अपंग थे तो यह बिल्कुल यह दुआ जो है, पढ़ के जाते थे। बायाँ पाँव जो है, अंदर पहले दाख़िल करते थे। निकलने के टाइम पर दायाँ पाँव दाख़िल करते थे।

तो इसने कहा कि भाई, यहाँ पर जो 'कनीफ़' शब्द है, वह उससे मुराद जो है, वह टॉयलेट होता है, फ़लाना होता है, ढिमकाना होता है। ठीक है? और भी एक-आध हदीस बताकर उसकी व्याख्या उसने बताई हुई है। मेरा सिर्फ़ दो सवाल हैं। ठीक है? मुझे बताइए कि अगर उनके पास टॉयलेट था, जैसे कि आप बताने की कोशिश कर रहे हो। मुझे बताइए कि कौन सा ग़ैरतमंद इंसान जिसके घर में टॉयलेट हो, वह रात को अपनी बीवियों को मैदान में जाकर शौच करने के लिए भेजेगा? हाय हाय हाय हाय हाय हाय हाय हाय, सकीना, हाय सकीना, हाय सकी, हग हग हग, एडमम साहब, हग हग हग हग हग। मीठा-मीठा है मेरे मोहम्मद का नाम, मीठा-मीठा था मेरे मोहम्मद का नाम, उन पर लाखों टॉयलेट टॉयलेट टॉयलेट।

अच्छा तो एडमम साहब, मुझे बताइए ना, आप बताइए, क्योंकि यह इनकी बस की बात तो नहीं है कि जिसके घर पर टॉयलेट हो, जैसे कि बताने की कोशिश कर रहा है, कौन, कौन ग़ैरतमंद इंसान टॉयलेट होते हुए औरतों को मैदान में जाकर बोलेगा कि यार, जाओ रात में, वह भी रात में? अच्छा, वह वह रात है, वह टाइम पर कोई बिजली, कोई स्ट्रीट लाइट नहीं हुआ करती थी, जी जी जी। तो रात के टाइम पर जो है, वह औरतों को अपनी बीवियों को भेजेगा कि ठीक है, घर पर टॉयलेट है, कोई बात नहीं, तुमको हो सकता है कि आपस में बात करना होगा, फीमेल डिस्कशन सर, तो मैं घर पर तुम लोगों को अनुमति नहीं दे सकता। एक काम करो, साथ में बैठ के शौच करते-करते जो है ना, वह सारी यहाँ-वहाँ इसकी-उसकी सारी बातें, फीमेल टॉक कर लो।

सही, सही सर, समस्या पता है क्या? इसका जवाब मैं थोड़ा सा दे दूँ ज़रा, आपने तो जी अच्छे तरीक़े से सत्यानाश कर दिया। मैं आपको इसका जवाब दे देता हूँ। सर जी, "इट डज़ नॉट एक्सप्लिसिटली मीन्स टॉयलेट।" (इसका स्पष्ट रूप से मतलब टॉयलेट नहीं है।) नंबर वन। यह एक बड़ा व्यापक शब्द है जिसको बाद में टॉयलेट के ऊपर ले आया गया, क्योंकि आजकल की बोलचाल में इसको टॉयलेट कहा जा सकता है। "दैट इज़ करेंटली" (यानी वर्तमान में) आजकल की बोलचाल में अगर आप सामान्य रूप से देखें तो इसमें 'यारार्ड' को भी कहा जाता है। "एरिया फॉर एनिमल" (जानवरों के लिए जगह) जहाँ पर आप अपने जानवर रखते हैं। वे पोटियाँ-शोटियाँ करते हैं, उसको भी कहा जाता है। जहाँ पर अपने मवेशी रखते हैं, उसको भी कहा जाता है। एक ऐसी बंद जगह को भी कहा जा सकता है। अब समस्या यह है कि जब आप इसको सामान्य शब्द में लेना शुरू करेंगे आजकल के ज़माने में, तो "यस, अपेरेंटली इट लुक्स लाइक द सेम थिंग।" (हाँ, स्पष्ट रूप से यह वही चीज़ लगती है।) ठीक है? लेकिन यह एक ऐसे जैसे जिस तरह 'बार्न' होता है, उसको भी कहा जा सकता है। ठीक है? "सो ऑन एंड सो फोर्थ।" (और इसी तरह आगे भी।) और यह मैं अपने पास से नहीं कह रहा। मैं आपको इसका प्रमाण दे देता हूँ। मैं अलमानी में गया हूँ और आपके लिए प्रमाण भी ले आता हूँ। रुक जाइए। मैं इसलिए कह रहा था, क्या बात है, यह देखिए, क्या बात है, यह साहब अलमानी आ गई आपके पास। अगर आप इसको पढ़ें, यह देखिए, यह बताता है इस "इनक्लोजर" (घेरा), एक ऐसी चीज़ जो कि थोड़ी सी बंद होती है, "फोल्ड, यारार्ड, स्टॉकेड, कोट, पेन, एरिया फॉर एनिमल्स, लैंड फॉर कीपिंग कैटल्स।" (बाड़ा, अहाता, घेरा, कोट, बाड़ा, जानवरों के लिए जगह, मवेशी रखने के लिए ज़मीन।) अब आजकल में अगर आप ख़ास तरीक़े से देखेंगे तो "वॉटर क्लोजेट" भी आ गया, "बाथरूम" भी आ गया, बाथरूम ने दो बार लिख दिया हुआ है, "क्लॉक रूम" भी आ गया। कपड़े बदलने की जगह, "लैट्रिन" भी आ गया, "लेबोरेटरी" भी आ गया, "द टॉयलेट" भी आ गया और "वॉशिंग रूम" भी आ गया जहाँ पर आप स्नान करते हैं। ओके? "नाउ द होल आइडिया इज़" (अब पूरा विचार यह है) कि यार, वक़्त के साथ-साथ आप चीज़ों को विशिष्ट करते जाते हैं।

देखिए, यह जब करने की कोशिश करते हैं, ये ये जो हरामख़ोर हैं सारी नस्लें। जलेबी बनाने की कोशिश करते हैं। तो इस तरह से मुसलमानों को गुमराह करना बहुत आसान होता है, क्योंकि उन्होंने एक से ऊपर कोई चीज़ को देखना ही नहीं होता, पढ़ना ही नहीं होता, जानना ही... वे सुभान अल्लाह, माशाल्लाह करते (रहते हैं)। हाँ, सुभान अल्लाह, माशाल्लाह। तो आप ख़ुद ही आपने पहले तार्किक रूप से समझा दिया उसको बड़े अच्छे तरीक़े से कि अगर बाथरूम था तो लड़कियाँ जो हैं, खुले में जाकर क्या शौच कर रही थीं? तो बाथरूम नहीं था। देखिए, बाथरूम नहीं था। बंद जगह थी, क्योंकि हमने यह भी देखा है कि नबी जो हैं, वह छत पर जाकर, हफ़्ज़ा की छत पर जाकर, दो (ईंटों) के छत के ऊपर शौच करते थे। छत पर शौच, यह मेरा दूसरा बिंदु था, एडमम साहब, जो आपने बता दिया। यह यही मेरा दूसरा बिंदु था और फिर तीसरा बिंदु मेरा यही आने वाला था कि वहाँ पर टॉयलेट से मतलब वह टॉयलेट नहीं है जिसकी हम बात कर रहे हैं। लेकिन आपने सारे पत्ते पहले ही खोल दिए। सॉरी सर, सॉरी, वह मैं मैं एक सिंगल भूमिका में चल रहा था। "आई एम सो सॉरी अबाउट दैट।" (मुझे उसके लिए बहुत अफ़सोस है।)

तो देखिए, क्योंकि यहाँ पर उसकी एक जगह बनी हुई है ना, घेरा। बाड़ा, अहाता। अब अहाते की बजाय छत ले लें आप। अहाता कहता है खुला इलाका, राइट, खुली जगह, ठीक है। और अहाता अब मोहम्मद के लिए अहाता क्या है? छत। वह छत में जाकर दो ईंटें रख के फिर शौच कर लेता था, बाद में किसी को उठानी पड़ती थी वहाँ से। "द आइडिया इज़ वेरी सिंपल" (विचार बहुत सीधा है) कि बाथरूम नहीं था और औरतें ख़ास तौर पर छत पर इसलिए नहीं करती थीं शौच, क्योंकि भाई, वह दूर से लोगों को नज़र आ जाएँगी कि लड़की ऊपर शौच कर रही है, उसकी पिछवाड़ी नज़र आ जाएगी तो मुसलमान ठरक-ठरक में आ जाएँगे, तो इसलिए वे ख़ास तौर पर दूर-दराज़ जाकर उस जगह पर करती थीं, क्योंकि घरों में बाथरूम नहीं था। बाथरूम, टॉयलेट जिसकी चारदीवारी हो और दरवाज़ा हो, इस तरह की चीज़ नहीं बनी हुई थी।

नहीं थी। वरना आप मुझे बताइए कि साहिल, यह यह जो है डंगर, इसने जो एक घंटे की चर्चा की उस महिला के साथ, एक्स मुसलमा के साथ, उस टाइम पर उसने इसको क्यों नहीं याद आया यह बताना? नहीं याद, बताता ना फिर उसको बताता ना। अच्छा, एक घंटा तो याद नहीं आया, बाद में 38 मिनट की बिन बिन बिन बिन बिन बिन बिन बिन। तो भाई, यह जो बिन बिन बिन बिन बिन बिन बिन बिन है, यह अगर हमारे पास आकर बोलता तो अगले 10 सेकंड में ख़त्म हो जाता, 38 मिनट का इंतज़ार ही नहीं करना पड़ता। तो सर, इस वजह से भागते हैं ये लोग हमसे। "एक्ज़ैक्टली।" हाँ, एडमम साहब, मैं आपको एक अभी ऑडियो सुना रहा हूँ, इसको सुनिएगा। हाँ, एडमम साहब, यह एक्स मुस्लिम अब्दुल साहब पूछ रहे हैं, "आई नीड रेफरेंस अबाउट रूफ टॉप शि**िंग बाय मोहम्मद।" (मुझे मोहम्मद द्वारा छत पर शौच करने के बारे में संदर्भ चाहिए।) बुखारी, मुस्लिम में दोनों में है, लेकिन मैं दे देता हूँ यार। लेकिन एडमम साहब, उसमें तो वह बंदा छत पर जाकर देख रहा है ना, एडमम, वह (मोहम्मद) को देख रहा है ना। तो रसूलल्लाह तो छत... छत पर बंदा देख रहा है, हो सकता है नीचे ज़मीन पर शौच कर रहा हो। हाँ, तो वही तो कहना चाह रहे हैं हम लोग भी कि रसूलल्लाह नीचे शौच कर रहे थे और खुला था वह। वरना यार, था ना भाई, छत पर शौच कर रहा था या छत के नीचे अहाते में शौच कर रहा था, एक ही चीज़ है। मगर मोहम्मद खुले में शौच कर रहा था कि बंदे को नज़र आ रहा था, मोहम्मद खुले में शौच कर रहा है। मैं अभी दिखा देता हूँ। हाँ, वह मेरे को हदीस तो जान पर आपने पहले भी बोला था, मेरे को ऐसा लगा कि मोहम्मद छत पर शौच कर रहा था। यह थोड़ी इससे साबित नहीं, वह बंदा बंदा बंदा, मैं जाता हूँ। यह आपके सामने हदीस आ जाती है। "लेट्स सी दैट।" (चलिए उसे देखते हैं।) यह देखिए, हदीस ले आता हूँ सामने। एक बंदा है जो चढ़ता है हफ़्ज़ा के छत पर। "इफ़ आई एम नॉट मिस्टेकन।" (अगर मैं ग़लत नहीं हूँ।) उसी का भाई है। तो अब्दुल्ला बिन उमर जो है, "वंस आई वेंट अपस्टेयर्स इन हफ़्ज़ाज़ हाउस" (एक बार मैं हफ़्ज़ा के घर की छत पर चढ़ा) हफ़्ज़ा की छत पर चढ़ा, "एंड सॉ प्रॉफेट मोहम्मद आंसरिंग द कॉल ऑफ़ नेचर" (और पैगंबर मोहम्मद को शौच करते हुए देखा), यानी शौच कर रहे थे, "विद हिज़ बैक टुवर्ड्स क़िबला फेसिंग शाम।" (क़िबला की तरफ़ पीठ करके, शाम की तरफ़ मुँह करके।) शाम की तरफ़ मुँह करके वह शौच कर रहे हैं। अब बात यह है कि मोहम्मद अपने अहाते में शौच कर रहा है या छत पर शौच कर रहा है। "इट डज़न्ट मैटर।" (इससे फ़र्क़ नहीं पड़ता।) मूल रूप से खुले में कर रहा है। आप आप इस चीज़ पर ध्यान न दें कि मोहम्मद छत पर शौच कर रहा था या मोहम्मद अपने अहाते में शौच कर रहा था। मोहम्मद शौच कर रहा था। एक बंदा छत पर चढ़ा। हो सकता है छत पर ही मोहम्मद शौच कर रहा हो। हो सकता है नीचे कर रहा हो। "डज़न्ट मैटर।" वह हफ़्ज़ा की छत पर चढ़ा और उसने मोहम्मद को देखा कि वह क़िबला की तरफ़ पीठ करके शौच फ़रमा रहे हैं। हाँ, हाँ। तो भाई साहब, टॉयलेट कहाँ से आ गया? यह बंदा इसका मोहम्मद का साला ही है। हफ़्ज़ा का भाई है। अब्दुल्ला बिन अब्दुल्ला बिन उमर है ना? तो भाई बात यह है कि वह मोहम्मद को शौच कर दे। मोहम्मद खुले में शौच कर रहा है और भाई यहाँ से कहीं से...

साबित नहीं होता मोहम्मद उसके सेहन में टट्टी कर रहा था। यहां पे नहीं लिखा हुआ ये बात। वो छत पे चढ़ा हो सकता है, छत पे हो। मोहम्मद हो सकता है नीचे हो, डज नॉट मैटर। लिखा नहीं हुआ मोहम्मद खुले में टट्टी कर रहा है, खुले में कर रहा है ये क्लियर शो हो रहा है।

अब बात वही है ना यार, अगर जबरदस्त तेज-तेज़ आ गई है आपको एकदम बड़ी जोर से आ गई है, आप अगर वो गांव को क्रॉस करके दूर खेत में नहीं जा सकते तो वहीं पे करेंगे ना बेचारे। फिर बाद में जिस तरह कुत्ता टट्टी कर देता है जहां पे दिल करता है, फिर किसी ना किसी को उठानी पड़ती है। तो हमारे नबी भी उसी तरीके से कर देते थे। बाद में किसी को उठानी पड़ती होगी।

किसी के पास कुत्ते हैं यार, बताओ जिसके पास कुत्ते हैं वन लिखो। किसी के पास कुत्ते हैं। कुत्ता जब टट्टी करता है तो बाद में किसी ना किसी को उठानी पड़ती है। अनलेस के वो बाहर कर रहा हो। अगर वो आपके घर के पीछे वाले सेहन में करेगा तो आपको उठानी पड़ेगी। छत पे करेगा तो आपको उठानी पड़ेगी। तो वो कूड़े वाली बुरी आगे उठाती थी और रसगुल्ला पे वापस डाल देते थे। अल्हम्दुलिल्लाह, अल्हम्दुलिल्लाह।

तो अच्छा एडमम साहब, ये देखिए मैं आप सभी लोगों को ये वही डंगर जो है जो मुझे मुबा का चैलेंज दे रहा था। ये देखिए उसको मैंने क्या वॉइस मैसेज भेजा था। यार डॉग लवर्स बहुत ढेर सारे। ओके सॉरी सॉरी है दिमागी अपन। ये आवाज आ रही है आपको? एडमम साहब सुनिएगा। देख दिमागी अपन तू है दिमागी अपन। ठीक है, कर लेना चाहिए और सिर्फ तू नहीं है। जितने भी मुसलमान है ना, ये सारे के सारे दिमागी अंधविश्वासी दिमागी। ये दो सिफत जो है, ये बिल्कुल इसके बिना इंसान जो है मुसलमान हो ही नहीं सकता। ठीक है?

तो सबसे पहली बात जो है, डैमेज कंट्रोल मतलब चमची जो बोल रहा है उससे तो जहर पटेल। आय हाय हाय हाय, क्या मजा ही दिया। और डैमेज कंट्रोल करने की जो कोशिश कर रहा है तुम्हारा खोटा पटेल। और देखो तुम जैसे लोग है ना, या तुम लोग क्योंकि दिमागी अपंग होते हैं। तुम लोग कभी वो करते ही नहीं है। दिमाग चलाते नहीं है कि भाई आया कि हमारा जो आलिम बोल रहा है वो थोड़ा भी सेंस बनाता है या नहीं बनाता है। चल मैं तो वीडियो बना दूंगा कि वो खोटा पटेल आएगा नहीं डिबेट करने, पहले ही भागा हुआ है 5 साल से। उसको सवाल दिया हूं मैं, अभी तक जवाब नहीं लाया। ठीक है, वो तेरे को वीडियो भी भेजा हो शायद मैं देख रहा हूं। तो खैर देखो, चल मैं तेरा दिमाग चलता है कि नहीं चलता, हालांकि नहीं चलता मेरे को मालूम है। लेकिन फिर भी चल मेरे को एक बात बता, अगर टॉयलेट थी, टॉयलेट था वहां पे। ठीक है? रसूल के घर पे या रसूल के घर के बिलकुल बाहर अगर टॉयलेट था, तो अपनी बीवियों को हगने के लिए मैदान में क्यों भेज रहे हैं? रसूल अल्लाह, ये बता दे मुझे बता। तेरे घर में अगर संडास हो, टॉयलेट हो, क्या तू अपनी औरतों को मैदान में भेजेगा? दिमागी अपन, जरा सोच ले।

तो मेरे भाई, रसूल्लाह को अल्लाह ने कोई टॉयलेट टेक्निक नहीं दी थी। लोगों को आता ही नहीं था। सारे के सारे बस इनको बस गर्दने उतारनी आती थी और इनके पास कोई ना टेक्नोलॉजी थी, कुछ नहीं था। कुछ नहीं आता था इन लोगों को। और इसके अलावा जो बाकी दुनिया देख ले, मैंने उसपे रेफरेंस दिया है। हड़प्पन सिविलाइजेशन जो है, इनके पास प्रॉपर सिस्टम था भाई। तू खुद सोचना भाई, घर पे संडास रह के औरतों को वहां भेजेंगे क्या मैदान में जाओ करके? कौन बेवकूफी भेजेगा? या तो बोल के रसूल बेवकूफ थे, घर पे संडास रख के औरतों को रात में अभी भेज रहे थे।

एक चीज, दूसरी चीज, अगर इनके पास कवर्ड टॉयलेट था, चार दीवारी और ऊपर से छत, तो तेरे को एक हदीस भेजता होगा। बल्कि तूक कर तहकीक का कीड़ा तुम लोग को बहुत रहता है ना। अब्दुल्ला इब्न उमर फरमाते है, बुखारी मुस्लिम में हदीस मिल जाएगी के रसूल्लाह को जब छत से उन्होंने देखा, रसूल्लाह किबले की तरफ, किबले की तरफ मुंह या फिर पिछवाड़ी करके वो हग रहे थे। अब बता, अगर टॉयलेट था, कवर्ड टॉयलेट था उन लोगों के पास, तो अब्दुल्ला इब्न उमर जो है, रसूल्लाह को हगते हुए कैसे देख पाया? एक्सैक्ट पोजीशन कैसे बता पाया? दिमाग लगा, तू दिमाग लगाएगा?

रही बात, रसूल्लाह जो है अम्मी आयशा के गोद में थे, इंतकाल हो गया। मैं इससे का इंकार कर रहा हूं। मैं तो ये कह रहा हूं कि ये कितनी भयानक मौत है। अगर इसको खुदा से जोड़े। अगर खुदा से नहीं जोड़े तो कोई प्रॉब्लम नहीं। दुनिया में इंसान जो है बीमार होता है। मेरे घर वाले भी कोई बीमार पड़े रहते हैं या खानदान में। मेरे घर पे भी ऐसा हुआ है। ये नॉर्मल है। बाकियों के घर पे भी होता है। इंसान बीमार पड़ता है। उसको टॉयलेट पेशाब पास आने की मुश्किल हो जाती है। है ना? दर्द भरी वो घड़ी होती है। मुश्किल में होते हैं सारे लोग। तो अगर खुदा को अल्लाह को हटा दिया तू तो तो कोई दिक्कत नहीं है।

लेकिन अगर अल्लाह को साथ में लाता है और उसके बाद फिर दूसरों को ऐसी यानी कोई टॉयलेट में किसी का इंतकाल हो गया या कुछ ऐसी सिचुएशन में आदमी मर गया। उस पर अगर तुम लोग उंगली उठाओगे तो सबसे पहली उंगली तुम्हारे रसूल पर उठेगी। क्योंकि रसूल्लाह की हालत ऐसी हो गई थी कि वो टॉयलेट पाखाना भी नहीं जा सकते थे। बर्तन मंगा के पेशाब करते थे बेचारे। इतनी हालत खराब हो गई थी उनकी और जहर के असर से मरे थे। तो तुम्हारा मोबाइल तो कोई काम का नहीं। बल्कि इससे तो यहूदियों का जो खुदा है, वो सच्चा साबित होता है। क्योंकि यहूदी औरत ने वही कहा था, फूटा है तो जाएगा दुनिया से पाक होगा। और उसी असर से जो है ना, शहर के असर से रसूल्लाह मरे थे और बुरी हालत में मरे थे।

तो मेरे भाई, दोनों टॉपिक पे तेरे को जवाब दे दिया हूं। लेकिन तू है तो मोमिन, दिमागी अपन, तो तेरे पल्ले तो नहीं पड़ेगा। आय हाय हाय हाय हाय हाय। आखरी सेंटेंस मोरल स्टोरी के एंड में आया है। तो तू दिमागी समझ तेरी आएगा नहीं। फायदा क्या है? ये मोरल द स्टोरी बड़ा जबरदस्त है यार। ये ये गलत बात है साहब। इतना भी तो जलील नहीं करते यार। नहीं, शुरू भी उसी से किया था। शुरू भी वहां से ही शुरू हुआ कि तू है दिमागी अपन और तेरे को तस्लीम कर लेना चाहिए। और एंड भी उसी बात पर हुई है कि तू है दिमागी अपन, तो तेरे समझ नहीं आएगा। समझेगा तो तू है नहीं। वाह, तो ये इनका हाल है कि ये अपने आलिमों की वीडियो देख के सुभान अल्लाह, माशा अल्लाह करते हैं। अपनी अकल का इस्तेमाल करते ही नहीं है कि भाई जो बोल रहा है उसको 38 मिनट्स क्यों लग रहा है? सिंपल सी बात थी, दो हदीस बता देता, रसूल अल्लाह के पास जो है ना वो क्लोज टॉयलेट थे, वहीं पे हगने मुकने थे। सर, 38 मेरे को छोड़े, जो डेढ़ घंटा उस लड़की से बात की सर, जो डेढ़ घंटा उस लड़की से बात की है, उसमें तो पता है। हां, यस। जब जब अगला बंदा सामने खड़ा हो के बात कर रहा, उसमें तो आया नहीं। फिर 38 मिनट में भी बस यही मिला था। इसका मतलब है कि रसूल अल्लाह के पास था। अबे, जहां पे टट्टी करने जा रहे हो, उस जगह पे, वो जगह तुम्हारे खेत हैं। अपनी औरतों को भेज देते थे टट्टी करने खेतों में। वहां पे पता नहीं, नीचे अगर बांस का खेत होता तो नीचे से एकदम बांस निकलता तो हमारी औरतों के साथ क्या-क्या हाल हुआ होता। तभी तो रसूल्लाह कुछ कर नहीं सकते थे बेचारे।

सॉरी सेल साहब, मैं जरा ज्यादा एक्सप्लेनेशन में चला गया। कोई बात नहीं। नशा, ये कौन सा नशा है भाई? ये प्यार का नशा है। प्यार का नशा है। हां भाई, अनम्यूट कर लो। प्यार का नशा। जी भाई, साहिल भाई, कैसे हैं? अस्तकफुल्लाह। सर, ये क्या नाम है? नशा, क्या नाम है? ये साहिल साहब, ये वाकई सरल गए, काम से गए, काम से। अच्छा, चार बोतल व का काम मेरा रोज का ना कोई मुझे टोके ना कोई मुझे टोकता। तो ये वो वाला नशा है? क्या है ये? यार, ये लंबी कहानी है। आप इसको फिर इसको इतना कुछ जरूरी अहम नहीं है। लेकिन मैं वैसे डिस्कशन आपसे थोड़ा करने आया हूं आपका चैनल देख के। तो नशा भाई, आप मोमिन हैं? जी, फिल वक्त तो हूं। लेकिन मैं साथ-साथ मैंने अपना सफर शुरू किया हुआ है देखने का कि क्या सही है। लेकिन फिल वक्त तो मोमिन हूं, मुसलमान हूं। अच्छा, जरा अहियात पढ़ के सुना दे। अहियाला व सला अस्सलाम अस्सलाम वालेकुम नबी रहमतुल्लाह बरकात अस्सलाम सहीन। आइए आगे अशद इलाहा इल्लल्लाहद मोहम्मद अब रसूल। ओके।

तो ये जो आपने सफर स्टार्ट किया है, वो क्यों स्टार्ट किया? मतलब मतलब क्या ऐसा लगा आपको कि नहीं, मुझे ये सफर स्टार्ट करना चाहिए? यार, मुझे अ मैंने एक अब जब मेरे आंखों से ये जो खैर एक्स मुस्लिम वगैरह गुजरे, तो फिर मुझे सोचा। शुरू में तो मैंने इग्नोर किया। मैंने कहा कि नहीं, पहले मैं हक, मैं समझ रहा था कि इस्लाम ही सच्चाई है। लेकिन फिर आहिस्ता-आहिस्ता जब मैंने लोगों को देखा कि जो उन्होंने इस्लाम छोड़ दिया। पहले मुझे इतनी वैसे दिलचस्पी नहीं थी मजहब में, धर्म में। लेकिन जब मैंने आहिस्ता-आहिस्ता तब भी आते थे एक्स मुस्लिम। लेकिन मैंने कहा कि नहीं, ये लोग भटके हुए हैं, ये लोग सच्चाई से ये लोग फिर गए हैं। लेकिन फिर मैंने आहिस्ता-आहिस्ता देखा कि यार, उस वक्त ये भी था। मैंने सुनने को मिला था कि कुरान से ये साइंटिफिक इससे ये साबित हुआ है। यानी कि बिग बैंग और वो। तो मैंने उस वक्त मान लिया क्योंकि मैं एब्सोल्यूट ट्रुथ ही मान रहा था इस्लाम को। मुझे वैसे इतनी दिलचस्पी भी नहीं थी कि इस्लाम को जानने में सच है या नहीं। मुझे मैं तो नमाजें वगैरह पढ़ता था, रोजे। लेकिन इतना कुछ दीन का मुझे इल्म नहीं था और इंटरेस्ट भी नहीं था इतना। लेकिन अब अचानक से यह पिछले साल 2024 के रमजान से जो है, मैंने थोड़ा-थोड़ा इसके ऊपर करना शुरू किया। और फिर उसके बाद तकरीबन अब तीन महीने पहले से जो मैंने सफर शुरू किया, तो इसमें काफी एक्स मुस्लिम्स वगैरह आए और काफियों से बात भी हुई। और आप का देखा एक आप है, तो मैंने कहा आज आपकी स्ट्रीम पे थोड़ा थोड़ी गपशप कर लेते हैं आपसे। तो ये बात है। तो मैं हूं तो जी देखिए, इसमें ये इस्लाम का ये है कि बाकी जो रिलीजंस है, धर्म, मजहब, जो भी उसके अंदर से ये जो क्रिश्चियनिटी है, ईसाइयत है और इस्लाम है। इनका एक जो एक्सक्लूसिव क्राइटेरिया है। यानी के जैसे इस्लाम के अंदर है कि अल्लाह जो है वो यानी कि आप अल्लाह को माने और हजूर सल्ला वसल्लम उनको आप माने और वो जो छह छह आर्टिकल्स ऑफ फथ है कि फरिश्तों को, किताबों को और उन सबको आप माने, तो फिर आपको जो है वो जन्नत जो इस्लाम की है, वो हासिल हो जाएगी। और फिर अगर आपके अच्छा, उसमें भी हर आलिम का अपना अपना इस्लाम है, तो वो एक अलग बहस है। तो इसमें ये है कि जैसे सिर्फ मुझे अभी ये इस चीज का खौफ है कि ये जो इस्लाम का क्राइटेरिया है ना, कि अगर जैसे हिंदुओं में अगर आप गलत हो भी गए, कोई एथियस बन तो वहां इतना कोई मसला नहीं होता। उनका कार्मा का कांसेप्ट है। इसी तरह बुद्धिज्म का, सिखों का अपना है, पारसियों का अपना है। लेकिन ये जो अब्राहमिक रिलजंस है, यहूदियत, ईसाइयत और ये इस्लाम। इनका ये मसला है कि ये क्राइटेरिया एक्सक्लूसिव जो रख के बैठे हुए हैं। तो इसकी वजह से जो है वो एक इंसान को जरा खौफ भी। बिल फर्ज अगर एपॉस्टेट की सजा अगर तो एपॉस्टेट का मसला हो कि अगर जो अपना मजहब छोड़े तो आप उसको कत्ल कर दे, तो वो एक बात है। लेकिन अगर कोई बंदा उससे बच भी जाए, तो वो इंसान के दिमाग में वो चीज चलती रहती है कि अगर यार मतलब बेसिकली आपको जहन्नुम का डर सता रहा है। जी, जी।

साहिल साहब, इन्होंने काफी बातें कही है। कुछ बातें जरा मैं इनको टीच कर दूं, फिर आगे चलते हैं। प्लीज, प्लीज। यस, यस, यस। मुझे पता था कि हां, ये पॉइंट आने वाला है। बहुत ढेर सारी इन्होंने बातें की है। तो मैं इसलिए जरा वेट कर रहा था कि इसकी स्टेटमेंट खत्म हो जाए। यार, आपने अभी लफ्ज़ बोला इब्राहिम एक रिलजन। ये कहां पे लिखा हुआ है? इब्राहिम के पास कोई दीन था। ये असल में हजरत इब्राहिम ने जब यहूदियत को पहले उन्होंने उनसे शुरू किया। चलिए, हजरत इब्राहिम ने यहूदियत बनाई थी। ये कहां लिखा हुआ है? यार, ये इसका मैंने सुना है। ये कहीं इसका कुरान से जहां तक मैंने देखा है, मुझे तो मैंने आप जो हैं, एक ऐसी बात कर रहे हैं जो कि ना आपने वेरीफाई की, ना देखी। और फिर भी आप यार, मुझे समझ नहीं लगती कि एक मुसलमान को ये क्या तकलीफ होती है कि वो बाकी धर्मों को, आइडियोलॉजीस को जलील करना चाहता है बिला वजह। देखिए, द धर्म यहूदी ही केम फ्रॉम। लिसन, लिसन, लिसन। द टर्म यहूदी केम फ्रॉम द फ्रॉम जुडा। जुडा जो कि जुडा जो था वो सन था ऑफ जेकब। सो इब्राहिम, आइजक, जेकब। एंड देन वन ऑफ हिज सन वास जुडा। तो जुडा से निकला जुडाइस या यहूदी नाम एक ट्राइब का नाम है, लीनियज का नाम है। इब्राहिम का पोते का बेटा, इब्राहिम के बेटे के बेटे का बेटा। तो इब्राहिम ने यहूदी यत कैसे स्टार्ट की? जबकि इब्राहिम के बेटे, इब्राहिम के मरने के बाद उसका बेटे के अगले से बेटे का बेटा, वो जी, उस ट्राइब को जुडा ट्राइब कहते हैं। ट्राइब ऑफ जुडा कहते हैं। और वहां से जुडाइज़्म लफ्ज़ निकला। इब्राहिम तो उससे कई साल, 100 साल ऑब्वियसली, 100 साल पहले मर गया हुआ है। आपने इब्राहिम को बानी जुदाइज़्म कैसे बना दिया भाई? यार, इस पे मुझे अच्छा, इस पर मैं माज़रत। मुझे नहीं पता था। इस पर मुझे वैसे ज्यादा इल्म नहीं। लेकिन मैंने वो कुछ लोगों को सुना है मुसलमानों को और बाकियों को भी कि हजरत इब्राहिम मुसलमान। देखिए, मुसलमान तो है गधे। आपको पता लग चुका होगा इस बात का कि वो हर तरीके से यहूदियों को जलील करना चाहते हैं। उनके मुताबिक तो यहूदी सबसे बुरी कौम है। तो उन्होंने तो जलील करना ही करना है। ठीक है? द प्रॉब्लम इज कि ये जो स्टेटमेंट है ना, जो आप सुनते हैं और वो दोबारा रिपीट कर देते हैं विदाउट वेरिफिकेशन। यहां पे सबसे बड़ी प्रॉब्लम है आपकी। क्योंकि जिस दिन आप स्टेटमेंट को वेरीफाई करने के बाद बोलना शुरू कर देंगे ना, उस दिन आपको नॉलेज मिलना शुरू हो जाएगा। नॉलेज कैसे मिलेगा? जब आप वेरीफाई करने जाएंगे। जब आप वेरीफाई करने जाएंगे तो आपको पता लगेगा कि ये झूठी स्टेटमेंट है। तो आपके पास रियल नॉलेज आएगा। जी। ठीक है? तो फर्स्ट ऑफ ऑल, दिस इज अब्सोलुटली बीएस आर्गुमेंट। जब आप कहते हैं अब्राहमिक रिलजन। देयर इज नथिंग कॉल्ड अब्राहमिक रिलजन। अब्राहमिक रिलजन सिर्फ इस्लाम ने बनाया। और ये टर्म भी इस्लाम ने इजाद की। जब वो इंडिया में आया, इंडिया में आके जब उसने क्रिश्चियंस को अपने साथ मिलाना था, हिंदुओं के खिलाफ खड़ा करने के लिए, तो ये टर्म कॉक्सिनेट की गई। ये टर्म बनाई गई कि हम तो इब्राहिमिक फेथ से हैं। ये हिंदू काफिर हैं। ये टर्म इस्लाम ने बनाई है। उससे पहले ये टर्म थी ही नहीं। लाइक आपको हिस्ट्री में ये टर्म मिलेगी नहीं। एट्थ सेंचुरी, सेवंथ सेंचुरी से पहले। ये टर्म ही नहीं मिलेगी। ये टर्म बनी ही इसी इसी इसी इंडोपाक रीजन के अंदर है। तो भाई साहब, ये एक टर्म है जो कनकॉक्सिनेट की गई बाय द मुस्लिम्स टू इनवेड इंडिया। और क्रिश्चियंस को और यहूदियों को साइड में करने के लिए यार हमारे साथ ना लड़ो। हम इनको इनके साथ लड़ाई कर रहे हैं उस वक्त। तो भाई साहब, सबसे पहली बात ये है कि ये टर्म ही गलत है। दिस इज अ बुलश टर्म। दुनिया में जो बड़े से बड़ा स्कॉलर भी ये टर्म बोलता है अब्राहम का रिलेशन, वो एक स्टुपिड और इडियट है। क्यों? क्योंकि वो वो सेंटेंस बोल रहा है जो मुसलमान बोलते हैं। इससे बहुत अच्छा है कि वो कलमा शहादत पढ़ के मुसलमान हो जाए। फिर बोले। ठीक है? हम मैं नॉन मुस्लिम स्कॉलर्स की बात कर रहा हूं, जो ये टर्म बोल देते हैं क्योंकि दुनिया में चल रही है इसलिए बोल देते हैं। तो लिहाजा, वो सबसे बड़े इरियट्स हैं। चाहे वो नॉन मुस्लिम हो। बिकॉज़ ये टर्म ही रोंग है। ठीक हो गया।

अब दूसरी बात, मुझे ये बताइए कि आपने यहूदियों की कौन सी किताब पढ़ी है? मैंने यहूदियों की तो कोई किताब नहीं पढ़ी। लेकिन कुरान का पढ़ी है। क्रिश्चियंस का बाइबल का थोड़ा बहुत पढ़ा होगा। कुछ आयतें मुख्तलिफ जगहों से जो उनकी वस तरीके से क्लेम कर सकते हैं। खुलमख्ला के वहां पे एक्शंस की बेस के ऊपर आपको कुछ नहीं किया जाएगा। आपको जन्नत नहीं मिल सकती एक्शन की बेस के ऊपर। जब आपने पढ़ा नहीं है। वो कुरान में क्योंकि ये चीज है कि जो कुरान को तो अभी हम जज करेंगे ना बाद में। अभी कुरान को हम बाद में जज करेंगे ना। पहले तो मैं आपकी पीछे की जो आपने स्टेटमेंट्स इतनी ढेर सारी दी है, मैं जरा उनको फिक्स कर रहा हूं। तो अभी कुरान के ऊपर जाके बात करेंगे। ठीक है? आपको मैं कुरान एक डलीमा भी दिखाऊंगा। इस चीज के ऊपर। डलेमा क्या है? देखिए, वंस अगेन, आपने अगर कोई किताब नहीं पढ़ी तो आपने स्टेटमेंट कैसे दे दी है। जी, गलत स्टेटमेंट दी ना। बेहतरीन हो गया। नाउ वेरी वेल डन। अच्छा, अब ऐसा कीजिएगा कि कल या शाम को जब भी मौका मिले, रोमंस का चैप्टर नंबर वन और टू जरूर पढ़िएगा। और फिर मेरे पास आइएगा। और फिर बताइएगा क्या ये आपकी स्टेटमेंट सही थी या गलत थी। ठीक है? ओके, वि दैट बीइंग सेड, अब आते हैं इस्लाम के ऊपर। हां जी, अब आप बताइए कि इस्लाम पे आप क्या कहना चाह रहे थे? देखिए, इस्लाम जो है उसका सबसे बड़ा अभी फिल वक्त तो मसला ये है कि इंक्वायरी अपनी जगह। लेकिन वही जो मैंने अभी थोड़ी देर पहले बताया कि जो इसका एक्सक्लूसिव क्राइटेरिया है, जैसे दोजख है, जहन्नुम है, तो वो जिसने भी उसका एक कुफ किया, जैसे कुरान में भी बार-बार ये बेसिकली मैडम साहब, बेसिकली इनका सवाल ये है कि ठीक है, चलो उसमें मैं मान लेता हूं थोड़ी देर के लिए कि भाई इस्लाम गलत है। लेकिन इन केस अगर इस्लाम सच्चा निकला या अल्लाह ही खुदा निकला, तो तो इनके लग गए ना एल। ये सवाल। इसका जवाब दो। ये आपका सवाल है सर। जी। अच्छा सर, बात ये है कि आपके एल तब भी लग गए, अगर आप इस्लाम को सही समझ रहे हैं। पहले तो इस्लाम को सही समझे और फिर मेरे से बात करें। क्योंकि तब भी आपके एल लग गए। आपको लगता है किसी भी सूरत में कि एक खुदा है जिसने दुनिया बनाई और उसने एक जन्नत बनाई, जिस जन्नत में आपको रंडियों पर रंडियां प्रोवाइड होंगी और वो स्पेशलाइज रंडियां होंगी जिनको हूर का नाम दिया गया है, जो कि सिर्फ और सिर्फ आपकी सेक्स के लिए बनाई गई है। और उनको कभी आजादी नहीं मिलेगी। वो हमेशा हमेशा आपके लिए गुलाम होंगी और हमेशा ऊंटनी की तरह गर्म होंगी कि जब भी आप उनके साथ सेक्स करना चाहो, वो सेक्स के लिए हर दम तैयार होंगी। और वो सेक्स हजार रातों तक चलेगा। आपको लगता है कि ये जन्नत है? अगर आपको लगता है कि ये जन्नत है। मेरे मुताबिक ये जहन्नुम है। मेरे मुताबिक ये जहन्नम है। क्योंकि क्योंकि हजारों 72 जो लफ्ज़ है, वो तो एक आर्बिट्रेरी स्टेटमेंट है। मुसलमान लोग ये कहते हैं। तो मैं इसलिए नंबर नहीं यूज़ कर रहा। लेकिन 1 * 100, 1 * 50, 1 * 40, 1 * समथिंग का नंबर होगा हर मुसलमान मर्द के लिए। इतनी ढेर सारी औरतें, तो इतनी ढेर सारी जो गुलाम औरतें बनाई हुई हैं, वो जो गुलाम औरतें हैं, उनको कब आजादी मिलेगी? जिनको आप रोज ठोक रहे हैं सुबह दोपहर शाम, उनको आजादी कब मिलेगी? व्हेन कैन दे हैव फ्रीडम? नंबर वन। नंबर टू, वो जो लड़की है, जो कि अल्लाह ने इस दुनिया में लड़की बना दी। ठीक है? वो आपका बाबा जी का ठुल्लू ले रही है सुबह दोपहर शाम। इस दुनिया में उसका दिल नहीं करता कि कभी उसके पास भी ठुल्लू हो, वो भी किसी को बाबा जी का सुलू दे दे। आपके जन्नत में वो जो आपकी बीवी है, जो आपकी मां है, जो आपकी बहन है, वो जन्नत में भी यही रहेगी और अपने मियां के गुलाम ही रहेगी। और जन्नत में भी वो मियां का बाबा जी का ठुल्लू ही ले रही होएगी। जब उसको फ्री फ्री टाइम मिलेगा अपनी ढेर सारी गुलामों को चेचे करने के बाद, तो वो उस बीवी के पास चला जाएगा। आपकी बहन भी किसी ना किसी की बीवी बनेगी, आपकी मां भी किसी ना किसी की बीवी बनेगी। और फिर उसको वो बाबा जी का ठुलू देगा। तो क्या उसको कभी आजादी नहीं चाहिए कि वो भी उसको भी बाबा जी का ठुलू लग जाए और वो भी ढेर

सारी औरतों के साथ टपाटप करे, जिस तरह उसका मियां करता है। क्या उसके पास कोई आजादी नहीं है?

भाई साहब, आपकी जो जन्नत है, वो तो प्योर मर्दों की जन्नत है। औरतों के लिए तो वहां पे कुछ है ही नहीं। अगर देखा जाए तो, तो औरतों के लिए तो वहां पर गुलामी है। अपने मियां की गुलामी और कुछ ढेर सारी एक्स्ट्रा औरतें हैं, जो के गुलाम रहेंगी हमेशा, जिनको आपने हुलैन का नाम दे दिया। फिर आपके पास एक खास किस्म के बच्चे हैं, जो मोतियों की तरह बिखरे होंगे, जो कि हमेशा आपको सर्व करेंगे। वो फिर आपके वो गुलाम हैं। वो वो अब वो जब मर्द बच्चे गुलाम हैं, उनको कब आजादी मिलेगी कि उनके पास भी कोई हूरेशरे हो?

सो द होल कासेप्ट ऑफ द जन्नत, वो सिर्फ और सिर्फ कम दिमाग वाले जाहिलों को लड़वाने के लिए बनाया गया है, ताकि वो आपके साथ फौज में लड़े। इस दुनिया में अगर जिंदा बच गए, तो गुलाम औरतें इस दुनिया में मिल जाएंगी, ताकि आप उनके साथ टपाटप सेक्स करें और कुछ माल मिल जाएगा माले गनीमत के तौर पे। और मर जाओगे, तो जन्नत में टपाटप करने के लिए लड़कियां मिल जाएंगी और वहां पे आपको बच्चे मिल जाएंगे आपकी सेवा करने के। तो भाई साहब, यह पहले तो इस्लामिक जन्नत ही इतनी बेहूदा और बेगैरत किस्म की है कि हेल को तो अभी सोचो ही ना। मुझे पहले जन्नत में तो इंसानियत दिखा दो। इस दुनिया में नहीं दिखा सकते, जन्नत में इंसानियत दिखा दो। और अगर जन्नत में इंसानियत नहीं दिखा सकते, भाई, तो फिर ये मजहब ही गलत है, भाई। जिसकी जन्नत में इंसानियत नहीं है।

जी और आडम एडमम भाई, एक और चीज है, वो ये के आपकी इसकी इस बात, ये बात बिल्कुल आपकी सही है। लेकिन इसमें ये भी जिक्र है कि वहां पे और डिस्क्रिप्शन का अगर हम जिक्र करें, जैसे यानी वहां पे शराब होगी, लेकिन वो नशे वाली नहीं होगी और इस तरह के फल वगैरह होंगे, तो कुछ और डिस्क्रिप्शन है उसके अंदर।

बाग सर जी, देखिए, मैंने अभी इंसानियत की बात कर रहा हूं। शराब इंसान नहीं होता, ठीक है। फल इंसान नहीं होता। इंसानियत वाली बात कर रहा हूं। अभी मैं क्या जन्नत में इंसानियत नजर आ रही है आपको? अभी मैंने सारी डिस्क्रिप्शन दी। कुछ गलत तो नहीं दिया। कोई रेफरेंस चाहिए तो बता दें। तो भाई साहब, जब जन्नत में इंसानियत नहीं है। फल मिलेगा, जो मिलेगा, फॉरगेट ऑल दैट। वो एक सेकेंडरी बात है।

भाई, दूध की नहरे और पानी की नहरे, शराब की नहरे इसलिए हैं कि सेहरा में आपके पास पानी नहीं होता। अगर आप कभी भी आप इंडिया में भी बहुत बड़ा सेहरा है और पाकिस्तान में भी बहुत बड़ा सेहरा है। जब आप उस शहराई इलाके में जाते हैं, आप अपना पानी साथ लेके जाते हैं, क्योंकि आपको पता है कि वहां का पानी भी गंदा होगा। कुएं में से जो पानी आएगा, वो गदला गदला होता है। क्लियर नहीं होता। यू आर नॉट इवन गोइंग टू ड्रिंक द वाटर के आप अपने थर वाले शहरा में से पानी नहीं पी सकते सही तरीके से। क्यों नहीं पी सकते? बिकॉज़ इट्स सो डर्ट। आपको टट्टियां लग जाएंगी।

तो भाई साहब, देखिए बात यह है कि वो शहराई इलाकों के रहने वाले लोग जिनके पास प्रॉपर वाटर नहीं है, वाटर सोर्स नहीं है, उनकी जन्नत में वाटर सोर्स होना इट्स लाइक ओ वाओ। वाटर सोर्स होगा वहां पे, वाओ इफेक्ट है। आपके पास इंडिया में कहीं पे जन्नत में वाटर सोर्स के बारे में बयान नहीं किया गया। क्यों नहीं बयान किया गया? क्योंकि इंडिया में इतना वाटर था कि वाटर सोर्स का होना या ना होना उनके ज़हनों में ही नहीं था। लिहाजा उनकी जन्नत में कोई वाटर सोर्स की बातें नहीं हुई। लाइक थिंक अबाउट इट कि मोहम्मद जो है, जो यह वाटर सोर्सेस दिखा रहा है, वो क्यों दिखा रहा है? बिकॉज़ पीपल डोंट हैव द वाटर सोर्सेस। बट दैट इज नॉट द पॉइंट।

द पॉइंट इज़ के अगर जन्नत में इंसानियत नहीं है, तो वो जहन्नुम, जहन्नुम को सोच ही क्यों रहे हो? जब तुम्हारे पास जन्नत में इंसानियत नहीं है। आपकी जन्नत ही जहन्नुम है। आपकी बीवी के लिए वो जन्नत जहन्नुम है। आपकी मां के लिए वो जन्नत जहन्नुम है। आपकी बेटी के लिए वो जन्नत जहन्नुम है। आपकी बहन के लिए वो जन्नत जहन्नुम है। क्यों? क्योंकि वो उसी शौहर के साथ, उसी बंदे के साथ फॉर एवर ठुकेगी, बजेगी और फॉर एवर है ये। यह नहीं है कि वो कभी चेंज हो सकती है। इट्स इट्स गोइंग टू लैस फॉर एवर। और वो कभी उसे नहीं ठोक सकती। जी। और प्लस उसके पास कोई और मर्द भी नहीं है और प्लस वो घर से भी बाहर नहीं निकल रही।

मैं आपको पूरी सियासता भी देता हूं और मैं आपको पूरी की पूरी कुरान भी देता हूं और सारी तफसीरें भी देता हूं। अर्ली मोहम्मद के मरने के 600 800 साल के बाद की सारी कहीं से मुझे दिखा दो प्रॉपर सही रेफरेंस हसन रेफरेंस के जन्नत में आपकी बीवी बाजार जा रही हो। आपको मर्द बाजार जाते हुए नजर आएंगे। मर्द बाजारों में नजर आएंगे और हमेशा यह नजर आएगा कि जब भी वो मर्द अपने घर का दरवाजा खोलेगा, उसकी बीवी और उसकी गुलाम लौंडिया जिनको हूरों का नाम दिया गया है, वो बिस्तर पे गांव तकिए में वेट कर रही होंगी। तब यह बंदा आए सुपरमैन ही मैन द प्ले बॉय ऑफ द ऑफ द जन्नत के वो हम में से किसी एक को सेलेक्ट करके टपाटप करे। व्हाट द हेल इज दिस मैन? व्हाट द हेल इज दिस? ये जन्नत जो है, इतनी डरोगेटरी क्यों है? दुनिया में तो आप कहते हो द वर्ल्ड इज मेड बाय मैन फॉर मैन। भाई साहब, आपकी तो जन्नत भी मेड बाय मैन फॉर मैन।

हम जी जी, बात सही है आपकी। वैसे मैडम साहब, तो फिर तो पूरी तरीके से हो फिर। जी साहब जी। नहीं नहीं, मैं कह रहा था बात सही है। अब वो डर भी चला गया, तो फिर पूरी तरीके से निकलो। नशा भाई, कहां इस्लाम के नशे में पड़े हुए हो? जी। बस ये है कि मैं मेरा बस ये है कि मैं कुरान को एक दफा तर्जुमे से पढ़ लूं और फिर उसके बाद क्योंकि अगर ऐसे ही छोडूं तो लोग फिर वो कहेंगे कि यार तूने तो अभी तुझे तो बेसिक नॉलेज नहीं है। तूने किताब तो पढ़ी नहीं। तो रेवोलेशन ऑर्डर से कुरान पढ़े। रेवोलेशन ऑर्डर से पहली 14 सूरतें, 15 सूरतें मैं दिखा चुका हूं अपने चैनल पर स्टोरी टाइम में। 15 की 15 सूरतों में मोहम्मद भीख मांग रहा है। अपने अपने लिए भीख। भिखारी। मुझे बताओ 14 सूरतों में अभी तक नमाज नहीं आई। नमाज पढ़ने का तरीका नहीं आया। कलमा तबा नहीं आया। कुछ नहीं आया। आपके पांचों पिलर में से कोई नहीं आई चीज। रकात नहीं आई। रोजा नहीं आया। भीख मांगना क्यों शुरू कर दिए? रेवोलेशन ऑर्डर से जब आप कुरान पढ़ते हैं, पहली 14 की 14 सूरतें भीख मांगने में दान दो, पैसा दो, दान दो, अच्छे काम करो। अच्छे काम के बाद अच्छे काम के बाद क्या लिखा हुआ होता है? दान दो। सूर असर भी इसके अंदर है। सूरह असर का अगला चैप्टर क्या है? अच्छे काम कौन से हैं? जो अपने पैसे दान करें। ओ वो लोग बहुत बुरे हैं, जो पैसे जो है ना अपने पास रखते हैं, संभाल के रखते हैं। जहन्नुम में वो पैसा उनके लिए आग बन जाएगा। दान करो। पहली 14, 15 सूरतें पैसा दान करने के ऊपर है। क्यों भाई? क्यों? आपके नबी ने, आपके अल्लाह ने नबी को जो पहली सूरतें दी हैं, 14, वो 14 की 14 सूरतें पैसा दान करने के ऊपर क्यों? भाई, पहले दीन तो बताओ। पहले दीन के पिलर्स तो बताओ। दीन की तालीम तो पूरी कर लो। फिर पैसे भी मांग लेना भिखारियों की तरह। लेकिन मोहम्मद को भी पता था कि उसने भीख मांगी, जब तक पूरी नहीं करनी। पैसे नहीं आने। वो अपनी अपना बिज़नेस कैसे चलाएगा ये वाला? तो उसको अपना बिज़नेस चलाने के लिए पैसों की जरूरत है। एंड हाउ विल ही गेट द मनी? पैसे ले गए तो भाई, पहले आप आप कुरान को जो करंट ऑर्डर है, उससे नहीं पढ़ेंगे। आप कुरान को पढ़े रेवोलेशन ऑर्डर से। रेवेलेशन के मुताबिक किस तरीके से कुरान उतरा। पहली सूरत कौन सी आई? दूसरी सूरत कौन सी आई? तीसरी सूरत कौन सी आई? उसके मुताबिक कुरान को पढ़ें? तो आपको पता लगेगा पहली 14 सूरतें भीख मांगे के ऊपर है। भीख मांग, भीख मांग, भीख मांग, भीख मांग, भीख मांग, भीख मांग। क्या बदतमीजी है यार? मेरे चैनल पे जाएंगे ना एडम सीकर ऑफिशियल पे, तो आपको मिलेगी स्टोरी टाइम। उसका पार्ट वन, पार्ट टू, पार्ट थ्री, पार्ट फोर, पार्ट फाइव, पार्ट सिक्स, पार्ट सेवन। सात पार्ट कर चुका हूं स्टोरी टाइम के। आप जाके देखें। सातों के सातों पार्ट। ऊपर से लेकर नीचे तक। भीख मांगा नबी, भिखारी नबी और भिखारी खुदा। अरे कोई दीन की तालीम तो दे दो, फिर भीख भी मांग लेना। जी। तो कुरान को अगर समझना है, तो फिर आपको रेवोलेशन ऑर्डर के मुताबिक पढ़ के समझना पड़ेगा। करंट ऑर्डर में आपको समझ नहीं लगेगी। कोई चीज इधर है, कोई चीज उधर है, कोई चीज उधर है, कोई चीज उधर है। अगर करंट ऑर्डर में पढ़ना है, तो तिबरी और कुर्तबी या कम से कम कुर्तबी की तफसीर को पढ़ते हुए पढ़ें। लेकिन होगा क्या? एक आयत के लिए आपके पास छह पेजेस की तफसीर है। वैसे ही बोर हो जाएंगे आप। एक आयत के 10-10 तर्जमे हैं। 10-10 इंटरप्रिटेशन है। जी। तो भाई साहब, बात ये है कि अर्ली स्कॉलर्स को पता ही नहीं कुछ था। वो 10-10 बातें बता देते थे। एंड में हर हर आपका जो सेट है, वो क्या करता है? वो एक आधा पोर्शन पकड़ लेता है। ये ये वाला सी है। बाकी को छोड़ दे। कोई दूसरा दूसरे को पकड़ लेता है। कोई तीसरा तीसरे को पकड़ लेता है। चौथा चौथा। आपके सेट बन जाते हैं। क्योंकि क्योंकि मोहम्मद इस मामले में बहुत चालाक था। अगर मोहम्मद ने ये कुरानी आयतें दी है ना, तो मोहम्मद बहुत चालाक था। उसने बहुत वेग आयतें दी हैं। इतनी वेग है कि उनको किसी भी जगह पे एडजस्ट किया जा सकता है। तो वेगनेस ऑफ द वर्सेस की वजह से वो इतनी ज्यादा उसकी इंटरप्रिटेशन मिल सकती। बिकॉज़ वेग है। अगर वो इतनी वेग ना होती, हर वर्ष का तकरीबन सिमिलर सिमिलर जवाब मिलता, तो भाई बड़ा इजी हो जाता उसको समझना। और इसी वजह से मसला है।

अच्छा एडमम भाई, एक सवाल और करूंगा, वो यह है के मेरा ये एक सवाल है आपसे के ये जो कुरान के अंदर है, यानी के इसमें हजरत मोहम्मद का जिक्र है। इसके इसके अलावा हजरत ईसा का जिक्र है। फिर हजरत मूसा का बाकी पैगंबरों का भी है। तो ये एक खुदा ने जो मुख्तलिफ कौमों पे मुख्तलिफ पैगंबरों को भेजा। तो इसका क्या लॉजिक? इससे क्या आपको यह नहीं लगता?

बात ये है कि मुख्तलिफ कौमों पे नबी नहीं आए। ये ये सबसे बड़ा आर्गुमेंट गलत है, क्योंकि अल्लाह ने बता दिया कुरान में। इसलिए आप आर्गुमेंट लेते हैं। किसी कौम पे नहीं आया। किसी कौम पे कोई नबी नहीं आया। सिवाय एक ही कौम पे, जो कि है हब्रू कौम। हबू कौम को तरात में लिखा हुआ है, मैंने खुदा खुदा को तरात में बोलता है, मैंने तुम्हें चुन लिया है, मैं तुम्हारे थ्रू अपना पैगाम दुनिया को पहुंचाऊंगा। ठीक है? तो हब्रू कौम के ऊपर आया। सारे के सारे अंबिया हब्रू कौम के हैं। ईसा तक। मोहम्मद वो वाहिद बंदा है जिसने कुछ क्लेम किए बाद में आके और उन क्लेम्स में उसने अपने आप को डाल दिया और वो आ गया। बाकी किसी कौम के ऊपर नबी कोई आया ही नहीं। जितने भी नाम है कुरान में, सारे के सारे हबू लोगों के नाम है। नोहा, मूसा, इसहाक, याकूब, इस्माइल, जितने भी नाम हैं, सारे के सारे यहूदी कौमों के नाम हैं। यहूदियों से बाहर तो नबी कोई नहीं है। तो भाई, तोरा अगर कोई बंदा आखरी बुक लिखने के 600 साल बाद आके कुछ क्लेम कर दे, तो आप उसको कैसे मानेंगे कि क्लेम सच्चा है कि झूठा है? एविडेंस किधर है?

मोहम्मद ने क्या किया? नबी पकड़े, यहूदियों के कांसेप्ट्स पकड़े, कुछ क्रिश्चियंस के, कुछ यहूदियों के, कुछ कांसेप्ट्स पकड़े, जोरास्ट्रियंस के और इन सारे कांसेप्ट्स को मिक्स किया, आल्टर किया, चेंज किया, मिंगल अप किया, खिचड़ी बनाई और अपना दीन निकाल दिया। दैट इज व्हाट इस्लाम इज। इट्स अ खिचड़ी ऑफ सिक्स डिफरेंट रिलीजियस आईडियोलॉजीस। जुदाइज़्म, क्रिश्चियनिटी, अ जोरास्टियनिज्म, बेबलोनियनिज्म एंड पेगनिज्म जो उस इलाके का पेगनिज्म था। क्रैशियों का सो कॉल्ड पेगनिज्म जो था। हज आपका सारा पेगन वही त्यौहार है। उनको चेंज करके उनके पीछे नई वाली स्टोरी बनाकर तो हज बनाया गया। यह छह आईडियोलॉजीस को पकड़ के इनको मिक्स एंड मैच करके इंटरमिंगल करके इसकी खिचड़ी बना के दीन मोहम्मददी निकल आया। दैट्स व्हाट दी मोहम्मददी इज ऑल अबाउट। और क्या है? जी।

तो बस एडमम साहब, मैं बस एक और सवाल करके जा रहा हूं। ज्यादा टाइम नहीं लूंगा। शुक्रिया आपका आपने टाइम दिया। मैं बस भाई आपसे बात करेंगे। हां, सवाल करेंगे। अच्छा, मैं बस ये कह रहा हूं के आपका मैं चैनल देख लेता हूं उस पे रेवोलेशन ऑर्डर में सूरतों का। दूसरा ये के ये जो इस्लाम के अंदर एक टेस्ट का है तसवुर या इम्तिहान आजमाइश का, इसके अंदर जी। गुलशन बात है। किस किस्म का टेस्ट? अगर अल्लाह ने हर किसी की तकदीरें पहले से लिख दी, तो टेस्ट किस बात की? दुनिया लिखने से पहले अल्लाह कहता है, सूर कलम लिखने लिखने से पहले कलम। कलम ने सब कुछ लिख दिया, फिर कलम को सुखा दिया। कलम अगर सूख गया, तो दोबारा तो चेंज कुछ होगा नहीं। तो जो लिख दिया, वही होना। टेस्ट किस बात का? कहने का मतलब अल्लाह अल्लाह ये कहता है कि उसके कलम ने गलत लिख दिया? तो अगर उसका कलम गलत नहीं लिख सकता, तो फिर टेस्ट किस बात का? और अगर कलम ने लिख दिया और वो मिट नहीं सकता, क्योंकि हदीस है बुखारी मुस्लिम की भी के वो क्या एक बंदे ने आके पूछा था, जो कलम ने लिख दिया, क्या वो कलम चेंज हो सकता है? नहीं। मोहम्मद ने कहा, नहीं। वो कलम सुखा दिया। उसके वो कलम सूख गया। तो उसने कहा कि जो इस दुनिया में होता है, जो इस दुनिया में हम करते हैं, क्या वो उस कलम की वजह से है? मोहम्मद ने कहा, हां, उस कलम की वजह से। तो जो कुछ तुम करते हो, वो उस कलम की वजह से है। तो अगर सब कुछ उस कलम की वजह से है, तो टेस्ट किस बात का है? लिख दिया हुआ है। वो आपने वही करना है, वरना तो अल्लाह झूठा साबित हो जाएगा। अल्लाह का कलम झूठा साबित हो जाएगा। तो अगर कलम ने लिख दी एफ और मैंने वही करना है, तो भाई मेरे पास तो फ्री विल ही नहीं है। कलम लिख दिया हुआ है। कलम लिख के गया हुआ है। मेरे पास फ्री विल ही नहीं है। तो मैं एक ऐसा रोबोट हूं, जिसका कोड अल्लाह ने पहले लिख दिया हुआ है और मैं एज अ रोबोट वही काम अब करूंगा, जो उस कोड में लिखे हुए हैं। जी। तो लिहाजा, फिर मुझे जन्नत जहन्नम किस बात पे भेजेगा वो? ऐसा अल्लाह मेरे सामने कर रहा था, तो चपेट मार के उसका मुंह भी तोड़ दूं मैं। किस किस्म का खुदाया तू भाई? कोड तूने खुद लिखा मेरा। मैं उस कोड को चेंज ही नहीं कर सकता। कलम तूने सुखा दिया कि कभी तू भी चेंज नहीं कर सकता। तो उसके बाद तू मुझे जहन्नम कैसे भेज सकता है? जन्नम कैसे भेज सकता है फिर तू? किस बात की जन्नत? किस बात की जन्नत? जन्नत कैसे भेज सकता है? चलो यह जन्नत पूछ लो। तो मैंने तो कुछ किया ही नहीं। तू नहीं करवाया। तेरे कोर्ट ने कराया। अबे जन्नत किस तरह भेज रहा है? जन्न किस तरह भेज रहा है? फ्री फ्री विल तो दी नहीं तूने। जी। ऐसे अल्लाह को चंडे मार के, ऐसे अल्लाह के चंडे मार के दान तोड़ के बाहर निकाल देने चाहिए भाई साहब।

तो ये जो शैतान इब्लीस का कांसेप्ट है, ये आप देखें पारसी का जोस्ट्रियनिज्म का है, जो उसमें दो खुदा है, उसमें खैर दो खुदा है जिनकी डिस्टिंशन है अच्छे और बुरे की। तो इसमें इस्लाम में बस फर्क ये है कि अल्लाह एक खुदा है, जिसकी वो शैतान तखलीक है और उसने ठेका लिया है कि मैं लोगों को बुराई की तरफ ले जाऊंगा। अच्छा, यहां पे एक चीज है कि जब सूर बकरा के अंदर बात हो रही है अल्लाह के और शैतान इब्लीस के बीच, जब जब अल्लाह ने कहा कि इब्लीस को कि तू सजदा कर आदम को, तो जब उसने मना कर दिया कि नहीं, तो फिर अब वहां पे ये है कि उसके पास क्योंकि वो पहले, मैं अभी कुछ दिन पहले ही इसका पता चला है कि वो फरिश्ता नहीं है। वो जिन था, क्योंकि वो आग से बना हुआ था। तो अब क्योंकि वहां पे बात ये हो रही थी के उस पॉइंट पर सिर्फ फरिश्ते थे, तो फरिश्तों के बीच जिन कैसे आ गया? तो और उसके बाद उसने उसने उसने उसके बाद जो इब्लीस है, फिर अल्लाह ने उसे कहा, ठीक है, जो तेरे इंसाफ यानी कि जो मेरे बंदे हैं, वो तेरी तरफ नहीं आएंगे। तो उसके बाद फिर शैतान ने खुद हजरत आदम, जो अल्लाह के ही नबी थे, उनको जन्नत में जाके खुद भड़का दिया। तो यह कैसे हो सकता है कि अगर अल्लाह ने यहां पे अल्लाह ने शैतान को जन्नत से बाहर निकाल दिया गया था। इसके अगली आयत है, डिसेंड फ्रॉम हियर। निकल जा यहां से। नीचे गिर जा यहां से। पहली बात यह है कि बेकार कैसे दिया, वो तो बाद की बात है। पहली बात, जन्नत में दाखिल कैसे हुआ? सुरंग खोदी थी उसने। जन्नत से तो निकाल दिया गया था। अगर निकाल दिया गया था, तो फिर जन्नत में वापस दाखिल कैसे हुआ? पहली बात तो ये है। नंबर वन। अगर वो जन्नत में दाखिल हो गया, तो ऑलरेडी अल्लाह की डिसेंडमेंट से वो ज्यादा ताकतवर है। अल्लाह से ज्यादा ताकतवर है। क्योंकि अल्लाह ने निकाल दिया था, वो फिर घुसाया जन्नत में। दैट्स पॉइंट नंबर वन। ठीक है? अच्छा, अब इस पॉइंट को पहले साइड में रखते हैं। जो ये पूरी स्टोरी है, ये तीन तीन टोटल तीन आइडियोलॉजीस का मिक्सचर है। ठीक है? पूरी स्टोरी ये क्रिश्चियन क्रिश्चियन आईडियोलॉजी और अपना क्या कहते हैं उसको, दूसरी कौन सी है वो गिंजा रब्बा और जोरास्ट्रियन। इन तीन आईडियोलॉजीस का मिक्सचर है। हब्रूस चैप्टर नंबर वन की वर्स नंबर आप पढ़ेंगे ना चार पांच छ, तो आपको पता लगेगा कि वहां पे जो खुदा है, जिसने इंसानी रूप लिया, क्राइस्ट, उसको सजदा हुआ है। तमाम फरिश्तों ने उसको सजदा किया था। अब यहां पे क्राइस्ट को निकाल के आदम डाल दिया गया। यहां पे जीसस को निकाल के आदम डाल दिया। क्राइस्ट को सजदा होना ओके है, क्योंकि वो तो खुदा है। आदम को कैसे सजदा हो गया कि वो खुदा तो है नहीं। प्रॉब्लम यहां पर आ गई, लेकिन आदम को डाल दिया। दूसरी तरफ से शैतान जो है, वो आग का बना हुआ है। फरिश्तों की सफ में कैसे गया? गिंजा रब्बा के अंदर कुछ फरिश्ते होते हैं, जो कि नूर के हैं। कुछ फरिश्ते हैं, जो कि आग के हैं। तो उनको कहते हैं नूरी फरिश्ते और नारी फरिश्ते। अब मोहम्मद के फरिश्ते नारी है नहीं। तो लिहाजा, उसको जिन बना दिया बाद में। यानी नहीं, ये जिन था। मोहम्मद कांसेप्ट समझ नहीं सका। उसने वहां से चोरी किया था। बाद में कौन सा समझ नहीं सका। तीसरी चीज आ जाती है आपके पास जोरास्टियन कांसेप्ट, जहां पे टू को इक्वल एंटी पावर्स मौजूद हैं। पॉजिटिव की और नेगेटिव की। तो यहां पर उस शैतान को नेगेटिव की एंटी गॉड पावर के तौर पर सिखा दिया गया है। सो इन तीनों आईडियोलॉजीस को मिक्स करके ये वाली टोटल स्टोरी बनाई गई हुई है। अदर वाइज शैत ना तो आदम को फरिश्ते सजदा कर सकते हैं, क्योंकि वो खुदा नहीं है। ना ही एक जिन फरिश्तों की सफ में आ सकता है। और ना ही जिसको बाहर निकाल दिया गया है, गिरा दिया गया है, डिसेंड करा दिया गया है, वो दोबारा जन्नत में दाखिल हो सकता है। वो दोबारा जन्नत में इसलिए दाखिल हुआ कि वो को इक्वल टू गॉड पावर है जोरास्टनिज्म की। वो नारी इसलिए है, क्योंकि जोरास्ट किज़ रब्बा से चोरी किया गया हुआ है। साबेईन की किताब से और सजदा फरिश्तों ने इसलिए किया है, क्योंकि जीसस को सजदा हुआ। तो लिहाजा, लेकिन वहां पे तो गॉड है। लिहाजा, मोहम्मद जीसस को सजदा नहीं करा सकता था। उसने आदम को करा दिया। तो दिस इज़ अ मिक्सचर ऑफ थ्री डिफरेंट आईडियोलॉजीस। जैसा कि मैंने कहा, इस्लाम में हर चीज मुख्तलिफ आईडियोलॉजी का मिक्स एंड मैच है। खिचड़ी है। इसीलिए तो नई आईडियोलॉजी बनाया। मोहम्मद को जब तक वो टेढ़ामेढ़ा ना करता, नई आईडियोलॉजी कैसे बनाता? तो नई आईडियोलॉजी बनाने के लिए उसको मिक्स एंड मैच करना पड़ा था।

तो ये जो बात है के हजरत मोहम्मद जो थे, वो उम्मी थे। यानी कि उनको लिखना पढ़ना नहीं आता था। तो इसका मतलब अगर वो अगर मोहम्मद उम्मी नहीं था। मोहम्मद उम्मी था, लेकिन उम्मी इसको नहीं कहते, जिसको लिखना पढ़ना ना आता हो। कुरान के मुताबिक उम्मी उसको कहते हैं, जिसको तरबूर पुरानी किताबों का ना इलम हो। कुरान के मुताबिक पुरानी किताबों का पता होता है। उम्मी कहते हैं, क्योंकि कुरान कहता है कि

ए अहले अरब तुम में से कुछ लोग ऐसे हैं जिनको अहलुल किताब कहा जाता है। और कुछ वो हैं जो उम्मी हैं। तो उम्मी वर्ड उसके लिए बोला जाता है जो के अहले किताब ना हो। जिसको किताब का ना पता हो।

कुरान चैप्टर नंबर थ्री आयत नंबर 20 आप जाके पढ़िएगा। चैप्टर थ्री आयत 20 वो कहती है कि जो लोग जिन्हें किताब दी गई है, ऐसे लोग भी जिन्हें किताब दी गई है और उम्मीन भी हैं। मैं आपको कुरान ये दिखा देता हूं एक सेकंड रुकिए। रुक जाए जरा।

तो उम्मी का लफ्ज इनहेरेंटली अनपढ़ के लिए यूज़ नहीं होता। ये देखिए। ये रिमूव करके ऐड करते हैं। ऐ नबी अगर वो आपने हुजबाजी करे तो आप कह दे मैं तो अपना चेहरा अल्लाह के सामने झुका दिया। उन्होंने मेरा इत्तबा किया। ऐ नबी आप कह दीजिए इनमें से के जिन्हें किताब दी गई थी यानी के यहूद नसारा और उम्मी में से भी। यानी के उम्मी उसे कहते हैं जो के उस जमाने में पेगन था।

इसकी एक और आयत है चैप्टर नंबर टू की आयत नंबर 78 वो भी दिखा देता हूं आपको। जो कहती है तुम में से कुछ लोग वन और तुम में से कुछ लोग हैं उम्मी है। वो उम्मी है क्यों है लाल किताब? क्योंकि वो इलमी किताब को नहीं जानते। अमंग देम आर अनलेटर वन हु डू नॉट नो द स्क्रिप्चर। और तुम में से बाज अनपढ़ हैं वो किताब का इलम नहीं रखते। तो बेसिकली उम्मी उसे कहते हैं जो किताब का इल्म नहीं रखते। यानी कि जो तराजबूर और इंजील पढ़े हुए नहीं है।

अच्छा अब अगर मोहम्मद पढ़ा हुआ होता तो इतनी ज्यादा बोंगिया ना मारता। तो ही वाज नॉट द पर्सन जिसने तराजबूर इंजील पढ़ी हो। यह वह बंदा था जो सुनता था। बिकॉज़ ये ट्रेडिंग करता था। 242 साल की उम्र से 22 साल की उम्र से ट्रेड करता था और ट्रेड में लेके जाता था खदीजा के काफिले इर्द-गिर्द के इलाकों में। वो इर्द-गिर्द के इलाकों में कौन से लोग हैं? यहूद नसारा और कौन है? ठीक है? एंड जोरास्ट्रियंस। जोरास्ट्रियंस आगप्रस्त। अगर नीचे जाएगा तो आगप्रस्त मिलेंगे। ऊपर जाएगा तो यहूदो नसारा मिलेंगे। ईस्ट में जाएगा तो बेबलोनियंस मिलेंगे, पेगेंस मिलेंगे। सो ही यूज टू लिसन टू दोज़ स्टोरीज। वो उन स्टोरीज को सुनता होता था। क्यों? क्योंकि उस जमाने में टीवी नहीं होते थे। शाम को जब खेमे लग जाते थे, आग के गिर्द खाने बन रहे होते थे तो कहानियां ही चली रही होती थी। जिस तरह आप फिल्मों में देखते हैं कैंप फायर में बातें हो रही हैं। दैट्स इट। हम राइट?

सो नाउ द प्रॉब्लम इज वेरी सिंपल के ये एक ऐसी चीज है कि जिसको अगर आप समझ जाए तो आपको बिल्कुल 100% समझ आ जाएगी कि उसने जो कहानियां सुनी हुई थी उनको मिक्स एंड मैच करता रहा है। ही जस्ट केप्ट ऑन मिक्स एंड मैचिंग देम। दैट्स इट। जी।

तो ठीक है फिर साहिल भाई को अगर उन्होंने बात करनी है तो उनको आप तो वो आ जाए फिर भाई और क्या बात करनी है भाई इतना तो कर लिया जी शुक्रिया भाई टाइम का आप लोगों के वक्त का बहुत शुक्रिया दोनों के। चलिए थैंक यू नशा भाई सोचिएगा और मेरे हिसाब से ये जो आप शर्त लगाए हो यार मैं मैं पहले कुरान पढूंगा उसके बाद फिर डिसीजन लूंगा। मेरे ख्याल से ये अ वैलिड चीज नहीं है क्योंकि आप देखिए जैसे कि एडमम साहब ने बताया जब आप कुरान पढ़ना शुरू करोगे तो इतनी बोरिंग और इतनी ए्बगस किताब है ये के आप जो है ना बोर हो जाएंगे। आप आप उसको पढ़ ही नहीं पाएंगे। हम है ना? तो ओवरऑल जो कांसेप्ट पे आपको हमने बताया हुआ है दैट शुड बी इनफ टू अंडरस्टैंड दैट यू नो दिस इज नॉट अ राइट रिलजन दिस इज अ कल्ट एंड इससे बाहर निकलना चाहिए जी। चले आप लोगों से फिर कांटेक्ट करता हूं और ओके शुक्रिया जी थैंक यू थैंक यू।

चलिए यार दोस्तों सुपर चैट्स लेते हैं और उसके बाद स्ट्रीम को क्लोज करेंगे लेंगे। इट्स ऑलरेडी सिक्स आवर्स। तो दोस्तों, वैसे सुपर चैट लेने से पहले आपको बताते चले कल की स्ट्रीम स्केजल हो चुकी है। जाके लाइव करें और लाइक करें और शेयर करें। हम इस्लामिक एक्सट्रीमिज्म और सेंसरशिप पे बात करेंगे। अभी यस्टरडे 91 की तरह गुजरी है कि डे बिफोर यस्टरडे मैं स्ट्रीम कर रहा था इंग्लिश चैनल के ऊपर। तो एक खास सेंसरशिप शुरू हुई थी कि जो मजलूम थे ना वही जालिम दिखने शुरू हो गए। यह 91 के बाद जो मजलूम थे वही जालिम दिखना शुरू हो गए। और वह कैसे जालिम दिखना शुरू हो गए और क्या गेम हुई और किस तरीके से सेंसर किया गया चीजों को और किस तरीके से मैनिपुलेट किया गया चीजों को और अब वो चीज उठ के किस एंगल पे जा रही है के चार्ली का मर्डर हुआ और काफी मर्डर ये क्यों किस लिए कैसे इट्स अ वेरीेंट थिंग टू अंडरस्टैंड एंड रियलाइज के दुनिया की ऐसी कंट्रीज जो कि फ्रीडम ऑफ स्पीच एंड फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन को अपना बेसिक मोरल मानती हैं, बेसिक मोरल मानती है वहां पर भी इस किस्म की हरकतें होना शुरू हो गई हैं क्योंकि वहां पे बेशुमार इंपोर्टेड लोग आ गए और वो जो इंपोर्ट हुए हैं वो ऐसी आईडियोलॉजी से इंपोर्ट हुए हैं जहां पे प्रॉब्लम है जहां पे इनहेरेंट फ्रीडम नहीं है स्पीच की।

मैं बार-बार कहता हूं कि अगर कोई बंदा कह रहा है मैं ओपन माइक दे रहा हूं तो जाओ यार उसके साथ बात करो उसके साथ बात करो साबत करो रेफरेंस दो जलेबी नहीं बनाओ और अगर तुम जलेबी तुम्हारी है और खत्म हो जाती है तो भाई एकनॉलेज करो एग्री करो मगर हमारे पास यहां पे बहुत छोटे दिमाग वाले लोग आते हैं जिनको यह होता है कि हम हारेंगे नहीं हम अपनी बात मानेंगे नहीं फिर वो जलेबियां बनाते हैं फिर वो गालियां गलौचा करते हैं और इस टाइप की बदतमीजियां करते हैं भाई मैं हमेशा से जब से मैंने एक ये डिस्कशन करना शुरू किया है मेरा एक ही बात है तुम मुझे इज्जत दो आई एम गना गिव यू रिस्पेक्ट तुम मुझे रिस्पेक्ट नहीं दोगे मैं तुम्हें और तुम्हारे नबी को जलील करके रख दूंगा। सो मेक श्योर आओ अच्छे तरीके से बात करो क्योंकि वी आर हैविंग अ डिस्कशन और यह पाकिस्तान नहीं है कि आप जो मर्जी कह लो चलेगा।

वो जो है नहीं वो पास्टर साहब जिनके बारे में लास्ट टाइम मैंने बात की थी वो पास्टर ने बड़ी मजलूम होके वीडियो बनाई है फाइनली आपको नहीं पता कि क्या हो रहा है हमारे साथ यहां पे कल कल दिखाऊंगा मैं वो भी तो ये वही बंदा है जिसने आज से डेढ़ साल पहले जब वीडियो बनाई थी उसने कहा था कि मैं पाकिस्तान छोड़ के जाऊंगा ही नहीं। पाकिस्तान में हम बहुत सही हैं, बहुत खुश हैं, बहुत ये हैं, बहुत वो हैं। मैं वो भी दिखाऊंगा। तो मैं ये कहता हूं कि यार अपने आप के साथ सच्चे हो जाओ। अपने आप के साथ सच्चे हो। ये अपीज़मेंट पॉलिसी खत्म करो। इससे बेहतर है अपीज़मेंट करने से बेहतर है कि आप बोलो ही नहीं इस टॉपिक पे। पहले आप वीडियो बना रहे हैं। हम पाकिस्तान में बहुत अच्छे हैं। बहुत खुश हैं। हम यह हैं, हम वो हैं। आज आप यह वीडियो बना रहे हैं जनाब। ओ हम मजलूम है। हम कुछ कह देंगे तो हम मर जाएंगे। हम बर्बाद हो जाएंगे। हम दुनिया के 2 बिलियन लोगों की बात नहीं कर रहे। हम सिर्फ 2 मिलियन की बात कर रहे हैं जो पाकिस्तान में रहते हैं। और इतने ही मजलूम हो तो फिर आज से साल पहले वीडियो क्यों बनाई थी कि तुम बहुत अच्छी हो। तुम बहुत खुश हो। तुम तो कभी पाकिस्तान छोड़ के जाओगे ही नहीं। स्टॉप दी अपीजमेंट पॉलिसीज।

मैं यही तो कहता हूं। मैं तो मुंह से बोलता हूं कि तुम लोग विक्टिम हो। तुम सारे लोग विक्टिम हो। मैं इधर से बोलता हूं तुम विक्टिम हो। तुम लोग अपनी वीडियो बना के बना देते हो। नहीं नहीं हम विक्टिम तो नहीं है। हम तो बड़े खुश हैं। पहले जब दिल करता है मेरी बात को तुम नीचे कर देते हो। अपने आप को दिखाया तो तुम बिल्कुल ठीक हो। जब दिल करता है जब इस वक्त जब इस वक्त मैंने पकड़ लिया ऊपर से लेकर नीचे तक तो अब विक्टिम विक्टिम कार्ड खेल लिया। यह जो इस टाइप की जो सेंसरशिप हो रही है और यह जो गेम कर रहे हो और तुम लोग साथ दे रहे हो इन मुसलमानों का यह सब करने में ना बोलो बेहतर है ना बोलो उस टॉपिक पे जिस टॉपिक पे नहीं बोल सकते हो अगर तुम नहीं बोल सकते हो मेरी तरीके से क्योंकि मैं तो छुप के बोल रहा हूं सबको पता है मैं इसीलिए छुपा हुआ हूं क्यों छुपा हुआ हूं इसी वजह से दैट्स द रीजन कि मैं ओपन बोलता हूं नो तुम नहीं बोल सकते हो तो फिर अगर जो मैंने बोला है उसको अगर एग्री नहीं कर सकते हो कि मैंने सही बोला है क्योंकि तुम्हें पता है कि अगर तुम एग्री करते हो तुम तुम लुट जाओगे बर्बाद हो जाओगे तुम्हारे घर जला दिए जाएंगे तो भाई फिर उसके अगेंस्ट भी मत बोलो डोंट इवन स्पीक अगेंस्ट इट।

कल दिखाऊंगा आपको दोनों कटिंग्स तो कल सारा टॉपिक इसी पे होगा सेंसरशिप अपीजमेंट पॉलिसी एक्सट्रीमिस्म ऑल ऑफ दी थिंग्स एक्सट्रीमिज्म बुरा है या एक्सट्रीमिज्म सही है? व्हाट इज एक्सट्रीमिज्म? व्हाट इज इस्लामिक एक्सट्रीमिज्म? ऑल ऑफ दी थिंग्स जो है उसके ऊपर कल जेनेरिक बात करेंगे और हम इस चीज को बड़े डिटेल में देखेंगे कि क्या चल रहा है। जी साहिल साहब। थैंक यू सो मच एडमम साहब।

यार जितने लोग देख रहे हैं जरा पटपट जाके जो लिंक दिया गया है उस पे जाके लाइक कर दें ताकि कल की स्ट्रीम जो है आप लोगों को नोटिफिकेशन भी आ जाए और बाकी लोगों तक भी स्ट्रीम जो है ना वो पुश हो जाए। बहुत जरूरी है मेरे दोस्तों। मेरे प्यारों मेरे अजीजों जल्दी-जल्दी कर ले। नेक नेकी के काम में जो है ना वो देरी नहीं करना चाहिए। गलत बात होती है। सिर्फ 49 हर्बल खतना साहब जो है वहां भी पहुंच गए हैं। हेलो एवरीवन कर रहे हैं। थैंक यू सो मच। एवन हर्बल खतना भाई और यहां भी मौजूद है। ये देखिए ये भी कहते हैं एडमम भाई लाइक टू योर नेक्स्ट वीडियो एंड सुपर चैट इट। लेजिए। एवन हरबल पटना पिक्सेस टोपानगर फिर कहते हैं जैन जन्नत हाईली एडवांस स्ट्रोकिंग एरिया डू सेक हाई इंटेंसिटी बारबीक्यू एरिया व्लाह फिर कहते हैं जन्नत में टपाटप टपाटप टपाटप टपाटप टपाटप दोजक में पका पक पका पक पका पक पका पक मतलब वहां पर पकाया जाएगा आपको जन्नत में टपाटप है और दोजक में पका पक।

एवन हर्बल खतना भाई कहते हैं फिर से शुरू हो गए एक टॉयलेट की कतार यार ये मोमिनों को शर्म नाम की चीज नहीं है ना अपनी हार जो है ना वो एक्सेप्ट नहीं करते वो तो पटेल कोटा पटेल की जो धुलाई हुई थी यासमीन ने जो की थी और उसके बाद फिर अ उसकी चिता पे जो मैंने रिएक्शन वीडियो बना के आग लगाई आई थी तो आग इतनी तेज लगी कि भाई को चाहिए था डैमेज कंट्रोल के लिए कुछ ना कुछ करना तो बोले चलो 40 मिनट का वीडियो आसपास बना देते हैं तो उनको नहीं मालूम है कि भाई तुम इस तरीके से धोखाधड़ी करोगे तो हम तुमको पकड़ेंगे जरूर एनीवेज ताक्षर्य भाई कहते हैं जब आप दोनों साथ गाते हो टेररिस्ट से कम नहीं लगते क्या बात है सर ऐसा नहीं कहते इन टू द वाइल कहते हैं ग्रेट जॉब गाइस कैन इस्लाम एवर टोलरेट एक्स मुस्लिम बहुत मुश्किल।

एवन हर्बल खतना फिक्सेस कहते हैं हेलो मुर्तद एंड हेलो एवरीवन थैंक यू सर वेलकम लियो साहब कहते हैं आई एम सो एंग्री मुस्लिम व सेलिब्रेटिंग एंड सेड गॉड लॉजिक इज नेक्स्ट ही स्टार्टेड क्राइंग ऑन लाइव स्ट्रीम आई एम सो डिस्टर्ब। यस मैंने कुछ दो तीन जो रील मुझे आई थी ये शॉर्ट वाली फिर किसी मोमिन ने भी उसको ये जो बंदा है जिसका क्या नाम है एव्री है गॉड लॉजिक नहीं नहीं ये ये वाला जो बंदा जो स्क्रीन पे है मार्क क्रिक जो है या जो इसका नाम क्रिस हां क्रिस अपना क्या नाम है चार्ली क्रिक चार्ली तो भाई ये मोमिन लोगों ने जो पोस्ट किया हुआ है उस पे सारे मोमिन जो है वो खुशी की लहर है उनमें वो उधर खुशियां मना रहे हैं। यस दे आर सो ब्रेनलेस एंड यू नो दे दे डू नॉट हैव एनी एमथी टुवर्ड्स अदर्स। उनको बस एक ही दिखता है कि भाई मुसलमान इस्लाम का कोई दुश्मन है मर जाए तो खुशियां मनाओ बस। सो आई कैन अंडरस्टैंड दैट। तो ये गॉड लॉजिक अगर रास्ते में घूमता है ही शुड बी वेरी केयरफुल।

एक्स मुस्लिम अब्दुल भाई वो भी ओपन ही वो भी ओपन ही बात करता है। ओपन जाके बात करता है। यूके जाके बात की है उसने। वो ओपन डिस्कशन हां बट ही शुड बी केयरफुल क्योंकि ये गधों का जो है ना ज़ॉम्बियों का भरोसा नहीं है। एक्स मुसिम अब्दुल भाई कहते हैं साहिल भाई प्लीज सेंड वन परफ्यूम टू आवर अमित नहाटा फ्रॉम माय साइड लव यू जय हिंद। अरे थैंक यू सो मच अब्दुल भाई।

सतीश यादव कहते हैं साहिल भाई मेरा भी फीडबैक दिखा दीजिए। उछलता पानी। अ आपने सतीश भाई हां आपका फीडबैक शायद दिखा दिया था यार था अच्छा सही ये मोमिन क्यों नहीं आ रहे स्ट में पता है हां बोलो ये मोमिन क्यों नहीं आ रहे स्ट्रीम में पता है हां क्यों ये देखो कैसे बेवकूफ बनाते हैं मोमिनों को बताओ ये अपना मुंबई का गणपति का पंडाल है वहां देखो क्या हरकतें कर रहे हैं इलाहा इल्लल्लाह ईश्वर ही पूज्य है बराबर है अशद मोहम्मद रसूल अल्लाह मोहम्मद पैगंबर अल्लाह के संदेश का है आइए सला आओ नमाज की तरफ या नमाज परमेश्वर की भक्ति करना ईश्वर की भक्ति करना तो प्रसन्न होना जो प्रसन्नला सुख है तो करना तो कमी नहीं करना आप भक्ति उपासना तो देना है तो वाई फला या सफलते या यश ईश्वर अल्लाह की भक्ति के तो तुम सफल ब है तो परमेश्वर की भक्ति के सफल अल्लाहू अकबर अल्लाहू अकबर अल्लाह महान है अल्लाह सर्वश्रेष्ठ है संदेश संपूर्ण मानव जाति है फक्त मुसलमान नहीं है ये मस्जिद है इस परमेश्वर पूजा स्थल है पूजा है ये मंदिर के सामने बैठे हुए हैं ये गणपति का पंडाल है जो हां और सुनने वाले सामने सारे के सारे हिंदू है सबको सारे हिंदू है इन्होंने इनको यहां पे बिठाया क्यों है है साले बेगैरत क्या करेंगे अकल है नहीं लेकिन ये वन साइडेड सेकुलरिज्म जो है ना वो कब तक चलेगा भाई तुमको ये अपनी कोई मस्जिद के अंदर जो है इस तरीके से रामायण और जो दूसरे भगवान है उनके बारे में बोलने देंगे कि वो सबसे बड़ा है उसकी इबादत करो और बड़ा बोलने देंगे क्या वो लोग महान बोल के बेवकूफ बना दिया वही बात ये है जो भी बोल के बेवकूफ बनाया द प्रॉब्लम इज ये ये गणपति की पूजा हो रही है आई डोंट नो आपने कुछ लफज़ बोला है मुझे नहीं पता पंडाल पंडाल इस लाइक व्हाट इज पंडाल? ये टेंपरेरी सात दिन का 11 दिन का अलग-अलग जगह लगता है। गणपति का फेस्टिवल होता है। ओके? नहीं फेस्टिवल तो होता है। समझ लग गई मेरे को। पंडाल यानी कि वो एक खास जगह बनाई हुई है जहां पर गणपति की पूजा हो रही है। एक आप समझ लीजिए एक टेंपरेरी जगह बना रखी है जहां पर 10 11 दिन सात दिन पूजा होती है और उसके बाद में उनका विसर्जन कर देते हैं। मतलब समुंदर में या नदी में सो बेसिकली और ऐसी जगह जो के उसके आगे आप मुसल्टों को बिठा रहे हैं कि आओ यार हमें तलीम दो मैन लाइक सीरियसली यार और वो भी वहां पे आगे कोई खड़ा नहीं है जो कह सके यार तेरी ट्रांसलेशन गलत है तू झूठ बोल रहा है तू बोंगी ट्रांसलेशन दे रहा है तो यार ये तो बड़ा आसान है हिंदुओं को पकड़ के बेवकूफ बनाना अल्हम्दुलिल्लाह आओ यार मिलके बनाए सारे जो मर्जी कर लो यार उन्होंने सुन लेना। उन्होंने वेरीफाई नहीं करना। वेरिफिकेशन ही नहीं करनी, वैलिडेशन ही नहीं करनी। तो पूरे के पूरे मोहल्ले में एक भी हिंदू बंदा ऐसा नहीं है जिसको नॉलेज हो कि बोल क्या रहा है और झूठ बोल रहा है तो यानी कि बस बेहतरीन है आओ चल के बनाए तो सर सही सही बना रहे हैं बेवकूफ ये उनको भी पता है उनको पता है जिस कौम को हम बेवकूफ बना रहे हैं बेवकूफ बनाई जा सकती है तो वो सही बेवकूफ बना रहे हैं जो व्यवस्था है क्या पूजा व्यवस्था कर सकता नहीं है परमेश्वर था तो घर आएगा तो घर आएगा अभी समझ चलो वही ऊपर हिंदी में क्या लिखा फालतू के लिए ऊपर हिंदी में क्या बोल रहे है एडमम साहब मैं ये पूछूं ऊपर हिंदी में क्या लिखा हुआ है कैसे मूर्खों के माध्यम से हिंदुओं को भी मूर्ख बनाया जा रहा है महाराष्ट्र सरकार इस विषय में संज्ञान ले हिंदुओं को अपने धर्म ग्रंथों का बोध नहीं है और गणेश जी के पंडाल में इस्लाम का प्रचार प्रसार सर ऐसे लोगों पर सरकार तुरंत कारवाई करे। मतलब जिसने यह रील बनाई है उसने अपना कमेंट लिखा है ऊपर। तो सर बात ये है कि वो जो सरकार क्या करेगी? सरकार हम करेगी। इसमें सरकार का काम है जिन्होंने पंडाल बनाया ये तो उनका काम है। नहीं भाई तुम यहां नहीं बैठ सकते। अगर वो जबरदस्ती बैठने की कोशिश करें तो दे आर द वंस हु हैव टू कॉल द अथॉरिटी। सरकार इसके ऊपर रूल क्या बनाएगी? सरकार कैसे रूल बनाएगी इसप? लोगों को चाहिए लोगों को। इसमें गवर्नमेंट कुछ नहीं कर सकती है। ये तो लोकल काम है। ये लोकल अथॉरिटी का काम है। और लोकल अथॉरिटी भी तब आएगी जब ये लोकल लोग जो है कहेंगे कि भाई हमारा गणपति का त्यौहार चल रहा है। आगे स्टीकर लेके आगे खड़े हो गए हैं। ये क्या बदतमीजी है? ये जो इनका विरोध करने उनको बोलेंगे कि एक्सट्रीम एक्सट्रीमिस्ट है और इस तरह की बातें करेंगे और इस तरह बैठ के अपनी जगह पे जाके करो ना यार साइड पे जाके करो अपना पंडाल लगाओ पंडाल के आगे क्यों खड़े हो बैठा के उनको बकायदा बुलाया गया है यार वो साथ में वो दो वो टोपियों वाले भी है हिंदू भी साथ में है दो जो टेबल पे बैठे हुए हैं यहां तो फिर कोई बुलाओ ना किसी हिंदू को जो डेबिट भी कर सके सेकुलरिज्म है दबा के फिर उसके बाद कहते हैं जो है वो मुसलमान के साथ दोस्ती कर ली है। वो मुसलमान से शादी कर रही है। बचा लो उसको फिर बाद में रोने आ जाते हैं। हम पहले इस तरह बिठाओगे तो फिर क्यों नहीं करेगी? वो जानबूझ के ऐसा करते हैं। दैट्स देम दे आर दे आर सर्वाइविंग इन मैडम साहब यही जो भगवा कलर की जो टोपी पहने हुए हैं ये दोनों जन जो है जाके वहां पे बाजू की इनके वहां की मस्जिद के अंदर जाके थोड़ा हरे राम हरे कृष्णा हरे राम ना मैं कहता हूं मस्जिद के अंदर ना जाए भाई सीढ़ियों पे खड़े हो जाए सीढ़ियों के बाहर खड़े हो जाए ना मस्जिद के अंदर खड़ा करें सीढ़ियों पे खड़ा करें सीढ़ियों के बाहर रोड के ऊपर इन्हें कहो ना जाओ जाके करके दिखाओ ये मस्जिद के सामने करने नहीं तो यार वो आप रामायण की बात कर रहे हैं ये जो पीछे गणपति की लगाई हुई है ना इन्होंने वो गणपति का ही वो करना शुरू कर दे क्या कहते हैं यार उसको उसका भी एक नाम होता है नहीं गणपति का वो गणपति बप्पा जो वो बोलते हैं सारा वो एक पूरा है ना हां तो वही कर ले सेम थिंग लेट्स सी कितनी देर चलता है ये जो पीछे बैकग्राउंड में चल रहा है म्यूजिक वही चला दे खड़े होके और गणपति की जय जयकार करना शुरू कर दें देखता हूं कितनी देर खड़े हो सकते हैं वहां सेज भाई वोट बैंक का चक्कर से भाई वोट बैंक का चक्कर नहीं है। बेवकूफ हिंदुओं की गलती है और कुछ नहीं है। वोट बैंक क्या करेगा? इसमें कोई गवर्नमेंट का थोड़ी रोल है। चलिए आगे बढ़ते हैं। गलती है हिंदुओं की। जी। आगे बढ़ते हैं।

अमित सतीश भाई का सुपर चैट कहां गया? हां साहिल भाई मेरा भी फीडबैक दिखा दीजिए। यह लीजिए सतीश भाई आपका फीडबैक दिखा देता हूं। कहते हैं जी कल ही मेरे घर के पास अ परफ्यूम डिलीवरी हुआ है। अरसों बाद उछलता पानी परफ्यूम मिला। खुशबू मेरी वाइफ को बहुत अच्छी लगी। वो समझ गई ये साहिल भाई की परफ्यूम है। गजब का खुशबू है। आज मैं लगाया हूं। मजा आ गया। साहिल भाई कल एडमम सर की स्ट्रीम में आप आए नहीं सारे चाहने वाले आपको मिस कर रहे थे तो सतीश भाई थैंक यू फॉर दी फीडबैक और सुपर चैट भेज के आपने कहा दिखाओ हमने दिखा दिया थैंक यू सो मच।

जिन लोगों ने अभी तक साहिल परफ्यूम अभी तक ऑर्डर नहीं किया हुआ है यार पहली फुर्सत में जो नीचे बैनर चल रहा है रेड कलर का उसमें जो नंबर दिख रहा है आपको मोबाइल नंबर उस पर WhatsApp करें और अपना आर्डर दें अगर सस्ते में बढ़िया खुशबू चाहिए तो गो फॉर उछलता पानी या एग्जोटिक जो है एग्जोटिक भी आप ले सकते हैं। एग्जोटिक भी अच्छा है। उछलता पानी जो है वो काफी अच्छा है। तो 30 ml ₹550 का आ जाएगा भाई। उससे और सस्ता क्या मिल सकता है आपको? पूरा दिन आपके कपड़ों पर खुशबू रहेगी। प्लस कॉम्प्लीमेंट्स आपको अलग।

मिलेंगे। और क्या चाहिए? तो जल्दी आर्डर करें।

हर्ष देव कहते हैं, "अशोक स्तंभ तोड़ने का क्या मकसद है?"

एडमम साहिल भाई, यार उसी दिन मैंने जवाब दे दिया था ना। बार-बार सेम क्वेश्चन करके क्या मतलब है? यार सीधी सी बात है, वो आपको दिखाना चाहते हैं कि आपकी गवर्नमेंट और आपका जो भी नॉन-मुस्लिम वाला काम है, उसको हमारी मस्जिद और मंदिरों, अपना दरगाहों से दूर रखें। आप देश का कोई, यानी एक ऐसी चीज जो रिलीजियस सिंबल नहीं भी है, वह भी आप हमारे, उसको आप हमारे दरगाहों में, हमारे मस्जिदों में इंक्लूड नहीं कर सकते। हां, हम आपसे चंदे का पैसा बराबर लेंगे। हम अपने मस्जिद, मदरसे जो हैं, वो आपके और काफिरों के और बाकियों के टैक्स के पैसे से जो पैसा आता है, वो हम बराबर लेंगे। उसकी कमाई खाएंगे। उसका खाना खाएंगे। उसमें कंस्ट्रक्शन करेंगे। लेकिन कोई दूसरी चीज, कोई सिंबल, कोई दूसरा तरीका हम एक्सेप्ट नहीं करेंगे। दे शो दैट। तो बेवकूफ कौन हुआ? बेवकूफ गवर्नमेंट है, जो उनको जो है वो पैसा देती है रिपेयर करने में और उसको रिकंस्ट्रक्शन करने में, रिनोवेट करने में। गवर्नमेंट को चाहिए ना कि ऐसे लोगों को ना दे। ही लगा देना। पता नहीं। किसी ने कुछ कहा? बोला पैक्टोफर ही लगा दे। हां, मस्जिदों को रिन्यू, ये क्या रिनोवेट ही नहीं कर सकते। यहां तो पैसे दे रही है बेवकूफों की तरह। पैसे देते। भाई, हमको भी मालूम है, बाकायदा नेता लोग जो है ना, वो पैसे देके इनकी मस्जिद, मदरसे जो है वो बनवाते हैं, रिनोवेट करवाते हैं। एक अगर ग्राउंड फ्लोर पे मस्जिद है, तो परमिशन दिला के बाकायदा फर्स्ट फ्लोर का परमिशन पहले दिलाएंगे और उसके बाद फिर पैसे भी देंगे कि बनाओ। क्यों? वोट बैंक। वोट चाहिए उनको। अच्छा, इस तरीके से करते हैं ये लोग। बीजेपी, आरएसएस, गवर्नमेंट, कांग्रेस, सबों से पैसे लेते हैं और इनके मुल्ला, मौलवी बोलते हैं कि हम लोग बीजेपी, आरएसएस वाले हमको पैसे देते हैं। हां, बदनाम हम हो रहे हैं खाली। टिकट और सही बात है। पैसे नहीं करते हैं। सही है।

देवशीष रॉय कहते हैं, "मुझे ऐसा क्यों लगा साहिल ने अदनान की जगह अदना बोला?"

अरे रे रे रे! नहीं यार, अदनान ही बोला था। अंडा अंडा। प्यारे भाई, इसीलिए सबको एडमम का इंतजार रहता है। साहिल बहुत झेल जाता है। एडमम का स्टाइल एकदम क्लियर है। इसका बेइज्जती प्रूफ कवर तोड़ दिया। अब जरूर लगी होगी इसको। बिल्कुल सर। प्यारे भाई, थैंक यू। सही कहा आपने।

नरेंद्र वाघेल साहब, बहुत-बहुत शुक्रिया। रवि गायकवाड़, थैंक यू सो मच।

एक्स मुस्लिम अब्दुल भाई कहते हैं, "एडमम शेखर पासिंग नबी का 20% कट टू यू।"

आ हा हा हा! थैंक यू एक्स मुस्लिम अब्दुल भाई। वि भाई, थैंक यू सो मच।

नीरज गौतम कहते हैं, "नाइदर साहिल नर आइडम सी डिमांड फॉर एनीथिंग हुसवर सपोर्ट देम दे डू इट फॉर ह्यूमैनिटी ब्लॉक एमएमए परमानेंटली ही डजंट डिर्व टू जॉइ।"

नहीं यार, जॉइन करने दो। कभी अगर अच्छे से आके बात करना चाहेगा तो बात करेंगे। चार अकाउंट ब्लॉक किया ना, उसका आ रहा है। और अगर बदतमीजी करेगा तो बदतमीजी से उसको जवाब दिया जाएगा। बात करना चाहता है तो बात करेंगे।

फता जी कहते हैं, "गाली का मजा पंजाबी में है, वो किसी होर लैंग्वेज में नहीं।"

क्या बात है फतेह साहब, जो है इसको अप्रिशिएट कर रहे हैं। टीसी बर्मन जी, थैंक यू सो मच।

पिनाकिन कहते हैं, "मजा आ गया एडमम सीकर के आने से लाइव स्ट्रीम में चार चांद लग गए।"

थैंक यू सो मच पिनाकिन जी।

शैलेंद्र कहते हैं, "आपको कुछ नहीं पता एडमम और साहिल भाई इनका अल्लाह इसलिए पैसे मांगता था कि वो अपने लिए साहिबा खरीद सके पैसों की कमी थी ना भाई।"

अरे रे रे रे रे रे! अल्लाह की तो कोई साहिबा ही नहीं है भाई।

मोटरसाइकिल मैड, "नाइस क्रीड इज द बैकबोन ऑफ क्रिश्चियनिटी एनीवन हु गोस टू चर्च विल नो दिस नाइस ट्राई टू इमपर्सनेट अ क्रिश्चियन दिस एमएमए इज अनदर टिपिकल पाकिस्तानी डंगर शेमलेस।"

थैंक यू सर। थैंक यू।

फता जी कहते हैं, "वाह भाई क्या औकात दिखाई।"

थैंक यू।

गुनिया पिगमैन कहते हैं, "हुरैरा और आय आयशा ने मोह की गेम सबसे बिगाड़ी है।"

बिल्कुल।

पल्लवली कहते हैं, "रिप यानी रेस्ट इन पीस चार्ली के।"

थैंक यू पल्लवी जी।

सिद्धार्थ पड़ी साहब कहते हैं, "ये मीठा बिलावल भुट्टो है क्या?"

ब्लैक पिंक भाई कहते हैं, "ममदानी इस सन ऑफ मीरा नायर इंडियन फिल्म एक्टर। नोबडी वांट हिम एस मेयर ऑफ न्यूयॉर्क। इवन प्राइमरी फाइनल वर्ड कुड बी डिफरेंट वी आई वांट।"

ठीक है। थैंक यू फॉर द इन ब्लैक भाई।

फता जी कहते हैं, "हा अगर जी अगर जी छ ग्ला ओके पंजाबी में कुछ कह रहे हैं फता भाई।"

थैंक यू। अंग्रेजी में गालियां। अच्छा अंग्रेजी होगा। अगर जी ओके। फता साहब कह रहे हैं, "किवे आ भाई लाइव आ भाई कह रहे हैं या कीबिया भाई।"

आई डोंट नो। बट थैंक यू फता साहब।

कंटिक जी कहते हैं, "फितना फैलाने वालों को फर्जी सलाम फितना विल मीन पीस इन फ्यूचर प्लीज एक बार caio पे ज्वाइन करो ना वी कैन मेक योर डिजिटल वर्जन।"

आई हैव नो आईडिया व्हाट दिस कॉन्टिक इज बट आई विल चेक। थैंक यू।

सुभाष खटगी भाई कहते हैं, "फॉर ह्यूमैनिटी।"

थैंक यू सर।

ब्लैक भाई कहते हैं, "न्यूयॉर्क नबी मेयर ममदानी इस मीरा नायर सन ओके।"

कंटिक भाई कहते हैं, "लव टू कंट्रीब्यूट टू योर सक्सेस टू आवर एजेंटिक एआई बेस प्लेटफार्म।"

यार कंटिक भाई, मुझे WhatsApp करें आप।

ब्लू मैन कहते हैं, "लव साहिल एंड एडमम तेरा लव यार एजेंटिक एआई का क्या काम है कंट्रीब्यूशन के अंदर लाइक रियली।"

ठीक है। नाम चल रहा है एजेंटिक एआई का। इट डजंट मीन के मेरा मतलब है हर जगह पे एजेंटिक यही लगा दो यार। एनी हाउ, पता नहीं क्या है, क्या बोलना चाह रहे। इसी वजह से मैंने कहा उनको कि WhatsApp करें, सो दैट यू नो, आई कैन अंडरस्टैंड क्या आप एक्सजेक्टली चाहते हैं।

केरल केरल डी नयलैया को एचआईवी हुआ ऐसा न्यूज़ है। मैंने इस पर ऑलरेडी टिप्पणी की हुई है, स्टार्टिंग में देख लीजिएगा।

नीरज गौतम कहते हैं, "तुम आ गए हो नूर आ गया है। नहीं तो चिरागों से लाओ। जा चिरागों से लव लव जा रही थी लो जा रही हां एडम सीकर सर वी ऑलवेज वांट टू सी यू टुगेदर यू आर जेबी तुम आ गए हो नूर आ गया है नहीं तो चिरागों से लो जा रही तुम आ गए।"

उनका ही गाना। कैरल डी, थैंक यू सो मच फॉर बिकमिंग मेंबर।

ब्लैक विंग भाई ने स्वागत किया था एडमम साहब का, आ गया हीरो कह के।

बाइट्स ब्लेड कहते हैं, "रिसेंटली कन्वर्टेड भागो वो आ रहा है क्या कच्छा कलवा चालाक मायावी ने अभी तो वो डर रहा था उसने कहा एडमम ने आके तो फाड़ देने की शुरुआत में और दोस्तों झूठा बगैरत बात नहीं करूंगा।"

हर्ष देव कहते हैं, "अशोक स्तंभ तोड़ने का क्या?" अच्छा, ये इस मैंने ऑलरेडी जवाब दे दिया है।

मंदार मंदार तेंदुलकर कहते हैं, "ऐसा चुनाव तो भरे सॉफ्टवेयर डेवलपर हो तो इसके कंपनी को अल्लाह भी नहीं बचा सकता। सॉरी गलत पड़ा हो तो।"

मैं समझ गया आप क्या कहना चाह रहे।

प्यारे भाई कहते हैं, "यह इंजीनियर है साला जिसका 1500 साल पहले का एक सिर्फ एक सिंगल आर्कियोलॉजिकल प्रूफ मौजूद नहीं है। वह उससे पुराने सभी को झूठा बोलता है। क्या कार्टून है सर एकदम कार्टून है वो।"

मदन लाल शर्मा, थैंक यू।

हिंदू सनातनी भाई की एंट्री कहते हैं, "साहिल भाई सुना है कि यूरोप में मोमिनों को दूर रखने के लिए लेडीज डॉग को छोड़ पिक्स पालने लगे हैं। देखो WhatsApp भी किया।"

जी जी, वो आपका वो लायन वाला वीडियो मैंने देखा है। बाकी नहीं देखा है। थैंक यू सो मच हिंदू सनातनी भाई।

ब्लैक भाई कहते हैं, "जाबे छाके मी आई लाफ माय आई ऑफ व्हेन यू सेड दुआ करके अल्लाह को बुलाओ आई लव हाउ द टोन ऑफ दैट आर्टिफिशियल एमएमए शिफ्टेड आफ्टर इट भौकला गया था वो बोलता गुस्ताखी नहीं करो वाला क्या गुस्ताखी किया भाई तो ये बेचारों का हाल है।"

ब्लैक पिंक भाई कहते हैं, "खुशरे को हरस भरी जी ओके।"

जय शेख खांडेज कहते हैं, "बीसी 100% गाली खा क्या ही जाएगा। सब आजकल ब्लैक पिंक भाई जैसा क्यों लिख रहे हैं समझ में नहीं आ रहा है।"

प्यारे भाई कहते हैं, "अबे वहां कर्मा का कांसेप्ट है तो सवाल ही नहीं बनता और तेरे olला जैसे बड़े-बड़े दावे कोई भी दूसरा नहीं करता। एडमम सही रेला था इसको इसकी लायक है। थैंक इसी लायक है। थैंक यू।"

विनय रजोरिया कहते हैं, "साहिल रेड जूस इज वन ऑफ दी फाइनेस्ट परफ्यूम।"

थैंक यू सो मच विनय भाई फॉर अप्रिशिएटिंग। और जितने लोग रेड जूस ऑर्डर करना चाहते हैं, भाई लोग रेड जूस आउट ऑफ स्टॉक है। 10 दिन के बाद अवेलेबल होगा। सो इफ यू वांट टू आर्डर रेड जूस, वेट फॉर 10 डेज एंड देन यू कैन WhatsApp मी।

मिनाज कहते हैं, "इससे जरा सॉलिड प्रिंसिपल पूछना। सॉफ्टवेयर इंजीनियर का बेसिक्स है। ऊप्स कांसेप्ट पूछना। इंडिया से ज्यादा सॉफ्टवेयर इंजीनियर कहीं है क्या?"

बिल्कुल सर। इंडिया में तो भरमार है सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स की।

ऋग्वेद फल कहते हैं, "सर यू एंड एडमम दादा बोथ आर लाइक संताजी एंड धना जी ऑफ दिस एक्स मुस्लिम एक्टिविज्म कीप गोइंग एंड मेक स्वराज्य जय भवानी जय शिवाजी।"

थैंक यू सर। जय भवानी जय शिवाजी।

एक्स व जी कहते हैं, "एमएमए खत्म टाटा बाय-ब गुड बाय।"

थैंक यू।

ब्लैक पी भाई कहते हैं, "रिपीट कमेंट मोस्ट ऑफ द कंट्रीज विल स्लिप इनू सिविल वॉर और विल जॉइ अ बिगर वॉर कंक्लूजन विल कंक्लूड लेफ्ट लीडर्स ओके।"

ट्रेडिंग वि बीस्ट कहते हैं, "साहिल भाई यू आर द बेस्ट।"

थैंक यू।

सतीश यादव कहते हैं, "एमएमए एडमम सर के स्ट्रीम में आया था।"

जी जी, मैं सुन रहा था उस दिन।

डॉक्टर खालिद खान कहते हैं, "वो फर्स्ट वाला अफगानिस्तान का था। यह पाकिस्तानी है।"

हां, ये तो इसको आज मालूम पड़ा, वो भी पिछला स्ट्रीम चलाने के बाद कि भाई दोनों अलग-अलग बंदे हैं। लेकिन दोनों है एमएमए।

अभिषेक सिंह, "तो एमएमए का एमएमएस बना दिया साहिल भाई ने। थैंक यू।"

चतुर चालाक मायावी, "शी इज लव शी इज इन लव वि यू। दैट्स व्हाई शी इज कमिंग बैक। दैट्स ग्रेट।"

मिनाज कहते हैं, "एडमम भाई ने इसको वेडनेसडे को ब्लॉक किया था।"

प्यारे भाई, जिसके नोबी तीन दिन तक जहर से तड़प-तड़प के निकल लिए। olला ने उनका इलाज नहीं बताया। वो आकर मेडिसिन पर बात करते हैं। क्या कॉन्फिडेंस है?

बिल्कुल सही फरमाया आपने।

सूर्य नारायण रेड्डी, थैंक यू सो मच। रवि कुमार, बहुत-बहुत शुक्रिया।

क्रिकेट विद रुद्राक्ष कहते हैं, "भाई लोगों साहिल भाई रेड जूस की तारीफ करते हैं बट ट्रस्ट मी गाइस इररेजिस्टेबल इज दी बेस्ट परफ्यूम एवर आई हैव यूज्ड मेरे ट्रस्ट पे ऑर्डर करो सभी लोग।"

बिल्कुल। मैंने यह नहीं कहा कि इररेजिस्टेबल अच्छा नहीं है भाई। बल्कि मैंने तो इर्रेजिस्टेबल बहुत यूज़ किया हुआ है और आज भी मैंने पहना हुआ है इर्रेजिस्टेबल। सो टुडे आई एम वियरिंग ऊद मिस्टेक एंड इररेजिस्टेबल कंबाइन करके मैंने लगाया हुआ है। आहा, अभी भी मेरे कपड़ों से जो है ना, वो खुशबू आ रही है ऊत मिस्टेक की और एक जगह पे इररेजिस्टेबल की आ रही है मेरी टीशर्ट पे से। तो यस, आई नो दैट इरेजिस्टेबल इज गुड। बट मेरा फेवरेट जो है, वो रेड जूस है। ठीक है? थैंक यू सो मच।

रेस्टफुल कहते हैं, "साहिल रसासी हवा हवस जैसा कोई परफ्यूम आप बनाते हो।"

नहीं, अभी फिलहाल तो नहीं है मेरे पास। तो हवस कितने वो हवास है या हवस है, पता नहीं लेकिन स्पेल स्पेलिंग से तो हम हवस ही पढ़ते हैं। तो अ रेसफुल भाई, अभी नहीं है फिलहाल कोई सिमिलर फ्रेगरेंस मेरे पास।

एएनआई कहते हैं, "यासमीन जी और मैं कहता हूं कि यार तुम रसासी पसासी सब भूल जाओगे कभी साइलिज्म परफ्यूम ट्राई करो इर्रेजिस्टेबल ट्राई करो रेड जूस ट्राई करो हॉट एबर ट्राई ट्राई करो और लग्जरी कलेक्शन में नंबर 72 ट्राई करो। फीमेल है तो एबर एक्लिप्स ट्राई करो। ट्राई तो करो। देखो सब ये रसासी सब भूल जाओगे आप।"

एएनआई कहते हैं, "यासमीन जी यस्टरडे आई वेंट टू स्टेशन एंड सॉ गर्ल इन हिजाब एंड थॉट केम इन माइंड। हिजाब को मोमिना का चलता फिरता टॉयलेट बोल सकते हैं क्या?"

क्यों यार? किस बुनियाद पे? नहीं। यासमीन ने किसी अपने उसमें बोला है शायद। अच्छा हां, तो यास्मीन का शायद कमेंट होगा वो इसके लिए। यासमीन लिखा था ना आगे। ठीक। तो एनीवेज दोस्तों, ये आमिर, ये कौन है? सही वाला चलाऊं। ये कौन है? पर मौजूद है। PayPal आईडी भी मौजूद है और बाय मी कॉफी का लिंक भी मौजूद है। तो यू कैन ऑलवेज सपोर्ट हिम ऑन दी नंबर्स। थैंक यू सो मच।

और ये क्या खतरनाक पेंग्विन साथ में सामने है मल्टी कलर में। क्या कह रही है सुनते हैं जरा। जरा हेडफोन आप लोग लगा ले दोस्तों, क्योंकि कुछ अश्लील बातें ये करने वाली होगी। 18 प्लस। अस्त प्लस एडम साहब। वैसे मजा आ जाएगा सुन के आपको। अस्तकफुल्लाह। गेट अस्तकफ्लाह। गेट अस्तकफुल्लाह। है कि एक मेल व्यूवर का क्वेश्चन था कि छोटी उम्र की लड़की से शादी करने के क्या फायदे हैं? देखिए, सबसे पहली बात तो ये है कि छोटी उम्र की लड़की से शादी करने के तो काफी सारे फवायद हैं। जिस तरह से मैंने अपनी पिछली वीडियो में फवायद है, फवायद छोटी लड़कियों से शादी करने के फवायद है, छोटी उम्र की लड़कियों से फवायद बताएगी। अभी फायदे बताएगी। सुनते हैं। मैं बता रहा था कि बड़ी उम्र की औरतों से शादी करने के क्या फवायद है। उनको आपका साथ जो है हमबिस्तरी करने में बहुत लुत्फ आता है और वो उस मर्द को भी बहुत लुत्फ देती है जिससे हमबिस्तरी करती है। उसकी वजह ये है कि उनका जो एक्सपीरियंस है, जो उनका तजुर्बा है, वो बहुत ज्यादा होता है और जिस वजह से वो मर्द हजरात को बहुत ज्यादा खुश कर पाती है। तो ज्यादा छोटी उम्र की। हां, बड़ी औरतों को। बड़ी बड़ी उम्र की औरतों का एक्सपीरियंस ज्यादा होता है। इस वजह से वो ज्यादा मजे देती है। और इसके पीछे का वो बैकग्राउंड तो देखो पत्ता भीगा हुआ पत्ता। इसके दूसरा कोई मिला ही नहीं रे बाबा बैकग्राउंड। हां, तो ठीक है। बड़ी उम्र की औरतें ज्यादा लुत देती है क्योंकि एक्सपीरियंस ज्यादा होता है। ओके। जो लड़की होती है, उसको हम मिस्त्री के बारे में बिल्कुल इल्म नहीं होता। और उसको जो है हम मिस्त्री के सारे तौर तरीके सिखाने पड़ते हैं। ठीक है? तो इसके अलावा कुछ इस तरह भी कह सकते हैं। लेकिन छोटी उम्र की लड़की के साथ जो हम मिस्त्री का अमल है, वो बहुत लज्जत भरा हो सकता है। उसकी वजह ये है कि जिस तरह बड़ी उम्र की औरतें होती है, उनकी जो शर्मगाह का सुराख है, वो ढलक जाता है। थोड़ा ढीला हो जाता है। जिस वजह से इंटरकोर्स करने में प्रॉब्लम होती है। उस लिहाज से प्रॉब्लम होती है। ओके। हजरात जो है, बड़ी औरतों के इंटरकोर्स में जो है, इतना एंजॉय महसूस नहीं कर पाते, जो एक छोटी उम्र की लड़की के साथ होता है। क्योंकि जो छोटी उम्र की लड़की होती है, उसका जो सुराख है, वो बहुत ही बारीक होता है। छोटा होता है। जिस पे जब वो इंटरकोर्स करते हैं, तो उनको बहुत लज्जत महसूस होती है। जब मर्द का जुए तनासुल अंदर जो है फंस फस कर दाखिल होता है, तो उससे ज्यादा में। भाई, मैं जा रहा हूं भाई। ओ भाई, मैं जा रहा हूं। ओ बस कर। ओ बस कर। ओ बस कर। क्या बगैर ला रही है यार? क्या? ओ बस फंस फंस के जाता है। जस्ट इमेजिन यार कि ये मतलब मोमिनाओं को ये अ मतलब ये क्या कहते हैं? क्या तालीम दे रही है? तालीम दे रही है मोमिनाओं को कि भाई ये ऐसेसे चीजें होती है। ये ये ये क्या है यार? ये ये जो आते हैं हमारे पास कि जी किसी ये इन लड़कियों के चैनल पे जाके क्यों नहीं कहते कि अपनी बकवास बंद करो? बगैर तो लाइव नहीं करती है ना? ये स्टैंड अलोन वीडियो बनाती है। हां, तो उनके कमेंट में जाके कहे, बंद करो। क्या क्या बकवास कर रही है? क्या बकवास बात कर रही है? और अमित साहब बोल रहे थे कि इसके इसके पूरे चैनल पर तकरीबन इसी तरीके के वीडियो भरे हुए हैं। अरे ऐसे वीडियो है। हां, फंस फंस के जाता है। फिर करते हैं, तो वो ज्यादा लुत्फ हासिल करते हैं। उसकी वजह ये है कि जब उनके जो तनासिल को दबा के अंदर किया जाता है, तो इसी वजह से जो है उनको लुत्फ मिलता है। बहुत से जो मर्द हजरात है, वो मुंह में भी इसलिए नफ्स देना पसंद करते हैं कि मुंह का जो दरानिया है, वो उसको चाहते हैं कि वो जोर-जोर से जो है इसको चूसे और इसको दबा कर रखें। इस वजह से जो मर्द हजरात इस कुत्ते के पास फुल एक्सपीरियंस है। साली के पास। गश्ती की बच्ची मुंह में दबा के रखे। नहीं नहीं, इसको फुल एक्सपीरियंस कम से कम नहीं तो 15। अच्छा, वो ये नहीं बोलेगी एडम साहब कि वो हराम है ऐसा करना नहीं है। सुनो, अभी लेकिन जो कि जायज नहीं है, तो छोटी उम्र की लड़की है। मिस्ट्री करने में लुत्फ तो बहुत आता है। जाहिर सी जायज नहीं है। ओके। जायज नहीं है। हां, बात नहीं जवान हुई होती है। उनका जो सुराख है, वो तंग होता है। इसके अलावा जो बॉडी की ग्रोथ है, वो नई नहीं हुई होती है। सख्त हुई होती है। उसके जो पस्तान है, वो भी सख्त होते हैं। इसको सक करने में मजा आता होगा। मसलने में मजा आता होगा। जबकि बड़ी उम्र की जो औरत होती है, उनके बेस्ट जो है पस्तान जो है, वो ढलक जाते हैं। थान जिस वजह से उनको जरा ढीलापन महसूस होता है मर्द हजरात को और उसके साथ जो है हमस्त्री करने में भी इतना लुत्फ नहीं आ सकता। लेकिन बहुत से मर्द हजरात है, वो चाहते हैं कि औरत उसको बोस किनार करे, उसको मजा दे। उससे नए-नए तरीकों से हमस्त्री करे। तो उस लिहाज से उन मर्दों के लिए जो बड़ी औरतें हैं, वो ज्यादा मुफीद होती है क्योंकि उनके साथ जो है हमबिस्त्री का अलम उनका बहुत आसानी से पूरा हो जाता है। वो ज्यादा अच्छा पन महसूस करते हैं। इस वजह से जो है वो काफी लुत्फ हासिल करते हैं। लेकिन जिस तरह से छोटी उम्र की जो औरतें हैं, लड़कियां है, उनके साथ जो हमबिस्तरी का अमल है, उसमें भी अलग ही मजा है। ज्यादा मजा उन्हीं के अंदर है क्योंकि जो बड़ी उम्र की औरत होती है, आखिर मर्द उनसे उता जाते हैं इनके रुकोस की वजह से क्योंकि उनका जो सुराख है, वो काफी बड़ा हो चुका होता है। लेकिन जो छोटी उम्र की औरतें होती है, उनका ऐ के लिहाज से जो है सुराख बड़ा होता है। तो इस वजह से ज्यादा देर पर जो मर्द हमबिस्तरी करते हैं, उनको लुत्फ महसूस होता है, करार आता है जिस वजह से वो काफी इस लम्हे को एंजॉय करते हैं। तो उम्मीद करती हूं आपको दोनों बात हो गया। बैन हो गया। आज के बाद तू बैन है। तू कोई वीडियो नहीं लाएगा। साहिल, ये जो वीडियो लाएगा, मैं भाग जाऊंगा। यार, लेकिन एडमम साहब, इसको लास्ट में यह बोलना चाहिए था कि यह सारी इंफॉर्मेशन जो है, वो एक वाहिद शख्स से ऐसे शख्स से आई हुई है जिसने हर ऐज की औरत के साथ शादी किया हुआ है और हमबस्त्री की हुई है। तो इसको ऐसा कुछ बोलना ये नहीं। इसको इसको इसको ये इंफॉर्मेशन इस तरह मिली है कि इसने हर ऐज में ये काम कराए हुए हैं। अब इसका खुल के हो गया बड़ा सारा। पहले जब इसका टैट था, इसको इसलिए पता है कि यह बचपन से यह काम करा रही है, छोटी उम्र से और इसको फुल एक्सपीरियंस है। उस एक्सपीरियंस की बेस के ऊपर से ये सारी इनफार्मेशन दी। अब इसके ढलकुल गए हैं, इसीलिए ये जो है ना, ये कपड़ा छपड़ा पहन के आई हुई है। तो ये बचपन से मुख्तलिफ मर्दों के साथ ये कर करके इसे पता है मुंह में कैसे खचना है और कैसे तंग होता है, तो फंस फंस के जाता है एंड ऑल दैट। सो दैट्स हर पर्सनल एक्सपीरियंस। बिल्कुल फुल पर्सनल एक्सपीरियंस ही लग रहा है। बेगम का और बेगम नहीं, क्या कहते हैं उसको? मोमिना का। तो चलिए, आई होप आप लोगों को थोड़ा एंटरटेनमेंट भी मिल गया होगा मोमिना की वजह से। तो दोस्त, एबाब जातेजाते ए1 हर्बल खतना फिक्सेस टोपानगर कहते हैं, "वाह अमित भाई क्या इन।" अमित साहब भी लेके आए थे। और पायलट वाला कहते हैं, "आज से इसका नाम मम्मी रंजीता। वाह भाई वाह। पापा रंजीत के बाद मम्मी रंजीता।"

तो यार दोस्तों, काफी वक्त हो चुका है। सवा हो चुके हैं। वी आर ऑलरेडी लेट। रात को मिलते हैं। हां, एडमम साहब की स्ट्रीम में आप सभी लोगों के साथ मुलाकात करेंगे। स्ट्रीम ऑलरेडी सेट हुई हुई है और लिंक भी आप लोगों को दिया गया है। तो विदाउट फेल आपने जो है ना, वो कल स्ट्रीम में जुड़ना है। अब एडमम साहब, आप भी अपने तरीके से बोल दीजिए, फिर स्ट्रीम क्लोज करते हैं।

यार जो ना जुड़ा ना, उसकी पिटाई हो जाएगी और जो शेयर ना करे, उन गाल पा देनी मैंने। एे जिनने शेयर ना, वो गाल पाती बस याद रखना। सो इसको शेयर करें ज्यादा से ज्यादा और लोगों को ले आए और बड़ी ही डिफरेंट किस्म से कल गपशप तो होएगी रात को और यू विल गोना हैव फन एंड यू विल एंजॉय फॉर श्योर। अपना ख्याल रखिए, अपनों का ख्याल रखिए। मिलते हैं ब्रेक।

सो मच दोस्तों, खत्म करते हैं आज के स्ट्रीम को। जितने लोगों ने फाइनेंसियल सपोर्ट किया, आप सभी लोगों का बहुत-बहुत शुक्रिया। जितने लोगों ने अभी तक परफ्यूम नहीं मंगाया है, पहली फुर्सत में आपने जैसे ही स्ट्रीम क्लोज हो, आपने मैसेज भेजना है और परफ्यूम का ऑर्डर करना है। एक बार ट्राई करके जरूर देखिए। उसके बाद फिर अगर नहीं अच्छा लगा, तो अगले बार नहीं मंगाना। तो एक बार परफ्यूम जो है, वो हमारी पर्सनालिटी का हिस्सा है। इट्स अ बेसिक रिक्वायरमेंट के आपके पास से अच्छी खुशबू आनी चाहिए और वो आपको आपकी इस बेसिक रिक्वायरमेंट को पूरा करता है साइलिज्म परफ्यूम। तो जल्दी जल्दी आर्डर करें। WhatsApp मेरे नंबर पर और थैंक यू सो मच एवरीवन। आप लोगों के साथ कल एडमम साहब की स्ट्रीम में मुलाकात होगी। तब तक अपना ख्याल रखिए, अपना ख्याल रखिए। शुभ रात्रि। शब्बा खैर। जय हिंद। वंदे मातरम। जय हिंद। वंदे मातरम। मेरा ये चैनल सब्सक्राइब करें और मेरे हर अपडेट्स आपको मिले, इसके लिए बेल आइकन जरूर दबाइएगा। आप सभी को मेरी ढेर सारी शुभकामनाएं।