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Paradise Episode 05 - Iqra Aziz & Shuja Asad - Romantic Comedy - Express TV

Express TV32:39

Transcription

[संगीत] दिन तक तहारा मैं कितना बेचारा मैं, दिल तक तहारा मैं कितना बेचारा मैं। दिल की दहलीज पे नाम तेरा लिख के पैराडाइज, पैराडाइज। [संगीत]

और सर, आप मेरे लिए इतना कुछ क्यों करेंगे? क्योंकि आप बहुत ही हसीन हैं, और मैं हुस्न की कदर करने वालों में से हूं।

एक हफ्ते में इतनी सारी तैयारियां कैसे करेंगे हम? मैरना साहब, हाथ को समझने की कोशिश करो। जमशेद की जिस तरह की मशूफियात है, इतना बड़ा बिजनेस एंपायर है, उसके लिए एक हफ्ता भी निकालना बहुत मुश्किल है।

मुझे प्रॉब्लम शादी से नहीं है। मुझे प्रॉब्लम अरेंज मैरिज से है। कोई कैसे दो मुलाकातों में किसी के साथ पूरी लाइफ गुजर सकता है?

मैंने गुस्सा नहीं किया था। मैंने सिर्फ उसकी बात का जवाब दिया था कि खाना इंग्लैंड में ही थोड़ी अच्छा होता है। पर क्या जरूरत थी उससे इस तरह बात करने की? क्या समझेगा तुम्हारे बारे में?

हेलो आरिफ। भाई, किधर हो? तुमने तो आना जाना ही बंद कर दिया। भाई, मेरी कोई बात बुरी लगी हो तो माफ़ करना। बेटी की वजह से मुझसे नाराज तो नहीं हो?

अरे नहीं यार, रिश्ता ना होने का मतलब ये थोड़ी है कि हम अपनी बरसों पुरानी दोस्ती खत्म कर दें। यही तो हम सोच रहे थे। अब ऐसा करो कि जल्दी से घर आ जाओ। कुछ जरूरी बात करनी है तुमसे।

खैरियत है? क्या बात है? खैरियत ही है भाई। अब क्या हम तुम्हें बुला भी नहीं सकते?

नहीं, ऐसी बात नहीं है। नहीं नहीं, अगर मशरूफ हो तो बता दो।

अरे यार, हमारी कोई भी मशरूफियत हमारी दोस्ती से ज्यादा अहम नहीं है। चलो फिर आ जाओ।

कितनी देर में निकल रहे हो? निकलता हूं बस, फ्रेश होके।

ठीक है। चाय बनवाते हैं तुम्हारे लिए।

हैं? फ़ौरन? ओके। [संगीत]

मैंने तुम्हारी कभी किताब छेड़ी है? किताब छेड़ने के लिए पढ़ा-लिखा होना जरूरी है, और बाजे को छेड़ने के लिए अकलमंद होना जरूरी है।

यार, मैंने फिया से कहा कि एक मुलाकात में तुम फैसला नहीं सुना सकती। कम से कम उससे एक बार और मिल लो। कई बार इंसान की परतें पहली मुलाकात में ही खुल जाती हैं, और बाज़ औक़ात सारी ज़िंदगी साथ गुजारने के बावजूद हम इंसान को पूरी तरह नहीं जान पाते। लेकिन फिर भी यार, एक मुलाकात जरूरी है।

जिंदा रहने के लिए तेरी कसम, एक मुलाकात जरूरी है। अरे तुम कभी संजीदा होते हो कि नहीं? इससे संजीदा गाना और क्या हो सकता है, तुम बताओ? तुम सिंगर हो।

अरे मैं तुमसे पूछ रहा हूं तो गा दो, कोई भी। मैडम का इजहार भी मुश्किल है, चुप रह भी नहीं सकते, मजबूर हैं। उफ़ अल्लाह, कुछ कह भी नहीं सकते। अभी जिस कैफियत से गुज़र रही है ना, इस कैफियत में दुनिया का हसीन तरीन मर्द भी उसको बुरा ही लगे। रिजान को देख लो, क्या बुराई थी उसमें?

एक आरिफ़ अकल का बेटा है, वो। दो फमीदा आंटी का बेटा है, तीसरा उसके अम्मी-अब्बू। आरिफ़ अकल और फमीदा आंटी। अकबर ने तुम्हें फैज़ान की बुराइयाँ गिनवाने के लिए नहीं कहा था, तो फिर?

अरे यार, मुझसे गलती हो गई। मुझे लगा तुम लोगों से शेयर करूँगी तो तुम लोग एक अच्छा मशवरा दोगे, लेकिन तुम लोग कभी-कभी... इंसान जब कोई सवाल करता है ना, तो उसका जवाब पहले से ही अपने ज़हन में बिठा देता है। और जब मातलूबा जवाब नहीं मिलता, तो वो इसी तरह झिझक होता है जैसे महा होता है। व्हाटएवर। [संगीत]

हमने आरिफ़ को बुलाया है। बात सुनो, क्या मुसीबत है इस कमबख्त को बुलाने की? नज़र लगा देगा अभी, ताजा तो इंकार किया है अम्मा।

ऐसी बात नहीं है, अच्छा दोस्त है वो हमारा।

हां, लेकिन इस वक्त बुलाने की वजह? मैं कुछ शॉपिंग के लिए निकल रहा था, सोचा उसे भी दे दूँ साथ।

अच्छा, ऐसा कौन सा मशवरा है जो उस कबीज से लोगे तुम? एक तो अम्मा, गाड़ी उसकी है, और दूसरी बात ये है कि वो प्रॉपर्टी डीलर है। उसकी दुकानदारों से अच्छी दुआ-सलाम तो लेना क्या है? आखिर ऐसा पूछना थोड़ा... इससे क्या लेना है?

बस ये कुछ कालीन, डिनर सेट और ये पानूस वग़ैरह क्रॉकरी। ये घर का मेकओवर किस सिलसिले में हो रहा है?

अरे भाई, शादी वाला घर है। पता तो चले कि नवाबों के यहां शादी हो रही है।

ओह अच्छा। तो ये सब वो लंदन से आने वाली रॉयल फैमिली को इम्प्रेस करने के लिए कर रहे हैं ना आप लोग?

अरे बेटा, किसी को इम्प्रेस करने के लिए नहीं कर रहे। तुम हमारी शहजादी हो, उसकी शादी हो रही है। इतना तो करेंगे ना भाई। आप सबको ना, ये फ़ालतू चीज़ों पे पैसे नहीं खर्च करने चाहिए।

दादी, मैं इसके बिल्कुल हक़ में नहीं हूँ। देख लें आप। समझ से बाहर है ये लड़की। आखिर ये खुश किस चीज़ पे होती है भई?

बात सुनो। अभी तलक तुम हमारी समझ में नहीं आई। तुम किस चीज़ से खुश होती हो? तुम पे ही तो गई है। अम्मा, मुझे कहाँ बीच में घसीट के लेकर आ रही है?

अरे कहाँ घसीट रहे? आराम से तो बैठी भी हो। लो भाई। शादी के वक्त लड़कियां ऐसे ही गुस्सा करती हैं। और वैसे भी इस आलीशान घर को कौन छोड़कर जा सकता है?

आलीशान घर, वाह वाह भैया वाह। हालात कोई भी हो, हमारे बच्चे की मज़ाक करने की आदत ना गई कभी। सियानी हंसी हँस रहे हैं। [संगीत]

आई एम तैमूर। हाय प्रिया। [संगीत]

अभी उससे एक मुलाकात हुई है, और उसके बगैर एक लम्हा भी रहा नहीं जा रहा। [संगीत]

आई एम सो सॉरी, आई एम सो सॉरी, सॉरी। मैंने याद किया, तू आ गया मेरी रग-रग में ये समा गया। मैंने इस तरह से चाहा है तुझे, ऐ मेरी जान। तू जब से मिला है मुझे, रब तब से मिला है मुझे। तेरे संग लिखूँगा प्यार की दास्ताँ। आप ही ऑर्डर कर दे कुछ, क्यों? आपको क्या लगता है, अच्छा खाना सिर्फ़ लंदन में ही मिलता है? [संगीत]

आई विल हैव द सेम ड्रिंक्स, पानी। ओके। आई विल हैव द सेम। [संगीत] [प्रशंसा]

पिक्चर्स में आप काफ़ी लम्बी लगती हो। क्यों? आपको मेरी हाइट से परेशानी है?

नहीं नहीं, आपकी हाइट तो बिल्कुल परफेक्ट है। ओ दुनिया, तुझे संग ऐसे है जैसे के पैराडाइज। ओ दुनिया, तुझे संग ऐसे है जैसे के पैराडाइज। ओ दुनिया, तुझ संग ऐसे है जैसे के पैराडाइज। ओ दुनिया, तुझ संग ऐसे है जैसे के [संगीत] पैराडाइज।

वेलकम टू माय चैनल। आज मैं आपको जो रेसिपी सिखाऊंगा, उसमें मैं आपको बताऊंगा कि क्या जबरदस्त सूप हम आपको पिलाएँगे, बना के। जिसके लिए देखिए, मैंने बीफ़ लिया है। वेजिटेबल्स भी आ गई हैं, और सारे नेसेसरी जो मेरे मसाले हैं ना, वो भी सारे इसमें आ चुके हैं। तो हम अभी शुरू करते हैं।

अब्बा, क्या करें आप? हम... भाई, बताया था ना तुम्हें, अपना कुकिंग चैनल शुरू करना चाहता हूँ। तो आज से मेरा कुकिंग चैनल स्टार्ट।

अरे वाह! ये तो बहुत अच्छी बात है। वैसे पहली डिश क्या बना रहे हैं आप?

ओह! आई एम मेकिंग अ हार्टी बीफ़ सूप विद विस्टेश सॉस। हमारे घर में है?

नहीं, है तो नहीं। मंगवाया है? किससे? सुधीर से। और किससे? सुधीर से।

वेरी स्मार्ट अब्बा। उसे तो कुछ भी कहा जाए, वो उसका उलट ही लेकर आता है। पता नहीं क्या ही लेकर आएगा। जनाब, मैं भी उसकी समझ को समझता हूँ कि वो कहाँ तक जा सकता है। इसीलिए मैंने उसे लिख के दिया।

अच्छा, जब ये बन जाए ना, तो मुझे टेस्ट ज़रूर करवाइएगा। असल में एक्सपर्ट ओपिनियन भी तो चाहिए होगा ना। हम क्यों नहीं? अपनी बेटी को टेस्ट नहीं कराऊँगा तो किसको कराऊँगा?

लेकिन पता है क्या? बरसों से अरमान था मेरा शेफ़ बनने का। पहले अब्बा की वजह से ना कर सका, और फिर तुम्हारी माँ की वजह से।

अच्छा, लेकिन अब्बा, अगर आपका ये चैनल क्लिक कर गया ना, तो पैसों में मैं और आप पार्टनर्स। पैसे में मैं और आप पार्टनर। ऐसे नहीं बन जाते हैं पार्टनर। हेल्प करानी पड़ती है पूरी।

तुम्हें हेल्प करवा तो रही हूँ। मैं टेस्ट करके बताऊँगी ना, कैसा बना है। क्या बात है आपकी। क्या बात है बेटा। क्या बात है। चलो अब तैयारी करते हैं फिर। [संगीत]

अरे ये पर्चा किधर गया? क्या पैसे भूल गए? अरे पैसा है हमारे पास। पर्चा भूल गया यार। पर्चे में क्या था?

अरे पता नहीं, कोई मुश्किल सा नाम था। कोई साँस-वास था क्या? रुको, हम अभी पूछते हैं यार। कसम खुदा [संगीत] का या खुदा पाका, इस पूल को अकबर साहब से दूर रखना बस।

हेलो, कौन बात कर रहे हैं? अरे अकबर साहब, आप किसी और को फ़ोन उठाने क्यों नहीं देते हैं? सुधीर, बोलो, क्या बात है?

अरे यार, जहांगीर साहब ने हमसे कुछ सामान मँगवाया। हमसे पर्चा गुम हो गया।

ओहो, क्या मँगवाया था? पता नहीं, कुछ सॉस-वॉस था।

अच्छा अच्छा, मिस्टर शायर सॉस भी कहूँ? इतना मुश्किल नाम? यही था, यही, यही। मुझे पता था, यही नाम होगा। लेकिन दुकानदार को बताने से पहले तुम्हारा जानना बहुत ज़रूरी है।

अच्छा, हां। वेस्टर्न नामी शहर, जो कि इंग्लैंड में है, वहाँ एक शख्स रहा करता था, जिसका नाम था जॉन वीली। जॉन के दिमाग में एक आईडिया आया कि वो एक सॉस बनाए, और उसने बनाई। जॉन ने उसका नाम रखा वेस्ट शायर सॉस। क्योंकि वो रेस्टर में रहता था, इसीलिए उसने उसका नाम वेस्ट शायर सॉस रख दिया। लेकिन तुम ये कहानी दुकानदार को मत सुनाना। तुमसे नहीं हो पाएगा। मुश्किल हो जाएगा थोड़ा। तुम उसे कहो कि मुझे वेस्ट शायर सॉस दे दे। लेकिन अब हम इसको बताएँ कैसे?

सुधीर, सुधीर, सुधीर, तुम ऐसा करो, उसे कहो कि शीशे की बोतल में होता है, वो खुद ही तुम्हें दे देगा। मुश्किल हो जाएगा तुम्हारा समझाना उसे।

चलो ठीक है, हम बोलते हैं उसको। हां, तो फिर ठीक है, रखो। ठीक है भाई, वो चाहिए। वो शीशे की बोतल में नहीं होता। शीशे की बोतल में तो बहुत सारी चीज़ होती है। आखिर चाहिए क्या आपको भाई?

अरे मेरा भाई, वो छोटा सा शीशे की बोतल नहीं होता है, छोटू बोतल। अच्छा अच्छा अच्छा, लेके आता हूँ। चुप रे, समझ गया। आज पास से ही जाता। ये ले।

अरे ये तो केवड़ा है। हां, तो केवड़ा ही तो है। वो तो कह रहा था कुछ साँस-माँस है। अरे ये साहब लोग जो हैं ना, इंग्लिश में बात करते हैं। इंग्लिश में बोला होगा। ये तो खोपरे के तेल को भी कोकोनट ऑयल बोलते हैं। आपके समझ में नहीं आया होगा। चलो खैर, ये दो। बताओ पैसा कितना हुआ?

150। ऐसी क्या बात थी जो फ़ोन पे नहीं की जा सकती थी? ऐसी कोई ख़ास बात नहीं। बस कुछ चीज़ें खरीदनी थी बाज़ार से। हमने सोचा कि तुम तोल-मोल के माहिर हो। हमने तो ये काम ना कभी किया, ना हमसे हो पाएगा।

क्या चीज़ें हैं? कौन-कौन सी चीज़ें खरीद? ऐसी बस छोटी-मोटी घरेलू चीज़ें हैं। चीज़ों के कुछ नाम होते हैं। अरे बता रहा हूँ यार। ऐसी क्या जल्दी है? कुछ कालीन, ईरानी ना भी हो तो चलेंगे। और पानूस, और सोच रहे थे कि पाम ट्रीज़ कुछ लगवा लें। शायद नवाब साहब को अंदाज़ा नहीं कि इन चीज़ों के लिए कितनी रकम दरकार होगी।

अच्छा है। चलते हैं। नवाब साहब को भी आज अपनी असल औक़ात पता चल जाएगी। हम सब ने मिलकर कुछ रकम इकट्ठी की है। किन सब ने? अम्मा जान, जहांगीर और हमने। तो मुझे भी कुछ पैसे चाहिए।

अरे नहीं नहीं, काफ़ी पैसे जमा हो गए हैं। तुम्हारी ज़रूरत नहीं पड़ेगी। कितने पैसे जमा हो? पूरे ₹ लाख। [संगीत]

तो तुम ₹ लाख में ये सारा कुछ खरीदना चाह रहे हो। ये पैसे बच गए तो कुछ आउटडोर फ़र्नीचर ले लेंगे। [संगीत]

बड़ी जल्दी कॉल कर दी तुमने। मैं तो समझा था कि ग़ायब हो गए, और मुझे अब खुद ही तुम्हें कॉल करनी पड़ेगी।

नॉट दिस टाइम बाबा। क्या हुआ? पिया से मिले तुम? जी, मैंने... मैंने आपको इसलिए कॉल की है। तुम्हारी आवाज़ में जो खुशी है ना, मुझे लग रहा है तुम्हें पिया पसंद आ गई। ऐसे ही समझ [संगीत] लें। बाबा, मेरी तरफ़ से तो हां है, लेकिन एक बार उनके घर जाने से पहले मैं फिया से बाहर मिलना चाहता हूँ।

भैया, अब उसकी क्या ज़रूरत है? जब घर जाएँगे तो मिल लेना ना। बाबा, वो... बाबा, वो कुछ... कुछ... कुछ प्लानिंग करनी है।

अरे भैया, अब कौन सी प्लानिंग रह गई है? अब मिल तो लिए उससे। बाबा, आप बस प्लानिंग छोड़ें ना मेरी, प्लीज़। फिया से बाहर मुलाक़ात करवा दे एक बार।

भाई, तुम बिल्कुल अपने बाप पे गए हो। जी जी, बिल्कुल ऐसे ही हैं। भाई, आप लोगों का इश्क़ तो लाज़वाब है। मतलब जितनी भी मशूफियत हो आपकी लाइफ़ में, आप तब भी उनके लिए वक़्त निकाल ही लेते हैं। क्या करें, तुम्हारी मॉम है ही इतनी अमेजिंग?

अच्छा, चलें, ये सब छोड़ें। आप बस प्लीज़ मेरी फिया से बाहर मुलाक़ात करवा दे।

ओके। चलो ठीक है। मैं तुम्हें बात करके फिर बताता हूँ।

ओके। थैंक यू। थैंक यू बाबा। ओके। [संगीत] [संगीत]

अरे ये लो साहब, ये क्या है? ये क्या, मैंने अपनी कब्र में डालना है?

अरे साहब, ये वही है ना जो आपने हमको लिख के दिया, जो अकबर साहब ने हमको बताया, और जो दुकानदार ने अपने तजुर्बे के मुताबिक़ हमको दिया।

सुधीर, तुम्हें मुझे फ़ोन कर लेना चाहिए था। अरे फ़ोन कैसे करें? हम जब भी बाहर जाते हैं, घर का ख़ून तो जैसे बंद कर देते, और अकबर साहब तो जैसे ख़ून पे कुंडली मार के बैठा है। जो अकबर ने कहा वो तो फ़ौरन मान लिया तुमने। मैंने तुमसे सॉस मँगवाया था। ये ये देखो, सॉस, और तुम लेके आ गए हो केवड़ा।

अच्छा, रंग का ही तो फ़र्क़ है। इसमें थोड़ा सा रंग मिलाओ। सस्ता बन जाएगा। मैं पकौड़े बना रहा हूँ ना यहाँ पर, कि मैं उसमें धनिए की जगह पुदीना डाल दूँ।

अरे मैं हार्ट बीफ़ सूप बना रहा हूँ। पता भी है ये क्या होता है? अरे नहीं साहब, हमको पता नहीं है। हमने तो वो चिकन कान सूप पिया है। उसमें भी अंडा मिलाओ, और वो वाला अगर आप बोलो आपको बनाना है तो अंडा ला के देंगे आपको।

अंडा? अंडा नहीं, डंडा। ठहर जाओ तू ज़रा। अरे साहब, डंडे का क्या करेगा? तुझे जब तक डंडे नहीं पड़ेंगे ना, तू बस ही आएगा।

अरे बात सुनो। इतना गुस्सा नहीं करो। तुम्हारे इसी गुस्से की वजह से बेगम साहिबा तुमको छोड़ के गए हैं। तुम्हारी ये मजाल कि तुम मेरी जाती ज़िंदगी में इंटरफ़ेयर करो। बहुत सर चढ़ा दिया हुमायूँ ने तुम्हें।

नहीं छोड़ी। अरे मारो। नहीं मारोगे? समझ नहीं आती है। मार दूँगा। मारो। मार दूँगा। अरे क्या कर रहे हो ताईजान? छोड़िए, क्या हो रहा है? छोड़िए। पिया, तुम्हें नहीं पता। एक तो ये बेवक़ूफ़, ऊपर से बदतमीज़ी कर रही है मेरे साथ।

हमने बदतमीज़ी नहीं की है। साँस मँगवाया था, वही तो लाकर दिया है। और सिर्फ़ कलर का ही तो फ़र्क़ है। ये ये केवड़ा, वो चेज़। और साँस मँगवाया था और ये केवड़ा लेके आ गया है। तो कोई मसला नहीं है ना। मैं कल एनी के साथ जाऊँगी, आपके लिए ले आऊँगी।

ओ, मुझे चैनल आज लॉन्च करना है अपना। तो कोई मसला नहीं, चैनल कल लॉन्च कर लेंगे। कल जुम्मा है। मुबारक दिन से शुरुआत करते हैं, बरकत होगी। कल नहीं जा सकता पिया। कल मुझे पेशी पे जाना है।

क्या हुआ? ताई जान ने डिवोर्स फ़ाइल कर दिया। नहीं भाई, वो तुम्हारे अब्बा जान के जो प्लॉट का केस है ना, वो भुगत रहा हूँ। जिससे मेरा कोई लेना-देना भी नहीं है। तो हम सैटरडे को लॉन्च करेंगे, और मैं भी आपकी हेल्प करूँगी।

ठीक है। अभी आप प्लीज़ गुस्सा मत करिए। तबियत ख़राब हो जाएगी। इस केवड़े का क्या करूँ अब मैं? क्या करूँ मैं इसका? बात सुनो। परेशान मत हो। इस केवड़े का छोटा चावल में नहीं, मोटा चावल में खीर बनाओ। बहुत अच्छा बनता है। अच्छा, तेरे दादा का उर्स है जो मैं यहाँ से... आप खुद समझते हैं। मैं ये रख कर आती हूँ। [संगीत]

यही है। यही है वो शोरूम जो मैं बता रही थी। जी बेगम, मैंने आरिफ़ भाई को बताया था। वो हमें वहीं लेकर आई हैं। जाहिर है, वहीं लेके आना था जहाँ आपने कहा था। कीजिए शॉपिंग। आइए।

मिज शमीम बता रही थी यहाँ पे ना बहुत ही मुनासिब कीमत में फ़र्नीचर मिल जाता है। मिज शमीम कह रही थी तो यक़ीनन सही कह रही होंगी। हमें तो कुछ इल्म नहीं है इन बातों का। आइए। [संगीत]

मेरे ख़याल में ड्राइंग रूम के लिए कोई अच्छा सा कालीन होना चाहिए। [प्रशंसा] [संगीत]

जमशेद की कॉल आ रही है। बस उठा ले ना। [संगीत]

सलाम वालेकुम जमशेद। सब ख़ैरियत है? ऑल गुड। आप सुनाइए। लड़का-लड़की की मुलाक़ात हो गई। कैसा रहा? उसी सिलसिले में कॉल की थी आपसे। ख़ैरियत?

नहीं, वैसे तो सब ख़ैर है। बस तैमूर एक दफ़ा दोबारा फिया से मिलना चाह रहा था।

अरे हां हां, तो आके कर ले भाई। मैं फिया से कह दूँगा। भाई, मैंने कहा भी तैमूर को, घर चले जाओ। लेकिन थोड़ा शर्मीला है। एक दफ़ा मिल लेगा तो फिर इंशाअल्लाह आ जाएगा। दिखाओगे, बिना झिझक आए। कोई मसला ही नहीं। फ़ौरन आए।

हां, मैं... मैं फिया को कह दूँगा। हां। ओके जी। खुदा हाफ़िज़। ओके। खुदा हाफ़िज़। टेक केयर। सही है। आना चाह रहे हैं। अच्छा। [संगीत]

ए फिया। हम... बच्चे। हम बता तो सही, कैसी रही मुलाक़ात? मुझे तो बिल्कुल पसंद नहीं आया दादी।

हाय हाय हाय, चल कोई बात नहीं, होता है होता है। हम भी जब तेरे दादा से पहली दफ़ा मिले थे, हमें भी बिल्कुल पसंद नहीं आए थे, बिल्कुल कतई नहीं।

फिर क्या हुआ दादी? अरे फिर क्या था? हम भी नवाबज़ादी, वो भी नवाबज़ादे। उनमें भी अकड़, हममें भी अकड़। ठन गई दोनों में।

तो अकड़ कैसे ख़त्म हुई? अरे क्या बताएँ? दोस्ती हो गई, और दोस्ती में अकड़ नाम की कोई चीज़ होती ही नहीं। इसको भी समझा दे। ये तो अपनी नाक पे एक मक्खी तक नहीं बैठने देती।

दादी, सच में चली जाए। इतनी सी नाक पे मक्खी बैठ गई तो छुप जाएगी। दादी। ओए, मज़ाक कर रही दादी।

क्या हो गया भैया? दादी, मैं अभी शादी नहीं करना चाहती। समझ ही नहीं रहे हैं ये लोग।

अरे हम भी शादी नहीं करना चाहते थे। लेकिन तुम्हारे दादा पीछे पड़ गए बस। पर आप इंकार कर ही क्यों रही थी?

ए भाई, बात सुनो। हमारी जागीरें उनसे कहीं ज़्यादा... हम पल्ला नहीं थे, हमारे... वो तो... फिर क्या? दादा ने और जागीरें हासिल कीं?

अरे क्या बताएँ? मोहब्बत की जागीर, दिल की जागीरों में सबसे बड़ी होती है, और वो तुम्हारे दादा ने हमारे नाम कर दिया। तो ये सारी जागीरें गई कहाँ? अरे बच्चे, क्या बताएँ? हालात की ऊंच-नीच की नज़र हो गई सब। ये हवेली रह गई है बस।

अच्छा, छोड़ो ना। दादी को कहाँ फँसा दिया? बता ना, कोई तोहफ़ा वग़ैरह लेके आया था या ख़ाली हाथ झुलाता हुआ आ गया? कोई तोहफ़ा नहीं लेकर आया था, और बदतमीज़ अलग था। हम लानत भेजते हैं... तेरे दादा भी ऐसे ही आए थे।

कोई बात नहीं। इसका मतलब, या उम्मीद तो है, जस्टिंग। ये क्या? कराची आते ही कपड़ों का बिज़नेस शुरू कर दिया। सिया से मिलने जा रहा हूँ। क्या पहन के जाऊँ?

यार, जिस तैमूर को मैं जानता था, वो तो कपड़ों की परवाह नहीं करता था। वो तो कहता था, जो मैंने पहन लिया वही स्टाइल है। अब उस लड़की ने ऐसा क्या कर दिया कि मेरा दोस्त टेंशन में है?

बकवास नहीं करी यार। बताओ ना, मैं क्या पहनूँ? वाइट पहन जा। क्यों? इसमें ऐसी क्या ख़ास बात है? कि वाइट में तो अच्छा लगता है। तो भाभी को भी अच्छा लगेगा।

उसे तो मुझ में कुछ भी अच्छा नहीं लगा। पता नहीं किस बात पर गुस्सा थी वो मुझसे। तो भाई, तू कुछ भी पहन जा। मुझसे मत पूछ।

नहीं पहनूँगा तो मैं यहीं। क्यों? तुझे मेरे मशवरे पर शक़ है क्या? नहीं, तेरे मशवरे पे शक़ नहीं है। वो है ही इतनी हसीन। थोड़ा सा मैं अच्छा तो लग के जाऊँ ना।

हां भाई, जब मोहब्बत हो जाए तो 14 बच्चों की माँ भी हसीन लगती है कि आशिक़ उनके लिए ताजमहल बनवाते थे। वाह वाह वाह। क्या बात है यार। गुड लक। थैंक यू। आई एम गोना वियर दिस वन। [संगीत]

भाई, मेरे ख़याल में तो ड्राइंग रूम के लिए ये सोफ़ा सही रहेगा। कम्फ़र्टेबल भी है और मॉडर्न भी लगता है।

हम... अच्छा तो रहेगा। और ड्राइंग रूम के लिए कोई शानदार सा बड़ा सैंडेलियर होना चाहिए। ये बड़ा सा, तुम्हारी हवेली के लिए थोड़ा ज़्यादा बड़ा हो गया।

अरे आरिफ़, तुम्हें क्या मालूम? भाई, जब हमारे नवाबों का सिक्का चलता था तो क्या-क्या शैंडेलियर होते थे हमारी हवेलियों में। दादा ख़ान की हवेली में जो शैंडेलियर लगा था, वो लखनऊ से... बेगम जान ख़ासतौर पे फ़रमाइश करती थीं कि वहाँ आके रक्स करेंगी। लेकिन वो तो हमारी दादी ने इजाज़त नहीं दी उनको। अब नवाबों के पास बस सिक्के ही रह गए हैं। घर के सारे लोगों को भी बेच दोगे, तब भी इस शैंडेलियर की कीमत अदा नहीं कर [संगीत] पाओगे।

फ़र्नीचर हो गया, पर्दे हो गए, लैंप हो गए। वुडन फ़्लोरिंग करवानी चाहिए। नवाब साहब को वुडन फ़्लोर की कीमत का अंदाज़ा नहीं है। अगर हो गया तो वुडन फ़्लोर और कालीन की जगह घर में सिर्फ़ डाट ही पड़ेगा। कीमत का पता है वुडन फ़्लोरिंग।

अरे जाने दो। क्रॉकरी, वैसे तो फ़्रेंच अच्छी होती है, लेकिन ये भी चल सकती है। ये सिल्वर तो जेन्युइन है ना? जी सर, बिल्कुल ओरिजिनल। ठीक है। ये भी चलेगा। आपके पास वुडन फ़्लोरिंग की क्या ऑप्शन्स हैं?

सर, हमारे यहाँ नॉर्मली टीक ही चलता है। असल में दिखाना तो नवाब साहब को कीकर ही चाहिए, क्योंकि इससे ज़्यादा की इनकी हैसियत नहीं। ईरानी कालीन होते हैं आपके पास? जी सर, बिल्कुल। हमारे पास ईरानी, रशियन, टर्किश, अफ़्रीकन और हर तरह के कालीन मौजूद हैं।

चलो, ये तो मेरू देखने की है। हां भाई, तो टोटल कितना हुआ सर? [संगीत] 85 या 85? ये तो कुछ भी नहीं है। 85000? भाई, मैं तो समझ रहा था कि लाखों में होगा। हैं। अरे ये तो बहुत सारे पैसे बच जाएँगे भाई हमारे, और चीज़ें भी ले सकते हैं।

सर, आपका सेंस ऑफ़ ह्यूमर बहुत अच्छा है। आई एम टॉकिंग अबाउट 8.5 मिलियन, 85 लैक्स। 8.5 मिलियन? यस सर। क्या? तो मज़ाक कर रहे हो यार? नहीं। [संगीत] यार ये ये कितने का है सर? 9.5 लैक्स। [संगीत] तुम भी रख दो। [संगीत] सर, मैं फिर ना ही समझूँ। [संगीत]

हेलो, अस्सलाम वालेकुम अम्मी। अच्छा सुनो, फिया बेटा, तैयार हो जाना, तुम्हें डिनर पे जाना है तैमूर के साथ। अम्मी, मैं कहीं नहीं जाऊँगी। देखो फिया, मेरा ना पहले ही दिमाग़ ख़राब हुआ हुआ है, मज़ीद ख़राब करने की ज़रूरत नहीं है। तैयार हो जाओ, बाकी बातें घर आके करती हूँ।

भाभी, पिया नहीं मान रही है, तो ज़बरदस्ती क्यों कर रही हो? लड़की की मर्ज़ी तो... जॉब में तो... क्या जॉब करने दो उसे? हां, तो करने दो। क्या है? मॉडर्न दौर है। आरिफ़, पहले तो इस दुकान पे लेकर आए। इतनी महंगाई, ग़ज़ब खुदा का। दिमाग़ ना ख़राब करो मेरा। चलो बैठो। आइए। [संगीत]

गाड़ी लेने की औक़ात नहीं है, और मुझे ड्राइवर बना रखा है छोटे। [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत]

थैंक यू सो मच मुझे यहाँ आने के लिए। लंदन में इतना अच्छा देसी खाना बिल्कुल भी नहीं मिलता। आई नो। ओके। आपको कोई लेने आ रहा है?

नहीं। मैं अपनी स्कूटी पे आई हूँ। ओह! आप स्कूटी भी चलाती हैं? मुझे कराटे भी आता है। ओके, फिर अल्लाह हाफ़िज़।

अल्लाह हाफ़िज़। ओके। आई विल सी यू। सी यू। ओके। अब एक काम करें, अपनी स्कूटी को यहीं रहने दे। मैं आपको ड्रॉप कर देता हूँ।

नहीं, मैं अपनी स्कूटी यहाँ छोड़ कर नहीं जा सकती। कोई नहीं लेके जाएगा आपकी स्कूटी को। मैं छुड़वा दूँगा आपके घर पे।

नहीं, इट्स ओके। बारिश थोड़ी देर में थम जाएगी तो मैं चली जाऊँगी। अगर आपको देर हो रही है तो आप जा सकते हैं। आपको ऐसे छोड़ के कैसे चला जाऊँ? नवाबज़ादी तो आप हैं, और आप मुझे बिगड़ा हुआ नवाब समझती हैं। ये नवाबज़ादे वाला माहौल ना आप अपने दिमाग़ से निकाल दें। मुझे घर पर फ़ोन करना पड़ेगा किसी को।

मेरे पास एक आईडिया आया है। देखूँ मैं राहें, देखूँ मैं यारा, शाम-सुबह खोलूँ जो बाहें, संग तेरे उड़ने लगा। मेरे सारे मौसम मचे हैं तेरे ही होने से। ओ दुनिया संग ऐसे है जैसे के पैराडाइज। ओ दुनिया संग ऐसे है जैसे के पैराडाइज। ओ दुनिया में ऐसे है जैसे पैराडाइज, पैराडाइज।