Transcription
हेलो फ्रेंड्स वेलकम टू अनअकैडमी इंडियाज लार्जेस्ट ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफार्म फॉर यूपीएससी सिविल सर्विसेज प्रिपरेशन। और स्वागत है आपका इंडिया के नंबर वन यूपीएससी चैनल यूपीएससी 11 पर। तो गुड इवनिंग डियर फ्रेंड्स, सभी कैसे हैं? दोस्तों, सभी का बहुत-बहुत शुक्रिया मेरे साथ जुड़ने के लिए। सभी को गुड इवनिंग। गुड इवनिंग टू ऑल ऑफ यू। और आप सभी का स्वागत है हमारे इस चैनल यूपीएससी 11 पर, जहां पर हम आपके साथ स्टार्ट करने जा रहे हैं क्लास 11th की एनसीईआरटी पॉलिटी। डियर फ्रेंड, और इसी के साथ एक सीरीज ऑफ लेक्चरर्स हम आपके साथ करेंगे, जहां पर इन एनसीईआरटी को बहुत ही सिस्टमैटिक तरीके से आपके साथ कवर करेंगे। और आई होप जल्दी से आप इस सेशन को शेयर करेंगे और जल्दी से इसको ज्वाइन करेंगे। तो सभी को बहुत-बहुत गुड इवनिंग, जिन्होंने सेशन को ज्वाइन किया है। डियर फ्रेंड्स, सभी का बहुत-बहुत स्वागत है। और अब अपने सेशन को स्टार्ट करेंगे। आज का पहला सेशन है, एक इंट्रोडक्टिव सेशन होगा। यहां पर हम आपके साथ डिस्कस करेंगे इन एनसीईआरटी की इंपॉर्टेंस के बारे में, क्योंकि शायद आपको पहले से भी पता होगा दोस्तों कि वही दिस एनसीईआरटी इज़ सो मच इंपॉर्टेंट। तो जल्दी से सेशन को ज्वाइन करिए सभी लोग, जल्दी से सेशन को शेयर करिए डियर फ्रेंड्स, और एक बार बस मुझे बता दीजिए कि आवाज़ वगैरा सब कुछ क्लियर है या नहीं। आई होप मेरी आवाज़ आप सभी तक पहुँच रही है दोस्तों। इम्पोर्टेन्ट, बट उसके पहले कुछ बेसिक इनफॉरमेशन मेरे बारे में। दोस्तों, अगर आप अपनी यूपीएससी की जर्नी में मेरे साथ जुड़ना चाहे तो आप इस टेलीग्राम चैनल के माध्यम से मेरे साथ जुड़ सकते हैं। आपके जो भी क्वेरीज़ हैं, आपके जो भी डाउट्स हैं वो आप मेरे साथ शेयर कर सकते हैं। और मुझे पूरी होप है कि देखिए जब भी ऐसा कुछ होगा तो मैं आपकी इंक्वायरी करूंगा। दोस्तों, ये मेरा एजुकेटर कोड है, जिसका आप यूज़ कर सकते हैं सब्सक्रिप्शन के दौरान। तो आई होप कि दीज़ इनफॉरमेशन की भाई दी एनसीईआरटी। तो मैं अच्छा हूँ दोस्तों। मैं वेरी इम्पोर्टेन्ट। एनसीईआरटीज़ आर वेरी इम्पोर्टेन्ट और हमने आपके साथ बार-बार इस बात को डिस्कस किया है। एनसीईआरटी प्ले वेरी इम्पोर्टेन्ट रोल इन आवर यूपीएससी सिविल सर्विसेज प्रिपरेशन। दो चीजों को लेकर सभी आपको ये एडवाइस देंगे कि अगर आप यूपीएससी की प्रिपरेशन कर रहे हैं तो दो चीज ऐसी हैं जो सभी आपको एडवाइस करते हैं, एक तो है एनसीईआरटी और दूसरी हैं न्यूज़पेपर। और यही दो चीज ऐसी हैं दोस्तों कि जब आपको यूपीएससी की प्रिपरेशन स्टार्ट करते हैं या इस प्रक्रिया में रहते हैं तो आपके माइंड में ये एक इम्पोर्टेन्ट के रूप में भी रहता है कि कैसे ये एनसीईआरटी कंप्लीट होंगी, कैसे ये न्यूज़पेपर डेली बेसिस पर कंप्लीट होगा। एनसीईआरटी हमें पढ़नी है और एक न्यूज़पेपर, जो मुझे ऐसा लगता है हमें न्यूज़पेपर डेली अपना पढ़ना है। तो ये दो आपकी प्रिपरेशन के बहुत इम्पोर्टेन्ट बेस हैं, एक बहुत ही इम्पोर्टेन्ट फाउंडेशन है। आज इस क्लास के माध्यम से हम जानने की कोशिश करेंगे इम्पोर्टेन्ट और केवल इसी बारे में बात नहीं करेंगे। रिएक्शन आज से ही हम अपनी सेशन को भी स्टार्ट करेंगे और कुछ इम्पोर्टेन्ट चैप्टर जो क्लास 11th की जो आपके एनसीईआरटी बुक्स हैं उसे भी हम आपके साथ स्टार्ट करेंगे। बट एक इम्पोर्टेन्ट बात जो मैं आपके साथ बोलना चाहूंगा ये है कि इस प्रिपरेशन के दौरान आप इन एनसीईआरटी को इग्नोर नहीं कर सकते, नहीं कर सकते। और सवाल ये आता है कि इन एनसीईआरटी इसको इग्नोर नहीं कर सकते, बट ऐसा क्या है इन एनसीईआरटी में? हर कोई एनसीईआरटीज़ पढ़नी चाहिए। हम इन एनसीईआरटी इसके बिना इस एग्जाम को प्रिपेयर नहीं कर सकते। एग्जामिनेशन क्लास सिक्स टू क्लास 12। ये है प्ले वेरी इम्पोर्टेन्ट रोल इन एनसीईआरटी। पुस्तकों ने उनकी सफलता में, उनकी सक्सेस में एक एम्प्लॉय आता है कि ऐसा क्या है जिसकी वजह से ये एनसीईआरटी बुक्स काफी इम्पोर्टेन्ट हैं? क्योंकि जब हम बात करते हैं एनसीईआरटी बुक्स और उनकी रेलीवेंस के बारे में, उनकी एक चीज जो हमें समझने की जरूरत है दोस्तों वो ये है कि जब आप यूपीएससी का एग्जाम देते हैं, जब आप यूपीएससी का एग्जाम देते हैं तो देखिए ये जो एग्जामिनेशन है, ये एग्जामिनेशन ये केवल इनफॉरमेशन का एग्जाम नहीं है कि आपने बहुत सारे इनफॉरमेशन कलेक्ट कर ली और दिस इज़ ऑल अबाउट इनफॉरमेशन। ये जो एग्जामिनेशन है दोस्तों ये एक कांसेप्चुअल क्लेरिटी का, ओपिनियन बेस्ड एग्जामिनेशन। यहां पर प्रीलिम्स में ये देखा जाएगा कि आप अलग-अलग किया है और कितना क्लेरिटी है। थैंक यू डियर फ्रेंड्स, सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद है जिन्होंने क्लास को ज्वाइन किया है। एवरीवन डियर फ्रेंड्स, यहां तक क्वालिटी की बात है दोस्तों। पॉलिटी की अगर मैं आपके साथ बात करूं, जो क्वालिटी मेरा एरिया है, जो मैं आपके साथ करने वाला हूँ डियर फ्रेंड इस चैनल के माध्यम से तो ईयर आफ्टर ईयर, आफ्टर ईयर, फाइन की ईयर आफ्टर ईयर फ्रेंड्स, फ्रॉम पॉलिटी क्वेश्चंस हैव बीन आस्क्ड। एवरी इतिहास ऑन एंड एवरेस्ट 15*16 किसी साल 22, किसी साल 24, ऐसे क्वेश्चंस क्या किए गए, पूछे गए हैं। अगर आप लास्ट 10 ईयर के क्वेश्चन पेपर का एनालिसिस करें। कई बार ऐसा होता है कि जब आप अलग-अलग सब्जेक्ट के बारे में एप्रोच करते हैं, चाहे पॉलिटी हो, चाहे हिस्ट्री हो, चाहे ज्योग्राफी हो, हर सब्जेक्ट में स्टैंडर्ड बुक्स, 13 स्टैंडर्ड बुक्स और ऐसा बोलते हैं कि आप इस स्टैंडर्ड हो जायेंगे। बट अगर मैं आपको बहुत ही फैक्चुअली बताने की कोशिश करूँ, अगर केवल मैं आपके साथ बात करूँ पॉलिटी के एरिया की, यहां पर आप देख पाएंगे कि एवरी ईयर डियर फ्रेंड, एवरी ईयर फ्रॉम एनसीईआरटी बुक्स, एनसीईआरटी बुक्स ऐसे बहुत सारे क्वेश्चंस हैं जो हर साल आते हैं। अगर 12 क्वेश्चंस पूछे जा रहे हैं, 14 क्वेश्चंस पूछे जा रहे हैं, 16 क्वेश्चन पूछे जा रहे हैं, आप पाएंगे, अगर आप इस ग्राफ के माध्यम से देखेंगे तो एनसीईआरटी वाला जो एरिया है, एनसीईआरटी वाला जो एरिया है, या इस ग्राफ में जो एनसीईआरटी वाला जो पोर्शन है, ये पिछले चार-पांच सालों में आपको बढ़ता हुआ, आपको बढ़ता हुआ दिख रहा है। कहने का मतलब यह दोस्तों, पांच सालों में, छह सालों में अगर आप देखेंगे तो ऐसा आप नहीं बोल सकते कि केवल एक बुक पढ़ने से आपकी चीजें शॉर्ट आउट हो जाएंगी। तो कई बार ऐसी बात होती है कि पॉलिटिकल एरिया है, वहां पर अगर आप केवल लक्ष्मीकांत सर की बुक पढ़ लें, कुछ चीज आपकी शॉर्ट आउट हो जाएंगी। पर्यावरण पर देखिए मैं आपको बताऊंगा कि वो किताब भी हम आपके साथ चैनल सेमेटिक तरीके से करेंगे। सभी को दोस्तों, यार सभी को बहुत-बहुत गुड इवनिंग, बहुत-बहुत स्वागत है। और मुझे भी काफी खुशी है आप लोगों के साथ जुड़कर। देखिए आई एम आल्सो वेरी हैप्पी। सभी को गुड इवनिंग डियर फ्रेंड्स, जिन्होंने क्लास को ज्वाइन कर लिया। तो ये एक बात हमें समझ में कोशिश करनी पड़ेगी कि देखिए पिछले कुछ टाइम्स है इस एग्जामिनेशन में, हालांकि इन बुक्स की जो रेलेवन्सी है वो हमेशा से बनी हुई थी, बट जब आप पिछले चार-पांच सालों की बात करते हैं तो यहां पर पॉलिटी का जो एरिया है, वहां पर आप पाएंगे कि देखिए एनसीईआरटी बुक से लगातार सवाल क्या किया है, कुछ याद है तो बहुत सारे ऐसे कांसेप्ट होंगे जो शायद किसी स्टैंडर्ड बुक में आपको ना मिले, बट उन्हें बहुत ही इज़ी लैंग्वेज में, बहुत ही सरल भाषा में, बहुत ही लूसिट लैंग्वेज में तीन एनसीईआरटी बुक्स में क्या किया गया है, कवर किया गया है। हमने डिसाइड किया कि इस चैनल के माध्यम से हम उन स्टैंडर्ड बुक्स को तो आपके साथ करेंगे। सिस्टमैटिक मैनर का मतलब यह है कि देखिए पढ़ता तो हर कोई एनसीईआरटी एनसीईआरटी इसको हर कोई पढ़ता है, पढ़ तो डिफरेंस आता है वो आपके एप्रोच की वजह से आता है। आपका एप्रोच है इन एनसीईआरटी सॉल्यूशन। एप्रोच की बात करते हैं तो जब आप इन तो स्टूडेंट्स के माइंड में देखिए एक बात होती है कि हमें इन एनसीईआरटी को खत्म करना है, फिनिश करना है और क्लास सिक्स एनसीईआरटी खत्म हो गई है, क्लास सेवंथ की एनसीईआरटी खत्म हो गई है। खत्म नहीं करना है दोस्त, खत्म नहीं करना है। हमें एक बेहतर एप्रोच के साथ समझते हुए इनको कंप्लीट करने का प्रयास करना है। जहां पर देखिए एक बहुत बड़ा सवाल मोस्ट ऑफ दी स्टूडेंट्स का क्या है? अरे ऑप्शनल के बारे में भी बात होगी दोस्तों, ऑप्शनल के बारे में बात होगी। बाईलिंगुअल रहेगा एकदम, बाईलिंगुअल रहेगा दोस्तों सुमित जी, एकदम भाई लिंगुअल रहेगा एकदम निश्चिंत रहिए। ऑल आइडियाज़ एक इम्पोर्टेन्ट बात जो लोगों के माइंड में, स्टूडेंट्स के माइंड में रहती है और जो अक्सर देखिए आपने एनसीईआरटी पढ़ तो ली है बट आपने नोट्स नहीं बनाया है, नोट्स नहीं बनाया है। देखिए नोट्स न बनाने की वजह से कई बार आपको ऐसा लगता है कि आपने इन एनसीईआरटीज़ को पढ़ाया है बट आप कॉन्फिडेंट नहीं है दोस्त, कॉन्फिडेंट नहीं है। अब ये कॉन्फिडेंस तभी आएगा जब आपने एक सही एप्रोच के साथ इस एनसीईआरटी को पढ़ाया है और जब आप इन एनसीईआरटीज़ को कर रहे हैं तो उसे एनसीईआरटी पर बेस्ड आप बहुत सारे क्वेश्चंस भी क्या कर रहे हैं, सॉल्व कर रहे हैं। आते ही डीज़ टाइम्स आप पैरेलल में अपने नोट्स भी बना रहे हैं तो नोट्स कैसे बनाए जाएं? नोट्स बनाए जाएं, डिटेल में नोट्स बनाए जाएं, पॉइंट वाइज़ नोट्स बनाए जाएं। ऐसे मल्टीपल क्वेश्चंस कई बार हमारे माइंड में रह जाते हैं दोस्तों। ऐसे बहुत सारे सवाल, इनके जवाब ढूंढते-ढूंढते क्या होता है कि देखिए टाइम चला जाता है। एग्जामिनेशन का तो एक बार जो आपको अपने माइंड में अच्छे से रखनी है कि नोट्स बनाना यहां पर इम्पोर्टेन्ट है। अगर आप इन एनसीईआरटीज़ को लेकर एक कम्फ़र्ट डेवलप करना चाहते हैं, की कॉन्फिडेंस डेवलपमेंट। अब ये तो इम्पोर्टेन्ट है बट कैसे बनाया जाए ये बड़ा सवाल है। कैसे बनाया जाए? इस चैनल के माध्यम से आप इन एनसीईआरटीज़ को कवर करेंगे तो देखिए हम पूरी-पूरी कोशिश करेंगे कि बेस्ट पॉसिबल पीपीटी के माध्यम से जो इम्पोर्टेन्ट इनफॉरमेशन है वो आपके सामने है और आपकी रिस्पांसिबिलिटी होगी कि आप जब नोट्स बनाएं तो पीपीटी में जो इनफॉरमेशन मेंशन है उसी के साथ तो एक्सप्लेनेशन हम आपको दे रहे हैं उसे भी आप साइड में वहां पर नोट डाउन करते हुए इसे होगा क्या कि बाय दी टाइम आप इस चैनल के माध्यम से एनसीईआरटीज़ को कंप्लीट करेंगे, जब तक एनसीईआरटीज़ को कंप्लीट करेंगे इस चैनल के माध्यम से आप ऑलरेडी एक लेवल ऑफ़ कम्फ़र्ट डेवलप कर चुके होंगे, उस पर्टिकुलर सब्जेक्ट पे, चाहे वो हिस्ट्री का सब्जेक्ट हो, पॉलिटिकल रहता है कि हमें वो भी करनी चाहिए, वो भी हम इसके साथ आपके साथ करने की कोशिश करेंगे। तो एक बहुत ही सिस्टमैटिक तरीके से उस पर्टिकुलर सब्जेक्ट प्रिपरेशन वी विल ट्राई कि आपकी अच्छे से हो जाए इस चैनल के माध्यम से, क्योंकि कंप्लीटली फ्री ऑफ़ कॉस्ट है, यहां पर कोई कॉस्ट नहीं है। आपको यूट्यूब के माध्यम से आपकी चीज समझ में आ रही है तो यार एक बार थम्स अप वगैरा जो मुझे भी अच्छा लगेगा। काफी टाइम बाद मैं आप लोगों के साथ हूँ। यस यस, स्टेट पीसीएस के लिए भी सफिशिएंट है दोस्तों, स्टेट पीसीएस के लिए भी सफिशिएंट है। स्टेट पीसीएस और यूपीएससी दोनों के लिए देखिए दोनों को ध्यान में रखकर हम यहां पर चीजों को लेकर चलेंगे। तो जिनको ऐसा लगता है उसके लिए भी देखिए सफिशिएंट है। अभिजीत जी, गुड इवनिंग, कैसे हैं आप? ठीक है दोस्तों। एग्जाम दे रहे हैं, वहां पर भी ये सेगमेंट होता है। जब हम इस एनसीईआरटी सेशन को आपके साथ स्टार्ट करने जा रहे हैं कि बहुत ही सिस्टमैटिक तरीके से हम चीजों को कवर करने वाले हैं। आपको क्या करना है दोस्तों? पैरेलल में नोट्स बनाते रहने हैं, साथ में जो पीपीटी के माध्यम से हम आपको बताएंगे वो तो आपको करना ही करना है, प्लस जो एक्सप्लेनेशन हम डिटेल में आपको देंगे, जो आपके ओपिनियन को बनाने के लिए। अब देखिए थोड़ा सा फुल हो रहा है। अब यार देखो, फुल हो रहा है कि आप लोग मतलब कि थोड़ा सा लग गए हैं ठीक है, पढ़ाई में। अब देखिए आज जो आपके साथ स्टार्ट करने वाले हैं दोस्त, आज जो आपके साथ स्टार्ट करने वाले हैं ये क्लास 11th की एनसीईआरटी बुक पॉलिटिकल। पहले हम उन्हें एनसीईआरटीज़ को आपके साथ कवर करेंगे दोस्तों। 23 के जो लोग एग्जाम देने वाले हैं उसके हिसाब से जो प्रायोरिटी में है या अगर हम ऐसा बोले जो सबसे ज्यादा इम्पोर्टेन्ट एनसीईआरटीज़ हैं उन्हें हम पहले आपके साथ कवर करेंगे। बट इन दिस मैनर वी विल सारी एनसीईआरटीज़ को आपके साथ कवर करेंगे, बट एक प्रायोरिटाइज़्ड ऑर्डर में करेंगे कि पहले ये जिससे दो या 23 का जो एग्जाम देने वाले हैं उन्हें ऐसा ना लगे कि क्लास सिक्स से 12 तक की एनसीईआरटी करते-करते तो सर को बहुत टाइम लग जाएगा, इससे बेटर है कि ये नई करूँ तो पहले हम उन्हें एनसीईआरटीज़ को जरूर प्राथमिकता देंगे दोस्तों, जहां से पिछले चार-पांच सालों में लगातार सवाल क्या किया गया, पूछे गए हैं। क्या लगता है आप लोग? ये सही तरीका है या नहीं दोस्तों? एक बार जल्दी कमेंट बॉक्स में बता दीजिए कि क्या ये सही तरीका है? अभिजीत जी, क्या हाल है आपके? इसमें लगता है कि देखिए जहां से पिछले चार-पांच इयर्स में लगातार सवाल पूछे स्टूडेंट्स है, उसे ये ना लगे कि ये प्रक्रिया बहुत लंबा खींचने वाला है और मैं तो नहीं कर पाऊंगा, टाइम बहुत कम बचा है। तो क्लास 11th और 12th की एनसीईआरटीज़ को हम पहली प्रायोरिटी यहां तक चाहिए समझ में? दोस्तों, जब क्लास 11th की इस एनसीईआरटी को आप देखते हैं, जब आप क्लास 11th की एनसीईआरटी को देखते हैं जिसका टाइटल बुक है जिसमें टोटल आपको यहां पर 10 चैप्टर दिख रहे हैं दोस्तों। मैं प्रेम से बात करूँ तो लगातार फोर से फाइव क्वेश्चंस पूछे हैं। जस्टिस क्या है, लिबर्टी क्या है, सेक्युलरिज्म क्या है, क्वेश्चंस पूछे गए एनसीईआरटी जिसको लेकर कई बार, कई बार मैंने देखा है इस स्टूडेंट्स के माइंड में बहुत सारा कन्फ़्यूज़न रहता है, क्योंकि जब आप पॉलिटी और कॉन्स्टिट्यूशन एरिया को एप्रोच करते हैं यूपीएससी के पर्सपेक्टिव से और ज्यादातर, ज्यादातर दोस्तों हम कॉन्स्टिट्यूशन के आसपास ही घूमते रहते हैं। कॉन्स्टिट्यूशन क्या है, डिफरेंट पार्ट्स ऑफ़ दी कॉन्स्टिट्यूशन को एक्सप्लेन करती है, जिनका यूज़ हम लगातार कॉन्स्टिट्यूशन में करते हैं। राजनीतिक वैज्ञानिकों ने अपने विचार दिए, उनको लेकर एक बेहतर समझ अगर आप डेवलप कर पाए दोस्त, अगर उनको लेकर आप एक बेहतर समझ डेवलपमेंट की जो क्वालिटी होगी वो काफी बेटर होगी। अगर इन कांसेप्ट्स की एक अच्छी समझ आपने डेवलप की है और आप समझ पाएंगे कि देखिए ये लिबर्टी का मतलब क्या है, इक्वलिटी का मतलब क्या है? अगर इनइक्वलिटी है तो क्या करने की जरूरत है? अगर इनजस्टिस हो रहा है तो क्या करने की जरूरत है? तो डेफिनेटली आपके आंसर्स की जो क्वालिटी होगी वो काफी बेहतर होगी अगर आपने इन कांसेप्ट्स को अच्छे से समझे। अब ये सारी बातें बोलने के बाद ठीक है, ऐसा भी नहीं लेना चाहिए आपको लगे कि आज सब केवल बात करनी है। देखिए ये बात सच है कि आज तो मैं आप लोगों से बात करने के मूड में हूँ, मुझे लग रहा है अभी टाइम के बाद ही चाहिए और हिंदी में भी सारी चीज, हिंदी में और इंग्लिश में नहीं, हिंदी में नहीं करेंगे, इंग्लिश में नहीं, हिंदी में कराया। इन बातों को ध्यान में रखकर, इन बातों को ध्यान में रखिए जो भी चीज है ये बाईलिंगुअल है और जब मैं आपसे पूछता हूँ कि बाईलिंगुअल तो कंप्लीटली विल बी बाईलिंगुअल। कंटेंट को देखकर सारी चीज, सारी चीज यहां पर, सारी चीज हिंदी में भी है और इंग्लिश में भी है। देखिए ये मैंने आपको स्लाइड किसलिए? आप लोग ऐसा मतलब पहले से ही मूड बना लो ना कि हिंदी में है, इंग्लिश में दोनों भाषाओं में सारी चीज होंगी। क्लियर इंस्ट्रक्शन है सुमित सरकार। इस बुक में जो पहला चैप्टर है, इस बुक में जो पहला चैप्टर है ये इंट्रोडक्शन के बारे में, इसके बारे में इंट्रोडक्शन के बारे में, इंट्रोडक्शन टू पॉलिटिकल थ्योरी। पॉलिटिकल [संगीत] यूपीएससी में पूछे गए हैं जो इसके माध्यम से आपके सॉल्व हो रहे हैं, निभा सकते हैं। अब स्टार्ट करते हैं दोस्तों, हम आप सभी का देखिए सही हो गए। अब स्टार्ट करते हैं। देखिए सबसे पहले स्टार्ट करते हैं कि यार ये जो पहला यूनिट है, फर्स्ट जो आपका अध्याय है इस बुक का, क्लास 11th की हमारी जो बुक है पॉलिटिकल थी तो पहला यूनिट है और एक बात को लेकर एकदम निश्चिंत रहिएगा कि यहां पर जो हम आपके साथ एनसीईआरटी को लेकर एप्रोच करने वाले हैं दैट इज़ गोइंग टू बी वन ऑफ़ दी बेस्ट। ये कहना तो बहुत अतिशयोक्ति होगी कि इससे बेहतर कहीं नहीं होगा। ये सारी चीजें में देखिए हम लोग नहीं पढ़ते हैं, पर आपके एग्जाम की जो रिक्वायरमेंट है उसके हिसाब से बहुत ही प्रेसिस, बहुत ही एक्यूरेट तरीके से इस कंटेंट को हमने बनाया है। सॉल्व कर सकते हैं और उस तरह से क्वेश्चन भी हम आपके सामने लाएंगे। हम इन्हीं क्लासेस के माध्यम से उन्हें सॉल्व करने की कोशिश करेंगे। सवाल यही है दोस्तों, जो पहला आपका यूनिट है, पहला जो चैप्टर है कि ये जो राजनीतिक सिद्धांत हैं, इनका परिचय। हमें इन पॉलिटिकल थियोरीज़ की जरूरत क्यों है? हमें इन राजनीतिक सिद्धांतों की जरूरत है। इससे समझने की बहुत ज्यादा क्या है? इस बुक में ये बताने की कोशिश की गई है कि इंसान बाकी जो एनिमल्स हैं उनसे डिफरेंट है। ह्यूमन बीइंग्स कैन बी डिस्टिंग्विशड फ्रॉम अदर लिविंग क्रिएचर्स के माध्यम से आप डिस्टिंग्विश कर सकते हैं। तर्क करने की क्षमता और अपनी बातों को एक संवाद के माध्यम से दूसरों तक पहुंचने की क्षमता। इस वजह से ह्यूमन बीइंग्स आर डिफरेंट फ्रॉम अदर लिविंग क्रिएचर्स। बाकी एनिमल से ह्यूमन भी क्या है डिफरेंट है। तो यहां पर देखिए बताया जा रहा है ह्यूमन बीइंग। इन्हीं में छुपा हुआ राजनीतिक, ये जो सिद्धांत है, ये जो पॉलिटिकल थ्योरी जब आप बात करते हैं पॉलिटिकल थियोरीज़, पॉलिटिकल आप अपनी बातों को दूसरे तक क्या कर सकते हैं? इन पॉलिटिकल थियोरीज़ के होने का कारण, इन पॉलिटिकल सीरीज़ के माध्यम से लॉजिक, कुछ रीज़न्स दिए जा रहे हैं और अलग-अलग पॉलिटिकल थिंकर्स, अलग-अलग राजनीतिक वैज्ञानिक ये अपनी बातों के माध्यम से हमें समझने का प्रयास कर रहे हैं। व्हाई डू वी नीड गवर्नमेंट? तो हमें सरकार की जरूरत है क्या? ये जो नियम-कानून, राज्य और नागरिकों के बीच में इस तरह के संबंध हैं या होने चाहिए, याद चाहिए समझ में आ रही है कि ह्यूमन बीइंग्स एबिलिटी ऑफ़ रीज़निंग एंड ह्यूमन बीइंग्स एबिलिटी ऑफ़ कम्युनिकेशन थ्रू लैंग्वेज एंड इन्हीं दो क्वालिटीज़ इन पॉलिटिकल जब अन्य क्वालिटी देखते हैं, इनजस्टिस देते हैं इसी को बंधुआ मजदूर की तरह नहीं होनी चाहिए। अगर नहीं होनी चाहिए तो क्यों होनी चाहिए? अगर यहां तक चाहिए समझ में आ रही है तो एक बार जल्दी से हम वो देखिए यहां अब टू अंडरस्टैंड। आई होप कि यहां तक चाहिए समझ में आ रही है। पॉलिटिकल थ्योरी देखिए आपको ये चीज समझने का क्या कहेंगे? प्रयास करेंगे आप डेफिनेटली एक बेटर सोसाइटी क्या करते हैं, क्रिएट कर सकते हैं। ब्यूरोक्रेसी, संसद, न्यायपालिका, कार्यपालिका ये जो चीजें आप अपने आसपास देख रहे हैं, ये जो चुनाव होते हुए आप देख रहे हैं, ये जो पॉलिटिकल रैली आप देख रहे हैं, ये जो मीडिया आप देख रहे हैं, ये जो मास मोबिलाइज़ेशन आप देख रहे हैं [संगीत] [संगीत] पॉलिटिकल थियोरीज़ है, डेफिनेटली हेल्प यू बेहतर समझ को डेवलप करने में इन राजनीतिक सिद्धांत की इन पॉलिटिकल थियोरीज़ की एक यूटिलिटी है, एक उपयोगिता है। अगर ये बात समझ में आ रही है दोस्तों तो एक बार जल्दी से हम यस सर। अब देखिए ये एक इम्पोर्टेन्ट एस्पेक्ट है कि इन पॉलिटिकल थियोरीज़ के माध्यम से अबाउट दीज़ पॉलिटिकल इंस्टीट्यूशंस एंड पॉलिटिकल प्रोसेसेज़ वी आर एबल टू डेवलप अंडरस्टैंडिंग क्यों है और क्या इनमें कुछ बेहतर चेंज करने की जरूरत है? अपने इस लेक्चर के बारे में, इस लेक्चर में हम क्या समझने वाले हैं दोस्तों कि पॉलिटिक्स क्या है? व्हाई डू वी नीड टू स्टडी पॉलिटिकल थियोरीज़? हमें इन पॉलिटिकल सीरीज़ को पढ़ने की जरूरत ही क्या है? और हम जानने की कोशिश करेंगे कि क्या ये केवल सीरीज़ हैं या सामान्य जीवन में भी इनकी कुछ उपयोगिताएं हैं? ये केवल हमको पढ़ने के लिए पढ़ रहे हैं, कुछ थिंकर्स ने ऐसा बोल दिया है और हमें पढ़ना पड़ रहा है, जस्ट बिकॉज़ कि हमें एनसीईआरटी पढ़नी है या रियलिटी में दे विल हेल्प यू टू बिकम अ बेटर सिटीज़न। एक बेहतर नागरिक बनने में क्या करने वाले हैं? आपकी मदद करने वाले हैं ये रूल, ट्राई टू अंडरस्टैंड दी एप्लीकेशन ऑफ़ पॉलिटिकल। सबसे पहले क्या है पॉलिटिक्स? तो ये सबके अलग-अलग एक्सप्लेनेशन। मतलब है मोदी जी पॉलिटिक्स का मतलब है, राहुल जी पॉलिटिक्स का मतलब है, अरविंद सबके मामले में जैसे ही पॉलिटिक्स की बात आएगी एक इमेज आपके सामने आ जाएगी, आपके सामने एक इमेज आ जाएगी और कुछ लोगों को लगेगा कि भाई पॉलिटिक्स तो सर एक जनसेवा है, जनसेवा है। ये ऐसे एक स्फीयर की बात है, इसमें व्यक्ति अपने आप को समर्पित कर देता है किसके लिए? जनसेवा के लिए। तो डेफिनेटली कुछ लोग बोलेंगे कि सर पॉलिटिक्स एक पब्लिक सर्विस है और ऐसे बहुत सारे पॉलिटिशियंस, ऐसे बहुत सारे लोग हैं हमारे समाज जिन्होंने राजनीति के माध्यम से निश्चित रूप से समाज की क्या की है। सरदार वल्लभभाई पटेल को एक पब्लिक सर्विस के रूप में स्थापित करने का प्रयास किया और ये बताने का प्रयास किया फिर राजनीति के माध्यम से आप जनता की सेवा कर सकते हैं। कुछ लोग हमेशा बोलते हैं, कई बार ऐसा होगा कि आपके जनरल इंटरेक्शन, कई बार आपका एक-दोस्त आपको ऐसा लग रहा है कि पॉलिटिक्स इज़ ऑल अबाउट सेल्फ मैनिपुलेशन। तो कई बार लोग इसको एक गलत धारणा के साथ जोड़कर देखते हैं और ऐसा मानते हैं कि भाई पॉलिटिक्स में तो वही लोग जाते हैं जो अपने हितों को साधना चाहते हैं, बातें भले ही बड़े-बड़े करते हैं कि हम ऐसा करेंगे, वैसा करेंगे, पर अपने हितों को साधने का एक साधन है। क्या पॉलिटिक्स इज़ एन इंस्ट्रूमेंट टू प्रमोट योर ओन सेल्फ इंटरेस्ट? ये भी लोग एक सोच और कुछ और लोगों से अगर आप बात करेंगे कि भाई पॉलिटिक्स क्या है तो बोलेंगे पॉलिटिक्स गड़बड़, घोटाला है, इसमें घोटाले होते रहते हैं। ठीक है, पॉलिटिक्स इज़ ऑल अबाउट कि कैसे आप स्कैम कर लें। तो डिफरेंट पीपल हैव डिफरेंट ओपिनियंस अबाउट पॉलिटिक्स की क्या पॉलिटिक्स अलग-अलग लोग पॉलिटिक्स के बारे में अलग-अलग धारणाएं रखते हैं, ऐसा है ना? वीडियो धुंधला है। देखिए हम इसकी क्वालिटी को और इंप्रूव करने की कोशिश करेंगे दोस्तों, अगर ऐसा है कि वीडियो धुंधला है, कोई बात नहीं। पहली क्लास है, वी विल ट्राई टू इंप्रूव इट और बेटर करने की कोशिश करेंगे। पॉलिटिक्स की है अगर आप देखें तो क्लीयरली यहां पे लिखा है कि राजनीति क्या है, पॉलिटिक्स क्या है? देखिए अलग-अलग लोगों के लिए पॉलिटिक्स के मायने क्या हो सकते हैं, अलग-अलग हो सकते हैं। कुछ लोग का मानना है कि भैया पॉलिटिक्स एक डेज़ायरेबल एक्टिविटी है और हमें भी इसमें भाग लेना चाहिए एक बेहतर समाज के निर्माण में, एक बेहतर देश के निर्माण में हमारी भी कुछ भूमिका है और हमें भी पॉलिटिकल प्रक्रिया में पार्टिसिपेट करना चाहिए। फ्रॉम पॉलिटिक्स देयर आर डिफरेंट ओपिनियंस अबाउट पॉलिटिक्स, सेम वैरायटी ऑफ़ ओपिनियंस फ्रॉम पॉलिटिक्स एंड बिकॉज़ ऑफ़ दैट टाइम्स, बिकॉज़ ऑफ़ दैट आई एम सेइंग आप पॉलिटिक्स को चाहे अच्छा माने चाहे आप पॉलिटिक्स को खराब माने, बट ये बात सच है कि पॉलिटिक्स इज़ एन इंटीग्रल पार्ट ऑफ़ आवर सोशल [संगीत] से बहुत सारे डिसीज़न्स पॉलिटिक्स के माध्यम से लिए जाते हैं। सेम रॉन्ग इंटरप्रिटेशन अबाउट पॉलिटिकल माध्यम से डिसीज़न्स लिए जा रहे हैं, क्या किया है? इसी एन्सर है और उसमें मल्टीपल स्टैक ऑर्डर्स, क्वालिटी एसेट ये डील करता है किसकी? राज्य में जो सरकार है इन सिद्धांतों पर चल रही है, ये हम आपके साथ पढ़ेंगे पॉलिटी में। ठीक है, पॉलिटिक्स एक लार्जर प्रक्रिया है, एक बड़ी व्यवस्था है जिसके माध्यम से इम्पोर्टेन्ट डिसीज़न मेकिंग की जा रही है, उसे समाज के लिए कुछ, समाज के लिए क्या सही है, क्या गलत है, कैसे होना चाहिए, कैसे नहीं होना चाहिए, ये बात समझ में आ रही है? जिन्होंने पूछा कि डिफरेंस बिटवीन पॉलिटी एंड पॉलिटिक्स यहां पे गांधी जी क्या बोलते हैं? गांधी जी बोलने की देखो राजनीति अच्छी हो सकती है, राजनीति बुरी हो सकती है, इग्नोर नहीं कर सकते। इस राजनीति ने आपको एक तरह से जिस तरह से सांप की कुंडली नहीं होती है उसी तरह से चारों तरफ से घर कर रखा हुआ है, इसे इग्नोर नहीं कर सकते, इससे आपको मुकाबला करना पड़ेगा। यदि आपको लगता है कि ये खराब है तो इससे आपको और बेहतर बनाने का क्या करना पड़ेगा? प्रयास करना पड़ेगा। यदि आपको लगता है कि राजनीति ने आपको जकड़ कर रखा हुआ है, आप बेहतर कुछ नहीं कर पा रहे हैं तो आपको सामने आना पड़ेगा। तो गांधी जी वाज़ ऑफ़ दी ओपिनियन कि पॉलिटिक्स इज़ अ काइंड ऑफ़ स्फीयर जिसने हमारे जीवन को चारों तरफ से क्या किया है, घेरता हुआ। राजनीति हमें चारों ओर से इस तरह की कुंडली और हमें इसका मुकाबला करने की क्या जरूरत है? इसे बेहतर बनाने की जरूरत है। अब देखिए पॉलिटिक्स की जरूरत के ऊपर पड़ती है, इसे समझने की कोशिश करें। हमने आपके साथ बार-बार एक बात को डिस्कस किया है कि ऐसे ह्यूमन बीइंग, ह्यूमन बीइंग्स सोशल बीइंग्स एंड ह्यूमन बीइंग्स स्टार्टेड लिविंग टुगेदर। उनके अलग-अलग तरह के हित होते हैं और जब आप समाज में रहते हैं दोस्त, समाज में रह
लोगों के सामूहिक हितों को एक साथ क्या कर सकते हैं? एड्रेस कर सकें सभी संगठनों के इन सभी संस्थाओं में एक संस्था बहुत ही महत्वपूर्ण है। रिएक्शन अगर यह बात समझ में आ रही तो जल्दी से एक बार सोचें ऑर्गेनाइजेशन और इंस्टीट्यूशन। तो क्या यह माना जाए कि पॉलिटिक्स का मतलब बस वही है जो गवर्नमेंट कर रही है? पॉलिटिक्स का जो स्कोप है, डेट इज़ ओनली रिस्ट्रिक्टेड टू स्फीयर ऑफ़ गवर्नमेंट? और समथिंग मोर देन डेट? बट इट इज़ बियॉन्ड डेट। टू बी रियली कंसीडर्ड, डेट पॉलिटिक्स इज़ ऑल अबाउट व्हाट गवर्नमेंट इज़ डूइंग? शायद नहीं। डियर, यहां पर बताने की कोशिश की है कि पॉलिटिक्स इज़ नॉट इक्विवेलेंट टू जस्ट अफेयर्स ऑफ़ गवर्नमेंट। गवर्नमेंट इज़ टेकिंग इंटरेस्ट फ़ॉर कलेक्टिविटी ऑफ़ पीपल। मे बी इट मे हैव हैपन्ड फ़ॉर फ़ार्मर्स, किसानों के लिए, बट किसानों को [संगीत] कंसीडर डेट पॉलिटिक्स इज़ अफेयर्स ऑफ़ गवर्नमेंट और वाटएवर गवर्नमेंट इज़ डूइंग, डेट इट्स सर्विस। पॉलिटिक्स, गवर्नमेंट डिसीजन। तो हमें ऐसा नहीं सोचना चाहिए। देखिए, केवल सरकार ही है जो निर्णय लेगी किसके बारे में? लोगों के जीवन के बारे में। लोग भी अपनी बातों को कम्युनिकेट कर सकते हैं किसे? सरकारों को। यस और नो। पॉलिटिक्स का मतलब केवल गवर्नमेंट? पॉलिटिक्स मतलब यह भले ही सरकार लोगों की चिंताओं को ध्यान में रखकर क्या कर रही है, कम कर रही है, पर समय-समय पर लोग भी अपनी चिंताओं को सरकार तक पहुंचा रहे हैं। यह बात समझ में आ रही है। अफेयर्स ऑफ़ गवर्नमेंट इज़ नॉट जस्ट अबाउट दोज़ प्रोसेस थ्रू व्हिच गवर्नमेंट इज़ टेकिंग। इट इज़ आल्सो इंक्लूडिंग ऑल दोज़ इंस्टीट्यूशन और ऑर्गेनाइजेशन, सोसाइटी इज़ टेकिंग डिसीज़ंस दैट आर इन कलेक्टिव इंटरेस्ट ऑफ़ सोसाइटी। सरकार एक तरफ निर्णय ले रही है तो सरकार को ऐसा लगता है कि लोगों के सामूहिक हितों के लिए आवश्यक है। दूसरी तरफ लोग अपनी स्ट्रगल के थ्रू, एजीटेशन इज़ सी। यू पीपल आर एनेबल टू अंडरस्टैंड किया था कि इन अन्य सोसाइटी, इन ऑर्डर टू टेक इन कंसीडरेशन द इंटरेस्ट ऑफ़ मेंबर्स ऑफ़ सोसाइटी। बहुत सारे संगठन और बहुत सारे इंस्टीट्यूशन, नंबर ऑफ़ इंस्टीट्यूशंस, नंबर ऑफ़ अंग [संगीत] डिसीजन बनाते हैं। जितने भी इस तरह के इंस्टीट्यूशन बनाते हैं उनमें जो सबसे इंपॉर्टेंट इंस्टीट्यूशन यहां पर बताया गया है, डेट इज़ गवर्नमेंट। सरकार ऐसी ही एक महत्वपूर्ण संस्था है और सरकार किस तरह से डिसीजन ले रही है? पॉलिटिक्स अबाउट गवर्नमेंट प्लस पीपल। डियर [संगीत] सिचुएशन में ठीक है। एक-एक ऐसी डिमांड किए लिप्स ने लिफाफा है। इसके बीच में कुछ करंट इवेंट्स। वेरी गुड। सही बात है। अच्छी बात है। मैं जरूर आपके सजेशन को इंक्लूड करने की कोशिश करूंगा। जैसा कि लिप्स ने कहा था। थैंक यू डियर फ्रेंड्स। व्हाट एक्जेक्टली इज़ पॉलिटिक्स? वही डू वी नीड पॉलिटिकल थिअरीज़? पॉलिटिक्स को लेकर लोगों के अलग-अलग शुड बी देयर? पॉलिटिक्स शुड नॉट बी देयर? और फिर हमने ये जानने की कोशिश की, जस्ट अबाउट अफेयर्स ऑफ़ गवर्नमेंट? सरकारें तो अपने निर्णय लोगों के, बस लोग भी अपने कंसर्न्स, अपनी एस्पिरेशंस, अपने इंटरेस्ट सरकारों तक पहुंचाने की क्या कोशिश कर रहे हैं? आई होप दिस थिंग यू पीपल आर एबल टू अंडरस्टैंड। यहां तक समझ में आ रही है? क्योंकि आज का ये जो सेशन था, इट वाज़ देखिए, जस्ट काइंड ऑफ़ एन इंट्रोडक्टरी सेशन। तो मैंने आपके साथ डिस्कस करने की कोशिश की और जानने की कोशिश की दोस्तों कि ये पॉलिटिकल सीरीज़ क्या है और इनकी उपयोगिता क्या है। नेक्स्ट क्लास में वंस हम और भी बहुत सारे इंपॉर्टेंट इश्यूज़ को आपके साथ डिस्कस करेंगे। एक बार देखिए, मैं आप लोगों के साथ इंटरेक्ट करूं। ठीक है? ध्यान रखना पड़ेगा दोस्तों, इस सारे टर्म्स, ऑल दीज़ टर्म्स वी विल ट्राई टू एक्सप्लेन। ठीक है? बीच में जब भी देखिए आप अपने कमेंट करते हैं तो जिनका देखिए रियल नाम यहां परमिशन नहीं है वो अपना नाम भी थोड़ा सा बता देंगे तो उनके मुझे एड्रेस करने में थोड़ा सा आसानी होगी। दोस्तों, हिंदी एंड इंग्लिश मीडियम, ठीक है? हिंदी और इंग्लिश दोनों में समझने की कोशिश करूंगा। ऑल इंडिया। आज की क्लास में हम इतना ही करेंगे दोस्तों। समझ में आई है? और ये अगर ये क्लासेस आपको समझ में आ रही है तो आप डेफिनेटली अनअकैडमी के अमेजिंग प्लेटफॉर्म पर आ सकते हैं। यहां पर देखिए टॉप एजुकेटर आपको पढ़ाते हैं और यहां पर देखिए अलग-अलग तरह के सब्सक्रिप्शन हैं उनके लिए जो और भी सिस्टमैटिक तरीके से एक चैनल है, एक स्ट्रक्चरल में प्रिपरेशन करना चाहते हैं। प्लस कोर्स है, आइकॉनिक कोर्सेज हैं। प्लस में सारे कोर्स को बहुत ही स्ट्रक्चर्ड तरीके से, पौधे ऑर्गेनाइज्ड तरीके से आपको प्रिपेयर करता है। आइकॉनिक में प्लस के सारे एडवांटेजेस के साथ-साथ आपको मेंटरशिप की भी फैसिलिटी मिलती है। यदि आप अपनी इस प्रिपरेशन के दौरान मेरे साथ जुड़ना चाहते हैं और देखिए यहां पर आपके पास बहुत सारी रीज़ंस हैं कि आपको डिले नहीं करना चाहिए। ऑलमोस्ट 40% डिस्काउंट आपको मिल रहा है अलग-अलग सब्सक्रिप्शन पर जिसका फायदा उठा सकते हैं। यदि आप 22, 23 या 24 की साइंस प्रिपरेशन कर रहे हैं, एक ऐसा एरिया है जो कई बार बच्चों को परेशान करता है और कई बार आप अपने प्रीलिम्स को नहीं क्रैक कर पाते जस्ट बिकॉज़ ऑफ़ साइंस। तो इंडिया गेट टॉप एजुकेटर के द्वारा आपको सीटेट के प्रिपरेशन कराई जा रही है जिसको आप जो मैं उसे। दिस कोड दैट इज़ pss10 और अपनी प्रिपरेशन को आप नई दिशा दे सकते हैं। जीरो परसेंट ऐसे लोग जिनको कोई फाइनेंशियल प्रॉब्लम है, जिन्हें लगता है कि देखिए वो इस वीक को ईएमआई के फ़ॉर्म में दे सकते हैं। डोंट हेसिटेट, यू कैन टॉक टू आवर काउंसलर, दे विल गाइड यू कि कैसे एक मिनिमम ईएमआई में भी आप अपने सपनों को पूरा कर सकते हैं। इस प्रिपरेशन के दौरान डोंट फ़ॉरगेट टू यूज़ दिस कोड दैट इज़ pss10। सब्सक्रिप्शन आप पर, आप इन अल्ट्रा कॉम्बैट में पार्टिसिपेट कर सकते हैं और 100% स्कॉलरशिप सीक कर सकते हैं।