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WhatsApp लीड जनरेशन थ्रू Facebook एड्स। दोस्तों, Facebook एड्स विद AI का ये वन ऑफ द मोस्टेंट कैंपेन है।
बिकॉज़ आज की डेट में मैक्सिमम जो यूज़र्स होते हैं वो WhatsApp पे हर टाइम एक्टिव रहते हैं। और ये इतना इफेक्टिव तरीका है अपने प्रोस्पेक्ट्स या फ्यूचर क्लाइंट्स के संग कम्युनिकेट करने का जिससे कि इंस्टेंट रिस्पांस, इंस्टेंट कन्वर्जंस आपको मिल सकती हैं। और ये लीड्स बहुत इफेक्टिव होती हैं।
क्योंकि आपको जब कोई भी आप अपने बिजनेस के लिए लीड कैंपेन चलाते हो और डायरेक्ट कस्टमर आपके WhatsApp पे आपसे इंटैक्ट करता है, मैसेज भेजता है तो इंस्टेंट रिस्पांस आप दे सकते हो एज़ कंपेयर टू किसी भी और तरीके के। तो इसलिए अब मैं आपको सिखाऊंगा प्रैक्टिकल लेवल पे कैसे आप WhatsApp लीड जनरेशन कर सकते हो Facebook एड्स के थ्रू। स्टेप बाय स्टेप कंप्लीट ट्यूटोरियल है। इसमें मैं आपको स्ट्रेटजीस, टिप्स, ट्रिक्स सब बताऊंगा। बजट ऑप्टिमाइजेशन के तरीके क्वालिटी लीड कैसे लेकर आए कैसे कॉस्टिंग कम करें दोस्तों जो हम अपनी डिजिटल मार्केटिंग एजेंसी में अपने क्लाइंट्स के लिए जिस तरीके से कैंपेन रन करते हैं वैसे मैं आपको बनाना सिखाऊंगा तो इस वीडियो को पूरा अच्छे से देखिएगा अच्छे से सीखिएगा।
तो यहां पर जैसे कि आप देख सकते हो अभी हमारी कंप्यूटर स्क्रीन पे मेरा Facebook ऐड अकाउंट का डैशबोर्ड ओपन है। अब मेरे को नया कैंपेन बनाना है तो मैं उसके लिए क्रिएट न्यू पे क्लिक करूंगा और लीड जनरेशन क्योंकि मेरा ऑब्जेक्टिव है तो मैं चूज़ करूंगा लीड्स और यहां पर मैं कंटिन्यू करूंगा। कंटिन्यू करने के बाद दोस्तों मैं मैनुअल लीड कैंपेन पे क्लिक करूंगा और कंटिन्यू करके आगे बढ़ेंगे। यहां पर तीन फेसेस हैं। न्यू लीड जनरेशन कैंपेन, एडसेट एंड न्यू लीड ऐड। तो तीनों जब हम कंप्लीट करते हैं लेवल तब हमारा प्रॉपर कैंपेन कंप्लीट होता है।
तो सबसे पहले हम कैंपेन का एक नाम देंगे। मार्केटिंग फंडाज डिजिटल मार्केटिंग प्लस एआई फ्यूजन लाइव कोर्स लीड एमपेन। मैंने अपने डिजिटल मार्केटिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इसमें लाइव एग्जांपल लिया है। लाइव केस स्टडी है। बिकॉज़ आपको पता है कि हम लाइव डिजिटल मार्केटिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के कोर्सर्सेस हम लोगों को प्रोवाइड करते हैं। तो लोग उसमें एनरोल करते हैं लाइव सीखने के लिए, सर्टिफिकेशन के लिए और कोई जॉब के लिए सीखता है, कोई फ्रीलांसिंग के लिए सीखता है, कोई डिजिटल मार्केटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अपने बिज़नेस के लिए सीखता है। तो उसी कोर्स का जिसके लिए हम खुद अपने लिए ऐड चलाते हैं। वही केस स्टडी मैं यहां पर लेके चल रहा हूं ताकि आपको ज्यादा चीज़ अच्छे से प्रैक्टिकली समझ में आए। तो यहां पर हमने कैंपेन का नाम दे दिया पहले। उसके बाद आगे बढ़ेंगे।
एडवांटेज कैंपेन बजट। इसको ऑन करूंगा। इसका मतलब है कि हम Facebook को बता रहे हैं कि भाई जो हमारे कैंपेन का बजट है उसको आप अच्छे से ऑप्टिमाइज करना। हमें कम से कम कॉस्ट में बेस्ट रिजल्ट्स लेकर लेकर आना। ठीक है? आगे बढ़ते हैं। बजट डेली बजट और लाइफटाइम बजट। डे लाइफ टाइम बजट पहले समझा देता हूं। लाइफ टाइम बजट क्या होता है? देखो यहां पर लाइफ टाइम बजट में मैंने डाला ₹10,000। अब दोस्तों लाइफ टाइम बजट क्या है? मान लो मेरे को कोई वेबिनार करना है और उस वेबिनार वो 10 दिन बाद है। अब मैं 10 दिन पहले ऐड चलाना चाहता हूं। लोगों को बताना चाहता हूं कि आइए मेरे वेबिनार में रजिस्टर कीजिए और जॉइ कीजिए। तो मैं एक कैंपेन बनाऊंगा Facebook के ऊपर। ठीक है? वहां पर मैंने एक ₹10,000 का बजट डाल दिया। 10 दिन के लिए वो ऑटोमेटिकली 10 दिन में डिवाइड हो गया और 10 दिन मेरा कैंपेन चलेगा। बजट यूटिलाइज होगा। रिजल्ट आएगा और कैंपेन बंद। इसको कहते हैं लाइफ टाइम बजट या लाइफ टाइम कैंपेन।
तो फॉर बिगिनर्स और वैसे भी जो सबसे रिकमेंडेड बेस्ट तरीका है वो डेली बजट है। भाई डेली पैसा लगाओ और डेली रिजल्ट आएंगे। यहां पर मैं डेली बजट में एक अपना ₹1000 अपना बजट ऐड कर देता हूं। मैं ₹1000 खर्च कर सकता हूं लीड जनरेशन में WhatsApp के थ्रू। तो इस पर्टिकुलर कैंपेन में मैंने ₹1000 लगा दिए। अब मैं आगे बढ़ता हूं।
कैंपेन बिट स्ट्रेटजी मल्टीपल है। हाईएस्ट वॉल्यूम, कॉस्ट पर रिजल्ट गोल, अदर बड कैप। अगर आपको कोई कॉस्ट की मैं इससे ऊपर कॉस्ट नहीं देना चाहता हूं। ठीक है? मैक्सिमम वॉल्यूम और या फिर कोई बिड कैप लगाना चाहता हूं। दिस इज़ द हाईएस्ट विड्थ जो मैं पे कर सकता हूं। बट मैं आपको अभी एक सलाह देता हूं। आप पहले वाला हाईएस्ट वॉल्यूम वाला ही रखिए। यह सबसे बेस्ट है इनिशियल लेवल के लिए। ठीक है? अब आगे बढ़ते हैं।
अब इसमें एक चीज है। जब आप लाइफटाइम बजट चूज़ करते हो तब आपको एड्स स्ेड्यूल करने का ऑप्शन आता है। वैसे नहीं आता डेली बजट में। तो एड्स बट Google में ऐसा नहीं होता। Google में हमेशा आपको ऑप्शन आता है अपने एड्स स्ेड्यूल करने का। बढ़िया ऑप्शन है। बजट ऑप्टिमेशन का बढ़िया तरीका है। कोई बात नहीं आगे बढ़ते हैं। तो यहां पर हम नेक्स्ट करेंगे और हम अपने सेकंड स्टेज पे आ गए।
अब ये कहता है कि जो आपका बजट है उसको बहुत स्मॉल है। उसको इनक्रीस कीजिए। ठीक है? चलिए एक बारी बैक करते हैं। तो यहां पर इसको हम 2000 कर देते हैं। ऐसा नहीं है कि आपको अगर आपका ₹500 दिन का बजट है आप 500 से चला सकते हो। मैं आपको बता रहा हूं इनकी रिकमेंडेशन अगर आप फॉलो करना चाहो तो कर सकते हो। नहीं तो आप अपने बजट के हिसाब से भी चल सकते हो। अब ये नहीं कि ₹50 लगा के आप कर रहे हो। कम से कम ₹5000 से आप शुरू कर सकते हो। क्या होता है? ब्रांड अवेयरनेस कैंपेन, रीच कैंपेन, ट्रैफिक कैंपेन थोड़े कम बजट में चल जाते हैं। बट जहां पर लीड्स की बात आती है, सेल्स की बात आती है, थोड़ा सा बजट ज्यादा लगता है। ठीक है? आगे बढ़ते हैं वापस।
अब आ गए हम एडसेट लेवल पे। दोस्तों, एडसेट लेवल पे एक प्रो टिप देना चाहता हूं। हमेशा ध्यान रखिएगा। पहले मैं नाम दे देता हूं इस एडसेट का एमएफ कोर्स लीड्स। ठीक है? एडसेट वन। अब देखो एडसेट क्या है? जैसे Google एड्स में ऐड ग्रुप्स होते हैं वैसे ही Facebook में एडसेट होता है। अब मैं मार्केटिंग फंडास दो सर्विज प्रोवाइड करते हैं। हम डिजिटल मार्केटिंग एजेंसी चलाते हैं पिछले 17 18 साल से और हम बिनेसेस के लिए डिजिटल मार्केटिंग की सर्विज देते हैं। कोई हमसे कंप्लीट डिजिटल मार्केटिंग सर्विस लेता है अपने बिज़नेस के लिए। कोई Google ऐड चलवाता है, कोई Facebook ऐड चलाता है, कोई एसइओ करवाता है, कोई कुछ और। अब मतलब हम डिजिटल मार्केटिंग सर्विज में हैं और हम साथ में डिजिटल मार्केटिंग ट्रेनिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ट्रेनिंग भी देते हैं। तो दो सर्विज हो गई।
अब अगर मेरे को दोनों के लिए ही लीड्स चाहिए। तो क्या मैं एक कैंपेन में एक एडसेट बना के और उसी में एक ऐड चला के पूरा हो जाएगा? नहीं। भले आप एक कैंपेन चलाना चाहते हो। आपके पास बजट उतना ही है। मगर वहां पर आप दो एडसेट बना सकते हो। मतलब अगर आपकी मल्टीपल सर्विज हैं या मल्टीपल प्रोडक्ट्स हैं तो एडसेट अलग-अलग बनाओ सबके लिए। एक में मिक्स नहीं करना। क्योंकि अगर मैं यहां पर एडसेट बना रहा हूं मार्केटिंग फंडास के एआई और डिजिटल मार्केटिंग कोर्स के लिए तो मैं उसी से रिलेटेड ही प्राइमरी टेक्स्ट, हेडलाइन, डिस्क्रिप्शन, ऑफर्स, क्रिएटिव्स, इमेज, वीडियो सब कुछ क्रिएट करूंगा ताकि रेलेवेंसी बनी रहे। मेरे ऐड की क्वालिटी बेटर हो। ठीक है? ताकि मैं मेरे ऐड बेस्ट परफॉर्म करे। ठीक है? तो यहां पर मैं एक एडसेट बनाना सिखा रहा हूं। बट आप मल्टीपल बनाइएगा। अगर आपके चाहे मल्टीपल सर्विज हैं, चाहे मल्टीपल प्रोडक्ट कैटेगरीज हैं। आगे बढ़ते हैं।
उम्मीद करता हूं हर एक चीज को कोशिश कर रहा हूं कि मैं डिटेल में अच्छे से समझा पाऊं। अगर आपको लगता है कि मैं बढ़िया से समझा रहा हूं तो प्लीज कमेंट करके बता दीजिए कि हां सर समझ में आ रहा है। बढ़िया से समझा रहे हो तो हमें मोटिवेशन मिलता है। आइए दोस्तों आगे बढ़ते हैं।
यहां पर क्योंकि हम WhatsApp को टारगेट कर रहे हैं और WhatsApp के थ्रू लीड जनरेट करेंगे तो हम सेलेक्ट करेंगे WhatsApp। ठीक है? अब यहां पर वेरीाइंग योर चेंजेस। यहां पर कहता है WhatsApp बिनेस अकाउंट इज रिक्वायर्ड टू रन एड्स दैट ओपन WhatsApp चैट्स। इफ यू यूज़ द सेम नंबर योर चैट्स मीडिया कांटेक्ट विल ऑटो विल मूव ऑटोमेटिकली। ठीक है? अगर मैं सेम नंबर यूज़ कर रहा हूं तो वो उसी जो मेरे कनेक्टेड है अकाउंट में तो वो यूज़ हो जाएगा। परफॉर्मेंस कोर्स इसने फिक्स कर दिया। मैक्सिमम नंबर ऑफ़ कन्वर्जंस। मतलब कन्वर्जन मतलब जितनी ज्यादा WhatsApp पे लीड्स आएंगी वो मेरे लिए कन्वर्जेंस है क्योंकि वो लीड है।
अब यहां पर जो मेरा पेज है मैं पेज सेलेक्ट करूंगा। मेरा मार्केटिंग फंडास ऑफिशियल का पेज सेलेक्ट करूंगा और यहां पर ऑलरेडी हमारा एक नंबर कनेक्टेड है। ठीक है? अब आगे बढ़ते हैं। बजट एंड स्ेड्यूल में यहां पर हमें कुछ नहीं करना।
स्विच टू ओरिजिनल ऑडियंस। अब मैं ऑडियंस एक होता है एडवांटेज प्लस ऑडियंस। मतलब Facebook का एआई सिस्टम अपने आप ही एड्स किनको दिखानी है, कब दिखानी है, अपने आप डिसाइड करेगा। यहां है कि हम डिसाइड करेंगे ओरिजिनल ऑडियंस में कि हम किस ऑडियंस को ऐड दिखाना चाहते हैं। हम अपनी ऑडियंस खुद सेलेक्ट करेंगे। ठीक है? तो यहां पर यहां पर आप देखिए क्रिएट न्यू ऑडियंस। मैं आपको बिल्कुल फ्रेश तरीके से एक-एक ऑडियंस क्रिएट करके बताऊंगा। ठीक है?
अब यहां पर हमको क्या करना है? सबसे पहले लोकेशन टारगेट करना है। दोस्तों, लोकेशन कई तरीके से टारगेट करी जाती है। वैसे तो इस कोर्स के अंदर मैंने अलग से आपको हर एक टॉपिक पे डिटेल ट्यूटोरियल बताया है। लोकेशन कैसे सेलेक्ट करनी है, डिटेल टारगेटिंग कैसे करनी है। उम्मीद करता हूं आपने हर एक वीडियो अच्छे से सीखा, प्रैक्टिकली समझा होगा, किया भी होगा। अब फिर भी मैं आपको बताता हूं कि अगर आपको लोकेशन टारगेट करनी है तो कई तरीके से कर सकते हैं। आप अगर पूरी कंट्री कोई टारगेट करना चाहते हो। मान लो इंडिया टारगेट करना चाहते हो, यूएस टारगेट करना चाहते हो या कनाडा टारगेट करना चाहते हो, दुबई टारगेट करना चाहते हो, आप कंट्री भी सेलेक्ट कर सकते हो। अगर आप उस पर्टिकुलर कंट्री के अलग-अलग सिटीज या शहर, स्टेट्स वगैरह टारगेट करना चाहते हो, तो जैसे मान लो मैं दिल्ली या बॉम्बे या इस तरह के स्टेट टारगेट करना चाहता हूं तो मैं यहां से सेलेक्ट कर सकता हूं। या पिन कोड वाइज़ आप चीज़ सेलेक्ट करना चाहते हो कि भाई प्रीत विहार में मेरा ऑफिस है। इसके आसपास के एरिया को मैं टारगेट करना चाहता हूं। जो भी है तो उस तरीके से आप कंट्री, स्टेट, सिटी, पिन कोड हर तरीके से आप टारगेटिंग कर सकते हो। ठीक है?
तो तो यहां पर हम एडिट करेंगे। लीड जनरेशन कैंपेन है तो 18 साल से ही आप टारगेट कर सकते हो एज ग्रुप। मैं 18 साल से लेके 40 साल तक के ऐज के लोगों को टारगेट करूंगा। क्योंकि यह वो ऐड मतलब एज ग्रुप है जो या तो जॉब देख रहा है या फ्रीलांसिंग करना चाह रहा है या बिनेस कर रहा है या बिज़नेस शुरू करना चाह रहा है या बिज़नेस हेल्थ को ग्रो करना चाह रहा है तो इनके लिए मेरा जो कोर्स है डिजिटल मार्केटिंग प्लस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का वो बेस्ट है। इसलिए मैं ये ये ग्रुप टारगेट करूंगा। जेंडर मेरे कोर्स के केस में मेन वुमेन मैं दोनों को टारगेट करूंगा। तो मैंने ऑल कर दिया। मान लो आपका ऐसा कोई प्रोडक्ट है जो सिर्फ वुमेस के लिए है तो वुमेन को टारगेट कर लो। मैन के लिए तो मैन को टारगेट कर लो आप। ठीक है?
अब आते हैं हम एक और इंपॉर्टेंट पार्ट पे जिसको हम कहते हैं ऑडियंस टारगेटिंग या डिटेल्ड एडवांटेज डिटेल टारगेटिंग। हम नहीं कर रहे। हम ओरिजिनल कर रहे हैं तो मैं मैनुअली सेलेक्ट करना सिखाऊंगा। इसको डिटेल टारगेटिंग कहते हैं। ब्राउज़ पे क्लिक करेंगे। डेमोग्राफिक्स इंटरेस्ट एंड बिहेवियर्स। डेमोग्राफिक्स। डेमोग्राफिक्स कब यूज़ होता है? जब ये पर्टिकुलर जो कैटेगरीज़ दी गई हैं, इनमें से आप कुछ सेलेक्ट करो। मैं आपको हर एक का एक एग्जांपल दिखा रहा हूं कैसे होता है। बाकी तो जब कभी भी आप टारगेटिंग करो, ठीक है? तो बहुत सोच समझ के एक-एक चीज को डिटेल में देख के फिर सही स्पेसिफिक ऑडियंस टारगेट करो। ठीक है? ज्यादा ब्रॉड मत करो। बजट लिमिटेड होता है अननेसेसरी कि ब्रॉड ऑडियंस को ऐड दिखाओगे तो कोई खास रिजल्ट आने नहीं वाले।
अब जैसे मान लो मैं यहां टारगेट करता हूं लोग जो बीबीए कर रहे हैं। ठीक है? तो बीबीए मार्केटिंग ये लोगों के लिए मेरा कोर्स बहुत बढ़िया है। जो एमबीए मार्केटिंग कर रहे हैं उनको। ठीक है? अब इधर डेमोग्राफिक्स में वापस आते हैं। यहां पर वर्क। वर्क में हम आ गए जॉब टाइटल। जॉब टाइटल में मैंने डाला मार्केटिंग मैनेजर। अब जो मार्केटिंग मैनेजर है, ठीक है? वो मेरे प्रोडक्ट में इंटरेस्टेड होंगे। कोर्स में इंटरेस्टेड होंगे या जो सेल्स के अंदर लोग हैं वो मेरे प्रोडक्ट में इंटरेस्टेड होंगे। अब ये तो डेमोग्राफिक्स हो गया।
अब डेमोग्राफिक्स की तरह अगर मैं टारगेट इंटरेस्ट से करना चाहूं तो इंटरेस्ट में भी मैं इंडस्ट्रीज स्पेसिफिक जा सकता हूं। के अंदर भी देखो बिज़नेस और इंडस्ट्री के अंदर एडवरटाइजिंग मार्केटिंग को मैं टारगेट करना चाहता हूं। ठीक है? अब यहां पर ये हमने किया। अब इसी की तरह बिहेवियर बिहेवियर में जो लोग डिजिटल एक्टिविटीज़ करते हैं लाइक क्रिएटर्स हो गए या जो अर्ली टेक्नोलॉजी अडॉप्टर्स होते हैं। अब जो एआई भी एक टेक्नोलॉजी आई है। हर कोई इसको सीखना चाहता है। तो मैं इनको भी टारगेट कर सकता हूं। एक तो ये तरीका हो गया जो मैंने आपको समझाया टारगेटिंग करने का। ठीक है? मगर इसके अलावा अगर डायरेक्टली मैं सर्च करना चाहूं तो मैं यहां पर भी सर्च कर सकता हूं। जैसे कि एसइओ जो एसइओ कर रहे हैं उन लोगों को टारगेट करूंगा। जो सोशल मीडिया मार्केटिंग कर रहे हैं मैं उन लोगों को टारगेट करूंगा। बिकॉज़ डिजिटल मार्केटिंग को एडवांस लेवल पर सीखना, डिजिटल मार्केटिंग को प्रैक्टिकल लेवल पर सीखना, एआई को सीखना ये आज की डेट में बहुत ज्यादा जरूरी हो गया है। भले आपको डिजिटल मार्केटिंग आती है या नहीं आती है।
तो अब हमने ऑडियंस टारगेटिंग कर ली। हर तरीके से मैंने आपको चीजें समझा दी। अब यहां पर दोस्तों जो ऑडियंस टारगेटिंग आप करो हमेशा उसको सेव कर लो। एक ऑडियंस का नाम देके उसको सेव कर लो। सेव करने से फायदा क्या होता है? देखो। यहां पर इन फ्यूचर यहां पर बहुत सारी ऑडियंस आप देखो सेव हो रखी है। क्यों? अब आप इतनी ज्यादा मेहनत करोगे ऑडियंस बनाने क्रिएट करने में रिसर्च में तो वो ऑडियंस मान लो आपने ऐड कैंपेन चलाया और वो बहुत बढ़िया रिजल्ट दे रहा है। तो होगा क्या वहां पर? वो बढ़िया रिजल्ट दे रहा है। तो इन फ्यूचर भी आप उस ऑडियंस को टारगेट कर सकते हो। अगर आपने सेव कर रखी है तो मेहनत बच जाएगी। ठीक है? और आपको एक विनिंग फार्मूला मिल जाएगा। तो ऑडियंस ही तो सारा गेम है और बढ़िया ऑडियंस अगर आपको मिल जाए ठीक है उससे बढ़िया क्या चीज है और वो एक बार में तो होता नहीं मल्टीपल कैंपेन चलाते हैं बहुत टेस्टिंग होती है बहुत तरीके की ऑडियंस यूज़ होती है तब जाके पता लगता है ये ऑडियंस हमारे लिए काम कर रही है बट वो ऑडियंस आपने सेव नहीं कर रखी तो क्या फायदा है एक अच्छे से ध्यान रखिएगा इन बातों को छोटी-छोटी बातें होती है बट यही आपको बेसिक से एक प्रो बनाती है।
प्लेसमेंट्स की हम बात करें दोस्तों ये बहुत इंपॉर्टेंट हिस्सा है ध्यान रखिएगा मैं आपको समझा देता हूं प्लेसमेंट होता क्या है? देखो मैनुअल प्लेसमेंट्स पे मैंने पहले क्लिक करा। अब यहां पर क्या है? मेरे को ऐड चलाना है। तो Facebook, Instा, ऑडियंस नेटवर्क जो उनके संग जुड़ी हुई वेबसाइट्स या एप्स वगैरह है या मैसेंजर और थ्रेड्स। इसमें थ्रेड का ऑप्शन नहीं है। बट किसी कैंपेन में थ्रेड का भी ऑप्शन आता है। अब यहां पर मान लो मैं सिर्फ Instagram पे ऐड चलाना चाहता हूं, तो मैं Facebook हटा सकता हूं, ये हटा सकता हूं मैसेंजर। मान लो मैं इन सब पे ऐड चलाना चाहता हूं। मगर मैं यहां से चाहता हूं कि मैं Facebook के मार्केट प्लेस पे ऐड नहीं चलाना चाहता। तो इस तरीके से मैं सारी प्लेसमेंट्स को या प्लेटफॉर्म्स को अपने हिसाब से मैनेज कर सकता हूं। कहां दिखाना है, कहां नहीं दिखाना।
मगर क्योंकि आप नए हो। आपको इतना आईडिया नहीं है या ज्यादा एक्सपीरियंस नहीं है उस पर्टिकुलर इंडस्ट्री से रिलेटेड। तो मैं आपको अब यहां पर सलाह दूंगा कि आप एडवांटेज प्लस प्लेसमेंट का ऑप्शन ही चूज़ करना। बिकॉज़ हमने सारी टारगेटिंग तो कर दी। ऐडवड भी सब हम बना रहे हैं। तो Facebook को कब किसको किस प्लेटफार्म पे कहां दिखाना बेस्ट टाइम है वो अपने आप सेलेक्ट करने दो। ये बेटर तरीका है। अगर आपको बहुत ज्यादा एक्सपीरियंस हो गया है। बहुत ज्यादा आपके पास नॉलेज है तो आप फिर मैनुअल भी कर सकते हो। आगे बढ़ते हैं।
नेक्स्ट करते हैं। नेक्स्ट करने पे अब हम आ गए हैं हमारे लास्ट स्टेज पे जो कि है ऐड क्रिएशन। यहां पर मैं एमएफ लीड ऐड फॉर कोर्स ऐड वन एक टिप और देता हूं। हमेशा एक एडसेट के अंदर दो ऐड या तीन ऐड बनाया कीजिए। इससे क्या होता है? जो पर्टिकुलर सर्विस या कैटेगरी या प्रोडक्ट आप प्रमोट कर रहे हो उस पर्टिकुलर ऐड सेट के अंदर। अब उसमें तीन अलग-अलग तरीके के ऐड में या दो अलग-अलग तरीके के ऐड में आप अलग क्रिएटिव यूज़ कर सकते हो। किसी में इमेज, किसी में क्राउज़, किसी के अंदर वीडियो और अलग-अलग कैप्शनंस, हेडलाइंस, ऑफर्स।
अब इससे क्या हुआ? एक तो आपको एबी टेस्टिंग का मौका मिल गया, टेस्ट करने का मौका मिल गया। कौन से तरीके का ऐड आपके लिए ज्यादा सूटेबल है। Facebook का ऑप्शन मिल गया। कई तरीके के ऐड है। तो मैं जब Facebook ऐड चलाएगा, अलग-अलग ऑडियंस को दिखाएगा। जिस तरीके का ऐड ज्यादा परफॉर्म कर रहा होगा, बेटर रिजल्ट दे रहा होगा, वह उसको ज्यादा अह चलाएगा, बूस्ट करेगा ताकि आपके बजट से बेस्ट टू बेस्ट रिजल्ट्स लेकर आए। ऐसा नहीं होता कि एडवांटेज बजट और ऑप्टिमाइजेशन का बस बटन दबाने से बजट ऑप्टिमाइज हो जाता है। आपको भी एफर्ट्स और छोटी-छोटी बातों को ध्यान देना पड़ता है। जिनसे आपके बजट ऑप्टिमाइज होते हैं और वेस्ट नहीं होते। तो यही बातें हम भी अपनी डिजिटल मार्केटिंग एजेंसी के अंदर ध्यान रखते हैं। तभी हम भी अपने क्लाइंट्स के लिए परफॉर्मेंस लेकर आते हैं। बिकॉज़ हमारा काम भी तब चलता है जब हम अपने क्लाइंट्स के लिए लीड्स जनरेट करते हैं। बढ़िया लीड्स कम कॉस्ट में ज्यादा सेल्स कम कॉस्ट में। तभी वो हमारे संग टिके रहते हैं। लॉन्ग टर्म तक हमारे संग काम करते हैं। ठीक है?
ऐड का नाम दे दिया। पेज सेक्टेड है। उसके संग Instagram अकाउंट कनेक्टेड है तो इसलिए अपने आप शो हो रहा है। तो Instagram अकाउंट कनेक्ट करना Facebook पेज से अगर वो कनेक्टेड नहीं होगा तो आप उस पे ऐड नहीं चला सकते। ऐसे ही आप अपने थ्रेड पे अगर ऐड चलाना चाहते हो तो थ्रेड भी कनेक्टेड होना चाहिए। तभी आप उस पे ऐड चला सकते हो। ठीक है दोस्तों?
अब यहां पर ऐड सेटअप। यहां पर क्रिएट ऐड तो हमें इमेज या वीडियो में से चूज़ करना है। तो मैं अभी वीडियो मेरे मैंने स्पेशली हमारे ऐड के लिए जो हम वीडियो चलाते हैं वही वीडियो मैं आपको लगा के दिखाऊंगा। तो अगर आपको इमेज ऐड चलाना है या वीडियो ऐड चलाना है तो ये ऑप्शन चूज़ कर लो। क्राउज़र चलाना है तो ये वाला ऑप्शन चूज़ कर लो। सेटअप क्रिएटिव वीडियो पे क्लिक करूंगा। यहां पर ऑलरेडी देखिए मैंने वीडियो यहां पर है मेरे पास। सेलेक्ट करूंगा। नेक्स्ट यहां पर आप देख सकते हैं वीडियो। मार्केटिंग फंडस की टीम आपके लिए लेकर आई है डिजिटल मार्केटिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का फ्यूजन कोर्स। इस कोर्स में तो इस तरीके से हम एड्स रन करते हैं अपने कोर्स के लिए। आगे बढ़ेंगे। नेक्स्ट करेंगे।
अब यहां पर हम प्राइमरी टेक्स्ट, हेडलाइन और डिस्क्रिप्शन डालेंगे। अभी मैं डमी के लिए लिख रहा हूं और इसके बाद आपको एक प्रोट टिप दूंगा। प्राइमरी टेक्स्ट में डाल देते हैं डिजिटल मार्केटिंग प्लस एआई फ्यूजन कोर्स स्किल ऑफ 2025 एनरोल टुडे। ठीक है। अभी मैं डमी में लिख रहा हूं। अब जैसे चैट विद अस हेडलाइन में लाइव क्लासेस इस तरीके से लाइव डाउट सेशन इस तरीके से अपनी चीजों को आप बता सकते हो। डिस्क्रिप्शन में गेट 20% सीट्स। ठीक है?
तो यहां पर हमने प्राइमरी टेक्स्ट हेडलाइन और डिस्क्रिप्शन लिखा। अब आप देखो इन सब में फाइव फाइव फाइव क्यों दिख रहा है? कि आप पांच अलग-अलग तरीके की प्राइमरी टेक्स्ट, हेडलाइन और डिस्क्रिप्शन डाल सकते हो। इसका फायदा क्या है? जब आप मल्टीपल इमेजज़ मल्टीपल वीडियो या मल्टीपल क्रिएटिव्स यूज़ करोगे तो उनके संग वो अलग-अलग कंटेंट को मैच करेगा कि कौन सा विनिंग फार्मूला है। कौन सा कंटेंट किस वीडियो या इमेज के संग बेटर परफॉर्म कर रहा है। तो यहां पर भी आप एबी टेस्टिंग कर सकते हो और अपने लिए बेस्ट रिजल्ट्स लेकर आ सकते हो। यहां पर ऑटोमेटिकली WhatsApp का सिलेक्टेड है कॉल टू एक्शन। आगे बढ़ेंगे।
तो यहां पर आप देख सकते हैं। ठीक है? हमने सब किया। WhatsApp नंबर आपका बिजनेस अकाउंट का जो WhatsApp नंबर है कनेक्टेड होना चाहिए आपके अकाउंट से। तभी आप चला सकते हो WhatsApp वाला ये जो लीड जनरेशन ऐड है पब्लिश। अब जब ये हम पब्लिश करेंगे तो हमारा जो प्रोसेस है वो कंप्लीट होगा कैंपेन बनाने का। ठीक है? ठीक है? यहां पर आप देख सकते हैं पब्लिश हो गया है। अब इसी तरीके से आप भी WhatsApp लीड जनरेशन ऐड Facebook पर बना सकते हैं। उम्मीद करता हूं अच्छे से समझ में आया होगा। थैंक यू।
[संगीत]